तो क्या रेल हादसों का इंतजार कर रहा रुद्रपुर रेलवे स्टेशन!

बढ़ते रेल हादसों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बरेली मंडल के डीआरएम निखिल पांडेय ने रुद्रपुर रेलवे स्टेशन का दौरा करके कई खामियों को पकड़ा। उन्होंने लापरवाही बरतने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम को निलंबित कर दिया। बरेली मंडल के डीआरएम निखिल पांडेय ने रेलवे स्टेशन का दौरा करके कई खामियों को पकड़ा। डीआरएम को निरीक्षण के दौरान इलैक्ट्रॉनिक सिस्टम में अनियिमतिताएं मिली। बताया जाता है कि रेलवे ट्रेक में भी गड़बड़ी पाई गई, जिस पर डीआरएम ने स्थानीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने यहां मिली तकनीकी गड़बडिय़ों के लिए सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम के पद पर तैनात मनोज जंगपांगी को निलंबित करने के आदेश दिये। इसके अलावा डीआरएम ने रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करके सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने रेलवे के स्टेशन अधीक्षक को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीआरएम ने कहा कि रेलवे हादसों को रोकने के लिए सभी उपाय कर रहा है। इसी क्रम में उनका दौरा हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप, कभी भी ढह सकता हैं उनका मकान!

चमोली जिले के दुर्गापुर बौंला गांव के समीप टीएचडीसी के द्वारा बनाए जा रहे टनल निर्माण में हो रहे विस्फोटों के कारण यह गांव भूस्खलन के चपेट में है। भूस्खलन होने के कारण दुर्गापुर की निवासी मथुरा देवी का आवासीय मकान खतरे की जद में है। यह मकान कभी भी टूट सकता है। प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद भी ना तो अभी तक कोई अधिकारी मौके पर आया और ना तो टीएचडीसी द्वारा द्वारा कोई कार्यवाही की गई है। बता दे चमोली जिला भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील की श्रेणी में आता है। इस आवासीय मकान में मथुरा देवी के अलावा उनकी नातिन रहती है। अधिक वर्षा होने के कारण कभी भी यह मकान टूट सकता है, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अधिक वर्षा होने के कारण यह परिवार मकान टूटने के डर से रात भर सो नहीं पा रहा है। प्रशासन का आलम यह है कि जांच की बात तो कह रहा है लेकिन मौके पर जाने को कोई तैयार ही नहीं है। प्रशासन की इस अड़ियल रवैये से यह लगता है कि वह कोई अप्रिय घटना होने की इंतजार कर रहे हैं।​ वहीं, मामले में एसडीएम कह रहे है कि यह मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।​

टीएचडीसी द्वारा किए जा रहे विस्फोटों के बारे जिले के तमाम अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमारा मकान कभी भी टूट सकता है, लेकिन हमारी कोई सुध लेने वाला नहीं है। अगर कल के दिन कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मथुरा देवी

कंपनी द्वारा किए जा रहे विस्फोटों के कारण पूरा गांव प्रभावित हो रहा है मथुरा देवी का मकान तो कभी भी ध्वस्त हो सकता है।
प्रकाश नेगी ग्राम प्रधान

ब्लू व्हेल का दिखा असर, नहीं ले जा सकेंगे स्कूलों में स्मार्ट फोन

आज के दौर में क्या बच्चे और क्या बड़े। सभी ऑनलाइन गेम से अछूते नहीं है और फिर ऐसे में आया ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल। बच्चों और किशोरों को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बोर्ड की तरफ सेे स्कूलों को यह साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों स्मार्टफोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बिना इजाजत स्कूल में नहीं ला सकेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा इस्तेमाल कर रहे कंप्यूटर्स को ऐसे जगह रखा जाए जहां से उस पर नजर रखा जा सके। इसके साथ ही स्कूल को यह भी निर्देश दिया गया है कि छात्रों को इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर सुरक्षा और प्रभाव के बारे में बताया जाए। इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर डिजिटल निगरानी की व्यवस्था हो। बच्चों को केवल पहले से चयन किए हुए वेबसाइट तक पहुंचने की अनुमति देना होगा। उन्होंने कहा कि ब्लू व्हेल ही नहीं, बल्कि सभी जानलेवा वेबसाइट्स पर भी रोक लगनी चाहिए। सीबीएसई के परिपत्र में कहा गया है कि यह सूचित किया जाता है कि दृश्य या श्रव्य सामग्री को संग्रहित, रिकॉर्ड या प्ले कर सकने में समक्ष स्मार्ट मोबाइल फोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों को स्कूल या स्कूल बसों में बिना अनुमति के नहीं लाया जाए। स्कूल में प्राचार्य और स्कूल बसों में परिवहन प्रभारी इस बात का ध्यान रखें कि मोबाइल फोन नहीं लाया जा सके।

चीन की धमकियों से इस छोटे देश को नहीं पड़ा कोई फर्क

हर किसी देश पर अपनी दादागिरी दिखाने वाले चीन को इस बार एक छोटे से देश बोत्सवाना ने करारा जवाब दिया है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने चीन को दो टूक कहा है कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। विश्व में हीरों की खानों के लिए मशहूर बोत्सवाना चीन की बार-बार की धौंस से तंग आकर इयान खामा ने कहा कि हम चीन की धमकियों से डरते नहीं हैं और बोत्सवाना चीन की कॉलोनी नहीं है।
दरअसल चीन आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के प्रस्तावित दौरे के लेकर बोत्सवाना को राजनीतिक और कूटनीतिक परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। दलाई लामा 17-19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानी गेबोरोनी के दौरे पर जाने वाले थे। दलाई लामा का ये दौरा निजी बताया गया। इसके बावजूद चीन इस दौरे का विरोध कर रहा था।
हालांकि दलाई लामा का ये दौरा बाद में रद्द हो गया। जिसके बाद चीन ने कहा है कि उसके बोत्सवाना के साथ संबंध बेहतर तरीके से आगे बढ़ते रहेंगे। वह बोत्सवाना के साथ अपने संबंधों को अधिक महत्व देता है। दलाई लामा ने थकावट की वजह से बोत्सवाना का दौरा रद्द किया।
आंतरिक मामलों में चीन के दखल को देख इयान खामा बौखला़ गए। उन्होंने कहा कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। बोत्सवाना गार्जियन को दिये इंटरव्यू में राष्ट्रपति इयान खामा ने कहा कि उन्होंने तरह-तरह की धमकियां दी। चीन अपना राजदूत वापस बुला लेगा, दोनों देश के बीच रिश्ते खराब हो जाएंगे। चीन दूसरे अफ्रीकी देशों की मदद से बोत्सवाना को अलग-थलग कर देगा। दलाई लामा पर खामा ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि उनकी सेहत जल्द ठीक होगी और फिर उनका बोत्सवाना में स्वागत है, वे यहां आएं और घूमें।

चीन की बढ़ती गतिविधियों से सीमांत जनपद के चरवाहों ने पहाड़ छोड़ा

उत्तराखण्ड के सीमा बडाहोती पर लगातार चीनी और भारतीय सैनिको की बढती चहल कदमी ने इस इलाके में सालो से अपनी बकरियों को चराने वाले चरवाहो को वापस नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया है। ताजा खबर है कि चीन की सेना की ओर से चेतावनी दी है जिसमें कहा गया है कि यह चीन की सीमा है और वापस चले जाओ।
इस धमकी के बाद बकरिया चराने वाले चरवाहो ने सीमाओ से नीचे उतरने में ही अपनी भलाई समझी जबकि चरवाहें हर साल ठण्ड शुरू होने पर ही पहाडी सीमाओ से नीचे आते हे। लेकिन सीमाओ पर सैनिको की बढती चहल कदमी से बकरी चराने वाले लोगो ने ठण्ड का मौसम शुरू होने से पहले ही अपनी बकरियो के साथ नीचे की तरफ आने लग गये है। बकरी चराने वाले लोगो का कहना है कि अभी तक इनको यह रहने में कोई परेशानिया नही थी लेकिन सीमा पर चीनी सैनिको के संख्या बढ गई है और बार बार चेतावनी दी जा रही है कि कोइ्र भी जानवर नाले से पार आये तो ठीक नही होगा। जिससे सहमे चरवाहें बकरी लेकर पहाडी से नीचे की तरफ उतरने लगे है।

मीरवाइज ने फिर उगला घाटी में जहर, दस आंतकी पैदा होने का किया दावा!

हुर्रियत कांफ्रैंस (एम) चेयरमैन मीरवाइज उमर फारुख के बयान ने एकबार फिर से घाटी में हलचल पैदा कर दी है। मीरवाइज ने कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार को लगता है कि हथियार के बल पर जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित की जा सकती है लेकिन मैं उनको कहना चाहूंगा किए अगर आप एक आतंकी को मारोगे तो दस आतंकी पैदा होंगे।
मीरवाइज उमर फारुख को पिछले 57 दिनों से अपने घर में नजरबंद किया गया था। नजरबंद से छूटते ही मीरवाइज उमर फारुख जामिया मस्जिद पहुंचे और भीड़ को संबोधित किया। मीरवाइज ने कहा कि पिछले 70 साल से कश्मीर की यही परंपरा रही है। कश्मीर में लोग पैदा होते हैं और उन्हें मालूम होता है कि यह विवादित क्षेत्र है। इसी सोच के साथ वे युवा होते हैं और एक दिन मारे जाते हैं। यह लड़ाई अनवरत जारी है।
मीरवाइज ने कहाकि कश्मीर के युवा और छात्र आए दिन स्कूल और कॉलेज में प्रदर्शन करते हैं जिसकी वजह से बार-बार घाटी बंद का ऐलान होता है। इससे साफ पता चलता है कि कश्मीर के लोग क्या चाहते हैं। मीडिया पर निशाना साधते हुए मीरवाइज ने कहा कि मीडिया में कश्मीर और कश्मीर के लोगों को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। ऐसा करने से सरकार को कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

8 लोगों के शव निकालें, 25 अब भी लापता

पिथौरागढ़ मे बरसी आसमानी आफत के बाद चौथे दिन भी मांगती के घट्टा बगढ़ और मालपा मे बचाव और सर्च अभियान जारी है। व्यास घाटी के इन दोनो स्थानों पर करीब 33 लोग लापता हो गये थे। आज तक 8 लोगो के शव बरामद किये गये है। 25 लोग अभी भी लापता बताये जा रहे है। लापता लोगो मे 6 सेना के लोग है। जिसमे एक जेसीओ और 5 जवान शामिल है। वही लापता लोगो मे 12 नेपाली मूल के लोग भी शामिल है। इस घटना में 29 खच्चरों,घोडों और 22 बकरियों सहित 50 के करीब मवेशी भी लापता हो गये थे जिसमे से 6 जानवरों के शव बरामद कर लिये गये है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी का कहना है कि दोनों स्थानों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ ही सेना और आईटीबीपी रेस्कूय आपरेशन चलाये हुये है। हालात को सामन्य बनाने के लिये तेजी से काम किया जा रहा है। मागती तक सड़क की कनेक्टिविटी को बनाया जा चुका है। और अन्य कामों को भी तेजी के साथ किया जा रहा है। साथ ही खोजबीन और राहत आपरेशन जब तक सभी लोगो को पता नही चल जाता चलाया जाऐगा।
राज्य सरकार से मिले दो हैलिकाप्टरों को राहत कामों मे लगाया गया है। वही सेना के हैलिकाप्टरों की भी मदद ली जा रही है।आज सुबह धारचूला मे मौसम खराब होने के कारण राहत के कामों में कुछ परेशानी हुई लेकिन दोपहर बाद हैलीकाप्टर बूंदी और गुंजी के लिये उडा़न भर रहे है।

हरिद्वार की घटना से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आने के संकेत!

हरिद्वार की घटना से प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बवाल हो गया है। दो कैबिनेट मंत्रियों के समर्थकों में जमकर लाठी और डंडे चले। जिसमें नगर निगम के मेयर मनोज गर्ग को गंभीर चोटें आयी है। दूसरी, ओर भाजपा के चार विधायक खुलकर सतपाल महाराज के समर्थन में आ गये है। जिसे मदन कौशिक को घेरने की राजनीति के रुप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस प्रकरण से पूर्व मुख्यमंत्री निशंक और सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के बीच और खाई पट सकती है।
आरोप है कि अतिक्रमण हटाने को गई टीम पर कार्रवाई के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के समर्थकों ने मेयर मनोज गर्ग और नगर निगम हरिद्वार के कर्मचारियों पर हमला कर दिया है। जानकारी के अनुसार बारिश के कारण खन्ना नगर में जलभराव हो रहा था। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम के ठीक बराबर में पॉश कालोनी खन्ना नगर स्थित है। सुबह हुई बारिश के दौरान हरिद्वार की सड़कें जलमग्न हो गईं। खन्ना नगर में भी जलभराव हो गया। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने मेयर मनोज गर्ग मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद भीड़ का आरोप था कि प्रेमनगर आश्रम के अतिक्रमण के चलते ही कालोनी में जलभराव की नौबत आ रही है। आरोप है कि आश्रम की ओर से नाले पर भी कब्जा किया गया है। इससे पानी की निकासी रुक गई है।
मौके पर नगर निगम की टीम जैसे ही आश्रम के अतिक्रमण को तोड़ने लगी तो आश्रम के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मेयर गर्ग के साथ शहरी विकास मंत्री मंत्री मदन कौशिक के समर्थक मौजूद थे। देखते ही देखते दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आश्रम से सतपाल महाराज के समर्थक डंडे लेकर आए और उन्होंने मेयर के साथ ही नगर निगम कर्मचारियों और कौशिक समर्थकों पर हमला बोल दिया। इससे मेयर को चोट आई है। उन्हें किसी तरह बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
इस दौरान कौशिक के समर्थकों ने जेसीबी चला कर अतिक्रमण तुड़वा दिया। इससे गुस्साए महाराज समर्थकों ने पथराव किया तो जवाब में दोनों ओर से पत्थर बाजी हुई। इसमें दोनों पक्ष से करीब आधा दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस दौरान पुलिस को लाठियां फटकारकर किसी तरह स्थित नियंत्रित करनी पड़ी। मंत्री मदन कौशिक के समर्थक महाराज के समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर वहां प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन और पुलिस की टीम दोनों पक्षों को समझाने में जुटी रही। उधर, नगर निगम ने सतपाल महाराज के आश्रम के गेट पर बाहर कूड़ा डाल दिया है।

टोल दिए बिना ही अखिलेश ने काफिले को कराया पार!

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव बुधवार को उस वक्त विवादों में घिर गए जब बाराबंकी के एक टोल प्लाजा मैनेजर ने आरोप लगाया कि अखिलेश के काफिले की लगभग 175 गाड़ियां टोल का भुगतान किए बिना ही निकल गईं।
टोल प्लाजा के मैनेजर ने एक विडियो मीडिया के सामने जारी किया। इस विडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से समाजवादी पार्टी के बैनर और झंडे वाली गाड़ियों का काफिला टोल प्लाजा पर रुके बिना ही तेजी से निकलता है। इस काफिले में लग्जरी गाड़ियों के अलावा बाइकें भी शामिल थीं।
सबसे पहले इस विडियो में लाल रंग का समाजवादी पार्टी के बैनर-झंडे से सजा एक रथ निकलता है और उसके पीछे गाड़ियों का काफिला। हालांकि, विडियो में अखिलेश यादव कहीं दिख नहीं रहे हैं लेकिन दावा किया जा रहा है कि इस काफिले की ही किसी गाड़ी में अखिलेश बैठे थे। यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश के काफिले पर टोल नहीं देने का आरोप लगा है, इससे पहले भी नवंबर में विकास यात्रा के दौरान उनके काफिले की गाड़ियों पर टोल न चुकाने के आरोप लगे थे।

लगातार बारिश से बीन नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से बीन नदी उफान पर है। ऐसे में बीन नदी में वाहन चालक जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यहां उफनती नदी में कई बार वाहन फंसने से यात्रियों की जान मुसीबत में फंस चुकी है। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गंगा भोगपुर से आगे बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग के बीच में पड़ने वाली बीन नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर हरिद्वार से ऋषिकेश आ रहे वाहन बमुश्किल पार हो सके।
खतरे की आशंका को देखते हुए लक्ष्मणझूला थाना पुलिस ने हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों को रोक दिया। यातायात बाधित होने पर नदी के इस पार और उस पार वाहन खड़े गए और जलस्तर कम होने का इंतजार करने लगे। करीब 11 बजे नदी का जलस्तर घटा तब जाकर मार्ग पर बाधित यातायात सुचारू होने पर रास्ते में फंसे यात्रियों ने राहत महसूस की। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि बीन नदी के उफनाने से बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब दो घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। जलस्तर कम होने पर वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात की गई है।