भारी बारिश से कोटद्वार में तबाही, 6 की मौत

कोटद्वार में बारह घंटे की भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई है। जबकि दुकानों से लेकर घरों तक को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के कारण सुबह 9 बजे तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग कोटद्वार-दुगड्डा के बीच में अवरूद्ध रहा। जिसके चलते कोटद्वार का अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से संपर्क कट गया।
आपदा परिचालन केन्द्र कोटद्वार से मिल रही जानकारी के अनुसार, रिफ्यूजी कालोनी में पनियाली नाले का पानी आने से रिफ्यूजी कालोनी निवासी सीपी अरोड़ा के बेटे लक्ष्य और दर्शन अरोड़ा की पत्नी ज्योति अरोडा की मौत हो गयी। जबकि मानपुर में सुरक्षा दीवार ढहने से राम सिंह रावत की पत्नी शान्ति देवी की मौत हुई है। मानपुर में ही बालक राम के पुत्र अजय की घर में पानी घुसने से मौत हुई है। कोटद्वार तहसील के अन्तर्गत भारी बारिश से रामागांव निवासी मौ0 इदरीश का मकान ढह गया है। जिसमें दबकर उसकी 16 वर्षीय पुत्री मुस्कान बानो की मौत हो गयी, जबकि पत्नी और बेटा घायल हो गये है।
बलभद्रपुर निवासी हरेन्द्र सैनी ने बताया की उसके 65 वर्षीय पिता राजे सिंह खेती करने के लिए दिल्ली फार्म के पास गये थे, जहां नाला पार करते हुए उनकी मौत हो गयी है। वहीं, भारी बारिश के कारण रिफ्यूजी कालोनी में जलभराव के दौरान हुए शॉट सर्किट से एक मकान में आग लग गयी। जिसके कारण रसोई में रखा गैस सिलेण्डर फटने से हरेन्द्र भाटिया पुत्र ओम प्रकाश, हरेन्द्र भाटिया का 19 वर्षीय पुत्र राहुल तथा सुरेन्द्र भाटिया की 42 वर्षीय पत्नी रेनू भाटिया झुलस गये जिनका उपचार स्थानीय राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में किया जा रहा है।
भारी बारिश और बादल फटने की घटना से लोग डरे हुए है। जिसके चलते कोटद्वार के कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल है। ओएफसी केबिल के कार्य नही करने से इंटरनेट सेवा भी सुचारु नही हो पाई है। प्रशासन और सामाजिक संस्थायें क्षेत्र में राहत कार्य कर रही है। लोगों में बारिश को लेकर डर बना हुआ है।

टीचर ने बच्चियों के कपड़े उतरवायें, पुलिस ने दर्ज मामला दर्ज किया

रुड़की के एक स्कूल में छठी क्लास में पढ़ने वाली दो लड़कियों को अंग्रेजी में कम अंक आने की बेहद गलत सजा दी है। रुड़की से 8 किलोमीटर दूर लंढौरा में के प्राइवेट सेकंडरी स्कूल में कम नंबर पाने पर टीचर्स ने इन दोनों लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए। लड़कियों के माता-पिता के विरोध के बाद पुलिस ने इस मामले में एक महिला टीचर के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत एक साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
यह वाकया मंगलवार का है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के स्कूलों को टीचर्स के लिए ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने को कहा है ताकि उन्हें छात्रों के साथ व्यवहार के गुर सिखाए जा सकें। इस घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (देहात) मणिकांत मिश्रा ने बताया, दोनों बच्चियों के माता-पिता का आरोप है कि पहले टीचर ने छात्राओं को फटकार भी लगाई और उसके बाद पूरी क्लास के सामने उनकी शर्ट उतार दी।

गोभी में छिपा सांप को सब्जी बनाकर खा गई मां-बेटी

इंदौर के खजराना क्षेत्र में गोभी में छुपे सांप को सब्जी के साथ खा लेने से मां-बेटी की तबियत बिगड़ गई। खाना खाते ही स्वास्थ्य गड़बड़ हुआ तो परिजन ने सब्जी का बर्तन देखा। उसमें सांप का मुंह और पूंछ के हिस्से देख होश उड़ गए। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
यह चौंकाने वाला मामला जमजम कॉलोनी में रहने वाली अफजान पति इमाम (35) और उनकी बेटी अमना (15) के साथ हुआ है। खजराना पुलिस के मुताबिक अफजान के परिवार में पति और पांच बच्चे है। अमना पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी बेटी है। शुक्रवार को अफजान ने पत्ता गोभी की सब्ज बनाई। अफजान और अमना दोनों ने खाना खाया। कुछ देर बाद उन्हें चक्कर आने लगे। अफजान के भाई रफीक ने बताया कि मां-बेटी के अलावा परिवार में किसी ने खाना नहीं खाया था। दोनों को खाना खाने के 10 से 15 मिनट बाद चक्कर आने लगे।
इस पर हमें सब्जी और रोटी पर शक गया। हमें लगा कि खाने में कुछ है जिसके कारण इन्हें चक्कर आ रहे है। सब्जी वाले बर्तन में देखा तो उसमें सांप की पूछ और उसका मुंह भी दिखाई दिया। सांप का बच्चा था जिसे सब्जी के साथ काटकर यह लोग खा गए थे। सांप को सब्जी में कटा हुआ देख सभी घबरा गए। तत्काल दोनों मां-बेटी को एमवाय अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टर का कहना है कि सांप के खा जाने से शरीर में इंफेक्शन हो गया। उन्हें ठीक होने में तीन से चार दिन लगेंगे। फिलहाल दोनों खतरे से बाहर है।

गुलदार स्कूल में घुसा और मच गई भगदड़

श्रीनगर के पास बुघाणी मार्ग पर खोला गांव में गुलदार की दहशत है। यहां गुरुवार को दोपहर के समय स्कूल में गुलदार घुस गया। इसके बाद बच्चों और टीचरों की चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार जूनियर हाईस्कूल स्कूल खोला में गुरुवार को कक्षाएं चल रही थी। स्कूल में उस वक्त चार-पांच बच्चे ही थे। जबकि तीन शिक्षिकाएं मौजूद थीं। सभी एक कमरे में थे। तभी उन्होंने गुलदार के घुर्राने की आवाज सुनीं। सभी सतर्क हो गईं। शिक्षिकाओं ने तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। इसी बीच गुलदार स्कूल के आंगन में धमक गया। इससे शिक्षिकाओं ने बच्चों की चीख-पुकार मच गई। यह सुनकर गांव के लोग स्कूल की ओर दौड़ पड़े। काफी देर तक गुलदार आंगन में घुमता रहा। ग्रामीणों को आता देख गुलदार जंगल की ओर भाग निकला।
खोला के नितिन घिल्डियाल व स्कूल की शिक्षिका राधा बिष्ट ने बताया कि स्कूल में गुलदार के घुसने की सूचना मिलने पर गांव वाले स्कूल में पहुंचे। तब जाकर गुलदार वहां से भागा। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्कूल के बच्चे व शिक्षिकाएं बुरी तरह से सहमी हुई हैं। सूचना पर श्रीनगर तहसीलदार सुनील राज व वन विभाग की टीम स्कूल में पहुंची। ग्रामीणों ने तहसीलदार व वन विभाग की टीम से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा गश्त लगाए जाने की मांग की।
तीन लोगों पर झपटा मार चुका है गुलदार
बीते बुधवार को ही गुलदार ने दो अलग-अलग बाइक में सवार तीन लोगों पर झपटा मार दिया था। इस घटना में एक महिला व युवक घायल हो गए थे। उनके पांवों पर गुलदार ने नाखून मारे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार खोला के नरेश कुमार अपनी मां बीना देवी के साथ बाइक से श्रीनगर से खोला गांव जा रहे थे। गांव के नजदीक ही सड़क के ऊपर से गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। जिसमें बीना देवी के पांवों पर गुलदार ने नाखून गाड़ दिए। बाइक का हमला होते ही नरेश कुमार ने बाइक की स्पीड तेज कर दी। जिससे वह गुलदार के चंगुल से बच गए। इसी घटना के दस मिनट बाद खोला के निर्मल घिल्डियाल(21) भी श्रीनगर से बाइक से खोला गांव आ रहे थे। घात लगाए बैठे गुलदान ने उस पर भी हमला कर दिया। निर्मल के भी पांव पर गुलदार ने नाखून मारे हैं। किसी तरह निर्मल ने गुलदार से अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही तहसीलदार सुनील राज टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को तत्काल संयुक्त अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाया। उन्होंने कहा कि वन विभाग को क्षेत्र में पिंजरा लगाने के आदेश दे दिए गए हैं।

नीतीश कुमार ने पार्टी को विश्वास में नही लिया

नीतीश कुमार के बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद जेडीयू नेता व राज्यसभा सांसद शरद यादव ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। वहीं नीतीश के फैसले से नाखुश जेडीयू के नेता शाम को शरद यादव से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। इसमें जेडीयू के राज्यसभा से सांसद अली अनवर और जेडीयू सांसद वीरेंद्र कुमार शामिल हैं।
जेडीयू महासचिव अरुण सिन्हा ने शरद यादव से मिलने के बाद कहा, नीतीश ने भरोसे में लिए बिना फैसला लिया। शरद यादव इस घटनाक्रम से काफी चिंतित हैं। ये नीतीश का निजी फैसला था और पार्टी में लोकतंत्र बना रहना चाहिए।
जेडीयू के सांसद अली अनवर ने शरद यादव से मुलाकात के बाद कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन से हैरान हूं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस फैसले की जानकारी शरद यादव को भी नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि अभी पार्टी में बगावत जैसी कोई बात नहीं है और पार्टी फोरम में अपनी बात रख रहा हूं। वहीं मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, बीजेपी ने शरद यादव को मनाने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को लगाया है और वह यादव से मुलाकात कर सकते हैं।
इससे पहले गुरुवार सुबह जेडीयू सांसद अली अनवर ने नीतीश कुमार के महागठबंधन से हटने के फैसले पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि मैं इस फैसले से खुश नहीं हूं। मेरा जमीर इस फैसले को नहीं मानता है। मीडिया से बात करते हुए सांसद अनवर ने कहा, यदि मुझे मौका मिलता है तो मैं अपनी बात जरूर रखूंगा।
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने नीतीश पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने धोखा दिया है। राहुल गांधी ने कहा, राजनीति में किसके दिमाग में क्या चल रहा है इसका पता चल जाता है। हमें तीन महीने पहले से ही पता था कि वे ऐसा करने जा रहे हैं।

सीमा विवाद से जूझ रहे भारत को श्रीलंका से मिली संजीवनी

सिक्किम में सीमा विवाद को लेकर भारत से उलझे चीन को श्रीलंका से तगड़ा झटका लगा है। श्रीलंका में बंदरगाह बना रहे चीन के सामने नई शर्तें लगा दी गई हैं और गौर करने वाली बात ये है कि श्रीलंका ने भारत के सामरिक हितों को ध्घ्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। इस संबंध में श्रीलंका कैबिनेट ने मंगलवार को हंबनटोटा पोर्ट को विकसित करने के लिए एक संशोधित समझौता पास किया।
श्रीलंका चीन की कंपनी की मदद से हंबनटोटा पोर्ट को विकसित करना चाहता है। इसके तहत किए गए पहले समझौते का खुद श्रीलंका में ही लोगों ने काफी विरोध किया, जिसके बाद इस समझौते में संसोधन करना पड़ा। यह बंदरगाह दुनिया की सबसे व्यस्त शिपिंग लेन के करीब है, यह उस वक्घ्त विवादों में घिर गया जब निजीकरण के प्रयासों के तहत इसके चीनी कंपनी के हाथों में जाने की बात सामने आई।
चीन मर्चेंट्स पोर्ट होल्डिंग्स ने 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 9 हजार 7 करोड़ रुपये) में इस बंदरगाह को विकसित करने का समझौता किया। इसके तहत कंपनी को इसमें 80 फीसदी हिस्सेदारी देने की बात तय की गई। अब नए समझौते में श्रीलंका सरकार ने बंदरगाह पर वाणिज्यिक परिचालन में चीन की भूमिका को सीमित करने की मांग की है। बंदरगाह पर व्यापक सुरक्षा निगरानी खुद के पास ही रखने को कहा है।
हंबनटोटा पोर्ट एशिया में आधुनिक सिल्क रूट का अहम हिस्सा है। इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने के नाम पर चीन यहां 15000 एकड़ जमीन अधिगृहित करने की योजना में है। ऐसे में श्रीलंका के अलावा दूसरे देशों खासकर भारत की तरफ से ऐसी चिंता जाहिर की गई कि चीन इसका इस्तेमाल नेवी बेस के तौर पर कर सकता है। श्रीलंका में भी इसे लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने अपनी जमीन खोने का डर जताया था। इसके अलावा श्रीलंका के राजनेताओं ने इतने बड़े जमीन के टुकड़े का नियंत्रण चीन के पास जाने को देश की संप्रभुता के साथ समझौते के रूप में भी देखा था।

मृतक किसान का परिवार गरीबी में कर रहा जीवन यापन

स्वाड़ी गांव के मृतक किसान राजू कुमार के परिजन बेहद गरीबी में जीवन-यापन कर रहे हैं। परिवार के मुखिया की मौत के बाद पूरा परिवार चिंतित है। चिंता जीवन-यापन की भी है और बैंक का ऋण चुकाने की भी। जो कमाने वाला था वह तो रहा नही, इसलिए आगे क्या होगा परिवार इसी चिंता में डूबा है। परिवार अभी मौत के सदमें से नही उभर पाया है। रहने के लिए मकान के नाम पर उनके पास दो जर्जर कमरे हैं। एक में परिवार के सात सदस्य रहते हैं और दूसरे कमरे में पशु रहते हैं। मकान भी इतना जर्जर है कि कभी भी गिर सकता है बारिश होने पर उससे पानी टपकता है। गौर करने वाली बात यह है कि उक्त परिवार के पास शौचालय भी नही है। परिवार में कोई भी कमाने वाला नही है। मृतक का सबसे बड़ा बेटा चौबीस साल का अजयवीर भी बेरोजगार है। मृतक का बैंक से लोन ले रखा था और लोन न चुका पाने की वजह से वह कई दिनों से तनाव में था और इसी वजह से उसने आत्म हत्या की। खास बात यह है कि शासन-प्रशासन यह कतई मानने को तैयार नही है कि उसने ऋण की वजह से आत्महत्या की। उसकी पत्नी रोशनी देवी ने बताया कि उसके पति राजू की कोई और समस्या नही थी, उसका किसी से कोई विवाद भी नही था और वह बीमार भी नही था, लेकिन दो बैंको से कर्ज लेने कारण वह कई दिनों से तनाव में था। बैंक कर्मचारी कई बार घर में भी आये और उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कई बार फोन भी किया। इसी तनाव की वजह से उसने आत्म हत्या की है।

बदरीनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त, दो की मौत

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा हुआ है। बदरीनाथ से लौट रहे चारधाम यात्रियों की बस कर्णप्रयाग में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस एक मकान के ऊपर गिरी। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि 33 घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से सात यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
घायलों को सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया जा रहा है। हादसा करीब आज शाम 4.30 बजे हुआ। यह बस श्रद्धालुओं से भरी हुई थी। इसमें महाराष्ट्र के यात्री सवार थे। यह बदरीनाथ धाम के दर्शन कर वापस ऋषिकेश लौट रहे थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस-प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

हिमाचल में थम नही रहा बस हादसों का सफा, 29 की मौत

हिमाचल प्रदेश के रामपुर में गुरुवार को खनेरी में सतलुज के किनारे हुये बस हादसे में 29 लोग मारे गये। हादसा इतना भयानक था कि यहां लाशों के अंबार लग गये। जिंदा कौन है, कौन नहीं इसे पहचानने में बचाव दल की सांसे भी फूल गईं। अपनों को पहचानने के लिए हर आखें बेकरार थी तो आंसुओं के सैलाब में मातम पसरा था। मंजर देखकर यहां हर आंख रो पड़ी। यह अभागी बस जब चली होगी तो किसी को क्या पता था कि आगे चलकर यही बस एक कार को बचाने के चक्कर में खुद ही ताबूत में बदल जायेगी और यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।
हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर खूनी खेल जारी है लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक प्रदेश में सड़क हादसों में लोग बेमौत मरते रहेंगे। सरकार की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन वे कागजों तक ही सीमित होकर रह जाती हैं। उन्हें धरातल में लाने में सरकारी अमला ही संजीदा नहीं रहता। आमतौर पर इस पहाड़ी प्रदेश में वाहनों में हो रही ओवरलोडिंग व विभागीय सिस्टम की लापरवाही से सड़क हादसों में लोग बेमौत मारे जा रहे हैं। पुलिस व परिवहन निगम ओवरलोडिंग रोकने में पूरी तरह नाकाम हो रहा है। हादसों को रोकने के लिए प्रशासन अगर सजग होता तो गुरुवार को एक साथ रामपुर के पास खनेरी में बस हादसे में एक साथ 29 लोग मौत के मुंह में समाते। इससे पहले शिमला के पास गुम्मा में हुये सड़क हादसे में भी सात लोग मारे गये थे।

सड़क हादसों पर एक नजर …
पिछले कुछ दिनों में हादसों पर नजर दौड़ायें तो 10 जून को धर्मशाला में कालापुल में हुये हादसे में तीन लोग मारे गये। 14 जून को ठियोग में जीप पलटने से दो लोग मारे गये। 15 जून को जिला कांगड़ा में चितपुर्णी रोड़ पर ढ़लियारा में भी मौत को दावत देती निजी बस में करीब 80 लोग सवार थेए जिसमें 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बस में अगर ओवरलोडिंग न होती तो यह हादसा न होता। 15 जून को जिला कांगड़ा के ढ़लियारा में हुये हादसे में भी 52 सीटर बस में 80 लोग सवार थे। 15 जून को ही शिमला में एचआरटीसी की बस पलटी तो 23 लेाग घायल हो गये। 17 जून को नेरवा में भरणू खड्ड हादसे में तीन लोग मारे गये। 18 जून को डमटाल में पति, पत्नी की एक साथ मौत हो गई। 23 जून को सोलन में जौणा जी में हादसे में तीन लोग मारे गये। इसी दिन दानोघाट में दो और लोग मारे गये। यही नहीं सड़कों की हालत भी दयनीय है। राज्य लोक निर्माण विभाग भी सड़क हादसों को लेकर सबक नहीं ले रहा है। अंधे मोड़ों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। अंधे मोड़ दुरुस्त करने की योजनाएं कागजों में सिमट कर रह गई हैं।

राहत के लिए रवाना हेलिकाप्टर गायब होने से मचा हड़कंप

अरुणाचल प्रदेश में वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर लापता हो गया है, जिसमें तीन लोग सवार थे। भारतीय वायु सेना का हेलिकाप्टर पापुम पेरे जिले में सगाली के पास गायब हो गया। हेलिकॉप्टर से आखिरी संपर्क 3 बजकर 50 मिनट पर हुआ।
हेलिकॉप्टर को बाढ़ राहत के लिए भेजा गया था। बाढ़ की वजह से सागली और ईटानगर के बीच रोड बंद हो जाने के कारण फंसे यात्रियों को लाने के लिए इसे तैनात किया गया था। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में मौसम खराब है। मैं सुरक्षित हूं, लेकिन वायुसेना के लापता हुए हेलिकॉप्टर को ढूंढने में पूरी मशीनरी लगी है। मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू और राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों को इस हेलीकॉप्टर का पता लगाने के लिए जुटाया है।
वहीं इससे पहले मंगलवार को ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू के हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण आपात स्थिति में ईटानगर में उतारा गया। घटना में केंद्रीय मंत्री को कोई चोट नहीं आई। एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर में रिजिजू एवं सात अन्य यात्री और चालक दल के सदस्य थे। हेलीकॉप्टर गुवाहाटी से अरुणाचल प्रदेश के लिए जा रहा था जब दोपहर को भारी बारिश और कोहरे से उसकी उड़ान प्रभावित हुई। जिसके चलते आज दोपहर 3.30 पर एमरजेंसी लैंडिंग एक खेत मे की गई। हेलीकॉप्टर के पायलटों ने खराब मौसम में हेलीकॉप्टर को करीब 10 मिनट तक हवा में रखने के बाद आपात स्थिति में इटानगर में एक छोटे से मैदान में उतारा। पायलट सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सदस्य हैं।

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