गंगा के तेज बहाव में तीन महिला डूबी

रायवाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गीता कुटीर घाट पर रविवार सुबह नहाते समय तीन महिलाएं गंगा के तेज बहाव में बहने लगी। सूचना पर जल पुलिस और आपदा राहत टीम ने उनकी तलाश को गंगा सर्च ऑपरेशन चलाया। रायवाला थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि रविवार को गीता कुटीर घाट पर तीन महिलाएं स्नान करने के लिए गंगा में पहुंची थी। इस दौरान गंगा के तेज धारा में वह लोग बहने लगे। लोगों की सूचना मिलने पर जल पुलिस और आपदा राहत दल की टीम ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।

विस अध्यक्ष ने एसडीएम को रायवाला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने के दिए निर्देश

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर रायवाला के प्रधान सागर गिरी के नेतृत्व में रायवाला क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया कि त्रुटिपूर्ण भू अभिलेख की वजह से क्षेत्रवासियों को अनेक प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है।
रायवाला के प्रधान सागर गिरी ने कहा है कि ग्राम सभा रायवाला के निवासियों का आबादी खसरा नंबर वन भूमि पर चढ़या गया है। जबकि वन भूमि का खसरा नंबर आबादी में तब्दील हो गया है, जिसके कारण स्थानीय क्षेत्र वासियों को अनेक प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधान सागर गिरी ने कहा है कि इस कारण स्थानीय लोगों को बिजली, पानी का कनेक्शन नहीं मिल रहा है जबकि वह अपने भवन निर्माण के लिए सरकार से लोन भी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उनका खसरा वन भूमि पर दर्शा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी ऋषिकेश को दूरभाष पर निर्देशित करते हुए कहा कि स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। विस अध्यक्ष अग्रवाल ने यह भी कहा है कि तहसील प्रशासन द्वारा की गई त्रुटि का खामियाजा स्थानीय लोगों को क्यों भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि समस्या का समाधान शीघ्र किया जाए।
इस अवसर पर स्थानीय प्रधान सागर गिरी, कुशल सिंह, सुरेंद्र सिंह चौहान, गब्बर सिंह, विशाल चौहान, नवीन कुमार, आनंद सिंह, कुल बहादुर छेत्री, ममता छेत्री, चंद्रमोहन कैंतूरा, पार्वती थापा, प्रीतम सिंह, सूरत सिंह कैंतूरा, सुषमा देवी, पदम सिंह, लाखन सिंह, पूर्ण सिंह, लक्ष्मण सिंह, मंगल सिंह, विक्रम सिंह, सूरज शर्मा, लक्ष्मी देवी, पान सिंह, कुंती देवी, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, सुमेर चंद, गंगा शरण, राकेश कुमार आदि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सीएस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने मंगलवार को सचिवालय में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए, इसे राज्य की प्राथमिकता बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाया जाए। यह अभियान सिर्फ त्यौहारी सीजन को देखते हुए न हो, बल्कि इसे नियमित आधार पर चलाया जाए।

मुख्य सचिव ने फूड टेस्टिंग लैब बढ़ाए जाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी राज्य में एक ही फूड टेस्टिंग लैब है, जो कि रूद्रपुर में है। उन्होंने अधिकारियों को देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में भी फूड टेस्टिंग लैब खोले जाने के नर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊं हेतु एक-एक मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही, फूड एडल्ट्रेशन को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलायी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इसके प्रति आमजन जागरूक नहीं होगा तब तक फूड एडल्ट्रेशन को रोकना आसान नहीं होगा।

मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का अनुपालन हो सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने होटल व्यवसायियों को स्वच्छता रेटिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाए, इसके लिए होने वाले व्यय को सरकार द्वारा वहन किए जाने हेतु प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों और मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। होटल व्यवसायियों को इसके लिए जागरूक किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित जांच और कठोर कार्रवाई के अभाव में मिलावट पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए लगातार सघन निरीक्षण अभियान के साथ ही मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाए ताकि लोगों में मिलावटखोरी के प्रति भय हो, और इसे रोका जा सके।
इस अवसर पर सचिव अमित नेगी एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड जन विकास मंच ने पानी और बिजली के बिलों में वृद्धि वापस लेने की मांग की

उत्तराखंड जन विकास मंच के द्वारा पानी के बिलों की अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध स्वरूप व जल मूल्य को कम करवाने को लेकर जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली अग्रवाल धर्मशाला से शहर के मुख्य-मुख्य मार्गाे से होते हुए गांधी स्तंभ त्रिवेणी घाट पहुंची, जिसे शहर की आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों ने भी अपना समर्थन दिया।
मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि पानी के बिलों में 15 प्रतिशत की अप्रत्याशित वृद्धि को कम करने हेतु व अन्य संबद्ध बिंदुओं पर उत्तराखंड जन विकास मंच आगामी आंदोलन की रणनीति बना रहा है। जन जागरूकता अभियान के दौरान जनता से संपर्क करते वक्त आम जनता की तरफ से बिजली के बिलों पर सर चार्ज खत्म करने, मीटर किराया समाप्त करने व मासिक बिल उपभोक्ताओं को दिए जाने की मांग मंच के सामने प्रमुखता से रखी गई। जिस पर मंच द्वारा पानी के मुद्दे के साथ बिजली का मुद्दा भी समाहित कर आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही मंच अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कोविड काल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा बिजली व पानी के बिलों पर विलंब शुल्क माफ करने की घोषणा की सराहना की तथा इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जल संस्थान द्वारा सरकारी जीओ जारी ना होने का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं से पूरा बिल लिया जा रहा है अतः शीघ्र ही जिओ जारी कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
इस अवसर पर नगर पंचायत चुनाव के अध्यक्ष माधव अग्रवाल, नगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, जतिन जाटव, राजेश व्यास, विपिन शर्मा, कनक धने, सुभाष शर्मा, विपिन पंत, पूजन अग्रवाल, सत्यवीर पाल, प्रवीण सिंह, बेचन गुप्ता, अंशुल पाल, चेतन चौहान, विजय जुगरान, अरुण कुमार, कुंवर सिंह, मनीष मौर्य, आकाश पांडे, रोहित राम, अशोक अवस्थी, छोटे लाल चौरसिया, विक्रम सिंह, कमल सिंह, प्रेमनाथ राजभर, मुरली शर्मा, गुरमुख सिंह, नरेंद्र रतूड़ी, राकेश सेमवाल, हेमंत कुमार, अशोक, आकाशदीप ठाकुर, जय सिंह, गजेंद्र बिष्ट, नागेंद्र पोखरियाल, हरेंद्र बडोनी आदि उपस्थित रहे।

कृष्णा नगर कॉलोनी के विकास के लिए लगातार कर रहा हुं प्रयास-अग्रवाल

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कृष्णा नगर कॉलोनी में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी उजड़ने नहीं दी जाएगी। अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को विकसित करने एवं संवारने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। इस मौक़े पर अग्रवाल ने कृष्णा नगर कॉलोनी के आंतरिक सड़क मार्गाे के निर्माण के लिए विधायक निधि से 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।
जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कृष्णनगर वासियों ने विधानसभा अध्यक्ष का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्गों को सम्मानित करते हुए आशीर्वाद भी प्राप्त किया। विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्र की समस्याओं को सुना एवं विभिन्न समस्याओं का समाधान मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर किया। अग्रवाल ने कहा कि विकास एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है उसी प्रक्रिया के अनुरूप वे क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जनता मिलन कार्यक्रम के अवसर पर अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को जो लोग उजाड़ने की बात करते हैं उन्हें आने वाले समय में जनता सबक सिखाएगी। अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को हर मूलभूत सुविधा प्रदान किये जाने के लिए वह हमेशा से ही तत्पर रहे हैं।
अग्रवाल ने कहा है कि यदि वन विभाग अथवा आईडीपीएल प्रशासन कृष्णा नगर कॉलोनी को हटाने की बात करते हैं तो वह इसके लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार है। कृष्णा नगर कॉलोनी की तमाम समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने प्रारंभ से ही संघर्ष किया है। अनेक विकास योजना कृष्णा नगर कॉलोनी में संचालित हो रही है जिससे आज कृष्णा नगर कालोनी अपने विकसित स्वरूप में है।
अग्रवाल ने कहा है कि कृष्ण नगर कॉलोनी के आंतरिक मोटर मार्गाे से लेकर विद्युत बंचिंग केवल, शुद्ध पेयजल आपूर्ति अनेक कार्य हुए हैं, जिससे लोग लाभान्वित हो रहे हैं। अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने के लिए वे बहुत पहले से ही प्रयास करते रहे हैं परंतु उनका उद्देश्य पहले कृष्णा नगर कॉलोनी को अस्तित्व दिलाना है ।
इस अवसर पर वीरभद्र मंडल के अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कृष्णानगर कॉलोनी, आईडीपीएल क्षेत्र में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा किए गए कार्यों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृष्णा नगर कॉलोनी में जो भी विकास कार्य हुए हैं उसका श्रेय केवल विधानसभा अध्यक्ष को ही जाता है।
इस अवसर पर स्थानीय निवासी सदानंद यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों एवं उनके प्रति जनता के प्रेम को देखकर विपक्षी दल भयभीत है जिसके चलते विपक्षी दल योजनाबद्ध तरीके से स्थानीय विधायक को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि चुनाव के नजदीक आते देख कई पार्टिया सक्रिय हो गई है जिनका की जनता की समस्याओं एवं क्षेत्र के विकास को से कोई भी सरोकार नहीं है एवं मुद्दाहीन राजनीति कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं जिसके लिए जनता उन्हें 2022 में सबक सिखाएगी।
इस अवसर पर कृष्णा नगर मंडल के अध्यक्ष अरविंद चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश चंद शर्मा, राजकुमार भारती, पुरुषोत्तम, सदानंद यादव, सुनील यादव, करण सिंह, आरती दुबे, निर्मला उनियाल, मीरा सिंह, पिंकी भारद्वाज, गंगा देवी, लक्ष्मी वर्मा, जमुना देवी, अनिल कुमार, राहुल कुकरेती, प्रिया ढकाल, चरण सिंह आदि सहित अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नगर निगम की पार्षद एवं मंडल महामंत्री सुंदरी कंडवाल ने किया ।

बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए सम्मानित हुए नागरिक

आज नगर निगम ऋषिकेश में यूएनडीपी एवं एचडीएफसी बैंक के संयुक्त तत्वाधान में संचालित सूखा कचरा प्रसंस्करण के अंतर्गत वार्ड सं-12 में कचरा अलग करो अमृत दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर एडवोकेट राकेश सिंह पार्षद एवं नगर आयुक्त गिरीश चंद गुणवंत के द्वारा उपस्थित वार्ड के नागरिको को, घरेलु स्तर से ही कचरा अलग अलग करके देने के लिए सम्मानित किया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि वार्ड संख्या 12 की तरह अन्य 39 वार्ड में भी घरेलु स्तर से ही कूड़े को अलग अलग करके दिया जाना चाहिए। वार्ड के पार्षद ने कहा कि मैं अपनी वार्ड की जागरूक जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि आप 99 प्रतिशत सूखा/गिला कुड़ा अलग-अलग देकर सहयोग कर रहे हैं। इस मौके पर पार्षद, नगर आयुक्त व अधिशाषी अभियंता द्वारा कूड़े को अलग-अलग प्रकार से रख कर भी पुनः जनता को दिखाया गया।
इस मौके पर नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारी, ए टू जेड से शशांक सिंह, आशीष नेगी, व यूएनडीपी से अयान, मोहम्मद ज़ैदी व फीडबैक फाउंडेशन से अजीत तिवारी, सपना, बृजेश, मीनाक्षी, समाजसेवी दीपक दरगन आदि शामिल रहे।

इन नागरिकों का हुआ सम्मान
देवेश्वर प्रसाद रतूड़ी, संजय नेगी, राजेंद्र नवानी, अलेल सिंह भंडारी, प्रमोद कपूरवान, हिम्मत सिंह मियां, जगदीश थपलियाल, शेर सिंह रावत, मनोरंजन ध्यानी, प्रकाश बिजलवान, यशोदा मंगाई, गंगोत्री नवानी, सुमन रावत, इंदु कुकरेती, स्वेता शर्मा, शम्मा रावत, भुनेश्वरी सेमवाल, आरती मंगाई, संगीता तिवारी, दीपक अग्रवाल, दीपा कपरूवान, गीता बडोनी, शशि बाला, धीरजनी ध्यानी, अमिता खन्ना, बीना देवी, प्रेमा रतूड़ी, सविता अग्रवाल, सरिता पैन्यूली, रीता कंडारी, विनीता भट, बीना मियां, रश्मि राठौर, भगवान सिंह नेगी, बलवंत सिंह डंग, गुलशन राय, नरेश चंद्र अग्रवाल, रविंद्र अग्रवाल, मोहिनी अरोड़ा, अरविंद कोठियाल, सोहन सिंह बिष्ट, आलम गुलजार।

सम्प्रदाय विशेष के दबाव में मकान, सम्पति बेचने व पलायन की सूचना पर बड़े एक्शन की तैयारी

शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश के कुछ विशेष क्षेत्रों में जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से जननांकीय (डेमोग्राफिक) परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं जिसका कुप्रभाव ‘कतिपय समुदाय के लोगों का उन क्षेत्रों से पलायन’ के रूप में सामने आने लगा है। इतना ही नहीं इससे वहां का सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की संभावना भी बनी हुई है। इस संबंध में चिंता जताते हुए शासन ने डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को इस समस्या के निदान के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों एवं एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में जनपद स्तरीय एक समिति गठित की जाए। समिति इस समस्या के निदान के लिए अपने सुझाव देगी। इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों में शांति समितियों का भी गठन किया जाए तथा समयदृसमय पर इन समितियों की बैठकें आयोजित की जाएं। निर्देश दिए हैं कि जिलों में इस प्रकार के क्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुए वहां निवास कर रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर करवाई की जाए। इसके साथ ही जिलेवार ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो अन्य राज्यों से आकर यहां रह रहे हैं और उनका अपराधिक इतिहास है। ऐसे लोगों का व्यवसाय और मूल निवास स्थान का सत्यापन करके उनका रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को कहा गया है कि इन क्षेत्र विशेष में भूमि की अवैध ख़रीददृफरोख्त पर विशेष निगरानी रखी जाए। इस पर रोक लगाते हुए यह देखा जाए कि कोई व्यक्ति किसी के डर या दवाब में अपनी संपत्ति न बेच रहा हो। निर्देश दिए गए हैं कि जिले निवास कर रहे विदेश मूल के उन लोगों के खिलाफ सख्त करवाई करें जिन्होंने धोखे से भारतीय वोटर कार्ड अथवा पहचान पत्र बनवाए हैं। ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार करवाई की जाए।

दोगी पट्टी की तीन ग्रामसभाओं के ग्रामीणों ने उठाया आधार शिविर का लाभ

आज दोगी पट्टी के क्यारा जमोला व क्वाटर के नागरिकों के लिए आधार शिविर का शुभारंभ आधार सेवा केंद्र एडी टावर जीएमएस रोड देहरादून के सौजन्य से शुरू हुआ। शिविर के पहले ही दिन तीनों ग्राम सभाओं सहित क्षेत्र के अन्य ग्राम सभाओं के लोगों ने आधार केंद्र की सुविधाओं का लाभ लेने भारी संख्या में केंद्र पहुंचे। क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत व संचार नेटवर्क की कमी के कारण दोगी पट्टी में इन दिनों चल रहे आधार शिविर का कार्य प्रभावित भी रहा। खराब संचार व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। शिविर के दौरान भाजपा नरेंद्र नगर से मीडिया प्रभारी गजेंद्र राणा ने बताया कि क्यारा में लगे शिविर के दौरान बीडीसी क्यारा रशना कैंतुरा, प्रधान क्यारा सुल्तान पुंडीर, जमोला राजा राम गैरोला, क्वटर दिनेश पंवार, क्षेत्र पंचायत किरन पंवार, सामाजिक कार्यकर्ता लोकेंद्र कैंतुरा, शैलेन्द्र पंवार, वरिष्ठ नागरिक व पूर्व सैनिक गुमान सिंह कैंतुरा का शिविर को सफल बनाने में सहयोग रहा।

शिक्षक संघ प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल वातावरण बनाने में बनें सहयोगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान एवं शिक्षा व्यवस्था में किये जाने वाले सुधारात्मक कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षक संगठनों का भी सहयोग लिये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने राजकीय शिक्षक संघ की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल देते हुए शिक्षक संगठनों का भी सहयोग लिये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने राजकीय शिक्षक संघ की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल देते हुए शिक्षक संगठनों से शिक्षा के गुणात्मक विकास में सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छात्रों को बेहतर शिक्षा मिले इस पर सभी को अपना सहयोग देना होगा। उन्होंने विद्यालयों में संस्कृत एवं योग के शिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति सम्बंधी कार्यवाही किये जाने की बात कही। प्रदेश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाने में इससे मदद मिलेगी।
गुरुवार को सचिवालय में राजकीय शिक्षक संघ की लंबित मांगों के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक संघ की मांगों पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। शिक्षकों के पारम्परिक व अंतर मण्डलीय स्थानान्तरण सहित अन्य प्रकरणों को महानिदेशक शिक्षा के अधीन गठित प्रकोष्ठ द्वारा इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेने, गम्भीर रूप से बीमार शिक्षकों की शिक्षक संघ की अनुशंसा पर स्थानान्तरण किये जाने, प्रधानाचार्यों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाये जाने, यात्रा अवकाश की बहाली, शिक्षकों को सत्रांत का लाभ दिये जाने, वरिष्ठ व कनिष्ठ वेतन विसंगति का शासनादेश शीघ्र जारी करने, आयोग से चयनित प्रवक्ताओं की वरिष्ठता का निर्धारण करने के सम्बन्ध में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि स्कूलों में संस्कृत एवं योगा के अध्यापकों की संविदा पर नियुक्ति सम्बन्धी प्रस्ताव भी तैयार किये जाए। उन्होंने शिक्षक संघ द्वारा वेतन विसंगति आदि से सम्बन्धित प्रकरणों को इस सम्बन्ध में गठित वेतन विसंगति समिति को संदर्भित करने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया आरम्भ करने की संघ की मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। न्यायालयों में जो प्रकरण लम्बित चल रहे हैं उनकी पैरवी के लिये विभाग में लीगल सेल को प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत भाषा एवं योगा को बढ़ावा देकर प्रदेश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाये जाने में भी मदद मिल सकेगी।
सचिव शिक्षा राधिका झा ने शिक्षक संघ की मांगों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रान्तीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश में शैक्षिक वातावरण की मजबूती की लिये सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में महानिदेशक शिक्षा वंशीधर तिवारी, निदेशक शिक्षा सीमा जौनसारी के साथ संघ के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।

वैज्ञानिकों की चेतावनी, लगातार आ रहे भूकंप को नही किया जाना चाहिए नजर अंदाज

उत्तराखंड में मानसून का दौर अभी जारी है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। तो कई मार्ग अवरुद्ध होने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं, उत्तराखंड में भूकंप को लेकर भी सूचनाएं प्राप्त हो रही है। इसी क्रम में उत्तराखंड में आज फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम थी। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। ये झटके दोपहर 3 बजकर 31 मिनट पर महसूस हुए। फिलहाल भूकंप से जानमाल के नुकसान की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं लगातार आ रहे इन हल्के झटकों को वैज्ञानिक बड़े खतरे की चेतावनी भी मान रहे है।
आज भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.5 मापी गई है। इससे पहले सोमवार को पिथौरागढ़ में भारत-नेपाल सीमा पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहीं, रविवार को रुद्रप्रयाग जिले में भी भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। रविवार दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर पर रुद्रप्रयाग में भूकंप महसूस किया गया था। जिसकी तीव्रता 3.3 रिक्टर बताई गई। इसके साथ ही बीते दिनों बागेश्वर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
वैज्ञानिकों की माने तो उत्तराखंड में आ रहे भूकंप के ये हल्के झटके बड़े खतरे का संकेत हैं। उत्तराखंड में भूकंप को लेकर किए गए शोध से इस बात का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि हिमालय में 200 साल की ऊर्जा एकत्रित हो चुकी है जो कभी भी भूकंप के रूप में बाहर आ सकती है। ऐसे में आशंका है कि उत्तराखंड में इस सदी का सबसे भयानक भूकंप आ सकता है।