पतंजलि विवि के दीक्षांत समारोह में पहुंची राष्ट्रपति मुर्मू, स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों को किया सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के द्वितीय दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में कुल 1454 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि और 3 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति की उपाधि प्रदान की गई, जबकि 615 विद्यार्थियों को परास्नातक और 774 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन की विविध वनस्पतियों पर आधारित दो पुस्तकें ‘फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन’ एवं ‘मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ की प्रतिलिपियाँ भी भेंट कीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने पदक प्राप्त विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के जीवन-निर्माण में योगदान देने वाले अध्यापकों और अभिभावकों का भी विशेष अभिनंदन किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत बेटियाँ हैं तथा पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में चार गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विकसित भारत के उस स्वरूप का परिचायक है जिसमें महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की तप, साधना और ज्ञान परंपरा को आधुनिक समाज के लिए सुलभ बना रहा है। विश्वविद्यालय योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की भारत-केन्द्रित शिक्षा-दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि इसमें विश्व बंधुत्व की भावना, वैदिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय और वैश्विक चुनौतियों के समाधान जैसी विशेषताएँ निहित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वसुधैव कुटुंबकम की भावना पर आधारित जीवन-मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान-प्राप्ति नहीं है, बल्कि सदाचार, तपस्या, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा जैसे जीवन-मूल्यों को आत्मसात करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल आत्म-विकास बल्कि राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। गंगा तट पर स्थित हरिद्वार की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ये पवित्र स्थल ज्ञान और अध्यात्म का संगम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी स्वाध्याय और तपस्या जैसे आदर्शों का पालन करते हुए स्वस्थ, संस्कारित और समरस समाज के निर्माण में योगदान देंगे।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके देवभूमि आगमन को गर्व का क्षण बताया। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि योग, आयुर्वेद और अध्यात्म का प्राण-केंद्र है। इस पवित्र धरती से प्रचलित योग और आयुर्वेद की परंपरा ने न केवल भारत को, बल्कि समूचे विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और सद्भाव का संदेश दिया है। उत्तराखंड की यह ऋषि-परंपरा आज भी हमें यह प्रेरणा देती है कि ज्ञान का सर्वाेच्च उद्देश्य केवल आत्म-विकास नहीं, बल्कि विश्व-कल्याण है।

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे दीक्षांत समारोह के पश्चात आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे तथा अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव-कल्याण के लिए करेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने जो ज्ञान अर्जित किया, वह केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण के लिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को स्वीकृति दिलाकर योग के विज्ञान पर किए गए हजारों वर्षों के कार्य को वैश्विक मंच प्रदान किया। विगत कुछ वर्षों में योग और आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति आई है, और आज करोड़ों लोग इनके माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का देवभूमि उत्तराखंड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सदैव अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किया है। हाल ही में जब उन्होंने लड़ाकू विमान ‘राफेल’ में उड़ान भरी, तो पूरे देश ने उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रेरक उदाहरण देखा। उनके व्यक्तित्व में मातृत्व की ममता, सेवा का संकल्प और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का अद्भुत संगम निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी उत्तराखंड वासियों का सौभाग्य है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें राष्ट्रपति का सान्निध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करके अपने बेहतर भविष्य के साथ ही अपने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में पतंजलि विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का अतुलनीय कार्य कर रहा है। यहाँ विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जहाँ विद्यार्थी केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों की भी शिक्षा प्राप्त करते हैं। पतंजलि विश्वविद्यालय ने आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय से ऐसी शिक्षा पद्धति विकसित की है, जो योग, आयुर्वेद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अनेक नवाचार कर रही है। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के साथ ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित करने की पहल की गई है। भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है। देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क और अल्मोड़ा में साइंस सेंटर के निर्माण के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. कल्पना सैनी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

आदि कैलाश में पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन में 22 राज्यों के 700 प्लस प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

उत्तराखंड के पौराणिक और आध्यात्मिक धरोहर स्थल आदि कैलाश की पवित्र छाया में आज राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह आयोजन उत्तराखंड की साहसिक खेल क्षमता, प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

यह 60 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा रन आदि कैलाश से प्रारंभ हुई, जिसमें देश के 22 राज्यों से 700 से अधिक धावकों ने भाग लिया। ऊँचाई, कठोर मौसम और चुनौतीपूर्ण हिमालयी ट्रैक के बीच प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, धैर्य और फिटनेस का अद्भुत प्रदर्शन किया।

प्रतिभागियों ने उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की जमकर प्रशंसा की। धावकों ने कहा कि आईटीबीपी तथा भारतीय सेना का सहयोग और मार्गदर्शन अतुलनीय रहा, जिसने इस कठिन रूट पर आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाया।

प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश आगमन के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। प्रधानमंत्री के हिमालयी क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से सीमांत क्षेत्र में साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।

कार्यक्रम में सचिव पर्यटन, आईटीबीपी अधिकारी श्, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखने को मिला और हजारों लोगों ने धावकों का उत्साहवर्धन किया।

रजत जयंती वर्ष के अवसर पर यह आयोजन उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है, जो राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज़्म और खेल संस्कृति को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। आदि कैलाश जैसे पवित्र और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल से इस साहसिक पहल की शुरुआत को दूरगामी परिणामों वाला कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदि कैलाश में पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों, आयोजनकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि “यह आयोजन उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। आदि कैलाश जैसे पवित्र व आध्यात्मिक धाम में आयोजित यह ऐतिहासिक अल्ट्रा रन न केवल साहस और समर्पण की मिसाल है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और खेल संस्कृति को नई दिशा देगा। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य और असीम संभावनाओं का प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उनके द्वारा आदि कैलाश में किए गए दर्शन के बाद इस संपूर्ण क्षेत्र में पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हिमालयी और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि-
“सीमांत क्षेत्रों का विकास हमारी प्राथमिकता है। अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजन न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देते हैं बल्कि युवा पीढ़ी में साहसिक खेलों के प्रति उत्साह भी पैदा करते हैं। आने वाले समय में उत्तराखंड साहसिक खेलों और पर्वतीय पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनेगा।”

उत्तराखंड के लोकपर्व हमारा गर्व, हमारी आत्माः धामी

मुख्यमंत्री आवास में आज इगास पर्व बड़े हर्ष उल्लास, पारंपरिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। देवभूमि की लोक परंपराओं को समर्पित इस विशेष अवसर पर राजयपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से नि) की उपस्थिति में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इगास हमारी सांस्कृतिक अस्मिता, लोक आस्था और सामूहिक भावना का प्रतीक है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों, गायकों और विभिन्न क्षेत्रों से आए सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक लोकगीत व लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हारुल, झूमेंलो, चांचरी, थड़िया, जागर और अन्य पारंपरिक नृत्यद गायन ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और पूरा परिसर लोकधुनों की गूंज से सराबोर हो उठा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी कलाकारों के बीच उपस्थित होकर उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति और परंपराएँ हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं, उन्हें बचाना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारा सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम में शामिल सभी आमंत्रित अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, प्रवासी उत्तराखंडियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रदेश के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों को मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएँ दीं और उनसे भेंट की।

इगास उत्सव के पारंपरिक क्रम में मुख्यमंत्री ने लोक मान्यताओं के अनुसार परंपरागत रूप से ‘‘भेलों’’ भी खेला, जिससे वहां मौजूद बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। पूरा वातावरण पर्वतीय संस्कृति की खुशियों, लोकगीतों और लोकनृत्य से भर गया।

कार्यक्रम में सभी कलाकारों व प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया और कहा कि उत्तराखंड सरकार लोक कलाकारों के उत्थान, लोक परंपराओं को बढ़ावा देने और कल्चर बेस्ड रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इगास, बूढ़ी दीवाली और देव दीपावली के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएँ, वेश-भूषा और व्यंजन हमारी अनमोल धरोहर हैं और इन्हें संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इगास लोक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सामूहिकता, प्रकृति के प्रति आभार और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक है। उन्होंने लोकगीत, ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक मांडणे का उल्लेख करते हुए कहा कि जब घर-आंगन में लोक संस्कृति प्रफुल्लित होती है, तो ऐसा लगता है जैसे स्वयं देवभूमि मुस्कुरा रही हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रवासी उत्तराखंडियों का सक्रिय योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि प्रवासी उत्तराखंडी अब इगास पर अपने पैतृक गांवों का रुख कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने विश्वभर में बसे उत्तराखंडियों से अपील की कि वे भी अपने गांवों और परिवारों के साथ लोक पर्व मनाएं और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर न सिर्फ अपनी संस्कृति को समृद्ध करें, बल्कि “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में योगदान दें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए इस संकल्प-वाक्य को याद करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की इस पवित्र भूमि के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। प्रधानमंत्री ने जो विश्वास उत्तराखंड पर जताया है, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड के समग्र विकास, रोजगार-सृजन, पर्यटन और आध्यात्मिक-पर्यटन विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा युवा शक्ति के सशक्तिकरण का दशक होगा। हम सभी को मिलकर ‘विकल्प रहित संकल्प’ की भावना के साथ कार्य करते हुए इस विज़न को धरातल पर उतारना है, ताकि उत्तराखंड विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश-दुनिया में अपने स्थान को और अधिक मजबूत कर सके।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा “इस इगास पर संकल्प लें कि न केवल अपने घरों में दीप जलाएं, बल्कि अपने मन में भी अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का दीप प्रज्ज्वलित रखें।”

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभिन्न क्षेत्रों के लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर दी प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलवीर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजतोत्सव समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में 01 नवम्बर को इगास पर्व से 11 नवम्बर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण कर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही हमें नया राज्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड 25 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पूर्ण कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। वर्ष 2050 उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। आने वाले इन 25 वर्षों के लिए राज्य सरकार एक नया रोडमैप बनाकर आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं पर बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को भी नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के अंतर्गत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 03 नवम्बर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस विशेष सत्र में राज्य को आगे ले जाने की दिशा में विचार-विमर्श होगा तथा बीते 25 वर्षों के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखण्डी तथा राज्य आंदोलनकारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। प्रत्येक नागरिक और जनपद को इस उत्सव से जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। इसी क्रम में अगले 25 वर्षों के लिए खाका भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, लखपति दीदी योजना से 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य प्रगति पर हैं। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें संचालित कर रही है।

सीएम ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, यूनिटी मार्च वॉकथॉन का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर घंटाघर में उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी एवं एकता पदयात्रा का शुभारंभ कर उसमें प्रतिभाग भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने भारत के लौह पुरुष, भारत रत्न, सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का सम्पूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता को समर्पित था। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरो कर अखंड भारत का निर्माण किया। ऐसे महापुरुष के योगदान को नमन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 16 नवंबर तक प्रत्येक जिले के तीन स्थानों पर वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को भी जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, और सेवा की भावना प्रबल होगी।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के सभी नागरिक एकजुट होकर इस संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं एसएसपी अजय सिंह मौजूद थे।

पिथौरागढ़ में सीएम ने सहकारिता मेले का किया शुभारंभ, प्रदेश की उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ की साझा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद की 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 23.16 करोड़ रुपये की लागत के शिलान्यास एवं 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह एक-दूसरे को परस्पर सहयोग द्वारा स्वावलंबी बनाने का प्रयास है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, ताकि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में “सहकार से समृद्धि” के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में एक अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया। आज अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और आज प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है। राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनसे ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है। राज्य में फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियां एवं 116 मत्स्य समितियां गठित की गई हैं। उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मण्डुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश की 1 लाख 70 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंड बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, मेयर पिथौरागढ़ कल्पना देवलाल, अध्यक्ष जिला पंचायत पिथौरागढ़ जितेन्द्र प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।

सीएम धामी ने सीमांत गांव में की आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात, जज्बे को किया सलाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांव मिलम का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों से मुलाकात कर उनके राष्ट्रसेवा के जज्बे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी समर्पण भाव से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में जवानों का योगदान अतुलनीय है और उनका अनुशासन, परिश्रम एवं देशभक्ति सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सीमांत क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इन क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेजी से जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि सीमाओं पर बसने वाले लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। उन्होंने सीमा क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग और राष्ट्र प्रति समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जोहार क्लब मुनस्यारी में इनडोर स्टेडियम बनाया जायेगा। ग्राम मिलम में नन्दा देवी मंदिर का सौर्न्यीकरण कार्य कराया जायेगा। ग्राम बिल्जू में सामुदायिक मिलन केन्द्र का निर्माण कार्य किया जायेगा।

इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, स्थानीय लोग और आईटीबीपी के जवान मौजूद थे।

सीएम ने जागेश्वर धाम मास्टरप्लान की समीक्षा, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रसिद्ध तीर्थस्थल जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 76.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एवं स्वीकृत 06 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। लोकार्पण की गई योजनाओं में दन्या से आरा सल्पड़ मोटर मार्ग का सुधारीकरण, चायखान से थुआसिमल मोटर मार्ग का सुधारीकरण, तथा सत्यों में 33/11 केवी उप संस्थान का निर्माण शामिल हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलीटेक्निक सल्ट एवं दन्या में अनावासीय भवनों के निर्माण कार्यों तथा राजकीय पॉलिटेक्निक द्वाराहाट में मैकेनिकल भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री धामी ने जागेश्वर धाम परिसर का पैदल भ्रमण एवं निरीक्षण किया तथा जागेश्वर धाम मास्टर प्लान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर हमारी आस्था और विश्वास का केंद्र है, इसे दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए सभी संबंधित विभाग संपूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए धाम की बुनियादी अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए निर्धारित टाइमलाइन में पूर्ण कराया जाए। साथ ही सड़कों की स्थिति की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वृद्ध जागेश्वर को भी जागेश्वर धाम के साथ साथ विकसित किया जाए, क्योंकि दोनों स्थलों का पौराणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जागेश्वर धाम न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी वैश्विक पहचान प्राप्त करे। जागेश्वर धाम का समग्र विकास स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर भी लेकर आएगा।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

खटीमा में छठ पर्व पर सीएम धामी ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा संजय रेलवे पार्क, खटीमा में आयोजित सूर्य षष्ठी व्रत महोत्सव (छठ पूजा) के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने प्रदेश की सुख,समृद्धि व खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा की पूर्वांचल सेवा समिति के समस्त पदाधिकारियों को इस भव्य-दिव्य कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए साधुवाद। आज का ये पावन पर्व हमारी सनातन संस्कृति की उस उज्ज्वल परंपरा का प्रतीक है, जिसमें आस्था, अनुशासन, तपस्या और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता एक साथ दिखाई देती है। छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ये जीवन मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों का महापर्व है। ये पर्व हमें प्रकृति और पर्यावरण के महत्व के बारे में भी बताता है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व भारत की उस महान संस्कृति का भी प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें उगते सूर्य के साथ ही ढलते सूर्य को भी अर्घ्य अर्पित किया जाता है, जो अपने आप में अनोखा अनुभव है। छठ पर्व की विशेष बात यह है कि यह लोक आस्था का पर्व हर वर्ग और क्षेत्र के लोग अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाते हैं। चाहे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश हो या हमारा उत्तराखंड, आज पूरे देश में छठ निर्बाध आस्था के साथ मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत के विकास और सनातन संस्कृति का वैभव आज चारों ओर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भी मोदी से प्रेरणा लेकर देवभूमि के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। खटीमा तो मेरा घर ही है और आप सभी मेरा परिवार हैं, यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव मेरे दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने जहां एक ओर खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही, युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने हेतु राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु हमने गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल के निर्माण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। यही नहीं, हाल ही में हमारी सरकार ने खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की है, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई हैं, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इसी का परिणाम है कि आज हमारा राज्य नीति आयोग की एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। साथ ही, युवाओं को रोजगार देने में भी हम अग्रणी राज्य बनकर उभरे हैं, हमने एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। इसी संकल्प के साथ, हमने जहां एक ओर प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है, वहीं हमनें राज्य में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए नौ हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं को भी हटाया है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया है जिसके माध्यम से हम राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य हित में भी कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनको पूर्ववर्ती सरकारें अपने अपने राजनीतिक गुणा भाग के चक्कर में ठंडे बस्ते में डाल दिया करती थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर एक समरस समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है, वहीं, सख्त नकल विरोधी कानून द्वारा नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि हम राज्य से भ्रष्टाचार रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भी कार्य कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में हमने भ्रष्टाचार में लिप्त करीब 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है। और मुझे पूर्ण विश्वास है कि आज छठी मईया और भगवान सूर्य नारायण के आशीर्वाद और आप सभी के सहयोग से हमारा ये संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।

कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने भी सम्बोधित किया व सभी छठ महापर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री फरजाना बेगम, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वीसी जयकिशन, सीडीओ दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तूभ मिश्रा, एसपी सिटी डॉ उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित थे।

मां कुंजापुरी मेले के उद्धाटन पर सीएम धामी ने की घोषणाएं, नहरों, भवनों, सड़कों और मंदिरों के सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल पहुंचकर नौ दिवसीय 49वें श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर मेले के शुभारम्भ की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने विकास प्रर्दशनी का उद्घाटन, विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टालों का निरीक्षण तथा अमर शहीदों की मूर्तियों एवं स्वतंत्र संग्राम शहीद स्मारक पर मल्यार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में अवशेष बाढ़-सुरक्षा कार्यों का निर्माण कार्य (लगभग 400 मीटर), कुम्भ मेला, 2027 के अन्तर्गत मुनिकीरेती में खारास्रोत गदेरे में सतह पार्किंग एवं एप्रोच रोड़ का निर्माण, नरेन्द्रनगर में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों का पुनर्निर्माण कार्य,नगर पंचायत तपोवन में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना, बाल्मिकी बस्ती में 6 आवासों का पुनर्निर्माण, पावकी देवी (दोगी) में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर कुम्हार खेड़ा में सामुदायिक भवन का विस्तार, कुम्हार खेड़ा सामुदायिक भवन तक मार्ग का पक्की करण, नगर पालिका मुनि की रेती-ढालवाला में पन्त की दुकान से चीनी गोदाम तक मार्ग का पुनर्निर्माण, श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल में एनेस्थिशिया वर्क मशीन (ऑटोमेटिक वैंटीलेटर) की स्वीकृति, नरेंद्रनगर में एक ए.एन.एम. ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना, भुवनेश्वरी देवी मंदिर हार्डीसेरा एवं पावली देवी मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए उचित धनराशि की स्वीकृति, गुल्लरबोगी में पार्किंग निर्माण, ह्वेल नदी में मानसेरा, भगोड़ी, भैंतोला तोक में चेक डैम का निर्माण की मांग को मुख्यमंत्री घोषणाओं में सम्मिलित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां कुंजापुरी का आशीष एवं कृपा दृष्टि हम सब पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। 1974 से निरंतर आयोजित किया जा रहा यह मेला व्यापार, क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को गति प्रदान करने वाला है। भारत की पहचान, उसकी सनातन संस्कृति और जीवन मूल्यों पर छिपी हुई है। हमारी संस्कृति केवल रीति रिवाज का विषय नहीं है एक सकारात्मक दिशा देने वाले विचारधारा है, जो हमें नए-नए तरीके से प्रेरित करने का काम करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी के नेतृत्व में भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को संवारने एवं सहजने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं अपनी पहचान को बनाए रखने के लिए निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन सबसे बड़ी समस्या है, इसे रोकने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योजना पर कार्य किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में व्यापक पहचान मिल रही है। फार्म मशीनरी बैंक, फिल्म नीति, एप्पल मिशन, होमस्टे आदि नीतियों के माध्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया है। इसके साथ ही सशक्त नकल विरोधी कानून लाकर पिछले 4 सालों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां प्रदान की गई है। धर्मांतरण निवारण और अवैध अतिक्रमण ध्वस्तीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख किया, जिससे राज्य को नया मुकाम और पहचान मिली है। राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अग्रसर है।

प्रदेश के वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन एवं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला हमारी संस्कृति, परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ही देश प्रदेश की संस्कृति से रूबरू होने के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराता है। यह मेला सभी के सहयोग से निरंतर खेल एवं विकास के ओर आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, मेयर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, डीएम टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।