घर से नाबालिग लापता, अपहरण के आरोप में युवक गिरफ्तार

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में एक नाबालिग युवती के अपहरण के आरोप में पुलिस ने कुम्हारबाड़ा के युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पोक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि बीते एक जून को स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी घर से लापता है, उन्होंने कुम्हारबाड़ा के युवक पर अपहरण का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत छानबीन में लग गई। कोतवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर नाबालिग को आरोपी के साथ बैराज स्थित आस्था पथ पर देखा गया। मौके पर पुलिस टीम जाकर नाबालिग को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया, जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोतवाल ने आरोपी की पहचान 21 वर्षीय विश्वजीत उर्फ विशू पुत्र सुभाष निवासी कुम्हारबाड़ा ऋषिकेश के रूप में कराई है।

स्टाफ नर्स किया मृतक रोगी का मोबाइल चोरी, पुरूष मित्र के साथ अरेस्ट

देहरादून के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स की करतूत ने सभी को चैका दिया। दरअसल एक मृतक रोगी का महंगा मोबाइल स्टाफ नर्स ने अपने मित्र की मदद से चोरी कर लिया। पुलिस जब पीड़ित की तहरीर पर छानबीन शुरू की तो दोनों आरोपी पकड़ में आए।

शिकायतकर्ता अमनदीप गिल पुत्र स्व. अवतार सिंह गिल निवासी 156-फेज-02, बसन्त विहार देहरादून ने बताया कि बीते 21 अप्रैल को उनके पिता का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हे मैक्स अस्पताल, देहरादून में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान उनकी आठ मई को मृत्यु हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में ही उनके पिता का महंगा मोबाइल फोन चोरी हो गया। बताया कि उक्त फोन में बहुत ही जरूरी और कान्फिडैशियल डाटा है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर छानबीन शुरू की। मालूम चला की अन्य रोगियों के साथ भी चोरी की वारदातें हुईं है। यही नहीं, कोविड महामारी के दौरान जीवन रक्षक दवायें व रेमीडिसीवर इंजेक्शन भी चोरी करके बाहर भेजे जाने की घटना का उल्लेख भी नर्सिंग स्टाफ द्वारा हुआ। पुलिस ने मोबाइल पर चल रहे दो नंबरों के आधार पर मोबाइल को प्राप्त किया।

सीओ डालनवाला जूही मनराल ने आरोपी की पहचान रूकइया पुत्री मोबिन निवासी संस्कृति लोक काँलोनी, ब्राहमणवाला, थाना पटेलनगर, देहरादून के रूप में कराई। बताया कि आरोपी स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है और उसके साथी पुरूष मित्र सलमान अहमद पुत्र खुशनुद निवासी नगीना, मोहम्मदपुर त्रिलोक, बिजनौर यूपी हाल निवासी चुक्खुवाला मोहल्ला थाना कोतवाली नगर, देहरादून के रूप में कराई।

लैब संचालक पर महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, मुकदमा दर्ज


कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रांतर्गत सीआरएल लैब में कार्यरत महिला ने लैब संचालक पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। महिला ने इस बावत कोतवाली को तहरीर भी दी है, वहीं, कोतवाली पुलिस ने तहरीर को आधार बनाकर सीआरएल लैब संचालक पर आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

महिला ने तहरीर में बताया कि सीआरएल लैब के संचालक आशीष कुमार से वह जाॅब के संदर्भ में मिली थी। इस पर 14 मई को मुझे सीआरएल लैब में ज्वाइनिंग मिल गई। मगर, 18 मई को संचालक आशीष की ओर से मुझे कमर से पकड़कर अपनी ओर खींचा गया और गलत हरकत की गई। जब उन्होंने उसका विरोध किया तो आशीष कुमार की ओर से उन्हें धमकी दी गई। इस कारण वह मानसिक रूप से अस्वस्थ्य चल रही है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर आरोपी व सीआरएल लैब संचालक आशीष कुमार पर आईपीसी की धारा 354(क) (1) 506 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ऋषिकेश पुलिस ने दवाओं की कालाबाजारी करने व आरटीपीसीआर टेस्ट में ज्यादा पैसे लेने पर लैब संचालक को पकड़ा


ऋषिकेश में एक ओर जहां पुलिस कर्मी अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की मदद कर रहे है, निशुल्क घर जाकर आक्सीजन उपलब्ध करवा रहे है, यही नहीं कुछ संस्थाएं भी लोगों की मदद कर रही हैं। वहीं, ऐसे लोग भी बेनकाब हो रहे है, जो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जीवन रक्षक दवाओ, उपकरणों की ओवर रेटिंग व कालाबाजारी कर, आटीपीसीआर टैस्ट के एवज में ओवर रेटिंग कर रहे है। ऐसा ही एक वाक्या सामने आने पर पुलिस ने एक लैब संचालक को हरिद्वार रोड स्थित लैब से गिरफ्तार किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान एसएसपी देहरादून की ओर से ऐसे व्यक्तियो पर सर्तक दृष्टि रखने को कहा गया है, जो कालाबाजारी और ओवर रेटिंग कर रहे हैं। इसी क्रम में विगत 10 दिनो से ऋषिकेश क्षेत्र में ओवर रेटिंग व कालाबाजारी करने वाले व्यक्तियो के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही थी।

बताया कि बीते रोज कोतवाली ऋषिकेश पुलिस व एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर के संचालक द्वारा लोगो से आरटीपीसीआर टैस्ट के एंवज में 1200 से 1500 रूपये लेकर ओवर रेटिंग की जा रही है, जबकि शासन द्वारा आरटीपीसीआर टैस्ट का शुल्क 700 रुपये निर्धारित किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम को सादे वस्त्रो में आरटीपीसीआर टैस्ट कराने हेतु उक्त अलग-अलग लैबो में भेजा गया। उक्त कर्मचारियो से भी पैथोलोजी लैब संचालको द्वारा आरटीपीसीआर टैस्ट के एवज में 1200 रुपये शुल्क लिया गया, जिसका भुगतान उक्त कर्मचारियों द्वारा गूगल पे से किया गया।

इसके बाद पुलिस ने आपदा प्रबन्धन अधिनियम व धारा 3 महामारी अधिनियम अधिनियम के तहत आरोपी व लैब संचालक (संचालक पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर) डॉ. नवीन गोयल पुत्र पुरुषोत्तम दास निवासी अयोध्या गंज, दादरी, थाना दादरी जिला गौतम बुद्ध नगर, उ0प्र0 हाल किरायेदार म0न0 453 गली नंबर 06 हनुमंत पुरम गंगा नगर, ऋषिकेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक 01 रजिस्टर, 01 स्वैप मशीन, 02 मोबाइल फोन, गूगल पे क्यू0आर0 कोड स्लिप, 78400 रुपये नगद बरामद किए है।

वहीं पुलिस टीम में उप निरीक्षक ओमकान्त भूषण, नवनीत सिंह नेगी, कांस्टेबल सोनी कुमार, गौरव पाठक, सचिन कुमार, अनित शामिल रहे।

कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग में ट्यूशन पढ़ा रहा टीचर अरेस्ट

तीर्थनगरी में कोविड कर्फ्यू के दौरान एक कोचिंग संस्थान में टीचर को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना भारी पड़ गया। कोतवाली पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक बुधवार को कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग पर थे। इसी बीच श्यामपुर क्षेत्र में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट खुला मिला। इसमें 25 से 30 छात्र मौजूद थे। पुलिस ने कोचिंग संस्थान के टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आशीष कुमार पुत्र स्व. राम लखन निवासी बंदरामऊ, राही थाना मिल एरिया, जिला बरेली, यूपी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

अनावश्यक घूमने वालों पर पुलिस का शिकंजा, कोतवाली ले जाकर दी चेतावनी

ऋषिकेश में अभी तक कोतवाली पुलिस की ओर से सड़कों पर बेवजह घूमने वालों पर चालान की कार्रवाई की जा रही थी। इसके बावजूद यहां के युवा बाज नहीं आ रहे है। वह आसानी से चालान भरकर अगले दिन पुनः सड़कों पर दिखाई दे रहे है। इसके लिए पुलिस ने भी नया तरीका निकाला है।

कोतवाल रितेश शाह की मौजूदगी में सड़कों पर बेवजह घूमने वाले युवाओं को गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया। यहां सभी को कड़ी चेतावनी दी और परिजनों को मौके पर बुलाया। इसके बाद कोविड कर्फ्यू का कढ़ाई से पालन करने की बात कहकर जाने दिया गया। कोतवाल ने बताया कि आज ऐसे 14 लड़कों को पकड़ कर कोतवाली लाया गया।

बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर सख्ती से चेकिंग की जा रही है। नियमों का पालन करवाया जा रहा है।

अल्मोड़ा पहुंचे सीएम, कोविड कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जनपद अल्मोड़ा के मुख्यालय पहुॅचे। जहॉ उन्होंने बेस चिकित्सालय-मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। उन्होंने बेस चिकित्सालय में चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम चिकित्सालय में कोरोना मरीजों की जानकारी के लिए स्थापित हैल्प डैस्क का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने चिकित्सालय में डिजीटल डिस्प्ले सिस्टम जिसके माध्यम से लोग प्रतिदिन बेस में हो रहे आरटीपीसीआर सैम्पल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, का भी निरीक्षण किया।
वहीं कोविड कन्ट्रोल रूम का भी उन्होंने निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सीएनडीएस द्वारा बनाये जा रहे 12 बैड के आईसीयू कक्षों का निरीक्षण भी किया। प्राचार्य मेडिकल कालेज द्वारा इसके बारे में जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने आईसीयू कक्ष को जल्द से जल्द संचालित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोविड वार्ड व उसमें भर्ती मरीजों की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की और कहा कि मरीजों के ईलाज में किसी भी प्रकार की कमी न होने दी जाय और उन्हें बेहतर ईलाज मुहैया कराया जाय। इस दौरान एचएलएल संस्था द्वारा बेस में निर्माणाधीन आक्सीजन जनरेशन प्लान्ट का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को 25 मई तक प्लान्ट निर्माण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एचएलएल के उच्चाधिकारियों से उनके द्वारा वार्ता कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के अवशेष निर्माण कार्य किन्ही कारणों से रूके थे जो अब प्रारम्भ हो चुके है और उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी आडे़ नहीं आने दी जायेगी। अल्मोड़ा को एक दो दिन में 35 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेजों में अन्तिम वर्ष के छात्रों व पूर्व सैनिकों की सेवायें लेकर कोविड में मैनपावर की कमी को दूर किया जायेगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा राजकीय होटल मैनेजमेंट में चल रहे वैक्सीनेशन सेन्टर का निरीक्षण भी किया उन्होंने टीका लगा रहे लोगों से जानकारी प्राप्त की और कहा कि हमें अधिक से अधिक लोगां का टीकाकरण करते हुए इस महामारी को रोकने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि आज से प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों के लिए मुफ्त टीकाकरण प्रारम्भ किया गया है जिसमें 400 करोड़ से अधिक धनराशि का व्यय होगी जिसका वहन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के साथ खड़ी है सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के हर सम्भव प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 में मीडिया कर्मियों द्वारा बेहतर कार्य किया गया है इस दौरान मीडिया के महत्व को देखते हुए उन्हें फ्रर्न्ट लाईन वर्कर के रूप में प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए बेहतर प्रबन्ध करने, दवाईयों व आवश्यक उपकरणों की कालाबाजारी करने वाले पर सख्ती और जनपद की सीमाओं में कड़ी निगरानी रखते हुए प्रत्येक आने वाले व्यक्ति की गहन जॉच करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है, आशा सर्विलांस बढ़ाया जाय। पॉजिटिव आ रहे लोगां को होम आईसोलेशन किट तत्काल उपलब्ध कराये और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाय कि हल्के लक्षण होने पर भी अपनी जॉच अवश्य करायें व डाक्टर का परामर्श अवश्य लें।

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जनपद में करोना संक्रमण की रोकथाम एवं आवश्यक तैयारियों की पॉवर पाइंट प्रजेंटशन के माध्यम से मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस दौरान प्राचार्य मेडिकल कालेज आर.जी. नौटियाल ने भी मेडिकल कालेज के कार्यों की प्रगति व समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया जिस पर उन्होंने शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान मा0 विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, सांसद अजय टम्टा, विधायक महेश नेगी, विधायक महेश जीना ने कई समस्यायें सम्बन्धित क्षेत्र से मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी जिस पर उन्होंने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या, सांसद नैनीताल अजय भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता हंयाकी, एसीएमओ डॉ. योगेश पुरोहित, डॉ. दीपांकर डेनियल, उपजिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा, मोनिका, तहसीलदार संजय कुमार, पीएमएस एचसी गढ़कोटी, अनिल आर्या, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सिंह पिलख्वाल, रमेश बहुगुणा, कैलाश गुरूरानी, पुलिस उपाधीक्षक वीर सिंह, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी आदि उपस्थित थे।

आक्सीमीटर को ऊंचे दाम में बेच रहा था फिजियोथैरेपिस्ट, गिरफ्तार

ऋषिकेश पुलिस ने आक्सीमीटर, आक्सीजन फ्लोमीटर की कालाबाजारी कर महंगे दामों में बेचने वाले फिजियोथैरेपिस्ट को अरेस्ट किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सोशल मीडिया एवं मुख्बिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति दिल्ली से चोरी-छिपे मेडिकल उपकरण सस्ते दामों में लाकर, अपने होंडा अमेज गाड़ी में रखकर पीड़ित एवं गरीब व्यक्तियों को दोगुने तिगुने दामों में बेचकर महामारी का फायदा उठा रहा है और 6500 रूपये ले रहा है। जिसे आज अरेस्ट कर लिया गया है।
कोतवाल ने आरोपी की पहचान मुकेश कुमार पुत्र राजेंद्र यादव निवासी आवास विकास कॉलोनी आईडीपीएल ऋषिकेश के रूप में कराई है। बताया कि आरोपी से पांच ऑक्सीमीटर, 10 ऑक्सीजन फ्लोमीटर, छह हजार रूपए नगद, एक वाहन को सीज किया है।

एक साल से ऋषिकेश में कर रहा मेडिकल व्यापार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 1993 से 1996 तक बिहार से फिजियोथैरेपिस्ट की है, तथा में कई वर्षों से मेडिकल से संबंधित सामान की बिक्री करता आ रहा हूं। पिछले 1 साल से ऋषिकेश में रहकर मेडिकल से संबंधित सामान का व्यापार कर रहा हूं। वर्तमान समय में कोविड-19 के चलते बाजारों में ऑक्सीजन फ्लोमीटर की बहुत ही ज्यादा कमी हो गई है। जिस कारण में जरूरतमंद लोगों को काफी ऊंचे दामों में बेचकर उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहा हूं। मैंने उक्त सामान दिल्ली से चोरी-छिपे किसी के माध्यम से मंगवाया था। जिनमें से मैंने काफी सामान ऋषिकेश में जरूरतमंद लोगों को बेच दिया है, एवं कुछ सामान मेरे घर में रखा हुआ है।

वहीं, पुलिस टीम में कोतवाल रितेश शाह, एसएसआई ओमकातं भूषण, कांस्टेबल नवनीत नेगी, सोनी कुमार, अनित कुमार, सचिन कुमार, कमल जोशी, प्रवीण सिंधु आदि शामिल रहे।

सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करने पर अनुज्ञापी सहित चार पर मुकदमा

थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में कोरोना नियमों की अवहेलना करने पर कोतवाल कमल सिंह भंडारी के नेतृत्व में पुलिस ने ठेका संचालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कोतवाल कमल सिंह भंडारी ने बताया कि शासन की तरफ से कोविङ संक्रमण को नियंत्रित करने के लिये हर सम्भव प्रयास कर रहा है और आये दिन लोग इस संक्रमण के कारण अपनो को लगातार खो रहे हैं, वहीं कुछ लोगों द्वारा अभी भी इसको गम्भीरता से न लेते हुये शासन द्वारा जारी कोविङ दिशा-निर्देशों को अनदेखा कर स्वयं के लिये भी और अन्य लोगों के लिये भी खतरे का कारण बनते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस एक्शन ले रही है। इसी क्रम में शिवपुरी स्थित शराब के ठेका संचालक सहित चार लोगों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने, संक्रमण को फैलाने तथा सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोतवाल ने आरोपियों की पहचान केवल सिंह पुत्र मूर्ति सिंह निवासी ग्राम मठियाली पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल, विक्रम सिंह पुत्र सुन्दर सिंह निवासी, ग्राम मठियाली, पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल, गजेन्द्र सिंह पुत्र जोत सिंह निवासी ग्राम तिमली, पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल औीर अजय बेलवाल के रूप में कराई है।

कोविड कर्फ्यू में बिना वजह घूम रहे 27 वाहन सीज

ऋषिकेश में कोविड कर्फ्यू का पालन करवाते हुए दोपहर दो बजे अनावश्यक घूमने वाले 27 वाहन को पुलिस ने सीज किया है।

कोतवाल रितेश शाह के मुताबिक, दोपहर दो बजे अनावश्यक रूप से घूमने वाली 27 गाड़ी, स्कूटी, मोटरसाइकिल चालकों के वाहनों को सीज किया गया है।