आठ जनवरी से वृहद रूप से शुरू होगा ऋषिकेश व्यापार महासंघ का सदस्यता अभियान

ऋषिकेश व्यापार महासंघ द्वारा व्यापारियों के आग्रह पर सदस्यता अभियान चला कर ऋषिकेश क्षेत्रबाजार व गोल मार्केट में छूटे दुकानदारों को सदस्यता दिलवाई।

महासंघ के संयोजक राजीव मोहन अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हमने सदस्यता अभियान रोक रखा था और वृहत रूप से सदस्यता अभियान आठ जनवरी से शुरू करवाया जायेगा परन्तु क्षेत्र रोड व गोल मार्केट हमारे कुछ दुकानदार भाई सदस्य बनने में छूट गये थे उनको आज पुनरू सदस्यता अभियान चलाकर महासंघ का सदस्य बनाया गया।

सह संयोजक नवल कपूर मे कहा कि अब तक महासंघ में 878 सदस्यों ने अपनी सदस्यता ली है और जल्द ही नगर निगम के ग्रामीण क्षेत्रों में सदस्यता प्रारम्भ कर सदस्य बनाने का कार्य किया जायेगा, सदस्यता हमारी जारी रहेगी साथ ही फरवरी माह के अंत तक सदस्यता सूची भी जारी कर मार्च के माह चुनाव की प्रक्रिया विधिवत रूप से चला कर चुनाव सम्पन्न करवाये जायेंगे।

सदस्यता अभियान में गढ़वाल ट्रक यूनियन सचिव जयेन्द्र रमोला, प्रॉपर्टी डेवलपर्स ऐसोशिएसन अध्यक्ष अजय गर्ग, व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालडा, पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष सूरज गुल्हाटी, राजेन्द्र सेठी, स्वर्ण कार संघ अध्यक्ष यशपाल पंवार,पार्षद अजीत सिंह गोल्डी,होटल एसोसिएशन अध्यक्ष मदन नागपाल, महामंत्री अंशुल अरोड़ा, प्रॉपर्टी डेवलपर्स प्रवक्ता दीपक जाटव, क्षेत्र रोड व्यापार संगठन अध्यक्ष राजेश भट्ट,स्वर्णकार संघ उपाध्यक्ष हितेन्द्र पंवार,बर्तन एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल,मेन बाजार व्यापार संघ महामंत्री ललित सक्सेना,नागेन्द्र सिंह,रमनप्रीत सिंह, अतुल सरीन, सरदार चन्द्रमोहन नारंग, संजय पंवार, रमन अरोड़ा, राजपाल ठाकुर ,अशोक डंग आदि मौजूद थे ।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने दी वरिष्ठ व दिवंगत व्यापारी यशपाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि


नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश द्वारा प्रांतीय ऊध्योग व्यापार मंडल के संस्थापक स्व. यशपाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि दी गई। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महामंत्री ललित मोहन मिश्र ने बताया कि यशपाल अग्रवाल का जन्म 31 दिसेंबर 1930 को फग्वाडा पंजाब में हुआ था, विध्याल्य के शिक्षा फग्वाडा से गृहण कर वह 1952 में होशियारपुर से स्नातक किया। वर्ष 1956 में उनका आगमन ऋषिकेश हुआ और बीवीवाला के पास फार्महॉउस बनाया। 1960 में व्यापार सभा के महामंत्री बने। ’आज जिस स्थान पर व्यापार सभा भवन बना है उक्त स्थान 1960 में व्यापार सभा भवन के लिए भूमि दान दी। 1973 में व्यापार सभा के अध्यक्ष बने और 1982 में रोटरी क्लब के अध्यक्ष रहें। बताया कि उनका गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब की स्थापना में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। राजकीय महिला इंटर कॉलेज ऋषिकेश का उच्चकरण भी इन्हीं के प्रयास से हुआ। इसके अलावा वह ’उत्तराखंड आंदोलन में केंद्रीय संघर्ष समिति के प्रथम कोषाध्यक्ष रहें ’’
औरउत्तर प्रदेश खाद्य पदार्थ व्यापारी संघ के संस्थापक रहें।

यहां के बाद वह उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष भी बनें। उन्होने बताया कि अपने जीवनकाल तक श्री अग्रवाल प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के चेयरमैन रहें।
श्रद्धांजलि सभा में राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, सुभाष कोहली, हरगोपाल अग्रवाल, संजय व्यास, ललित मोहन मिश्र, सचिन गर्ग, मनोज अग्रवाल, अरविंद जैन, प्रतीक कालिया, दीपक तायल, रवि जैन, आशू अरोड़ा, पवन शर्मा, मनोज टुटेजा, आशू डंग, जगमीत सिंह, पदम शर्मा, कपिल आनंद, विजय अग्रवाल, महेश किंगर आदि व्यापारी उपस्थित रहे।

स्पीकर प्रेमचंद ने दिए.सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए छोटी सब्जी मंडी खोलने के निर्देश

ऋषिकेश में छोटी सब्जी मंडी पर बना सवाल अब समाप्त होगा। पुरानी जगह पर रोस्टर प्रक्रिया के तहत सब्जी मंडी संचालित होगी। आज इसके निर्देश विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी वरुण चैधरी एवं तहसीलदार अभिनव शाह मौजूद रहे।

स्पीकर ने अधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है दुकाने न खुलने के कारण उन्हें अपना परिवार को पालना मुश्किल हो गया है। सब्जी मंडी खोले जाने में इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि सरकारी दिशानिर्देशों का भी पालन हो एवं गरीब फुटकर विक्रेताओं अपनी दुकान भी खोल सके।

विधानसभा अध्यक्ष ने समस्या का समाधान करते हुए भी कहा कि सब्जी फुटकर विक्रेता रोस्टर व्यवस्था के अनुरूप दुकान खोलें, जिसकी जिम्मेवारी उन्होंने फुटकर फल सब्जी विक्रेता समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता को दी। इसके अनुरूप एक दुकान छोड़कर एक दुकान खोली जानी है।

आपको बता दें कि फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेता समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्या का समाधान करने का आग्रह किया था।विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया था कि प्रशासन ने कोविड-19 के प्रकोप से बचाव हेतु जीवनी माई मार्ग से फुटकर फल व सब्जी मंडी को बंद कर दिया था तब से अधिकांश सब्जी विक्रेता काम न होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं ।उस दौरान फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेताओं की समस्या को सुनकर स्पीकर ने जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव को दूरभाष पर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता, बबलू गुप्ता, राकेश गुप्ता, हेमंत कुमार, गोविंद गुप्ता, कैलाश चंद, ऋषि गुप्ता, कश्यप गुप्ता, ललित मिश्रा, नगर निगम पार्षद रीना शर्मा, अनिल गुप्ता, राधाकृष्ण गुप्ता, विनोद वर्मा, राजेंद्र चैरासिया आदि उपस्थित थे।

कृषि कानून देश और किसानों के लिए ऐतिहासिकः विनय गोयल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नया कृषि कानून देश और देश के किसानों के लिए ऐतिहासिक है। पर कुछ राजनीतिक दल इसे लेकर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर कानून से एतराज है तो उस पर सरकार बैठकर समाधान करने को तैयार है पर कृषि कानून को किसी भी दशा में वापस नहीं लिया जाएगा।

ऋषिकेश में भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों को पूरे देश में बाजार के विकल्प उपलब्ध कराएंगे। इन कानूनों से किसानों को किसी भी तरह की हानि नहीं हो रही है, बल्कि कोई राजनीतिक दलों द्वारा किसानों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाए जाने के लिए एमएसपी खत्म नहीं किया जाएगा।

गोयल का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके सभी प्रविधान कृषि कानून बिल में बनाए गए हैं। बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी इस बिल से लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि एक बाजार होने से किसानों को अपनी फसल बेचने में ही लाभ मिलेगा। उन्होंने आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में लगाए जा रहे नारों की भी निंदा की।

गोयल ने कहा कि उत्तराखंड के अलावा कई अन्य प्रदेशों के किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल का समर्थन किया है। अगर फिर भी किसानों को कोई इस बिल को लेकर आशंका है तो केंद्र सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है।

पत्रकार वार्ता में राज्य मंत्री भगत राम कोठारी, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती भी उपस्थित थे।

ऋषिकेश व्यापार महासंघ से जुड़े 257 व्यापारी

ऋषिकेश व्यापार महासंघ की सदस्यता अभियान जारी रहा। नगर निगम ऋषिकेश के पहले व्यापार महासंघ ने नगर क्षेत्र में नगर के व्यापारियों के साथ मिलकर सुबह थोक सब्जी मण्डी में व शाम को मेन बाजार, घाट रोड़ में देर रात तक सदस्यता अभियान चलाया जिसमें 257 व्यापारियों को ऋषिकेश व्यापार महासंघ का सदस्य बनाया ।

व्यापार सभा के पूर्व अध्यक्ष सूरज गुल्हाटी ने कहा कि आज पुनः ऋषिकेश व्यापार महासंघ के बैनर तले हमने साथियों के साथ बडी सब्जी मण्डी, मेनबाजार व घाट रोड़ में सदस्यता अभियान चलाकर व्यापारियों को महासंघ की सदस्यता ग्रहण करवाई साथ ही व्यापारियों को महासंघ के द्वारा किये जाने वाले कार्य जोकि आने वाले समय में पूर्ण करवाये जायेंगे उनसे अवगत करवाया।
प्रॉपर्टी डेवलपर एसोशिएसन के अध्यक्ष अजय गर्ग ने कहा कि महासंघ का उद्देश्य हर स्तर के व्यापारियों को सदस्य बनाकर महासंघ परिवार में सम्मलित कर उनकी हर सम्भव समस्याओं का समाधान करना है नाकि मात्र सदस्य बनाना है।

सदस्यता अभियान का नेतृत्व कर रहे महासंघ के संयोजक राजीव मोहन,सह संयोजक नवल कपूर, प्रचून ट्रांसपोर्ट अध्यक्ष विनोद शर्मा, बडी सब्जी मण्डी के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, महामंत्री गिरीश छाबडा, गढवाल ट्रक एसोसिएशन के सचिव जयेन्द्र रमोला, व्यापार सभा अध्यक्ष मनोज कालडा, पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष राजेन्द्र सेठी, मोटर पार्टस एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रशेखर जैन, मनोज सेठी, पार्षद अजीत सिंह गोल्डी, स्वर्णकार संघ अध्यक्ष यशपाल पंवार, उपाध्यक्ष हितेन्द्र पंवार, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन नागपाल, महामंत्री अंशुल अरोड़ा, बर्तन एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल, मेन बाजार व्यापार संघ के महामंत्री ललित सक्सेना, स्वर्णकार संघ से विवेक वर्मा, रमनप्रीत सिंह, राजेश अरोड़ा, संजय पंवार, दीपक जाटव, हरीश गावडी, संजय शर्मा, प्रदीप गुप्ता, शेखर गुप्ता, अशोक डंग, अशोक शर्मा, चन्द्र मोहन नारंग, नागेन्द्र सिंह, अतुल सरीन, सरकारी सस्ते गल्ले एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मनमीत, दीपक दरगन, राजीव गावडी, योगेश कालडा आदि मौजूद थे।

आज से अस्तित्व में आया ऋषिकेश व्यापार महासंघ

आज से ऋषिकेश व्यापार महासंघ का विधिवत शुभारंभ हो गया। महासंघ के दायरे में निगम के सभी 40 वार्ड आएंगे। महासंघ के जब तक चुनाव नहीं होते, तब तक वरिष्ठ व्यापारी राजीव मोहन अग्रवाल इसके संयोजक व नवल कपूर सह संयोजक रहेंगे।

मौके पर संयोजक राजीव मोहन अग्रवाल ने कहा कि हमारा मकसद व्यापारियों के अधिकारों की लड़ाई को लड़ना है परंतु पूर्व में चलते आ रहे व्यापार मण्डलों में परिवार वाद के साथ ही व्यक्ति वाद चला आ रहा है जो सही नहीं है। कहा कि हमने कई बार प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य से वार्ता की कोशिश की, मगर कुछ कुर्सी पकड़ व्यापारी नेताओं ने अपनी हठधर्मिता के कारण एका के प्रयासों को सिरे से नकारने का काम किया। इसी को देखते हुए व्यापारियों की मॉंग पर महानगर के प्रथम व्यापार महासंघ का गठन किया गया है।

सह संयोजक नवल कपूर ने बताया कि महासंघ चालीस वार्डों के व्यापारियों को जोड़ने का कार्य करेगा और व्यापार महासंघ में व्यापारी सहायता कोष भी बनाया जायेगा। जिसमें व्यापारी पर मुसीबत करने पर उनकी सहायता हो सके।

व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालडा व पूर्व अध्यक्ष सूरज गुल्हाटी ने कहा कि महासंघ के बैनर तले व्यापारियों की लड़ाई लड़ने का कार्य करेगें। जल्द ही बाजार में सदस्यता अभियान के लिये हम सभी व्यापारी एक जुट होकर बाजार भ्रमण करेंगे।

प्रेस वार्ता में पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष राजेन्द्र सेठी, प्रॉपर्टी डेवलपर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय गर्ग, प्रचून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद शर्मा, मोटर पार्टस एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रशेखर जैन, स्वर्ण कार संघ अध्यक्ष यशपाल पंवार, गढवाल ट्रक एसोसिएशन सचिव जयेन्द्र रमोला, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष मदन नागराज, महामंत्री अंशुल अरोड़ा, क्षेत्र रोड व्यापार संगठन अध्यक्ष राजेश भट्ट, स्वर्णकार संघ उपाध्यक्ष हितेन्द्र पंवार, बर्तन एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल, प्रचून व्यापर संघ अध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, स्वर्णकार संघ से विवेक वर्मा, प्रॉपर्टी डेवलपर्स एसोसिएशन प्रवक्ता दीपक जाटव आदि मौजूद थे।

प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने बनाई दूरी
ऋषिकेश व्यापार महासंघ को बनाने को लेकर जिस वक्त रणनीति तय की जा रही थी। उस वक्त प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन भी इसमें जुड़ते दिखाई दिए। संगठन के नगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता भी इसकी बैठक में सम्मिलित होकर अपने विचार रखते थे। मगर, आज प्रेसवार्ता में प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने दूरी बनाई। मामले को लेकर पंकज गुप्ता से वार्ता की गई तो उन्होंने सारा दोष प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल पर जड़ा। कहा कि प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की हठधर्मिता के चलते संगठन एक नहीं हो सका। कहा कि वह किसी भी संगठन के विरोध में नहीं है, व्यापारियों के हित के लिए वह सदैव तत्पर रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, ऋषिकेश महासंघ के साथ जाने को तैयार नहीं

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अपने फैसले पर अडिग है, वह ऋषिकेश महासंघ के साथ नहीं जाएगा। मगर, हां जो भी व्यापारी उनके संगठन से जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत है, मगर कोई शर्त मंजूर नहीं की जाएगी। एक तरह से बिना शर्त संगठन से जुड़ने वाले व्यापारियों का स्वागत है।

आज एक होटल में जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने पत्रकारवार्ता की। कहा कि प्रांतीय व्यापार प्रदेश स्तर का संगठन है। यह व्यापारियों के हितों के लिए काम करती है। ऐसे में संगठन से रूठकर अलग संगठन बनाने से व्यापारियों का हित नहीं हो सकता है। इसलिये सभी व्यापारी संगठन एकजुट होकर संगठन को मजबूत कर सकते है। एकीकरण के लिए जो लोग राजी होते हैं, तो उनका स्वागत है। मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री हरगोपाल अग्रवाल, प्रदेश मंत्री श्रवण जैन, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री ललित मोहन मिश्रा, नगर उद्योग युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रतीक कालिया, जिला उपाध्यक्ष रवि जैन, दीपक तायल, अनुज आदि मौजूद थे।

आम व्यापारी भी सदस्य के तौर पर डालेगा वोट
जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने बताया कि इस बार संगठनों के अध्यक्ष और महामंत्री के साथ आम व्यापारी को सदस्य के तौर पर वोटर बनाया जाएगा। वे मतदान में अपना वोट देकर अध्यक्ष और महांमत्री को चुन सकते हैं। नगर निगम क्षेत्र तीन हजार लोगों को सदस्यता के लिए फार्म दिए गए हैं। जिनमें 800 व्यापारियों को जोड़ा जा चुका है। बताया कि 10 दिसंबर तक सदस्यता अभियान चलाया जाना है। चुनाव की तारीख अभी तय नहीं की गई है, दो दो समिति का गठन होना बाकी है।

एमडीएच अंकल ने संसार को कहा टाटा, देश को दे गए एमडीएच जैसा विश्वसनीय मसाला

दुनियाभर में प्रसिद्ध मसाला ब्रांड श्एमडीएचश् के मालिक श्महाशयश् धर्मपाल गुलाटी ने गुरुवार सुबह 98 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। महाशय धर्मपाल गुलाटी को श्एमडीएच अंकलश्, श्दादाजीश्, श्मसाला किंगश् और श्मसालों के राजाश् के नाम से जाना जाता था। वह मसाला ब्रांड श्एमडीएचश् (महाशिया दी हट्टी) के मालिक और सीईओ थे। देश विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत में आकर बसे गुलाटी ने तांगे से अपनी आजीविका शुरू की और आज वह 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार वाली अपनी कंपनी छोड़कर इस दुनिया से कूच कर गए।

पाकिस्तान में हुआ जन्म
श्महाशयश् के नाम से मशहूर गुलाटी का जन्म 1919 में पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। उनका पालन-पोषण पाकिस्तान में ही हुआ था। सियालकोट में उनके पिता ने साल 1919 में श्महाशिया दी हट्टीश् नाम से एक मसाले की दुकान खोली। उनके पिता यहां पर मसाले बेचा करते थे।

विभाजन के बाद भारत आया परिवार, पिता के पैसे से खरीदा तांगा

1947 में विभाजन के बाद, परिवार भारत आ गया। शुरू में गुलाटी परिवार अमृतसर में शरणार्थी के रूप में रहा। लेकिन बाद में धर्मपाल गुलाटी दिल्ली शिफ्ट हो गए। जब गुलाटी अपने बहनोई के साथ दिल्ली पहुंचे, तब उन्होंने अपने पिता द्वारा दिए गए पैसे से तांगा खरीदा।

1959 में एमडीएच कंपनी की नींव रखी

इसके बाद 1953 में, गुलाटी ने चांदनी चैक में एक दुकान किराए पर ली, जिसका नाम श्महाशिया दी हट्टीश् (एमडीएच) रखा, और उन्होंने यहां भी मसालें बेचना शुरू किया। वहीं, गुलाटी ने आगे चलकर एमडीएच कंपनी की आधिकारिक शुरुआत की। धर्मपाल गुलाटी ने 1959 में एमडीएच कंपनी की स्थापना की। इसके लिए उन्होंने कीर्ति नगर में जमीन खरीदी और एक विनिर्माण इकाई स्थापित की।

देशभर में 15 फैक्ट्रियां

व्यापार भारत में ही नहीं पनपा बल्कि गुलाटी मसालों के एक वितरक और निर्यातक भी बन गए। वर्तमान में एमडीएच मसाले लगभग 50 विभिन्न प्रकार के मसालों का निर्माण करते हैं। कंपनी की देशभर में 15 फैक्ट्रियां हैं और वह दुनियाभर में अपने उत्पाद बेचती हैं।

एमडीएच मसाले दुनिया के विभिन्न हिस्सों में निर्यात किए जाते हैं, जिसमें यूके, यूरोप, यूएई, कनाडा जैसे देश शामिल हैं। गुलाटी 2017 में भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सीईओ बने।

पांचवीं तक पढ़े थे धर्मपाल गुलाटी

धर्मपाल गुलाटी ने सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की। आगे की शिक्षा के लिए वह स्कूल नहीं गए। धर्मपाल गुलाटी को भले ही किताबी ज्ञान अधिक ना हो, लेकिन बिजनेस क्षेत्र में बड़े-बड़े दिग्गज उनका लोहा मानते थे।

90 फीसदी वेतन को करते थे दान

धर्मपाल गुलाटी को लेकर कहा जाता है कि वह अपने वेतन का 90 फीसदी हिस्सा दान कर देते थे। एक बार उन्होंने कहा था कि काम करने की मेरी प्रेरणा सस्ती कीमतों पर बेचे जाने वाले उत्पाद की गुणवत्ता में ईमानदारी से है और मेरे वेतन का लगभग 90 फीसदी एक चैरिटी में जाता है।

गरीबों के लिए अस्पताल और स्कूल

गुलाटी के पिता के नाम पर एक धर्मार्थ ट्रस्ट भी है, जो झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए 250 बेड का अस्पताल चलाता है। साथ ही गरीबों के लिए चार स्कूल भी चलाता है। सूत्रों ने बताया कि उन्हें 2018 में 25 करोड़ रुपये इन-हैंड सैलरी मिली थी।

कंपनी के सभी फैसले खुद लेते थे
अपनी उम्र के बावजूद धर्मपाल गुलाटी व्यवसाय के सभी बड़े फैसले लेते थे। वह अपनी कंपनी और उत्पाद के लिए तीन पहलुओं को बेहद महत्वपूर्ण मानते थे, जिसमें ईमानदारी से काम, गुणवत्ता वाले उत्पाद, और सस्ती कीमतें शामिल हैं। गुलाटी कंपनी में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सेदारी के मालिक थे। वह नियमित रूप से अपने कारखाने और बाजार का दौरा करते थे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चीजें ठीक प्रकार से चल रही हैं।

पिछले साल मिला था पद्मभूषण पुरस्कार

2019 में धर्मपाल गुलाटी उन 112 विशिष्ट लोगों में शामिल थे, जिन्हें पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण से नवाजा था।

ऋषिकेश व्यापार महासंघ के तहत आए सभी व्यापारी, बाहरियों का हस्तक्षेप हो वर्जित

ऋषिकेश के व्यापार मण्डलों के एकीकरण को लेकर आज शहर के व्यापारियों की एक आपातकालीन बैठक हुई। इसमें प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल व प्रांतीय नेता श्रवण जैन भी शामिल हुए। बैठक में प्रांतीय उघोग व्यापार मण्डल को एकीकरण के लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया। जवाब न आने पर व्यापार मंडल एका संयोजक मंडलों की बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कर वरिष्ठ व्यापारी राजीव मोहन अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों के कुछ सुझाव आये है जो प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के समक्ष रखे गये हैं। इसके तहत महानगर में एक व्यापार मण्डल हो और जिसका नाम ऋषिकेश व्यापार महासंघ हो, जिसमें किसी भी अन्य संस्था या राजनीतिक दल का हस्तक्षेप नहीं होगा और ऋषिकेश व्यापार महासंघ के नाम पर ही महानगर में सदस्यता अभियान चलाया जाए। इसी में व्यापार मण्डलों के सदस्यों को सदस्य बनाया जाए व पूर्व में भी जो अन्य किसी व्यापारिक संगठन से सदस्यता हुई हो उसे भी महासंघ के नाम पर जोड़ा जाए।

ऋषिकेश के सभी व्यापार मण्डल महासंघ को महानगर स्तर पर अपना समर्थन देंगे परन्तु जिला व प्रदेश स्तर पर वह अपनी संस्थाओं को यथावत रहकर कार्य कर सकते हैं। ऋषिकेश के व्यापारियों के अध्यक्ष व महामंत्री के चुनाव हेतु जो भी चुनाव समिति बनेगी। उस समिति या कमेटी में सिर्फ व सिर्फ ऋषिकेश के शीर्ष व्यापारी ही चुनाव अधिकारी होने चाहिये। बाहर के प्रांत के व प्रदेश के अन्य किसी व्यक्ति का हस्तक्षेप चुनाव में नहीं होना चाहिये। भविष्य में महासंघ का विलय किसी भी संस्था या या दल में नहीं होगा। महासंघ का अध्यक्ष व महामंत्री आम सदस्यों के चुनाव द्वारा चुना जाना चाहिये।

प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के नगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि हमारे व्यापार मण्डल की व्यापारियों की ओर से आये सभी सुझावों पर हमारी सहमति है, हम मिलकर एक स्वतंत्र ऋषिकेश महानगर के व्यापार महासंघ को तैयार हैं।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल व प्रदेश मंत्री श्रवण जैन ने कहा कि एकीकरण की पहल तो ऋषिकेश के व्यापारियों के हित में है।

जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों के सुझावों का हम स्वागत करते हैं परन्तु प्रांतीय व्यापार मण्डल देश स्तर का संगठन है तो पहले हम प्रदेश स्तर पर वार्ता कर विचार विमर्श कर, महासंघ के प्रतिनिधियों को गुरूवार दोपहर तक सूचित करेंगे।

बैठक का संचालन करते हुऐ जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज की वार्ता बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और अगर कल सब कुछ अच्छा रहा तो दोनों व्यापार मण्डल मिलकर महानगर के व्यापारियों की एक महापंचायत का आयोजन कर व्यापारियों की रॉय के साथ आगे की चर्चा करेंगे और अगर प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल की ओर से एकाकरण का जवाब नहीं आता है तो शुक्रवार को व्यापार मण्डल एका संयोजक मण्डलों की बैठक कर आगे का निर्णय लिया जायेगा।

बैठक में यह रहे शामिल
बैठक में प्रॉपर्टी डेवलपर्स के अध्यक्ष अजय गर्ग, व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालडा, व्यापार सभा के पूर्व अध्यक्ष नवल कपूर, परचून ट्रांसपोर्ट व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विनोद शर्मा,होटल एसोशिएशन के अध्यक्ष मदन नागपाल,प्रदेश उघोग व्यापर मण्डल की ओर से संरक्षक कपिल गुप्ता, केवल कृष्ण लाम्बा, क्लॉथ मर्चेन्ट के महामंत्री प्रदीप गुप्ता, मनोज सेठी, दीपक जाटव, हर्षित गुप्ता, विवेक वर्मा, मेन बाजार व्यापार संगठन महामंत्री ललित सक्सेना उपस्थित थे।

किसानों को समय से भुगतान हो सरकार कर रही प्रयासः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को शुगर कम्पनी लि. डोईवाला के पराई सत्र 2020-21 का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन सालों में सरकार का प्रयास रहा है कि किसानों को भुगतान समय पर एवं पारदर्शिता के साथ हो। धान का किसानों को ऑनलाइन पेमेंट किया और 24 घण्टे के अन्दर भी भुगतान किया। खाद का भी डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। दुग्ध उत्पादकों को भी ऑनलाइन पेमेंट किया जा रहा है। सरकार ने कोशिश की कि किसानों को उनका पैसा सीधे उनके खाते में मिले। कोविड के कारण लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस वर्ष राज्य सरकार ने ढ़ाई सौ करोड़ रूपये किसानों को अनुदान के रूप में दिया। गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान किया गया है। हरिद्वार जनपद में एक प्राइवेट शुगर मिल बंद पड़ी थी। राज्य सरकार ने अपनी गारंटी पर मिल को ऋण दिया। 22 हजार किसान इस मिल में कार्य कर रहे थे। आज उस शुगर मिल में किसानों का 80 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। राज्य सरकार ने किसानों के हित में हर सम्भव प्रयास किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवाला के इस प्लांट का आधुनिकीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने की आधुनिक किस्म को अपनाना जरूरी है। उत्पादकता बढ़ाने एवं मिलों को बचाये रखने के लिए आधुनिक प्रयोगों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। समग्र विकास के लिए दोनों का विकास जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को 3 लाख रूपये तक एवं स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिकी के विकास के लिए हर न्याय पंचायत पर ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अभी तक 100 से अधिक ग्रोथ सेंटर बनाये जा चुके हैं। 16400 किसान इस मिल से जुड़े हैं, यह अच्छी बात है कि इस बार मिल की रिकवरी अब तक की सबसे अच्छी रिकवरी रही।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देश में गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। किसानों के प्रति राज्य सरकार कितनी गंभीर है, यह इस बात को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस मिल के आधुनिकीकरण से गन्ना किसानों को तो फायदा होगा ही, मिल से अनेक लोगों के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर अध्यक्ष गन्ना विकास समिति भगत राम कोठारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुण्डीर, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष खेम पाल सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र सिंह पंवार, आशा कोठारी, सचिव गन्ना विकास चन्द्रेश यादव, डोईवाला शुगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह आदि उपस्थित थे।