एसबीआइ के एटीएम को काटने का प्रयास

एटीएम को काटने का असफल प्रयास करने के बाद बदमाशों ने बरहैनी में भी एसबीआइ के एटीएम को काटने का प्रयास किया। ताला तोड़कर बदमाश अंदर घुसे लेकिन नकदी निकाल पाने में असफल रहने पर चोरों ने एटीएम में तोड़फोड़ कर दी और फरार हो गए। घटना की जानकारी सुबह समाचार पत्र विक्रेता के कर्मयोगी ने पुलिस को दी जिससे हड़कंप मच गया।
नैनीताल-बाजपुर मुख्य मार्ग पर बसे ग्राम बरहैनी में सड़क किनारे स्टेट बैंक का एटीएम है। रविवार की रात चोर एटीएम के ताले तोड़कर अंदर घुस गए और काफी प्रयास के बावजूद भी वह नकदी नहीं निकल पाए जिसके चलते एटीएम में तोड़फोड़ करके नुकसान पहुंचाया और फरार हो गए। सोमवार की सुबह करीब पांच बजे कर्मयोगी जब वहां पहुंचा तो उसने एटीएम के ताले टूटे होने की जानकारी बरहैनी चौकी पुलिस को दी। जानकारी के बाद चौकी प्रभारी संजीव कुमार मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया। सूचना दिए जाने के बाद बैंक अधिकारी व कर्मचारी भी पहुंच गए जिन्होंने मशीन में रखे कैश की जांच की, जो सही सलामत मिला जिससे बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बताया जाता है कि इस एटीएम की रखवाली के लिए तीन गार्ड तैनात रहते हैं, जो रात में बारी-बारी से ड्यूटी करते हैं। रात बलजीत सिंह की ड्यूटी थी। बलजीत के अनुसार, वह रात करीब डेढ़ बजे एटीएम में ताला डालकर घर चला गया था।

एटीएम में रखी थी करीब 35 लाख रुपये की नकदी
बाजपुर बैंक स्टाफ के अनुसार, एटीएम के अंदर करीब 35 लाख रुपये की नकदी रखी हुई थी, जोकि सही सलामत मिली है। नकदी निकाल पाने में असमर्थ रहने पर चोर एटीएम मशीन में तोड़फोड़ कर गए हैं। इसके अलावा उन्होंने सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है जिस समय कैमरे तोड़े गए शायद उससे पहले की रिकार्डिग में कोई सुराग हाथ लग जाए।

किचन में जाते साथ ही चोटी से हाथ गवां बैठी पत्नी

परिवार के सारे लोग आंगन में बैठे थे। इस बीच महिला कमरे में गई और जोरदार चीख मारकर बेहोश हो गई। चीख सुनकर परिजन जब वहां पहुंचे तो महिला की चोटी कटी मिली। इस घटना से रुड़की में भी भय का माहौल पैदा हो गया है।
उत्तराखंड में सहसपुर के बाद अब रुड़की में भी चोटी काटने का मामला सामने आया। यह ताजा मामला गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के तेलीवाला गांव का है। बताया जा रहा है कि जावेद का के घर के सभी लोग रात करीब नौ बजे आंगन में बैठे टेलीविजन देख रहे थे। घर का मेनगेट बंद था। इस बीच जावेद की पत्नी खुशनुमा (21) किसी काम से कमरे में गई। कमरे में जाते ही उसकी चीख सुनाई दी। इस पर परिवार के लोग जब वहां पहुंचे तो खुशनुमा बेहोश मिली। उसकी चोटी कटी हुई थी।
होश में आने के बाद महिला ने परिजनों को बताया कि उसे एक साया नजर आया। इसके बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं चला। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं पुलिस भी मौके पर गई और मामले की जानकारी ली। वहीं, गांव में एक ओर महिला की चोटी काटे जाने की अफवाह उड़ी। गंगनहर कोतवाली प्रभारी अमर चंद शर्मा ने बताया कि मामले कि जांच की जा रही है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।

हत्या के बाद सीसीटीवी की डीबीआर भी ले उड़े बदमाश

रुड़की कोतवाली सिविल लाइंस इलाके बेलड़ी गांव मे बदमाशों ने एक पाइप फैक्ट्री के गोदाम में दो चौकीदारों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। दोनों चाचा-भतीजे थे। गोदाम का सामान सलामत होने का कारण हत्या का कारण उलझ गया। वहीं, हत्यारे सीसीटीवी की डीबीआर साथ ले गए।
रुड़की निवासी रमेश का बेलड़ी गांव में उत्तराखंड पाईप के नाम से गोदाम है। इस गोदाम की सुरक्षा के लिए चौकीदार मेघराज (40) और इंद्र सिंह (70) रात को गोदाम में ही सो रहे थे। मेघराज इंद्र सिंह का भतीजा था। दोनों रुड़की कोतवाली के अंतर्गत शेरपुर गांव के रहने वाले थे। 
बताया जा रहा है कि सुबह एक ट्रक चालक सामान लेकर गोदाम पहुंचा तो मुख्य गेट खुला मिला। इस पर वह भीतर गया तो वहां बिस्तर पर इंद्र सिंह और मेघराज के शव मिले। दोनों के शरीर पर कई स्थानों पर घाव के निशान थे।
इस पर चालक ने गोदाम स्वामी को सूचना दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक गोदाम का सामान सुरक्षित है। हालांकि बदमाश सीसीटीवी की डीबीआर साथ ले गए। ऐसे में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। मेघराज दिव्यांग था। दोनों करीब दो साल से गोदाम में चोकीदारी कर रहे थे। 

बेटी की चींख सुनकर आयें परिजनों के उड़े होश

देशभर से आ रही चोटी कटने की तमाम खबरों के बीच अब बिहार और उत्तराखंड से भी चोटी काटे जाने की खबरें आ रही हैं। बिहार में पिछले 24 घंटे के अंदर चोटी कटने के दो मामले और उत्तराखंड से भी एक मामला सामने आया है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, एमपी और यूपी के बाद अब बिहार और उत्तराखंड का नाम भी इन घटनाओं से जुड़े राज्यों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है।
पहली घटना बिहार के मोतिहारी जिले की है। जहां राधिका नाम की लड़की बीती रात घर के बाहर सो रही थी। उसी बीच रहस्यमय तरीके से उसकी चोटी कट गई। सुबह राधिका ने अपनी चोटी कटी हुई देखी और शोर मचाना शुरू किया। इस घटना के बाद राधिका का परिवार और पूरा गांव दहशत में है।
उत्तराखंड के सहसपुर में भी फरजाना नाम की एक लड़की की चोटी कटने का मामला सामने आया है। बीती रात लगभग 12 बजे फरजाना की चीख सुनकर घर वालों की आंख खुल गई। परिजन फरजाना के पास पहुंचे तो देखा कि उसकी कटी हुई चोटी बिस्तर पर ही पड़ी थी। इस घटना से फरजाना काफी डरी हुई है।
शनिवार को एक बार फिर दिल्ली से चोटी काटे जाने की दो खबरें आईं हैं। चंदर विहार में बीती रात नीरज नामक महिला तेज सिरदर्द के बाद बेहोश हो गई। सुबह जब उसे होश आया तो उसकी चोटी कटी हुई थी। वहीं जामिया नगर इलाके में एक 13 साल की बच्ची की भी बीती रात चोटी कट गई।

टीचर ने बच्चियों के कपड़े उतरवायें, पुलिस ने दर्ज मामला दर्ज किया

रुड़की के एक स्कूल में छठी क्लास में पढ़ने वाली दो लड़कियों को अंग्रेजी में कम अंक आने की बेहद गलत सजा दी है। रुड़की से 8 किलोमीटर दूर लंढौरा में के प्राइवेट सेकंडरी स्कूल में कम नंबर पाने पर टीचर्स ने इन दोनों लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए। लड़कियों के माता-पिता के विरोध के बाद पुलिस ने इस मामले में एक महिला टीचर के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत एक साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
यह वाकया मंगलवार का है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के स्कूलों को टीचर्स के लिए ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने को कहा है ताकि उन्हें छात्रों के साथ व्यवहार के गुर सिखाए जा सकें। इस घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (देहात) मणिकांत मिश्रा ने बताया, दोनों बच्चियों के माता-पिता का आरोप है कि पहले टीचर ने छात्राओं को फटकार भी लगाई और उसके बाद पूरी क्लास के सामने उनकी शर्ट उतार दी।

11 करोड़ नकदी बरामद, आभूषणों की कीमत का आंकलन करने में जुटी टीम

कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार और उनके सहायकों पर कथित कर चोरी के मामले को लेकर उनके कई ठिकानों पर चल रही आयकर विभाग की तलाशी में अब तक 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है। गुजरात में राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विधायकों को भाजपा के पाले में जाने से रोकने के लिए कांग्रेस के 44 विधायकों को बेंगलूरू के रिजॉर्ट में रखा गया और उनकी जिम्मेदारी शिवकुमार को दी गई। गुजरात राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल कड़े मुकाबले का सामना कर रहे हैं।
गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी कई ठिकानों पर छापेमारी जारी रही। आयकर अधिकारियों ने कई दस्तावेज, अकाउंट बुक्स और वित्तीय कागजात बरामद किए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी तक दिल्ली से करीब 8.33 करोड़ रुपये, बेंगलूरू से 2.5 करोड़ रुपये और मैसुर से 60 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘विभिन्न ठिकानों से अभी तक करीब 11.43 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। कुछ ठिकानों पर तलाशी चल रही है।’’
उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान मिले कुछ आभूषणों की कीमत का आकंलन किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि विभाग कुछ कथित बेनामी संपत्ति समेत रियल एस्टेट में निवेशों से संबंधित दस्तावेजों का विश्लेषण भी कर रहा है। विभाग ने कहा कि वह कथित कर चोरी और रियल एस्टेट, आभूषण और अन्य क्षेत्रों में बड़े गुप्त निवेश के मामले में शिवकुमार की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग सिंगापुर और अन्य देशों में उनसे जुड़े निवेशों की जांच भी कर रहा है। आयकर विभाग ने कर चोरी के मामले में शिवकुमार के 64 ठिकानों और संपत्तियों पर कल तलाशी ली थी जिससे राजनीतिक तूफान आ गया था। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस शिवकुमार पर छापों के खिलाफ आज शहर में प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस ने केंद्र पर तानाशाही वाला रवैया अपनाने और लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले शिवकुमार वोक्कालिंगा समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं और देश के सबसे अमीर मंत्रियों में से एक हैं।
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए दायर किए गए हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति 251 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई थी। कांग्रेस आलाकमान से नजदीकी रखने वाले 55 वर्षीय शिवकुमार को पार्टी को मुश्किल से निकालने वाला माना जाता है। वह छह बार विधायक रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षा के लिए भी जाना जाता है। रिजॉर्ट पर कल मारे गए छापे को लेकर संसद में भारी हंगामा हुआ तथा कांग्रेस ने इसे एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए अभूतपूर्व रूप से निशाना बनाने वाला बताया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि भाजपा के खिलाफ आवाज को दबाने के लिए यह राजनीति से प्रेरित कार्रवाई है।

गुजरात पोत से नशे की सबसे बड़ी खेप पकड़ी

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने गुजरात तट के निकट एक व्यापारिक पोत से करीब 3,500 करोड़ रुपये की कीमत की 1,500 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है जो नशीले पदार्थों की अब तक मिली सबसे बड़ी खेपों में से एक है। रक्षा प्रवक्ता ने आज यह जानकारी दी। एक रक्षा प्रवक्ता ने आज बताया कि आईसीजी, खुफिया ब्यूरो, पुलिस, सीमा शुल्क, नौसेना तथा अन्य एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी अभिषेक मतिमान ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘ भारतीय तटरक्षक बल के पोत ‘समुद्र पावक’ ने गुजरात के तट के निकट एक व्यापारिक पोत का पीछा किया और उसको पकड़ा जिस पर से करीब 3,500 करोड़ रुपये की कीमत की तकरीबन 1,500 किलोग्राम हेराइन मिली।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘खुफिया सूचना के आधार पर कल करीब 12 बजे पोत को पकड़ा गया। यह नशीले पदार्थ की अब तक की सबसे बड़ी खेप है।’’ उन्होंने बताया कि जब्ती के बारे में और जानकारियों का इंतजार है क्योंकि पोत अभी समुद्र में है। पोरबंदर विशेष अभियान समूह के एक अधिकारी ने बताया कि आईसीजी ने नशीले पदार्थ की खेप के संबंध में आज शाम करीब चार बजे एक बैठक बुलाई है।

एनआरआइ कोटे से पुराने नोट बदल रहे दो लोग गिरफ्तार

एनआरआइ कोटे से पुरानी करेंसी बदलने की फिराक में घूम रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 79 लाख 45 हजार रुपये की पुरानी करेंसी के नोट बरामद हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया।
आज एएसपी आफिस पर बांसफोड़ान चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि बीते शाम पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक पंत पार्क में पुरानी करेंसी को नई करेंसी से बदलने के लिए किसी का इंतजार कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने एक टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ने के लिए लग गई।
सूचना पर पुलिस ने पंत पार्क से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से बैग में 79 लाख 45 हजार रुपये की पुरानी करेंसी के नोट बरामद हुए। बरामद हुई रकम में 55 लाख रुपये पांच सौ के नोट व 24 लाख 45 हजार रुपये एक हजार के नोट थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम जसविंदर सिंह उर्फ पप्पू पुत्र जोरा सिंह निवासी ग्राम गिरधई आइटीआइ व परमजीत सिंह उर्फ सोनू पुत्र गुरमीत सिंह निवासी मालवा फार्म जसपुर-खुर्द, आइटीआइ बताया। आरोपियों ने बताया कि नोटबंदी के समय उन्होंने कमीशन पर पुराने नोट बदले थे।

साइबर ठगी के मामले में महिला साथी गिरफ्तार

97 दूनवासियों के बैंक खातों में सेंध लगाकर की गई लाखों रुपये की साइबर ठगी में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी साइबर ठगों की महिला साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी गैंग में अहम भूमिका थी। गिरोह के लिए रुपयों से लेकर गाड़ी तक का इंतजाम यही महिला करती थी। उसके कब्जे से पुलिस ने 2.32 लाख रुपये, चार एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक पासबुक और हरियाणा नंबर की स्कॉपियो के कागजात बरामद किए हैं।
इस प्रकरण में यह पहली गिरफ्तारी है। आरोपी महिला की पहचान अनिल कुमारी पुत्री दया सिंह निवासी सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई। उसे सेक्टर तीन रोहतक स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया। महिला के साथियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है। एसएसपी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल और एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि देहरादून में जुलाई के पहले सप्ताह में साइबर ठगी की घटना सामने आई थी। शातिर ठगों ने एसबीआइ के एटीएम में स्कीमर डिवाइस लगाकर विभिन्न बैंकों के खाताधारकों के एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार किए और इसके बाद इन खातों से करीब तीस लाख रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर रुपये निकासी का मैसेज आने पर खाताधारकों को इसका पता चला। 14 जुलाई से ये मामले सामने आने लगे। अभी तक 97 लोग इस संबंध में मामला दर्ज करा चुके हैं और करीब 30 लाख रुपये निकाले जाने का पता चला है। ठगों ने एक से आठ जुलाई के बीच एटीएम कार्डों की क्लोनिंग की थी।

काफी पहले हो गई थी आरोपियों की पहचान
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की थी, जिसके निर्देशन में एसटीएफ और विभिन्न थानों की पुलिस ठगों तक पहुंचने की कड़ियां जोड़ रही थी। दून-दिल्ली से लेकर जयपुर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण कड़ियां हाथ लगी। इसके बाद दून के होटलों और धर्मशालाओं में इस दौरान रुके लोगों के बारे में जानकारी जुटाकर आरोपी साइबर ठगों की पहचान की गई। 10 दिन की मैराथन कसरत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों झज्जर (हरियाणा) निवासी रामबीर, सुदेश और जगमोहन की पहचान कर ली थी। हालांकि, इनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। वहीं सोमवार तक पुलिस ने खातों से उड़ाई रकम का भी पता लगा लिया। शातिरों ने रकम झज्जर में कैलाशो देवी नामक महिला के खाते में जमा कराई थी। इस खाते में 34 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस ने इस खाते को 24 जुलाई को फ्रीज करा दिया था।
पुलिस ने बताया कि अनिल कुमारी, रामबीर की बेहद करीबी है। वह दोनों दिल्ली में लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे। रामबीर के साथ अनिल कई बार दिल्ली, जयपुर और हिमाचल प्रदेश गई। बाद में रामबीर ने उसे गैंग में शामिल कर लिया और कुछ दिनों में ही वह गैंग की अहम सदस्य बन गई। वह गैंग के सदस्यों के लिए गाड़ी, रहने की व्यवस्था, सिम कार्ड आदि सभी जरूरी चीजें और सामान उपलब्ध कराती थी। ठगी के रुपयों का सेटेलमेंट भी अनिल ही करती थी।

अन्य राज्यों में भी दे चुके हैं घटना को अंजाम
पुलिस ने बताया कि यह गैंग दून ही नहीं बल्कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, जयपुर समेत कई स्थानों में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। गैंग के सदस्य ऐसी एटीएम मशीनों को निशाना बनाते हैं, जहां गार्ड न हो। एटीएम में घुसते ही यह कैमरा खराब करते और फिर स्कीमिंग डिवाइस (स्कीमर) लगा देते थे। इससे पहले वह आसपास के एटीएम को ग्लू या अन्य तरीकों से खराब कर देते, जिससे लोग डिवाइस लगे एटीएम से निकासी करें। एटीएम की क्लोनिंग करने के बाद यह गिरोह अन्य राज्यों में जाकर रुपये निकालता था। ठगी के रुपयों से ये लोग या तो जमीन खरीदते या गाड़ियां और फ्लैट।

हाईकोर्ट के आदेश, सार्वजनिक स्थानों में नही ले जा सकेंगे हथियार

हर्ष फायरिंग मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए राज्य में शादी समारोह, धार्मिक आयोजन, सार्वजनिक सभाओं व शैक्षिक संस्थानों में हथियार ले जाने पर पाबंदी लगा दी है। इतना ही नहीं, अदालत ने शस्त्र लाइसेंस जारी करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए हैं। इनका अनुपालन कराने के लिए जिला पुलिस प्रमुखों को जवाबदेह बनाया गया है।
हर्ष फायरिंग में दो लोगों की मौत के मामले में निचली अदालत से हुई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दोषी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिए। बागेश्वर निवासी धर्म सिंह ने गांव के ही भगवान सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उसके शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान चार लोगों को गोली लग गई थी। इनमें से दो की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले में निचली अदालत ने 12 जुलाई, 2013 को भगवान सिंह को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि शस्त्र अधिनियम में बरी कर दिया था। भगवान सिंह ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने इस पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त की अपील को गुणदोष के आधार पर खारिज कर दिया, साथ ही हर्ष फायरिंग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए।
अदालत ने अपने आदेशों में कहा है कि 21 साल से कम आयु वालों को शस्त्र लाइसेंस जारी न किए जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति को हिंसा व अन्य मामलों में सजा हो चुकी हो, उसे पांच साल तक शस्त्र लाइसेंस देने पर विचार ही न किया जाए। अदालत ने शांति व्यवस्था के दौरान पुलिस की ओर से पाबंद किए गए व्यक्तियों को भी लाइसेंस जारी न करने को कहा है।