संजय झील से पर्यटन की अपार संभावनाएं, युवाओं को मिलेगा रोजगार-अग्रवाल

हरिद्वार मार्ग पर काले की ढाल के समीप प्रस्तावित संजय झील के सौंदर्यीकरण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
शनिवार को बैराज स्थित विधानसभा अध्यक्ष के कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में अग्रवाल ने अधिकारियों से संजय झील के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण के संबंध में बनाई गई कार्ययोजना के संबंध में प्रगति आख्या ली।इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त करते हुए कहा कि संजय झील के सौंदर्यीकरण के संबंध में पहले भी अधिकारियों को इस पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि उनके द्वारा संजय झील का निरीक्षण किया गया है साथ ही कई कार्य मौके पर प्रारंभ कर दिए गए हैं। उन्होंने अवगत किया कि संजय झील में प्रारंभिक कार्यों हेतु राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो गई है जिससे झील के आसपास उगी खरपतवार को साफ किया जा चुका है ट्रेल का निर्माण कार्य, प्रवेश गेट का निर्माण, फेंसिंग कार्य प्रारंभ कराए जा रहे हैं।वर्तमान समय में संजय झील में वर्ड वाचिंग के कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जा चुके हैं।
इस अवसर पर डीएफओ राजीव धीमान ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य हेतु तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए विस्तृत प्राकल्लन/आगणन तथा कार्ययोजना तैयार करने हेतु विशेषज्ञों की सेवाएं ली जानी प्रस्तावित है जिस पर 10 लाख रुपए की धनराशि का व्यय भी प्रस्तावित है। डीएफओ ने बताया कि 5 लाख रुपये की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो चुकी है इस धनराशि से संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही गतिमान है शीघ्र ही डीपीआर तैयार कर इसका प्रस्तुतिकरण किया जाना है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संजय झील प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है व शहर के बीच में इस प्रकार के स्थान को विकसित करने से तीर्थाटन एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटक भी इस स्थान का लुफ्त उठा सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र ही संजय झील के सौंदर्यकरण का कार्य प्रारंभ किया जाए जिससे लंबित इस योजना का लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। अग्रवाल ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे इन सभी संपर्क मार्गों का पक्का निर्माण करना अति आवश्यक है, क्योंकि संपर्क मार्ग पक्के ना होने के कारण स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में वन विभाग के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी, राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक डीके सिंह, डीएफओ राजीव धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

फिल्म निर्माण के लिए 24 गांवों को होगा कायाकल्प

उत्तराखंड में पलायन के कारण खाली हो रहे नैनीताल जिले के वीरान गांवों में होम स्टे विकसित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद की एक फर्म के साथ मिलकर उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने यह योजना शुरू की है। इसके तहत विभाग ने नैनीताल के पास कुंजखड़क गांव के आसपास के इलाकों को चिह्नित किया है, जहां कम्युनिटी बेस होम स्टे शुरू करने की तैयारी है। विभाग इन गांवों में खंडहर हो चुके मकानों को ठीक कर पर्यटकों को ठहरने की सुविधा देगा। योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास के साथ ही खाली गांवों का इस्तेमाल फिल्म निर्माण के लिए करने की भी योजना है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत नैनीताल जिले में करीब 24 गांव चिह्नित किए हैं। इनमें कुछ की पौराणिक व रोचक कहानियां हैं। कुछ बेहद अच्छी लोकेशंस पर स्थित हैं। फिल्म निर्माण के लिए भी योजना अच्छी साबित हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग ऐसे गांवों को स्थानीय लोगों के साथ ही निवेशकों की मदद से विकसित करेगा।

इटली के गांवों को देख कर बनाई योजना
उत्तराखंड पर्यटन विभाग को यह विचार विदेशों में इस तरह की पहल को देखकर आया है। इटली में कई पुराने खाली हो चुके गांवों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जहां प्रतिवर्ष विश्वभर से बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने जाते हैं। इसी तर्ज पर पर्यटन विभाग ने प्रदेश के ऐसे कुछ गांवों को चिह्नित करना शुरू किया है। उत्तरकाशी की नेलांग घाटी के जादूंग गांव और गर्तातोली की सीढ़ियों को इसी तर्ज पर विकसित किया गया है। यह गांव 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद खाली करा दिए गए थे।
वहीं, नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि पलायन रोकने को होम स्टे योजना काफी कारगर है। खाली हो चुके कई गांव बहुत अच्छी लोकेशन्स और इलाकों में स्थित हैं। इन्हें सही तरीके से विकसित किया जाए तो यह राज्य की आर्थिकी के साथ स्वरोजगार का सबसे अच्छा माध्यम बन सकते हैं। इस तरह लोग उत्तराखंड की कला संस्कृति से भी जुड़ पाएंगे।

पर्यटन गतिविधियों से रोजगार बढ़ाने को मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि माउंटेनियर्स और ट्रैकर्स के लिए रिस्टबैंड की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें सैटेलाईट व अन्य माध्यमों से उनकी लोकेशन की जानकारी मिल सके। सर्च ऑपरेशन्स में इससे काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्स की सुरक्षा के लिए अन्य आवश्यक इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा सीजनल होती है, परन्तु ऑफ सीजन टूरिज्म की व्यापक सम्भावनाएं है। इन्हें तलाशते हुए योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले कनेक्टिविटी पर कार्य किया जाए। हेलीपैड्स एवं हेलीपोर्ट्स के निर्माण पर शीर्घ से शीघ्र कार्य किया जाए। पर्यटन स्थलों में हेलीपैड्स विकसित करने के लिए प्राथमिकता तय की जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पर्यटन विकास की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं, परन्तु कनेक्टिविटी के कारण पिछड़ रहे हैं, उन क्षेत्रों में प्राथमिकता पर फोकस किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्गों पर हर 20-30 किलोमीटर पर पानी व टॉयलेट आदि की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि यात्रियों और आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सुचारू संचालन के लिए छोटी-छोटी शॉप्स आदि की व्यवस्था की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सभी उम्र के पर्यटकों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। युवा वर्ग टेक्नोलॉजी का बहुत प्रयोग करता है। युवाओं को प्रत्येक जानकारी फोन पर चाहिए इसके लिए ऐसी ऐप और वेबसाईट तैयार की जाए जिस पर हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो, परन्तु वृद्धों के लिए ऑफलाईन जानकारियों की व्यवस्था भी रखी जाए। ऐप और वेबसाईट को सिटीजन फ्रेंडली एवं ईज़ी टू यूज बनाया जाए। पर्यटन स्थलों को बच्चों के सैर-सपाटे के अनुरूप भी विकसित किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा ऐसे क्षेत्रों में पर्यटन की सम्भावना होने के बावजूद, सुविधाओं के अभाव के कारण यह सब सम्भव नहीं हो पा रहा है, वहां रिसोर्ट विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें शुरुआत में जीएमवीएन एवं केएमवीएन के माध्यम से चलाकर प्रॉफिट गेनिंग होने पर बेचा जा सकता है और उस पैसे से नई जगह डेवेलप की जा सकती हैं। इससे प्रदेश में अनेक पर्यटन स्थल विकसित हो जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजनाओं पर समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। प्रत्येक कार्य के लिए समयसीमा पूर्व में ही निर्धारित की जाएं। प्रत्येक योजना को साप्ताहिक अथवा पाक्षिक मॉनिटरिंग की जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण हो सके। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मार्केटिंग और पब्लिसिटी पर भी विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव युगल किशोर पंत एवं सीईओ युकाडा स्वाति भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन को बढ़ावा दे रही सरकार, सीएम ने किया मिनी झील का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को निरंजनपुर देहरादून में विश्व स्तरीय मिनी झील का शिलान्यास किया एवं झील के सौंदर्यीकरण एवं भव्य निर्माण हेतु सरकार द्वारा हर संभव मदद की घोषणा की।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज सरकार ने कैबिनेट बैठक के दौरान लंबे समय से चली आ रही आशा कार्यकत्रियों की मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय के अन्तर्गत रूपये 1000 और प्रोत्साहन राशि के रूप में रूपये 500 बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी गल्ला विक्रेताओं का लंबित पड़ा भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपनल से सम्बन्धित कार्मिकों के मानदेय में 10 वर्ष से कम के कार्मिकों को रूपये 2000 प्रतिमाह और 10 वर्ष से ऊपर कार्मिकों को रूपये 3000 प्रतिमाह मानदेय के रूप में वृद्धि की जायेगी। उन्होंने कहा मुख्य सेवक के रूप में 101 दिन में करीब 330 से ज्यादा फैसले ले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कोरोना काल में पर्यटन से जुड़े होटल कारोबारियों, टैक्सी चालकों जैसे अनेक प्रभावित लोगों के लिए सरकार द्वारा 200 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया गया। उन्होंने कहा हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे 24000 पदों पर भर्ती एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रत्येक जिले में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा मलिन बस्तियों को आने वाले 3 साल में मालिकाना हक मिले इस पर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का कार्य कर रही है। साथ ही जनता की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा जनता की मांग को देखते हुए सरकार आगे भी कई फैसले लेगी।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। साथ ही विश्व में शक्तिशाली भारत, आत्मनिर्भर भारत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा हम आने वाले समय में उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे साथ ही उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनाने पर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा उत्तराखंड का विकास हम सभी के सामूहिक विकास से संभव है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक हरबंस कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन

नागरिक उड्डयन और एयर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में आज का दिन उत्तराखण्ड के लिए विशेष उपलब्धियों का रहा। एक ओर जहां राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए हेलीसेवाएं शुरू की गईं। वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का शुभारम्भ भी हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखण्ड में विभिन्न हेली सेवाओं का फ्लैग ऑफ कर शुभारम्भ किया। उन्होंने जौलीग्रांट एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने देहरादून हवाई अड्डे से उत्तराखण्ड के तीन स्थानों के लिए नई हवाई सेवा, 18 नए हेलीकॉप्टर मार्ग शुरू करने और देहरादून हवाई अड्डे में अंतरराष्ट्रीय स्तर सुविधाएं विकसित करने की घोषणाएं की।

राज्य में सात नए मार्गों के लिए हेली सेवाएं शुरू
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा आज देहरादून-हल्द्वानी/पंतनगर-देहरादून और सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा के लिए हेलीसेवा का फ्लैग किया। इसी के साथ आज से राज्य मे सात नए मार्गों के लिए हेलीसेवाएं शुरू हो गई हैं। इनमें पवनहंस द्वारा देहरादून-हल्द्वानी/पंतनगर-देहरादून, पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर, देहरादून-श्रीनगर-देहरादून, देहरादून-गौचर-देहरादून और देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून के लिए हेलीसेवा शुरू की गई हैं। जबकि हेरीटेज द्वारा सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा और सहस्त्रधारा-गौचर-सहस्त्रधारा के लिए हेलीसेवा शुरू की गई हैं।

नए रूप में दिखेगा जौलीग्रांट एयरपोर्ट, क्षमता में हुआ विस्तार
देहरादून का जौलीग्रांट एयरपोर्ट भी अब नए स्वरूप में दिखाई देगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून (जौलीग्रांट) हवाई अड्डे में नए टर्मिनल भवन का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। पूरे देश से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों को नई टर्मिनल बिल्डिंग में उत्तराखण्ड की कला और संस्कृति के भी दर्शन होंगे। यहां उत्तराखण्ड के चार धाम, ब्रहमकमल सहित तमाम कला संस्कृति के पक्ष प्रदर्शित किए गए हैं। नए टर्मिनल भवन के निर्माण से देहरादून हवाई अड्डे के क्षेत्रफल और वहां यात्रियों की प्रति घंटा आवाजाही क्षमता में लगभग 6 गुना वृद्धि हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से नई टर्मिनल बिल्डिंग का फेज 1 का काम पूरा हो चुका है। फेज 1 में निर्मित टर्मिनल बिल्डिंग का कुल क्षेत्र 28,729 वर्ग मीटर है जबकि इसकी लागत 325 करोड़ रूपए है। दूसरे फेज का काम भी प्रगति पर है। फेज-2 में 132 करोड़ रूपए की लागत से 14,047 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिल्डिंग का और विस्तार होगा।

प्रदेश में तेजी से हो रहा एयर कनेक्टीवीटी में विस्तार-धामी
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड में एवियेशन टर्बाे फ़्यूल (एटीएफ) में लगने वाले वेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 2 परसेंट कर दिया है, इसके पीछे सरकार की मंशा यह है कि एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अधिक से अधिक हेली कंपनियां उत्तराखंड का रुख़ करें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि 2025 तक उत्तराखण्ड एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित हो, जिसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में पहचान मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली, गौरवशाली, वैभवशाली बनते हुए विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम सड़क योजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, केदारनाथ पुनर्निर्माण समेत कई ऐतिहासिक काम प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा स्थानीय लोगों की आजीविका का आधार है, सरकार का प्रयास है कि चारधाम यात्रा में आने वाले हर यात्री को बेहतर सुविधा दी जाए।

एयर कनेक्टीवीटी बढ़ने से बढ़ेगा पर्यटन-केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि आम आदमी भी आसानी से हवाई यात्रा कर सके। इसी सोच को धरातल पर उतरने के लिए देशभर में वायु संपर्क मार्ग बढ़ाए जा रहे हैं। हवाई अड्डों का विस्तारीकरण, उच्चीकरण व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। पहले देहरादून हवाई अड्डे में प्रति घंटा 250 व्यक्ति आवाजाही कर सकते थे, यह क्षमता भी अब बढ़कर 1200 व्यक्ति हो गई है। उन्होंने बताया कि अब देहरादून हवाई अड्डे में फेज-2 का काम शुरू होगा, जिसके पूरा होने पर यह क्षमता 1800 व्यक्ति प्रति घंटा हो जायेगी। सिंधिया ने कहा कि ‘उत्तराखण्ड से मेरा पुराना नाता है। आज मेरे लिए ये भावुक क्षण भी है। मैं 30 वर्ष पहले देहरादून में शिक्षा ग्रहण करने आया था। 5 वर्ष तक मैंने यहां जीवन के उच्च मूल्यों की शिक्षा ली। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सचमुच में देवलोक है। पूरे देश को यहीं से आशीर्वाद प्रदान होता है। यह ऐसा प्रदेश है जहां प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन, उद्योग, व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखण्ड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। सिंधिया ने कहा कि नागरिक उड्डयन और पर्यटन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इसी सोच के चलते उत्तराखण्ड में हवाई यात्रा की सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है।
इस दौरान नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड), राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा के अलावा सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल “निशंक“ वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लिए हैली सेवा शुरु, बढ़ेगा पर्यटन

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा तीसरी हेलीकाप्टर समिट-2021 का आयोजन किया गया। इसकी थीम इंडिया@75 भारतीय हेलीकाप्टर उद्योग के विकास में तेजी लाना और वायु सम्पर्क बढ़ाना था।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि भारत का विकास सभी राज्यों के सहयोग से मुमकिन है। उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार हमेशा विकास में अपना योगदान देने हेतु तत्पर रहती है। उन्होंने कहा केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन एवं राज्य में युवा नेतृत्व से उत्तराखंड का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों में हर छोटी बड़ी सुविधा पहुंचाने हेतु हेलीकॉप्टर का योगदान रहता है। उन्होंने कहा हमने भारत में हेलीकॉप्टरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले सकें। उन्होंने कहा आज मुख्यमंत्री और मैंने संयुक्त रूप से उत्तराखंड के विभिन्न जगहों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की है इससे निश्चित रूप से जनता को लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में एवियेशन टर्बाे फ़्यूल (एटीएफ) में लगने वाले वेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 2 परसेंट किए जाने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय में हेलीकाप्टर एक्सीलेटर सैल की स्थापना करने और देश में हेलीकाप्टर कोरिडोर विकसित किए जाने की बात कही गई। कार्यक्रम में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की वेबसाईट पर हेली सेवा पोर्टल का बीटा वर्जन लांच किया गया। साथ ही सिविल हेलीकाप्टर आपरेशन के दिशानिर्देश के लिए हेली दिशा नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया। साथ ही हेलीकाप्टर आपरेशन के प्रोत्साहन के लिए नीति और हेली इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज का रोड मैप भी जारी किये गये।
समिट में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बड़ा महत्वपूर्ण दिन है। प्रधानमंत्री की सोच है कि देश का सामान्य नागरिक भी हवाई सेवा का लाभ उठाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नई हेली सेवाओ का शुभारंभ करने पर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि आम जनता भी हेलीकॉप्टर का लाभ ले सके इस पर हमारी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा हम सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र के साथ हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कार्य करेंगे। उन्होंने कहा हेलीकॉप्टर सेवाओं को बढ़ावा देने से संबंधित आने वाली हर समस्या का समाधान करने के लिए हमारी सरकार तैयार है। उन्होंने कहा हमारी सरकार कम दामों पर जनता को हेली सुविधा देने पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टरो की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा आपदा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों ने हमेशा जीवनदायिनी की भूमिका निभाई है। प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड में एवियेशन टर्बाे फ़्यूल (एटीएफ) में लगने वाले वेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 2 परसेंट कर दिया है, इसके पीछे सरकार की मंशा यह है कि एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अधिक से अधिक हेली कंपनियां उत्तराखंड आए।
इस अवसर पर मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि हिमालय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की भूमिका और ज्यादा बढ़ जाती है। उन्होंने कहा एयर एंबुलेंस, एयर टैक्सी एवं आपदाओं में हेलीकॉप्टर की अहम भूमिका रहती है। हिमालयी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए इस पर कार्य किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में हमेशा से ही हेलीकॉप्टरो की अहम भूमिका रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में एयर टैक्सी पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा टिहरी बांध जैसी विभिन्न जगहों पर सी प्लेन उतारे जाने को लेकर हमारे प्रयास जारी है।
इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, उत्तराखण्ड में कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, सचिव नागरिक उड्डयन भारत सरकार राजीव बंसल, संयुक्त सचिव नागरिक उड्डयन भारत सरकार उषा पाधी, एयरपोर्ट ऑथेरिटी ऑफ इण्डिया के चेयरमेन संजीव कुमार, सचिव नागरिक उड्डयन उत्तराखण्ड दिलीप जावलकर, एयरबस इंडिया के एमडी रेमी मेलार्ड, फिक्की के महासचिव दिलीप चिनॉय सहित भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के अधिकारी और एवियेशन सेक्टर से जुड़े लोग उपस्थित थे।

धामी सरकार को मिली कामयाबी, हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं की संख्या से रोक हटाई

हाइकोर्ट नैनीताल ने बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाए जाने के मामले को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। हाइकोर्ट ने चारों धाम में श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटा दी है। अब तीर्थ यात्री बेरोकटोक चारधाम यात्रा के लिए जा सकेंगे। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि शासन को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाना होगा। कोर्ट के इस आदेश से सरकार सहित दूसरे प्रदेशों से आने वाले तीर्थ यात्रियों, चारधाम यात्रा रूट पर होटलों, दुकानदारों आदि स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिली है।
मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने उत्तराखंड सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए तीर्थ यात्रियों की सख्यां को निर्धारित किया गया था। साथ ही, तीर्थ यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की भी सख्त हिदायत दी गई थी।
माधिवक्ता द्वारा कहा गया कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी। लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे है। इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाए।कहा कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा हुआ है।
इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां आ रहे है उन सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे है, वे भी नहीं आ पा रहे हैं। जिसके कारण वहां के स्थानीय लोगो पर रोजी-रोटी का खतरा उत्पन्न हो रहा है। सरकार द्वारा कोर्ट ने पूर्व दिए गए दिशा-निर्देशों का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा। चारधाम यात्रा में सभी सुविधाओं को उपलब्ध करा दिया गया है।
सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटाई जाए या फिर श्रद्धालुओं की संख्या तीन से चार हजार प्रतिदिन किया जाए ताकि दूसरे प्रदेशों से भी लोग दर्शन को आ सकें। कहा कि कोरोना महामारी पर कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन भी किया जा रहा है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रोक हटा दी गई है।

मुख्य सचिव की हेली ऑपरेटर्स के साथ बैठक

मुख्य सचिव एस.एस. सन्धु ने मंगलवार को सचिवालय में हेली ऑपरेटर्स के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हेली सर्विस को बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है, और इसमें हेली ऑपरेटर्स के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश में पर्यटन के दृष्टिकोण से नए डेस्टिनेशन विकसित करने के लिए सभी हेली सेवा प्रदाताओं से सुझाव और सहयोग की अपेक्षा भी की। कहा कि प्रदेश सरकार हेली सेवाओं को बढ़ाने के लिए किसी प्रकार का बैरियर नहीं लगाना चाहती।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से सम्बन्धित कार्यों में किए हेली सेवाओं द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान समय पर किया जाए। उन्होंने सचिव सिविल एविएशन को चार्टर हेली सेवा के लिए अलग से एस.ओ.पी. जारी करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार एवं ऋषिकेश विश्व के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र हैं, इन दोनों शहरों को हेली सर्विस से जोड़ने हेतु हेलीपैड के लिए जगह शीघ्र चिन्हित कर ली जाएं। इससे हरिद्वार ऋषिकेश की कनेक्टिविटी में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा।
मुख्य सचिव ने निदेशक जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से हेलीपोर्ट्स में एमआरओ फैसिलिटी की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा इससे हेली सेवा प्रदाताओं को काफी सुविधा मिलेंगी।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर एवं सीईओ यूकाडा स्वाति भदौरिया सहित विभिन्न हेली सेवा प्रदाता कंपनियों के स्वामी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राज्य में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को हर संभव सुविधा दी जाये-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को हर संभव सुविधा दी जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालु एवं पर्यटक देवभूमि उत्तराखण्ड से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह सबकी जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के प्रति किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में यदि एक भी यात्री को परेशानी होगी तो प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते मुझे परेशानी होगी।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े रूद्रप्रयाग, चमोली एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं अच्छी हों। गाईडलाइन के अनुसार श्रद्धालु दर्शन कर सकें। पर्यटक स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि चारधाम यात्रा के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद जिन लोगों को परमिशन मिली है, वही लोग उत्तराखण्ड के चार धाम यात्रा के लिए आयें।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, डीजीपी अशोक कुमार, मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग, अपर सचिव युगल किशोर पंत उपस्थित थे।

उत्तराखंड में फिल्म नीति के तहत कई आकर्षक सुविधाएं दी जा रही-सतपाल महाराज

उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में फिल्म जगत से जुड़े निर्माता निर्देशकों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तराखंड में फिल्म नीति के तहत कई आकर्षक सुविधाएं दी जा रही हैं। हम अपने राज्य में अपनी फिल्म परियोजनाओं के लिए आने के इच्छुक निर्माताओं और निदेशकों के लिए अधिक से अधिक बुनियादी ढांचे को सुविधाजनक बनाने और विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री और उनकी टीम से मिलने के लिए करीब 33 प्रोडक्शन हाउस से जुड़े निर्माता निर्देशक मौजूद रहे। जिसमें धर्मा प्रोडक्शन, महेश कोठारे, नेटफ्लिक्स, एमेजॉन प्राइम, बालाजी टेलीफिल्म्स, भंसाली प्रोडक्शन, एंडेमोल शाइन इंडिया, जियो स्टूडियो, सलमान खान वेंचर्स, एमएक्स प्लेयर, राजश्री प्रोडक्शन जैसे प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस हैं। इस बैठक का उद्देश्य फिल्म शूटिंग के लिए उत्तराखंड को एक आदर्श गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना था। पर्यटन मंत्री ने बैठक के दौरान बताया कि मैन वर्सेज वाइल्ड की शूटिंग उत्तराखंड में हुई थी जहां प्रधानमंत्री बेयर ग्रिल्स के साथ नजर आए थे।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सुंदर भव्य पर्वतों, नदियों, खूबसूरत नजारों, वास्तुशिल्प के कारण उत्तराखंड आकर्षक रचनात्मक स्थलों में सदैव शामिल रहा है। पहाड़ की विहंगम और खूबसूरत वादियों में शूटिंग के लिए फिल्मी सितारे लगातार उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। उत्तराखंड को दुनिया का पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रहे हैं। महाराज ने बताया कि पूर्व में प्रसिद्ध फिल्म मधुमती, भीगी रात, कटी पतंग, लक्ष्य, केदारनाथ, स्टूडेंट ऑफ द ईयर, कोई मिल गया, लक्ष्य, दम लगा के हैय स्या, बत्ती गुल मीटर चालू सहित अनगिनत फिल्मों की शूटिंग कर चुके हैं।
शूटिंग के लिए देवभूमि का कॉर्बेट नेशनल पार्क, ऋषिकेश, रानीखेत और मसूरी के पर्यटक स्थल आकर्षण के केंद्र हैं। इतना ही नहीं उत्तराखंड के चार धामों केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे तीर्थ स्थलों में श्रद्धलुओं की दिलचस्पी बढ़ रही है।
उत्तराखंड सरकार, पर्यटन खोजकर्ताओं और फिल्म बिरादरी के लिए उत्तराखंड में नए स्थानों को विकसित करने पर काम कर रही है। एक राज्य के रूप में उत्तराखंड में शूटिंग के अनुभव को एक सहज और निर्बाध प्रक्रिया बनाने के लिए पर्यटन विभाग का निरंतर प्रयास है, और उसी के लिए उनके पास फिल्म बिरादरी के सुझावों और इनपुट का स्वागत है। पहली फिल्म नीति 2015 में बनी, इसके बाद 2019 में संशोधित फिल्म नीति बनी। आगे भी इसमें फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोगों के सुझावों के अनुरूप जरूरी सुधार किये जाएंगे।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग की अपार संभावनाएं हैं। हम निर्माताओं और निर्देशकों का स्वागत करते हैं और विशेष रूप से उत्तराखंड के ऑफबीट डेस्टिनेशनों में शूटिंग करें। बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माताओं को अस्सी नब्बे के दशक से ही उत्तराखण्ड अपनी ओर आकर्षित करते हुए आया है। कोरोना संकट के चलते पटरी से उतरे पर्यटन और फिल्म उद्योग को धीरे धीरे गति मिलने लगी है। एक तरफ उत्तराखंड के पर्यटक स्थल टूरिस्ट से गुलजार हो रहे हैं, वहीं फिल्मकार भी यहां शूटिंग के लिए खासी रुचि दिखा रहे हैं। फिल्म शूटिंग के लिए उत्तराखंड नया हब बन रहा है। प्रदेश की लोकेशन में फिल्म निर्माताओं की बढ़ रही इस रुचि को प्रोत्साहित कर उत्तराखंड में शूटिंग को आसान बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। जिससे उत्तराखंड की लोकेशन में शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही प्राचीन भवनों का जीर्णाेद्धार कर हम उन्हें पर्यटन के लिए खोलने का प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर फिल्म प्रोड्यूसर गिल्ड के अध्यक्ष नितिन आहूजा, पर्यटन विभाग के अपर निदेशक विवेक चौहान, वरिष्ठ शोध अधिकारी सुरेंद्र सिंह सामंत, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी/संयुक्त निदेशक के एस चौहान, अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, चित्रांशी रावत, रूप दुर्गापाल सहित फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे।