ऋषिकेश पुलिस ने पार्षद शौकत अली पर दर्ज किया मारपीट का मुकदमा


ऋषिकेश में भाजपा के टिकट से पार्षद बने शौकत अली पर गर्भवती महिला सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट का आरोप लगा है, पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पार्षद सहित अन्य चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

बैराज कॉलोनी, पशुलोक निवासी बबीता सैनी पत्नी स्व. राजकुमार सैनी ने ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि वह अपने बच्चों के साथ घर पर बैठी थी। उनका भाई रोते हुए आया, पूछने बताया कि परवेश नामक युवक ने उसके साथ शराब के नशे में होकर मारपीट की है। महिला ने आरोप लगाया कि इसी बीच परेवश अपनी मां, गोलू, पार्षद शौकत अली, साजिया सहित अन्य लोग घर में आ धमके। सभी ने डंडों व ईंट से मारपीट की। जिसमें उनकी बेटी व उसकी मासूम बच्ची को पीटा गया। यही नहीं पार्षद ने अपने साथियों के साथ गर्भवती महिला को भी बुरी तरह से पीटा।

वहीं, पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है।

टिहरी जिले के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में शातिर चोर बाइक के साथ पकड़ा गया

मुनिकीरेती थाना प्रभारी कमल सिंह भंडारी ने बताया कि बीती 30 जून को गोपाल अग्रवाल, निवासी गंगा स्थल, मुनिकीरेती ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी बाइक कैलास गेट स्थित मद्रास कैफे के आगे खड़ी कर रखी थी। कुछ समय बाद वापस आकर देखा तो बाइक गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बाइक समेत शातिर चोर को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। कैलास गेट चैकी प्रभारी अमित कुमार ने हत्थे चढ़े आरोपी की पहचान रोहित निश्चल पुत्र स्व. चंद्रभान निश्चल, निवासी मूल न्यू नंदपुरी कंकरखेड़ा, मेरठ, यूपी हाल निवासी रुड़की के रूप में कराई है।

चोरी के सामान खरीदने और बेचने के आरोप में रेलवे पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार


आरपीएफ पुलिस ने योगनगरी रेलवे स्टेशन से महंगे टोंटी व पुश काॅक सहित अन्य वस्तुओं की चोरी करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि चोरी का सामान खरीदने के आरोप में एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ ने चोरी का सामान भी बरामद किया है। चोरी के आरोप में गिरफ्तार दोनों युवक नशे के आदी है।

आरपीएफ के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि कई दिनों से योगनगरी स्टेशन से टोंटी चोरी की घटनाएं घट रही थी। ये दोनों रेलवे स्टेशन पर खड़ी गाड़ियों के अंदर एमरजेंसी गेट से प्रवेश कर फिर अंदर से दूसरे दरवाजे खोल कर घुसते थे और फिर वहां पर महँगी टोंटियों को निकाल लेते थे। साथ ही पुश कॉक बटन भी चोरी कर लेते थे। बताया कि आरपीएफ टीम पिछले कई दिनों से लगातार चोरी की शिकायतें आने के बाद सतर्क थी।

उन्होंने बताया कि चोरी के आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया है। आरोपियों की पहचान दुर्गेश कुमार पुत्र बृजेश कुमार निवासी सदानंद मार्ग ऋषिकेश और अंकित पुत्र रमेश निवासी नई जाटव बस्ती आशुतोष नगर ऋषिकेश के रूप में कराई। वहीं, चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी की पहचान फैजान पुत्र जमील अहमद निवासी परशुराम चैक शांति नगर ऋषिकेश के रूप में कराई है।

तीर्थनगरी के आरएसएस व पीएम के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर कांग्रेस नेता पर मुकदमा

ऋषिकेश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और प्रधानमंत्री पर सोशल मीडिया में अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप में कांग्रेस नेता के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई। देहरादून निवासी युवक की तहरीर पर पुलिस ने कांग्रेस नेता दीपक जाटव पर आईटी ऐक्ट सहित दो अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, कांग्रेस नेता दीपक जाटव ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से परिपूर्ण है, उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उन पर यह आरोप लगाए गए है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि देहरादून निवासी दीपक सोनकर पुत्र नंद किशोर ने कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें बताया गया है कि शिकायतकर्ता आरएसएस कार्यकर्ता है। आरोप लगाया है कि शांति नगर निवासी दीपक जाटव लगातार सोशल मीडिया पर आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे है। बताया कि पीएम व आरएसएस की छवि धूमिल हो रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्र भाषा से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है।

दीपक सोनकर ने तहरीर में दीपक जाटव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी पर 67 आईटी ऐक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही हैं।

सांसी गैंग के तीन आरोपियों को ऋषिकेश पुलिस ने किया अरेस्ट, चोरी का है मामला

कोतवाली पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में गहने चोरी होने के आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस ने आरोपियों को हरियाणा के सांसी गैंग से जुड़ा बताया। वहीं, मामले में गहने और डेढ़ लाख रूपये की नगदी बरामद की है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार, ढालवाला निवासी ऋतुराज कुड़ियाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 18 जून को आईएसबीटी ऋषिकेश में चोरों ने उनकी पत्नी के बैग से ज्वेलरी चुरा ली। वहीं सोहन सिंह नेगी पुत्र मोहन सिंह नेगी निवासी गढ़वाली मोहल्ला, बालावाला और राजेंद्र सिंह रमोला पुत्र उदय सिंह रमोला निवासी टिहरी विस्थापित कॉलोनी, हरिद्वार ने भी ज्वेलरी चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। तीनों मामलों में केस दर्ज कर पुलिस टीमों ने तहकीकात शुरू की थी। खुलासे के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस दौरान रविवार की शाम को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उपरोक्त चोरी की घटनाओं में शामिल रहे तीन लोगों को ऋषिकेश आईएसबीटी से गिरफ्तार किया।

इनकी पहचान संजय कुमार पुत्र मंथीराम, विनोद कुमार पुत्र सतवीर सिंह दोनों निवासी करतारपुर थाना सिटी रोहतक और सत्यवान पुत्र चंदू निवासी ग्राम पेटवाण थाना नारनौल जिला हिसार, हरियाणा के रूप में हुई है। दो आरोपी सोनू और मुकेश अभी फरार चल रहे हैं।

चौकी इंचार्ज पर महिला से दुव्र्यहार का मामला, डीजीपी ने किया सस्पेंड


ऋषिकेश में आईएसबीटी चौकी इंचार्ज को अपनी पूर्व मकान मालकिन से दुव्र्यहार करने पर सस्पेंड किया गया है। मामले को लेकर पीड़ित महिला डीजीपी अशोक कुमार से मिली थी।

बीते 21 जून को पीड़ित महिला ने आईएसबीटी चौकी इंचार्ज विनय शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीजीपी अशोक कुमार के समक्ष अपनी बात रखी। बताया कि दारोगा विनय शर्मा ने शराब के नशे में चूर होकर उनके साथ दुव्र्यहार किया। मामले को गंभीर पाते हुए डीजीपी ने ऋषिकेश कोतवाल को आदेश जारी करते हुए दारोगा विनय शर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया। साथ ही मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश को सौंपी है।

पीटीसी नरेंद्र नगर से 17 पुलिस उपाधीक्षकों ने पास किया प्रशिक्षण, उत्तराखंड पुलिस में हुए शामिल

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पीटीसी नरेन्द्र नगर में पुलिस उपाधीक्षक आधारभूत प्रशिक्षण दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणरत पुलिस उपाधीक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री द्वारा जिन पुलिस उपाधीक्षकों को सम्मानित किया गया उनमें रीना राठोर, नताशा सिंह, अभिनय चैधरी, स्वप्निल मुयाल, सुमित पाण्डे शामिल हुए। इस बार 17 पुलिस उपाधीक्षकों ने पीटीसी नरेन्द्र नगर से अपना प्रशिक्षण पूरा किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पी.टी.सी में आडिटोरियम का निर्माण किया जायेगा। साइबर क्राइम को रोकने हेतु कोर्सेज शुरू किये जायेंगे। पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण भत्ता दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रशिक्षण के उपरांत पास आउट होने वाले सभी पुलिस उपाधीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी विशेष उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दी जाने वाली शिक्षा ही प्रशिक्षण है। प्रशिक्षण कोई एक दिन में पूर्ण होने वाला वन टाइम टास्क नहीं है, अपितु उसके अनुरूप खुद को बदलना पड़ता है। प्रशिक्षण ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम अपने पेशेवर कार्यों को तेजी व दक्षता से करने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि पी.टी.सी प्रशिक्षुओं को कानूनों की जानकारी के अलावा शस्त्र संचालन आदि अनेक प्रकार के जरूरी कौशल का प्रशिक्षण भी दिया गया होगा, परंतु क्षमताओं का वास्तविक आकलन तो तभी होगा जब हम अपने सीखे हुए ज्ञान एवं कौशल को अपने व्यवहारिक जीवन सही व सहज तरीके से प्रयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की कई विविधताएं हैं, कठिन भौगोलिक परिस्थिति एक सबसे बड़ी चुनौती है जहां – बाढ़, बादल फटना, भू-स्खलन, भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं के अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं का यदा-कदा सामना करना पड़ता है, ऐसे में हमारी राज्य पुलिस की भूमिका अन्य राज्यों की तुलना में और भी चुनौतीपूर्ण होजाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्यटक एवं धार्मिक स्थल बहुल राज्य है, यहां बाहर से प्रतिवर्ष उसकी कुल आबादी दोगुने से भी अधिक पर्यटक एवं श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन उद्योग राज्य की आय का प्रमुख स्रोत भी है, ऐसे में राज्य पुलिस की भूमिका अत्यन्त ही महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस को न केवल पर्यटकों के आवागमन को सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभानी है, अपितु पर्यटकों को सुरक्षित भी महसूस करवाना होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में साईबर एवं डिजिटल तकनीकी के माध्यम से होने वाले आर्थिक अपराधों, साईबर अपराधों एवं सामाजिक अपराधों से निपटना पुलिस के लिए प्रमुख चुनौती है। इसको भी ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराधों से निपटने की भी जानकारी उन्हें दी गई होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पुलिस अन्य अपराधों के अलावा साइबर और संगठित अपराधों पर रोक लगाकर राज्य में चैतरफा सुरक्षा का माहौल तैयार करेंगे। कोरोना संकट के इस दौर में उत्तराखण्ड पुलिस ने कई नई-नई चुनौतियों का सामना किया है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस के सामने अनैक चुनौतियां हैं। पुलिस को नई-नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह कठिन प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस में जन सेवक के गुण होने बहुत जरूरी हैं। हमारा मकसद पीड़ित केन्द्रित होना चाहिए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि समाज के ऐसे लोगों को न्याय दिलाया जाए जो सुविधाओं से वंचित हैं। पुलिस के पास यूनिफार्म के साथ ही कानूनी अधिकार भी है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, अपर पुलिस महानिदेशक, डॉ. पीवीके प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण पूरन सिंह रावत, निदेशक पी०टी०सी० राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी टिहरी तृप्ति भट्ट आदि उपस्थित थे।

कोतवाली ऋषिकेश ने चोरी हुआ डंपर दिल्ली से बरामद किया


कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने बीते रोज आईडीपीएल से चोरी हुए डंपर को 12 घंटे के भीतर दिल्ली से बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि शिकायतकर्ता निलेश गौतम पुत्र गोपाल शरण गौतम निवासी डी-8 अग्रसेन नगर ऋषिकेश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों और मुखबिर तंत्रों को सक्रिय किया गया था। इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिस की टीम तैनात की गई थी।

कोतवाल ने बताया कि सीसीटीवी की सहायता से डपंर का पीछा किया गया। आज सतबीरी न्यू दिल्ली के पास से चोरी हुए डंपर को सकुशल बरामद किया गया। उन्होंने आरोपी की पहचान इरफान पुत्र युसूफ निवासी ग्राम आखेड़ा थाना व तहसील नुहू जिला मेवात हरियाणा के रूप में कराई।

कोतवाली ऋषिकेश में डंपर हुआ चोरी, पुलिस ने गठित की टीम

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र के आईडीपीएल क्षेत्र में एक पार्क किया हुआ डंपर चोरी हो गया। वाहन स्वामी की तहरीर पर पुलिस ने डंपर की बरामदगी के लिए टीम का गठन किया है।

डी-8 अग्रसेन नगर ऋषिकेश निवासी निलेश गौतम पुत्र गोपाल शरण गौतम ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि बीते रोज आईडीपीएल सिटी गेट के पास उनका डपंर पार्क किया गया। मगर, आज सुबह वहां पर नहीं मिला। बताया कि शिकायतकर्ता का ड्राइवर बिजनौर छुट्टी पर गया है और डंपर की चांबी उसी के पास है। बताया कि आसपास काफी खोजबीन करने पर डंपर का कोई पता नहीं चल सका है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ 379 आईपीसी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही डंपर की शत-प्रतिशत बरामदगी में पुलिस टीम गठित की है, जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होगा।

मानव कंकाल मिलने से श्यामपुर में सनसनी, पुलिस तहकीकात में जुटी

कोतवाली ऋषिकेश की अंतर्गत श्यामपुर क्षेत्र में खंडहर में तब्दील एक मकान के अंदर से नर कंकाल मिला है। यह कंकाल पुरूष का है या महिला का। यह कह पाना अभी पुलिस के लिए भी मुश्किल है, पुलिस के मुताबिक कंकाल बक्से के अंदर मिला है, पुलिस की प्राथमिकता में कंकाल की शिनाख्त करना है। वहीं, देहरादून से पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। कंकाल कितना पुराना है, यह फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा। कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार यह मकान बिल्डर गंगाराम आडवाणी का है। उधर, एसएसपी डा. योगेन्द्र रावत ने इस मामले में एसओजी देहात एवं थाना स्तर पर टीम का गठन कर लिया है।

पवन कुमार नरवानी पुत्र दीवान चंद नरवानी ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि उनकी श्यामपुर बाईपास भट्टोवाला रोड पर मोबाइल की दुकान व रेस्टारेंट है। इसी के पीछे कई खाली कमरे है। बताया कि उनके यहां कार्यरत दो युवक को कमरों के अंदर से दुर्गंध आई। वहां जाकर देखा तो बक्सा पड़ा हुआ था। बक्से को खोलकर देखने पर उसके अंदर नर कंकाल मिला। इसके बाद वह घबरा गए। पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को जानकारी दी। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाएं।

पुलिस की प्राथमिकता शिनाख्त
कोतवाल शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता शव की शिनाख्त है, अभी यह कहा नहीं जा सकता है कि यह कंकाल पुरूष का है अथवा महिला का। बताया कि यह जानना सर्वप्रथम आवश्यक है। इसके बाद अन्य जानकारी जैसे यह कंकाल यहां तक कैसे पहुंचा और हत्या का एंगल भी देखा जाएगा। आसपास के सीसीटीवी रिकाॅर्ड भी खंगाले जाएंगे।

खंडहर में तब्दील व्यापारी का मकान
कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार, व्यापारी गंगाराम अडवाणी का यह पुराना मकान है, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। पांच साल पूर्व तक उनका यहां निवास था। कुछ माह पूर्व तक यहां मजदूर रहा करते थे। मगर, वर्तमान में यह पूरी तरह से बंद था।