भारत और नेपाल का रहन-सहन, रीति रिवाज लगभग एक जैसाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। उन्होंने भारत-नेपाल से जुड़े विभिन्न सम सामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल में पम्पा भूसाल, रामेश्वर राय यादव, सत्या पहाड़ी, सुरेश कुमार राय, चक्रपाणि खनल ‘बलदेव’ शामिल थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों में रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाजों में काफी समानताएं हैं। उत्तराखण्ड का बड़ा क्षेत्र नेपाल की सीमा से लगा हुआ। भारत और नेपाल की चुनौतियां भी लगभग एक जैसी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से कहा कि नेपाल के विकास के लिए जो भी सहयोग की आवश्यकता होगी, हर संभव मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में मानसखण्ड मंदिरमाला मिशन के तहत कार्य किये जा रहे हैं, इसके तहत पहले चरण में 16 मंदिरों को इससे जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल का भी काफी क्षेत्र मानसखण्ड में आता है। नेपाल में भी मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य हों, तो पर्यटन एवं तीर्थाटन के लिए उत्तराखण्ड आने वाले लोगों का रूझान नेपाल की ओर भी बढ़ेगा। जिससे लोगों को आजीविका बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में जन सुविधाओं के दृष्टिगत अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत पर्वतीय जनपदों में बहुत कम रेट पर साइलेज उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के गढ़वाल एवं कुमायूं मण्डल में एक-एक इंक्यूबेटर सेंटर बनाया गया है। जिनके माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। इस तरह के मॉडल पर नेपाल में कार्य किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है, इसके माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ी हैं। अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से अधिकांश जन सुविधायें ऑनलाइन की गई हैं। इस तरह की योजनाओं को नेपाल में आगे बढ़ाने के लिए राज्य से उनको जो भी सहयोग की अपेक्षा होगी, वह सहयोग दिया जायेगा।
पम्पा भूसाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को एक युवा और उर्जावान नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि मानसखण्ड के तहत जिस योजना से उत्तराखण्ड सरकार कार्य कर रही है, नेपाल के पर्यटन मंत्री को वे इसकी जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड में बेहतर तरीके से हो रहा है और वे नेपाल के हित में भी होंगी, इन योजनाओं के अध्ययन के लिए समय-समय पर नेपाल से डेलिगेशन भेजने के लिए भी नेपाल सरकार से वार्ता की जायेगी।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

भारी बारिश के दृष्टिगत राज्य सरकार ने जारी किए आपदा राहत दूरभाष नम्बर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में बीते दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के विभिन्न स्थानों एवं हिमाचल प्रदेश में फंसे उत्तराखण्ड के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा राहत नम्बर जारी किए गए हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते कई जिलों में नुकसान हुआ है और जगह-जगह पर लोग फंसे हुए हैं। सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश में भी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हुआ है। हिमाचल में भी उत्तराखंड के तमाम लोग फंसे हुए हैं। इन परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए उत्तराखंड सरकार की ओर से आपदा राहत नंबर जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आमजन से अपील और अनुरोध किया है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत समस्त प्रदेशवासियों एवं तीर्थयात्री अनावश्यक यात्रा करने से बचें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं राज्य आपदा कंट्रोल रूम तथा जिलाधिकारियों से सभी जनपदों से सड़क मार्ग एवं बारिश की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इसके अलावा, समस्त जनपदों में ज़िला प्रशासन एवं एसडीआरएफ को हाई-अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सहायता हेतु निम्न नंबरों पर लोग कर सकते हैं संपर्क
9411112985, 01352717380, 01352712685, इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर- 9411112780 पर भी लोग मैसेज कर सकते हैं।

सीएम ने की साइकिलिस्ट आशा मालवीय के यात्रा उद्देश्य की सराहना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से आशा मालवीय द्वारा साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता फैलाये जाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मनुष्य किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्प होकर कार्य करता है, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने आशा मालवीय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की आशा मालवीय महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से देशभर में साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा यात्रा की शुरूवात 01 नवम्बर 2022 से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से की गई और यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में सम्पन्न जायेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारत के 28 राज्यों में कुल 25 हजार कि.मी. की यात्रा तय की जायेगी। इस यात्रा के दौरान उनके द्वारा अभी तक 23 राज्यों में 19700 कि.मी. की दूरी तय की जा चुकी है। उनकी यात्रा का उत्तराखण्ड 24 वां राज्य है।

मुख्यमंत्री ने झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में स्वच्छता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने गांधी पार्क से पं० दीनदयाल उपाध्याय पार्क तक स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुल 102 निकायों में स्वच्छता का महा अभियान चल रहा है। आमजन में स्वच्छता को लेकर जागरूकता निरंतर बढ़ रही है। देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उत्तराखंड आते हैं। राज्य का प्रत्येक जिला एवं पर्यटन स्थल स्वच्छ एवं सुंदर रखने की जिम्मेदारी यहां के प्रत्येक व्यक्ति की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून को “स्वच्छ दून, सुंदर दून“ बनाने के लिए जनभागीदारी से विभिन्न स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की आदत में लाने का आग्रह किया। जन जागरूकता से स्वच्छता के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत अभियान ने एक बड़े जनांदोलन का रूप लिया, जिसका परिणाम अब दिखने लगा है।
इस दौरान कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, विधायक सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने किया रात्रि सहभोज, हुई सराहना

मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस बार के चंपावत दौरे में अनोखी पहल देखने को मिली। सीएम के निर्देश पर पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का सहभोज आयोजित किया गया। इस सहभोज की विशेष बात ये रही कि सभी लोग अपने अपने घरों से टिफिन लेकर आए और टिफिन साझा किया। प्रदेश में ऐसा पहली बार किया गया है। सभी ने जमीन पर बैठकर साथ खाना खाया। सीएम धामी ने कहा कि घर से टिफिन लेकर साथ बैठकर भोजन से पारस्परिक सद्भाव, आपसी समन्वय व सहयोग की भावना जागृत होती है। चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने हैं।

गौरतलब है कि चंपावत विधानसभा जीत के एक वर्ष पूर्ण होने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी चंपावत दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा, जिपं अध्यक्ष ज्योति राय सहित तमाम वरिष्ठजन व भाजपा के जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांग्रेस ने पूर्व सीएम एनडी तिवारी को भुलाया, तो धामी ने किया सम्मान

रुद्रपुर। राजनीति के पुरोधा रहे पं. नारायण दत्त तिवारी भले ही आज इस दुनिया में नही हैं। लेकिन आज भी उनके चाहने वाले या समर्थकों की कमी नही है। साल 2002 से 2007 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे तिवारी को कांग्रेस ने भुला दिया हो लेकिन उनके कामों को सम्मान देने का काम किया है सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने।

उत्तराखंड की सियासी पिच पर धुआंधार बैटिंग कर रहे पुष्कर सिंह धामी इस बात से भली भांति परिचित है कि राज्य में सिडकुलों की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसे किसी भी स्तर पर नकारा नहीं जा सकता है। इसके साथ ही धामी यह बात भी जानते है कि आज भी राज्य के बड़े स्तर पर पार्टी के इतर तिवारी समर्थकों का बड़ा वर्ग है। नैनीताल सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तिवारी तराई क्षेत्र में भी खासा लोकप्रिय रहे हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राजनीतिक रुप से साहसिक फैसला लेते हुए पंतनगर सिडकुल को उनके नाम पर रखे जाने की घोषणा की थी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के पद चिन्हों पर चलते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी उन पंक्तियों को भी चरितार्थ भी किया है जिसमें उन्होंने कहा था…….. सत्ताएं तो आती जाती रहेंगी ………..लेकिन व्यक्ति के कार्य और उसके साहसिक फैसले हमेशा याद रखे जायेंगे। जिन पंडित नारायण दत्त तिवारी को अब तक किसी भी सरकार ने सम्मान नही दिया और अपने नेता को भुला चुकी कांग्रेस गुटबाजी के भंवर में फंसी हुई है। ऐसे समय में सीएम धामी ने तराई में उनकी प्रतिमा का सिर्फ अनावरण ही नही किया बल्कि कार्यक्रम में ऐसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बुलाकर उनका सम्मान भी किया।

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लिये गये मुख्यमंत्री धामी के इस साहसिक फैसले की राज्य में ही नही राज्य से बाहर भी राजनीतिक गलियारों में खूब सराहना हुई। वहीं अपना और अपने नेता का सम्मान होते देख कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेसी नेता भावुक नजर आये और दिल खोलकर सीएम धामी की प्रशंसा की। यही नहीं नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिन्दाबाद के नारे लगाकर उपस्थित जनसमुदाय को अंचभित भी कर दिया। ऐसे मौके राज्य में कम ही देखने को मिले है कि विपक्षी नेता सत्तासीन नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगाये। कांग्रेस नेता का यह वीडियो कुछ ही पलों में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो गया। जिस पर खूब सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सोशल मीडिया यूर्जस ने सीएम धामी के नेतृत्व क्षमता और फैसले की खूब तारीफ की। निकाय और लोकसभा चुनाव से ऐन पहले लिए गये सीएम धामी के इस फैसले से उत्तराखंड कांग्रेस सकते में है।

राज्य की सियासत में कई मिथकों को तोड़ चुके सीएम धामी ने अपने फैसलों से सभी को अपनी मुरीद बनाया हुआ है। विपक्ष के विधायकों के साथ विकास कार्यों को लेकर बैठक हो या फिर बड़े नेताओं के साथ तमाम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा। यही वजह है कि धामी का विरोध करने के बजाय कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत, प्रीतम सिंह, हरीश धामी भी समय-समय पर उनकी तारीफ करते हुए नजर आते हैं।

निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं का निर्माण हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तर पर निराश्रित गोवंश के रहने के लिए गौशालाओं की उचित व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने शहरों में निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना से पूरे प्रदेश को आच्छादित करना है। उन्होंने विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों में घूम रहे गौवंशों को गौशालाओं में रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, नगर निगम और पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में अपने अपने निर्धारित कार्य करें, ताकि किसी प्रकार का संशय न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जानवरों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि इससे जानवरों को लिफ्ट करने में घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस कार्य के लिए एनजीओ सहित भूमि की तलाश शुरू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं के लिए भूमि लीज पर दिए जाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया जाएगा। पुरानी गौशालाओं के विस्तारीकरण और नई गौशालाओं के निर्माण के लिए जिलाधिकारी निर्णय ले सकेंगे। जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम, नगर पालिकाएं एवं नगर पंचायतें पूरी तरह से आच्छादित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां बायोगैस बनाई जा सकती है, उन स्थानों में बायो गैस योजनाएं शुरू की जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने की प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने घोषणा की

वर्ष 2014 के बाद बुधवार को सचिवालय में पहली बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की बैठक हुई। संस्थान की प्रबन्ध कार्यकारिणी एवं साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की ओर से प्रथम बार लोक भाषाओं व लोक साहित्य में कुमाउनी, गढ़वाली, अन्य उत्तराखण्ड की बोलियों व उपबोलियों, पंजाबी एवं उर्दू में दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन व अनवरत साहित्य सेवा तथा हिन्दी में उत्कृष्ट महाकाव्य/खण्डकाव्य रचना, काव्य रचना कथा साहित्य व अन्य गद्य विधाओं के लिए प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी तीन लोक भाषाओं तथा हिन्दी भाषा में 4 नवोदित उदयीमान लेखकों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाएगा। आगामी मई माह में भव्य समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट साहित्यकारों को उक्त पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के ऐसे रचनाकारों, जो अर्थाभाव के कारण अपनी पुस्तकों का प्रकाशन नहीं करा पाते हैं, उन्हें उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में आंशिक अनुदान दिए जाने के प्रस्ताव पर भी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक जनपद में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय भाषा सम्मेलन आयोजन करने के निर्देश भी दिए। यह भाषा संस्थान की एक बहुआयामी योजना होगी जिसमें शोध पत्रों का वाचन, भाषा संबंधी विचार विनिमय, साहित्यिक शोभायात्रा, लोक भाषा सम्मेलन आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के प्रत्येक जनपद के 01 प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल/ई पुस्तकालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में राज्य में नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ मिलकर पुस्तक मेले का आयोजन तथा पुस्तक मेले में साहित्यिक संगोष्ठियों के आयोजन पर भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही राज्यभर में सुविख्यात लेखकों की व्यखानमालाएं आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक भाषाएं एवं बोलियां हमारी पहचान और गौरव है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं, बोलियों व संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरन्तर प्रयासरत है।
बैठक में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा साहित्यिक एवं शोध पत्रिकाओं के प्रकाशन पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही लोक भाषाओं के मानकीकरण हेतु कार्यशालाओं व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु भी स्वीकृति दी गई। सम्बन्धित अधिकारियों ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न क्षेत्रों में गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी बोलियों को बोलने वाले व लिखने वाले अलग-अलग हैं, जिनके लेखन में शब्दों का औच्चारणिक विभेद है। गढ़वाली एवं कुमाउनी बोली भाषा के औच्चारणिक एवं वर्तनी के मानकीकरण की अत्यंत आवश्यकता है। यह शिविर गढ़वाल एवं कुमाउं मण्डल में आयोजित किए जाएंगे। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा उत्तराखण्ड में जनपद तथा राज्य स्तरीय भाषायी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
बैठक में भाषामंत्री सुबोध उनियाल, सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी, अपर सचिव एवं निदेशक उत्तराखण्ड भाषा संस्थान स्वाति भदौरिया, सदस्य डा0 सुलेखा डंगवाल, प्रो0 दिनेश चन्द्र शास्त्री, डॉ सुधा पाण्डेय, डॉ हरिसुमन बिष्ट, प्रो. देव पोखरिया एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री के समक्ष सीएम धामी ने रखी चमेाली के जोशीमठ में भूधंसाव के लिए आर्थिक पैकेज की मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा राज्य के विकास हेतु जमरानी बांध परियोजना की स्वीकृति सहित विभिन्न बाह्य साहयतित परियोजनाओं एवं पूंजीगत परियोजनाओं हेतु विशेष सहायता योजनाओं के लिए व्यापक सहयोग प्रदान करने पर प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। राज्य को G20 की तीन महत्वपूर्ण बैठकों का दायित्व दिए जाने पर धन्यवाद देते हुए कहा कि रामनगर में मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के वर्किंग ग्रुप की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी को चारधाम यात्रा, आदि कैलाश और लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री के साथ लगभग एक घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की और प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को मुनस्यारी की शॉल, उत्तराखंड में G20 के सफल आयोजन की कॉफी टेबल बुक, एक साल नई मिसाल की कॉफी टेबल बुक, मिलेट एवं जागेश्वर धाम की प्रतिकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में भूधंसाव से प्रभावितों को राहत और विस्थापन कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि भूस्खलन एवं भू-धसाव हेतु आर्थिक पैकेज रू० 2942.99 करोड़ की आवश्यकता है। उक्त पैकेज में प्रभावितों को अस्थाई राहत व आवास व्यवस्था हेतु 150 प्री फॅब्रिकेटेड घरों का निर्माण, साइट डेवलपमेंट कार्य प्रभावित भत्ता प्रमुख है। आवासीय एवं व्यवसायिक अवसंरचनाओं के मुआवजे, असुरक्षित जोन में आने वाले परिवारों की जमीनों के मुआवजे, प्रभावित व्यक्तियों के स्थायी पुनर्वास एवं भूमि के अधिग्रहण व विकास और प्रभावित विभागीय अवसंरचनाओं की मरम्मत व पुनर्स्थापना का कार्य सम्मिलित है। जोशीमठ के स्थरीकरण तथा पुनर्विकास का कार्य भी किया जाना है।

राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एण्ड मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया गया है, जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर भूमि धसाव सुधार एवं प्रबंधन पर सलाह देगा। सेंटर ने जोशीमठ में कार्य करना आरम्भ कर दिया है, इसके द्वारा प्रभावित भू धसाव, आपदा प्रभावित जोखिम क्षेत्र का रोडमैप तैयार कर दिया गया है

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड की बैठक में संस्तुति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना की वित्तीय स्वीकृति आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी से भी कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार से वाराणसी के लिए वन्दे भारत रेल सेवा शुरू किए जाने का भी आग्रह करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अन्तर्गत आस्ट्रेलिया से 240 मैरीनो भेड़े दिसम्बर, 2019 में आयात की गई थी। इसकी सफलता के आधार पर प्रथम चरण में 500 मैरीनो भेड़ों को आयात करने का प्रस्ताव है जिससे आगामी 3-4 महीनों में लगभग 500 मैट्रिक टन उच्च गुणवत्ता ऊन प्राप्त हो सकती है जो आत्मनिर्भर भारत के अवधारणा के अन्तर्गत भारतीय वस्त्र उद्योग के लिये महत्वपूर्ण है। इसके लिए पशुधन मंत्रालय एवं कपड़ा मंत्रालय से सहयोग अपेक्षित है।

प्रदेश द्वारा स्टेट मिलेट मिशन का वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक संचालन किया जा रहा है। मिलेट मिशन में 10,000 मै0टन मडुवा, किसानों से खरीद कर पी०डी०एस० के माध्यम से वितरित किया जायेगा। साथ ही झंगोरे की खीर को मिड-डे-मील में सप्ताह में एक बार विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जायेगा । झंगोरा, रामदाना एवं काकुनी के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी किये जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, दलहन व तिलहन के अन्तर्गत गहत व काला भट्ट फसल के सत्य बीज के प्रयोग की अनुमति प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नाबार्ड द्वारा 18 हजार पॉलीहाउस की स्थापना हेतु रू0 280 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है, इससे लगभग 1 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। राज्य में सेब उत्पादन को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने हेतु एप्पल मिशन के अन्तर्गत रू0 35 करोड़ की योजना स्वीकृत की गयी है। उच्च मूल्य वाली फसलों जैसे- कीवी ड्रैगन फ्रूट, स्ट्राबेरी आदि को राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मौनपालन के समग्र विकास हेतु राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन योजना (NBHM) के दिशा निर्देशानुसार रू० 249.529 करोड़ का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित किया गया है, जिसमें कुल अनुदान रू0 203.391 करोड़ केन्द्र सरकार से अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि उक्त प्रस्ताव से लगभग 45,000 मौनपालकों को सीधे लाभ पहुंचेगा जबकि प्रदेश के समस्त बागवानों एवं कृषकों को उत्पादन में वृद्धि के माध्यम से अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

ऋषिकेश एम्स का 280 शैय्याओं युक्त सैटेलॉइट सेन्टर, ऊधम सिंह नगर (कुमांऊ मण्डल) हेतु स्वीकृत है। सी०पी०डब्ल्यूडी कार्यदायी संस्था है। कार्य में त्वरित गति अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे में हवाई सेवाओं के संचालन करने तथा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के दृष्टिगत हवाई अड्डे को भारतीय वायुसेना ( रक्षा मंत्रालय) को हस्तांतरित किए जानें के लिए संबंधित को निर्देशित किए जाने के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य में पीएमजीएसवाई -1 & ॥ के समस्त अवशेष 473 कार्यों को पूर्ण करने हेतु मार्च, 2024 तक की अनुमति प्रदान करने पर विचार किए जाने का निवेदन किया। पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत राज्य में 150 से 249 की जनसंख्या वाली 407 बसावटें अवशेष हैं, जिसमें 3200 किमी0 लम्बी सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है, तथा अनुमानित लागत रू० 2900 करोड़ है। इन बसावटों की स्वीकृति हेतु अनुमति प्रदान किया जाना निवेदित है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत उत्तराखण्ड में अवशेष 25,423 लाभार्थियों हेतु आवास आवंटन का लक्ष्य माह अप्रैल, 2023 में प्राप्त होना आवश्यक है, जिससे इनको माह दिसम्बर, 2023 तक पूर्ण किया जा सके। इससे वर्ष 2024 तक सभी पात्र लाभार्थियों को आवास योजना से संतृप्त किये जाने का लक्ष्य पूर्ण हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को USD 5 Trillion बनाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने हेतु “सशक्त उत्तराखण्ड“ मिशन लॉच किया है जिसके अन्तर्गत अगले 5 वर्षो में (2022-2027) GSDP रू० 2.75 लाख करोड़ से दोगुना कर रू0 5.5 लाख करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में McKinsey Global Firm द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पर्यटन, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा सर्विस सेक्टर में निजी निवेश को आकर्षित करने की फोकस एप्रोच के साथ आधारभूत संरचनाओं के विकास का सामन्जस्य बिठाते हुए रणनीति तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की नई पर्यटन नीति की जानकारी देते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ तथा उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति हर की पैड़ी हरिद्वार तथा ऋषिकेष कॉरिडोर पर कार्य किया जा रहा है। जनपद चमोली में माणा गांव से 5 कि०मी० की दूरी पर अवस्थित मूसापानी स्थल को नाडावेट (गुजरात) की तर्ज पर विकसित किये जाने हेतु चिन्हित किया गया है।

केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम धार्मिक पर्यटन की भांति कुमाऊं क्षेत्र में स्कन्द पुराण में उल्लेखित मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अन्तर्गत सर्किट के रूप में 48 मंदिरों तथा गुरूद्वारों को चिन्हित किया गया है। जिसमें प्रथम चरण में 16 मंदिरों का सर्किट बनाने हुये अवस्थापना विकास किया जाना प्रस्तावित है।

राज्य में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना बनायी जा रही है, जिसके अन्तर्गत ग्लोबल प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से युवाओं को विदेशों में विशेषकर जापान, जर्मनी, यू०के० अमेरिका, सिंगापुर आस्ट्रेलिया तथा कनाडा में मुख्य रूप से एल्डर केयर, नर्सिंग, आतिथ्य सत्कार, आयुष ( योग, ध्यान तथा आयुर्वेद) से संबंधित सेक्टर में आकर्षक पैकेज दिलाया जायेगा।

औद्योगिकी एवं रोजगार को बढ़ावा दिये जाने हेतु नई मैगा एवं इण्डस्ट्रियल पॉलिसी, प्राइवेट इण्डस्ट्रियल पार्क पॉलिसी एवं कस्टमाइज पैकेज प्रख्यापित की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अक्टूबर-नवम्बर में इन्वेस्टमेंट समिट प्रस्तावित है।

राज्य में नीति आयोग, भारत सरकार की तर्ज पर सेतु “ State Institute for Empowering and Transforming Uttarakhand&SETU“ बनाया जा रहा है। पी०एम० गति शक्ति पोर्टल की तर्ज पर राज्य का पी०एम० गतिशक्ति पोर्टल भी विकसित किया गया है। स्टार्ट अप नई पॉलिसी जिसमें अन्य सभी लाभ सहित लगभग रू0 200 करोड़ का वेंचर फंड स्थापित किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री जी की 13 फ्लैगशिप योजनाओं के अन्तर्गत किसान सम्मान निधि, स्वामित्व योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड में शत-प्रतिशत प्रगति एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में 94 प्रतिशत की प्रगति प्राप्त कर ली गयी है राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के विजन के दृष्टिगत सोलर पावर पॉलिसी लाई गयी है। वर्ष 2027 तक 2500 मेगावाट सोलर ऊर्जा क्षमता को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

हर लंबित मांग और समस्या का समाधान निकाल रहे युवा सीएम धामी

देवभूमि के लाल धामी तूने फिर कर दिया कमाल… यह लाइन आज उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक होने के बाद हुए एक बहुप्रतिक्षित निर्णय को लेकर कहा जा रहा है। राज्य आंदोलनकारियों को पिछले 12 वर्षों से आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा था। ऐसे में संवेदनशील मुख्यमंत्री धामी ने आज की कैबिनेट में ऐतिहासिक निर्णय लेकर साबित कर दिया कि जनहित के मुद्दों को लेकर धामी सरकार केन्द्र की मोदी सरकार की तरह संवेदनशील है।
केन्द्र की मोदी सरकार ने शायद पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया ही इस लिए है कि देवभूमि जब युवा अवस्था में होगा तो राज्य देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में ना केवल शुमार होगा, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करने वाला अग्रणी हिमालय राज्य भी होगा। मुख्यमंत्री धामी राज्य के विकास के लिए साहसिक निर्णय ले रहे है तो इस बात की तस्दीक भी हो रही है। वैसे भी इस बात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार देवभूमि आगमन पर खुले मंच से कह भी चुके है। ऊर्जावान युवा मुख्यमंत्री उसको चरितार्थ भी कर रहे है।

राज्य आंदोलनकारियों की हितैषी धामी सरकार
राज्य आंदोलन में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने वालों को राज्य सरकार कैसे भूल सकती है। यह कहना है मुख्यमंत्री धामी का। अपने पहले कार्यकाल में धामी सरकार ने अल्प समय में राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में वृद्धि की। उसके बाद जिला मुख्यालयों में वर्षो से बंद पड़ी चिन्हित प्रक्रिया की फाइलों को दुबारा से खुलवाया। उसके बाद राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिलाने के लिए सब कमिटी का गठन किया। पिछली कैबिनेट बैठक में कमेटी के द्वारा रिपोर्ट ना आने पर नाराजगी जताते हुए धामी ने अगली बैठक में इसे ना रखने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली। आज कैबिनेट ने इस सब कमेटी के निर्णय को स्वीकार कर राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिलाने पर मुहर लगा दी।

’’साहसिक और राज्य हित में निर्णय ले रही धामी सरकार’’
राज्य की हर समस्या और मांग पर धामी सरकार सही और साहसिक निर्णय ले रही है। धामी सरकार-2 अपने 1 वर्ष के कार्यकाल को पूरा करने जो रही है। अगर इन एक साल में धामी सरकार के निर्णय और कार्यशैली को देखे तो कई फैसले साहसिक और कठोर रहे है जो राज्य के विकास और आम आदमी को कई दशकों तक राहत देते हुए नजर आ रहे है।

-सीएम धामी ने सरकारी नौकरियों में गड़बड़ियों पर साहसिक फैसला लेते हुए संदेह के घेरे में आई कई परीक्षाओं की जांच कराई। यह जानते हुए भी कि जिसकी सरकार में ऐसी जांच होती है सिंडिकेंट उसकी सरकार को हर तरफ से प्रभावित करता है। इन सबी परवाह ना करते हुए जांच में नकल माफिया की मिलीभगत की पुष्टि होने के बाद कई परीक्षाएं रद्द हुई और कई माफिया, सफेदपोश नेता, सरकारी कर्मचारी जेल भेजे गये। 22 वर्षो के अंतराल में कोई भी सरकार नकल विरोधी कानून नही ला पाई जिससे राज्य को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है यह जानकर धामी ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लाकर माफिया की कमर ही तोड़ दी।

-राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण देकर धामी ने उत्तराखंड की महिलाओं का भविष्य सुरक्षित कर दिया। कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाकर महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रुप से मजबूत करने का कार्य भी धामी सरकार कर रही है।

-देवभूमि के अस्तित्व को बचाने के लिए धामी ने देश का सशक्त धर्मान्तरण कानून लाकर अन्य राज्यों के लिए भी नजीर पेश की। जिसके बाद अन्य राज्यों ने भी इस कानून की दिशा में कदम बढ़ाये।

-सिविल कोड कानून के लिए कमेटी का गठन कर देश के लिए बड़ा संदेश देने में कामयाब रहे कि एक देश एक कानून आज समय की मांग ही नही हर देशवासी के हितों के लिए भी जरुरी है। जो लोग खाते तो हिन्दुस्तान का है और गाते दुश्मन देश का है उन्हें धर्म के नाम पर लूट मचाने और कानून का उल्लंघन करने के इजाजत उत्तराखंड में तो कई नही मिलेगी।

धामी सरकार की कैबिनेट ने आज लिए ये फैसले-
इस दौरान राज्‍य की नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी मिली।
वहीं राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सब कमिटी की रिपोर्ट भी स्वीकृत की गई। अब उक्‍त विधेयक राजभवन भेजा जाएगा।
बैठक में विधायक निधि बढ़ाने को भी मंजूरी मिली।
विधायक निधि 3 करोड़ 75 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की गई।
मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए अब एक साल में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे।
महिला मंगल दलों को मिलने वाली राशि 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई।