मुर्गीफार्म में मुर्गियों को जलाने की सूचना पाकर स्थानीय लोगों ने किया हंगामा

वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप बीती रात्रि मुर्गी फार्म में मुर्गियों की सूचना से स्थानीय लोगों की बेचैनी बढ़ा दी। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पार्षद विपिन पंत के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे।

दरअसल, रात्रि करीब साढ़े दस बजे वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप मुर्गी फार्म में तीखी दुर्गंध आ रही थी। आज सुबह स्थानीय लोगों का नेतृत्व कर रहे पार्षद विपिन पंत ने मुर्गी फार्म इंचार्ज मनोज तिवारी से बात की। तो मालूम चला कि मुर्गी के अण्डे से चुजे निकल जाने के बाद जो छिलके बेचते हैं उन्हें इकट्ठा करके जलाया जा रहा था। इस कारण ये बदबू आ रही थी। इस मामले में स्थानीय लोगों के विरोध करने पर फार्म इंचार्ज ने पुनः ऐसा न होने का आश्वासन दिया।

इसके बाद जहां अंडे के छिलके जलाए जा रहे थे। वहां गड्ढा किया गया। मौके पर राजीव अग्रवाल, राज कोठारी, पंकज जोशी, गोविन्द रावत, अरविंद जोशी, सचिन शाक्या, सुन्दर मणि गौड, राहुल त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।

राज्यमंत्री से की कृष्णानगर काॅलोनी में सड़क निर्माण की मांग

कृष्णानगर काॅलोनी में घरों के सामने टूटी हुई सड़कों के कारण पानी भरने की समस्या पैदा हो रही है। बावजूद कोई यहां की सुध नहीं ले रहा है। इस कारण यहां के स्थानीय लोगों और उनके बच्चें कई बार इस सड़कों में गिरकर चोटिल हो रहे है। सड़क बनाने की मांग को लेकर युवा मोर्चा ने आज राज्यमंत्री कृष्ण कुमार सिंघल को ज्ञापन दिया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक प्रकांत कुमार के नेतृत्व में स्थानीय लोगों का दल राज्यमंत्री कृष्ण कुमार सिंघल से मिला। ज्ञापन सौंपते हुए प्रकांत कुमार ने राज्यमंत्री को बताया कि इन सड़कों में पानी भरने के कारण जहां एक ओर लोग चोटिल हो रहे है, वहीं गंदगी में मच्छर पैदा हो रहे है, इससे बीमारी का खतरा और भी बढ़ रहा है। प्रकांत कुमार ने राज्यमंत्री से मामले को गंभीर पाते हुए जल्द ही सड़क बनाए जाने की मांग की।

वहीं, राज्यमंत्री ने भी मामले की गंभीरत को समझते हुए स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि जल्द ही इस मामले को लेकर वह क्षेत्र का निरीक्षण करने आएंगे और संबंधित अधिकारियों से बात कर निस्तारण करेंगे। इस मौके पर जयप्रकाश, कृष्णा, जितेंद्र, हरिचरन लाल, मोहन लाल, गौरव, सरिता आदि उपस्थित रहे।

सब्जी मंडी को खाली कराने पहुंची निगम की टीम, लोगों ने किया हंगामा

जीवनी माई रोड पर फुटकर सब्जी विक्रेताओं ने उस समय हंगामा कर दिया जब नगर निगम की टीम सब्जी मंडी को खाली कराने पहुंची। सब्जी विक्रेताओं ने उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जमकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। विरोध होने पर नगर निगम की टीम बैरंग लौट गई। जिसके बाद सब्जी विक्रेताओं की नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। जिसमें विक्रेताओं ने सब्जी मंडी खाली कराने से पहले उन्हें विस्थापित करने की मांग की।

शर्त भी रखी की विस्थापित की जगह सब्जी विक्रेताओं की सुविधा अनुसार होनी चाहिए। यही नहीं निगम के द्वारा दिए जाने वाले खोखो को भी लेने का दबाव सब्जी विक्रेता बर्दाश्त नहीं करेंगे। निगम अधिकारियों ने सब्जी विक्रेताओं को आश्वासन दिया है कि जल्दी ही व्यापारियों के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकाला जाएगा।

वॉट्सऐप की नई पॉलिसी से आप भी हो जाएं रूबरू, नहीं हो अकाउंट करना होगा डिलीट


वॉट्सऐप यूजर्स के लिए नया साल नई शर्तों के साथ शुरू हुआ है। शर्तें भी ऐसी जिन्हें नहीं माना तो अकाउंट डिलीट करना होगा। शर्तें मानना है या नहीं, इस बारे में सोचने के लिए 8 फरवरी तक का वक्त है। दुनियाभर में 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं।

’1. क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?’

वॉट्सऐप पर नए टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी का अपडेट मिलने लगा है। इसमें लिखा है कि यूजर्स को ये पॉलिसी एग्री करना होगी। ये 8 फरवरी, 2021 से लागू हो रही है। इस तारीख के बाद इसे एग्री करना जरूरी होगी। यदि एग्री नहीं करते हैं तब अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आप हेल्प सेंटर पर विजिट कर सकते हैं। अभी पॉलिसी में एग्री और नॉट नाउ का ऑप्शन मिल रहा है।
इसमें लिखा है कि हमारी सर्विसेज को ऑपरेट करने के लिए आप वॉट्सऐप को जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उन्हें कहीं भी यूज, रिप्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट और डिस्प्ले कर सकती है।

’2. वॉट्सऐप ने ऐसा फैसला क्यों लिया?’

इस पॉलिसी को एग्री करने के बाद वॉट्सऐप अपनी 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा एक्सेस कर पाएगी। यानी वो उनके डेटा को दूसरे प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर पाएगी। नई पॉलिसी के नोटिफिकेशन में उसने साफ लिखा है कि अब वॉट्सऐप आपकी हर सूचना अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ शेयर करेगा। यानी वॉट्सऐप अपने यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करके पैसे भी कमा सकती है।

’3. पॉलिसी का यूजर पर क्या असर होगा?’

ये तय हो चुका है कि आप वॉट्सऐप चलाते हैं तब ये पॉलिसी एग्री करना होगी। यानी न चाहते हुए भी आपको अपने वॉट्सऐप की प्राइवेसी कंपनी के साथ शेयर करना होगी। यानी वॉट्सऐप अब आपके डेटा पर पूरी नजर रखेगी और आपकी प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इस बात को ऐसे समझें…

’खर्च से तय होंगे विज्ञापनरू’

वॉट्सऐप आपके बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान सभी ट्रैक करेगा। इससे फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जान जाएंगे। ट्रांजेक्शन डिटेल से कंपनी आपकी प्रोफाइलिंग करेगी। यानी आप इडली-डोसा खाते हैं तो अमीर आदमी नहीं हैं। स्टारबक्स जाते हैं तो अमीर हैं। फिर आपको महंगी गाड़ियों के विज्ञापन दिखने लगेंगे।

’आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रेस होगीरू’

वॉट्सऐप ने विकल्प दिया है कि यूजर अपनी लोकेशन एक्सेस डिसेबल कर सकते हैं। हालांकि उसने यह भी कहा है कि आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर से अंदाजा लग जाएगा आप कब-कहां जाते हैं।

’स्टेटस भी सुरक्षित नहींरू’

वॉट्सऐप आपका स्टेटस भी पढ़ेगा। जोखिम यह है यदि आपने लिखा- बताओ कौन सी गाड़ी खरीदूं। तो फेसबुक-इंस्टाग्राम भी इसे पढ़ेंगे और आपको कार, बाइक के विज्ञापन दिखने लगेंगे। ठीक ऐसे ही यदि आपने लिखा- घूमने कहां जाना चाहिए। तब आपके सोशल पेज पर कई टूर से जुड़े विज्ञापन आएंगे।

’कंटेंट पर सजेशन और एनालिसिस मिलेगारू’

वॉट्सऐप आपको दोस्तों, ग्रुप्स, कंटेंट आदि के सजेशन भी देगा। एक तरह से वॉट्सऐप आपकी हर हरकत पर नजर रखेगा और उसका एनालिसिस करेगा। फेसबुक इसी आधार पर आपको शॉपिंग, प्रोडक्ट के विज्ञापन दिखाएगा।

’कॉल पर भी होगी नजररू’

कंपनी को पता होगा आप किसे कितने वॉट्सऐप कॉल करते हैं? किस ग्रुप में ज्यादा सक्रिय हैं? ब्रॉडकास्ट लिस्ट कितनी है? फोटो-वीडियो फॉरवर्ड करने पर सर्वर पर अधिक समय स्टोर रहेंगे। उसे पता होगा कौन-सा कंटेंट ज्यादा फॉरवर्ड हो रहा है। फेक न्यूज ट्रैक करने व चुनाव के समय ये जानकारी अहम होगी। बिजनेस अकाउंट से शेयर होने वाले कैटलॉग का एक्सेस भी वॉट्सऐप के पास होगा।

’4. क्या पॉलिसी को एक्सेप्ट करना चाहिए?’

नई पॉलिसी का यूजर की प्राइवेसी पर गहरा असर होने वाला है। यानी आप जैसे ही कंपनी की नई पॉलिसी को एग्री करते हैं, उसे अपने डेटा का एक्सेस करने के राइट्स भी दे देंगे। समस्या ये है कि वॉट्सऐप चलाना है तब पॉलिसी को एग्री करना जरूरी है। क्योंकि 8 फरवरी के बाद तो पॉलिसी मानना ही पड़ेगी। यदि एग्री नहीं करते तो वॉट्सऐप अकाउंट को डिलीट करना पड़ेगा।

’5 कंपनी की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी का क्या हुआ?’

वॉट्सऐप अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी में इस बात का दावा करती थी कि आपके मैसेज, डेटा उसके पास भी नहीं रहता। 8 फरवरी के बाद ये खत्म हो जाएगी। कंपनी ने अपनी इस पॉलिसी में लिखा था कि आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है, इसलिए हमने आपके लिए एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर तैयार किया है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्ट होने से आपके मैसेज, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज, डॉक्यूमेंट, स्टेटस और कॉल सुरक्षित हो जाते हैं और कोई उनका गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर से यह पक्का हो जाता है कि मैसेज और कॉल सिर्फ आपके और आपके कॉन्टैक्ट के बीच ही रहे।

महंगी बिजली दरों का आप नेता सहित भाजपा नेता ने भी उठाए सवाल

प्रदेश में एक अप्रैल से बिजली की दरों में बढ़ोतरी होने के प्रस्ताव को आप नेता डा. राजे नेगी सहित भाजपा नेता व पूर्व पार्षद रवि जैन ने जनता के साथ धोखा बताया है।
बतौर आप नेता डा. राजे नेगी ने कहा कि नियामक आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद बिजली की नई दरें एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। कोरानाकाल के बीच महंगी बिजली के जरिए लोगों की जेबों को खाली करने की कारवाई को लेकर अभी से ही इसका पुरजोर विरोध होना शुरु हो गया है। आप नेता डॉ राजे सिंह नेगी ने प्रस्ताव का विरोध किया है। कहा कि उत्तराखंड में यदि बिजली महंगी हुई तो सरकार और बिजली कम्पनियों को एक बड़ा जन आंदोलन झेलना पड़ेगा। आप के नेता डा नेगी के अनुसार पावर कॉरपोरेशन के प्रस्ताव से गरीबी रेखा के नीचे निवास करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली के बिलों में आम एवं मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के साथ जबरदस्त वृद्धि हो जायेगी। कहा कि समाज के गरीब वर्ग को मुफ्त में कनेक्शन बांट कर बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी बड़ा मजाक है, जिसका हर स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा। वास्तव में फ्री में कनेक्शन अब उसे लालटेन युग में ले जाने की बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि सरकार अब घरेलू बिजली दरों को बड़ाने जा रही है, इसे जनता के साथ धोखा ही कहा जाएगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महामंत्री व पूर्व पार्षद रवि कुमार जैन ने विद्युत विभाग द्वारा बिजली महंगा किये जाने को जनता के हितों पर कुठाराघात बताया है।
कहा कि मां यमुना, अलकनंदा और हमारे ही मंदाकिनी मिलकर बन जाती है मां गंगा…
जब यह नदियां हमारी है
और इनका सीना चीरते बांध भी हमारे है ,
लाखों गांवों ने दिया बलिदान दिया है ,,,
लाखों लोग बेघर होकर अपने पैतृक स्थान को छोड़कर दूसरे जगहों पर चले गए ,,,जिससे दुनिया के हमने दिन सवारे ,,
हमने बिजली पूरे देश को बांटी है ,हमें गर्व है हमें इस बात का कि ,उत्तराखंड पूरे देश को बिजली देता है ,
तो आखिर क्यों हमारे देश में सबसे महंगी बिजली हमारे ही उत्तराखंड को दी जा रही है????
साथ 2 सबसे महंगापानी हमारे ही उत्तराखंड को ???
ऐसा क्यों ??
यह विडंबना है !
किसी भी प्रकार से बिजली के दाम बढ़ाना प्रदेश की जनता के लिए हितकर नहीं है मुख्यमंत्री एवं विद्युत विभाग इस पर तत्काल फैसला लेकर इस निर्णय को वापस लेने का कष्ट करेंगे अन्यथा जनता को साथ लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी

मान्यता प्राप्त विद्यालयों को खोलने का सरकार दे आदेश, सौंपा ज्ञापन

मान्यता प्राप्त प्रबंधकीय विधालय एसोसिएशन ने राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल ने विद्यालय को खोले जाने की गुहार लगाई है। एसोसिएशन की ओर से आरटीई के 2019- 20 विद्यालय के शुल्क दिए जाने की मांग भी की गई है।

मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से शिक्षा के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गढ़वाल मंडल विकास निगम के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल से उनके कार्यालय पर मिला। इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल की ओर से राज्य मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने राज्यमंत्री सिंघल को अवगत कराया कि लंबे अर्से से विद्यालयों के बंद होने की वजह से स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावक मासिक शुल्क नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा अध्धययनरत बच्चों को दिए जाने वाला आरटीआई शुल्क भी नहीं दिया जा रहा जिसकी वजह से विद्यालयों के संचालकों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है।

सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा देने की भरपूर कोशिश किए जाने के बावजूद गरीब बच्चों के पास स्मार्टफोन ना होने की वजह से ऑनलाइन शिक्षा का लाभ भी बच्चों को नहीं मिल पा रहा है।इससे उनकी शिक्षा की नींव कमजोर होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है जिसकी वजह से जल्द से जल्द विद्यालयों का खोला जाना बेहद आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल की तमाम बातें गौर से सुनने के पश्चात राज्यमंत्री सिंघल ने आश्वासन दिया कि वे इस बाबत जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से वार्ता कर समस्या के निस्तारण कराने की कोशिश करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में राजीव थपलियाल, कमला प्रसाद भट्ट, राहुल रावत ,संजय पांडे आदि शामिल थे।

उड़ता हुआ पक्षी जमीन पर गिरा, बर्ड फ्लू की खतरा जान लोगों में मची अफरातफरी

ऋषिकेश के हीरालाल मार्ग पर लगातार दो दिन पक्षियों के गिरने से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, कुछ लोग इसे बर्ड फ्लू से जोड़कर भी देख रहे है। ऐसे में देखना यह होगा कि क्या वाकई में हमारे शहर में बर्ड फ्लू की दस्तक हो चुकी है। बहरहाल, दोनों ही दिन पहुंची वन विभाग की टीम बिना सुरक्षा किट पहने उन्हें लेकर गई, जहां उनका परीक्षण किया जाना बाकी है।

दरअसल बीते आठ जनवरी को हीरालाल मार्ग पर एक कौआ जमीन पर आ गिरा, उसके मुंह से पानी निकल रहा था, स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष व जीव प्रेमी पंकज गुप्ता को दी। पंकज गुप्ता ने तत्काल पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेश रतूड़ी और वन विभाग को सूचित किया।

उधर सूचना पाकर वन बीट अधिकारी दीपक सिंह कैतुरा और वन बीट सहायक राजबहादुर भी पहुंचे और कौअे को लेकर गए। इसी तरह एक वाकया आज भी हुआ, यहां आज एक कबूतर नीचे गिरे, मौके पर टीम आई और लेकर गई। मगर, दोनों ही दिन विभाग की टीम बिना किट पहने पहुंची। वहीं, बर्ड फ्लू की दस्तक भी राज्य में हो चुकी है। इसके बावजूद देवभूमि में अंडा व मांस और शराब आसानी से बिक रहा है। जबकि होना तो इस पर प्रतिबंध चाहिए था।

दो युवकों को हाथी ने किया घायल, एम्स में भर्ती

हाथी के हमले में दो युवक बुरी तरह घायल हो गए। राजकीय चिकित्सालय में 108 सेवा से पहुंचाने पर चिकित्सकों ने हायर सेंटर भेज दिया। फिलहाल दोनों युवक एम्स ऋषिकेश में भर्ती किए गए है।

बता दें कि शाम पांच बजे करीब घटी घटना में तिमली गांव से सड़क के रास्ते हाथी गंगा नदी को पार कर रहा था। शिवपुरी स्थित राफ्टिंग के समीप फास्ट फूड की वेन लगाने वाले दो युवकों ने हाथी को आते देख लिया। वह घबरा गए और ढलान की ओर भागने लगे। हाथी ने पीछे से दौड़कर हमला कर घायल कर दिया।

रेंजर स्पर्श काला ने बताया कि 35 वर्षीय मंगल सिंह पुत्र प्रेम सिंह और 36 वर्षीय जगमोहन निवासी तिमली, टिहरी गढ़वाल को चोट आईं है। घायलों को फिलहाल एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सोमेश्वर नगर में बाघ की आमद से सहमे लोग, मेयर ने निरीक्षण कर रेंजर को दिए निर्देश

सोमेश्वर नगर क्षेत्र में बाघ की आमद की सूचना पर मेयर अनिता ममगाई ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान वन विभाग के रेंजर व अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
उत्तराखंड में जंगली जानवर लोगों के लिए दहशत का सबब बने हुए हैं। इस मामले में तीर्थ नगरी ऋषिकेश भी अपवाद नही रही है। रायवाला सहित रिहायशी क्षेत्रों में बाघ की आमद पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्रवासियों को दहशतजदा करती रही है। सोमेश्वर नगर क्षेत्र में एक बार फिर से बाघ ने दस्तक दी है। पिछले एक पखवाड़े से क्षेत्र में अनेकों बार बाघ के पदचिह्न देखे गये हैं। नगर निगम के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में बाघ की दहशत ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। बाघ के डर से बच्चों ने जहां सांझ होते ही खेलना छोड़ दिया है वहीं इसका खौफ महिलाओं पर भी गंभीर रूप से बना हुआ दिख रहा है। बाघ की आमद से घबराए क्षेत्र वासियों द्वारा मेयर अनिता से बाघ के आतंक को समाप्त करने के लिए मुकम्मल इंतजाम करने की गुहार के बाद आज दोपहर मेयर अनिता ममगाई ने वन विभाग के रेंजर के साथ क्षेत्र का दौरा किया और अनेकों लोगों से बाघ के सन्दर्भ में आवश्यक जानकारियां जुटाई।

मेयर अनिता ने रेंजर महेंद्र रावत से कहा कि निगम क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जंगली जानवरों से सुरक्षा की जिम्मेवारी वन विभाग की है। बाघ का आतंक लोगों के दिलों दिमाग पर गंभीर असर कर रहा है। क्षेत्रवासी बाघ के संभावित हमले को लेकर सहमें हुए हैं। इससे पहले कि कोई बड़ी घटना हो उससे पूर्व तमाम इंतजाम वन विभाग को पूर्ण कर लेने चाहिए। उन्होन बाघ की आमद को रोकने के लिए तारबाड़ लगाने के लिए रेंजर को आदेशित भी किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त श विनोद लाल ,राधा रमोला, कमलेश जैन, विजय बडोनी , विजेंद्र मोघा, अनीता रैना , सुजीत यादव, पूरण पवार , प्यारे लाल जुगलान, गोविंद चैहान , मीना रावत, मुरारी सिंह राणा, अनीता रावत आदि मौजूद रहे।

मरीज और तीमारदारों को सरकार ने दिया महंगे इलाज से झटकाः डा. राजे नेगी

आम आदमी पार्टी के नेता डा. राजे नेगी ने सरकार पर तंज कसा है, नेगी ने कहा कि सरकार ने नए साल पर महंगे इलाज का उपहार प्रदेश की जनता को दिया है। कहा कि होना तो इलाज को सस्ता चाहिए था, मगर महंगे इलाज देकर मरीज और तीमारदारों को झटका दिया है, प्रदेश की जनता वैसे ही आर्थिक तंगी से जूझ रही है, ऊपर से अब यह महंगा इलाज।

आज प्रेस नोट जारी करते हुए आप नेता डा. राजे नेगी ने कहा कि इलाज और दवाएं दोनों ही नए साल में महंगे हो गए हैं। सरकारी अस्पतालों में पर्चे और जांच की दरों में 10 फीसदी तक इजाफा हुआ है, तो दवाओं में दो से आठ फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनमें अधिकांश बीपी, शुगर, बुखार और दर्द निवारक के अलावा सभी प्रमुख एंटीबायोटिक्स दवाएं हैं।कोरोना काल के बीच सरकार द्वारा उपचार एवं दवाओं में की गई अप्रत्याशित वृद्धि का आम आदमी पार्टी ने पुरजोर विरोध किया है।

उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में नए साल से इलाज महंगा हो गया है। रजिस्ट्रेशन से लेकर भर्ती शुल्क और तमाम जांच के लिए मरीज को दस फीसदी अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पताल में ओपीडी पर्चा पहले 25 रुपये में बनता था। जिसके लिए अब मरीज को 28 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। अल्ट्रासाउंड का शुल्क 518 से बढ़कर 570 रुपये हो गया है। इसी तरह एक्सरे में भी करीब 18 रुपये की वृद्धि हुई है। नए साल से एक्सरे 182 के बजाए 200 रुपये में किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य सभी जांच, आइपीडी शुल्क आदि भी बढा हैं। उन्होंने सरकार से जनभावनाओं के अनुरूप उपचार के पर्चे एवं अन्य जांच की दरों को वापस लिए जाने की मांग की।