अंतिम संस्कार को रोकने व मारपीट करने पर पार्षद पति सहित अन्य पर मुकदमा

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र के अंतर्गत जलती चिता को बुझाने और उस पर पत्थर बरसाने के आरोप में पुलिस ने पार्षद पति सहित अन्य लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

चंद्रेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी भवानी चंद कालोनी की माता का देहांत हो जाने पर उनका अंतिम संस्कार चंद्रेश्वर स्थित श्मशान घाट पर किया जा रहा था। कोतवाली में पंडित लल्लन झा पुत्र स्व. बच्ची झाा निवासी बीस बीघा और प्रवीण कुमार खंडूरी पुत्र लक्ष्मण प्रसाद निवासी बीस बीघा ने तहरीर दी। बताया कि पंडित भवानी जी की माता के अंतिम संस्कार में गंगा किनारे गए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के पार्षद पति किशन मंडल अपने अन्य साथियों के साथ वहां आ धमके और अंतिम संस्कार करने से मना करने लगे। साथ ही चिता को बुझाने का प्रयास करने लगे। जब विरोध किया तो पत्थर से चिता को बुझाने लगे। आरोप लगाया कि इसी बीच किशन मंडल ने धारदार हथियार लेकर आया और लोहे से पंडितों पर वार किया। जिसके चलते वह बेहोश हो गए।

बताया कि अस्पताल में उन्हें होश आया। उन्होंने पुलिस ने जान से मारने के इरादे से हमला करने का आरोप लगाया। कठोर कार्रवाई की मांग की।

इस मामले में कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि आरोपी पार्षद पति किशन मंडल सहित अन्य लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

इस मामले में आरोपियों के पक्ष जानने का प्रयास किया गया, मगर संपर्क न हो सका। उनका पक्ष आने के बाद प्रकाशित किया जाएगा।

बंद घर से चोरी के आरोप में पुलिस ने किया एक को गिरफ्तार


शांतिनगर में एक बंद मकान से आभूषण चोरी के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक शांतिनगर, ऋषिकेश निवासी विजयपाल पुत्र श्यामलाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके बंद मकान से चांदी के आभूषण चोरी हो गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सर्विलांस की मदद भी ली गई। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को एआरटीओ ऑफिस के पास एक आरोपी को पकड़ा। उसके पास से चोरी किए चांदी के आभूषण बरामद हुए। कोतवाली के एसएसआई डीपी काला ने बताया आरोपी की पहचान अंकित कुमार पुत्र अनिल कुमार निवासी इंदिरानगर, थाना वंसत विहार,देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल योगेंद्र दत्त, कांस्टेबल सचिन राणा, युवराज शामिल रहे।

अनियंत्रित होकर बस दुर्घटनाग्रस्त, एक महिला यात्री की मौत

वित्त व संसदीय कार्य मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने भद्रकाली से नीचे आ रही एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक महिला यात्री की मृत्यु होने पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने सीएमओ देहरादून से दूरभाष पर वार्ता कर घायलों को शीघ्र उपचार देने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के श्रद्धालुओं से भरी यूपी नंबर की एक डबल डेकर की बस भद्रकाली से खारा स्रोत की ओर आ रही थी। जो अनियंत्रित होकर पीडब्ल्यूडी तिराहे निकट खारा स्रोत पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार दुर्घटना के वक्त बस में करीब 65 श्रद्धालु मौजूद थे। जो नीलकंठ की ओर जा रहे थे। मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस दुर्घटना में एक महिला की मृत्यु होने की जानकारी भी मिली है जिस पर डॉ अग्रवाल द्वारा दुख जताते हुए मृतक की आत्म शांति की प्रार्थना की है।

डॉ अग्रवाल ने सीएमओ देहरादून से दूरभाष पर वार्ता की और घायलों को समुचित उपचार देने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को हायर सेंटर (ऐम्स) रेफर किया जाए।

सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत


रायवाला थाना पुलिस ने बताया कि बीती रात को सूचना मिली कि एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार युवक जख्मी हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तब तक युवक की मौत चुकी थी।

मृतक के पास से पहचान पत्र बरामद हुआ। इस आधार पर उसकी पहचान दिवाकर पांडे (28) पुत्र दशरथ पांडे निवसी चंद्रेश्वरनगर, ऋषिकेश के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में भेज दिया है।

थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि वाहन चालक मौके से फरार हो गया। युवक रात को ऋषिकेश की तरफ जा रहा था।

स्पेशल टास्क फोर्स को पेपर धांधली मामले में मिली बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड राज्य में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड देहरादून द्वारा वर्ष 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाऐं संचालित कराई गई थी। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं द्वारा बढ चढ कर भाग लिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों द्वारा उक्त परीक्षा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की और ज्ञापन प्रेषित किया गया था।
मुख्यमंत्री द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते हुए उक्त परीक्षा की अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए जिस पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0 289/2022 धारा 420 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया।
पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार थाना रायपुर से उक्त विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड पुलिस को त्वरित कार्यवाही हेतू स्थानान्तरित की हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ के मार्गदर्शन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर परीक्षा अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में गोपनीय जानकारी कर गिरफ्तारी हेतु बताया गया जिस पर टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्ष 2021 अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की गई परीक्षा में अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में जांच कर साक्ष्य संकलन करते हुए अभी तक कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गहनतापूर्वक पूछताछ करने पर अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि मनोज जोशी पुत्र श्री बालकिशन जोशी निवासी ग्राम मयोली, थाना दनिया, जिला अल्मोडा वर्ष 2014-2015 से वर्ष 2018 तक रायपुर स्थित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पीआरडी) के रूप में तैनात था। वर्ष 2018 में विभागीय शिकायत पर उक्त कर्मचारी को आयोग से हटा दिया गया। इससे पूर्व यह कर्मचारी 12 वर्ष तक लखनऊ सूर्या प्रिंटिंग प्रेस में कार्य कर चुका था। जयजीत दास पुत्र विमल दास निवासी पण्डितवाडी, थाना कैण्ट, देहरादून आउटसोर्स कम्पनी आर0एम0एस0 टेक्नोसोल्यूसन इण्डिया प्रा0लि0 के माध्यम से कम्पयूटर प्रोग्रामर के रूप में वर्ष 2015 से कार्यरत् था तथा उक्त कम्पनी द्वारा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गोपनीय कार्य किये जाते थे जिस कारण जयजीत दास की जान पहचान मनोज जोशी उपरोक्त से हुई थी। उक्त एसएससी आयोग कार्यालय में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी निवासी ग्राम पाटी, जिला चम्पावत का भी परीक्षाओं के कार्यक्रम के सम्बन्ध में जानकारी हेतु आना जाना लगा रहता था जिस कारण उक्त की पहचान मनोज जोशी पुत्र बालकृष्ण जोशी उपरोक्त से हो गई थी।
मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी के द्वारा भी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी की जा रही थी जिस कारण उसका अभियुक्त कुलवीर सिंह चौहान पुत्र सुखवीर सिंह निवासी चांदपुर बिजनौर उ0प्र0 द्वारा करनपुर डालनवाला में संचालित डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कोंचिग ली जा रही थी और बाद में वहा पढ़ाने का कार्य भी किया गया था। डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कुलबीर डायरेक्टर के पद पर था।
डायरेक्टर कुलवीर के माध्यम से शूरवीर सिंह चौहान पुत्र अतर सिंह चौहान नि0 कालसी, देहरादून की पहचान मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई। सितारगंज में गौरव नेगी पुत्र गोपाल सिंह निवासी नजीमाबाद किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मुलाकात मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई थी जो कि किच्छा में ही प्राईवेट स्कूल में शिक्षक था तथा ग्रुप सी में स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था शूरवीर व कुलवीर द्वारा अपने जान पहचान के परीक्षार्थियों के सम्बन्ध में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी को बताया था जिसपर मनोज जोशी उपरोक्त द्वारा मनोज जोशी पुत्र बालकिशन जोशी के साथ मिलकर कम्पयूटर प्रोग्रामर जयजीत दास उपरोक्त से पेपर लीक कराने के सम्बन्ध में बताकर जयजीत दास को मनोज के माध्यम से 60 लाख रूपये दिये थे।
जयजीत दास द्वारा यूकेएसएससी में जाकर पेपरों की सेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण परीक्षा के प्रश्न एक्सट्रैक्ट कर लेता था फिर उन प्रश्नों को मनोज जोशी पुत्र बालकिशन उपरोक्त के माध्यम से मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, गौरव आदि के माध्यम से परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को परीक्षा की तिथि से 1 दिन पहले रामनगर स्थित एक रिसोर्ट में मनोज के नाम से 3 कमरे बुक कराकर उक्त रिसोर्ट में उक्त लीक प्रश्नों को याद कराकर छात्रों को अगली सुबह एग्जाम सेंटर तक छोड़ दिया जाता था।
अभियुक्त जयदीप की निशानदेही पर उनके कब्जे से लगभग 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ जो उनके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था।

नाबालिग जच्चा बच्चा की मौत मामले में जांच बैठाई

रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में एक नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और कुछ ही समय में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर उसकी मां जिला अस्पताल लाई थी। जहां दोनों की मौत हो गई। हैरानी बात है कि न तो नाबालिग की मां ने अस्पताल को पूरा मामला बताया और न ही चिकित्सालय प्रशासन नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी ले सका।
जानकारी के अनुसार मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र की एक नाबालिग को पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे जिला चिकित्सालय लाई। यहां डॉक्टरों को दिखाने पर हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई। डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा। जब हीमोग्लोबिन काफी कम पाया गया तो डॉक्टर ने अन्यत्र रेफर करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि मां ने अस्पताल में ही इलाज करने को कहा, किंतु रात में जब नाबालिग को प्रसव का दर्द हुआ तो वह जिला अस्पताल के शौचालय में गई और यहां बच्चे को जन्म देकर वापस वार्ड में आ गई।
इस बीच उन्हें काफी खून बहने लगा। नाबालिग की स्थिति सुबह आने तक बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। वहीं जब सुबह सफाईकर्मी शौचालय में गए तो उन्हें यहां मृत नवजात मिला। इसके बाद अस्पताल में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि यदि नाबालिग की मां पूरी सच्चाई डॉक्टरों को बता देती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
इधर, मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जिला चिकित्सालय में तैनात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव सिंह पाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के समय एक नाबालिग लकड़ी को लेकर उसकी मां जिला चिकित्सालय पहुंची थी। जांच करने पर पता चला कि उसमें हिमोग्लोबिन की कमी है। चिकित्सक उसे आगे के लिए रेफर कर रहे थे, किंतु नाबालिग की मां ने मना कर दिया और लिखित रूप में यह कहकर दिया कि उसका उपचार यहीं किया जाए।
रात के समय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और प्रसव के बाद उपचार न मिलने के कारण नाबालिग की भी मौत हो गई। पूरी घटना में नाबालिग के परिजनों की गलती सामने आ रही है। पूरे मामले की पुलिस और अस्पताल प्रबंधन जांच कर रहा है। कोतवाली निरीक्षक जयपाल नेगी ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम करा दिया गया है।

धोखाधड़ी के आरोपी को सजा, जुर्माना नही देने पर होगी अतिरिक्त कारावास

धोखाधड़ी के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपी को एक साल की सजा और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
वादी पक्ष के अधिवक्ता अमित अग्रवाल ने बताया कि मायाकुंड क्षेत्र में दिगंबर अवस्थानंद पुरी की संपत्ति है, जिसमें एक दुकान पिछले कई सालों से विकास कुमार गोयल ने किराए पर ले रखी है। विवाद के चलते गोयल किराया कोर्ट के माध्यम से जमा करता आ रहा है। आरोप है कि वर्ष 2014 में गोयल ने संपत्ति स्वामी के फर्जी हस्ताक्षर कर किराया जमा करने की रसीद बनाकर प्रस्तुत की। जबकि दुकान की किराया धनराशि को जमा कराया नहीं। संदेह होने पर जांच करने पर हस्ताक्षर फर्जी निकले।
संपत्ति स्वामी ने धोखाधड़ी से कूट रचित दस्तावेज तैयार करने का वाद कोर्ट में दर्ज कराया। कोर्ट में विचाराधीन मामले की अंतिम सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भवदीप रावते की अदालत में हुई। दोष साबित होने पर अदालत ने आरोपी विकास कुमार गोयल को भादंसं की धारा 420 में एक साल की सजा और 5 हजार रुपवये अर्थदंड के साथ धारा 467 और धारा 468 में क्रमशरू 1-1 साल की सजा और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अधिवक्ता के मुताबिक सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड 15 हजार रुपये अदा करना होगा।

कोतवाली ऋषिकेश ने अपहरत किशोरी को अलीगढ़ से बरामद किया

कोतवाली पुलिस ने बताया 14 जुलाई को एक शिकायकर्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को विकास उर्फ गुरु पुत्र सुरेश निवासी ग्राम सोबनपुर थाना जरीफनगर जिला बदायूं, यूपी, हाल निवास सरूपा मोहल्ला गढ़ी ईस्ट ऑफ कैलाश, दक्षिण दिल्ली बहला-फुसलाकर कर अपने साथ भगा ले गया है। पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी। छानबीन में जुटी पुलिस टीम ने किशोरी के घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में दबिश दी।

पुलिस को सफलता मिली और किशोरी को अपहरणकर्ता के चुंगल से बरामद कर लिया। साथ ही आरोपी विकास को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि मामले में दुष्कर्म सहित पोक्सो की धारा भी बढ़ाई गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

ऋषिकेश पुलिस ने शांति भंग के आरोप में पांच को किया अरेस्ट


कोतवाली पुलिस ने बीती देर रात ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला हाईवे पर चंद्रभागा पुल के पास कुछ लोग आपस में झगड़ रहे लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों ओर से जमकर लात घूंसे चलने से अफरा तफरी का माहौल है। आसपास के लोगों के बीच-बचाव करने पर मारपीट करने वाले गाली गलौज कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में शांति भंग हो रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे बाज नहीं आए। इस पर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की गई।

कोतवाल रवि सैनी ने आरोपियों की पहचान रवि कुमार, प्रदीप तिवारी, विनोद, नचारी साहनी, उमेश साहनी सभी निवासी ऋषिकेश के रूप में कराई है।

उत्तराखण्ड पुलिस एप और ई.एफ.आई.आर सेवा का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित सभागार में उत्तराखण्ड पुलिस एप तथा ई-एफआईआर सेवा का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड पुलिस की 5 विभिन्न ऑनलाईन सेवा का एकीकरण कर नया पुलिस एप तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस एप के माध्यम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने इसे सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मंत्र के साथ जन सेवा के लिये किया गया बेहतर प्रयास बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्मार्ट पुलिसिंग के विचार को धरातल पर उतारने की भी यह सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री ने इस एप का व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड बनाने तथा चारधाम के साथ ही नये पर्यटन गंतव्यों को बढ़ावा देने की भी इसके माध्यम से प्रभावी व्यवस्था हो। उन्होंने आम जनता की सुविधा के लिये पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी अपनी ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से प्रयास किये जाने चाहिए। जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस एप के माध्यम से उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा आम-जनता के लिये संचालित की जा रही सभी ऑनलाईन सुविधाओं का एक साथ एकीकरण किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा संचालित ऑनलाईन एप्प-गौरा शक्ति (महिला सम्बन्धी प्रकरणों में जनपद के किसी भी अधिकारी की शिकायत), ट्रैफिक आई (किसी भी व्यक्ति द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन की जानकारी), पब्लिक आई (किसी भी सुरक्षा सम्बन्धी कानून नियम का उल्लंघन), मेरी यात्रा (उत्तराखण्ड चार धाम से सम्बन्धित जानकारी और पर्यटन संबंधी) एवं लक्ष्य नशा मुक्त उत्तराखण्ड (नशे से बचाव व उससे संबंधित जानकारी) जैसी सभी महत्वपूर्ण ऑनलाईन एप्प को एक ही एप्प उत्तराखण्ड पुलिस एप्प के नाम से प्रारम्भ कर आम जनता को सुविधा प्रदान की गयी हैं। उत्तराखण्ड पुलिस एप्प में आम-जनता को आपातकालीन नम्बर 112 व अपनी साथ हुयी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने हेतु साइबर हैल्प लाईन नम्बर 1930 को भी जोडा गया है ।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस एप के माध्यम से अब आम जन नागरिक वेब पोर्टल (नागरिक पोर्टल) या मोबाइल फोन का उपयोग कर अपने चोरी हुये वाहनों/गुमशुदा दस्तावेजों की ऑनलाइन रिपोर्ट उत्तराखण्ड राज्य के किसी भी जनपद से घर बैठे ही करा सकेंगे। वाहन चोरी/दस्तावेज गुमशुदा सम्बन्धी रिपोर्ट दिये गये विवरण के अनुसार भरनी होगी, जनता द्वारा दी गयी जानकारी तुरन्त ही सीधे ई.एफ.आई.आर. पंजीकरण हेतु प्राधिकृत साइबर थाना देहरादून को ऑनलाइन प्राप्त होगी जिस पर साइबर थाना देहरादून द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुये प्राप्त शिकायत का देखकर उस पर ई.एफ.आई.आर. की जायेगी।