फिर सफल होंगे सीएम धामी के प्रयास, मेरठ से लक्ष्मणझूला ऋषिकेश तक चलेगी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन

मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है।

इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।

प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा।

इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों

केंद्रीय मंत्री से मिले सीएम धामी, किशाऊ बांध परियोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट

किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होने से उत्तराखंड को ऊर्जा संकट से निपटने में बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश को इससे लगभग 220 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी।

परियोजना के अंतर्गत पावर प्लांट के निर्माण का खर्च उत्तराखंड और हिमाचल मिलकर उठाएंगे। उत्तराखंड को खर्च के लिए केंद्र की ओर से वित्तीय सहायता देने पर सहमति बनी है।

15 हजार करोड़ लागत से किशाऊ बहुद्देश्यीय परियोजना से 442 मेगावाट विद्युत उत्पादन होना है। इस परियोजना के बनने से उत्तराखंड समेत छह राज्य हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान लाभान्वित होंगे।

उत्तराखंड व हिमाचल को कुल उत्पादित बिजली का 50-50 प्रतिशत मिलेगा, जबकि अन्य चार राज्यों की बांध से मिलने वाले पानी में हिस्सेदारी रहेगी। किशाऊ एशिया में टिहरी बांध के बाद दूसरा सबसे बड़ा बांध होगा।

इसकी ऊंचाई 235 मीटर प्रस्तावित है। टिहरी बांध की ऊंचाई 260 मीटर है। उत्तराखंड में देहरादून जिले और हिमाचल के सिरमौर जिले में यमुना की सहायक नदी टोंस पर इस परियोजना के निर्माण में हिमाचल की ओर से अड़ंगा लगा हुआ था।

जलविद्युत सरप्लस हिमाचल ने इस परियोजना पर होने वाले वित्तीय व्ययभार को उठाने में असमर्थता व्यक्त की थी। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में स्टेकहोल्डर सभी राज्यों के साथ बैठक में इस परियोजना को लेकर लंबे समय से बना गतिरोध टूट गया।

इस गतिरोध के चलते परियोजना की लागत 11500 करोड़ से बढ़कर 15 हजार करोड़ हो चुकी है। वर्ष 1944-45 में इस परियोजना की परिकल्पना की गई, लेकिन वर्ष 1965 में इसकी पहली डीपीआर तैयार हो सकी।

अब तक इसकी डीपीआर कई बार संशोधित हो चुकी है। वर्ष 2015 में इस राष्ट्रीय परियोजना पर काम आगे बढ़ने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन मामला अटक गया।

परियोजना के निर्माण से उत्तराखंड के नौ गांव व 1452 हेक्टेयर भूमि और हिमाचल के आठ गांव व 1498 हेक्टेयर भूमि समेत लगभग छह हजार व्यक्ति इससे प्रभावित होंगे। इस परियोजना से 1379 मिलियन यूनिट बिजली सालाना मिलेगी।

किशाऊ बांध परियोजना से 97,076 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना में करीब 32 किमी लंबी झील बनना प्रस्तावित है।

परियोजना में विद्युत घटक के अंतर्गत पावर प्लांट के निर्माण पर हिमाचल और उत्तराखंड को 1536 करोड़ खर्च करने हैं।

इसका आधा उत्तराखंड के हिस्से में आएगा। साथ में पानी पर हिस्सेदारी के लिए बांध निर्माण में लगभग 150 करोड़ की राशि उत्तराखंड को खर्च करनी होगी।

केंद्र सरकार ने विद्युत घटक पर होने वाले लगभग 800 करोड़ के खर्च के लिए राज्य को 50 वर्ष की अवधि के लिए ब्याजमुक्त ऋण के रूप में विशेष वित्तीय सहायता देने पर सहमति व्यक्त की है।

दिल्ली से दून ढाई घंटे में पहुंचे सीएम धामी, बोले ये है नए भारत की तेज रफ्तार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के बाद सड़क मार्ग से लौटते हुए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने दिल्ली से देहरादून का सफर महज करीब ढाई घंटे में पूरा किया, जो पहले की तुलना में बेहद कम समय है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश में जिस गति से सड़क और परिवहन सुविधाओं का विकास हो रहा है, यह उसी का परिणाम है। अब उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्लीदृदेहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल यात्रा समय को कम कर रहा है, बल्कि पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। इससे चारधाम यात्रा समेत राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक सुगम होगी।

मुख्यमंत्री ने इसे नए भारत की नई रफ्तार बताते हुए कहा कि इस तरह की परियोजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता फैला रही द केरला स्टोरी 2 फिल्म: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे।

किसान हमारे अन्नदाता और असली नायक हैं: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में 119 वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया व विश्विद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे लिए हर्ष का विषय है कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119वे कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के मेले आयोजन कृषकों के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं, नवाचारों की जानकारियां मिलती है व वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बन्धु हमारे अन्नदाता है व हमारे असली नायक हैं। किसानों की मेहनत व समर्पण से ही हमे अन्न मिल रहा है और देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्पना में किसान की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषकों के मेहनत व समर्पण से ही गांव, क्षेत्र और देश का विकास होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त जारी की है। प्रदेश के 09 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि को जंगली जानवरों से बचाव के लिए घेरबाड़ हेतु केंद्र द्वारा हमें प्रथम किस्त के रूप में 25 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री, अन्नदाताओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा किसानों को फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान मानधन योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना, बूंद बूंद सिंचाई योजना जैसी योजनाएं के माध्यम से किसानों को सशक्त किया जा रहा है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान क्रैडिट कार्ड के सीमा 03 लाख से बढ़ाकर 05 लाख कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए 14 हजार करोड़ लागत की 07 नई परियोजनाएं लागू की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को 03 लाख तक ऋण का बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा किसानों की आय बढ़ाने हेतु पॉलीहाउस लगाने हेतु 200 करोड़ की धनराशि रखी गई है,अभी तक 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री के कहा प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियाँ अलग अलग है। इसलिए, भौगौलिक स्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए योजनाऐं चलाई जा रही हैं।उन्होंने कहा 1200 करोड़ के लागत से नई सेब नीति लागू की गई है, कृषकों के हित में कई नई नीतियां लागू की गई है तथा कई योजनाओं में 80 प्रतिशत तक राज्य सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा प्रदेश में 07 एरोमा वैली विकसित किये जा रहे हैं। ड्रेगन फ्रूट की मांग बढ़ रही है इसलिए ड्रेगन फ्रूट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में फलों के उत्पादन में ढ़ाई प्रतिशत तक वृद्धि हुई है तथा मशरूम का उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन हो गया है व मशरूम उत्पादन में हम देश में पांचवें स्थान पर आ गए हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में मौन पालन शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं,राज्य में 33 सौ मीट्रिक टन शहद उत्पादन हो रहा है और हम देश में 08 वे स्थान पर आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र में 01 लाख 11 हजार करोड़ का बजट पारित किया गया है, जिसमें कृषि,उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य, मौन पालन,शोध आदि में धनराशि प्राविधान की गई है। डबल इंजन सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और सरकार, कृषकों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। उन्होंने कृषकों से जागरूक होकर नई कृषि तकनीकि अपनाकर लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा हम सब मिलकर प्रदेश व देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये।

कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय परिवार व कृषकों को ओर से सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय 119 वें कृषि मेले का आयोजन कर रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगे हैं। प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग मेले में प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों, क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारियां दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलक राज बेहड, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला,पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सदन में सीएम ने की घोषणा, अल्मोड़ा में खुलेगा लेंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर

विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की।

*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*
इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।

कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर

147
बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण
92
बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी
08
से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण
16
अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण
10
और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव

*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

उत्तराखंड में अभी तक 21 हजार से ज्यादा बच्चों को मिल चुका है छात्रवृत्ति योजना का लाभ

प्रदेश के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए धामी सरकार संवेदनशीलता से काम कर रही है। यही वजह है कि अभी तक प्रदेश के 21 हजार 743 बच्चों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। इसमें मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में सबसे ज्यादा 17 हजार 852 मेधावी बच्चे लाभान्वित हुए हैं। धामी सरकार ने समस्त छात्रवृत्ति योजनाओं के पात्र मेधावी बच्चों में अभी तक 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार तीन सौ की धनराशि वितरित की है।

प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के साथ ही डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना, श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कोर छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश से बाहर के सैनिक स्कूल में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को भी धामी सरकार छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान कर रही है।
विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सदन में बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में छह से 12 वीं तक के मेधावी बच्चों को 600 से लेकर 1200 रूपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 3289 मेधावी बच्चें लाभान्वित हुए हैं, जबकि डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 527 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली हैं।

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी States’ Startup Ecosystem Ranking (5वां संस्करण) में उत्तराखण्ड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया।
इस सम्मान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उत्तराखंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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*यह सम्मान उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

सीएम के निर्देश पर तत्काल शासनादेश हुआ जारी, अंकिता के नाम से अब राजकीय नर्सिंग कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के द्वारा गुरुवार को कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस स्व. अंकिता के माता-पिता से भेंट कर दोहराया था कि था सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्व. अंकिता भंडारी के माता-पिता के द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण, टनकपुर से श्री नांदेड़ साहिब के लिए रेल सेवा शुरू

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।