ऋषिकेश।
मंगलवार सुबह 11 बजे रितेश राजपूत पुत्र राजेश राजपूत निवासी चंदनपुरा, रोहताश, बिहार निवासी खुद को आईपीएस बताकर ऋषिकेश थाने पहुंचे और पुलिस पर रौब झाड़ने लगे। वह खुद के खोए बैग को ढूढ़ने के लिए दबाव बनाने लगे। खुद को 2014 बैच का आईपीएस बताने से उनकी पोल खुलनी शुरू हो गई। उन्हें क्या पता था कि प्रशिक्षु आईपीएस 2015 बैच की है। इस बीच प्रशिक्षु आईपीएस ने उनसे आईकार्ड मांगा जो फर्जी निकला जिस पर सीबीआई लिखा था। यह देखकर प्रशिक्षु आईपीएस सकते में आ गईं। आईकार्ड नकली था जिसपर थाने में ही पुलिस ने उसकी पिटाई शुरू कर दी गई। उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी निहारिका भट्ट ने बताया कि वह स्वयं 2015 बैच की आईपीएस हैं। इसलिए वह 2014 बैच के सभी अधिकारियों को जानती है। इसलिए आरोपी पकड़ में आ गया। उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मामला दर्ज किया गया है।
Category: क्राईम
महंत पर छेड़खानी का मुकदमा
ऋषिकेश।
कोतवाली पुलिस ने मायाकुंड स्थित हनुमानपीठ के महंत डॉ. रामेश्वरदास के खिलाफ छेड़खानी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। एक महिला ने भंडारे की पर्ची देने के बहाने महंत पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रशिक्षु आईपीएस एवं कोतवाली प्रभारी निहारिका भट्ट ने बताया कि एक महिला ने मायाकुंड के महंत डॉ. रामेश्वरदास पर छेड़खानी के मामले में तहरीर दी है। महिला का कहना है कि भंडारे की पर्ची देने के बहाने महंत ने उसके साथ छेड़खानी की। छेड़खानी का आरोप लगाने पर महिला को मंदिर से खदेड़ दिया गया। महिला का कहना है कि पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद है। महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
राजस्व चोरी करवा रही बाहरी प्रदेशों की बसें
ऋषिकेश।
उत्तराखंड परिवहन निगम के अड्डे पर खुलेआम राजस्व की चोरी हो रही है। बाहरी प्रदेशों से आ रही बसें वाणिज्य कर विभाग से चोरी छुपे माल ढो रही है। प्रतिदिन सैकड़ों बैग बस अड्डे परिसर में उतारे जा रहे है। ताज्जुब कि बात है कि इस पर किसी जिम्मेदार अधिकारियों की नजर नही पड़ रही है। गुरुवार को सुबह 6.40 पर सहारनपुर डिपो की लाल रंग की बस ने करीब आधा मिनी ट्रक माल उतारा।
बस के इंतजार में पहले से खड़े पल्लेदारों ने चंद मिनटों में माल को ठेलियों में लोड किया और चंपत हो गये। बड़ा सवाल है कि बाहरी राज्यो की बसों से ऋषिनगरी में चोरी छिपे आ रहा सामान किसका है। वाणिज्य कर अधिकारियों को इसकी सूचना है कि नही। विभाग की मोबाईल टीम क्या कर रही है। बस अड्डे परिसर में खुलेआम उतारा जा रहा सामान पर रोडवेज के अधिकारी मौन क्यो है।
धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, नेपाली पासपोर्ट बरामद
ऋषिकेश।
सोमवार को एलआईयू के उपनिरीक्षक वीरेंद्र दत्त अमोली ने प्रतीतनगर के होशियारी मंदिर निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि 32 वर्षीय लेख बहादुर थापा पुत्र चित्र बहादुर थापा ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। जांच में पता चला कि युवक के पास 2007 में बना नेपाल का पासपोर्ट भी है। युवक ने नेपाली पासपोर्ट से दो बार उत्तर कोरिया की यात्रा भी की है। वर्तमान में वह देहरादून स्थित एक निजी संस्थान से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। उसके पिता चित्र बहादुर थापा 2004 में गोरखा रेजीमेंट से सेवानिवृत्त हैं। आरोपी युवक का भाई ऋषिकेश के एक संस्थान से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। उनका परिवार बीते कई वर्षों से प्रतीतनगर में ही निवास कर रहा है जबकि उसके चाचा, ताउ नेपाल में ही रहते हैं। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसआई देवेंद्र पंत ने बताया कि आरोपी को होशियारी मंदिर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
संदिग्ध वाहन की तलाशी में निकले आयुष्मान
ऋषिकेश।
रविवार देर रात मुनिकीरेती पुलिस को कुछ लोगों ने सूचना दी कि सड़क के किनारे एक अज्ञात वाहन काफी देर से खड़ा है। वाहन में कुछ संदिग्ध सामान होने की आशंका जताई गई तो पुलिस हरकत में आई। मुनिकीरेती पुलिस वाहन की तलाशी लेने के लिए मौके पर पहुंच गई। घंटेभर के इंतजार के बाद वाहन स्वामी बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ कार के नजदीक पहुंचा तो पुलिस के जवान हैरान रह गए। कार के बारे में पूछताछ करने पर उन्होंने डिग्गी की तलाशी ली।
पुलिस ने दोनों को बताया कि सूचना मिली थी कि सड़क किनारे खड़े वाहन में कुछ संदिग्ध है। हालांकि सूचना के आधार पर संदिग्ध जैसा कोई सामान पुलिस के हाथ नहीं लगा। पुलिस ने सूचना के आधार पर चेकिंग करने की बता कही। तो बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने पुलिस जवानों से हाथ मिलाया और अपने मित्र के साथ होटल के लिए रवाना हो गए। घटनाक्रम के बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
सड़क पर पार्क किए गए वाहन में संदिग्ध सामान होने की सूचना मिली थी। तलाशी ली गई लेकिन संदिग्ध जैसा कुछ नहीं मिला। ऋषिकेश निवासी युवक के साथ बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना तलाशी के बाद कार में सवार होकर चले गए।
रवि कुमार सैनी, कोतवाल मुनिकीरेती।
जुआ खेलते पकड़े, एक लाख 62 हजार रुपये बरामद
ऋषिकेश।
ऋषिकेश कोतवाली की प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि गुरुवार सुबह सूचना मिली की काली कमली बगीचे में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए घेराबंदी कर आठ लोगों को पकड़ लिया जबकि एक फरार होने में सफल रहा। जुआरियों से ताश की गड्डी और एक लाख 62 हजार 915 रुपये भी बरामद हुए हैं।
जुआ अधिनियम में मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए लोगों में भागेश्वर सिंह पुत्र गेंदालाल, ग्राम डिबई, खुर्द थाना डिबई, जिला बुलंदशहर, यूपी, मुकेश राणा पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी मालवीय नगर, ऋषिकेश, रवि रावत पुत्र पीतांबर निवासी कलालघाटी, कोटद्वार, हाल निवासी आईडीपीएल, ऋषिकेश, विजय कुमार पुत्र जय प्रकाश ऋषिकेश, राज बहादुर पुत्र प्रेम बहादुर ऋषिकेश, सलीम पुत्र शौकत, निवासी ऋषिकेश, दीपक पुत्र स्वर्गीय राजेन्द निवासी ग्राम करोंदी थाना हल्दौर, बिजनौर यूपी हाल निवासी बीसबीघा, ऋषिकेश, सागर पुत्र सुरेश वर्मा निवासी आईडीपीएल, ऋषिकेश शामिल हैं जबकि दीनू पुत्र गंगा प्रसाद फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है।
सैटेलाइट फोन के साथ विदेशी युवती गिरफ्तार
ऋषिकेश।
रविवार को सीआईएसएफ जौलीग्रांट में तैनात इंस्पेक्टर एसटी बाटी ने डोईवाला थाने में सूचना दर्ज कराई कि एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान विदेशी युवती मारिया फारेंडा बैलेसो से सैटेलाइट फोन बरामद किया गया। युवती वेनेजुएला की नागरिक है। जो अमेरिका में जॉब करती है। सैटेलाइट का प्रयोग भारत में प्रतिबंधित है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस, आईबी, आर्मी इंटेलिजेंस, स्पेशल ब्रांच द्वारा सामूहिक पूछताछ की गई। एसओ डोईवाला राजेश शाह ने बताया कि पूछताल में युवती ने बताया कि वह वेनेजुएला की रहने वाली है जो मियामी अमेरिका में जॉब करती है। फोन उसने मियामी, अमेरिका से ही खरीदा। युवती को भारत में सैटेलाइट फोन के प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि युवती ने भारत में फोन का प्रयोग नहीं किया है लेकिन बिना अनुमित फोन रखने पर युवती के खिलाफ टेलीग्राम एक्ट 1933 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मारिया को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
देहरादून में एंबुलेंस में हो रही शराब सप्लाई
देहरादून।
राजपुर रोड के ओरियंट सिनेमा चौक पर सीपीयू के जवान वाहनों की नियमित चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें हरियाणा नंबर की एक एंबुलेंस दिखाई दी। जब एंबुलेंस को रोकने का प्रयास किया तो वह तेजी से आगे बढ़ गई। शक होने पर वहां तैनात एसआइ भरत सिंह, चीता पुलिस कांस्टेबल मुकेश बंगवाल, व कांस्टेबल पंकज मलासी ने एंबुलेंस का पीछा कर उसे रोक लिया। एंबुलेंस की तलाशी ली गई तो एंबुलेंस में मरीज के बजाय हरियाणा ब्रांड की 19 बोतलें बरामद हुई। पुलिस आरोपियों को एंबुलेंस समेत धारा चौकी ले गई।
जहां पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान प्रवीण पुत्र गुलाब सिंह निवासी कानूंदा हरियाणा व राजेंद्र पुत्र राजकुमार निवासी खरखोदा हरियाणा के रूप में बताई। आरोपियों ने बताया कि एंबुलेंस सिविल अस्पताल सोनीपत की है। वह दोनों एंबुलेंस लेकर यहां सहस्रधारा घूमने आए थे। एंबुलेंस में रखी शराब के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह शराब वह अपने पीने के लिए ही लाए थे। धारा चौकी इंचार्ज विकास रावत ने कहा कि दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आईआईटी रुड़की के विभागाध्यक्ष से लाखों की साइबर ठगी
रुड़की।
अभी तक आपने अमेरिका और चीन सहित अन्य देशों में भारत की ऑफिशियल साइटों को हैक करने के के मामले सुने ओर पढ़े होंगे लेकिन खबरदार अब आपका अकाउंट भी विदेशी हैकर्स की रडार पर है।
आधुनिक समाज मे अपने पैसों को बैंको में जमा कराकर आम आदमी आश्वस्त हो जाता है कि अब उसका धन फुलप्रूफ सिक्योर है यानी यहां से चोरी या लूट का खतरा उसे नही सताता है लेकिन जब खाते ऑनलाइन हुए तब यह भ्रम टूटा और लोग खातों के डिजिटल ट्रांजेक्शन से ना केवल डरने लगे बल्कि साइबर ठगों का शिकार भी होने लगे है ये कही ना कही भारत सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटलाइज्ड इंडिया योजना को बड़ा झटका कहा जा सकता है।
ताजा मामला आईआईटी रुड़की का है जहां भूकम्प इंजीनियरिग विभाग के विभागाध्यक्ष को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है अमेरिका में उनके क्रेडिट कार्ड को हैक करके एक लाख तिरासी हजार रूपये की रकम से खरीदारी की गई है और जब पीड़ित प्रोफेसर के पास उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पंर खाते से रुपये निकासी के मैसेज आये तो उनके होश उड़ गए उन्होंने तत्काल आईआईटी रुड़की के कैम्पस में स्थित अपने बैंक से संपर्क कर जानकारी ली तो पता चला कि अमेरिका में चार दुकानों पर उनके क्रेडिट कार्ड नंबर का इस्तेमाल कर ऑनलाइन शॉपिंग की गई है इसके तुरंत बाद प्रोफेसर ने अपना अकाउन्ट ब्लाक कराया और इसकी जानकारी देहरादून की साइबर सेल को दी, अब साइबर सेल मामले की जांच में जुट गई है।
रुड़की में साइबर ठगों का शिकार हुए प्रोफेसर पहले आदमी नही है अब तक रुड़की क्षेत्र में 40 से ज्यादा मामले एटीएम कार्ड के ओर दो दर्जन से ज्यादा मामले ऑनलाइन ठगी के दर्ज हुए है लेकिन एक भी मामले में कोई सफलता पुलिस को हाथ नही लगी है साथ ही ऐसे अनगिनत मामले है जिनमे प्रक्रिया मुकदमा दर्ज होने तक पहुंची ही नही।
कहा जा सकता है कि भले ही प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रत्येक सेक्टर को आदर्श डिजिटल सेक्टर में तब्दील करना चाहते हो लेकिन मौजूदा सिस्टम की तमाम खामियां उनकी इस ड्रीम योजना को पार लगाने में असमर्थ दिखती है।
