टाॅयलेट के वेंटिलेटर का जाल तोड़ कैदी हुआ रफूचक्कर, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

चोरी के आरोप में पकड़े गए ऋषिकेश के युवक का अस्थायी जेल से भाग जाना पुलिस की ड्यूटी की हकीकत को सामने लाता है। अस्थायी जेल में टाॅयलेट के वेंटिलेटर का जाल तोड़ चोरी के आरोप में पकड़ा गया युवक फरार हो गया। जेल प्रशासन की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

जेल सुप्रीटेंडेंट महेंद्र सिंह ग्वाल ने बताया कि बंदी राहुल निवासी काली की ढाल, ऋषिकेश को शुक्रवार शाम को ही न्यायिक अभिरक्षा में लाया गया था। उसे रायपुर पुलिस ने चोरी के आरोप में पकड़ा था। नियमानुसार उसे पहले अस्थायी जेल में रखा गया था। शनिवार सुबह सभी बंदियों की गिनती के बाद उन्हें नाश्ता दिया गया था।

इसी दौरान राहुल टॉयलेट में गया था। काफी देर तक वापस नहीं आया तो वहां बंदी रक्षकों ने उसकी तलाश की। तो टॉयलेट अंदर से बंद था और उसका दरवाजा तोड़ा गया था। अंदर जाकर देखा तो टॉयलेट का वेंटिलेटर का जाल टूटा हुआ था। आरोपी युवक पकड़ा नहीं जा सका। उसके खिलाफ जेल प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर किया गया है।

रात्रि में घर लौट रहे एक शिक्षक पर जानलेवा हमला, गोली लगने से हुई मौत

हरिद्वार जिले के रूड़की में एक शिक्षक पर बदमाशों से गोली चला दी। गोली शिक्षक के सिर में लगने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल में डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया।
बता दें कि सुल्तानपुर क्षेत्र स्थित ओसपुर गांव निवासी 40 वर्षीय शिक्षक ओम सिंह बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे वह बाइक से गांव लौट रहे थे। गांव के पास ही बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। रास्ते से गुजर रहे एक ग्रामीण ने उन्हें लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। परिजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने आननफानन में उन्हें सुल्तानपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शिक्षक के सिर में गोली लगी थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों से जानकारी ली जा रही है। अभी तक तहरीर नहीं आई। तहरीर आने पर केस दर्ज किया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज किया पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा

ऊधमसिंहनगर पुलिस के एक चैकी प्रभारी व उनकी टीम पर ढाबा संचालक को चरस के मुकदमे में झूठा फंसाने के आरोप में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि चैकी प्रभारी, तीन सिपाहियों और दो एसपीओ ढाबे पर पहुंचे और संचालक से मारपीट की। इसके बाद उसके पास से चरस बरामद दिखाई। संचालक ने जब हाईकोर्ट की शरण ली तो सारी कहानी की पोल खुलनी शुरु हुई।
मामला केलाखेड़ा थाना की बेरिया दौलत पुलिस चैकी क्षेत्र का है। यहां हाईवे के पास अनिल शर्मा का पंडित ढाबा है। गत 28 जुलाई की शाम को वहां पर चार-पांच पुलिसकर्मी आए और कर्मचारियों से मारपीट करने लगे। एक कर्मचारियों का फोन भी छीन लिया और अपने मालिक को बुलाने को कहा। ढाबे पर मौजूद मालिक से भी उन्होंने मारपीट की। इसके बाद कर्मचारी को गाड़ी में बैठाकर ले गए और उसके पास से चरस बरामद दिखाई। लेकिन, यह सारी घटना ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। 
पुलिसकर्मियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी। अगले दिन दो पुलिसकर्मी ढाबे पर आए और सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया। साथ ही किसी को न बताने की धमकी भी दे गए। इसके बाद अनिल शर्मा ने गत सात अगस्त को इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर की। हाईकोर्ट के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने एसएसपी ऊधमसिंह नगर से रिपोर्ट मांगी। इस मामले में एसएसपी ने केलाखेड़ा एसओ को लाइन हाजिर और चैकी प्रभारी व तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस समेत अन्य साक्ष्य भी पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।
अनिल शर्मा ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 18 अगस्त को प्राथमिक जानकारी को दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके अगले ही दिन हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। सीबीआई देहरादून शाखा ने चैकी प्रभारी बेरिया दौलत प्रकाश चंद टम्टा, सिपाही त्रिभुवन सिंह, चंदन सिंह बिष्ट, हरीश गिरी और स्पेशल पुलिस अफसर (कोरोना काल में जनता के बीच से बनाए गए थे) परवेज अहमद व राजवंत सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर हरीश सिंह कर रहे हैं। 

आईपीसी की धाराएं जिन पर मुकदमा हुआ है दर्ज
120बी-आपराधिक षडयंत्र रचना 
166- लोकसेवक रहते कानून की अवज्ञा करते हुए किसी को चोट पहुंचाना 
167-अशुद्ध दस्तावेज रचना
193- कोर्ट में झूठे साक्ष्य पेश करना। 
201- साक्ष्य छुपाना या मिटाना 
211- किसी को नुकसान पहुंचाने की नियत से झूठा आरोप लगाना। 
220-निर्दोष व्यक्ति को जबरन रोककर रखना। 
323- मारपीट करना। 
342- गलत तरीके से किसी भी व्यक्ति को रोककर रखना। 
348-ज 465-जालसाजी।

गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ने से गर्भवती महिला की हालत बिगड़ी

ऊधमसिंह नगर में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल की महिला लैब टेक्नीशियन ने गर्भवती का ब्लड ग्रुप गलत बताया और निजी अस्पताल ने भी ब्लड ग्रुप की बगैर जांच किए बिना महिला को ब्लड चढ़ा दिया। परिजनों का आरोप है कि गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ने से महिला की हालत बिगड़ गई। 
ग्राम गढ़ी हुसैन निवासी अजय कुमार ने विधायक आदेश चैहान को दिए पत्र में बताया कि उसकी पत्नी सविता रानी गर्भवती थी। प्रसव के लिए उसके गांव की आशा कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड बनवाया था। उसने बताया कि ब्लड ग्रुप चेक करने वाली लैब तकनीशियन ने उसकी पत्नी के कार्ड पर उसका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव लिख दिया, जबकि उसका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। 5 मई 2020 को सरिता को ग्राम पंचायत की आशा कार्यकर्ता सरकारी अस्पताल साथ लेकर आई थी। महिला डॉक्टर से बात करने के बाद आशा कार्यकर्ता ने उसके शरीर में ब्लड की कमी बताकर प्रसव न होने की जानकारी दी।
उसके बाद वह सरिता को नगर के एक निजी अस्पताल में ले गया। अस्पताल की महिला डॉक्टर ने ब्लड मंगवाकर चढ़ा दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। वह पत्नी को पीएचसी पतरामपुर ले गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया। वह अपनी पत्नी को लेकर मुरादाबाद पहुंचा। वहां एक निजी अस्पताल में जांच कराने पर ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव पाया गया। गलत ग्रुप का खून चढ़ने से उसकी पत्नी की हालत बिगड़ी है। उसने बताया कि घर बेचकर उसे पत्नी का इलाज कराना पड़ा। इस शिकायती पत्र को पढ़ने के बाद विधायक आदेश चैहान ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। वहां पर एसडीएम सुंदर सिंह भी मौजूद रहे।

नैनीताल जिला जेल के तीन बंदियों की अस्पताल से भागने की नाकाम कोशिश

नैनीताल जिला जेल के तीन कैदी सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी से बुधवार की शाम को भाग निकले। मगर, करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करने के बाद कोतवाली पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। यह तीनों कैदी कोरोना पॉजिटिव है।

तीन कैदी रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप निवासी ध्रुव विश्वास, अल्मोड़ा जिले के कर्बला निवासी राजेंद्र सिंह बोरा, बैलपड़ाव निवासी मनकीत सिंह जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। तीनों को इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल के मानसिक वार्ड में भर्ती किया गया। बुधवार की शाम करीब पांच बजे तीनों बाथरूम की खिड़की तोड़कर फरार हो गए। बेड से तीन मरीजों के गायब मिलने पर अस्पाताल प्रशासन सकते में आ गया। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। एसएसपी सुनील कुमार मीणा के निर्देश पर पुलिस ने अपने अपने थाना क्षेत्रों की नाकेबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

कोतवाल संजय कुमार ने एसटीएच के पीछे सर्च अभियान चलाया गया तो तीनों झाड़ियों में छिपकर बैठे थे। मेडिकल चौकी प्रभारी मनवर सिंह की टीम ने तीनों को घेरकर पकड़ लिया। तीनों ने बताया कि वे अस्पताल में घबरा गए थे। पुलिस ने बताया कि धु्रव को चोरी, राजेंद्र सिंह को एनडीपीएस एक्ट, मनकीत सिंह को 25 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।

आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया फरार गैंगस्टर

थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल ने बताया कि डोईवाला कोतवाली में 50 वर्षीय मनजीत सिंह पुत्र खेम सिंह निवासी मिस्सरवाला थाना डोईवाला, शकील अहमद पुत्र फकीर मौहम्मद निवासी बाजावाला डोईवाला देहरादून और बलवीर सिंह पुत्र सरदार भगवान सिंह निवासी खैरी प्रथम मारखमग्राण्ट कोतवाली डोईवाला के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में शकील अहमद और बलवीर को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शकील वर्तमान में जेल में ही कैद है, जबकि बलवीर अभी जमानत पर बाहर आया हुआ है। बताया कि गैंग का लीडर मनजीत सिंह पिछले सात माह से फरार चल रहा था। जिसे शनिवार को मुखबिर की सूचना पर रानीपोखरी पुलिस टीम ने मिलन विहार देहरादून से गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी पर चार मुकदमें डोईवाला कोतवाली में दर्ज है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल, कांस्टेबल वीर सिंह, अमित, ललित और प्रमोद शामिल रहे।

परिजन जबरन करवा रहे थे नाबालिग बिटिया की शादी, पुलिस ने बारात रूकवाकर शादी रोकी

नैनीताल के ग्राम पंचायत दीना के दीनाड़ी क्लास गांव में नाबालिग युवती ने बहादुरी का परिचय दिया। युवती की बहादुरी की बदौलत पुलिस ने जबरन हो रही उसकी शादी को रूकवा दिया और परिजनों को बालिग तक शादी न करने की हिदायत भी दी।

क्लास गांव में एक परिवार में नाबालिग युवती का ब्याह होना था। बुधवार को बारात आने से ठीक पहले युवती ने 112 नंबर पर डायल कर पुलिस बुलवा ली। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि परिवार वालों उसकी जबरन शादी कर रहे है। पुलिस ने बुधवार को आने वाली बारात को न आने को कहा। उप निरीक्षक कमित जोशी ने शादी की सभी रस्में रुकवाई। उन्होंने लड़के वालों को भी बारात न लाने के लिए कहा है। इसके अलावा घर वालों को हिदायत दी है कि जब तक जब लड़की बालिग न हो जाए तब तक उसकी शादी न की जाए।

हत्या के प्रयास में आरोपी रहे युवक को पुलिस ने मेरठ से दबोचा

कोतवाली पुलिस ने धारा 307 में फरार चल रहे दो आरोपियों में से एक को मेरठ स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

बीते 27 जून को हत्या की नीयत से हमला करने वाले नामदर्ज फरार सावन पुत्र राकेश उर्फ बबलू निवासी खन्ना कैंप थाना सिविल लाइन मेरठ को कोतवाली पुलिस ने घर से गिरफ्तार किया है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मामले में एक ओर अन्य आरोपी विशाल फरार चल रहा है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपी सावन को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसआई अरूण त्यागी, कांस्टेबल संदीप छाबड़ी मौजूद रहे।

क्या था मामला
ऋषिकेश। उमा देवी पत्नी विनेश कुमार ने कोतवाली पुलिस में तहरीर दी थी। बताया था कि उनके पति ड्यूटी कर रहे थे। तभी चार लोगों ने उनके पति के सिर पर लोहे की फावड़ी व पत्थरों से हमला कर दिया था। इसके चलते पति के सिर की एक नस भी कट गई थी। मामले को गंभीर पाकर पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास मामले में मुकदमा दर्ज किया था।

कोतवाली पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाया अभियान, 791.94 ग्राम चरस के साथ एक दबोचा

कोतवाली पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाकर एक युवक को 791.94 ग्राम चरस की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवक पर एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि ऋषिकेश को नशा मुक्त किए जाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को एक युवक चौपहिया वाहन से चरस की तस्करी करते हुए पाया गया। मौके पर पुलिस टीम ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें 791.94 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने मौके से आरोपी सोहन पाल सिंह निवासी ग्राम सिमरा पोस्ट भटवाडी जिला उत्तरकाशी को गिरफ्तार किया। कोतवाल ने बताया कि आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

साइबर एक्सपर्ट आरक्षी कमल जोशी ने 98 हजार की रकम कराई वापस

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत एक व्यक्ति को लिंक भेजकर पेटीएम के माध्यम से निकाली गई 98 हजार रुपये की धनराशि को पुलिस की साइबर सेल ने वापस कराया। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मदन पाल सिंह निवासी द्वितीय-89 टीएचडीसी कॉलोनी ऋषिकेश ने लिखित शिकायत की थी। इसमें बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें लिंक भेज कर स्टेट बैंक एवं पंजाब नेशनल बैंक के खातों से लगभग 98 हजार रुपये निकाल लिए हैं। मामले को गंभीर पाते हुए कोतवाल रितेश शाह ने साइबर अपराध के अनावरण के लिए आरक्षी कमल जोशी को जांच सौंपी। कमल जोशी ने दोनों बैंक के खातों का स्टेटमेंट प्राप्त कर उक्त धनराशि के संबंध में जानकारी घ्हासिल घ्की। जिसे अज्ञात व्यक्ति ने पेटीएम के माध्यम से अलग-अलग तीन बैंकों में स्थानांतरण कर दिया था। उन्होंने तत्काल साइबर थाने की मदद से उक्त खातों पर गई धनराशि पर रोक लगाई गई और उक्त धनराशि को वापस कराया।