ऊखीमठ नगर पंचायत, मदमहेश्वर मेला समिति ने किया सीएम धामी का आभार

उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ की प्रतिकृति स्मृति चिह्न के रूप में भेंट किए जाने पर ऊखीमठ नगर पंचायत, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तथा नगर पंचायत मदमहेश्वर मेला समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

अपने आभार पत्र में ऊखीमठ नगर पंचायत द्वारा कहा गया कि मुख्यमंत्री धामी द्वारा केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ की प्रतिकृति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया। इस पहल से उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के महात्म्य और ऐतिहासिक महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होगा।

नगर पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों तथा मदमहेश्वर मेला समिति के सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस भावनात्मक पहल से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयाँ मिली हैं। इससे श्रद्धालु एवं पर्यटक ओंकारेश्वर मंदिर के प्रति अधिक आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 81.52 करोड की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मिसिंग लिंक फंडिंग कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद चमोली के गोपीनाथ मंदिर मार्ग का स्थानीय शैली के माध्यम से निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.79 करोड़, पंचम राज्य वित्त आयोग में पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन मद से नगर पंचायत, गूलरभोज क्षेत्रान्तर्गत मछली बाजार में दुकानों के निर्माण हेतु ₹ 54.37 लाख, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अन्तर्गत नगर निगम, कोटद्वार स्थित लीगेसी वेस्ट के निस्तारण हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृत लागत ₹ 92.40 लाख के सापेक्ष केन्द्रांश के रूप में 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 33.26 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजनान्तर्गत जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ में जवाग्वाड के पास धौली नदी पर 120 मी० स्पान पैदल झूला पुल के निर्माण कार्य हेतु ₹ 9.98 करोड, जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी के अन्तर्गत थत्यूड-मराड मोटर मार्ग हेतु ₹ 3.34 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत तल्ली चम्याड़ी से रणतखाल मोटर गार्ग के अवशेष के निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.64 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-बी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 50.79 करोड, क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विकासखण्ड भीमताल के नौकुचियाताल (सिलोटीपन्त) के हैलीपैड में ऑफिस के निर्माण एवं यात्री विश्राम स्थल का निर्माण कार्य तथा हैलीपैड स्थल की सतह पर पैन्टिंग कार्य हेतु ₹ 24.68 लाख के साथ ही राजकीय मुद्रणालय, रुड़की के प्रयोगार्थ कलर्ड मल्टीफंग्शन मुद्रण मशीन, डिजीटल मुद्रण मशीन तथा डाक्यूमेंट डुप्लीकेटर मुद्रण मशीन क्रय किये जाने हेतु ₹ 85.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

धामी कैबिनेट हुए संपन्न, 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, कमर्शियल संपत्ति पर केस टू केस निर्णय होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य स्थापना रजत जयंती (राज्योत्सव) के विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य को दिए गए मार्गदर्शन के लिए मंत्रिमंडल ने आभार व्यक्त किया।

वहीं कैबिनेट ने संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण के विषय में कट आफ डेट वर्ष 2018 तय कर दी है। वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को किया विनियमित किया जाएगा।

कैबिनेट ने अपने आभार में कहा कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन से उत्तराखंड राज्य को सतत विकास, लोक कल्याण और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ाने की दिशा में संकल्प और भी सुदृढ़ हुआ है।

मंत्रिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में मिले इन प्रेरक संदेशों से प्रदेश गठन के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर तत्पर रहेगी। साथ ही, कैबिनेट द्वारा समस्त कर्मचारियों व जनता का सहयोग एवं सहभागिता सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है। इस दौरान 12 प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में आए।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव पर मुहर।
शहरी विभाग निदेशालय पीएमयूके गठन को मंजूरी, 4 पद हुए स्वीकृत।
वित्त विभाग में टेंडर प्रक्रिया में इंश्योरेंस के तहत बीमा की भी होगी गारंटी।
कार्मिक विभाग के तहत दैनिक वेतन,संविदा कर्मियों के लिए नियमतिकरण के लिए कटऑफ डेट तय। वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को किया जाएगा विनियमित।
आपदा प्रबंधन पुनर्वास के तहत उत्तरकाशी के धराली में जो आपदा आयी थी साथ प्रदेश में जो आपदा आयी थी। उसमें मृत व्यक्तियों के परिजनों को 5 लाख देने पर सहमति, पक्के मकान के 5 लाख देने पर भी सहमति।
कमर्शियल संम्पति पर केस टू केस निर्णय लिया जाएगा।
नियोजन विभाग के तहत उत्तराखंड में निवासरत परिवारों के लिए बनेगी आईडी, देवभूमि परिवार योजना के तहत बनेगी आईडी।
उपनल कर्मचारियों की मांग पर कैबिनेट ने बनाई समिति। कैबिनेट की बनाई गई उपसमिति दो महीने के भीतर कमेटी देगी रिपार्ट।
उपनल अब विदेशों में भी कर्मचारियों के लिए करेगा नियुक्ति। भारत विदेश मंत्रालय में उपनल करेगा रजिस्ट्रेशन।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन पर उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्राप्त मार्गदर्शन-शुभकामनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया गया।

कैबिनेट ने अपने आभार संदेश में कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन से उत्तराखंड को सतत विकास, लोककल्याण और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
बैठक में मंत्रिमंडल ने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में मिले इन प्रेरक संदेशों से प्रदेश के गठन के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति और सर्वांगीण विकास की दिशा में नई ऊर्जा प्राप्त होगी। साथ ही, कैबिनेट ने प्रदेशवासियों और राज्य कर्मियों से सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को माडल राज्य बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्नेह राणा को दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की गौरव, क्रिकेटर स्नेह राणा ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।

स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को जो सहयोग मिल रहा है, उससे राज्य में खेलों का वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया प्रेरक अध्याय है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने हेतु एजेंडे को तत्काल तैयार करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बिंदुओं का एजेंडा तैयार करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने ऐसे सभी विभागों जिनका अभी तक मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों का एजेंडा अप्राप्त हैं को निर्देशित किया कि राज्य की ओर से विभागों द्वारा मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे को तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करें।

उन्होंने निर्देशित किया कि एजेंडे में उन सभी पक्षों का स्पष्ट और संक्षिप्त विवरण हो जिसमें भारत सरकार से जिस स्तर का सहयोग अथवा संशोधन अपेक्षित हो।

मुख्य सचिव ने समाज कल्याण विभाग को जौनसारी/जेनसारी शब्द विषयक प्रकरण के संबंध में निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय को उनके पोर्टल में शब्द की स्पेलिंग को संशोधन करने का अनुरोध तैयार करें। साथ ही कहा कि इस संबंध में यदि विधायिका स्तर का संशोधन भी अपेक्षित हो तो उसका भी लीगल मार्गदर्शन प्राप्त कर लें। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि भोटिया और राजी जनजाति हेतु जनपद पिथौरागढ़ में एक एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित विषय का एजेंडा भी तैयार करें।

मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग को एसईसीसी (सोशियो इकोनॉमिक एंड कास्ट सेंसस) डाटा के स्थान पर अन्य मानक/ विकल्प बनाए जाने पर विचार करने का अनुरोध तैयार करने को कहा ताकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में आसानी से कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मानक में संशोधन करते हुए धनराशि में बढ़ोतरी विषयक एजेंडा तैयार करने, परिवहन विभाग को आरआरटीएस ( रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीनगर, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण किए जाने हेतु अनुरोध तैयार करने तथा टनकपुर- बागेश्वर एवं ऋषिकेश- उत्तरकाशी रेल परियोजना में सड़क निर्माण के प्रावधान का भी उल्लेख का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग को मंडी शुल्क से संबंधित प्रकरण का एजेंडा भी तैयार करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, वीवीआर पुरुषोत्तम, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में पीएम के संबोधन में दिए गए सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई को विचार विमर्श हुआ

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में 25 वें उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री के संबोधन में सुझाए गए प्रमुख बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई हेतु विचार- विमर्श किया गया।

विचार-विमर्श में सभी अधिकारियों से अगले 25 वर्षों में उत्तराखंड के लक्ष्यों और उसके अनुरूप रोडमैप बनाने तथा रजत जयंती व उसके उपलक्ष्य में नवंबर माह में आयोजित किए गए विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों यथा प्रवासी सम्मेलन, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक उत्सव, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के आगमन इत्यादि में सामने आए अनुभव, फीडबैक और सुझावों को साझा किया गया।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को उक्त अवधि के सुझावों, प्रयासों और अनुभवों का डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सचिव प्रोटोकॉल को उक्त सभी सुझावों को कंपाइल करते हुए उसकी सूची तैयार करने को निर्देशित किया।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के सर्वांगीण विकास से संबंधित जो भी बिंदु सुझाए हैं उनका भी डॉक्यूमेंटेशन करें ताकि राज्य के समेकित विकास एवं नीति निर्माण में उन बिंदुओं को शामिल किया जा सके।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के समेकित विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदु सुझाए।

प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड को स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करते हुए उसे ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ने, उत्तराखंड की प्रत्येक विधानसभा में योग केंद्र, आयुर्वेदिक केंद्र, नेचुरोपैथी संस्थान, होमस्टे इत्यादि से युक्त एक कंप्लीट पैकेज तैयार करने, हर वाइब्रेंट विलेज खुद में एक छोटा पर्यटन केंद्र बन सके इसके लिए होम स्टे, स्थानीय भोजन और संस्कृति को बढ़ावा मिले ऐसे प्रयास करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के स्थानीय मेलों और पर्वों को वर्ल्ड मैप पर लाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेला जैसा अभियान चलाने को कहा। उन्होंने राज्य के पहाड़ी जनपदों को हार्टिकल्चर सेंटर बनाने पर फोकस करने, ब्लू बेरी, कीवी, हर्बल मेडिसिन प्लांट जैसी भविष्य की खेती तथा फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट इन सबके लिए एमएसएमईएस को नए सिरे से सशक्त बनाने पर बल देने को कहा।

प्रधानमंत्री ने तीर्थाटन, बारहमासी पर्यटन, ईको टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को और व्यापक और प्रबंधनीय तरीके से संपादित करने, राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में कन्वर्ट करने के लिए पांच से सात बड़े डेस्टिनेशन तैयार करके उन्हें विकसित करने की बात कही। उन्होंने उत्तराखंड के जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पादों तथा प्रोडक्ट को देश के घर-घर पहुंचाने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत ग्लोबल मार्किट में उत्पादों को प्रतिस्पर्धा बनाने तथा उनके डिलीवरी मैकेनिज्म पर बेहतर तरीके से कार्य करने को भी कहा।

इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई व आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव रंजीत सिन्हा सहित विभिन्न सचिव व अपर सचिव उपस्थित थे।

सीएम धामी ने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को पुरस्कृत किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैण्ट, देहरादून में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड @25 रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाले अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो का अनावरण एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थ्रोन आफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को भी पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने राज्यभर के एस्ट्रो टूर गाइड एवं टूर मैनेजर को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने काला नाग चोटी का सफल आरोहण करने वाले पर्यटन विभाग की ओर से चयनित पर्वतारोहियों और आईटीबीपी के 13 सदस्यीय दल को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी लोगों की कड़ी मेहनत से प्रदेशभर में रजत जयंती पर्व के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा 25 वर्ष पूर्व राज्य निर्माण के बाद इस नवोदित राज्य ने तेजी से उन्नति की है। यह तरक्की आंदोलनकारियों की तपस्या का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल औऱ कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा जहाँ कभी सड़कें बनना मुश्किल था, आज उस स्थान पर ऑल-वेदर रोड का निर्माण किया जा रहा है। जहाँ कभी संचार एक सपना हुआ करता था, वहाँ अब डिजिटल उत्तराखंड आकार ले रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा गांव घरों में स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के काम प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन विभाग की अनेक योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना से हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्राप्त हुई है। पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 8,000 से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षित प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा टूर गाइड, नैचुरलिस्ट, टूर मैनेजर, स्ट्रीट फूड वेंडर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नई पर्यटन नीति बनने के बाद राज्य में 207 से अधिक निवेशकों की ₹ 5,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जादूंग, दारमा घाटी, पंचाचुली बेस कैम्प में भी गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड, तीर्थाटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी केंद्र बन रहा है। चमोली से टिहरी झील तक, मसूरी से मुनस्यारी तक, प्रत्येक घाटी में रोमांच का नया संसार बस रहा है। पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसे रोमांचक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर खोले गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड की शक्ति इसकी आध्यात्मिक शक्ति है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि धार्मिक स्थान उत्तराखंड के साथ भारत की आस्था और ऊर्जा के भी केंद्र भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में हो रही निरंतर प्रगति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2023 और 2024 में जखोल, हर्षिल, सुपी और गुंजी जैसे गाँवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया। वर्ष 2024-25 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म द्वारा, स्किल डेवलपमेंट इन रिस्पांसिबल टूरिज्म श्रेणी में उत्तराखंड को विशेष सम्मान प्राप्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उत्तराखंड को आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा हर उत्तराखंडी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान देगा तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य अवश्य बनेगा।

जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होमस्टे में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अल्मोड़ा जिले से हरेंद्र सिंह बिष्ट, बागेश्वर से मोहन चंद्र कांडपाल, चमोली से सरिता देवी, देहरादून से नीलम चौहान, हरिद्वार से सुनीता सिंह, चंपावत से नीरज जोशी, रुद्रप्रयाग से कैलाश पुष्पवाण, पौड़ी से त्रिभुवन उनियाल, पिथौरागढ़ से मथुरा दत्त कालोनी, नैनीताल से उमंग वासुदेव, टिहरी से जितेंद्र सिंह, उत्तरकाशी से अखिल पंत, उधम सिंह नगर से दीपक चतुर्वेदी हैं।

इस अवसर विधायक खजान दास सविता कपूर, बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम घोषणाओं की पूर्ण और गतिमान घोषणाओं का वित्तीय और भौतिक अपडेट प्रस्तुत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकी, गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी ऐसी सभी सीएम घोषणाओं तथा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का पृथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें तथा उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाऐं जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण हेतु प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव एस एन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी मेकैनिज्म बनाएं तथा जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक रूटीन से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 777 पर कार्रवाई गतिमान है तथा 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं।

बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर सी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश की 8260.72 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर पीएम मोदी ने दी राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने की बधाई

सिंचाई विभाग- सौंग बांध पेयजल परियोजना – 2491.96 करोड़

देहरादून और टिहरी जनपद में प्रस्तावित सौंग बांध पेयजल परियोजना से देहरादून जनपद में 150 एमएलडी पेयजल आपूर्ति होगी। परियोजना में 130 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इससे देहरादून शहर की जलापूर्ति में सुधार होगी।

जमरानी बांध पेयजल परियोजना – 2584.10 करोड़

नैनीताल जनपद में प्रस्तावित जमरानी बांध परियोजना, एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इससे पेयजल, सिंचाई की आवश्यकता पूरी करने के साथ ही विद्युत उत्पादन भी किया जाएगा। परियोजना से 57065 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होने के साथ 14 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा।

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अन्य परियोजनाएं
Toe Protuction and Landslide Stablization work along left bank of Alaknanda River at Jyotirmath in Distt. Chamoli uttrakhand – 100.53 करोड़

जनपद पिथौरागढ के धारचूला में कालीनदी के दांये पार्श्व में स्थित विभिन्न स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा योजनां कार्य – 140.22 करोड़

ऊर्जा (पिटकुल) – जनपद चमोली के पीपलकोटी में 400 के०वी० पीपलकोटी स्वीचिंग उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (1.0 सर्किट किमी) – 340.29 करोड़

जनपद टिहरी के घनसाली में 220 के0वी0 उपसंस्थान (60 एमवीए) (राज्य पोषित)- 277.23 करोड़

ऊर्जा (उरेडा) – समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना- 129.37 करोड़

चम्पावत के बनबसा में 220 के0वी0 उपसंस्थान (100 एमवीए) एवं संबंधित पारेषण लाइन (0.3 सर्किट किमी)(राज्य पोषित)- 223.71 करोड़

खेल विभाग-जनपद. चम्पावत के लोहाघाट में “महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद्. चम्पावत में महिला स्पोर्टस कॉलेज स्थापित किया जायेगा“ – 256.96 करोड़

लोक निर्माण विभाग – केन्द्रीय सडक अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 08 विभिन्न योजनाओं तथा राज्य योजना के अन्तर्गत 02 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य- 127.43 करोड़

वन विभाग/वन्य जीव परिरक्षण संगठन/ (राजाजी टाइगर रिजर्व) उत्तराखण्ड पौडी जनपद – जनपद पौडी के यमकेश्वर में गौहरी रेंज के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार कार्य – 100.89 करोड़

प्राविधिक शिक्षा- राजकीय पॉलीटैक्निक लोहाघाट, सल्ट, दन्या, गरूड़, द्वाराहाट तथा पोखरी में भवन निर्माण कार्य -100.67 करोड़

पर्यटन- जनपद टिहरी तथा देहरादून के पर्यटन विकास कार्य – 58.21 करोड़

चिकित्सा शिक्षा -देहरादून एवं हल्द्वानी में भर्ती मरीजों के तीमारदार के ठहरने हेतु रैन बसेरा – 55.00 करोड़

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखण्ड।- उप जिला चिकित्सालय खानपुर का भवन निर्माण।- 39.42 करोड़

शहरी विकास – कपकोट तथा कर्णप्रयाग में पम्पिंग पेयजल योजना एवं नानकमत्ता में पेयजल योजना पुर्नगठन – 79.83 करोड़

डेयरी विकास – जनपद नैनीताल के लालकुआं में दुग्ध संघ में 1.50 लाख ली०/दिन की अत्याधुनिक दुग्धशाला की स्थापना – 80.77 करोड़

पेयजल – जनपद पौड़ी में पेयजल योजना- 15.16 करोड़

कृषि – वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार पौड़ी गढ़वाल में चैनलिंक फेन्सिग कार्य – 11.48 करोड़

लोकार्पण की जाने वाली योजनाएं(₹931.65 करोड़ की लागत 12 योजनाएं)

ऊर्जा (पिटकुल) – जनपद पिथौरागढ के धारचूला में 220/33 के०वी० (50 एम०वी०ए०) बरम, उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (25.12 सर्किट किमी) – 161.98 करोड़

जनपद देहरादून के मसूरी, कैन्ट एवं राजपुर रोड में 132 के० वी० बिंदाल-पुरकुल पारेशण लाईन – 38.71 करोड़
ऊर्जा (उरेडा) – राज्य के समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना – 32.61 करोड़

शहरी विकास – जनपद देहरादून के धर्मपुर, रायपुर, मसूरी एवं कैन्ट मैं अमृत 1.0 कार्यक्रम अन्तर्गत देहरादून जलापूर्ति की 23 जोन आच्छादन की योजना – 128.56 करोड़

प्राविधिक शिक्षा विभाग – राजकीय पालीटेक्निक चम्पावत, टनकपुर, ताकुला, बाडेछीना, चिन्यालीसौण, कुल्सारी में भवनों का निर्माण कार्य – 126.27 करोड़

लोक निर्माण विभाग – राज्य योजना के अन्तर्गत 03 विभिन्न योजनायें तथा केन्द्रीय अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 07 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य – 110.03 करोड़

पेयजल विभाग- जनपद पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट, बागेश्वर में बागेश्वर नगर तथा जनपद पौडी गढवाल एवं श्रीनगर में पम्पिंग पेयजल योजना – 80.81 करोड़

जनपद पिथौरागढ के गंगोलीहाट में बेलपट्टी ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना-
57.50 करोड़

सिंचाई- जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला के अन्तर्गत ग्वालगांव भूस्खलन के उपचारात्मक कार्य – 84.09 करोड़

जनपद पिथौरागढ एवं देहरादून में बाढ सुरक्षात्मक कार्य – 66.57 करोड़

कौशल विकास एवं सेवायोजन – Precision Manufacturing की कार्यशाला का निर्माण कार्य – 25.91 करोड़

खेल विभाग- नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम का निर्माण कार्य में हॉकी ग्राउंड (एस्ट्रोट्रफ) का निर्माण कार्य – 18.61 करोड़

पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण को एमओयू पीएम की मौजूदगी में हुए हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आज भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के बीच पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक समझौता उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल में सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ हवाई संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नैनी सैनी हवाई अड्डे का कुल क्षेत्रफल लगभग 70 एकड़ है। यहां का टर्मिनल भवन व्यस्त समय में 40 यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम है। साथ ही, एप्रन एक समय में दो विमानों (कोड-2बी) को समायोजित करने की सुविधा से सुसज्जित है।

इस अधिग्रहण से हवाई अड्डे के मौजूदा बुनियादी ढांचे का उन्नयन, परिचालन मानकों का सुव्यवस्थित प्रबंधन, तथा उत्तराखंड की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
नैनी सैनी हवाई अड्डे का विकास प्रदेश की स्थानीय कला, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र को नया प्रोत्साहन देगा। इससे व्यापार, तीर्थ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आतिथ्य क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए आयाम सृजित होंगे।

इस पहल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुगम्य और टिकाऊ विमानन अवसंरचना के दृष्टिकोण को बल मिलेगा और इस रणनीतिक हिमालयी क्षेत्र में आपदा-प्रतिक्रिया क्षमताओं को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा।

यह समझौता उत्तराखंड को विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

पहाड़ी बोली और टोपी पहन पीएम मोदी ने जनता से किया सीधा संवाद, उत्तराखंड रजतोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे पीएम

सिर पर पहाड़ी टोपी और भाषण में जगह-जगह गढ़वाली कुमाऊनी बोली। उत्तराखंड के रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर अंदाज पहाड़ीपन से घुला-मिला दिखा। उन्होंने गढ़वाली कुमाऊनी के कई-कई वाक्य बोले। वो भी कई बार। अक्सर प्रधानमंत्री उत्तराखंड के कार्यक्रमों में पहाड़ी बोली-भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं, मगर आज के भाषण में उन्होंने जितनी गढ़वाली कुमाऊनी बोली, उतनी कभी नहीं बोली थी। ये ही वजह रही, कि उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बार और भी गहरा कनेक्ट महसूस किया।

प्रधानमंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण की शुरूआत की और कहा-देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना सयानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार। पैलाग, सैंवा सौंली। अपने भाषण के बीच में प्रधानमंत्री ने जब फिर से गढ़वाली में बोलना शुरू किया, तो इसने लोगों को और रोमांचित कर दिया। प्रधानमंत्री बोले-पैली पहाडू कू चढ़ाई, विकास की बाट कैल रोक दी छै। अब वखि बटि नई बाट खुलण लग ली।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण मे पहाड़ के लोक पर्वों, लोक परंपराओं और महत्वपूर्ण आयोजनों को भी शामिल किया। इस क्रम में उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी, देवीधुरा मेले से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र किया।