उत्तराखंड की आईडी पर ई-पास बनाकर केदारनाथ सवारी ले जा रहा था दिल्ली युवक, पुलिस ने पकड़ा

मुनिकीरेती पुलिस ने उत्तराखंड की आईडी पर ई पास लेकर दिल्ली के यात्रियों को केदारनाथ लेकर जा रहे एक चालक को पकड़ लिया पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मुनीकीरेती थाना प्रभारी रामकिशोर सकलानी ने बताया कि तपोवन बैरियर पर चेकिंग के दौरान एक दिल्ली नंबर डीएल6सीआर- 1401 की कार दिखाई दी। कार को रोककर चालक से पूछताछ की तो उसने केदारनाथ जाना बताया इस संबंध में चालक ने ई-पास भी दिखाया। ई-पास की जांच करने पर मालूम हुआ कि उक्त चालक ने हरिद्वार के ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड से ईपास बनाया हुआ है, इसके अलावा चालक दिल्ली के तीन व्यक्तियों को बिना कोरोना टेस्ट और सूचना के कैलाश गेट से केदारनाथ लेकर जा रहा था। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी चालक सेन पाल पुत्र वीरसेन निवासी रविदास गली विश्वास नगर दिल्ली के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया कि सभी यात्रियों की आईडी की बैरियर पर सघन चेकिंग की जा रही है।

सीबीएसई 12वीं में अनुत्तीर्ण होने पर किया सुसाइड

12वीं के परिणाम में अनुत्तीर्ण होने पर रानीपोखरी थानाक्षेत्र के एक किशोर से सुसाइड कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जौलीग्रांट अस्पताल भेजा है।

बता दें कि भट्टनगरी रानीपोखरी निवासी प्रताप सिंह भंडारी के 18 वर्षीय पुत्र अमर भंडारी का सोमवार दोपहर 12वीं कक्षा का परिणाम आया। परिणाम में अनुत्तीर्ण होने के बाद से ही किशोर डिप्रेशन में चल रहा था। वह पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकला। मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि उक्त किशोर कमरे के पंखे से लटक गया है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और इमरजेंसी सेवा 108 को सूचित किया। इसके बाद किशोर को जौलीग्रांट अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, थाना रानीपोखरी में तैनात सब इंस्पेक्टर वीरेन्द्र ने बताया कि किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक किशोर का बीते रोज परीक्षा परिणाम आया था। इसमें वह फेल हो गया था। प्रथम दृष्टया यही लग रहा है कि परीक्षा परिणाम से संतुष्ट न होने पर किशोर से आत्महत्या जैसा कदम उठाया हो। बताया कि घटना के वक्त किशोर के पिता घर पर नहीं थे। वह अपने कार्यस्थल हरिद्वार में थे।

मंगेतर के सामने गंगा में बहा युवक

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत एक युवक को गंगा में अटखेलियां करना महंगा पड़ गया। युवक गंगा की तेज धारा में बह गया। पुलिस ने गंगा में रेस्क्यू अभियान भी चलाया। मगर, युवक का कुछ पता न चल सका।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि चंद्रेश्वर नगर गली नंबर 19 निवासी 23 वर्षीय शुभम पुत्र धर्मपाल अपनी मंगेतर व पांच अन्य साथियों के साथ 72 सीघ्ढ़ी के समीप गंगा घाट पहुंचा। दोपहर दो बजे करीब वह गंगा में अपने अन्य साथियों के साथ अटखेलियां करने लगा। तभी अचानक गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर वह बह गया। कोतवाल ने बताया कि युवक बस अड्डा चौक पर एक कंपनी में अकाउंट का काम करता था। बताया कि रेस्क्यू अभियान चलाया गया। मगर, उसका कुछ पता न चल सका। बुधवार को पुनः गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।

कमिश्नर के आदेश पर व्यापारी नेता के कांपलेक्स की तीसरी मंजिल सील

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश में रेलवे रोड पर बहुमंजिला भवन के तृतीय तल को सील किया है। एमडीडीए की कार्रवाई से नगर के अन्य बिल्डरों में भी खलबली मची रही।
बुधवार को एमडीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में टीम रेलवे रोड पहुंची। यहां पर निर्माणाधीन बिल्डिंग की सीलिंग के आदेश पूर्व में ही जारी हुए थे। इस पर अमल करते हुए एमडीडीए टीम ने रेलवे रोड स्थित ललित मोहन मिश्रा की निर्माणाधीन बिल्डिंग के तृतीय तल को सील किया। एई सुधीर गुप्ता ने बताया कि बीती तीन जुलाई को भी सील की कार्रवाई को टीम पहुंची थी। मगर, ललित मोहन मिश्रा की ओर से उक्त मामले में कमिश्नर से स्टे होना बताया था। इसके चलते टीम वापस लौट गई थी। बताया कि मंगलवार की शाम को कमिश्नर की ओर से उन्हें पत्र मिला। ‌इस पत्र में बिल्डिंग के दो तल का नक्शा पास होना बताया गया है, जबकि तृतीय तल का नक्शा नहीं होना बताया गया था। इसके चलते टीम ने बुधवार को मौके पर जाकर तृतीय तल को सील कर दिया है। इस मौके पर नायब तहसीलदार विजय पाल सिंह चौहान, प्राधिकरण की टीम में जूनियर इंजीनियर पीपी सिंह, सुपरवाइजर महावीर, धर्म सिंह आदि उपस्थित रहे।

डीजीपी ने यूपी से लगती सीमाओं में सख्ती बरतने के दिए निर्देश

(एनएन सर्विस)
यूपी कानपुर के कुख्यात विकास दुबे और उसके गिरोह के उत्तराखंड पहुंचने की आशंका से हड़ंकप मचा हुआ है। राज्य की पुलिस ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है। इसके तहत उत्तर प्रदेश से सटी सीमाओं पर पुलिस टीम को सघन चेकिंग करने के निर्देश जारी किये गये है। सूत्रों ने बताया कि आला अधिकारी उत्तर प्रदेश की पुलिस से विकास और उसके गिरोह के सदस्यों के मूवमेंट पर पल-पल का इनपुट ले रहे हैं। इसके साथ ही डीजीपी अनिल के रतूड़ी ने एडीजी इंटेलीजेंस को भी स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिये है।
बता दें कि कानपुर में दबिश के दौरान डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद उत्तराखंड पुलिस ने भी ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए गंभीरता से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, सोमवार को डीजीपी अनिल के रतूड़ी और पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने एडीजी इंटेलीजेंस पी. विनय कुमार के साथ उत्तर प्रदेश के इस प्रकरण पर चर्चा की।
डीजीपी अनिल के रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश में भी शातिर अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए। दबिश के लिए जाने वाली टीम इसके लिए अच्छी तरह प्रशिक्षित हो। साथ ही जिस व्यक्ति को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है, उसकी पूरा विवरण और मूवमेंट की जानकारी हो। पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि कानपुर घटना के बाद उत्तर प्रदेश से लगती राज्य की सीमाओं पर चैकसी बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर से जितने भी वाहन और लोग आ रहे हैं, उनकी सघन चेकिंग की जा रही है।

दो अधीक्षण अभियंताओं पर नेपाल सीमा में सड़क निर्माण पर लापरवाही का आरोप, निलंबित

(एनएन सर्विस)
शासन ने अंतरराष्ट्रीय और सामरिक महत्व के टनकपुर-जौलजीवी मोटर मार्ग के निर्माण में लापरवाही पर दो अधीक्षण अभियंताओं को निलंबित किया है। अधीक्षण अभियंता मयन पाल सिंह वर्मा व प्रभारी अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह पर आरोप है कि दोनों ने मार्ग की निविदा प्रक्रिया संपन्न न कर प्रक्रिया को टालने का प्रयास किया।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों के आवागमन और भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए टनकपुर-जौलजीवी मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इस मार्ग के 30 किमी से 55 किमी का निर्माण ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को आवंटित गया। ठेकेदार पर अनुबंध के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के शिकायत की जांच के बाद यह कार्य अगस्त 2017 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद इसके लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए। इस पर ठेकेदार कोर्ट और फिर ट्रिब्यूनल में गया। आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने मामले में यथास्थिति रखने के निर्देश दिए, जिसे विभाग ने कमर्शियल कोर्ट में चुनौती दी।
जुलाई 2019 में ट्रिब्यूनल के यथास्थिति रखने के आदेश को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद पिथौरागढ़ में तैनात तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मयन पाल ने अपने स्तर से 12 दिसंबर 2019 को निविदाएं आमंत्रित की। अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए 24 दिसंबर 2019 को निविदाएं फिर से स्थगित कर दी गई। मुख्य अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़ के निर्देशानुसार चार जनवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता पिथौरागढ़ तृतीय वृत्त को फिर से निविदाएं आमंत्रित करने को पत्र भेजा गया। बावजूद इसके उन्होंने 12 जनवरी 2020 तक अपने कार्यकाल के दौरान इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। 13 जनवरी को यहां मनोहर सिंह को प्रभारी अधीक्षण अभियंता के रूप में भेजा गया। एक माह बाद, यानी 12 फरवरी 2020 को उन्होंने 12 दिसंबर 2019 को आमंत्रित निविदा में शुद्धिपत्र लगाया। इसमें निविदा आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 19 मार्च रखी गई।

यह भी पढ़े …
विकास दुबे के मूवमेंट पर उत्तराखंड की पुलिस भी रख रही नजर

इस बीच 18 मार्च को उन्होंने अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए एक शुद्धि पत्र जारी किया और निविदा आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 26 मार्च 2020 रखी। इसी दौरान बीच 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन हो गया। इसका उल्लेख करते हुए प्रभारी अधीक्षण अभियंता ने केवल दो निविदादाताओं की हार्ड कॉपी प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए 19 मई 2020 को फिर से निविदाएं निरस्त कर दीं। 28 मई को तीसरी बार निविदाएं आमंत्रित की गई।
इस बीच एक जून को आर्बिटेशन अवार्ड में ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के पक्ष में निर्णय पारित हो गया। इस प्रकरण को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया। सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने दोनों अभियंताओं को शासकीय नियमों की अनदेखी करते हुए संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया। मयन पाल निलंबन अवधि में प्रभारी मुख्य अभियंता कार्यालय देहरादून तो मनोहर सिंह लोक निर्माण विभाग पौड़ी कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।

बिना मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का पालन नही करने पर दो बसे सीज

(एनएन सर्विस)
ऋषिकेश के रायवाला थानाक्षेत्र में अवैध तरीके से 70 और 69 सवारियों को लेकर आ रही यूपी नंबर की दो बसों को सीज किया है। साथ ही दोनों बस के मालिक और चालकों पर मुकदमा भी दर्ज किया है।
थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि सप्त ऋषि बैरियर पर चेकिंग के दौरान मंगलवार को बस संख्या यूपी53ईटी-9901 और यूपी95टी-4135 को रोककर जांचा गया। जांच के दौरान बस के अंदर सामाजिक दूरी का उल्लंघन मिला, अधिकांश यात्री बिना मास्क के बैठे मिले। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों बसे देहरादून आ रही थी। दोनों ही बसों में 32-32 यात्रियों के बैठने की अनुमति हैं, मगर, बस में 70 और 69 यात्री भरे हुए मिले। बताया कि बस चालक पर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्मित पास भी नहीं मिला।
थानाध्यक्ष ने यूपी53ईटी-9901 बस के चालक जयराम पुत्र भगरासन निवासी ग्राम कहला थाना बढ़ोली जिला गोपालगंज बिहार एवं वाहन स्वामी अभिषेक निवासी गोरखपुर उत्तर प्रदेश तथा बस संख्या यूपी95टी-4135 के चालक अजय पाण्डे पुत्र चन्द्रिका पाण्डे निवासी ग्राम तेलियां बसोली थाना बसंतपुर जिला सीवान बिहार एवं वाहन स्वामी केसी जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही दोनों बसों को सीज किया है।

झांसे में आ गए पंडित जी, गंवाए 15699 रूपये

(एनएन सर्विस)
ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन से पंडित महेन्द्र कुमार को भूख की दवा मंगाना भारी पड़ गया। पंडित जी को कस्टमर केयर के नाम से आए फोन में तीन बार ओटीपी मांगा गया। जिसमें करीब 15699 रूपये खाते से उड़ा लिए गए। अब पंडित जी कोतवाली के चक्कर काट रहे है।
दरअसल आवास विकास निवासी महेन्द्र कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद पुरोहित कर्मकांड का कार्य करते हैं। बीती दो जुुलाई को उन्होंने एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट से भूख बढ़ाने की दवाई मंगवाने के लिए आवेदन किया। तभी उन्हें एक फोन आया, फोन करने वाले ने स्वयं को कस्टमर केयर दिल्ली ब्रांच से बताया और साइट पर अकाउंट बनाने के लिए दस रूपये डालने को कहा। इसके लिए उन्होंने पंडित जी के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा। इसे पंडित जी ने बता दिया।
इसके बाद उनके खाते से 9999 रूपये कट गए। पंडित जी ने फोन करने वाले को कहा कि आपने मेरे खाते से रूपये क्यों निकाले। तो इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने सॉरी कहकर रूपये वापस करने की बात कही और एक बार फिर ओटीपी भेजा। अबकी बार पुनः पांच हजार रूपये निकाल लिए गए। इसी तरह तीसरी बार 700 रूपये निकाल लिए गए। इसके बाद फोन कट गया। पंडित जी मामले को लेकर एक शिकायत लिखी और कोतवाली पुलिस को सौंपी। वहीं, साइबर सेल मामले की जांच में जुट गया है।

पुलिस ने कार से टक्कर मारने वाले युवक को किया गिरफ्तार

(एनएन सर्विस)
बीते शनिवार को कोतवाली के सामने मिले किशोर का शव वाले मामले में ऋषिकेश पुलिस ने नगर के प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि व्यवसायी ने मध्यरात्रि तेज रफ्तार से अपनी लग्जरी कार से एक युवक को टक्कर मारी थी। इस कारण युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त कार को भी सीज किया गया है।
बता दें कि मृतक के पिता राजकुमार पुत्र स्व. चेता सिंह निवासी झुग्गी झोपड़ी गोविंद नगर ऋषिकेश ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही कोतवाली के आसपास तथा देहरादून मार्ग के करीब 25 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए दो टीमें तैनात की। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक लग्जरी पजेरो काले रंग की कार यूके07एवाई-1111 किशोर को टक्कर मारती दिखाई दे रही थी। उक्त कार के नंबर को ट्रेस करने पर यह होटल व्यवसायी की निकली। जिसे मुखबिर तंत्र की सूचना पर सिनेमा घर के पास खाली प्लाट से गिरफ्तार किया गया।
कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान अक्षत गोयल पुत्र संजीव गोयल निवासी 104/18 हनुमंत कृपा, देहरादून रोड, जोशी अस्पताल के सामने, ऋषिकेश के रूप में कराई है। बताया कि पुलिस ने कार को एमवी एक्ट में सीज किया है। वहीं, आरोपी अक्षत को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।