आंतकवादियों को जरुरत का सामान मुहैया कराते थे हुर्रियत के नेता

एनआइए द्वारा छापेमारी के दौरान हिज्बुल मुजाहिद्दीन और लश्कर ए तैयबा के लेटरहेड बरामद हुए जिससे यह खुलासा होता है कि घाटी में टेरर फंडिंग एक नहीं दोनों ओर से होता रहा है।
हुर्रियत अधिकारियों को आतंकवादी अपने एटीएम के तौर पर उपयोग कर रहे हैं। यहां तक कि पैसे के लिए ये अलगाववादियों को धमकी तक देते थे और एनआइए को मिले दस्घ्तावेज से पता चलता है कि समय-समय पर लश्कर और हिज्बुल मुजाहिद्दीन अलगाववादियों को फंड पहुंचाते रहते हैं।
घाटी में सक्रिय लश्कर और हिज्बुल के स्थानीय कमांडर अपने बीमार साथियों के इलाज और अन्य कारणों से हुर्रियत अलगाववादियों से धन की मांग करते हैं। यहां तक कि हजारों-लाखों रुपये के अलावा मोबाइल फोन की भी मांग होती है। एनआइए ने हुर्रियत के कई सदस्यों को हिरासत में लिया हुआ है, इन पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन से आर्थिक समर्थन हासिल कर तनाव फैलाने का आरोप है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मोहम्मद अमीन भट्ट द्वारा लिखे गए पत्र में तहरीक-ए-हुर्रियत प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के करीबी अयान अकबर खांडे से 5 लाख रुपयों की मांग की। जम्मू-कश्मीर हिज्बुल मुजाहिद्दीन के लेटरहेड पर लिखी इस चिट्ठी में लिखा था, नोटबंदी के कारण आर्थिक संकट के हालातों से निपटने के लिए तुरंत 5 लाख रुपयों की जरूरत है। पत्र के अंत में धमकी भी दी गयी है जिसमें खांडे को कहा गया है कि 4 दिनों के अंदर पैसे भेज दें नहीं तो अंजाम के लिए तैयार रहें, जो परिवार तक जा सकता है। खांडे उन 7 अलगाववादियों में से एक है, जिन्हें सोमवार को एनआइए ने गिरफ्तार किया।
नोटबंदी के बाद उर्दू में लिखे गए खत में भी कुछ ऐसी ही बातें लिखी थीं। हिज्बुल के लेटरहेट वाले इस खत में लिखा था, हमें इस समय पैसों की सख्त जरूरत है क्योंकि सुरक्षा और नोटबंदी के कारणों से हमें बाहर से पैसे नहीं मिल रहे। 30 फरवरी को आपके पैसे लौटा दिए जाएंगे। इंशाअल्लाह हम 4 दिनों तक आपका इंतजार करेंगे। अगर आप कुछ नहीं करते तो अपने और अपने परिवार के अंजाम के आप खुद जिम्मेदार होंगे।

मानहानि के मामले में कोर्ट ने लगाया सीएम पर जुर्माना

दिल्ली उच्च न्यायालय ने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि के दूसरे मामले में जवाब दाखिल नहीं करने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इससे पहले केजरीवाल को बड़ा झटका तब लगा जब इस केस में उनका बचाव कर रहे जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने आप संयोजक पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए आगे पैरवी करने से साफ इनकार कर दिया।
यही नहीं आज सुनवाई से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल को निर्देश दिया कि वह अपने और आम आदमी पार्टी के पांच अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमे में जिरह के दौरान केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से अपमानजनक सवाल नहीं करे।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री को गरिमापूर्ण तरीके से और कानून के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता जेटली से जिरह करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि गरिमा बनाए रखनी होगी, क्योंकि जिरह की आड़ में किसी व्यक्ति से अपमानजनक और अभद्र भाषा में बात नहीं होनी चाहिए। बहरहाल, न्यायालय ने केजरीवाल के खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं किया।
अदालत ने केजरीवाल की उस दलील पर गौर किया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी को जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के निर्देश नहीं दिए थे। अदालत जेटली की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मांग की गई है कि मानहानि के मुकदमे में व्यवस्थित और उचित तरीके से बयान दर्ज कराए जाए।
मानहानि के मुकदमे में केजरीवाल के अलावा राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी आरोपी बनाए गए है। उन्होंने भाजपा नेता जेटली पर आरोप लगाए थे कि वर्ष 2000 से 2013 के बीच डीडीसीए के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार किया। जेटली ने इन आरोपों से इनकार किया है।

फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए शिक्षक की नौकरी पाने वालों की आज से जांच शुरु

देहरादून।
प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए शिक्षक की नौकरी पाने वालों पर गाज गिरने वाली है। फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हो रही जांच में एसआईटी सोमवार से दस्तावेजों की जांच करने जा रही है। बता दें फर्जी शिक्षकों की ढेड़ सौ शिकायतें अबतक दर्ज हो चुकी हैं। वहीं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को हाई कोर्ट ने हरी झंडी दिखा दी है। जिसके मुताबिक स्कूलों में एलटी कैडर के पदों पर गेस्ट टीचर की नियुक्ति होगी। बता दें विभाग में अभी भी 1600 पद एलटी ग्रेड के रिक्त पड़े हुए हैं।
वहीं, प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए शिक्षक की नौकरी पाने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में आज से एसआईटी विधिवत जांच शुरू करने जा रही है। इसके लिए एसआइटी की टीमों को विभिन्न जिलों में भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने का मामला उजागर होने के बाद सरकार ने इसकी जांच एसआइटी से कराने का निर्णय लिया। वहीं जांच का जिम्मा मिलने के बाद फर्जी शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी थी। जिस पर एसआईटी को अबतक करीब सवा सौ से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं।

अब हमारे देश के नागरिक पाकिस्तानी देशभक्ति गीत कर रहे शेयर

मसूरी में एक कश्मीरी व्यापारी ने सोशल मीडिया में पाकिस्तानी देशभक्ति गीत शेयर कर दिया। इसकी भनक लगते ही भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने कोतवाली में जमकर हंगामा किया और आरोपी व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जबकि आरोपी व्यापारी का कहना है कि उसका एकाउंट हैक हो गया था। जिसके बाद किसी अनजान ने यह हरकत की है।
कुलड़ी बाजार के एक कश्मीरी व्यापारी ने पाकिस्तानी गीत को अपने फेसबुक एकाउंट से शेयर कर दिया। इस गीत को एक बच्चे ने गाया है और यह पाकिस्तानी देशभक्ति गीत है। बुधवार को इसकी जानकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को मिली तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपाई कोतवाली पहुंच गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। शिकायत करने वालों में भाजपा मंडलाध्यक्ष मोहन पेटवाल, कुशाल राणा, त्रिलोक राणा, रजत अग्रवाल, संदीप साहनी, गजेंद्र, धर्मपाल पंवार आदि शामिल रहे।
उधर, कश्मीरी व्यापारी मंजूर अहमद का कहना है कि उनका फेसबुक एकाउंट हैक हो गया था, जिसके बाद किसी ने यह हरकत की है। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष राकेश रावत ने बताया कि इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस से की गई है। मामले की जांच साइबर सेल से कराने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण ने बताया कि भाजपा की ओर से शिकायत मिली है। जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

रेलवे पुलिस को ट्रैक पर करनी पड़ रही ड्यूटी

कांवड़ियों के दोपहिया वाहनों की भीड़ से हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर वाहनों के पहिए जाम हो गए हैं। हाईवे पर गाड़ियों का संचालन ठप है। हाईवे जाम होने पर कुछ कांवड़ियों ने रेलवे ट्रैक पर बाइकें दौड़ा दी। इसस वजह से रायवाला-हरिद्वार के बीच ट्रेनों का संचालन कॉसन पर किया गया। इस वजह से कई ट्रेनें लेट हुईं।
हाईवे जाम होने पर रोडवेज की बसें अड्डे पर ही खड़ी रही। ऋषिकेश में डाक कांवड़ियों के सैलाब से यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। भीड़ बढ़ने पर हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच वाहनों का संचालन ठप हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि जिसे जिधर जगह मिली दोपहिया वाहन लेकर निकल रहा है। कांवड़ियों ने मोतीचूर रेलवे स्टेशन से रायवाला स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर उस पर बाइकें दौड़ा दी।
श्यामपुर रेलवे फाटक बंद होने पर भी कांवड़िए बाइक लेकर टैक पर ही चलने लगे। ट्रैक पर कांवड़ियों की बाइकें चलने पर रेलवे सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचे और ट्रैक से कांवड़ियों को जाने से रोका गया। ट्रैक पर रेलवे कर्मियां की तैनाती कर दिनभर ट्रेनें कॉसन पर चलीं। इससे ट्रेनें देरी से अपने गंतव्य तक पहुंची। पांच घंटे तक हाईवे जाम होने से पुलिस जवानों की कतारें लगवा वाहन निकलवाए। लोकल वाहन न चलने से लोग पैदल ही अपने घरों को निकले। एसडीएम हरगिरी ने बताया कि दोपहिया में सवार कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने एवं डाक कांवड़ियों के वाहनों से दिक्कत आ रही है। शुक्रवार से स्थिति सामान्य हो जाएगी।

गुड़िया गैंगरेप मामले में भीड़ बेकाबू होती जा रही

गुड़िया गैंगरेप मामले के विरोध में शिमला बंद का ऐलान किया गया है। रेप और हत्या के विरोध में आज सड़कों पर लोग उतर आए हैं। भाजपा, माकपा और दूसरे संगठनों के साथ मिलकर आम लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। शिमला में लोगों का गुस्सा उफान पर है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जगह-जगह चक्का जाम चल रहा है, दुकानें बंद हैं और कई जगहों पर छोटी मोटी हाथापाई की खबरें भी आ रही है। हालात को काबू करने के लिए पुलिस बल तैनात है, लेकिन स्थिति बेकाबू नजर आ रही है।
इस बीच, हिमाचल सरकार ने पुलिस एसआईटी के तीन सदस्यों का तबादला कर दिया है जो मामले की जांच कर रहे थे। मामले की जांच सीबीआई के हाथ में दे दी गई है, लेकिन मुख्य आरोपी की जेल में हत्या की खबर ने केस में हलचल मचा दी है। शिमला में की शांत वादियां पिछले हफ्ते से जल रही है। दो हफ्ते पहले 10वीं की एक छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने छह लोगों ने जबरन कार में बिठाया और उसका गैंगरेप किया। उसके बाद उसे जंगल में मारकर फेंक दिया। दो दिनों बाद जब उसका शव बरामद हुआ तो इलाके में हडकंप मच गया। मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। तीन हजार लोगों की भीड़ ने थाने पर धावा बोला।

कांवड़ मेला पार्किंग में संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप

हरिद्वार।
डाक कांवड़ मेला पार्किंग स्थल बैरागी कैंप में मंगलवार को पाइपनुमा एक संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया। विस्फोटक वस्तु की आशंका पर बम निरोधक दस्ते ने विस्फोट करके उसे निष्क्रिय करने का प्रयास भी किया। बाद में संदिग्ध वस्तु को जांच के लिए घोड़ा लाइन ले जाया गया। इस घटना से बैरागी कैंप में दहशत का माहौल बना रहा।
पुलिस ने अब बैरागी कैंप क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। मंगलवार दोपहर के समय बैरागी कैंप में एक ढाबे के समीप पाइपनुमा एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्णकुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहरा, सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, सीओ प्रकाश देवली सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस का डॉग स्कवायड और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंचा हुआ था। कनखल थाना प्रभारी अनुज सिंह ने डंडे से संदिग्ध वस्तु को पास ही खोदे गए एक गड्ढे में डाल दिया।
पुलिस ने संबंधित स्थान की बेरिकेडिंग कर उसे खाली करा दिया। चंद मिनटों में क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। बम निरोधक दस्ते ने गड्ढे में ही संदिग्ध वस्तु से विस्फोट कर उसे निष्क्रिय करने का प्रयास किया। मौके पर एक जोरदार धमाका भी हुआ। विस्फोट के बाद उस संदिग्ध वस्तु को कब्जे में लेकर उसे घोड़ा लाइन जांच को ले जाया गया।

सेक्स रैकेट का अड्डा बन रही राजधानी देहरादून

देहरादून।
पटेल नगर पुलिस थाना क्षेत्र के तेलपुरा में एक मकान से देह व्यापार के एक अड्डे का भंडाफोड किया है। पुलिस ने मौके से रैकेट संचालिका समेत पांच युवतियों को पकडा है। संचालिका दीपा नेगी पत्नी रवि आनन्द निवासी निवासी तेलपुर पटेलनगर देहरादून से प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता लगा है कि बंधे ग्राहकों की मांग पर इन युवतियों की व्यवस्था देहरादून से लेकर कोलकाता, नेपाल, दिल्ली और आसाम से व्यवस्था की गई है।
सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने देर रात्रि छापा मारा। मकान के अलग-अलग कमरों में कुछ लोगों को युवतियों के साथ आपत्तिजनक दशा में पाया गया। यहां पुलिस दल को सात ग्राहक विक्टर डेनियल पुत्र जोसफ निवासी चूना भट्टा थाना रायपुर देहरादून, विवेक पुत्र सिदम निवासी गंगोह थाना गंगोह जिला सहारनपुर, जोनु दीप पुत्र विश्वास निवासी देवबंद चुंगी के पास जिला सहारनपुर, सतीश श्याम लाल निवासी रोड़ी बेलवाला दीन दयाल पार्क हरिद्वार, रजत शर्मा पुत्र विनोद कुमार शर्मा निवासी वेहट जिला सहारनपुर, कपिल उर्फ चीनू पुत्र किशन लाल निवासी दूंन एन्क्लेब पटेलनगर देहरादून, प्रवीण पुत्र बलवन्त निवासी कंचन जंगा अपार्टमेंट नई दिल्ली, रेैकेट संचालिका दीपा नेगी पत्नी रवि आनन्द निवासी तेलपुर पटेलनगर देहरादून, 03 कण्डोम के पैकेट, 51 हजार एक सौ रूपये, 14 मोबाइल, अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड और पांच युवतियां जोया खान पुत्री शेख मुशी निवासी कालीबाड़ी थाना काली वाड़ी कलकत्ता उम्र 20 वर्ष, रोशनी पुत्री नरेन्द्र शर्मा निवासी काकर वीटा नेपाल उम्र 22 वर्ष, रूमी पुत्री नरेश निवासी गोवाहाटी आशाम हाल पता जोगीवाला देहरादून उम्र 19 वर्ष, अनु शेख पत्नी प्रदीप निवासी बांग्लादेश, हाल पता कापा शेरा बोडर दिल्ली उम्र 18 वर्ष, रेशमा पुत्री साहजहां निवासी चांदमारी थाना दिसपुर जिला गोवाहाटी आशाम मिली। पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार निरोधक अधिनियम मेें मुकदमा दर्ज किया है।

टीडीसी घपले में कृषि मंत्री ने एफआरआई करने के आदेश दिये


तराई बीज एवं विकास निगम (टीडीसी) में गेहूं बीज बिक्री में अनियमितता में राज्य सरकार को 16 करोड़ का चूना लगा है। पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए इस घपले की जांच रिपोर्ट में निगम के प्रबंध निदेशक पीएस बिष्ट, निलंबित मुख्य अभियंता पीके चौहान समेत 10 कार्मिक प्रथम दृष्ट्या संलिप्त पाए गए हैं।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने निलंबित मुख्य अभियंता और बीज विपणन प्रभारी पीके चौहान के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं निगम के उप निदेशक जीएस बिष्ट को इस मामले में नोटिस दिया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच एसआइटी से कराने के संबंध में वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में पत्रकारों से बातचीत में टीडीसी में गेहूं बीज वितरण में अनियमितता का खुलासा किया। इस अनियमितता की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ रणबीर सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई थी।
समिति में कृषि निदेशक गौरीशंकर, पुलिस महानिरीक्षक जीएस मार्तोलिया और अपर सचिव सुनीलश्री पांथरी शामिल थे। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में वर्ष 2015-16 के दौरान गेहूं बीज बिक्री में प्रथम दृष्ट्या अनियमितता की पुष्टि हुई है।
कृषि मंत्री ने बताया कि चहेतों को गेहूं बीज की बंदरबांट के लिए नियमों से खिलवाड़ करते हुए दो बार रियायत दी गई। किसानों के बजाए बीजों का वितरण वितरक निजी कंपनियों को किया गया। वर्ष 2015 में दिसंबर माह में पहले गेहूं बीज बिक्री की दर उत्तरप्रदेश के लिए 2150 रुपये प्रति कुंतल और बिहार के लिए 2350 रुपये प्रति कुंतल तय की गई, जबकि यह दर 3188 रुपये प्रति कुंतल होनी चाहिए।
वितरकों को करीब 33 फीसद की रियायत दी गई। वितरक कंपनियों को बीज देने से पहले 10 फीसद पैसा जमा कराने, ट्रांसपोर्ट से पहले 15 फीसद धनराशि जमा कराने और फिर 75 फीसद बैंक गारंटी या नकद धनराशि मिलने पर बीजों को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था में हीलाहवाली करते हुए चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया।
यही नहीं, 14 जनवरी, 2016 को नई रियायती स्कीम के तहत 2350 रुपये प्रति कुंतल की दर पर 40 किलों के दो कट्टों के साथ एक कट्टा मुफ्त यानी तकरीबन 30 फीसद रियायत दी गई। इस योजना के बाद उत्तरप्रदेश को 29680 कुंतल और बिहार को 52272 कुंतल गेहूं बीज की बिक्री की गई।
गेहूं बीज की बिक्री नेशनल हर्ब बरेली, साहू ब्रदर्स बनारस, कृषि सेवा केंद्र फर्रुखाबाद को की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में उत्पादित 330917.24 कुंतल बीज में से बिक्री के लिए 290846.60 कुंतल पैकिंग की गई थी।

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ये दस अधिकारी पाए गए संलिप्त
उक्त अनियमितता में टीडीसी के एमडी पीएस बिष्ट, कंपनी सचिव आरके निगम, चीफ इंजीनियर व इंचार्ज मार्केटिंग पीके चौहान, मुख्य बीज उत्पादन अधिकारी दीपक पांडेय, उप मुख्य विपणन अधिकारी एके लोहनी व अजीत सिंह, उप मुख्य वित्त अधिकारी बीडी तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी शिवमंगल त्रिपाठी, लेखाकार जीसी तिवारी व लेखाधिकारी अतुल पांडेय प्रथम दृष्ट्या संलिप्त पाए गए हैं। मुख्य अभियंता पीके चौहान को 30 जून को सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले इसी मामले में मंत्री के निर्देश पर निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश मंत्री ने दिए हैं।

कमल जोशी की आत्महत्या से सकते में पत्रकारिता जगत!


घुमक्कड़ी पत्रकारिता के जीवन्तप्राय वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। वे अपने कमरे में रस्सी से झूलते हुए पाये गये। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कमल जोशी के शव के रस्सी काटकर उतारा। उनके निधन से पत्रकार जगत एवं शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। गोखले मार्ग स्थित उनके निवास स्थान पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी ने विज्ञान संकाय से परास्नातक करने के बाद पत्रकारिता एवं फोटोग्राफी को अपना कैरियर चुना। 65 वर्षीय स्व. जोशी अपने जीवन में फोटो पत्रकारिता के अलावा कई वर्षो तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया समाचार एजेंसी से जुड़े रहे।
वर्तमान में वे राज्य स्तरीय प्रेस फोटो ग्राफर के रूप स्वतंत्र पत्रकार शासन द्वारा मान्यता प्राप्त थे। पुलिस के अनुसार स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना बाजार चौकी प्रभारी प्रदीप सिंह नेगी को दी। जिस पर वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले को संदिग्ध देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहम्मद यूनुस खान, पुलिस क्षेत्राधिकारी जोधराम जोशी, अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी हरीश वर्मा, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी, नायाब तहसीलदार हरिमोहन खंडूडी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर बताया कि सोमवार सुबह लगभग 10 बजे कमल जोशी को स्थानीय दुकानदारों द्वारा देखा गया। जब वह सांय को काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो आस-पास के लोगों ने उनके मोबाईल नंबर पर फोन किया लेकिन जब उन्होंने काफी देर तक फोन नहीं उठाया तो स्थानीय दुकानदार जब अंदर गया तो उन्होंंने कमल जोशी के शव को खूंटे से लटकते हुए देखा।