8 लोगों के शव निकालें, 25 अब भी लापता

पिथौरागढ़ मे बरसी आसमानी आफत के बाद चौथे दिन भी मांगती के घट्टा बगढ़ और मालपा मे बचाव और सर्च अभियान जारी है। व्यास घाटी के इन दोनो स्थानों पर करीब 33 लोग लापता हो गये थे। आज तक 8 लोगो के शव बरामद किये गये है। 25 लोग अभी भी लापता बताये जा रहे है। लापता लोगो मे 6 सेना के लोग है। जिसमे एक जेसीओ और 5 जवान शामिल है। वही लापता लोगो मे 12 नेपाली मूल के लोग भी शामिल है। इस घटना में 29 खच्चरों,घोडों और 22 बकरियों सहित 50 के करीब मवेशी भी लापता हो गये थे जिसमे से 6 जानवरों के शव बरामद कर लिये गये है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी का कहना है कि दोनों स्थानों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ ही सेना और आईटीबीपी रेस्कूय आपरेशन चलाये हुये है। हालात को सामन्य बनाने के लिये तेजी से काम किया जा रहा है। मागती तक सड़क की कनेक्टिविटी को बनाया जा चुका है। और अन्य कामों को भी तेजी के साथ किया जा रहा है। साथ ही खोजबीन और राहत आपरेशन जब तक सभी लोगो को पता नही चल जाता चलाया जाऐगा।
राज्य सरकार से मिले दो हैलिकाप्टरों को राहत कामों मे लगाया गया है। वही सेना के हैलिकाप्टरों की भी मदद ली जा रही है।आज सुबह धारचूला मे मौसम खराब होने के कारण राहत के कामों में कुछ परेशानी हुई लेकिन दोपहर बाद हैलीकाप्टर बूंदी और गुंजी के लिये उडा़न भर रहे है।

हरिद्वार की घटना से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आने के संकेत!

हरिद्वार की घटना से प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बवाल हो गया है। दो कैबिनेट मंत्रियों के समर्थकों में जमकर लाठी और डंडे चले। जिसमें नगर निगम के मेयर मनोज गर्ग को गंभीर चोटें आयी है। दूसरी, ओर भाजपा के चार विधायक खुलकर सतपाल महाराज के समर्थन में आ गये है। जिसे मदन कौशिक को घेरने की राजनीति के रुप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस प्रकरण से पूर्व मुख्यमंत्री निशंक और सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के बीच और खाई पट सकती है।
आरोप है कि अतिक्रमण हटाने को गई टीम पर कार्रवाई के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के समर्थकों ने मेयर मनोज गर्ग और नगर निगम हरिद्वार के कर्मचारियों पर हमला कर दिया है। जानकारी के अनुसार बारिश के कारण खन्ना नगर में जलभराव हो रहा था। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम के ठीक बराबर में पॉश कालोनी खन्ना नगर स्थित है। सुबह हुई बारिश के दौरान हरिद्वार की सड़कें जलमग्न हो गईं। खन्ना नगर में भी जलभराव हो गया। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने मेयर मनोज गर्ग मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद भीड़ का आरोप था कि प्रेमनगर आश्रम के अतिक्रमण के चलते ही कालोनी में जलभराव की नौबत आ रही है। आरोप है कि आश्रम की ओर से नाले पर भी कब्जा किया गया है। इससे पानी की निकासी रुक गई है।
मौके पर नगर निगम की टीम जैसे ही आश्रम के अतिक्रमण को तोड़ने लगी तो आश्रम के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मेयर गर्ग के साथ शहरी विकास मंत्री मंत्री मदन कौशिक के समर्थक मौजूद थे। देखते ही देखते दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आश्रम से सतपाल महाराज के समर्थक डंडे लेकर आए और उन्होंने मेयर के साथ ही नगर निगम कर्मचारियों और कौशिक समर्थकों पर हमला बोल दिया। इससे मेयर को चोट आई है। उन्हें किसी तरह बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
इस दौरान कौशिक के समर्थकों ने जेसीबी चला कर अतिक्रमण तुड़वा दिया। इससे गुस्साए महाराज समर्थकों ने पथराव किया तो जवाब में दोनों ओर से पत्थर बाजी हुई। इसमें दोनों पक्ष से करीब आधा दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस दौरान पुलिस को लाठियां फटकारकर किसी तरह स्थित नियंत्रित करनी पड़ी। मंत्री मदन कौशिक के समर्थक महाराज के समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर वहां प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन और पुलिस की टीम दोनों पक्षों को समझाने में जुटी रही। उधर, नगर निगम ने सतपाल महाराज के आश्रम के गेट पर बाहर कूड़ा डाल दिया है।

टोल दिए बिना ही अखिलेश ने काफिले को कराया पार!

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव बुधवार को उस वक्त विवादों में घिर गए जब बाराबंकी के एक टोल प्लाजा मैनेजर ने आरोप लगाया कि अखिलेश के काफिले की लगभग 175 गाड़ियां टोल का भुगतान किए बिना ही निकल गईं।
टोल प्लाजा के मैनेजर ने एक विडियो मीडिया के सामने जारी किया। इस विडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से समाजवादी पार्टी के बैनर और झंडे वाली गाड़ियों का काफिला टोल प्लाजा पर रुके बिना ही तेजी से निकलता है। इस काफिले में लग्जरी गाड़ियों के अलावा बाइकें भी शामिल थीं।
सबसे पहले इस विडियो में लाल रंग का समाजवादी पार्टी के बैनर-झंडे से सजा एक रथ निकलता है और उसके पीछे गाड़ियों का काफिला। हालांकि, विडियो में अखिलेश यादव कहीं दिख नहीं रहे हैं लेकिन दावा किया जा रहा है कि इस काफिले की ही किसी गाड़ी में अखिलेश बैठे थे। यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश के काफिले पर टोल नहीं देने का आरोप लगा है, इससे पहले भी नवंबर में विकास यात्रा के दौरान उनके काफिले की गाड़ियों पर टोल न चुकाने के आरोप लगे थे।

लगातार बारिश से बीन नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से बीन नदी उफान पर है। ऐसे में बीन नदी में वाहन चालक जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यहां उफनती नदी में कई बार वाहन फंसने से यात्रियों की जान मुसीबत में फंस चुकी है। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गंगा भोगपुर से आगे बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग के बीच में पड़ने वाली बीन नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर हरिद्वार से ऋषिकेश आ रहे वाहन बमुश्किल पार हो सके।
खतरे की आशंका को देखते हुए लक्ष्मणझूला थाना पुलिस ने हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों को रोक दिया। यातायात बाधित होने पर नदी के इस पार और उस पार वाहन खड़े गए और जलस्तर कम होने का इंतजार करने लगे। करीब 11 बजे नदी का जलस्तर घटा तब जाकर मार्ग पर बाधित यातायात सुचारू होने पर रास्ते में फंसे यात्रियों ने राहत महसूस की। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि बीन नदी के उफनाने से बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब दो घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। जलस्तर कम होने पर वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात की गई है।

भारी बारिश से कोटद्वार में तबाही, 6 की मौत

कोटद्वार में बारह घंटे की भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई है। जबकि दुकानों से लेकर घरों तक को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के कारण सुबह 9 बजे तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग कोटद्वार-दुगड्डा के बीच में अवरूद्ध रहा। जिसके चलते कोटद्वार का अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से संपर्क कट गया।
आपदा परिचालन केन्द्र कोटद्वार से मिल रही जानकारी के अनुसार, रिफ्यूजी कालोनी में पनियाली नाले का पानी आने से रिफ्यूजी कालोनी निवासी सीपी अरोड़ा के बेटे लक्ष्य और दर्शन अरोड़ा की पत्नी ज्योति अरोडा की मौत हो गयी। जबकि मानपुर में सुरक्षा दीवार ढहने से राम सिंह रावत की पत्नी शान्ति देवी की मौत हुई है। मानपुर में ही बालक राम के पुत्र अजय की घर में पानी घुसने से मौत हुई है। कोटद्वार तहसील के अन्तर्गत भारी बारिश से रामागांव निवासी मौ0 इदरीश का मकान ढह गया है। जिसमें दबकर उसकी 16 वर्षीय पुत्री मुस्कान बानो की मौत हो गयी, जबकि पत्नी और बेटा घायल हो गये है।
बलभद्रपुर निवासी हरेन्द्र सैनी ने बताया की उसके 65 वर्षीय पिता राजे सिंह खेती करने के लिए दिल्ली फार्म के पास गये थे, जहां नाला पार करते हुए उनकी मौत हो गयी है। वहीं, भारी बारिश के कारण रिफ्यूजी कालोनी में जलभराव के दौरान हुए शॉट सर्किट से एक मकान में आग लग गयी। जिसके कारण रसोई में रखा गैस सिलेण्डर फटने से हरेन्द्र भाटिया पुत्र ओम प्रकाश, हरेन्द्र भाटिया का 19 वर्षीय पुत्र राहुल तथा सुरेन्द्र भाटिया की 42 वर्षीय पत्नी रेनू भाटिया झुलस गये जिनका उपचार स्थानीय राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में किया जा रहा है।
भारी बारिश और बादल फटने की घटना से लोग डरे हुए है। जिसके चलते कोटद्वार के कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल है। ओएफसी केबिल के कार्य नही करने से इंटरनेट सेवा भी सुचारु नही हो पाई है। प्रशासन और सामाजिक संस्थायें क्षेत्र में राहत कार्य कर रही है। लोगों में बारिश को लेकर डर बना हुआ है।

टीचर ने बच्चियों के कपड़े उतरवायें, पुलिस ने दर्ज मामला दर्ज किया

रुड़की के एक स्कूल में छठी क्लास में पढ़ने वाली दो लड़कियों को अंग्रेजी में कम अंक आने की बेहद गलत सजा दी है। रुड़की से 8 किलोमीटर दूर लंढौरा में के प्राइवेट सेकंडरी स्कूल में कम नंबर पाने पर टीचर्स ने इन दोनों लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए। लड़कियों के माता-पिता के विरोध के बाद पुलिस ने इस मामले में एक महिला टीचर के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत एक साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
यह वाकया मंगलवार का है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के स्कूलों को टीचर्स के लिए ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने को कहा है ताकि उन्हें छात्रों के साथ व्यवहार के गुर सिखाए जा सकें। इस घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (देहात) मणिकांत मिश्रा ने बताया, दोनों बच्चियों के माता-पिता का आरोप है कि पहले टीचर ने छात्राओं को फटकार भी लगाई और उसके बाद पूरी क्लास के सामने उनकी शर्ट उतार दी।

गोभी में छिपा सांप को सब्जी बनाकर खा गई मां-बेटी

इंदौर के खजराना क्षेत्र में गोभी में छुपे सांप को सब्जी के साथ खा लेने से मां-बेटी की तबियत बिगड़ गई। खाना खाते ही स्वास्थ्य गड़बड़ हुआ तो परिजन ने सब्जी का बर्तन देखा। उसमें सांप का मुंह और पूंछ के हिस्से देख होश उड़ गए। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
यह चौंकाने वाला मामला जमजम कॉलोनी में रहने वाली अफजान पति इमाम (35) और उनकी बेटी अमना (15) के साथ हुआ है। खजराना पुलिस के मुताबिक अफजान के परिवार में पति और पांच बच्चे है। अमना पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी बेटी है। शुक्रवार को अफजान ने पत्ता गोभी की सब्ज बनाई। अफजान और अमना दोनों ने खाना खाया। कुछ देर बाद उन्हें चक्कर आने लगे। अफजान के भाई रफीक ने बताया कि मां-बेटी के अलावा परिवार में किसी ने खाना नहीं खाया था। दोनों को खाना खाने के 10 से 15 मिनट बाद चक्कर आने लगे।
इस पर हमें सब्जी और रोटी पर शक गया। हमें लगा कि खाने में कुछ है जिसके कारण इन्हें चक्कर आ रहे है। सब्जी वाले बर्तन में देखा तो उसमें सांप की पूछ और उसका मुंह भी दिखाई दिया। सांप का बच्चा था जिसे सब्जी के साथ काटकर यह लोग खा गए थे। सांप को सब्जी में कटा हुआ देख सभी घबरा गए। तत्काल दोनों मां-बेटी को एमवाय अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टर का कहना है कि सांप के खा जाने से शरीर में इंफेक्शन हो गया। उन्हें ठीक होने में तीन से चार दिन लगेंगे। फिलहाल दोनों खतरे से बाहर है।

गुलदार स्कूल में घुसा और मच गई भगदड़

श्रीनगर के पास बुघाणी मार्ग पर खोला गांव में गुलदार की दहशत है। यहां गुरुवार को दोपहर के समय स्कूल में गुलदार घुस गया। इसके बाद बच्चों और टीचरों की चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार जूनियर हाईस्कूल स्कूल खोला में गुरुवार को कक्षाएं चल रही थी। स्कूल में उस वक्त चार-पांच बच्चे ही थे। जबकि तीन शिक्षिकाएं मौजूद थीं। सभी एक कमरे में थे। तभी उन्होंने गुलदार के घुर्राने की आवाज सुनीं। सभी सतर्क हो गईं। शिक्षिकाओं ने तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। इसी बीच गुलदार स्कूल के आंगन में धमक गया। इससे शिक्षिकाओं ने बच्चों की चीख-पुकार मच गई। यह सुनकर गांव के लोग स्कूल की ओर दौड़ पड़े। काफी देर तक गुलदार आंगन में घुमता रहा। ग्रामीणों को आता देख गुलदार जंगल की ओर भाग निकला।
खोला के नितिन घिल्डियाल व स्कूल की शिक्षिका राधा बिष्ट ने बताया कि स्कूल में गुलदार के घुसने की सूचना मिलने पर गांव वाले स्कूल में पहुंचे। तब जाकर गुलदार वहां से भागा। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्कूल के बच्चे व शिक्षिकाएं बुरी तरह से सहमी हुई हैं। सूचना पर श्रीनगर तहसीलदार सुनील राज व वन विभाग की टीम स्कूल में पहुंची। ग्रामीणों ने तहसीलदार व वन विभाग की टीम से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा गश्त लगाए जाने की मांग की।
तीन लोगों पर झपटा मार चुका है गुलदार
बीते बुधवार को ही गुलदार ने दो अलग-अलग बाइक में सवार तीन लोगों पर झपटा मार दिया था। इस घटना में एक महिला व युवक घायल हो गए थे। उनके पांवों पर गुलदार ने नाखून मारे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार खोला के नरेश कुमार अपनी मां बीना देवी के साथ बाइक से श्रीनगर से खोला गांव जा रहे थे। गांव के नजदीक ही सड़क के ऊपर से गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। जिसमें बीना देवी के पांवों पर गुलदार ने नाखून गाड़ दिए। बाइक का हमला होते ही नरेश कुमार ने बाइक की स्पीड तेज कर दी। जिससे वह गुलदार के चंगुल से बच गए। इसी घटना के दस मिनट बाद खोला के निर्मल घिल्डियाल(21) भी श्रीनगर से बाइक से खोला गांव आ रहे थे। घात लगाए बैठे गुलदान ने उस पर भी हमला कर दिया। निर्मल के भी पांव पर गुलदार ने नाखून मारे हैं। किसी तरह निर्मल ने गुलदार से अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही तहसीलदार सुनील राज टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को तत्काल संयुक्त अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाया। उन्होंने कहा कि वन विभाग को क्षेत्र में पिंजरा लगाने के आदेश दे दिए गए हैं।

नीतीश कुमार ने पार्टी को विश्वास में नही लिया

नीतीश कुमार के बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद जेडीयू नेता व राज्यसभा सांसद शरद यादव ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। वहीं नीतीश के फैसले से नाखुश जेडीयू के नेता शाम को शरद यादव से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। इसमें जेडीयू के राज्यसभा से सांसद अली अनवर और जेडीयू सांसद वीरेंद्र कुमार शामिल हैं।
जेडीयू महासचिव अरुण सिन्हा ने शरद यादव से मिलने के बाद कहा, नीतीश ने भरोसे में लिए बिना फैसला लिया। शरद यादव इस घटनाक्रम से काफी चिंतित हैं। ये नीतीश का निजी फैसला था और पार्टी में लोकतंत्र बना रहना चाहिए।
जेडीयू के सांसद अली अनवर ने शरद यादव से मुलाकात के बाद कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन से हैरान हूं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस फैसले की जानकारी शरद यादव को भी नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि अभी पार्टी में बगावत जैसी कोई बात नहीं है और पार्टी फोरम में अपनी बात रख रहा हूं। वहीं मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, बीजेपी ने शरद यादव को मनाने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को लगाया है और वह यादव से मुलाकात कर सकते हैं।
इससे पहले गुरुवार सुबह जेडीयू सांसद अली अनवर ने नीतीश कुमार के महागठबंधन से हटने के फैसले पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि मैं इस फैसले से खुश नहीं हूं। मेरा जमीर इस फैसले को नहीं मानता है। मीडिया से बात करते हुए सांसद अनवर ने कहा, यदि मुझे मौका मिलता है तो मैं अपनी बात जरूर रखूंगा।
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने नीतीश पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने धोखा दिया है। राहुल गांधी ने कहा, राजनीति में किसके दिमाग में क्या चल रहा है इसका पता चल जाता है। हमें तीन महीने पहले से ही पता था कि वे ऐसा करने जा रहे हैं।

सीमा विवाद से जूझ रहे भारत को श्रीलंका से मिली संजीवनी

सिक्किम में सीमा विवाद को लेकर भारत से उलझे चीन को श्रीलंका से तगड़ा झटका लगा है। श्रीलंका में बंदरगाह बना रहे चीन के सामने नई शर्तें लगा दी गई हैं और गौर करने वाली बात ये है कि श्रीलंका ने भारत के सामरिक हितों को ध्घ्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। इस संबंध में श्रीलंका कैबिनेट ने मंगलवार को हंबनटोटा पोर्ट को विकसित करने के लिए एक संशोधित समझौता पास किया।
श्रीलंका चीन की कंपनी की मदद से हंबनटोटा पोर्ट को विकसित करना चाहता है। इसके तहत किए गए पहले समझौते का खुद श्रीलंका में ही लोगों ने काफी विरोध किया, जिसके बाद इस समझौते में संसोधन करना पड़ा। यह बंदरगाह दुनिया की सबसे व्यस्त शिपिंग लेन के करीब है, यह उस वक्घ्त विवादों में घिर गया जब निजीकरण के प्रयासों के तहत इसके चीनी कंपनी के हाथों में जाने की बात सामने आई।
चीन मर्चेंट्स पोर्ट होल्डिंग्स ने 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 9 हजार 7 करोड़ रुपये) में इस बंदरगाह को विकसित करने का समझौता किया। इसके तहत कंपनी को इसमें 80 फीसदी हिस्सेदारी देने की बात तय की गई। अब नए समझौते में श्रीलंका सरकार ने बंदरगाह पर वाणिज्यिक परिचालन में चीन की भूमिका को सीमित करने की मांग की है। बंदरगाह पर व्यापक सुरक्षा निगरानी खुद के पास ही रखने को कहा है।
हंबनटोटा पोर्ट एशिया में आधुनिक सिल्क रूट का अहम हिस्सा है। इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने के नाम पर चीन यहां 15000 एकड़ जमीन अधिगृहित करने की योजना में है। ऐसे में श्रीलंका के अलावा दूसरे देशों खासकर भारत की तरफ से ऐसी चिंता जाहिर की गई कि चीन इसका इस्तेमाल नेवी बेस के तौर पर कर सकता है। श्रीलंका में भी इसे लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने अपनी जमीन खोने का डर जताया था। इसके अलावा श्रीलंका के राजनेताओं ने इतने बड़े जमीन के टुकड़े का नियंत्रण चीन के पास जाने को देश की संप्रभुता के साथ समझौते के रूप में भी देखा था।