लायंस क्लब डिवाइन ने कैंसर पीड़ित बालिका को उपचार के लिए दी आर्थिक मदद


लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा कैंसर से पीड़ित एक बालिका के उपचार हेतु 11 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी गई।

क्लब संस्थापक ला ललित मोहन मिश्र ने बताया कि स्थापना से ही जरूरतमंदों की सहायता करता रहा है चाहे वह विद्यार्थियों की शिक्षा के रूप में हो, गरीब कन्या के विवाह के लिए हो। जरूरतमंदों के राशन के रूप में हो, कोरोना काल में जरूरतमंदों की सहायता हो। चिकित्सा के रूप में हो, रक्तदान शिविरों के माध्यम से हो, अथवा शीतकाल में त्रिवेणी घाट पर नियमित रूप से चाय वितरण के रूप में हो क्लब हमेशा सेवा करता रहा है।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए गत दिनों क्लब को यह ज्ञात हुआ ऋषिकेश की कैंसर से पीड़ित एक बालिका का इलाज जॉलीग्रांट में हो रहा है। क्लब द्वारा अपने संपर्कों से प्रयास कर मरीज की अस्पताल में भी चिकित्सीय सहायता की गई तथा आज 11 हजार रूपए नगद दिए।

इस अवसर पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष जगमीत सिंह, सचिव विकास ग्रोवर, कोषाध्यक्ष पवन शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष महेश किंगर, अंकित कालड़ा, प्रदीप गुप्ता आदि उपस्थित थे।

गोष्ठी में आप नेताओं ने हिमालय को लेकर अपनी चिंता जाहिर की

विश्व पहाड़ दिवस पर आम आदमी पार्टी ने गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में आप नेताओं ने हिमालय को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने मानव जीवन बचाने के लिए पहाड़ों के संरक्षण पर जोर दिया।
शनिवार को हरिद्वार मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में गोष्ठी का शुभारंभ आप विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए दृढ़ राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी रही है। दसके चलते जमीनी क्रियान्वयन नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि पहाड़ को जिंदा रखना है, तो पहाड़ को समझना होगा। उन्होंने आपदाओं, नदी घाटियों, हिमालय क्षेत्र की वनस्पतियों एवं जीवों को लेकर विस्तृत जानकारी दी। कहा कि कोविड जैसी महामारी ने आमजन को अच्छे से अहसास करा दिया है कि हमारे जीवन में स्वच्छ पर्यावरण, पेड़ पौधों और सबसे महत्वपूर्ण पहाड़ों की क्या उपयोगिता है। पहाड़ बचेंगे तभी जीवन बच पायेगा। मौके पर पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल, चंद्रमोहन भट्ट, दिनेश कुलियाल, सुनील सेमवाल, कार्यालय प्रभारी सरदार निर्मल सिंह, पंकज गुसाईं, प्रभात झा, विक्रांत भारद्वाज, लोकेश तायल, चन्द्र प्रकाश, सुनील वर्मा, अश्वनी सिंह आदि उपस्थित रहे।

सीएम आवास में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट ’बोधिसत्व’ का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट बोधिसत्व में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन, पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन मंच पर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के विजन पर किया जा रहा उत्तराखण्ड का विकासः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को विजन दिया है। इस विजन को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

विकास और प्रकृति में संतुलन आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक संपदा है। इस प्राकृतिक संपदा के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिमालय को बचाने एवं प्रकृति के साथ संतुलन के लिए सभी को आगे आना होगा। प्राकृतिक संपदाओं एवं अन्य स्रोतों से राज्य की आय बढ़ाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

केन्द्र सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य होने के नाते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। किसी भी चुनौती से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार का राज्य को हर संभव सहयोग मिलता रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा सबकी सामूहिक यात्रा है। राज्य के विकास के लिए जो भी जन सुझाव प्राप्त होंगे उन सुझावों पर पूरा विचार किया जायेगा। प्रदेश के समग्र विकास के लिए अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा हाई वैल्यू एग्रीकल्चर और प्राकृतिक खेती पर फोकस हो
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी युवा राज्य है। उत्तराखण्ड के पास अनेक प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उत्तराखण्ड के बहुमुखी विकास के लिए नये सिरे सोचना होगा। सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को शिक्षा का हब बनाना होगा। माध्यमिक शिक्षा का हब तो उत्तराखण्ड है, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और प्रयास करने होंगे। उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रयासों की जरूरत है। हाई वैल्यू एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रयास करने होंगे। एरोमैटिक एवं मेडिसनल प्लांट, फ्लोरीकल्चर, हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में विशेष प्रयास होने चाहिए। उत्तराखण्ड में महिलाएं लगनशील हैं। महिलाओं को अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाय। उत्तराखण्ड को स्वयं प्राकृतिक खेती की ओर जुटना चाहिए। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिये कि उत्तराखण्ड में जितने भी साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन हैं, वे मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करें। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले दस सालों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन से चार गुना बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राज्य के विकास के लिए नया ब्लू प्रिंट बनाकर दिया जायेगा।

साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरीः डॉ के विजनराघवन
केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास हिमालय के रूप में बड़ी संपदा है। हिमालय देश एवं दुनिया को प्रभावित करता है। हिमालय को सस्टनेबल तरीके से प्रोटक्ट करना एवं इसके लिए डैवलपमेंट के कार्य करना एक बड़ा कार्य है। इसमें अनेक सांइंटिफिक इंस्टीट्यूट काफी कार्य कर चुके हैं। इसके लिए साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरी है।

हिमालय के प्रति सबकी जिम्मेदारीः डॉ अनिल जोशी
पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि बोधिसत्व के माध्यम से राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। हिमालयी राज्यों को आपस में लगातार चिंतन एवं मंथन करने की जरूरत है। हिमालय सबका है, इसके प्रति सबकी भागीदारी होनी चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए अपनी कमजोरी एवं ताकत का नये सिरे से विश्लेषण करना जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि भौगोलिक विषमताओं के बावजूद भी इन्फ्रास्ट्रक्चर में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में कई क्षेत्रों में मजबूतियां भी हैं, तो कुछ क्षेत्रों में चुनौती भी हैं। हिमालय, गंगा, जलवायु एवं शांतप्रिय समाज यहां की मजबूती हैं। रोजगार, कनेक्टिविटी, पलायन को रोकना, आपदा एवं बोर्डर ऐरिया से संबंधित मामले राज्य के समक्ष चुनौतियां भी हैं। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन चुनौतियों को कम करने के लिए राज्य में प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से संवाद कर सुझाव लिये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, नीति आयोग से डॉ. नीलम पटेल, सचिव नियोजन बीवीआरसी पुरूषोत्तम, मुख्यमंत्री के चीफ कॉर्डिनेटर दुर्गेश पंत, शासन से प्रमुख सचिव, सचिव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थानों के निदेशक एवं गणमान्य उपस्थित थे।

महिला चौपाल में मताधिकार के बारे में बताया

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने आज राजकीय इंटर कॉलेज, कोरबा (साहिया) में ‘‘महिला चौपाल’’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने मतदान शपथ दिलवाकर किया। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत स्वीप के अन्तर्गत वोटर कार्ड बनाने व मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा है। अधिक से अधिक लोगों को मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक लोग अपने मत का प्रयोग करें।
उन्होंने बताया कि 1 नवम्बर से 30 नवम्बर तक राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में 18 साल के युवाओं, महिलाओं को केंद्रित कर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। गत चुनाव के आधार पर महिला वोटर की संख्या जिन क्षेत्रों में कम रही वहां विशेष जागरूकता कैंप आयोजित किये जा रहे हैं। चकराता क्षेत्र में महिला वोटर अनुपात कम रहने के कारण मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिनांक 26 नवम्बर, 2021 को राजकीय इंटर कॉलेज, कोरबा (साहिया) में ‘‘महिला चौपाल’’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न बूथ की 11 बीएलओ ने अपने क्षेत्र में वोटर कार्ड बनाने व किसी भी तरह के वोटर कार्ड में संशोधन करने के बारे में चर्चा की।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को खेल द्वारा निर्वाचन के विषय में बताया गया। विशेष तौर पर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1950, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा आदि की जानकारी दी गई। ईवीएम मशीन का प्रदर्शन कर वोट देने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक रूप से समझाया गया। उपस्थित महिलाओं द्वारा बहुत से प्रश्न पूछकर जानकारी ली। गांव क्वारना के बुजुर्ग वोटर भवान जोशी (105 वर्ष) द्वारा अपने अनुभवों को बताते हुए सभी से वोट देने की अपील की गई। अंत में समस्त उपस्थित महिलाओं द्वारा जौनसार का लोक नृत्य ‘‘नाटी’’ प्रस्तुत कर कार्यक्रम को लोक संस्कृति से सरोबार कर दिया। इस कार्यक्रम में स्वीप कॉर्डिनेटर सुजाता, स्वीप कन्सल्टेंट अनुराग गुप्ता, विनोद कुमार प्रधानाचार्य, हिमांशु नेगी, मेधा चमोला, स्थानीय महिलाओं, महिला स्वयं सहायता समूह बीएलओ व 18 साल से अधिक आयु के युवाओं ने प्रतिभाग किया।

सीएम ने स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में छात्रावासों में रह रहे छात्रों से मिले। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों की कैंटीन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर सभी बच्चे उत्साहित थे। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को अपनी पढ़ाई एवं खेलों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पूरे जज्बे के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन बच्चों को स्कूल जाने के लिए नई स्कूल बस के लिए जल्द प्रपोजल बनाकर भेंजे।
इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय एवं विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे।

मतदाता जागरूकता सचल वाहन मतदाताओं को करेंगे जागरूक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने सोमवार को सचिवालय में मतदाता जागरूकता के लिये मतदाता जागरूकता सचल वाहनों (वोटर अवेयरनेस वैन) को रवाना किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा मतदाताओं और महिला मतदाताओं को वोटर लिस्ट के पंजीकरण हेतु प्रेषित करना है। इस विषय में जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती सौजन्या ने बताया कि विधान सभा के आगामी सामान्य निर्वाचन के दृष्टिगत वर्तमान में गतिमान विधान सभा निर्वाचक नामावली का 1 जनवरी 2022 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु गढ़वाल एवं कुमायूँ मण्डल के लिए एक-एक वोटर अवेयरनेस वैन को देहरादून से रवाना किया गया।
सौजन्या ने विस्तार से जागरूकता रथों के रूट की जानकारी भी मीडिया को दी। गढ़वाल मण्डल में दिनांक 15 नवंबर, 2021 को देहरादून, विकासनगर एवं चकराता, दिनांक 16 नवंबर, 2021 को त्यूनी, पुरोला और बड़कोट, दिनांक 17 नवंबर, 2021 को उत्तरकाशी, टिहरी और घनसाली, दिनांक 18 नवंबर, 2021 को तिलवाड़ा, अगस्तयामूनी एवं ऊखीमठ, दिनांक 19 नवंबर, 2021 को रूद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग, दिनांक 20 नवंबर, 2021 को श्रीनगर, पौड़ी और सतपुली, दिनांक 21 नवंबर, 2021 को लैन्सडॉन, कोटद्वार और हरिद्वार, दिनांक 22 नवंबर, 2021 को बहादाराबाद, लक्सर और रूड़की में वैन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। कुमाऊं मण्डल में दिनांक 15 नवंबर, 2021 को देहरादून एवं जसपुर, दिनांक 16 नवंबर, 2021 को काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, एवं रूद्रपुर, दिनांक 17 नवंबर, 2021 को किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा एवं बनबसा, दिनांक 18 नवंबर, 2021 को टनकपुर, चंपावत एवं लोहाघाट, दिनांक 19 नवंबर, 2021 को पिथौरागढ़, डीडीहाट एवं थल, दिनांक 20 नवंबर, 2021 को चौकोली, बागेश्वर, कौसानी एवं सोमेश्वर, दिनांक 21 नवंबर, 2021 को द्वाराहाट, रानीखेत एवं अल्मोड़ा, दिनांक 22 नवंबर, 2021 को मुक्तेश्वर, नैनीताल एवं हल्द्वानी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उक्त वैन के साथ नुक्कड़ नाटक टीम, स्वीप सामग्री तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम रहेगा। जनपदों की स्वीप टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक टीम के साथ मिलकर क्षेत्र के युवा एवं महिला मतदाता केन्द्रित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
पहला जागरूकता नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन कलाकारों ने सचिवालय परिसर में किया जिसकी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सराहना की। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, स्वीप नोडल मो असलम, स्वीप कॉडिर्नेटर सुजाता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए सचिव स्तर पर हो रही समीक्षा

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा सोमवार को सचिवालय में आवास एवं शहरी विकास विभाग से सम्बन्धित मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा की।
शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत कोविड 19 के राहत पैकेज से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि पर्यावरण मित्रों एवं पीएम स्वनिधि में पंजीकृत लाभार्थियों को 5 माह तक दी जाने वाली 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अविलम्ब वितरित कर सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने राज्य स्तरीय घोषणाओं के तहत प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों को बनाये जाने वाले घरों तथा राज्य के पर्यटन स्थलों में बहुस्तरीय कार पार्किंग निर्माण योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग की जिला स्तरीय 32 घोषणाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा। इसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र खटीमा में पार्कों के सौंदर्यीकरण, शहीद स्थल निर्माण, स्ट्रीट लाइट कार्य, वेंडर जोन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्य, डोईवाला में स्व. मांगेलाल अग्रवाल की मूर्ति स्थापना, जसपुर में नगर पालिका भवन निर्माण, श्रीनगर नगर निगम बनाये जाने, रानीखेत में आंतरिक मार्गों के निर्माण, नैनीताल में पारम्परिक हाट निर्माण सहित विभिन्न जनपदों के लिये विभिन्न निर्माण कार्यों से सम्बन्धित घोषणायें शामिल हैं। उन्होंने इस संबंध में शीघ्रता से कार्यवाही किये जाने को कहा है।
आवास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला स्तरीय 5 घोषणाओं, जिसमें विधानसभा क्षेत्र खटीमा में दीनदयाल पार्क के सौन्दर्यीकरण, शौचालयों के निर्माण, विकासनगर में पार्किंग का निर्माण, देवप्रयाग के जाखणीधार में पार्किंग व्यवस्था शामिल है। इस सम्बन्ध में भी शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये।
बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डे, उप सचिव एच.एस. बसेड़ा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य स्थापना दिवस पर गांव से लेकर राजधानी तक आयोजित होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 09 नवम्बर को आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह को गरिमा के साथ आयोजित किये जाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में निर्देश दिये कि राज्य स्थापना दिवस को उत्तराखण्ड महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। एक सप्ताह तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव के दौरान राजधानी से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक कार्यक्रमों को आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौरव पुरस्कार प्रदान किये जाने की भी बात कही जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित लोगों को पुरस्कृत किये जाने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का आयोजन बेहतर ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की संख्या नहीं गुणवत्ता एवं गरिमा के साथ आयोजन पर ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों से जनपदों में आयोजित हाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि सभी अधिकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राज्य हित से जुड़ी अपेक्षाओं के अनुरूप विकास योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उत्तराखण्ड को विकास की दृष्टि ़से अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिये भावी योजनाओं के संचालन में अपने विवेक एवं अनुभवों के भी उपयोग पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के समग्र विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास का विभागवार वीजन भी तैयार किये जाने पर बल दिया।

बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन विभाग विनोद कुमार सुमन ने प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूप रेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 21वें राज्य स्थापना दिवस समारोह के विशेष अवसर पर दिनांक 09 नवम्बर, 2021 को प्रातः 9ः55 से 11ः30 बजे तक पुलिस लाईन, देहरादून में ‘‘राज्य स्थापना दिवस‘‘ आयोजित की जायेगी। जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा तथा परेड की सलामी राज्यपाल द्वारा ली जायेगी। परेड के पश्चात् राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा सम्बोधन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सभी विभागों एवं जिलाधिकारियों को बैठक में लिये गये निर्णयों से अवगत करा दिया जायेगा ताकि इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को बेहतर ढं़ग से आयोजित किया जा सके।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानन्द, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वी.वी.आर.सी. पुरूषोतम, एस.ए.मुरूगेशन, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।

400 करोड़ के केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का प्रधानमंत्री ने किया लोकार्पण व शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ धाम में गोवर्धन पूजा के अवसर पर को बाबा केदार की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने लगभग 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें आदि गुरू शंकराचार्य के पुनर्निर्मित समाधि स्थल और नई प्रतिमा का अनावरण के साथ तीर्थ पुरोहितों के आवास, सरस्वती नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा तथा घाटों का निर्माण, मन्दाकिनी नदी तट पर बाढ़ सुरक्षा हेतु भार वाहक दीवार, गरुड़ चट्टी के लिये मन्दाकिनी नदी पर पुल के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें श्री केदारनाथ धाम में संगम घाट का पुनर्विकास एवं रेन शैल्टर शेड, प्राथमिक चिकित्सा एवं पर्यटक सुविधा केन्द्र, मन्दाकिनी आस्था पथ पंक्ति प्रबन्धन, मन्दाकिनी वाटर एटीएम एवं मन्दाकिनी प्लाजा, प्रशासनिक कार्यालय एवं अस्पताल भवन, केदारनाथ तीर्थ स्थल में संग्रहालय (म्यूजियम) परिसर, सरस्वती सिविक एमेनिटी भवन का निर्माण कार्य शामिल है। इस अवसर पर राज्यपाल ले.ज.(से.नि) गुरमीत सिंह, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु आदि भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि आपदा के बाद केदारनाथ धाम पूरी आन बान और शान के साथ फिर से खड़ा होगा। केदारनाथ पुनर्निर्माण को उन्होंने ’ईश्वरी कृपा’ बताया और इसमें योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार प्रकट किया।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ में भारत की संस्कृति की व्यापकता का अलौकिक दृश्य दिखाई देता है। यहां आकर महसूस होता है कि भारत की ऋषि परंपरा कितनी महान है। मैं यहां जब भी आता हूं कण-कण से जुड़ जाता हूं। उन्होंने कहा कि गरुड़चट्टी से मेरा पुराना नाता है। मेरा सौभाग्य है कि गोवर्धन पूजा के दिन उन्हें केदारनाथ दर्शन का सौभाग्य मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केदारनाथ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। 2013 की आपदा के दौरान मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। इस दौरान केदारनाथ आपदा को याद कर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आपदा में जो नुकसान यहां हुआ, वो अकल्पनीय था। हर कोई सोचता था कि क्या ये हमारा केदारनाम धाम फिर से उठ खड़ा हो पाएगा, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि यह धाम पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केदारनाथ के पुनर्निर्माण का जो सपना देखा था वो आज पूरा हो रहा है। इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों में तत्परता दिखाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। उन्होंने इन पुनीत प्रयासों के लिए मंदिर के रावल, पुजारियों और इन निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी उठाने वाले सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया। खासतौर पर उन्होंने पुनर्निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि बर्फबारी और कड़कड़ाती ठंड के बीच यहां निर्माण का काम करना बेहद मुश्किल था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने पवित्र मठों की स्थापना की और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पुनर्जागरण का काम किया। बाल्यावस्था में ही उन्होंने सबकुछ त्यागकर देश, समाज और मानवता के लिए जीने वालों के लिए एक सशक्त परंपरा खड़ी की है। आदि गुरु शंकराचार्य को शंकर का अवतार बताते हुए उन्होंने कहा कि ’शं करोति सः शंकरः’ का तात्पर्य है, जो कल्याण करे, वही शंकर है। इस व्याकरण को भी आचार्य शंकर ने प्रत्यक्ष प्रमाणित किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन जन-साधारण के कल्याण में खपा दिया। आज हम सभी आदि शंकराचार्य जी की समाधि की पुनः स्थापना के साक्षी बन रहे हैं। एक समय था जब आध्यात्म को, धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखा जाने लगा था। लेकिन, भारतीय दर्शन तो मानव कल्याण की बात करता है, जीवन को पूर्णता के साथ समग्र तरीके में देखता है। आदि शंकराचार्य ने समाज को इस सत्य से परिचित कराने का काम किया है।

कहा कि हमारे यहां सदियों से चारधाम यात्रा का महत्व रहा है। तीर्थाटन हमारे यहां जीवन काल का हिस्सा माना गया है। अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केंद्रों को उसी गौरव भाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि वे तीर्थ और धार्मिक स्थलों का भ्रमण जरूर करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है, अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है। अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। भारत का प्राचीन सांस्कृतिक स्वरूप कैसा रहा होगा, आज हम इसकी कल्पना कर सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में काशी का भी कायाकल्प हो रहा है। विश्वनाथ धाम का कार्य बहुत तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्या, काशी और मथुरा का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश अब गौरव के साथ अपने लिए बड़े लक्ष्य तय कर रहा है। देश कठिन समय सीमाएं निर्धारित करता है, तो कुछ लोग कहते हैं कि इतने कम समय में ये सब कैसे होगा, होगा भी या नहीं होगा। तब मैं कहता हूं कि समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना अब भारत को मंजूर नहीं है।

उत्तराखण्ड के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, चारों धाम सुरक्षित हाईवे से जुड़ रहे हैं। भविष्य में यहां केदारनाथ तक श्रद्धालु केबल कार के जरिए आ सकें, इससे जुड़ी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां पास में ही पवित्र हेमकुंड साहिब जी भी हैं। हेमकुंड साहिब जी के दर्शन आसान हों, इसके लिए वहां भी रोप-वे बनाने की तैयारी है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चारधाम यात्रा आने वाले भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में यहां पिछले 100 वर्षों से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने कोरोना संक्रमण में साहस का परिचय दिया। कोरोना टीकाकरण की पहली डोज में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। ये उत्तराखंड की ताकत है, सामर्थ्य है। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी अब उसी के काम आएगी, पलायन रुकेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री धामी को धन्यवाद भी दिया। कहा कि मुझे पूरा विश्वास है जितनी ऊंचाई पर उत्तराखंड है भविष्य में वह उतनी ही ऊंचाई हासिल करेगा।

उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री का है विशेष लगाव- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का हिमालय तथा यहां पर स्थित मंदिरों से विशेष लगाव रहा है। चाहे कैलाश मानसरोवर की यात्रा हो अथवा केदारपुरी में तप एवं ध्यान साधना हो, यहां की भूमि से आपने सदैव एक असीम आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा प्राप्त की है, जिसने आपको निरंतर भारत वर्ष के समग्र कल्याण का कार्य करने की शक्ति दी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म संस्कृति में आदि गुरु शंकराचार्य जी को कौन नहीं जानता। वे भारत की राष्ट्रीय एवं आध्यात्मिक चेतना के सूत्रधार थे। भारत की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं, वेदों एवं उपनिषेदों के असीम ज्ञान के संरक्षण व संवर्धन का श्रेय आदिगुरू शंकराचार्य को ही जाता है। उनकी इसी महान परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य आज हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है।

भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारधाम के पुनर्निर्माण एवं आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि की पुनर्स्थापना के लिए आदि गुरु जैसी ही जिजीविषा, संकल्प और धैर्य की आवश्यकता थी, जो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में परिलक्षित होती है। आज का दिन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी के निर्देशन में केदारपुरी में जहां प्रथम चरण के 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहीं 184 करोड़ के कार्य द्वितीय चरण में गतिमान है। इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए जहां 245 करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं गंगोत्री व यमनोत्री के लिए भी करोड़ों रूपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री जो कहते हैं, जो सोचते हैं, वही अन्तोत्गत्वा करते हैं।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सम्पूर्ण विश्व में बढ़ रहा है भारत तथा भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत एवं भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान, स्वाभिमान संपूर्ण विश्व में बढ़ रहा है तथा भारत विश्व गुरू के पद पर पुनः आरूढ़ होने के लिए तैयार हो रहा है। देश में जो कार्य कभी नामुमकिन से प्रतीत होते थे वे आज पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं। चाहे वो राम मंदिर का मुद्दा हो, धारा 370 का मुद्दा हो, तीन तलाक का मुद्दा हो या शक्तिशाली भारत के सम्पूर्ण विकास की बात हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धाम ने राज्य में चल रही केन्द्र की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।


राज्य के विकास में मिल रहा है केन्द्र सरकार का भरपूर सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जो पहले नामुमकिन लग रहे थे। पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा करीब एक लाख करोड़ रूपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिये स्वीकृत हुई है। जिनमें से बहुत सी योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और अन्य पर कार्य चल रहा है। हम पहाड़ में रेल का सपना देखते थे। मोदी ने इस सपने को साकार किया है। आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तथा सामरिक दृष्टि एवं भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसी प्रकार चार धाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट पर भी तीव्र गति से काम किया जा रहा है। चार धाम यात्रा उत्तराखण्ड के लिए लाइफ लाईन है और ये परियोजनाएं जहां चारधाम यात्रा को सुगम बनाएंगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी वहीं हमारी अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन भी लाएगी।

प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में संचालित हो रहा सबसे बड़ा ’सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से हम कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। परन्तु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने जहां एक ओर इस महामारी से डटकर मुकाबला किया है, वहीं विकास की गति को भी आगे बढ़ाया है। यह माननीय प्रधानमंत्री जी का ही नेतृत्व है कि देश में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीनेशन अभियान ’सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ चल रहा है। पूरी दुनिया में इसकी सराहना की जा रही है। प्रदेश सरकार ने भी सफलतापूर्वक कोविड की प्रथम डोज को लगाने का लक्ष्य समय से पूर्व ही शत प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। साथ ही दूसरी डोज भी करीब 50 प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है। कोरोना महामारी से प्रभावित पर्यटन, परिवहन, क्षेत्रों के लिये 200 करोड़ का राहत पैकेज, स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती एवं इससे जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन हेतु 205 करोड़ तथा महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिये 118 करोड़ का राहत पैकेज प्रदान किया जा रहा है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लोगों के खातों में भेजी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, जन-स्वास्थ्य, बिजली, पानी, कनेक्टिविटी, रोजगार, महिला एवं बाल विकास, खेती-किसानी, सिंचाई हर क्षेत्र में उत्तराखंड ने पिछले पांच वर्षों में अभूतपूर्व तरक्की की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार उत्तराखंड में जो विकास कार्य कर रही है वे ’’न भूतो न भविष्यति’’ हैं।
हमारी सरकार ने जहां 24 हजार सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो उद्यम योजना के द्वारा हम लाखों को स्वरोजगार द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर बढ रहे हैं।

जवानों को मिठाई खिलाकर राज्यपाल और सीएम ने मनाई दीपावली

राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरहद पर तैनात देश के जवानों के साथ दीवाली मनाई। अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत मा. राज्यपाल और मुख्यमंत्री दीपावली पर इस्ट कैम्प, गढवाल स्काउट, माणा पहुंचे और सेना के जवानों के साथ मिलकर उनका हौसला बढाया। इस मौके पर उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटते हुए दीपावली की शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में सरहदों पर तैनात देश के जवानों के जोश और जुनून पर हम सबको गर्व है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के ईस्ट कैंप माणा पंहुचने पर सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर देकर उनका स्वागत किया।

राज्यपाल ने सेना के जवानों में जोश भरते हुए कहा कि सेना की बहादुरी, साहस, शौर्य और पराक्रम से आज पूरा विश्व परिचित है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है कि आज मे सरहद पर डटे अपने जवानों के बीच हूं। उन्होंने वीर सैनिकों एवं उनके परिवार और देश के समस्त नागरिकों को प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी और सैनिकों को अपने हाथों से मिठाई बांटी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना के जवानों के साथ दीवाली मनाने का मेरा सपना था। आज दीवाली पर सेना के जवानों के बीच आकर में अभीभूत हूं।

दीपावाली पर सेना के जवानों से मुलाकात के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री बद्रीनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान बद्रीनाथ जी की पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
राज्यपाल के भ्रमण के दौरान बद्रीनाथ विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी आदि मौजूद थे।