मुख्यमंत्री धामी ने केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम पहुंच कर बाबा केदारनाथ जी के दर्शन किये। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। 5 नवंबर को प्रधानमंत्री जी के केदारनाथ आगमन के लिए की जा रही तैयारियों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की। सौहार्दपूर्ण बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन भावनाओं का सम्मान करने वाली सरकार है। तीर्थों के पंडा, पुरोहित और पुजारियों के मान सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचाई जायेगी। हम सकारात्मक, धनात्मक और विकासात्मक दृष्टिकोण से चारधाम, पंडा, पुरोहित और पुजारी समाज के सम्मान तथा धार्मिक आस्था की गरिमा के सम्मान के लिए तत्पर हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बाबा केदार के प्रति विशेष आस्था और श्रद्धा है। उनका उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विकसित करने का विजन है। पूरी दुनिया के लोग यहां आध्यात्मिक शांति के लिए आएंगे। आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बङे पैमाने पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के काम हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम शुरू हो रहे हैं। आदि गुरु शंकराचार्य जी की समाधि का लोकार्पण करने के साथ ही उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे।

कोटद्वार में सैनिक सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे धामी ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कोटद्वार स्थित विजय गार्डन में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों, सैनिक परिवारों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना का इतिहास गौरवशाली रहा है, हमारे वीर सैनिकों ने हमेशा अदम्य साहस का परिचय देते हुए तमाम लड़ाईयों को जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सैनिकों का आत्मविश्वास बढ़ा है, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होली, दिवाली जैसे विशेष कार्यक्रम हमारे देश के वीर सैनिकों के साथ ही मनाते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन के लागू होने से लाखों रिटायर्ड सैनिकों को बड़ी राहत मिली है। उत्तराखंड में सरकार रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, प्रदेश में अब तक 10 हज़ार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया है, उपनल कर्मचारियों को मानदेय बढ़ाते हुए उन्हें भी बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण के बाद सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों को राहत पैकेज के माध्यम से बड़ी सहायता पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे पहला मंतव्य है कि जो घोषणा की जाएं उन्हें पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उत्तराखंड 25 साल का होगा तो शिक्षा, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों देश का पहले नंबर का राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं की, जिनमें क्रमशः विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार में पुरानी पेयजल लाइनों बदला जाएगा और दो नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे। कोटद्वार में आवासीय एवं कृषि भूमि के ऊपर से जाने वाली हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट किया जाएगा। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में सिंचाई गूल नहरों की सफाई एवं नई गूलों का निर्माण किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के कालागढ़ में मुख्य मार्गों का निर्माण एवं पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। कलालघाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम शहीद लांस नायक धनवीर सिंह राणा के नाम से रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं, बेजरोज़गारों और महिलाओं के हित में कार्य कर रही है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अन्थवाल एवं हज़ारों की संख्या में पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता मौजूद रही।

सीएम पीड़ितों से मिलकर उनकी परेशानियों को पूछकर समस्या दूर करने के दे रहे निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पांचवें दिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का हाल जाना। उनका दुःखदृदर्द साझा किया। हर इलाके में हुए नुकसान की जानकारी ली। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अपने हाथों से सहायता राशि के चेक वितरित किए। हर जनपद में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें उचित दिशा निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रभावित लोगों में भी आस जगी है।
17 व 18 अक्टूबर को अतिवृष्टि से आई आपदा के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी संकट झेल रही जनता के बीच लगातार मौजूद हैं। 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत के साथ रुद्रप्रयाग और फिर नैनीताल जिले से अपने दौरे की शुरुआत की। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित गांवों का भ्रमण करते हुए उन्होंने आपदा से प्रभावित लोगों से मिलकर उनका हाल जाना और ढाढस बंधाया। पीड़ितों की आम जरूरतों को पूरा करने के निर्देश उन्होंने जिलाधिकारी व अधिकारियों को दिए। 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, खटीमा, काशीपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। तीसरे दिन 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित गांव डूंगरी पहुंचकर आपदा पीड़ितों का हाल जाना। शनिवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए चम्पावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने चंपावत और पिथौरागढ़ के आपदाग्रस्त गांवों में पहुंचकर सभी पीड़ितों से मुलाकात की। उनकी परेशानियां पूछीं और अधिकारियों को उनके समाधान के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

इनरव्हील क्लब ने आशा किरण सेवा आश्रम में जरुरतमंद लोगों की मदद की

इनरव्हील क्लब ऋषिकेश ने आशा किरण सेवा आश्रम, नरेंद्र नगर के अनाथ, असहाय, वृद्ध और दिव्यांग लोगों को गर्म शाॅल व 1 महीने का राशन वितरण किया। इस दौरान सेवा आश्रम के लोगों ने क्लब के सेवाभाव कार्यक्रम की प्रशंसा की।
इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष चारू माथुर कोठारी ने बताया सेवा कार्य इनरव्हील क्लब का उद्देश्य है। क्लब हमेशा से जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से जरुरतमंद लोगों की मदद करने की अपील की। मौके पर सुशीला राणा, प्रीति पोखरियाल, हेमा गुल्हाटी, वर्षा खन्ना, प्रवीन मलिक आदि उपस्थित थे।

द हंस फाउण्डेशन का उत्तराखंड को मिल रहा सहयोग-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहकमपुर देहरादून में द हंस फाउण्डेशन डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक श्री भोले जी महाराज और माता मंगला जी ने प्रदेश को 14 डायलिसिस केन्द्रों एवं 13 सचल चिकित्सालयों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि माता मंगला और भोले महाराज ने अपना पूरा जीवन परमार्थ के लिए लिए समर्पित किया है। उनके लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है। उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश में उनके द्वारा जन सेवा के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी गई है। इसके लिए उन्होंने भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ने हंस फाउण्डेशन के माध्यम से अनेक सेवा के कार्य किये। स्वास्थ्य सुविधाओं एवं खाद्यान्न वितरण कर जन सेवा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं माता मंगला ने उत्तराखण्ड के लिए समय-समय पर अनेक सौगात दी हैं। आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने डायलिसिस केन्द्रों एवं सचल चिकित्सालयों की बड़ी सौगात दी है। 12 दूरस्थ डिग्री कॉलेजों के लिए भी उन्होंने एक लाख किताबें दी हैं।
माता मंगला जी ने कहा, मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मुझे जितना भी समय मिले, मैं जन सेवा कर सकूं। जन समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक आदमी की मदद भी करता है तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि होगी। जिन बच्चों की आज हम सेवा कर रहे हैं, कल वे अपने पैरो पर खड़े होंगे। यह आत्म सन्तुष्टि का भाव है।
इस अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, हंस फाउण्डेशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

आइएनएस क्लब और अविरल संस्था ने नगर में रैली निकालकर स्वच्छता अभियान चलाया

आइएनएस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने अविरल संस्था के साथ गांधी जयंती के अवसर पर एक स्वछता रैली का आयोजन किया। रैली के माध्यम से नगरवासियों को स्वछता का संदेश दिया गया। रैली को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद रैली नगर निगम से आरम्भ होकर तिलक रोड, हीरालाल रोड, अंबेडकर चौक, रेलवे रोड, घाट चौक से होते हुए त्रिवेणी घाट के गांधी स्तंभ पर सम्पन्न हुई।
क्लब की अध्यक्षा ऋचा सूरी ने बताया कि हमारे देश ने स्वच्छता को लेकर आज भी जागरूकता का अभाव है। इस लिए रैली के माध्यम से आमजन में स्वच्छता को लेकर जागरूकता किया गया। रैली में शामिल सदस्यों ने रास्ते मे पड़े कूड़े कचरे को साफ किया। रैली मे हम सब ने यह ठाना है, भारत स्वच्छ बनाना है जैसे नारे लगाकर श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेटों ने सबको अपनी ओर आकर्षित किया।
इस अवसर पर उमा किंगर, गरिमा मिश्र, नैना खुराना, प्रिया गांधी, प्रोमिला सडाना, अविरल संस्था से मृदुल, सुनील, अभिषेक मल्होत्रा, मनीज गुप्ता, महेश किंगर, नवीन गांधी आदि उपस्थित रहे।

ज्ञानवाणी चैनल से ऑनलाईन शिक्षा और सुलभ होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ज्ञानवाणी चैनल का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में छात्र-छात्राओं को ऑनलाईन शिक्षण अधिगम से लगातार जोड़े रखने हेतु उत्तराखण्ड राज्य शिक्षा विभाग और जियो ने मिलकर नए ऑनलाईन एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी-1 और ज्ञानवाणी-2 का शुभारंभ एक अच्छा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण के उद्देश्य से शुरू किए गए एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी का लाभ प्रदेश के सभी बच्चों को मिले। ज्ञानवाणी चौनल की सार्थकता तभी होगी जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा की बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही है।
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि कोविड के दौरान ऑनलाइन शिक्षण का प्रचलन शुरू हुआ। आज ऑनलाइन माध्यम से अनेक शैक्षणिक गतिविधियां की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि ज्ञानवाणी चौनल के माध्यम से पीएम ई विद्या के कंटेंट को भी शामिल किया जाय। जो पूर्णतः एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित है।
शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि ऑफलाइन शिक्षण के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से ही शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञानवाणी-1 प्राथमिक कक्षाओं एवं ज्ञानवाणी-2 माध्यमिक कक्षाओं के लिए चलाया जा रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जियो विशाल अग्रवाल ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े सभी एनजीओ भी शिक्षा विभाग के माध्यम से ज्ञानवाणी में कंटेंट का प्रसारण कर सकते हैं। उन्होंने बताया की जल्द ही धारचूला में जियो की 4जी कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल सती, जियो के स्टेट कॉर्डिनेटर दीपक सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से सभी मुख्य शिक्षाधिकारी एवं प्रधानाचार्य मौजूद थे।

सम्प्रदाय विशेष के दबाव में मकान, सम्पति बेचने व पलायन की सूचना पर बड़े एक्शन की तैयारी

शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश के कुछ विशेष क्षेत्रों में जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से जननांकीय (डेमोग्राफिक) परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं जिसका कुप्रभाव ‘कतिपय समुदाय के लोगों का उन क्षेत्रों से पलायन’ के रूप में सामने आने लगा है। इतना ही नहीं इससे वहां का सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की संभावना भी बनी हुई है। इस संबंध में चिंता जताते हुए शासन ने डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को इस समस्या के निदान के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों एवं एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में जनपद स्तरीय एक समिति गठित की जाए। समिति इस समस्या के निदान के लिए अपने सुझाव देगी। इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों में शांति समितियों का भी गठन किया जाए तथा समयदृसमय पर इन समितियों की बैठकें आयोजित की जाएं। निर्देश दिए हैं कि जिलों में इस प्रकार के क्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुए वहां निवास कर रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर करवाई की जाए। इसके साथ ही जिलेवार ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो अन्य राज्यों से आकर यहां रह रहे हैं और उनका अपराधिक इतिहास है। ऐसे लोगों का व्यवसाय और मूल निवास स्थान का सत्यापन करके उनका रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को कहा गया है कि इन क्षेत्र विशेष में भूमि की अवैध ख़रीददृफरोख्त पर विशेष निगरानी रखी जाए। इस पर रोक लगाते हुए यह देखा जाए कि कोई व्यक्ति किसी के डर या दवाब में अपनी संपत्ति न बेच रहा हो। निर्देश दिए गए हैं कि जिले निवास कर रहे विदेश मूल के उन लोगों के खिलाफ सख्त करवाई करें जिन्होंने धोखे से भारतीय वोटर कार्ड अथवा पहचान पत्र बनवाए हैं। ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार करवाई की जाए।

विस अध्यक्ष ने 5 लाख रुपये के आर्थिक सहायता के चेक बांटे

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सभी वर्गाे के लोगों को प्रयास करने चाहिए उक्त बात ऋषिकेश स्थित केम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने 64 निर्धन, असहाय एवं दिव्यांगजनों को अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से 5 लाख रुपये के आर्थिक सहायता के चेक वितरित करते हुए कही।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से केवल असहाय, आर्थिक संसाधन विहीन व्यक्ति को ही आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होने कहा कि वे स्वयं गरीबों की समस्याओं को समझते है तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहे है
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता विधायकों के माध्यम से उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र में गरीबों असहाय लोगों को पहुंच रही है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता राशि जीवन यापन के लिए पर्याप्त नहीं होती है। इसलिए लोगों को आर्थिक दिक्कतों से निपटने के लिए स्वरोजगार को अपनाने का प्रयास करना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में सभी जगहों पर विकास कार्य हो रहे हैं एवं जनता की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। अग्रवाल ने कहा कि वे जनता की जो भी मांगे होंगी उन्हें पूरा करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर लायंस क्लब देवभूमि ऋषिकेश के अध्यक्ष विशाल, लायंस क्लब डिवाइन के अध्यक्ष जगमीत सिंह, व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालरा, कविता शाह, राजनी बिष्ट, सुंदरी कंडवाल, गौतम राणा, भूपेन्द्र राणा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा, 42 हजार तीर्थ यात्रियों ने किया रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड में चार धाम शुरु हो गई है। यात्रा प्रारम्भ होने से प्रदेश में चार धाम से जुड़े व्यवसायों की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से चार धाम यात्रा शुरू होने से कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद बंद पड़े कारोबार को संजीवनी मिलेगी। चार धामों में अब तक लगभग साढ़े पांच हजार लोग दर्शन कर चुके हैं जबकि अब तक 42 हजार से अधिक लोगों को ई-पास जारी किये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि कोविड संक्रमण के चलते आर्थिक मंदी से जूझ रहे चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज जारी कर संजीवनी देने का काम किया। जिसकी बदौलत चारों धाम के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालक आदि के साथ ही पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एकमुश्त सहायता राशि सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई है। पर्यटन विभाग की ओर से अब तक लगभग 15 हजार लोगों को 7 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। यह धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे जमा कराये जा रही है। मुख्यमंत्री इस बात का साफ संकेत दे चुके हैं कि यात्रा से जुड़े व्यवसाइयों, तीर्थ पुरोहितों की परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिसका असर धरातल पर दिखने लगा है।

तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन हुआ स्थगित
मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों के मन में उठ रहे संशय को दूर करते हुए यह स्पष्ट किया कि चारधाम से जुड़े लोगों के हक-हकूक को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित की बात सुनकर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में चारों धामों से दो-दो तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जायेगा। मुख्यमंत्री की कार्यपद्धति से प्रभावित होकर तीर्थ पुरोहितों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।