बीस बीघा में दुर्घटना का पर्याय बने ढलान को दुरस्त करने की मांग पार्षद ने स्पीकर के समक्ष रखी

वार्ड संख्या 30 मीरानगर के बीघा बीघा मार्ग पर एक ऐसा ढलान जो दुर्घटना के कारणों से चर्चा में है। इस ढलान में कई दफा बड़े व मालवाहक वाहन आवागमन करते है, जबकि यह मार्ग बड़े वाहनों के उपयुक्त नहीं है। इसके बावजूद यहां बड़े वाहनों का आवागमन होता है और ढलान पर यह पलट जाता है, यहीं नहीं कई बार ढलान पर स्थित मकान क्षतिग्रस्त हो चुके है। स्थानीय पार्षद सुंदरी कंडवाल ने अनेक बार नगर निगम, एसडीएम स्तर से इसके निराकरण का प्रयास किया। मगर, रंग न चढ़ सका।

आज पार्षद सुंदरी कंडवाल ने स्पीकर प्रेमंचद अग्रवाल के समक्ष क्षेत्र के लोगों के साथ जाकर समस्या रखी और इस बावत ज्ञापन भी सौंपा। बताया कि इस मार्ग पर ढलान होने से वाहन पलट जाते है, वहीं क्षतिगस्त मार्ग होने से दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। समस्या गंभीर पाते हुए स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग को त्वरित कार्रवाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए।

इस मोके पर माया घले, आदित्य वर्मा, प्रमोद, राकेश बलोदी, अभिषेक आदि लोग मौजूद थे।

व्यापारियों के प्रतिष्ठान में दीमक और चूहों ने मारी सेंध, सामान किया खराब

कोरोना महामारी के चलते सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन में पिछले करीब डेढ़ माह से बंद दुकानों को आज व्यापारियों ने खोला। कई व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में दीमक, चूहे या अन्य किसी कारण से सामान खराब पाया गया। इनसे व्यापारियों का खर्चा और बढ़ा दिया है।

घाट रोड व्यापार सभा के अध्यक्ष पवन शर्मा की इसी मार्ग पर विमल गारमेंट्स के नाम से दुकान है। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने की घोषणा के बाद से ही इनकी की दुकान बंद रहीं। डेढ़ माह बाद जब सरकार ने व्यापारियों के लिए थोड़ी राहत दी तो आज से दुकानें खोली गई। व्यापारी नेता पवन शर्मा बताते हैं कि उनकी रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान है, आज सुबह जब दुकान को खोला गया। तो सकपका गए। दुकानों में गारमेंट्स को रखने के लिए जो लकड़ी के बाॅक्स बनाए गए थे। उनमें से अधिकांश को दीमक ने चटक लिया। यहीं नहीं, कई कपड़ों को चूहों ने खराब कर दिया है।

पवन शर्मा के अनुसार, दुकानें रोज खुलती तो यह हालत नहीं होती। उन्होंने बताया कि यही हाल फुटवियर की दुकान संचालित करने वाले व्यापारियों का भी है। उन्होंने बताया कि करीब 80 हजार रूपये का नुकसान हुआ है, अभी सभी सामानों को चेक किया जा रहा है, नुकसान ज्यादा भी होने की संभावना है।

आरटीपीसीआर रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, जांच शुरू


फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट की सूचना पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ढालवाला चेकपोस्ट पर छापेमारी की । इस मामले में संलिप्त एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।

घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार दोपहर को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ढालवाला स्थित स्वास्थ्य विभाग की चेकपोस्ट में पहुंचे। यहां पर छापामारी की कार्रवाई करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और एंटीजन रैपिड टेस्ट की रिपोर्टों का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद हरियाणा के चार युवकों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि यहां चेकपोस्ट पर घंटेभर में ही उन्हें आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर दी गई है। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों को दी। इसके साथ ही उक्त प्रकरण के जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद आनन- फानन में मौके से पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इस दौरान पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती, मुनिकीरेती थाना निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सदानंद पोखरियाल, चैकी प्रभारी आशीष कुमार मौजूद थे।

फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाने वालो की शिकायत मिल रही थी। जोकि गंभीर मामला है। जिसके बाद शुक्रवार को ढालवाला चेकपोस्ट पर छामामारी की कार्रवाई गई। जहां पर फर्जीवाड़ा का मामला पकड़ में आया। मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए।
सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री

व्यापारियों ने थाली बजाकर सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ जताया विरोध

व्यापारियों की लगातार की जा रही अनदेखी के विरोध में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश के आह्वान पर व्यापारी एकजुट हुए और थाली बजाकर सांकेतिक रूप से अपना विरोध प्रदर्शित किया।

नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि व्यापारियों के प्रति सरकार ऐसे आंख मूंदकर बैठी है व्यापारी इनके गुलाम हो इन्हें जिस प्रकार चाहे अनदेखा करती रहे अथवा जिस प्रकार चाहे गुमराह करती रहे व्यापारी सरकार की हां में हां मिलाता रहेगा, किंतु अब व्यापारी की सहनशक्ति जवाब दे गई है और वह सहन करने की स्थिति में नहीं है। कहा कि यदि शीघ्र ही बाजार नहीं खुला तो व्यापारियों को बाजार स्वयं ही खोलना पड़ेगा। जिसकी पूर्णतया जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। उन्होने कहा कि सरकार अपनी कमाई में किसी भी प्रकार से कोई छूट देने को तैयार नहीं है सरकार का राजस्व आ रहा है सरकारी दफ्तर खुलने से कोरोना वायरस नही फैल रहा है। उन्होंने सरकार पर व्यापारियों की समस्याओं को न समझने का आरोप लगाया।

नगर महामंत्री प्रतीक कालिया ने कहा कि इस लॉकडाउन से व्यापारियों को भूखे मरने की स्थिति आ गई है किन्तु सरकार चेत नहीं रही। कहा कि अगर लॉकडाउन जल्दी नहीं खुलता तो व्यापारियों के आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से तुरंत बाजार अनलॉक की अपील की।

मौके पर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने भी अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, जिला संयुक्त महामंत्री पवन शर्मा, राजकुमार तलवार, ललित मनचंदा, प्रदीप गुप्ता, सरदार परमजीत सिंह, अरविंद जैन, मधु जोशी, पदम शर्मा, जगमीत सिंह, चंद्रिका त्रिपाठी, पूर्व राज्यमंत्री केके सिंघल, राजेश अग्रवाल, सरदार इंद्रजीत सिंह, अंशुल अरोड़ा, राहुल पाल, केवल कृष्ण लांबा, हर्षित गुप्ता, अनिल पवार, धीरज चतरथ, दिनेश अरोड़ा, आशु अरोड़ा, विनीत गुलाटी, मनस्वी तलवार, त्रिलोकीनाथ कक्कड़, बॉबी कक्कड़, सनी चड्ढा जगदीश रस्तोगी, आशु चड्ढा आदि उपस्थित थे।

वहीं, सुपर मार्केट के व्यापारियों ने भी व्यापारी दमन नीति के कारण प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर गुलशन कक्कड़, अनुज कुमार, सुशांत गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आशीष रस्तोगी, राजीव गर्ग, अंकुर जैन, हरिओम तलरेजा, पुरषोत्तम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

तीर्थनगरी में सरकार के विरूद्ध व्यापारी थाली बजाकर जताएंगे विरोध

व्यापारियों की सुध न लेने और नई गाइडलाइन के विरोध में बुधवार को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में तीर्थनगरी का व्यापारी थाली बजाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएगा।
प्रतिनिधिमंडल के नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र और महामंत्री प्रतीक कालिया ने बताया कि प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल का प्रदेश नेतृत्व तथा उनकी इकाइयां अपने अपने स्तर से प्रदेश सरकार को यह बताने का प्रयास करती रही है। व्यापारियों की कमर पूरी तरह से टूट गई है। कहा कि व्यापारियो के सामने आर्थिक समस्या पैदा हो गई है।

प्रदेश सरकार से यह भी मांग की गई थी कि सिलसिलेवार रूप से ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी जाए। भले ही समय अवधि 3 से 4 घंटे ही हो किंतु प्रदेश सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कहा कि पड़ोसी राज्यों यूपी, हरियाणा आदि में आशिक ढील देनी आरंभ कर दी गई है, जबकि उत्तराखंड में अनलॉक की ओर सरकार का ध्यान नहीं है। यहां की स्थिति अब पहले से बेहतर है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को जगाने हेतु 2 जून को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल अपने व्यापारियों के साथ त्रिवेणी घाट चैक पर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए संकेतिक थाली बजाने का काम करेगी। जिससे कि प्रदेश सरकार को यह आभास हो कि व्यापारी अब चुप बैठने वाला नहीं है तथा अब यदि शीघ्र ही बाजार नहीं खोला गया, तो व्यापारी आंदोलन को बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

सीएम तीरथ और केंद्रीय मंत्री निशंक को विस अध्यक्ष ने टोल प्लाजा से होने वाले नुकसान से कराया अवगत

टोल प्लाजा के विरोध का मामला सीएम तीरथ सिंह रावत तक पहुंच गया है। स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने सीएम को बताया कि टोल प्लाजा के यहां बनने से स्थानीय लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। साथ ही आवागमन में भी दिक्कतें आएंगी, जबकि एक टोल प्लाजा कुछ की दूरी पर पूर्व में ही बना हुआ है। इस पर सीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का संकेत दिया। वहीं, स्पीकर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी इस मामले की जानकारी दी।

सीएम से मुलाकात के दौरान स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नेपाली फार्म का टोल प्लाजा लगाए जाने से स्थानीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों में रोष उत्पन्न हो गया है। इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्व से ही एक टोल प्लाजा लछीवाला में स्थापित है जिसकी दूरी नेपाली फार्म से लगभग 15 किलोमीटर से अधिक नहीं है, नेपाली फार्म पर स्थापित किए जा रहे दूसरे टोल प्लाजा के कारण स्थानीय लोगों को जहां एक और आर्थिक कर का बोझ पड़ेगा वही समय भी व्यर्थ होगा। ने कहा कि दोहरे टोल प्लाजा के लगने से निश्चित रूप से आम जनता तथा अन्य आवागमन करने वाले वाहनों पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ने के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होगी। कहा कि इतनी कम दूरी पर जनता से दो बार टोल टैक्स लेना कदापि न्यायोचित भी नहीं है।
स्पीकर ने लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके सुधांशु से दूसरी बार फोन पर वार्ता कर इस समस्या का तत्काल समाधान करने की बात कही।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सरकार तक पहुंचाई व्यापारियों की पीड़ा

कोविड के कारण प्रदेश भर में बाजार बंद होने से होनी वाली व्यापारिक समस्याओं को आज नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल के जरिए पहुंचाई। शासकीय प्रवक्ता से मुलाकात के दौरान उन्हें सकारात्मक आश्वासन भी मिला।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश के प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल के दिशा निर्देश पर नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र और महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में यह मुलाकात संभव हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि व्यापारियो को इस बाजार बंदी की वजह से आर्थिक समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है, बताया कि अभी तो पिछले वर्ष के लाॅकडाउन से ही व्यापारी उबर नहीं पाया है। ऐसे में इस वर्ष भी बाजार पूरी तरह से बंद होने के चलते भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल को यथा शीघ्र व्यापारियो के लिए राहत प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने 24 मई को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ होने वाली बैठक मे उपरोक्त बात रखने का विश्वास दिलाया और कुछ सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर जिला संयुक्त महामंत्री पवन शर्मा, विनीत शर्मा भी मौजूद रहे।

पुलिस की हेल्पलाइन से घर पर हुई कोरोना जांच

ऋषिकेश पुलिस द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की घर पर कोरोना जांच की गई। साथ ही जरूरतमंद को आक्सीजन भी मिल सकी।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोविड-19 में अकेले रहने वाले आम जनमानस एवं सीनियर सिटीजन की मदद के लिए ऋषिकेश पुलिस द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 9897244109 जारी किया गया था। इस हेल्पलाइन नंबर पर एक कॉल आज प्राप्त हुई। जिसमें काँलर द्वारा बताया कि परिवार के तीन सदस्यों जिनमें वह स्वंय, उनकी पत्नी (वरिष्ठ नागरिक) एंव एक बेटी है, सभी गम्भीर रुप से बीमार है घर पर कोविड दृ 19 टेस्ट करवाने की आवश्यकता है। पुलिस ने मौके पर तीनों परिवारजन का घर पर कोविड टेस्ट करवाया। जिसमें उक्त तीनो कोरोना पॉजिटिव पाये गये। वहीं, उनकी बेटी को सांस लेने में परेशानी होने पर आक्सीजन सिलेण्डर भी उपलब्ध कराया गया।

कोतवाल रितेश शाह ने काॅलर की पहचान गणेश दास सप्रा पुत्र धारीवाल सप्रा निवासी 22 गणेश विहार लेन नंबर 6, गंगा नगर ऋषिकेश के रूप में कराई।

निजी परिवहन व्यवसाईयों की हुई बैठक, बोले यात्रा नहीं चली तो भुखमरी की स्थिति

उत्तराखंड परिवहन महासंघ की एक आवश्यक बैठक ऋषिकेश में आयोजित हुई। जिसमें आगामी चार धाम यात्रा के संबंध में सुझाव और विचार आमंत्रित किए गए। व्यवसाईयों ने कहा कि गत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी कोरोना के कारण यात्रा प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं। यदि इस वर्ष भी यात्रा का संचालन नहीं हो सका, तो परिवहन व्यवसाईयों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा होने वाली है। इसलिए जरूरी है कि सरकार को यात्रा के संबंध में ऐसी कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए जिससे प्रदेश का परिवहन व्यवसाय पटरी पर आ सके।

महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण परिवहन व्यवसायी पिछले वर्ष ही टूट चुका है यदि इस वर्ष भी यात्रा संचालित नहीं हो पाती है। तो परिवहन व्यवसाई आत्महत्या के कगार पर आ जाएगा। सरकार परिवहन व्यवसाई को जिंदगी पटरी पर लाने के लिए आर्थिक मदद करनी चाहिए। वाहन स्वामियों को कम से कम 2 वर्ष का टैक्स, परमिट फीस आदि को माफ कर देना चाहिए। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी और यातायात के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र मौला ने कहा कि हमारी वाहनों के चालक व परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा देना चाहिए।

गत वर्ष भी हमारे चालक भाइयों को कोरोना वारियर नहीं माना। जो करोना काल में यात्रियों को लाने ले जाने में लगे थे सरकार ने परिवहन निगम के चालक व परिचालकों को तो कोरोना वारियर माना परंतु निजी परिवहन व्यवसायियों को चालक परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा नहीं दिया। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत द्वारा यह कहा गया कि अब समय आ गया है सरकार तक अपनी बातों को मजबूती से पंहुचाया जाए। इसके लिए संगठित तौर पर एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाए और भविष्य में यदि आंदोलन की जरूरत पड़ती है, तो संगठित तौर पर एक वृहद आंदोलन भी चलाया जाएगा।

बैठक में रूपकुंड परिवहन के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, ऑटो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, जीप कमांडर यूनियन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, बलबीर सिंह रोतेला, इनोवा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हेमंत डंग, यातायात के संचालक दाताराम रतूड़ी, खिलानंद बेलवाल, दयाल सिंह भंडारी, परशुराम गौड़, हरीश नौटियाल, देवभूमि ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र लांबा, प्रेमपाल सिंह बिष्ट, इनोवा टैक्सी मैक्सी के अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण, पंकज वर्मा, योगेश उनियाल, जितेंद्र चैधरी, बेचान गुप्ता, मुकेश नेगी आदि शामिल रहे।

कोविड की जांच रिपोर्ट को अनिवार्य न करने पर पुनर्विचार करें सरकार

कोविड19 से सरकार की गाइडलाइन अब पर्यटकों के साथ लीज पर होटल चलाने वाले संचालकों के लिए मुसीबत बन गई है। दरअसल कोविड की जांच रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिए जाने के कारण पर्यटक या तो अपनी बुकिंग को निरस्त कर रहे है, या फिर उन्हें बाॅर्डर पर रोक दिया जा रहा है। ऐसे में लीज पर होटल चला रहे संचालकों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया है। यह बात आज लीज पर होटल चला रहे संचालकों ने प्रेसवार्ता ने की।

प्रेसवार्ता कर मंयक शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ रहे कहर की वजह से सरकार लगातार उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए प्रतिबंध लगा रही है। जिसकी वजह से उत्तराखंड का पर्यटन व्यवसाय पूरी तरीके से चैपट होता नजर आ रहा है। ऐसे में बेरोजगारी की लंबी कतार में खड़े हो रहे होटल संचालकों ने सरकार से पर्यटकों के उत्तराखंड आगमन को लेकर लगाए गए प्रतिबंध और सरकारी सुविधाओं में फिक्स चार्ज हटाने की मांग की है।

होटल मालिकों से लीज में राहत देने की बात भी कही है। बता दें कि इस संबंध में लीज होटल ऑनर्स एवं होटल कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर सरकार को आंदोलन का रास्ता चुनने की चेतावनी भी दी है। होटल संचालकों का साफ कहना है कि या तो सरकार पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगा दे या फिर सारे प्रतिबंध हटा दें।
प्रेसवार्ता के दौरान अंकित, विकास, विद्यादत्त, अनूप, उत्तम सिंह कुंवर, तपन भंडारी आदि उपस्थित रहे।