संकटमोचक को विदाई देने पहुंचे दिग्गज भाजपा नेता

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली आज अपने अनंत सफर पर रवाना हो गए। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा के संकटमोचक को अंतिम विदाई देने के लिए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, योग गुरु बाबा रामदेव और विपक्ष के कई दिग्गज नेता भी पहुचे। सभी ने नम आंखों से जेटली को विदाई दी। विदेश यात्रा पर होने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि उन्होंने शोकाकुल परिवार से फोन पर बात की थी। बहरीन में अपना दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं यहां इतनी दूर हूं और मेरा दोस्त अरुण चला गया।
भाजपा मुख्यालय में दी श्रद्धांजलि
इससे पहले दिवंगत नेता अरुण जेटली का पार्थिव शरीर भाजपा मुख्यालय लाया गया जहां केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और वरिष्ठ पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर और आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित की। जेटली के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास से दीन दयाल उपाध्याय स्थित भाजपा मुख्यालय लाया गया। भाजपा मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कतार में खड़े थे और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा जेटली तेरा नाम रहेगा’ तथा ‘जेटली जी अमर रहें’ जैसे नारे लगा रहे थे।

जेटली के परिवार से की बात
प्रधानमंत्री ने यूएई से ही जेटली की पत्नी संगीता और बेटे रोहन से बात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान जेटली के परिवार ने उनसे विदेश दौरा रद्द नहीं करने को कहा। दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्र नेता के रूप में राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत करने वाले जेटली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी थे। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री रहे थे। उनकी गिनती देश के बेहतरीन वकीलों के तौर पर होती रही। 80 के दशक में ही जेटली ने सुप्रीम कोर्ट और देश के कई हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण केस लड़े। 1990 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने सीनियर वकील का दर्जा दिया। वीपी सिंह सरकार में वह अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का पद संभाला था।

विदेश में की घोटालों की पड़ताल
पिछले बीस वर्षों के दौरान जेटली ने वाणिज्य, सूचना प्रसारण, कानून, कंपनी मामले, वित्त, रक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। चाहे 1989 में बोफोर्स घोटाले की विदेशों में जाकर पड़ताल करनी हो, 2002 में गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देना हो या फिर 2009 से 2014 के दौरान राज्यसभा में बतौर नेता विपक्ष मनमोहन सिंह सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करना, वे हर बार नई ऊर्जा और रणनीति के साथ भाजपा की राजनीति को नई धार प्रदान करते नजर आते। इस साल मई में जेटली ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था।

अरुण जेटली की मौत का सच
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली लंबे समय से चली आ रही गंभीर बीमारियों को हर बार मात देते थे। मधुमेह, मोटापा, गुर्दा, कैंसर, पेट और फेफड़े से जुड़े रोगों का उन्होंने डटकर सामना किया। निधन से पहले 12 घंटे के भीतर दो बार हार्ट अटैक भी आया। आंतों में रक्तस्त्राव होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वर्ष 2014 में जेटली ने एम्स में गैस्ट्रो यानि पेट से जुड़ा एक ऑपरेशन कराया था। जिसके बाद उनका वजन भी काफी कम हुआ था। चूंकि वह मधुमेह रोग से लंबे समय से ग्रस्त थे।
ऑपरेशन के बाद से डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर उन्हें खास सतर्कता बरतने की सलाह दी थी, जिसके बाद सुबह से लेकर रात तक जेटली संतुलित आहार का सेवन करते थे। सात्विक भोजन के लिए उनका टिफन बाकायदा घर से बनकर वित्त मंत्रालय और सदन तक आता था। हालांकि वर्ष 2017 में उन्हें किडनी (गुर्दे) से जुड़ी तकलीफ शुरू हो गई। कई बार डायलिसिस के बाद वर्ष 2018 में एम्स में किडनी प्रत्यारोपण कराया। प्रत्यारोपण के करीब छह माह तक जेटली काफी स्वस्थ्य रहे। हालांकि डॉक्टरों ने आइसोलेशन में ही रहने की सलाह दी थी लेकिन फिर भी वह जरूरतमंद लोगों को पूरा वक्त देते थे। दिसंबर 2018 में उनकी तबियत में गिरावट आई।
जांच करने पर फेफड़े में एक प्रकार के कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद जनवरी में न्यूयॉर्क के डॉक्टरों से ऑपरेशन भी कराया। इस ऑपरेशन के बाद से जेटली का स्वास्थ्य लगातार गिरता चला गया। वे पहले से काफी कमजोर हो गए थे। बीते 9 अगस्त को उन्हें सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत हुई थी जिसके बाद से एम्स में भर्ती थे।

पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के जवाब में देहरादून का लाल शहीद

देहरादून का जवान बेटा संदीप थापा शनिवार को पाकिस्तान की ओर से किए गए सीजफायर के जवाब में शहीद हो गए। वह 3-5 गोरखा राइफल में लांस नायक के पद पर तैनात थे। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित तमाम लोगों ने उनकी शहादत को नमन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

शनिवार सुबह साढ़े छह बजे जम्मू कश्मीर में राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भारी शेलिंग की गई। जिसका जवाब देते हुए लांस नायक संदीप थापा घायल हो गए। घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान वह शहीद हो गए। रविवार की सुबह 11 बजे सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से जॉलीग्रांट एयपोर्ट लाया जाएगा। जहां से उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा। रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें प्रेमनगर स्थित घाट पर अंतिम विदाई दी जाएगी।

2004 में हुए सेना में शामिल
शहीद संदीप थापा 33 वर्ष के थे। वर्ष 2004 में वह भारतीय सेना में शामिल हुए थे। जून माह में वह आखिरी बार अपने घर आए थे। जिसके बाद से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। वर्ष 2012 में उनका विवाह दुधली डोईवाला निवासी निशा थापा के साथ हुआ था।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
उनका तीन साल का छोटा बेटा भी है। संदीप थापा के छोटे भाई नवीन थापा भी उक्त बटालियन में राजौरी में तैनात हैं। दोपहर करीब ढाई बजे परिजनों को लांस नायक संदीप के शहीद होने की सूचना मिली। जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां राधा देवी, पत्नी निशा और बहन अनिता का रो-रो कर बुरा हाल है।

मुख्यमंत्री और विस अध्यक्ष ने शहादत पर किया नमन
संदीप की शहादत की सूचना मिलने के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर कहा श्कि सीमा पर पाकिस्तान की गोलीबारी में उत्तराखंड के सपूत संदीप थापा देश के लिए कुर्बान हुए हैं। मैं लांस नायक थापा की शहादत को कोटि कोटि नमन करता हूं। उनके परिजनों को सांत्वना प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए, विश्वास दिलाता हूं हम सब हर समय शहीद के परिजनों के साथ खड़े रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने संदीप थापा की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। समूचा राष्ट्र संदीप थापा के प्रति कृतज्ञ रहेगा। शहीद के इस बलिदान को प्रदेश और देश के लोग हमेशा याद रखेंगे।

डायलिसिस यूनिट पावर सप्लाई बंद, मरीज की मौत

हरिद्वार के मेला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में अचानक पॉवर सप्लाई बंद होने से किडनी की बीमारी से पीड़ित दस मरीजों की हालत बिगड़ गई। गंभीर हाल में एक मरीज को जौलीग्रांट रेफर किया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मरीजों के तीमारदारों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर पहुंची मेयर अनीता शर्मा ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि पीपीपी मोड पर चल रही यूनिट बिना एमडी डॉक्टर और नेफ्रोलॉजिस्ट के चलाई जा रही थी। मेला अस्पताल में अप्रैल में डायलिसिस यूनिट शुरू की गई थी। शनिवार की दोपहर को यूनिट की दस मशीनों पर किडनी के मरीजों की डायलिसिस की जा रही थी। अस्पताल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद जेनरेटर चलाया गया।
करीब दो बजे अचानक से तकनीकी खराबी के कारण जनरेटर बंद हो गया और मशीन बैकअप पर चलने लगी। कुछ ही मिनटों पर मशीन का अलार्म बजने लगा। देखते ही देखते दस मिनट में ही बैकअप समाप्त होने लगा। यूनिट के डॉक्टर, तकनीशियनों और नर्स ने डायलिसिस मशीन के पंप चलाकर बाहर निकले ब्लड को बमुश्किल से शरीर के अंदर पहुंचाया। सभी दस मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। एक मरीज की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें जौलीग्रांट रेफर कर दिया। सूत्रों की मानें तो मरीज विजय शर्मा (62) की मेला अस्पताल में ही मौत हो गई थी।
पीपीपी मोड पर यूनिट चला रहे चंडीगढ़ की संस्था राही केयर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक डॉ. शौर्य पयाल का कहना है कि यूनिट में उनकी तरफ से सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। पॉवर सप्लाई प्रभावित होने से यह समस्या खड़ी हुई। उन्होंने एक मरीज की मौत की पुष्टि तो की लेकिन कहा कि यह मौत यूनिट में नहीं हुई है।
सीएमओ प्रेमलाल का कहना है कि विजय शर्मा दस साल से किडनी की बीमारी से पीड़ित थे। कार्डियकअरेस्ट से उनकी मौत हुई है। उनका कहना है कि यूनिट में जो कमियां हैं उनको दूर कराया जाएगा। पाॅवर सप्लाई के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।

कालसी मार्ग पर कार खाई गिरी, हरियाणा के पर्यटकों की मौत

चकराता घूमने जा रहे हरियाणा के पर्यटकों की कार कालसी से पांच किमी आगे चामड़खील नामक जगह पर अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में कार सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना देर रात की बताई जा रही है। जिसका पता स्थानीय पुलिस-प्रशासन को रविवार सुबह चला। मौके पर पहुंचे तहसीलदार केडी जोशी और थानाध्यक्ष कालसी के नेतृत्व में शवों को खाई से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू चल रहा है। पुलिस प्रशासन की टीम स्थानीय लोगों की मदद से खाई में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए सुबह से जुटी है। मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई। बताया जा रहा पांचों लोग हरियाणा के निवासी है। तहसीलदार ने कहा शवों को बाहर निकालने के बाद ही मृतकों की सही पहचान का पता चल सकेगा।

’’चैंपियन के जवाब देने पर कार्रवाई करने का’’ नया बयान आने से भाजपा की फजीहत

उत्तराखंड भाजपा ने खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के निष्कासन के संबंध में अपने ही प्रभारी का बयान पलट दिया है। पार्टी ने कहा कि चैंपियन को अभी निष्कासित नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें निष्कासन का नोटिस दिया गया है। उन्हें 10 दिन में नोटिस का जवाब देना है।
जवाब प्राप्त होने के बाद केंद्रीय नेतृत्व कार्रवाई तय करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रभारी श्याम जाजू ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से चैंपियन के निष्कासन की सिफारिश की थी, जिसे मान लिया गया। उन्होंने दावा किया था कि चैंपियन को निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि पार्टी ने अपना बयान बदला है। लेकिन कई बड़े नेता दबी जुबान से चैंपियन की पार्टी से बर्खास्तगी तय मान रहे हैं।
शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने प्रदेश पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चैंपियन के निष्कासन से इनकार किया। उन्होंने दोहराया कि चैंपियन के नए वीडियो के संबंध में पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।

जवाब मिलने के बाद संगठन लेगा निर्णय
नोटिस में उनसे पूछा गया है कि वीडियो के संदर्भ में क्यों न पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है। जवाब प्राप्त होने या न प्राप्त होने की दशा में संगठन अपना निर्णय लेगा। कार्रवाई की जो भी स्थिति बनेगी, उसे केंद्रीय नेतृत्व को संस्तुति भेजेगा। विधायक चैंपियन का तीन माह का निलंबन अनिश्चितकाल के लिए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने भी अपने स्तर पर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय नेतृत्व से विधायक चैंपियन के निष्कासन की सिफारिश की है। किसी विधायक या सांसद को पार्टी से निष्कासित करने का अंतिम अधिकार केंद्रीय नेतृत्व को है। इसीलिए पार्टी केंद्रीय नेतृत्व से कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

चैंपियन का निष्कासन तय …
सूत्रों की मानें तो भाजपा से चैंपियन का निष्कासन तय है। यही वजह है कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने उनके निष्कासन की घोषणा करने में कोई संकोच नहीं किया। लेकिन संगठन स्तर पर किसी जनप्रतिनिधि के निष्कासन की एक प्रक्रिया है। पार्टी अपनी इस संविधानिक प्रक्रिया से बंधी है। इसके अनुसार, किसी सांसद या विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पार्टी को उसे 10 दिन का नोटिस देना आवश्यक है। जवाब प्राप्त होने के बाद पार्टी एक्शन ले सकती है।

भाजपा ने निष्कासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्हें समय दिया गया है। उन्हें जवाब देना है। लेकिन ये स्पष्ट है कि इस तरह की भाषा बोलने वाले और उत्तराखंड को गाली देने वाले के लिए भाजपा में कोई जगह नहीं है।
– अनिल बलूनी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व राज्यसभा सांसद

पनियाली नाले में आए उफान से मलबा फैला, करंट फैलने से तीन की मौत

पनियाली नाले में आए उफान से कौडिया के एक घर में मलबा घुसने के बाद करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। यह तीनों उस वक्त कमरों से सामान बाहर निकाल रहे थे। बरसाती नाले का पानी और इसके साथ आया मलबा आमपड़ाव और कौडिया के आधा दर्जन से ज्यादा घरों में घुसा। गुजरे तीन सालों से पनियाली नाला आसपास के इलाकों में कहर बरपा रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग यहां बाढ़ सुरक्षा प्रबंध नहीं कर पाया। इससे नाराज क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी की।
कोटद्वार में सुबह सात बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश करीब डेढ़ घंटे चली। इससे आसपास के इलाकों के नदी-नाले उफान पर आ गए। पनियाली नाले के पानी के साथ काफी मात्रा में मलबा आम पड़ाव और कौडिया स्थित कुछ घरों में घुस गया। इस नाले में सुरक्षा दीवार बनाने के लिए यहां से निकाला गया मलबा वहीं नाले के दोनों किनारों पर एकत्र किया गया था, यही मलबा पानी के बहाव के साथ लोगों के घरों तक पहुंचा। तेज हवाएं चलने और बारिश होने के चलते उस वक्त पूरे इलाके में बिजली भी गुल हो गई।
अफरा-तफरी में लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इसी दरम्यान कौडिया निवासी रणजीत सिंह (30) पुत्र बलवीर अपने घर से सामान बाहर निकाल रहा था। उसकी मदद के लिए पड़ोस में रहने वाले अरुण (28) पुत्र कमल और शाकुन (23) पुत्र गुलशन भी वहां पहुंचे थे। तीनों कमरों से सामान निकाल ही रहे थे, तभी इलाके में बिजली की आपूर्ति बहाल हो गई। घर में मलबा भर जाने की वजह से रणजीत के घर में करंट फैल गया। तीनों लोग इसकी चपेट में आ गए। उन्हें तत्काल बेस चिकित्सालय कोटद्वार ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रणजीत बैंक में कार्यरत था। हादसे में मारे जाने वाले अन्य दोनों युवकों में अरुण मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के ढाकी (नजीबाबाद) और शाकुन इसी जिले सिकरौड़ा नवादा का रहने वाला था। अरुण भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड की कोटद्वार इकाई में कार्यरत था, जबकि शाकुन कोटद्वार में नगर निगम के ट्रेचिग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण के कार्य करता था।

राहगीर को मोबाईल पकड़ा गंगा में लगाई छलांग

हरिद्वार के एक युवक ने रहस्यमय परिस्थितियों में लक्ष्मणझूला पुल से गंगा में छलांग लगा दी। घटना बीती सोमवार रात लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में घटी है। मंगलवार को युवक की खोजबीन को एसडीआरएफ और जल पुलिस टीम ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन लापता का कहीं पता नहीं चल पाया। बताया जा रहा जा रहा है कि युवक ने गंगा में छलांग लगाने से पहले एक यात्री को मोबाइल दिया, उसके बाद आत्मघाती कदम उठाया।
लक्ष्मणझूला पुलिस के मुताबिक, मुंडलाना, मंगलौर, जिला हरिद्वार निवासी राहुल (26) पुत्र रामपाल बीती रात 11 बजे लक्ष्मणझूला पुल के पास पहुंचा और मार्ग से गुजर रहे एक यात्री को अपना मोबाइल पकड़ने के लिए दिया। यात्री कुछ समझ पाता कि राहुल ने अचानक लक्ष्मणझूला पुल से गंगा में छलांग लगा दी। यात्री ने इसकी सूचना लक्ष्मणझूला पुलिस को दी। देर रात अचानक युवक द्वारा गंगा में कूदने की घटना से पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक युवक गंगा की तेज लहरों में ओझल हो गया। मंगलवार सुबह जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने युवक की खोजबीन को सर्च अभियान चलाया। मगर उसका कहीं पता नहीं चल सका। लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष राकेंद्र कठैत ने बताया की राहुल सात महीने से लक्ष्मणझूला में योग सेंटर में रह रहा था। युवक द्वारा आत्मघाती कदम का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। पूछताछ में पता चला कि उसका किसी युवती के संग प्रेम प्रंसग चल रहा था। जिस वजह से वह काफी समय से परेशान था। संभवतः इस कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया हो। फिलहाल मामले में पुलिस परिजनों और दोस्तों से पूछताछ कर रही है। कूदने से पहले उसने एक यात्री को अपना मोबाइल पकड़ने के लिए दिया था। घटनास्थल के पास से किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है।

गजेन्द्र शेखावत ने किया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ऋषिकेश में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 298 अलग-अलग तरह के कार्य किए जा रहे है, ताकि गंगा का शुद्धिकरण हो सके। इसके तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार किए जा रहे हैं। 298 निर्माण कार्यों में से 98 पूरे हो चुके है।
ऋषिकेश में निर्माणाधीन दोनों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी तय समय सीमा में पूरा होने की उम्मीद है। कुंभ से पहले गंगा नदी का जल आचमन योग्य हो जाएगा। वह यहां बृहस्पतिवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे थे। यहां स्वामी चिदानंद सरस्वती के साथ उन्होंने पीलो पानी प्याउ से पानी पीकर उसका शुभारंभ किया किया। पीलो पानी के संस्थापक जतिन अहलावत ने पीलो शुद्ध जल मशीन के बारे में जानकारी दी।
बताया कि इसकी क्षमता 500 लीटर है। यह हर घंटे 300 लीटर आरओ प्यूरीफाइड जल उपलब्ध कराने में सक्षम है। इस दौरान शेखावत परमार्थ गंगा घाट पर आयोजित श्रीराम कथा में भी पहुंचे। यहां कुछ देर कथा सुनने के बाद वह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के लिए निकल पड़े। इस दौरान नमामि गंगे के डायरेक्टर जनरल राजीव रंजन मिश्रा, ज्वाइंट सेक्रेटरी अशोक कुमार, वित्तीय प्रमुख रोजी अग्रवाल, उत्तराखण्ड राज्य प्रमुख उदयराज, तकनीकी निदेशक प्रवीण कुमार आदि उपस्थित रहे।

30 नवंबर तक हर हाल में पूरा हो प्लांट का काम
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चंद्रेश्वर नगर में 7.5 एमएलडी के निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप से परियोजना के निर्माण की अवधि पूछी। इस पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि पहले इसका निर्माण 30 अगस्त तक किया जाना था, लेकिन अब इसे 30 दिसंबर तक पूरा किया जा सकेगा।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने 30 सितंबर तक इसे पूरा करने को कहा, लेकिन प्रोजेक्ट मैनेजर के कई पहलुओं का हवाला देने के बाद उन्होंने प्लांट को हर हाल में 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए।

26 एमएलडी प्लांट के कार्य से संतुष्ट दिखे शेखावत
लक्कडघाट में निर्माणाधीन 26 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य पर केंद्रीय जल शक्ति संतुष्ट दिखे। उन्होंने प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इसे सुंदर बगीचे रूप देने को भी कहा। कार्यदायी संस्था जीडीसीएल के प्रदीप जैन से तकनीकी जानकारी भी ली। उन्होंने आम का पौधा भी रोपा। इस दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी मौजूद रहे।

केन्द्रीय मंत्री के सामने ही भिड़े विस अध्यक्ष और दर्जाधारी
ऋषिकेश पहुंचे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के स्वागत की होड़ में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और दर्जाधारी राज्यमंत्री भगतराम कोठारी आपस में भिड़ गए। मर्यादा को भूल दोनों राजनेताओं के बीच खूब गाली गलौज हुई। यहां तक कि दोनों महानुभावों ने एक दूसरे को देख लेने तक की धमकी तक दे डाली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ऋषिकेश दौरे पर पहुंचे थे। पहले उन्होंने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे मोटर बोट से नाव घाट पहुंचे।
यहां से वे चंद्रेश्वर नगर स्थित नमामि गंगे योजना के तहत बनाए जा रहे 7.5 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने जा रहे थे। चंद्रेश्वर नगर के मोड़ पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल तथा दर्जाधारी राज्यमंत्री भगतराम कोठारी अपने-अपने समर्थकों के साथ उनके स्वागत के लिए मौजूद थे।
करीब ढाई बजे केंद्रीय मंत्री की फ्लीट पहुंची। वे अपनी कार से उतरे तो विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के बीच पहले मैं-पहले मैं की होड़ शुरू हो गई। कुछ ही पलों में यह होड़ विवाद में बदल गई और सभी मर्यादाएं तार-तार हो गईं। दोनों के बीच जमकर गाली गलौज हुई। हालांकि, बाद में दोनों महानुभावों को स्थिति का एहसास हुआ और बारी-बारी से केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। इस बारे में जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो वे मुस्कुराकर चुप्पी साध गए और आगे बढ़ गए।

किसने क्या कहा-

ये वाकया पहली बार नहीं हुआ है। पूर्व में भगवान बद्री विशाल की गाडू घड़ा यात्रा के दौरान भी विधानसभा अध्यक्ष ने मेरे साथ अभद्रता की थी। वहां मैं अपनी पत्नी के साथ दर्शन के लिए लाइन में खड़ा था। बृहस्पतिवार को ऐसा ही सलूक मेरे साथ किया गया। मैं ऐसी राजनीति से त्रस्त आ चुका हूं। अपनी बात ऊपर तक पहुंचाऊंगा। विधानसभा अध्यक्ष ने गाड़ी में बैठते-बैठते धमकाया कि मैं बताऊंगा तेरे को।
– भगतराम कोठारी, अध्यक्ष, गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड

भगतराम कोठारी काफी बड़े आदमी हैं और सरकार ने उनको काफी अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मैं जहां हूं, वहां तक पहुंचने के लिए सालों परिश्रम किया है और यह पार्टी के प्रति अगाध निष्ठा का परिणाम है। ताजा घटनाक्रम पर मैं यही कह सकता हूं कि कुछ नहीं हुआ। मेरी तरफ से यही सलाह है कि पार्टी नेताओं को संगठन की रीति नीति को समझना चाहिए।
– प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष व स्थानीय विधायक

आधी रात बछड़े को निवाला बना गया गुलदार

ऋषिकेश में गुलदार ने एक ओर घटना को अंजाम दे दिया। मंगलवार की आधी रात शिवाजी नगर क्षेत्र में गुलदार ने एक गाय के बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला। बुधवार सुबह क्षतविक्षत बछड़े के शव को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। उन्होंने घटना की सूचना वन विभाग को दी। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक शिवाजी नगर की गली नंबर 28 के पास मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों ने क्षत-विक्षत हालत में एक गाय के बछड़े को पड़ा हुआ देखा। इसकी सूचना पार्षद जयेश राणा सहित वन विभाग को दी गई। जिस स्थान पर गुलदार ने बछड़े पर हमला किया वहां काली कमली का बगीचा पास में ही है। सड़क पर रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं। लोगों गुलदार के आवासीय क्षेत्र में घुसने से डरे हुए हैं। पार्षद जयेश राणा के मुताबिक वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मिलकर मौका मुआयना किया है। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त करने का भरोसा दिलाया है।

वहीं, वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश रेंज आरपीएस नेगी का कहना है कि स्थानीय लोग यदि लिखित रूप से पिंजरा लगाने की मांग करेंगे तो इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में स्टर्डिया फैक्ट्री के पीछे झाड़ियां हैं। यहां गुलदार सक्रिय रहता है। पहले भी लोगों से झाड़ियां कटवाने की अपील की थी। मगर, इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया।