मुख्यमंत्री ने की हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज “आवाज़ सुनो पहाड़ों की फिल्म फेस्टिवल 2026” में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “श्रद्धा सम्मान” पुस्तिका का विमोचन किया तथा “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – सीजन 2” लॉन्च किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक फिल्म निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से राज्य की समृद्ध संस्कृति, खान-पान और प्राकृतिक सौंदर्य का व्यापक प्रचार-प्रसार होता है। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने तथा आधुनिक परिवेश को समझने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को आधुनिक पहचान देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सशक्त साधन भी है। समाज की सच्चाइयों को सिनेमा ने हर दौर में प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया है, चाहे वह छुआछूत, दहेज प्रथा, भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रतिभा पलायन या सामाजिक कुरीतियां रही हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ईश्वर द्वारा प्रदत्त प्रकृति की अनमोल धरोहरों से समृद्ध है। यहां के पर्वत, नदियां, झरने, मौसम और संस्कृति फिल्मकारों को आकर्षित करते हैं। नैनीताल, मसूरी, औली, चकराता, मुन्स्यारी, कौसानी और चोपता जैसे अनेक स्थल देश-विदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से भी बेहतर हैं। साथ ही चारधाम, हरिद्वार, ऋषिकेश, कैंची धाम, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसे दिव्य स्थल भी फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष आकर्षण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ की धरती से दिए गए “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को एक विशिष्ट फिल्म हब के रूप में विकसित करना है, जिससे युवाओं को रोजगार और संस्कृति को वैश्विक पहचान मिल सके।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए नई फिल्म नीति लागू की है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड में फिल्माई गई हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी फिल्मों के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 7 दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति दी जाती है और प्रदेश में किसी प्रकार का शूटिंग शुल्क नहीं लिया जाता। क्षेत्रीय फिल्मों को सप्ताह में कम से कम एक बार स्थानीय सिनेमाघरों में दिखाना अनिवार्य किया गया है। शूटिंग के दौरान सुरक्षा के लिए न्यूनतम पांच पुलिसकर्मियों की व्यवस्था तथा जीएमवीएन और केएमवीएन गेस्ट हाउसों में विशेष छूट भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म “वीडियोज़ अलार्म” है, जिसके माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी संस्कृति की खुशबू 18 से अधिक देशों तक पहुंच रही है। सरकार 3Ts—Talent, Technology और Training—के ईकोसिस्टम पर भी कार्य कर रही है ताकि युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग से केवल सिनेमा जगत को ही नहीं, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों, गाइडों, लाइन प्रोड्यूसरों और स्थानीय कलाकारों को भी रोजगार मिलता है। उन्होंने फिल्मकारों को उत्तराखंड में फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आमंत्रित करते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग, सुरक्षा और सुविधा का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य में फिल्म सिटी, फिल्म संस्थान, शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन हाउस और सिनेमा हॉल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह फिल्म फेस्टिवल युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा और उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को मजबूती प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल राज्य की संस्कृति को समृद्ध करते हैं, बल्कि पहाड़ी पहचान और सामूहिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, प्रसिद्ध अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, कार्यक्रम के आयोजक नरेन्द्र रौथाण, संस्कृति विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण, उत्तराखंड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित हो रहे कला उत्सव

उत्तराखंड के पारंपरिक लोक पर्व इगास के शुभ अवसर पर आज देशभर से देहरादून पहुंचे प्रमुख फ़िल्म व कॉमेडी कलाकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में कला उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने हेतु देशभर के लोकप्रिय हास्य व फ़िल्म कलाकार राजधानी में आए हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलाकारों का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को नए आयाम देने, स्थानीय परंपराओं को संरक्षित करने और देवभूमि की नवाचार एवं पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सांस्कृतिक आयोजनों में देश के प्रख्यात कलाकारों की भागीदारी से युवा पीढ़ी को नई प्रेरणा मिलती है तथा राज्य की कला एवं संस्कृति को वैश्विक पहचान प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक पर्व इगास उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक जड़ें और भी मजबूत होती हैं। उन्होंने कलाकारों द्वारा हास्य कला के माध्यम से समाज में सकारात्मकता, सौहार्द और उत्साह बढ़ाने के योगदान की सराहना की।

मुलाकात के दौरान कॉमेडी जगत के प्रसिद्ध कलाकार कृष्णा अभिषेक, हेमंत पांडे, हिमानी शिवपुरी सहित अनेक अन्य चर्चित कलाकार उपस्थित रहे। कलाकारों ने मुख्यमंत्री के साथ सांस्कृतिक संवाद साझा किया तथा प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक ऊर्जा की सराहना की। कलाकारों ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और लोगों के उत्साह से उन्हें अत्यंत प्रेरणा मिली है।

मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने पर कार्य करेंः बर्द्धन

उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से शिष्टाचार भेंट की और परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में फ़िल्म निर्माण से जुड़े इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके साथ ही दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में लो-कॉस्ट (कम लागत) सिनेमा हॉल की संभावनाओं पर विचार करने और स्थानीय युवाओं एवं कलाकारों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाए।

डॉ. उपाध्याय ने मुख्य सचिव को राज्य की फ़िल्म नीति के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में फ़िल्म निर्माण हेतु अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम पहले से संचालित है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश में लगभग 30 क्षेत्रीय फ़िल्मों का निर्माण हुआ है या निर्माणाधीन है। इसके अलावा कई बड़े बैनर और बजट की हिंदी फ़िल्में तथा वेब सीरीज़ भी उत्तराखण्ड में शूट हो रही हैं, जिससे प्रदेश फ़िल्मकारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

उत्तराखंडी संस्कृति पर आधारित बॉलीवुड फिल्म पांच सितंबर का पोस्टर हुआ लांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में हिंदी फ़िल्म “5 सितम्बर“ का पोस्टर लॉन्च किया। यह फ़िल्म पूर्णतः उत्तराखंड में फिल्माई गई है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय प्रतिभा को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म निर्माण का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिल्म नीति के तहत हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि अधिक से अधिक निर्माता-निर्देशक उत्तराखंड की धरती पर फिल्म निर्माण करें और राज्य के युवाओं को रोजगार और मंच प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फ़िल्में न केवल उत्तराखंड की प्रतिभा को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि पर्यटन एवं सांस्कृतिक संवर्धन में भी सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने फिल्म निर्माण टीम को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह फ़िल्म दर्शकों के मन को छूने में सफल होगी।

इस अवसर पर फिल्म के डायरेक्टर कुनाल शमशेर मल्ला, कलाकार संजय मिश्रा, ब्रिजेंद्र काला, ऋषभ खन्ना, भुवन खन्ना और दीपराज राणा मौजूद थे।

—————-
सीएम से मिले वेटलिफ्टर मुकेश पाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वेटलिफ्टर मुकेश पाल ने भेंट की। मुकेश पाल ने अमेरिका के बर्मिंघम (अलाबामा) में 27 जून से 07 जुलाई, 2025 तक आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत एवं कांस्य पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया है।

मुकेश पाल वर्तमान में सीआईडी, हल्द्वानी में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गौरक्षा एवं गौकल्याण पर आधारित यह फिल्म गौसेवा के लिये प्रेरणा प्रदान करने में मददगार होगीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धारकोट देहरादून में ‘‘गौदान की पुकार’’ फिल्म के मुहूर्त शॉट को क्लैप किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरक्षा एवं गौकल्याण पर आधारित यह फिल्म गौसेवा के लिये प्रेरणा प्रदान करने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर फिल्म के निर्माता विनोद कुमार चौधरी, मनोज जोशी एवं उपासना सिंह समेत अन्य कलाकार उपस्थित थे।

उत्तराखंड में फिल्म की शूटिंग करेंगे निर्माता प्रकाश झा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा ने भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड में फिल्मांकन के लिए इच्छा जाहिर की। प्रकाश झा ने कहा कि फिल्म जगत के लोगों का उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग के लिए तेजी से रूझान बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें राज्य में फिल्मांकन के लिए हर संभव सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग के लिए अनेक डेस्टिनेशन हैं। उत्तराखण्ड में नई फिल्म नीति-2024 बनाई गई है। फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमति प्रदान की जा रही है। हिन्दी एवं संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को अनुदान राशि राज्य में व्यय कुल धनराशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में फिल्मों को बढ़ावा देकर पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
इस अवसर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।

फिल्म दि साबरमती रिपोर्ट देख बोले सीएम, राज्य में होगी टैक्स फ्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाथीबड़कला स्थित मॉल में भारतीय हिन्दी फिल्म ‘दि साबरमती रिपोर्ट’ का अवलोकन किया। यह फिल्म 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की घटना पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दि साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को उत्तराखण्ड में टैक्स फ्री किया जायेगा। इस अवसर पर फिल्म के अभिनेता विक्रान्त मैसी भी मौजूद थे।

इससे पहले मुख्यमंत्री आवास में ‘दि साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म के अभिनेता श्री विक्रांत मैसी ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, लोकसभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सहदेव सिंह पुण्डीर, सविता कपूर एवं अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बॉलीवुड फिल्म पास्ट टेंस की शूटिंग कर सीएम ने मिलने पहुंचे अभिनेता परेश रावल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता श्री परेश रावल ने भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड के देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी में अनंत नारायण महादेवन निर्देशित बॉलीवुड फ़िल्म “पास्ट टेंस” की शूटिंग की है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 42 दिनों से उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्मांकन के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। जनता के साथ ही सरकारी विभागों से फिल्मों की शूटिंग के लिए पूरा सहयोग मिला। शूटिंग के लिए राज्य में बहुत शांत वातावरण है। उत्तराखण्ड के लोग भी बहुत सकारात्मक विचारधारा के हैं। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखण्ड में एक और फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग के लिए अनेक डेस्टिनेशन है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक सौन्दर्यता से जुड़े अनेक स्थल है। राज्य का हर डेस्टिनेशन फिल्मांकन के लिए उपयुक्त है। आदि कैलाश, चकराता, माणा जैसे अनेक स्थल उत्तराखण्ड में हैं। राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 बनाई गई है। हिन्दी एवं संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को अनुदान राशि राज्य में व्यय कुल धनराशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 02 करोड़ रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमति प्रदान की जा रही है।

इस अवसर पर फिल्म निर्देशक अनंत नारायण महादेवन, फिल्म प्रोड्यूसर अनूप पोड्डर, एश्वर्या मेशराम, शिवम यादव, कार्तिके यादव, डॉ. अंजलि नौरियाल सतीश शर्मा, संयुक्त निदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय उपस्थित थे।

सीएम ने मिले प्रसून जोशी और अभिनेता अनुपम खेर, फिल्म नीति पर हुई वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी तथा फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भेट की। उन्होने प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं फिल्मांकन से सम्बधित विभिन्न विषयों तथा प्रदेश में फिल्म निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होने राज्य की नई फिल्म नीति 2024 को फिल्मों को बढावा देने वाला प्रयास बताते हुए राज्य की फ़िल्म नीति के लिए मुख्यमंत्री पुष्क़र सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखण्ड में फ़िल्मांकन के लिए और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में 2024 की फिल्म नीति को मंजूरी दिये जाने के बाद राज्य के पर्यटन स्थलों को देश दुनिया में नई पहचान मिलेगी। नई फिल्म नीति के तहत स्थानीय फिल्मों के लिए दो करोड रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। फिल्मांकन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है ताकि फिल्म निर्माताओं को सुविधा हो। फिल्मों और ओटीटी की शूटिंग पर भी सब्सिडी दी जा रही है। सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को उत्साहित करने के लिए कई अन्य योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के बल पर फिल्म जगत में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके इसके भी प्रयास किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही राज्य के पर्यटन को नयी मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए शूटिंग डेस्टिनशनों को भी पर्यटन विभाग के सहयोग से चिन्हित कर उनको भी शूटिंग के लिए प्रचारित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 से अभी तक उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के ऑनलाइन अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम के द्वारा मात्र 8 महीनों में 150 से भी अधिक शूटिंग अनुमतियों प्रदान की गई है। उन्होने कहा की राज्य के संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखण्ड सरकार के अधीन आने वाले विभाग फ़िल्म शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगे ऐसा फ़िल्म पालिसी में प्रावधान किया गया है। फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 में प्रादेशिक भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी या अधिकतम 2 करोड़ तक, और हिन्दी और भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में आने वाली भाषाओं के लिये फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 3 करोड़ तक के अनुदान प्राविधान किया गया है।

अभिनेता अनुपम खेर ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सरल शूटिंग अनुमति की प्रक्रिया को सराहते हुए, शूटिंग के लिए प्रदेश को संपूर्ण रूप से फ़िल्मकारों के लिए एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन बताया। उन्होंने यहाँ फ़िल्म शूटिंग करना बाक़ी प्रदेशों की तुलना में बहुत ही सरल बताया, और स्थानीय लोगो द्वारा की गई सहायता को भी सराहा। उन्होंने नई फिल्म नीति को फ़िल्म निर्माताओं के अनुकूल बताया। फिल्म अभिनेता श्री खेर ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है। अभी हाल ही “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” की शूटिंग भी उनके द्वारा लैंसडौन में कि गई जो 36 दिनों में पूर्ण की गई।

इस अवसर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।

सीएम से मिले बॉलीवुड सितारे, सीएम बोले फिल्मकारों के अनुकूल है प्रदेश की नई फिल्म नीति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म ‘विक्की विद्या का वो वाला वीडियो’ के अभिनेता राजकुमार राव, अभिनेत्री तृप्ति डिमरी एवं निर्देशक राज सांडिल्य ने भेंट की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग के लिए बेहतर वातावरण बनाने को सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए राज्य की फिल्मकारों के अनुकूल प्रदेश में फिल्म नीति तैयार की गई है। प्रदेश में शूटिंग के लिए देश व दुनिया के सुंदर व अच्छे गंतव्य हैं।

फिल्म के कलाकारों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस फिल्म की शूटिंग ऋषिकेश में की जा चुकी है तथा देहरादून तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में शूटिंग की जा रही है। उन्होंने उत्तराखंड को फिल्मांकन के लिए अनुकूल डेस्टिनेशन बताते हुए फिल्मांकन हेतु फिल्मकारों को राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की।

इस अवसर पर अभिनेत्री मल्लिका शेरावत, अभिनेता विजय राज के साथ ही वर्ष सांडिल्य, भारत कुकरेती आदि उपस्थित थे।