लालतप्पड़ में हाईवे पर पलटा टैंकर, हादसा टला

ऋषिकेश।
मंगलवार दोपहर लालतप्पड के पास तेल से भरा टेंकर पलट गया। इससे हाईवे पर जाम लग गया। पुलिस ने टेंकर किनारे लगवा वाहनों की आवाजाही सुचारू करवाई।
तेल से भरा टेंकर यूके07-5611 लालपप्पड़ के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे तेल सड़क पर फेल गया। जिससे दुपहिया वाहन चालक चोटिल भी हुये। मौके पर पहुंची पुलिस ने टेंकर को सड़क किनारे लगवाने के साथ वाहनों की आवाजाही सुचारू करवाई। एसओ डोईवाला राजेश शाह ने बताया कि तेज से भरा टेंकर को चालक विजय सिंह पुत्र मदन निवासी अशोकनगर रुड़की चला रहा था। टेंकर में परिचालक विमल पुत्र राधेलाल भी सवार थे। टेंकर पलटने से दोनों चोटिल भी हुये।जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

शक्ति नहर में डूबे युवक की मौत

सोमवार को दोस्तों के साथ चीला घूमने आया था युवक

ऋषिकेश।
सिविल लाइन मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश निवासी बलवंत सिंह (45) पुत्र जबर सिंह सोमवार को चार दोस्तों के साथ घूमने चीला आए थे। शाम पांच बजे के आसपास वह शक्तिनगर में उतर रहे थे कि पैर फिसलने से तेज बहाव में बहने लगे। दोस्तों ने इसकी सूचना चीला पुलिस चौकी को दी। अंधेरा होने से शाम के समय पुलिस रेस्क्यू नहीं कर पाई। मंगलवार को पुलिस ने शक्ति नहर में रेस्क्यू कर शव बरामद कर लिया। कोतवाल लक्ष्मण झूला बीएल भारती ने बताया कि सोमवार को बलवंत दोस्तों के साथ चीला आए थे। इस बीच वह नहर में उतरने लगे। फिसलन होने से वह संतुलन नहीं बना पाए और नहर में बह गए। मंगलवार को पुलिस ने रेस्क्यू कर शव बरामद कर लिया है।

बिजली के खंभे में आग लगने से अफरा तफरी

ऋषिकेश।
मंगलवार को सुबह 10 बजे त्रिवेणी घाट स्थित बिजली के पोल में आग लगने से अफरातफरी मच गई। फायरकर्मियों ने आग बुझाई। हरिद्वार मुख्य मार्ग पर स्थित त्रिवेणीघाट चौक पर मंगलवार सुबह 10 बजे बिजली के पोल में आग लग गई। इससे राहगीरों में हड़कंप मच गया। अनहोनी की आशंका में ट्रैफिक को रोकना पड़ा। इसकी सूचना फायर स्टेशन को दी गई। बाइक से पहुंचे फायर कर्मियों ने केमिकल का छिड़काव कर समय पर आग पर काबू पाया। इसके बाद ट्रैफिक सामान्य हो सका। पोल पर सीसीटीवी कैमरा और पुलिस कंट्रोल का वायरलेस एंटीना भी लगा था जिसे कोई नुकसान नहीं पहुंचने की सूचना है।

डूबने के लिए गंगा में सात बार लगाई छलांग

ऋषिकेश।
सोमवार दोपहर त्रिवेणीघाट के पास कुटिया में रहने वाले बाबा नेपाल सिंह (60) पुत्र वीर सिंह गंगा की मुख्यधारा में पहुंचे और छलांग लगा दी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। गश्त कर रहे जल पुलिस के जवानों ने गंगा में कूदकर बाबा को बाहर निकाल लिया। कुछ देर तट पर बैठने के बाद बाबा फिर गंगा में कूद गए। इस बार पुलिस के जवान उन्हें उठाकर चौकी के पास ले आए। वह पुलिस से उनके चोरी किए गए त्रिशूल, बैग का पता लगाने के लिए दबाव बनाने लगे। पुलिस से आंख-मिचौली कर वह चौकी से फिर गंगातट पर आ गए और तेज बहाव में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि जल पुलिस के जवानों ने उन्हें फिर देख लिया और सुरक्षित बाहर निकाल दिया। बाबा ने करीब सात बार गंगा में कूदने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें चौकी में बिठाकर त्रिशूल-बैग बरामद करने का भरोसा दिया। चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह राणा ने बताया कि बाबा मानसिक रूप से परेशान हैं। जिस कारण वह गंगा में कूदे।

पत्नी का ईलाज करा रहे तीमारदार पति की एम्स में मौत

ऋषिकेश।
एम्स ऋषिकेश में पत्नी का ईलाज करा रहे कोटद्वार निवासी भरोसे लाल की पांव फिसलने से मौत हो गई है। बताया जा रहा कि टहलने के दौरान उनका पांव फिसल गया। जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आयी थी।
सोमवार को एम्स परिसर में तीन मंजिल से गिरकर एक अधेड़ की मौत हो गई। कोटद्वार नीबंचौड़ निवासी रामभरोसे ने कुछ दिन पूर्व ही एम्स में अपनी पत्नी का ट्यूमर का ऑपरेशन कराया था। पत्नी तीन मंजिल स्थित वार्ड में भर्ती है। पुलिस के अनुसार, टहलने के दौरान रामभरोसे का पैर फिसल गया। जिससे वह तीन मंजिल से नीचे गिर गये। उनके सिर पर गंभीर चोटें आयी। जिससे उनकी मौत हो गयी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवा दिया है। पंचनामे की कार्रवाई मंगलवार सुबह की जायेगी। उनके घरवालों को हादसे की सूचना भेज दी है। संभवत: रात तक उनके परिवार के अन्य सदस्य पहुंच जायेंगे।

जंगल में मिला क्षत-विक्षिप्त शव

ऋषिकेश।
बुधवार को रायवाला थाने को सूचना मिली मोतीचूर के जंगल में शव पड़ा है। सूचना पर रायवाला थाने के उप निरीक्षक देवेंद्र कुमार पंत तथा कांस्टेबल नंदकिशोर और शीशपाल सिंह मौके पहुंचे। मोतीचूर फाटक से लगभग 2 किमी पहले रायवाला की तरफ सड़क की बाई तरफ एक अज्ञात व्यक्ति का शव जंगल में क्षत-विक्षिप्त हालत में मिला। संभावना व्यक्त की जा रही है कि व्यक्ति पर गुलदार ने हमला किया होगा। चेहरा पहचान में आ रहा है। शव के पास से एक गेरुवे रंग का झोला मिला है, जिसके अंदर एक किताब आरती संग्रह की और एक किताब दुर्गा स्तुति की तथा 16 सौ रुपये और दो पेंट और एक कमीज मिले। इससे प्रतीत हो ता है कि मृतक कोई श्रद्धालु है। मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष कद लगभग 5 फुट 4 इंच, शरीर दुबला पतला, दाढ़ी बढ़ी हुई और उसने सफेद कमीज और नीली पेंट तथा पैरों में काली सैंडल है। मृतक की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। मृतक को संभवत: रात में गुलदार ने मारा है। उप निरीक्षक ने बताया कि मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

बच्चों के फेल होने पर केवि में हंगामा

ऋषिकेश।
मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय रायवाला में बडी संख्या में अभिभावक नौवीं कक्षा में बच्चों की कापी दोबारा चेक करवाने पहुचे। बताया कि लगभग 36 बच्चों को फेल किया गया है। कापी चेक करवाने पर अधिकांश बच्चे मामूली नंबरों से फेल पाए गए। अभिभावकों ने इस बात को लेकर हंगामा काटा कि स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर बच्चों के साथ सख्,ती की गई। कुछ बच्चे तो एक या दो नंबरों से भी रोके गए हैं। जिस पर अभिभावकों ने खूब हंगामा काटां। इनमें अधिकांश बच्चे दूसरे वर्ष के छात्र थे। ऐसें में अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। प्राचार्य बख्ते मुनीम ने बताया कि कुछ अभिभावक कापी चेक कराने आए थे। इसके लिए वे अपने ट्यूटर को भी साथ लाए थे। शिक्षकों की ओर से कापी चेक करने में कोई कोताही नहीं बरती गई।

नाराज विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम छोड़ा

ऋषिकेश।
गुरुवार को चारधाम यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम परिसर में ही स्थित एक अन्य कार्यक्रम का रुख किया। कार्यक्रम में हंस फांउडेशन के संस्थापक माता मंगला व भोले जी महाराज भी अतिथि रहे। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण हंस फांउडेशन के संस्थापकों के निजी सुरक्षा गार्डों ने विधानसभा अध्यक्ष को कार्यक्रम में जाने से रोक दिया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए। वह कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया जिससे स्थिति काफी हद तक गड़बड़ा गई।
हंस फांउडेशन के स्थानीय प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि सीमित स्थान होने और भीड़ बढ़ने से कार्यक्रम स्थल पर उहापोह की स्थिति बन गई थी। माता मंगला और भोले महाराज के सुरक्षा गार्ड दिल्ली से आए थे। सभवत: वह विधानसभा अध्यक्ष को पहचानते नहीं थे। भूलवश: गार्ड से गलती हो गई, जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया है। वहीं, प्रशिक्षु आईपीएस व कोतवाली प्रभारी निहारिका भट्ट का कहना है कि उक्त कार्यक्रम की उन्हें कोई सूचना नहीं थी। अचानक सीएम के रुख करने से दूसरे कार्यक्रम का पता नहीं चल पाया। वरना सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते।

केन्द्र सरकार की नक्सल नीति फेल हुई …

नई दिल्‍ली।
क्या केंद्र सरकार की नक्सल नीति फ़ेल हो गई है? केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी यही मानते है… इसीलिए अब वो कह रहे है कि केंद्र सरकार इस नीति पर फिर से विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि गांवों तक सड़कें जाएंगी तो माओवाद पर क़ाबू पाना आसान होगा। इरादा 44 ज़िलों में 5,000 किलोमीटर से ऊपर सड़कें बनाने का है।
वैसे सुकमा ज़िले के बुरकापाल के पास माओवादी हमले में जो 25 सीआरपीएफ़ जवान शहीद हो गए, वे वहां सड़क बना रहे मज़दूरों की सुरक्षा में लगे थे. सुकमा में बीते डेढ़ महीने में सीआरपीएफ जवानों पर ये दूसरा हमला है। जाहिर है, सड़क बनेगी तो माओवादियों पर क़ाबू पाना आसान होगा. सरकार अब अपनी नक्सल नीति बदलने की बात कर रही है।
हालांकि विकास की बात करने वाली सरकार सड़क निर्माण की नई तकनीक इस्तेमाल करने के सीआरपीएफ़ के प्रस्ताव की अब तक अनदेखी करती रही है. अगर इस पर अमल होता तो शायद ये जानें बच सकती थीं। CRPF का प्रस्ताव है कि नई तकनीक RoadCem के ज़रिए ऐसे ख़तरनाक इलाक़ों में सड़कों का निर्माण होना चाहिए, लेकिन राज्य प्रशासन ने इसे मंज़ूरी नहीं दी। दलील ये दी कि इसके लिए टेंडर दिए जा चुके है, इसलिए मज़दूरों और इंजीनियरों को लेकर इन जवानों को कई महीनों से आना-जाना पड़ रहा था।

अभियंता से अभद्रता पर कर्मचारियों का पारा चढ़ा

ऋषिकेश।
मंगलवार को जल संस्थान के तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी को कार्यालय में सोमवार को हुई घटना की जानकारी दी। बताया कि मायाकुंड में लीकेज लाइन ढूढ़ंने का काम चल रहा है। एक जगह फॉल्ट पकड़ में आ गया है। कर्मचारी और फॉल्ट की तलाश कर रहे हैं। मायकुंड में दूषित पानी आने की समस्या पर काम किया जा रहा है। बताया कि सोमवार को मायाकुंड क्षेत्र की सभासद विजय लक्ष्मी भट्ट के साथ कुछ लोग कार्यालय आ धमके। एक महिला संगीता पटेल ने सहायक अभियंता मनोज डबराल को दूषित पानी गिलास में डालकर पिलाने का प्रयास किया।
कर्मचारियों ने महिला पर गाली-गलौच करने, अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। बताया कि घटना क्रम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। कर्मचारियों ने इस तरह का व्यवहार करने का विरोध किया। बताया कि कर्मचारियों में इस घटना के बाद असंतोष और आक्रोश है। सभी कर्मचारी असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मामले की आरोपी महिला पर कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने को कड़े कदम उठाने की मांग की। एसडीएम ने कोतवाली ऋषिकेश को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायती पत्र देने वालों में जलकल अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत, सहायक अभियंता मनोज डबराल, प्रमोद हटवाल, हिमांशु असवाल, नरेन्द्र कुमार, राशीद, दशरथ दुबे, जितेन्द्र, विनीत शर्मा, युवराज सोलंकी, दाताराम रयाल, आशीष चौहान, चतर सिंह, अनिल कुमार, देवेन्द्र गुप्ता, नीशू शर्मा, नीटू शर्मा आदि शामिल रहे।