मृतक किसान का परिवार गरीबी में कर रहा जीवन यापन

स्वाड़ी गांव के मृतक किसान राजू कुमार के परिजन बेहद गरीबी में जीवन-यापन कर रहे हैं। परिवार के मुखिया की मौत के बाद पूरा परिवार चिंतित है। चिंता जीवन-यापन की भी है और बैंक का ऋण चुकाने की भी। जो कमाने वाला था वह तो रहा नही, इसलिए आगे क्या होगा परिवार इसी चिंता में डूबा है। परिवार अभी मौत के सदमें से नही उभर पाया है। रहने के लिए मकान के नाम पर उनके पास दो जर्जर कमरे हैं। एक में परिवार के सात सदस्य रहते हैं और दूसरे कमरे में पशु रहते हैं। मकान भी इतना जर्जर है कि कभी भी गिर सकता है बारिश होने पर उससे पानी टपकता है। गौर करने वाली बात यह है कि उक्त परिवार के पास शौचालय भी नही है। परिवार में कोई भी कमाने वाला नही है। मृतक का सबसे बड़ा बेटा चौबीस साल का अजयवीर भी बेरोजगार है। मृतक का बैंक से लोन ले रखा था और लोन न चुका पाने की वजह से वह कई दिनों से तनाव में था और इसी वजह से उसने आत्म हत्या की। खास बात यह है कि शासन-प्रशासन यह कतई मानने को तैयार नही है कि उसने ऋण की वजह से आत्महत्या की। उसकी पत्नी रोशनी देवी ने बताया कि उसके पति राजू की कोई और समस्या नही थी, उसका किसी से कोई विवाद भी नही था और वह बीमार भी नही था, लेकिन दो बैंको से कर्ज लेने कारण वह कई दिनों से तनाव में था। बैंक कर्मचारी कई बार घर में भी आये और उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कई बार फोन भी किया। इसी तनाव की वजह से उसने आत्म हत्या की है।

बदरीनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त, दो की मौत

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा हुआ है। बदरीनाथ से लौट रहे चारधाम यात्रियों की बस कर्णप्रयाग में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस एक मकान के ऊपर गिरी। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि 33 घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से सात यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
घायलों को सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया जा रहा है। हादसा करीब आज शाम 4.30 बजे हुआ। यह बस श्रद्धालुओं से भरी हुई थी। इसमें महाराष्ट्र के यात्री सवार थे। यह बदरीनाथ धाम के दर्शन कर वापस ऋषिकेश लौट रहे थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस-प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

हिमाचल में थम नही रहा बस हादसों का सफा, 29 की मौत

हिमाचल प्रदेश के रामपुर में गुरुवार को खनेरी में सतलुज के किनारे हुये बस हादसे में 29 लोग मारे गये। हादसा इतना भयानक था कि यहां लाशों के अंबार लग गये। जिंदा कौन है, कौन नहीं इसे पहचानने में बचाव दल की सांसे भी फूल गईं। अपनों को पहचानने के लिए हर आखें बेकरार थी तो आंसुओं के सैलाब में मातम पसरा था। मंजर देखकर यहां हर आंख रो पड़ी। यह अभागी बस जब चली होगी तो किसी को क्या पता था कि आगे चलकर यही बस एक कार को बचाने के चक्कर में खुद ही ताबूत में बदल जायेगी और यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।
हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर खूनी खेल जारी है लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक प्रदेश में सड़क हादसों में लोग बेमौत मरते रहेंगे। सरकार की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन वे कागजों तक ही सीमित होकर रह जाती हैं। उन्हें धरातल में लाने में सरकारी अमला ही संजीदा नहीं रहता। आमतौर पर इस पहाड़ी प्रदेश में वाहनों में हो रही ओवरलोडिंग व विभागीय सिस्टम की लापरवाही से सड़क हादसों में लोग बेमौत मारे जा रहे हैं। पुलिस व परिवहन निगम ओवरलोडिंग रोकने में पूरी तरह नाकाम हो रहा है। हादसों को रोकने के लिए प्रशासन अगर सजग होता तो गुरुवार को एक साथ रामपुर के पास खनेरी में बस हादसे में एक साथ 29 लोग मौत के मुंह में समाते। इससे पहले शिमला के पास गुम्मा में हुये सड़क हादसे में भी सात लोग मारे गये थे।

सड़क हादसों पर एक नजर …
पिछले कुछ दिनों में हादसों पर नजर दौड़ायें तो 10 जून को धर्मशाला में कालापुल में हुये हादसे में तीन लोग मारे गये। 14 जून को ठियोग में जीप पलटने से दो लोग मारे गये। 15 जून को जिला कांगड़ा में चितपुर्णी रोड़ पर ढ़लियारा में भी मौत को दावत देती निजी बस में करीब 80 लोग सवार थेए जिसमें 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बस में अगर ओवरलोडिंग न होती तो यह हादसा न होता। 15 जून को जिला कांगड़ा के ढ़लियारा में हुये हादसे में भी 52 सीटर बस में 80 लोग सवार थे। 15 जून को ही शिमला में एचआरटीसी की बस पलटी तो 23 लेाग घायल हो गये। 17 जून को नेरवा में भरणू खड्ड हादसे में तीन लोग मारे गये। 18 जून को डमटाल में पति, पत्नी की एक साथ मौत हो गई। 23 जून को सोलन में जौणा जी में हादसे में तीन लोग मारे गये। इसी दिन दानोघाट में दो और लोग मारे गये। यही नहीं सड़कों की हालत भी दयनीय है। राज्य लोक निर्माण विभाग भी सड़क हादसों को लेकर सबक नहीं ले रहा है। अंधे मोड़ों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। अंधे मोड़ दुरुस्त करने की योजनाएं कागजों में सिमट कर रह गई हैं।

राहत के लिए रवाना हेलिकाप्टर गायब होने से मचा हड़कंप

अरुणाचल प्रदेश में वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर लापता हो गया है, जिसमें तीन लोग सवार थे। भारतीय वायु सेना का हेलिकाप्टर पापुम पेरे जिले में सगाली के पास गायब हो गया। हेलिकॉप्टर से आखिरी संपर्क 3 बजकर 50 मिनट पर हुआ।
हेलिकॉप्टर को बाढ़ राहत के लिए भेजा गया था। बाढ़ की वजह से सागली और ईटानगर के बीच रोड बंद हो जाने के कारण फंसे यात्रियों को लाने के लिए इसे तैनात किया गया था। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में मौसम खराब है। मैं सुरक्षित हूं, लेकिन वायुसेना के लापता हुए हेलिकॉप्टर को ढूंढने में पूरी मशीनरी लगी है। मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू और राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों को इस हेलीकॉप्टर का पता लगाने के लिए जुटाया है।
वहीं इससे पहले मंगलवार को ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू के हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण आपात स्थिति में ईटानगर में उतारा गया। घटना में केंद्रीय मंत्री को कोई चोट नहीं आई। एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर में रिजिजू एवं सात अन्य यात्री और चालक दल के सदस्य थे। हेलीकॉप्टर गुवाहाटी से अरुणाचल प्रदेश के लिए जा रहा था जब दोपहर को भारी बारिश और कोहरे से उसकी उड़ान प्रभावित हुई। जिसके चलते आज दोपहर 3.30 पर एमरजेंसी लैंडिंग एक खेत मे की गई। हेलीकॉप्टर के पायलटों ने खराब मौसम में हेलीकॉप्टर को करीब 10 मिनट तक हवा में रखने के बाद आपात स्थिति में इटानगर में एक छोटे से मैदान में उतारा। पायलट सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सदस्य हैं।

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स्टेनोग्राफर ने कोर्ट की कार्यवाही बीच में रोकी

-तीस हजारी कोर्ट में कार्यवाही छोड़ स्टेनोग्राफर घर चलती बनीं
बोली-मेरा टाइम हो गया, टैक्सी बाहर खड़ी है

आपने सुना है कि कोर्ट के कर्मचारी की वजह से मुकदमे की कार्यवाही रोक दी जाए? दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में एक हफ्ते पहले ऐसा ही हुआ। यहां भ्रष्टाचार के मामले में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट रूम में महिला स्टेनोग्राफर कोलकाता से लाइव सीबीआई के गवाह के बयान रिकॉर्ड कर रही थी। इसी दौरान अचानक स्टेनोग्राफर ने कोर्ट को बताया कि उसके घर जाने का समय हो गया है, टैक्सी बाहर उसका इंतजार कर रही है और फिर वह कोर्ट रूम से बाहर चली गई। इस वजह से कोर्ट की कार्यवाही 5 से 10 मिनट तक बाधित हुई।

महिला के इस रवैये पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि उसने पद का अपमान और अथॉरिटी को नीचा दिखाया है। जज ने इस संबंध में एक लिखित आर्डर भी जारी किया है। इसमें घटना को बहुत ही अफसोसजनक बताते हुए कहा है कि महिला कर्मचारी ने कोर्ट की प्रक्रिया को हाईजैक किया। वो भी तब जब कई वकीलों की मौजूदगी में सुनवाई चल रही थी। उसने लोगों के सामने बहुत ही खराब तरीके का व्यवहार भी किया। इस वजह से वकीलों को कोर्ट में इंतजार करना पड़ा, जब तक कि अगला स्टेनोग्राफर नहीं गया। दरअसल, महिला स्टेनोग्राफर ने शाम 4.25 बजते ही कोर्ट की कार्यवाही को लिखना बंद कर दिया। वह जज से यह कहकर जाने लगी कि उसकी कैब बाहर इंतजार कर रही है। जज ने कहा कि कोर्ट की कार्यवाही अभी खत्म नहीं हुई है। इस पर बोली, जब तक वह अपनी उपस्थिति को दर्ज कराने के लिए जाएगी, तब तक 5 बजे जाएंगे। जज ने उसे चेतावनी दी कि वह कार्यवाही के बीच में कोर्ट से बाहर नहीं जा सकती है। दूसरे स्टेनोग्राफर के पैर में फ्रैक्चर है। इस वजह से उसे कोर्ट में नहीं बुलाया गया। इसके बावजूद स्टेनोग्राफर ने कहा कि मुझे जाना है, मुझे जाना है। इसके बाद महिला उसने प्रिसीइडिंग अफसर से कहा कि वह प्रशासन विभाग से दूसरा स्टेनोग्रफर बुलवा लें। जज ने जब दोबारा महिला को रोकने की कोशिश की तो महिला ने कोर्ट रूम में ही गवाहों और वकीलों के सामने उनसे बहस करने लगी। बोली, उसके दाएं हाथ में दर्द हो रहा है। कोर्ट की कार्यवाही दोबारा तब शुरू हुई जब दूसरी स्टेनोग्राफर के वॉकर से कोर्ट पहुंची। जज ने महिला स्टेनोग्राफर की शिकायत को जिला और सत्र न्यायालय भेज दिया है। उसके खिलाफ उपयुक्त कार्यवाही करने को भी कहा है।

आंतकी सब्जार के मारे जाने पर कश्मीर में फिर भड़की हिंसा, कर्फ्यू जारी

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर सब्जार अहमद भट के मारे जाने के बाद कश्मीर में 50 से ज्यादा जगहों पर हिंसा भड़क गई है। इसमें 1 सिविलयन की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। एहतियात के तौर पर श्रीनगर के 7 थाना एरिया में कर्फ्यू लगा दिया गया है। गांदेरबल जिल में भी धारा 144 लगा दी गई है। स्कूल-कॉलेज सोमवार तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। ट्रेन और इंटरनेट सर्विसेज भी सस्पेंड कर दी गई हैं। बता दें कि सिक्युरिटी फोर्सेस ने शनिवार को सब्जार को एक एनकाउंटर में मार गिराया था। इसकी खबर फैलते ही लोगों ने आर्मी पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक श्रीनगर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट फारूख लोन ने बताया कि रविवार को शहर के 7 थाना एरिया में कर्फ्यू लगाया गया है। जिन जगहों पर कर्फ्यू लागू है, उनमें खानयार, करालखुद, महाराज गंज, मैसुमा, नौहट्टा, रेनवाड़ी और सफाकदल शामिल हैं।
– गांदेरबल के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट तारिक हुसैन गनी ने कहा, “लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है, जो अगले आदेश तक लागू रहेगा ताकि कोई पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टीज को नुकसान न पहुंचा सके।”
– जम्मू-कश्मीर में शनिवार को सिक्युरिटी फोर्सेज ने 2 एनकाउंटर ऑपरेशन्स को अंजाम दिया। एक ऑपरेशन रामपुर सेक्टर तो दूसरा त्राल में चलाया गया। इस दौरान आर्मी ने 10 आतंकी मारे, इनमें सब्जार भी शामिल है।

बुरहान के मारे जाने के बाद 90 दिनों तक हुई थी हिंसा
– आतंकी सब्जार को पुलवामा जिले के त्राल में ढेर किया गया। वह बुरहान वानी का उत्तराधिकारी था। बुरहान को सिक्युरिटी फोर्सेस ने पिछले साल 8 जुलाई को मार गिराया था।
– बुरहान के मारे जाने के बाद भी घाटी 90 दिनों तक लगातार हिंसा की चपेट में रही थी। उस दौरान 90 सिविलियंस की मौत हुई थी, 15 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। हिंसा में 2 सिक्युरिटी पर्सनल भी शहीद हुए थे और 4000 से ज्यादा घायल हुए थे।
ट्रेनों की आवाजाही रद्द
– कश्मीर में हिंसा को देखते हुए ट्रेन सर्विस सस्पेंड कर दी गई है। रेलवे के एक ऑफिशियल ने बताया, “नॉर्थ कश्मीर में श्रीनगर-बडगाम और बारामुला के बीच ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। इसी तरह बडगाम-श्रीनगर-अनंतनाग-काजीगुंड से बनिहाल तक जाने वाली ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा वजहों से ये कदम उठाया गया है।”
– हालांकि शनिवार सुबह तक घाटी में ट्रेन रूट नॉर्मल था। बता दें कि पिछले साल बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भी हिंसा के चलते घाटी में ट्रेन सर्विस करीब 6 महीने लगातार सस्पेंड करनी पड़ी थी।

मोबाइल इंटरनेट सर्विस पर रोक
– सब्जार के मारे जाने के बाद एहतियात के तौर पर पूरे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सर्विसेज पर भी रोक लगा दी गई है। एक ऑफिशियल ने बताया कि हालांकि BSNL की ब्रॉडबैंड सर्विस नॉर्मल तरीके से चालू है। किसी तरह की अफवाहें न फैलें, इसलिए ये कदम उठाया गया है।
– बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने घाटी में 22 सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर बैन लगा दिया था, जो करीब एक महीने तक जारी रहा था। हालांकि हाल ही में बैन हटा दिया गया था।
घाटी में स्कूल-कॉलेज भी बंद
– कश्मीर में ज्यादातर कॉलेज और स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इनमें प्राइवेट इंस्टीट्यूशन भी शामिल हैं। एक ऑफिशियल ने बताया कि सब्जार के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में स्टूडेंट्स भी शामिल न हो जाएं, इसलिए ये फैसला लिया गया।

आग बुझाने के लिए दौड़ते रहे फायरकर्मी

ऋषिकेश।
फायर स्टेशन के मुताबिक रविवार दोपहर गली नंबर नौ गंगानगर क्षेत्र में एक खाली प्लाट में पड़े कूड़े के ढेर में अचानक आग लग गई। उस पर काबू में किया गया कि इसी बीच आवास विकास कॉलोनी में एक मोबाइल टॉवर के पास झाड़ियों में आग लगने की सूचना मिली। आवास विकास कॉलोनी में आग बुझाने के बाद फायर स्टेशन लौटकर सुस्ता ही रहे थे कि तभी प्राचीन वीरभद्र मंदिर के पास मीरा बेन की कुटिया के पास झाड़ियों में आग लगने की खबर मिली। सूचना फायर कर्मियों ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग को बुझा दिया। फायरकर्मियों ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है। आगजनी की घटनाओं में भी इजाफा होने लगा है। अग्निशमन अधिकारी एसएम शर्मा ने बताया कि सूचना पर पहुंची दमकल ने आग बुझा दी। जलती बीडी फेंकने से आग लगी है।

एक को बचाने में तीन युवक गंगा में बहे

-गूलर सिरासु पुल के पास एक के बहने पर दो साथी गए थे बचाने

ऋषिकेश।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर सिरासू राजस्व क्षेत्र में घूमने आए पर्यटक नावघाट के पास वालीबॉल खेल रहे थे। इनमें से तीन युवक नहाने के लिए गंगा में उतर गए। नहाते समय अब्बास (23) पुत्र मुस्तफा भाई निवासी निकट सैका अपार्टमेंट, गोदी रोड दाहौद, गुजरात तैरते हुए नदी में जैसे ही आगे बढ़ा था कि पानी की तेज धारा में आकर डूबने लगा। उसे डूबते देख हुसैन गगराड़ी (23) पुत्र सरफराज भाई निवासी निकट सैका अपार्टमेंट, गोदी रोड दाहौद, गुजरात भी बचाने में लग गया तो वह भी डूबने लगा। खुद को न बचा पाने पर दोनों ने मदद के लिए आवाज लगाई तो मोहित रावत (25) पुत्र एमएस रावत निवासी एच ब्लॉक, कालीपनी मार्ग, निकट बिड़ला मंदिर, नई दिल्ली भी उन्हें बचाने पहुंच गया लेकिन तीनों पानी की तेज धारा में बहने लगा और पानी की गहराई में ओझल हो गए। सूचना पाकर लक्ष्मणझूला प्रभारी बीएल भारती जल पुलिस और गोताखोर दल के साथ मौके पर पहुंचे और नदी में सर्च आपरेशन शुरू कराया। देर शाम तक रेस्क्यू टीम को कोई कामयाबी नहीं मिल सकी थी। पुलिस ने बताया कि युवकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

घूमने आया था 15 सदस्यीय दल
पुलिस के मुताबिक गुजरात से 15 सदस्यीय दल यमकेश्वर प्रखंड के सिरासु क्षेत्र में घूमने आया हुआ था, उनके साथ दिल्ली से आए लोग भी रह रहे थे। वे गंगा तट पर एक बीच कैंप में ठहरे हुए थे। रविवार को सभी नावघाट के पास वालीबॉल खेल रहे थे कि इनमें से कुछ युवक नहाने के लिए गंगा में गए और यह हादसा हो गया।

गंगा में डूबने से राफ्ट संचालक की मौत

ऋषिकेश।
मुनिकीरेती स्थित शिवानंद घाट पर एक राफ्टिंग कंपनी का संचालक गंगा की लहरों में डूब गया। जब तक उसे बाहर निकाला, तब तक वह दम तोड़ चुका था। धर्मपाल सिंह (26 वर्ष) पुत्र जगमोहन सिंह निवासी ग्राम शिवपुरी दोपहर करीब 12:30 बजे शिवानंद घाट पर गया था। इसी बीच वह गंगा में गिर गया और बहने लगा। आस-पास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस बीच पुलिस मौके पर पहुची और युवक को तलाश किया। कुछ ही देर में उसे गंगा से निकालकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मृतक के चचेरे भाई चंद्रपाल ने बताया कि धर्मपाल को दौरे पड़ने की शिकायत थी। वह मुनि की रेती में राफ्टिंग कंपनी का संचालन करता था।

ठेकेदार को छुड़ाने के लिए रातभर थाने मे रहे आबकारी अधिकारी

देहरादून।
रायवाला पुलिस ने शराब के ठेकेदार को शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। ठेकेदार को पुलिस से छुड़ाने के लिए जिला आबकारी अधिकारी रातभर रायवाला थाना में रहे, लेकिन बताया जाता है कि थाना प्रभारी ने उनसे बात तक नहीं की। यह शराब रायवाला ठेके के लिए लाई गई थी, लेकिन दुकान नहीं मिलने की वजह से नजदीकी एक रेस्टोरेंट में रखी गई थी, जिसे पुलिस ने अवैध बताते हुए कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख दिया।
रायवाला पुलिस ने मंगलवार रात क्षेत्र के ही एक रेस्टोरेंट में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब होने की सूचना पर छापा मारा। मौके पर अंग्रेजी शराब की 89 पेटी बरामद की गई। होटल स्वामी जगमोहन चौहान ने पुलिस को बताया कि शराब धामावाला निवासी सन्नी अग्रवाल की है। रात में ही पुलिस ने सन्नी अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया। सन्नी अग्रवाल ने रायवाला में अंग्रेजी शराब का ठेका चलाने के लिए शराब मंगाई थी। अब तक दुकान के लिए जगह नहीं मिल पाई थी। पुलिस और आबकारी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यह शराब अवैध नहीं है और इसे नियमानुसार सरकारी गोदाम से उठाया गया था। रात को ही आबकारी अधिकारी भी थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया। एसओ रायवाला के अनुसार शराब को गलत तरीके से रेस्टोरेंट में रखा गया था। इस मामले में सन्नी अग्रवाल एवं होटल स्वामी जगमोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि जिला आबकारी अधिकारी शराब के ठेकेदार को छुड़ाने के लिए रात एक बजे से सुबह छह बजे तक रायवाला थाना पर ही रहे। जिला आबकारी अधिकारी मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।