पत्नी का ईलाज करा रहे तीमारदार पति की एम्स में मौत

ऋषिकेश।
एम्स ऋषिकेश में पत्नी का ईलाज करा रहे कोटद्वार निवासी भरोसे लाल की पांव फिसलने से मौत हो गई है। बताया जा रहा कि टहलने के दौरान उनका पांव फिसल गया। जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आयी थी।
सोमवार को एम्स परिसर में तीन मंजिल से गिरकर एक अधेड़ की मौत हो गई। कोटद्वार नीबंचौड़ निवासी रामभरोसे ने कुछ दिन पूर्व ही एम्स में अपनी पत्नी का ट्यूमर का ऑपरेशन कराया था। पत्नी तीन मंजिल स्थित वार्ड में भर्ती है। पुलिस के अनुसार, टहलने के दौरान रामभरोसे का पैर फिसल गया। जिससे वह तीन मंजिल से नीचे गिर गये। उनके सिर पर गंभीर चोटें आयी। जिससे उनकी मौत हो गयी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवा दिया है। पंचनामे की कार्रवाई मंगलवार सुबह की जायेगी। उनके घरवालों को हादसे की सूचना भेज दी है। संभवत: रात तक उनके परिवार के अन्य सदस्य पहुंच जायेंगे।

जंगल में मिला क्षत-विक्षिप्त शव

ऋषिकेश।
बुधवार को रायवाला थाने को सूचना मिली मोतीचूर के जंगल में शव पड़ा है। सूचना पर रायवाला थाने के उप निरीक्षक देवेंद्र कुमार पंत तथा कांस्टेबल नंदकिशोर और शीशपाल सिंह मौके पहुंचे। मोतीचूर फाटक से लगभग 2 किमी पहले रायवाला की तरफ सड़क की बाई तरफ एक अज्ञात व्यक्ति का शव जंगल में क्षत-विक्षिप्त हालत में मिला। संभावना व्यक्त की जा रही है कि व्यक्ति पर गुलदार ने हमला किया होगा। चेहरा पहचान में आ रहा है। शव के पास से एक गेरुवे रंग का झोला मिला है, जिसके अंदर एक किताब आरती संग्रह की और एक किताब दुर्गा स्तुति की तथा 16 सौ रुपये और दो पेंट और एक कमीज मिले। इससे प्रतीत हो ता है कि मृतक कोई श्रद्धालु है। मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष कद लगभग 5 फुट 4 इंच, शरीर दुबला पतला, दाढ़ी बढ़ी हुई और उसने सफेद कमीज और नीली पेंट तथा पैरों में काली सैंडल है। मृतक की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। मृतक को संभवत: रात में गुलदार ने मारा है। उप निरीक्षक ने बताया कि मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

बच्चों के फेल होने पर केवि में हंगामा

ऋषिकेश।
मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय रायवाला में बडी संख्या में अभिभावक नौवीं कक्षा में बच्चों की कापी दोबारा चेक करवाने पहुचे। बताया कि लगभग 36 बच्चों को फेल किया गया है। कापी चेक करवाने पर अधिकांश बच्चे मामूली नंबरों से फेल पाए गए। अभिभावकों ने इस बात को लेकर हंगामा काटा कि स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर बच्चों के साथ सख्,ती की गई। कुछ बच्चे तो एक या दो नंबरों से भी रोके गए हैं। जिस पर अभिभावकों ने खूब हंगामा काटां। इनमें अधिकांश बच्चे दूसरे वर्ष के छात्र थे। ऐसें में अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। प्राचार्य बख्ते मुनीम ने बताया कि कुछ अभिभावक कापी चेक कराने आए थे। इसके लिए वे अपने ट्यूटर को भी साथ लाए थे। शिक्षकों की ओर से कापी चेक करने में कोई कोताही नहीं बरती गई।

नाराज विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम छोड़ा

ऋषिकेश।
गुरुवार को चारधाम यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम परिसर में ही स्थित एक अन्य कार्यक्रम का रुख किया। कार्यक्रम में हंस फांउडेशन के संस्थापक माता मंगला व भोले जी महाराज भी अतिथि रहे। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण हंस फांउडेशन के संस्थापकों के निजी सुरक्षा गार्डों ने विधानसभा अध्यक्ष को कार्यक्रम में जाने से रोक दिया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए। वह कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया जिससे स्थिति काफी हद तक गड़बड़ा गई।
हंस फांउडेशन के स्थानीय प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि सीमित स्थान होने और भीड़ बढ़ने से कार्यक्रम स्थल पर उहापोह की स्थिति बन गई थी। माता मंगला और भोले महाराज के सुरक्षा गार्ड दिल्ली से आए थे। सभवत: वह विधानसभा अध्यक्ष को पहचानते नहीं थे। भूलवश: गार्ड से गलती हो गई, जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया है। वहीं, प्रशिक्षु आईपीएस व कोतवाली प्रभारी निहारिका भट्ट का कहना है कि उक्त कार्यक्रम की उन्हें कोई सूचना नहीं थी। अचानक सीएम के रुख करने से दूसरे कार्यक्रम का पता नहीं चल पाया। वरना सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते।

केन्द्र सरकार की नक्सल नीति फेल हुई …

नई दिल्‍ली।
क्या केंद्र सरकार की नक्सल नीति फ़ेल हो गई है? केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी यही मानते है… इसीलिए अब वो कह रहे है कि केंद्र सरकार इस नीति पर फिर से विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि गांवों तक सड़कें जाएंगी तो माओवाद पर क़ाबू पाना आसान होगा। इरादा 44 ज़िलों में 5,000 किलोमीटर से ऊपर सड़कें बनाने का है।
वैसे सुकमा ज़िले के बुरकापाल के पास माओवादी हमले में जो 25 सीआरपीएफ़ जवान शहीद हो गए, वे वहां सड़क बना रहे मज़दूरों की सुरक्षा में लगे थे. सुकमा में बीते डेढ़ महीने में सीआरपीएफ जवानों पर ये दूसरा हमला है। जाहिर है, सड़क बनेगी तो माओवादियों पर क़ाबू पाना आसान होगा. सरकार अब अपनी नक्सल नीति बदलने की बात कर रही है।
हालांकि विकास की बात करने वाली सरकार सड़क निर्माण की नई तकनीक इस्तेमाल करने के सीआरपीएफ़ के प्रस्ताव की अब तक अनदेखी करती रही है. अगर इस पर अमल होता तो शायद ये जानें बच सकती थीं। CRPF का प्रस्ताव है कि नई तकनीक RoadCem के ज़रिए ऐसे ख़तरनाक इलाक़ों में सड़कों का निर्माण होना चाहिए, लेकिन राज्य प्रशासन ने इसे मंज़ूरी नहीं दी। दलील ये दी कि इसके लिए टेंडर दिए जा चुके है, इसलिए मज़दूरों और इंजीनियरों को लेकर इन जवानों को कई महीनों से आना-जाना पड़ रहा था।

अभियंता से अभद्रता पर कर्मचारियों का पारा चढ़ा

ऋषिकेश।
मंगलवार को जल संस्थान के तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी को कार्यालय में सोमवार को हुई घटना की जानकारी दी। बताया कि मायाकुंड में लीकेज लाइन ढूढ़ंने का काम चल रहा है। एक जगह फॉल्ट पकड़ में आ गया है। कर्मचारी और फॉल्ट की तलाश कर रहे हैं। मायकुंड में दूषित पानी आने की समस्या पर काम किया जा रहा है। बताया कि सोमवार को मायाकुंड क्षेत्र की सभासद विजय लक्ष्मी भट्ट के साथ कुछ लोग कार्यालय आ धमके। एक महिला संगीता पटेल ने सहायक अभियंता मनोज डबराल को दूषित पानी गिलास में डालकर पिलाने का प्रयास किया।
कर्मचारियों ने महिला पर गाली-गलौच करने, अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। बताया कि घटना क्रम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। कर्मचारियों ने इस तरह का व्यवहार करने का विरोध किया। बताया कि कर्मचारियों में इस घटना के बाद असंतोष और आक्रोश है। सभी कर्मचारी असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मामले की आरोपी महिला पर कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने को कड़े कदम उठाने की मांग की। एसडीएम ने कोतवाली ऋषिकेश को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायती पत्र देने वालों में जलकल अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत, सहायक अभियंता मनोज डबराल, प्रमोद हटवाल, हिमांशु असवाल, नरेन्द्र कुमार, राशीद, दशरथ दुबे, जितेन्द्र, विनीत शर्मा, युवराज सोलंकी, दाताराम रयाल, आशीष चौहान, चतर सिंह, अनिल कुमार, देवेन्द्र गुप्ता, नीशू शर्मा, नीटू शर्मा आदि शामिल रहे।

दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन पहाड़ी से टकराया

ऋषिकेश।
एसओ लक्ष्मणझूला बीएल भारती ने बताया कि हरियाणा से 80 यात्रियों का दल नीलकंठ मंदिर के दर्शन के लिए आया था। इस दल में से कुछ लोग सुबह साढ़े 10 बजे टेम्पो ट्रैवेलर से मंदिर से लौट रहे थे। घट्टूगाड के पास मोड़ काटते समय वाहन का ब्रेक फेल हो गया जिससे वाहन में सवार लोगों में चीख-पुकार गच गई। चालक विजय कुमार से सूझबूझ का परिचय देकर वाहन को पहाड़ी से टकरा दिया। घटना में सात सवारियों को चोटें आई जबकि इस टेम्पो ट्रैवेलर में कुल 15 लोग सवार थे। घायलों को सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घायलों में वेदपति (50) पत्नी सूरजमल बरवाड़ा, हिसार, दर्शन देवी (48) पत्नी बलजीत सिंह किला रोड, रोहतक, नंद किशोर (70) पुत्र रामचन्द्र शर्मा, निवासी गुरुद्वारा कॉलोनी, रोहतक, राज सिंह (49) पुत्र रिसाल सिंह, प्रवेश नगर रोहतक, जगवीर (25) पुत्र ईश्वर सिंह जिंद, राजेश (35) पुत्र नरेन्द्र सिंह, प्रेमनगर, रोहतक, शैली देवी (40) पत्नी सुभाष सैनी निवासी चिलाना रोड, कैथल घायल हो गए। घायलों की हालत खतरे से बाहर है।

व्यासी सड़क दुर्घटना में 12 लोग घायल

-9 लोग हायर सेंटर रेफर

ऋषिकेश।
शनिवार सुबह आठ बजे व्यासी के पास देहरादून से कर्णप्रयाग जा रही मैक्स (यूके11-पीए 0577) और ट्राला (यूके07सीए 3339) की भिड़ंत हो गई। भिड़त होते ही सवारियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने घायलों को सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती कराया। जहां नौ की हालत बिगड़ने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। टक्कर के बाद करीब दो घंटे तक हाईवे बंद रहा। एसओ मुनिकीरेती रवि कुमार ने बताया कि घायलों को सरकारी अस्पताल ऋषिकेश भर्ती कराया गया। जहां नौ की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घायलों में दलवीर सिंह (55) पुत्र जबर सिंह, निवासी खलीमाणा, रुद्रप्रयाग, विजय सिंह 76 पुत्र बख्तावर सिंह निवासी कोटी, चमोली, गौरव (17) पुत्र गजेन्द्र सिंह निवासी गडग्वाड़, नोटी, चमोली, विलाल 24 पुत्र मोहम्मद आबिद, निवासी शिमला बाईपास, देहरादून, कुसुम भट्ट 34 पत्नी दिनेश निवासी गोपेश्वर, चमोली, राकेश 29 पुत्र सोहन सिंह निवासी चौरासेण, चमोली, अशोक कुमार 33 निवासी कपचोरी, चमोली, रेखा देवी 26 पत्नी मदन प्रसाद निवासी बालावाला, देहरादून, गौरव नवानी 17 पुत्र द्वारिका प्रसाद निवासी नालापानी देहरादून, कलसुम 23 पत्नी विलाल अहमद निवासी शिमला बाईपास, देहरादून, कमला देवी 55 पत्नी गोविन्द सिंह निवासी कोटी, चमोली, विशंभरी देवी 52 पत्नी शीशपाल सिंह, निवासी कृषाल, चमोली शामिल हैं।

हाथी ने तोड़ी स्कूल की दीवार

ऋषिकेश।
भट्टोंवाला में बुधवार रात दो बजे के करीब एक हाथी ने गांव पहुंच कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे भगाने का प्रयास किया लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। इस बीच हाथी ने गांव के किसान हरपाल सिंह राणा, बचन सिंह राणा, टीटू राणा के खेतों में मवेशियों के लिए उगाई गई बरसीम को रौंद कर चौपट कर दिया। रवि राणा की सब्जियों के फसल उजाड़ डाली। अमर ज्योति जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक जगमोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि वापस लौटते समय हाथी ने स्कूल की बाउंड्रीवाल को टक्कर मारकर उसे गिरा दिया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना गुरुवार सुबह वन विभाग को दी। इसके बाद वन बीट अधिकारी राजेश डोभाल ने वनकर्मियों के साथ गांव में नुकसान का मुआयना किया और रिपोर्ट बनाकर विभागीय अधिकारियों को भेजी। इस बीच ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में हाथियों की आवाजाही को रोकने मांग भी की।

सवारियों से भरी बस 800 मीटर खाई में गिरी, 46 की मौत

देहरादून।
पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ है। उत्तराखंड की एक प्राईवेट बस में 56 से ज्यादा लोग सवार थे। ताजा सूचना के अनुसार पुलिस ने अब तक नदी से 46 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। इनमें कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर रेस्‍क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
त्यूणी एसओ के अनुसार प्राइवेट बस उत्तराखंड के विकासनगर (देहरादून) से त्यूणी जा रही थी। मगर सुबह करीब 11 बजे अचानक गुम्मा के पास बस बेकाबू होकर टौंस नदी में जा गिरी। हादसे का पता सबसे पहले स्‍थानीय लोगों को चला। इसके लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान एक व्यक्ति ने बस से छलांग लगा दी। उसे मामूली चोटें आई हैं। कई लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। हादसे में मृतकों का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। हादसा कैसे इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। बस में सवार ज्यादातर हिमाचल और उत्तराखंड दोनों जगहों के लोग सवार थे।
बताया जा रहा है कि बस कंडक्टर गायब है। वहीं, कुपवी एक अन्य व्यक्ति भी गायब चल रहा है। एसओ का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है। अभी मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया है। मृतकों की शिनाख्त की जा रही है। हादसे के बाद यहां लोगों का जमावड़ा लग गया है। हिमाचल सीमा पर खाई में गिरी बस हादसे पर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आर्थिक मदद के देने का निर्देश दिया है। मृतकों के आश्रितों के लिए 1 लाख की मदद के साथ गंभीर घायलों के लिए 50 हजार रुपये की मदद दी जायेगी।