चारधाम यात्रा-श्रद्धालुओं की सुरक्षा को केन्द्र सरकार गंभीर

चारधाम यात्रा पर तीर्थयात्रियों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम भेजी है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को भी पैदल यात्रा मार्गों पर मदद के लिए तैनात किया गया है। पैदल यात्रा करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने पर एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तीर्थयात्रियों की मदद कर उन्हें तत्काल नजदीकी मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे।
प्रदेश में तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हुई है। शुरूआत में ही केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों की मौत पर पीएमओ ने संज्ञान लेकर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए केंद्र ने एनडीआरएफ की टीम भेजी है। खास तौर पर केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को यात्रियों की मदद के लिए तैनात किया गया है। केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत खराब होती है तो एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तत्काल मदद कर उन्हें मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों की मदद के लिए केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। इसके साथ ही आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया। एसडीआरएफ की टीमें पहले ही चारधामों में तैनात हैं। एनडीआरएफ और आईटीबीपी को एक सीमित समय के लिए तैनात किया है। जरूरत पड़ने पर समय को बढ़ाया जाएगा।

क्षमता के अनुसार भेजे जा रहे यात्री
कोविड महामारी के कारण दो साल बाद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। चारधामों में कपाट खुलने के दिन क्षमता से दोगुने यात्री पहुंचे थे। जिससे धामों में यात्रियों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। मुख्य सचिव ने कहा कि चारधामों की वहन क्षमता के अनुसार यात्रियों का पंजीकरण कर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। पिछले तीन दिनों से धामों में स्थित पूरी तरह से नियंत्रण में है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिले के जिलाधिकारियों से प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

17 मई से एक बार फिर मौसम बदलने के आसार

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले चार दिन तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान लगाया है। खासकर बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री रूट पर मौसम साफ रहेगा। लेकिन कहीं-कहीं आंशिक बादल छा सकते हैं। 17 मई से एक बार फिर मौसम के करवट लेने और बारिश की संभावना जताई है।
निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक उत्तराखंड में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ जल्द प्रभावी होगा। इससे एक बार फिर मौसम बदलने के आसार हैं। 13 से 16 मई के बीच आसमान में आंशिक बादलों की मौजूदगी के बीच आमतौर पर मौसम साफ रहने का अनुमान है। वहीं, कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में गुरुवार को जमकर मेघ बरसे। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था।
पिथौरागढ़ के बेरीनाग में सर्वाधिक 112 एमएम, डीडीहाट में 28.6, धारचृला में 25.8 एमएम, पिथौरागढ़ में 9.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर के कांडा में 14, अल्मोड़ा में 15, चम्पावत में 20 एमएम बारिश हुई। उत्तरकाशी के डुंडा में 15 व चमोली के थराली में 5.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड में गुरुवार को सामान्य से 54 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।
वहीं, दून शहर और आसपास के इलाकों में दोपहर के समय झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। दून में दिन का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। दून में 17 और 18 को आसमान बादलों से भरा रह सकता है। तेज हवाओं के चलने की भी संभावना है।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने गंगा जन्मोत्सव मनाया

आज गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर त्रिवेणी घाट में विशेष गंगा आरती की गई। आरती में कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल शामिल हुई। माँ गंगा से सभी देशवासियों के ऊपर कृपा बनाये रखने की कामना की।
रविवार को माँ गंगा का जन्मदिन श्री गंगा सभा द्वारा धूमधाम से त्रिवेणी घाट स्थल पर मनाया गया। इसमें सर्वप्रथम हवन कुंड में पूर्णाहुति दी गयी। इसके बाद कैबिनेट मंत्री अग्रवाल सहित गंगा भक्तों ने माँ गंगा का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद विशेष गंगा आरती की गई। इस मौके पर भजनों की शानदार प्रस्तुति दी गयी।
इस मौके पर अग्रवाल ने कहा कि गंगा सब जगत की पालनहार है, ऐसे में उनका जन्मदिन पूरा देश कई रूपों में मना रहा है। कहा कि ऋषिकेश का यह सौभाग्य है कि गंगा मैया यही से बहती है। उन्होंने कहा कि आज के दिन पवित्र धाम बद्रीनाथ के कपाट भी भक्तों के लिए खोल दिये गये है। इस मौके पर उन्होंने माँ गंगा से सुख, सृमद्धि, वैभव, खुशहाली की कामना की। साथ कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन का आशीर्वाद भी मांगा।
अग्रवाल ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दे रहे संगीतकारों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही श्री गंगा सभा को माँ गंगा के आयोजन पर शुभकामनाएं भी दी।
इस मौके मेयर अनिता ममगाई, गंगा सभा के अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल शर्मा, महामंत्री रामकृपाल गौतम, संरक्षक वत्सल प्रपन्नाचार्य, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, विनोद पाल, पंडित जगमोहन मिश्रा, पवन शर्मा, बृजेश शर्मा सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।

सीएम ने मां गंगा से प्रदेश की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरकी पैड़ी पर श्रीगंगा सभा द्वारा गंगा सप्तमी के शुभ अवसर पर अयोजित गंगा मैया जन्मोत्सव में प्रतिभाग किया, जहां उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की एवं मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हुये देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिये मां गंगा से प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि भारत में गंगा मैया का जन्मोत्सव वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मनाया जाता है। गंगा जन्मोत्सव पुष्य नक्षत्र और अमृत सिद्ध योग में मनाया जाता है। इस दिन माता गंगा ब्रह्म लोक से ब्रह्मा जी के कमण्डल से निकलकर, भगवान विष्णु जी के चरणों को धोती हुई, भगवान आशुतोष की जटाओं में आई थी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान, मीडिया प्रभारी लव शर्मा, श्री गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, पुजारी अमित शास्त्री सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोल दिए गए। ग्रीष्मकाल के छह माह अब श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन व पूजा अर्चना बद्रीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से गेंदे के फूलों से सजाया गया था। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों एवं जय बद्रीविशाल के जयकारों के साथ देश-विदेश से आये हजारों श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही चारधाम की यात्रा विधिवत शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि 3 मई को श्री गंगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम औऱ 6 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोले गए। दो साल कोविड के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित रही। लेकिन इस बार कपाट खुलने के दौरान से ही भारी संख्या में श्रद्धालु व भक्तगण चार धामों में पहुंचे है तथा यह सिलसिला लगातार जारी है। बद्रीनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्रद्धालु व भक्तजन देर रात से ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने हेतु कतार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं द्वारा बारी बारी से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये।
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, बद्री केदार मंदिर सामिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, विधायक बद्रीनाथ राजेन्द्र भंडारी, पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट, डीजीपी अशोक कुमार, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, हरीश सेमवाल, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, एसपी श्वेता चौबे, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बदरीनाथ के भव्य रुप को संवारने की जिम्मेदारी सभी की-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु ने बद्रीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ-साथ तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को शीघ्र ही मैन पावर बढाने के निर्देश दिए। वहीं मुख्य सचिव ने व्यापारियों से मुलाकात की और कहा फिलहाल उनके लिए अस्थायी दुकानों का निर्माण किया जा रहा है तथा कार्य पूरे होने के बाद स्थायी दुकाने आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय जनता के सहयोग से आने वाले वर्षाे में बद्रीनाथ का भव्य रूप दुनिया के सामने होगा जिससे यहां के व्यापारियों, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पीएमओ भी डेली बेसिस पर इसकी मानीटरिंग कर रहा है।
उसके बाद मुख्य सचिव ने बदरीनाथ मास्टर प्लान तथा यात्रा की तैयारियों को लेकर बीआरओ गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने उन्हें गतिमान कार्यों और यात्रा की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। मुख्य सचिव ने मास्टर प्लान कार्यों में लगे मजदूरों तथा अन्य कर्मचारियों के लिए अस्थायी आवास बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने गोविन्द घाट से पुलना पैदल मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए कहा कि 15 दिन बाद फिर इसका स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एडीएम डा. अभिषेक त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, एसडीएम कुमकुम जोशी, धर्मेश गंगानी, मुख्य अभियन्ता अयाज अहमद, इओ सुनील पुरोहित, कमाण्डर मनीष कपिल, हेमकुण्ड साहिब के प्रबंधक सेवा सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य में नए पार्किंग स्थलों की चिन्हिकरण प्रक्रिया में आई तेजी

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में बनाई जाने वाली नई पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में पूर्व में आयोजित बैठक में सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में पार्किंग हेतु जगह चिन्हित कर, फीजिबिलिटी जांच करवाने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में जनपदों से 180 स्थान चिन्हित किए गए थे, जिसमें से 134 को फीजिबिलिटी रिपोर्ट में पार्किंग के लिए उपयुक्त पाया गया है। शेष 39 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पार्किंग के जगह चिन्हीकरण से लेकर संचालन तक के प्रत्येक स्टेप की तिथियां अभी से निर्धारित कर ली जाएं। और प्रत्येक पार्किंग की साइट स्पेसिफिक प्लानिंग कर तिथियां निर्धारित की जाएं, कि कब तक पार्किंग का संचालन शुरू हो जाएगा।
मुख्य सचिव ने पार्किंग प्रोजेक्ट्स को उनकी आवश्यकता और महत्त्व के अनुसार ए और बी कैटेगरी में वर्गीकृत कर लिया जाए। जिन पार्किंग के निर्माण में कोई समस्या नहीं है, उनमें तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाए। ऐसे ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स जो पैसे की कमी के कारण धीमी गति से चल रहे हैं, उनके सम्बन्ध में शासन को अवगत कराया जाए। किसी भी प्रोजेक्ट के लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने जनपद में लगातार नए स्थानों को खोजने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल, यूपीसीएल, जल निगम और जल संस्थान के साथ ही अन्य सभी नॉन गवर्नमेंटल संस्थानों द्वारा भी इसमें सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव स्तर से पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या से कारोबारियों की जगी उम्मीद

देहरादून। कोरोना से प्रभावित उत्तराखंड की लाइफ लाइन कहे जाने वाला पर्यटन क्षेत्र फिर से पटरी पर लौटने लगा है। पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से न केवल इन स्थलों की रौनक बड़ रही है बल्कि अच्छा कारोबार होने से कारोबारियों के चेहरों पर चमक देखने को मिल रही है। उधर पर्यटन क्षेत्र की रफ्तार को और तेज करने के लिए पर्यटन विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।

राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक पर्यटक स्थल रोब्बेर्स केव, सहस्त्रधारा, लच्छीवाला, देहरादून जू, एफआरआई समेत मसूरी की वादियों में देश-दुनिया से आ रहे पर्यटकों से रौनक लौटने लगी है। पर्यटन विभाग आर्थिकी को बढ़ाने के साथ ही प्रदेश के भीतर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने की कवायद में जुटा हुआ है। इसी क्रम में कोरोना से स्थिति सामान्य होने के बाद सभी पर्यटक स्थलों को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय लोगों का जीवन-यापन ठीक से हो सके। इसके साथ ही सैलानियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटक स्थलों में सुरक्षा के तमाम इंतज़ाम किए गए हैं।

पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अच्छा कारोबार होने से सभी कारोबारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। कोरोना से सामान्य होती स्थिति को देखते हुए सैलानी घूमने के लिए निकल रहे हैं।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के चलते उत्तराखंड की आर्थिकी का एक बड़ा जरिया भी पर्यटन ही है। सीजन शुरू होने के साथ पर्यटन स्थलों में सैलानियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के तमाम इंतज़ाम किए गए हैं। कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रख पर्यटन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

होम स्टे, साहसिक और पर्यटन निवेश प्रोत्साहन के लिए उत्तराखंड पर्यटन को मिला सर्वश्रेष्ठ स्टाल पुरस्कार

देहरादून। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के सहयोग से अयोजित तीन दिवसीय इंडिया ट्रेवल मार्ट (आईटीएम) का शनिवार को समापन हो गया। इसमें यात्रियों को आकर्षक पैकेज और अनूठे पर्यटन स्थल की विस्तार से जानकारी दी गई। भारत प्रमुख बी2बी ट्रैवल एंड टूरिज्म शोकेस और कॉन्क्लेव के पहले दो दिन यात्रा व्यापार के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी। जबकि मार्ट के अंतिम दिन शनिवार को घरेलू व अन्य पर्यटन की संभावनाओं से रूबरू कराया गया। इस मौके पर ट्रैवल एजेंटों, पैन इंडिया के टूर संचालकों और उत्तराखण्ड पर्यटन व गुजरात पर्यटन के अधिकारियों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के समापन के मौके पर उत्तराखण्ड पर्यटन को होम स्टे, साहसिक और पर्यटन निवेश प्रोत्साहन व गुजरात पर्यटन को धोलावीरा (विश्व यूनेस्को विरासत स्थल) और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्टाल पुरस्कार से नवाजा गया।

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के उपनिदेश योगेन्द्र कुमार गंगवार ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के लिए पहले से तय गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए उत्तराखण्ड लगातार काम कर रहा है। कार्यक्रम का उददेश्य यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक मनोरंजक तथा परेशानी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से यात्रियों को विभिन्न आकर्षक पैकेज और अनूठे पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई।

आईसीएम ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शोकेस और कॉन्क्लेव की निरंतर सफलता भारत में यात्रा सेवाओं की बढ़ती मांग और घरेलू और बाहर जाने वाले यात्रियों की खर्च करने की शक्ति को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा, आईटीएम देहरादून ने उत्तराखण्ड और पैन इंडिया के ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों के साथ बी2बी और नेटवर्किंग का अवसर प्रदान किया।

आईटीएम देहरादून के अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन, गुजरात पर्यटन के अधिकारियों और भीमताल, हरिद्वार, देहरादून, मसूरी, दिल्ली के अन्य होटल व्यवसायियों और देहरादून से टूर ट्रैवल एसोसिएशन और मीडिया के बीच वीडियो प्रस्तुतियों के साथ बातचीत सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के दौरान, राज्य पर्यटन अधिकारियों ने कम ज्ञात स्थलों (अहमदाबाद से पोलो वन दिवस यात्रा), वन्यजीव पर्यटन, विरासत पर्यटन, एडवेंचर और ईको टूरिज्म, धार्मिक और तीर्थ पर्यटन, समुद्र तट, रुचि के स्थान, व्यंजन, मेला और त्योहारों पर प्रकाश डाला गया।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ), ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई), एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई), आउटबाउंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ओटीओएआई), एडवेंचर टूर जैसे ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन, ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीओएआई), इंडिया गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन (आईजीटीए), महाराष्ट्र टूर ऑर्गनाइजर्स एसोसिएशन (एमटीओए), द आईएएआई एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएआई), ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश (टीटीएयूपी), एंटरप्रिंग ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, (ईटीएए), ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआई), टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (टीओए), टूरिज्म लीडर्स क्लब (टीएलसी), और ट्रैवल मैगज़ीन- ट्रैवल मेल द्वारा प्रतिभाग किया गया।

लक्ष्मण झूला में नए पुल के टेंडर प्रक्रिया मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

लोक निर्माण विभाग की ओर से लक्ष्मण झूला में पुराने झूला पुल के समीप टू-लेन मोटर पुल का निर्माण के लिए हुई टेंडर प्रक्रिया का मामला हाईकोर्ट पहंुच गया है। आरोप है कि अर्हता पूरी न करने वाली कंपनी को टेंडर दे दिया गया है। जिस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाये रखने का आदेश जारी किया है। अब इस मामले में 20 फरवरी को सुनवाई होगी।
आपको बता दें कि इस पुल के निर्माण के लिए विभाग की ओर से 20 नवंबर, 2021 को टेंडर आमंत्रित किए गए थे। 23 नवंबर को टेंडर खोले गए। जिनमें हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी, कैलाश हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी और पीएंडआर इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के टेंडर को विभाग की ओर से सही पाया गया और पीएंडआर इंफ्रा प्रोजेक्ट के टेंडर को मंजूरी दे दी गई।
इस पर ऋषिकेश की हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी हाईकोर्ट पहुंच गयी। उच्च न्यायालय नैनीताल में विभाग की इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को काम दिया गया है वह टेंडर की अर्हता को पूरा नहीं करती है। कंपनी के निदेशक अजय शर्मा के अनुसार इस पूरे मामले में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर कंपनी की ओर से आपत्ति दर्ज करानेे के बावजूद उनकी बात को नहीं सुना गया। जिस पर वे न्यायालय की शरण में गए। उनका कहना है कि न्यायालय में सुनवाई की तिथि तक जिस कंपनी को काम दिया गया उसके साथ एग्रीमेंट नहीं हुआ था। उन्हें अंदेशा है कि बैक डेट पर एग्रीमेंट किया जा सकता है। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग नई टिहरी के अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह का कहना है कि 5 जनवरी, 2022 को संबंधित कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर दिया गया था।