रायवाला थाना गेट और सत्यनारायण मंदिर समीप खुली पुलिस पर्यटक चौकी, सीओ ने किया शुभारंभ

चारधाम यात्रा शुरू होने पर तीर्थयात्रियों की सहायता व मार्गदर्शन के लिए रायवाला थाना क्षेत्र में दो पुलिस पर्यटक चौकी की स्थापना की गई। इन चौकी पर चारधाम यात्रा शुरू होने पर तीर्थयात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए रायवाला थाना क्षेत्र में दो पुलिस पर्यटक चौकियों की स्थापना की गई। इन चौकियों पर दिन अैर रात हर समय पुलिस तैनात रहेगी।

आज पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश दिनेश चंद्र ढौंडियाल ने रिबन काटकर पुलिस पर्यटक चौकियों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा मित्र पुलिस पर्यटकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में भी हरसंभव मदद करेगी। एक केंद्र रायवाला थाने के बाहर और दूसरा केंद्र श्री सत्यनारायण मंदिर पर खोला गया। थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर तीन-तीन जवानों को तैनात किया किया गया है। उन्हें सेनेटाइजर, मास्क और चारधाम यात्रा का रूट मैप दिया गया है।

स्पेशल बच्चों में खेल को बढ़ावा देने को खुला स्पेशल ओलंपिक भारत

विशेष बच्चों में खेल के प्रति रूचि जगाने और बढ़ावा देने के लिए स्पेशल ओलंपिक भारत का आज शुभारंभ किया गया। इसका उद्धाटन इंदिरा नगर में श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज और वरूण शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।

महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि स्पेशल बच्चों के खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले क्रियाकलापों में स्पेशल ओलंपिक भारत का महत्वपूर्ण योगदान है। इससे विशेष बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें एक अलग पहचान मिलती है।

स्पेशल ओलंपिक भारत के एरिया डायरेक्टर उत्तराखंड दिवाकर भानु प्रताप सिंह रावत ने कहा कि पहली बार उत्तराखंड को स्पेशल ओलंपिक भारत के द्वारा अलग राज्य के रूप में पहचान मिली है। पहले उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश में ही रखा जाता था जिससे उत्तराखंड के खिलाड़ियों की अपेक्षा होना स्वाभाविक था लेकिन अब उत्तराखंड पहली बार अलग राज्य की हैसियत से स्पेशल ओलंपिक भारत में अलग राज्य के रूप में प्रतिभाग करेगा। जिससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक से अधिक मौके मिलेंगे।

स्पेशल ओलंपिक भारत उत्तराखंड के स्पोर्ट्स डायरेक्टर जगदीश चौहान ने कहा कि हम स्पेशल बच्चों को स्केटिंग वॉलीबॉल, नेट बॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट आदि खेलों के लिए तैयार कर रहे हैं और अलग राज्य के रूप में पहचान मिलने पर उत्तराखंड के विशेष खिलाड़ियों को अधिक मौके मिलेंगे।

इस मौके पर पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, संजय बिष्ट, शशि राणा, भास्कर, मनमोहन अस्वाल, विजया, राजेश भट्ट, कार्यकारी अध्यक्ष कांग्रेस सुधीर राय, रंजन अंथवाल, संजय चौहान, अंकुर अग्रवाल, विमल आदि उपस्थित थे।

हिंदू नववर्ष समृद्धि एवं समरसता का प्रतीकः स्वामी चिदानंद

हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रारम्भ होता है। परमार्थ निकेतन में नव वर्ष की पर्व संध्या पर दीपदान कर विश्व शान्ति की प्रार्थना की। नव वर्ष का स्वागत करते हुये परमार्थ परिवार के सदस्यों ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में माँ गंगा के पावन तट पर दीपदान किया।

हिंदू पंचांग, ज्योतिष और धार्मिक आधार पर चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सम्पूर्ण सृष्टि और समस्त लोकों का सृजन किया था और इसी पावन तिथि को भगवान विष्णु का मत्स्यावतार भी हुआ था।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि चौत्र शुक्ल प्रतिपदा नई आशा, आनंद और खुशी का त्योहार है। यह पर्व देश की समग्र संस्कृति और समृद्ध विरासत का भी प्रतीक है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार नव संवत्सर चौत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से प्रारम्भ होता है और इसी दिन सृष्टि का प्रारम्भ हुआ। इस पवित्र दिन से हम सभी मिलकर सद्भाव, समरसता, सम्मान और समानता की सृष्टि का प्रारम्भ करें ताकि समाज का तानाबाना व्यवस्थित बना रहे। हम सभी का सम्मान करते हुये अपने मूल से; मूल्यों से; अपनी जड़ों से; अपने धर्म की जड़ों से तथा सांस्कृतिक विचारों से जुड़ें रहे क्योंकि विचार ही सबसे बड़ी वैक्सीन है।

विक्रम संवत नववर्ष की शुरुआत को चिह्नित करता है जिसे वैदिक हिंदू, कैलेंडर के रूप में भी जाना जाता है। विक्रम संवत उस दिन से संबंधित है जब सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को हराया और एक नए युग का आह्वान किया। तब खगोलविदों ने चंद्र-सौर प्रणाली के आधार पर एक नया कैलेंडर बनाया जिसमें चैत्र माह हिंदू कैलेंडर का पहला माह है और प्रतिपदा तिथि चौत्र माह के ‘वर्द्धित चरण’ का पहला दिन है। जिसमें चंद्रमा का दृश्य हर रात बड़ा होता जाता है इसलिये इसे उन्नति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।

प्रतिपदा की तिथि ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस समय चारों ओर पूरे वातावरण में भीनी-भीनी सुगंध फैली होती है, नयी फसलें भी पककर तैयार हो जाती हैं जिसके भारत जैसे कृषि प्रधान देश में नवजीवन का संचार होता है इसलिये हिंदू सौर नववर्ष को समृद्धि और समरसता का प्रतीक भी कहा जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस समय नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं इसलिये किसी भी कार्य को प्रारम्भ करने का यह शुभ अवसर होता है।

ज्ञात हो कि 2078 वर्ष पहले सम्राट विक्रमादित्य ने अपना राज्य स्थापित किया था। जिनके नाम पर विक्रमी सम्वत् आरम्भ हुआ, कहा जाता है कि उनका राज्य समृद्धि और सम्पन्नता से युक्त था। धार्मिक, गणितीय और वैज्ञानिक काल गणना पद्धति पर आधारित हिन्दू नववर्ष हमारी पुरातन संस्कृति का आधार है।

शम्याप्राश संस्था ने द कश्मीर फाइल्स के लिए रामा पैलेस में की सभी सीटें आरक्षित

ऋषिकेश सीट से निर्वाचित विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने आज परिवार और भाजपाइयों के साथ बहुचर्चित फिल्म द कश्मीर फाइल्स ऋषिकेश सिनेमा हॉल में देखी। इस दौरान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल भावुक भी हो गए।

उन्होंने फिल्म के जरिये इतिहास के छिपे तथ्यों से दर्शकों को रूबरू कराने की बात कहते हुए फिल्म निर्माताओं का आभार जताया। द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखने विधायक अग्रवाल के साथ उनकी पत्नी शशिप्रभा अग्रवाल भी पहुंची थीं। अग्रवाल ने बताया कि ऋषिकेश की शम्याप्राश संस्था ने ऋषिकेश सिनेमाघर रामा टॉकिज की सभी 600 सीटों को आरक्षित कर जागरूकता के उद्देश्य से शाम 6 बजे के शो में ऋषिकेशवासियों को निशुल्क इस फिल्म को देखने का मौका दिया। इससे पहले इस प्रकरण को यादगार बनाने के लिए हिंदू पुनरुत्थान शीर्षक से एक रैली का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर संस्था सचिव कार्तिक, सहयोगकर्ता विनायक भट्ट, ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पीयूष अग्रवाल, सुशील नौटियाल, जनार्दन कैरवान, सुभाष डोभाल, ब्रह्मानन्द भट्ट आदि उपस्थित रहे।

यूक्रेन से वापस लौटे उत्तराखंडवासियों को घर तक लाने का खर्च उठाएगी सरकार

यूक्रेन से भारत वापस लौटे उत्तराखण्ड राज्य के भारतीय नागरिकों की सूचना प्रतिदिन उपलब्ध कराये जाने तथा वापस लौटे राज्य के नागरिकों को उनके गन्तव्य तक पहुंचने हेतु ट्रेन, बस एवं टैक्सी के माध्यम से निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।

यूक्रेन से भारत वापस लौटे उत्तराखण्ड राज्य के भारतीय नागरिकों की सूचना प्रतिदिन गृह अनुभाग-8, उत्तराखण्ड शासन की ई–मेल आई०डी०–ukhomesection8@gmail.com के साथ-साथ आधिकारिक रूप से सृजित किये गये व्हाट्सअप ग्रुपों पर प्रेषित किये जाने तथा भारत वापस लौटे राज्य के नागरिकों को उनके गन्तव्य तक पहुंचने के सम्बन्ध में ट्रेन, बस एवं टैक्सी में से जिस माध्यम से भी उनके द्वारा जाने की इच्छा प्रकट की जाय, की निःशुल्क व्यवस्था आपके कार्यालय द्वारा की जायेगी और इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय उत्तराखण्ड राज्य द्वारा वहन किया जायेगा।

उत्तराखंडः किरायेदारी विधेयक पर राजभवन में लगी मुहर

राजभवन ने उत्तराखंड किरायेदारी विधेयक-2021 पर मुहर लगा दी है। सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में हुए विधानसभा सत्र में यह विधेयक पारित कराया था। विधेयक के अधिनियम बनने से जहां मकान मालिक व किरायेदार दोनों के हित सुरक्षित होंगे, वहीं राज्य में किरायेदारी आवास बाजार पनपने से आवास की कमी भी दूर हो सकेगी।

प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष केंद्र सरकार की ओर से जारी किरायेदारी अधिनियम के माडल प्रारूप को उत्तराखंड में लागू करने का निर्णय लिया। चौथी विधानसभा के दिसंबर में हुए अंतिम सत्र में इससे संबंधित विधेयक के पारित होने के बाद इसे मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था। इस पर राजभवन ने स्वीकृति दे दी है।

किरायेदारी विधेयक के अधिनियम बनने से राज्य में किरायेदारी आवास बाजार को नई दिशा मिलेगी।विधेयक में प्रविधान है कि किराये के आवास के संस्थागतकरण को सक्षम बनाया जाएगा। घरों की कमी को देखते हुए इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और यह व्यवसाय माडल किराया आवास का अवसर देगा। इसके साथ ही मकान मालिक और किरायेदार के हितों की सुरक्षा के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए राज्य में किराया प्राधिकरण अस्तित्व में आएगा। यदि मकान मालिक व किरायेदार का कोई विवाद है तो उसका निबटारा इस प्राधिकरण में हो सकेगा।

यूक्रेन में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर दो नोडल अधिकारी नियुक्त हुए

यूक्रेन में निवासरत उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के संबंध में नोडल अधिकारी बनाये गए हैं।

उपर्युक्त विषयक अवगत कराना है कि वर्तमान में रूस एवं यूकेन के मध्य युद्ध की स्थिति को देखते हुए यूक्रेन में निवासरत उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के सम्बन्ध में उनके परिजनों से प्राप्त हो रही जरूरी सूचनाओं के संकलन हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाता है।

नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे यूक्रेन में निवासरत उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों के परिजनों से प्राप्त हो रही सूचनाओं का संकलन करते हुए गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें।

2 यह भी उल्लेखनीय है कि यूक्रेन की आपात स्थिति के दृष्टिगत सोशल मीडिया पर अनेक अफवाहें प्रसारित होने से यूक्रेन में निवासरत् उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों के परिजनों में भय एवं आशंका व्याप्त हो रही है। अतः इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि अपने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट (Social media monitoring unit) के माध्यम से अफवाहों पर नियंत्रण रखते हुए प्रभावित नागरिकों के परिजनों से तत्काल समन्वय स्थापित कर यथा- आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें।

यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों को भारत सकुशल वापस लाने का सिलसिला शुरू


यूक्रेन पर रूस के हमलों के बाद वहा फंसे भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन यूक्रेन से बेहद सीमित संख्या में फ्लाइट होने के चलते हजारों भारतीयों को वापस लाने में कई दिन लग सकते हैं। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने भी यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों को वापस लाने के लिए कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के एक-एक नागरिक को सकुशल लाया जाएगा।

बुधवार को रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर हवाई हमले किए। हालांकि अभी नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की चिंता होने लगी है। करीब 20 हजार से ज्यादा भारतीय यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में रहते हैं। इनमें से अधिकतर आईटी सेक्टर औऱ मेडिकल क्षेत्र के हैं। उत्तराखंड के भी 400 से 500 छात्र यूक्रेन में रहते हैं, इनमें से ज्यादातर मेडिकल क्षेत्र के हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों को लाने का अभियान शुरू कर दिया है। आज पहली फ्लाइट भारतीयों को लेकर भारत वापस आ गई है। उत्तराखंड के छात्रों के लेकर भी मुख्यमंत्री ने लगातार केंद्र सरकार से संपर्क साधे हैं। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से भी बात की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय की ओर से आश्वस्त किया गया है कि भारतीय छात्रों व नागरिकों को सकुशल वापस लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में मौजूद उत्तराखंड राज्य के नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड के कई छात्र यूक्रेन की राजधानी कीव, लिवीव और खारकीव शहरों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हैं। इनमें राजधानी देहरादून के छात्र भी हैं।

11 हजार रूपए की आर्थिक मदद से बालिका के वार्षिक परीक्षा शुल्क में मिलेगी मदद

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने देहरादून में शिक्षणरत एक मेधावी निर्धन बालिका को वार्षिक परीक्षा शुल्क देने में आशिक मदद की है। संस्था की ओर से बालिका को 11 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

रेलवे रोड स्थित कार्यालय में क्लब द्वारा ऋषिकेश निवासी एक छात्रा जो देहरादून के कॉलेज में प्रोफेशनल शिक्षा ग्रहण कर रही है उक्त बालिका के वार्षिक परीक्षा शुल्क में कुछ कमी रह गई थी जिस कारण बालिका को परीक्षा देने में समस्या आ रही थी ऐसे में क्लब द्वारा आंशिक सहयोग करते हुए 11 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।

संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि इस लाइनस्टिक वर्ष के आरंभ में क्लब द्वारा जरूरतमंद लोगों को शिक्षा चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग करना अपने एजेंडे में प्राथमिक रूप से दर्ज किया था। इसी के तहत क्लब द्वारा शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में जरूरतमंदों को सहयोग किया जा रहा है आगे भी क्लब अपने इस प्रयास को जारी करें रखेगा।

इस अवसर पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष जगमीत सिंह, सचिव विकास ग्रोवर, कोषाध्यक्ष पवन शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष महेश किंगर अंकित कालड़ा आदि उपस्थित रहे।

होम स्टे, साहसिक और पर्यटन निवेश प्रोत्साहन के लिए उत्तराखंड पर्यटन को मिला सर्वश्रेष्ठ स्टाल पुरस्कार

देहरादून। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के सहयोग से अयोजित तीन दिवसीय इंडिया ट्रेवल मार्ट (आईटीएम) का शनिवार को समापन हो गया। इसमें यात्रियों को आकर्षक पैकेज और अनूठे पर्यटन स्थल की विस्तार से जानकारी दी गई। भारत प्रमुख बी2बी ट्रैवल एंड टूरिज्म शोकेस और कॉन्क्लेव के पहले दो दिन यात्रा व्यापार के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी। जबकि मार्ट के अंतिम दिन शनिवार को घरेलू व अन्य पर्यटन की संभावनाओं से रूबरू कराया गया। इस मौके पर ट्रैवल एजेंटों, पैन इंडिया के टूर संचालकों और उत्तराखण्ड पर्यटन व गुजरात पर्यटन के अधिकारियों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के समापन के मौके पर उत्तराखण्ड पर्यटन को होम स्टे, साहसिक और पर्यटन निवेश प्रोत्साहन व गुजरात पर्यटन को धोलावीरा (विश्व यूनेस्को विरासत स्थल) और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्टाल पुरस्कार से नवाजा गया।

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के उपनिदेश योगेन्द्र कुमार गंगवार ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के लिए पहले से तय गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए उत्तराखण्ड लगातार काम कर रहा है। कार्यक्रम का उददेश्य यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक मनोरंजक तथा परेशानी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से यात्रियों को विभिन्न आकर्षक पैकेज और अनूठे पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई।

आईसीएम ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शोकेस और कॉन्क्लेव की निरंतर सफलता भारत में यात्रा सेवाओं की बढ़ती मांग और घरेलू और बाहर जाने वाले यात्रियों की खर्च करने की शक्ति को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा, आईटीएम देहरादून ने उत्तराखण्ड और पैन इंडिया के ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों के साथ बी2बी और नेटवर्किंग का अवसर प्रदान किया।

आईटीएम देहरादून के अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन, गुजरात पर्यटन के अधिकारियों और भीमताल, हरिद्वार, देहरादून, मसूरी, दिल्ली के अन्य होटल व्यवसायियों और देहरादून से टूर ट्रैवल एसोसिएशन और मीडिया के बीच वीडियो प्रस्तुतियों के साथ बातचीत सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के दौरान, राज्य पर्यटन अधिकारियों ने कम ज्ञात स्थलों (अहमदाबाद से पोलो वन दिवस यात्रा), वन्यजीव पर्यटन, विरासत पर्यटन, एडवेंचर और ईको टूरिज्म, धार्मिक और तीर्थ पर्यटन, समुद्र तट, रुचि के स्थान, व्यंजन, मेला और त्योहारों पर प्रकाश डाला गया।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ), ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई), एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई), आउटबाउंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ओटीओएआई), एडवेंचर टूर जैसे ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन, ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीओएआई), इंडिया गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन (आईजीटीए), महाराष्ट्र टूर ऑर्गनाइजर्स एसोसिएशन (एमटीओए), द आईएएआई एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएआई), ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश (टीटीएयूपी), एंटरप्रिंग ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, (ईटीएए), ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआई), टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (टीओए), टूरिज्म लीडर्स क्लब (टीएलसी), और ट्रैवल मैगज़ीन- ट्रैवल मेल द्वारा प्रतिभाग किया गया।