एनडीए से अलग होगी शिवसेना

बीजेपी के सबसे बड़ी पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने उसके साथ आगे की सियासी राह पर नहीं चलने का फैसला किया है। बीजेपी-शिवसेना दोस्ती में टूट गई है। शिवसेना 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ चुनाव नहीं लड़ने का बकायादा ऐलान किया है। इतना ही नहीं 2019 में ही महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा शिवसेना अकेले चुनाव लड़ेगी।

शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं वचन देता हूं कि अपने दम पर देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। चाहे जीतें या हारे, लेकिन चुनाव अपने दम पर ही लड़ेंगे। शिवसेना ने आज पार्टी कार्यकारणी मिटिंग में प्रस्ताव पास करके बीजेपी से अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि प्रस्ताव पास किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा और सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम अकेले दम पर लड़ेंगे तो 25 लोकसभा सीटें और 150 विधानसभा सीटें जीतने का दावा किया है। जबकि महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा और 288 विधानसभा सीटें है, जबकि शिवसेना के पास मौजूदा समय में 63 विधायक हैं और 18 लोकसभा सदस्य हैं। शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि पांच साल पहले लोग सोचते थे कि मैं पार्टी का नेतृत्व कैसे करूंगा। मुझे नेतृत्व करने में कभी कोई परेशानी नहीं आई, क्योंकि मेरे पास मजबूत और मेहनती सेना थी, जो पार्टी के सब कुछ बलिदान करने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे को आप लोगों ने अब नेता बना दिया है। पार्टी बनाई जाने के बाद मुझे पहली बैठक याद दिलाती है कि विरासत को आगे रखना महत्वपूर्ण था। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे कोई परवाह नहीं कि इसे कोई राजवंश राजनीति कहता है। राजवंश और विरासत के बीच अंतर है।

उद्धव ने कहा कि कार्यकराणी में पारित किए गए सभी प्रस्ताव सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल अगर आज जीवित होते तो फिर पाकिस्तान ही अस्तित्व में नहीं होता।

मोदी के नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक शिवसेना ने कड़ा विरोध किया है। इतना ही नहीं मोदी द्वारा तीन तलाक विरोधी लाए बिल की भी शिवसेना ने मुखालफत किया है। इतना ही नहीं सपा और बसपा द्वारा ईवीएम को लेकर उठाए सवाल पर भी सिवसेना बीजेपी से अलग खड़ी नजर आई।

बता दें कि शिवसेना बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी रही है। जब बीजेपी के संग कोई साथ चलने को तैयार नहीं था। तबसे शिवसेना बीजेपी के साथ है। अब इस दोस्ती में दरार पड़ती हुई नजर आ रही है और दोनों की राह जुदा हो रही है।

पाक की करतूतों से राजनाथ को आया गुस्सा, कहा घर में घुसकर मारेंगे

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की दुनिया में अब एक मजबूत देश के रूप में छवि बन चुकी है और हिंदुस्तान ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि वह सरहद के इस पार ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर उस पार भी घुसकर दुश्मन को मार सकता है।

राजनाथ ने भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के एक दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान का जिक्र किया और कहा कि भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि पूरे हिन्दुस्तान का मस्तक हमारी सरकार कभी झुकने नहीं देगी।

उन्होंने कहा, भारत अब दुनिया में कमजोर नहीं बल्कि एक ताकतवर देश के रूप में जाना जाता है। आज से कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में घुस आए थे और उन्होंने हमारी सेना के जवानों पर रात में कायरतापूर्ण हमला करके 17 सैनिकों की जान ले ली थी, उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री हमारे साथ बैठे और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फैसला किया।

घर में घुसकर मार सकते हैं पाकिस्तान को

गृह मंत्री ने कहा, उसके बाद हमारे बहादुर सैनिकों ने कैसा करिश्मा किया, यह आपको बताने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया करने में वे पूरी तरह कामयाब रहे, हमने सारी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि हम केवल इस पार ही नहीं, जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर मार सकते हैं। भारत के अंदर यह ताकत पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी यदि देखा जाए तो भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय जगत में तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे प्रधानमंत्री ने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और अब अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री तथा विशेषज्ञ भी इसे स्वीकार करते हैं।

राजनाथ सिंह ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि आपकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह रेल मंत्री तथा श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि अपने पसीने से रेलवे को बड़ी आमदनी कराने वाले रेलवे माल गोदाम श्रमिकों में से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पिछली पीढ़ियां भी रेलवे श्रमिक ही थे, मगर उन्हें इसके बावजूद उनके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और ना ही रेलवे के अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधा प्राप्त है। वह इन समस्याओं का समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।

रामू की फिल्म पर बैन लगाने की हुई मांग, पोर्न स्टार निभा रही है मुख्य किरदार

हाल ही में रामगोपाल वर्मा ने अपनी अपकमिंग मूवी गॉड सेक्स एंड ट्रुथ का ट्रेलर जारी किया। ट्रेलर काफी बोल्ड है। इस फिल्म के जरिए रामगोपाल, बॉलीवुड में पोर्न स्टार मिया माल्कोवा को लॉन्च कर रहे हैं। फिल्म का ट्रेलर आने के बाद से ही इस पर बहस भी छिड़ गई है। मामला राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है। दक्षिण भारत में बीजेपी की एक महिला मोर्चा की लीडर ने रामगोपाल की फिल्म पर बैन लगाने की मांग की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी महिला मोर्चा की एक नेता करी नागलक्ष्मी ने इसे लेकर विजयवाड़ा के सूर्यापेट थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। करी ने सवाल किया है कि इस गंदी फिल्म के जरिए राम गोपाल वर्मा देश के युवाओं को क्या संदेश देना चाहते हैं?

पोर्न स्टार मिया की हिन्दी फिल्म का ट्रेलर जारी, रामू बना रहे हैं फिल्म

करी ने दावा किया कि फिल्म भारत में विवाह की व्यवस्था पर असर डाल सकती है और युवाओं का करियर तबाह कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक करी की रामगोपाल वर्मा की फिल्म के खिलाफ करी की इस शिकायत पर राज्य के कई बीजेपी नेताओं ने भी समर्थन किया है।

अमेरिका की मशहूर पोर्न स्टार मिया माल्कोवा फिल्म में लीड रोल कर रही हैं। हाल ही में जारी हुए फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर में उनका बेहद बोल्ड लुक नजर आया है। सोशल मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई।

फूड चेन में काम करती थी ये लड़की, 16 की उम्र में बनी एडल्ट स्टार

इससे पहले साउथ के सुपरस्टार विजय की मर्सल को लेकर ऐसी ही स्थिति देखी गई थी। तब तमिलनाडु की बीजेपी ईकाई ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका आरोप था फिल्म में नोटबंदी और जीएसटी को लेकर गलत जानकारियां दी जा रही हैं। विवाद तूल पकड़ने की वजह से विजय के फिल्म की खूब पब्लिसिटी हुई और बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में मर्सल अब तक उनके करियर की बेस्ट फिल्म साबित हुई।

पदमावत के विरोध में औवेसी का नाम भी जुड़ा

पदमावती से हुयी पदमावत संजय लीला भंसाली की फिल्म को भले ही सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई हो, लेकिन फिल्म का विरोध जारी है। विरोध करने की सूची में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के लीडर असदुद्दीन ओवैसी का नाम भी जुड़ गया है। ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को राजपूतों से सीख लेने की सलाह दी है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भंसाली की फिल्म को बकवास बता मुसलमानों को राजपूतों से सीख लेने की नसीहत दी है। वहीं ओवैसी ने अपने समर्थकों से फिल्म न देखने की बात कही है।

एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुये महाकाल सेनाध्यक्ष संजय सिंह राठौर ने कहा कि डेढ़ साल से आंदोलन चल रहा है। किसी भी हालत पर ये फिल्म को गुजरात में प्रदर्शित नहीं होने देंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संजय सिंह ने सवाल उठाते हुये कहा कि खिलजी को चित्तौड़ जीतने में छह माह लगे थे। आखिर छह दिन में सुप्रीम कोर्ट कैसे अपना फैसला सुना सकता है। उन्होंने कहा कि मेरी गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री से विनती है कि लुका-छिपी के खेल से हमें हथियार पकड़ने कि लिए मजबूर न करें।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा वो पद्मावत बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मशविरा कर रहे हैं। शिवराज ने कहा, हमने अपने एडवोकेट जनरल को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की स्टडी करने को कहा है। मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है।


प्रसून जोशी को धमकी

गुरुवार को देश के कुछ हिस्सों में उग्र प्रदर्शन के बाद करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी को धमकी दी है। सुखदेव सिंह ने कहा कि वह प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगे।

1826 महिलाओं की जौहर की धमकी
गुरुवार को करणी सेना के प्रमुख महिपाल मकराना ने कहा था कि 24 जनवरी को राजपूत महिलाएं चित्तौड़गढ़ में जौहर करेंगी। अभी तक जौहर के लिए 1826 महिलाएं राजी हुई हैं। ये जौहर फिल्म के विरोध में चित्तौड़गढ़ की सर्व समाज समिति और श्रीराजपूत करणी सेना कराएगी। दूसरी ओर करणी सेना ने लोगों से सिनेमाघरों पर कर्फ्यू लगाने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में ये फिल्म रिलीज नहीं हो सकती। राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने जा रहे हैं।

नरेन्द्र मोदी पर लगा साजिश का आरोप

विहिप के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने एक बार फिर से अपने खिलाफ साजिश किए जाने का आरोप लगाया है। इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर उनपर हमला बोला है।

तोगड़िया ने अस्पताल से रिहा होने के बाद कहा कि अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर जेके भट्ट उनके खिलाफ हो रही साजिश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिले हुए हैं। तोगड़िया का आरोप है कि पीएम और जेके भट्ट पिछले 15 दिनों से आपस में फोन से संपर्क में थे। विहिप नेता ने कहा है कि उनके दावे की पुष्टि के लिए जेके भट्ट के पिछले दो हफ्तों के फोन कॉल रिकॉर्ड खंगाले जाने चाहिए। तोगड़िया ने कहा कि भट्ट की इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल की जांच होनी चाहिए। तोगड़िया ने अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच को कॉन्सपिरेसी ब्रांच करार दिया। उनका आरोप है कि क्राइम ब्रांच ने उनके बारे में चुनिंदा वीडियो टीवी चैनल्स को दिए। उन्होंने कहा कि वह क्राइम ब्रांच पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

संजय जोशी की सीडी का सच बताऊंगा

मोदी विरोधी माने जाने वाले बीजेपी नेता संजय जोशी की कथित सेक्स सीडी सामने आने के बाद उनका राजनीतिक करियर चौपट हो गया था। तोगड़िया ने इस मामले का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें सब मालूम है कि यह सीडी किसने और कहां पर बनाई थी। उन्होंने कहा है कि वह इस सीडी की जांच करने वालों में थे। वह आने वाले दिनों में इस सीडी के राज दुनिया के सामने रखेंगे। उन्होंने एक बार फिर से आरोप लगाया कि उन्हें और उनके करीबियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

यह है पूरा मामला

राजस्थान की एक अदालत से गिरफ्तारी का वारंट सामने आने के बाद प्रवीण तोगड़िया रहस्यमयी अंदाज में गायब हो गए थे। वह करीब 11 घंटे बाद बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन अस्पताल से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि उनके एनकाउंटर की साजिश हो रही है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अहमदाबाद पुलिस पर अपने खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया।

भारत के आक्रामक होने से पाक ने अमेरिका से दखल की लगाई गुहार

सीमा पर आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया था। साथ ही नेशनल असेंबली में भी भारत के रुख पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अमेरिका से दखल की गुहार लगाई है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है कि भारत उसके लिए खतरा नहीं है और इस्लामाबाद को नई दिल्ली के प्रति अपने रणनीतिक रूख में बदलाव लाना चाहिए।

यूएस से गलतफहमी हों दूर

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ सौहार्दपूर्ण लेकिन पूरी तरह बिना छलावे की बातचीत की जरूरत है जिसमें हर चीज सामने हो. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य इस्लामाबाद और वॉशिंगटन के बीच गलतफहमियों को दूर करना है।

डॉन अखबार ने खबर दी है कि नेशनल असेंबली में सोमवार को सरकार की विदेश नीति और पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति की जानकारी देते हुए उन्होंने दुख जताया कि नियंत्रण रेखा और अस्थायी सीमा पर भारत के आक्रामक रूख को अमेरिका तवज्जो नहीं दे रहा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मूल अंतर भारत के बारे में विचार को लेकर है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘वक्त आ गया है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सौहार्द्रपूर्ण लेकिन पूरी तरह से निष्कपट वार्ता हो और हर चीज वार्ता की मेज पर हो।’

भारत को बताया दुश्मन
खान ने कहा कि वॉशिंगटन पाकिस्तान को विश्वास दिलाने का प्रयास कर रहा है कि भारत खतरा नहीं है और इसलिए इस्लामाबाद को अपने रणनीतिक रूख में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, ‘लेकिन हकीकत हकीकत है, भारत की क्षमता और मंशा दोनों पाकिस्तान के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं।’

खान ने आरोप लगाए कि भारत ने ‘पाकिस्तान की सीमा के साथ सेना, साजो-सामान और हथियार सब कुछ इकट्ठा कर रखा है।’ उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन और नागरिकों की हत्या के मामले में 2017 सबसे खतरनाक वर्ष रहा।

चीन ने सेना प्रमुख के बयान को बताया तनावपूर्ण

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान से चीन बौखलाया हुआ है। बतौर चीन, जनरल का बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाएगा। चीन ने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से सीमा पर हालात और तनावपूर्ण होंगे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने जनरल बिपिन रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीते एक साल में भारत और चीन के संबंधों में काफी उथल-पुथल रही है। पिछले साल भारत-चीन के रिश्तों ने कुछ उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन पिछले साल सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन के इतर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात में रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए उनमें आम राय बनी थी।

लू कांग ने कहा कि ऐसी बयानबाजी दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने के प्रयासों पर विपरीत असर डालेगी। इससे सीमा पर शांति बनाए रखने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है। लू ने कहा कि चीन और भारत अहम पड़ोसी हैं। वे राष्ट्रीय विकास एवं उत्थान के निर्णायक चरण में हैं। दोनों देशों को सामरिक संवाद बढ़ाना चाहिए, सामरिक संदेह दूर करना चाहिए और सामरिक सहयोग संचालित करना चाहिए।

डोकलाम पर फिर चीन ने जताया अपना हक

प्रवक्ता ने कहा कि हम भारतीय पक्ष से अपील करते हैं कि वह दोनों नेताओं की ओर से बनी आम राय के बाद के कदमों पर काम करे ताकि सीमाई इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के उपाय किए जा सकें और ऐसी चीजों से परहेज किया जाए, जिससे हालात जटिल होते हों। जरूरी मामलों को रचनात्मक तरीके से संभाला जाए और द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा दिया जाए। इससे समूचे क्षेत्र एवं भारतीय पक्ष के साझा हित सधेंगे। एक सवाल के जवाब में लू कांग ने जनरल बिपिन रावत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम पर हमारा रुख साफ है। डोकलाम चीन का हिस्सा है और हमेशा चीन के अधिकार क्षेत्र में रहा है।

गौरतलब है, बिपिन रावत ने कहा था चीन मजबूत तो भारत भी कमजोर नहीं। भारत को पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के साथ-साथ पूर्वी सीमा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। भारत अपनी सीमा पर किसी भी देश को अतिक्रमण नहीं करने देगा। अब हालात 1962 जैसे नहीं है, हर क्षेत्र में भारतीय सेना की ताकत बढ़ी है। रावत ने यह भी कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास बीजिंग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है।

इजरायली पीएम से मोदी बोले, मेरे दोस्त भारत में आपका स्वागत है

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत दौरे पर पहुंच गए हैं। दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक यात्रा पर उनका स्वागत किया है। भारत यात्रा के दौरान नेतन्याहू कड़ी सुरक्षा घेरे के बीच रहेंगे।

तीन मूर्ति स्मारक पर बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ पीएम मोदी और सारा नेतन्याहू भी मौजूद रहे। दरअसल, तीन मूर्ति स्मारक का इजरायल से गहरा संबंध है। यही वजह है कि इसका नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा चौक कर दिया गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन मूर्ति हाइफा चौक पर विजिटर्स बुक में लिखा कि तीन मूर्ति चौक के नाम के साथ हाइफा जोड़ना एक ऐतिहासिक घटना है। इजराइल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि हम अपने बहादुर जवानों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। भारत के स्वार्थरहित बलिदान की भावना को सलाम करते हैं। पहले और दूसरे विश्व युद्ध के इतिहास की किताब का एक पन्ना 100 साल पहले लिखा गया था, जब हाइफा युद्ध में भारतीय जवानों ने बलिदान दिया था। यह प्रथम विश्व युद्ध के खत्म होने की 100वीं वर्षगांठ है। दोनों विश्व युद्ध के इतिहास की किताब में ऐसे कई सुनहरे पन्ने हैं, जिनमें भारत के बहादुरों के त्याग की कहानियां लिखी हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नेतन्याहू का स्वागत किया। पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, मेरे दोस्त पीएम नेतन्याहू भारत में आपका स्वागत है। आपकी भारत यात्रा ऐतिहासिक और विशेष है। ये दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगी।

क्यों बदला गया चौक का नाम

हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गई थी। इस वक्त देश में अंग्रेजों का राज था और अंग्रजों ने जोधपुर, हैदराबाद, मैसूर रियासत की सेना को हाइफा पर कब्जा करने के आदेश दिए और उसके बाद भारतीय सैनिकों ने हाइफा में तुर्की की सेना का सामना किया।

यह लड़ाई उस वक्त हुई, जब जर्मनी के साथ संबद्ध शक्तियों और तुर्क साम्राज्य के बीच एक के बाद एक लड़ाई हो रही थी, जिसे सिनाई और फिलिस्तीन अभियान कहा जाता था।

लालू को मिली साढ़े तीन साल की सजा, चारा घोटाला मामला

चारा घोटाला के देवघर कोषागार मामले में दोषी करार दिए गए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही लालू को 5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि जगदीश शर्मा समेत छह को सात साल की सजा सुनाई गई है और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनाये जाने के बाद लालू यादव के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया है जिसमें उन्होंने खुद बेगुनाह साबित करने की कोशिश की है, लालू की मानें तो वो सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जिसकी सजा उन्हें ये मिल रही है।
रांची की सीबीआई अदालत से लालू यादव समेत सभी 16 दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया गया। लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं, जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बता दें कि देवघर कोषागार आरसी 64ए/96 से 89 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले जाने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित 16 आरोपी दोषी करार हैं। कोर्ट ने उन्हें 23 दिसंबर को दोषी पाया था, जिसके बाद लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद है। 3 जनवरी से मामले के दोषियों की सजा पर सुनवाई चल रही है।
सुनवाई में लालू रहे थे खामोश
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद पूरी तरह चुप रहे थे। उनके अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने न्यायाधीश से आग्रह किया कि लालू की उम्र 70 वर्ष हो गई हैं। वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, उन्हें हाईपर टेंशन और डायबिटीज हैं। 21 सालों से केस लड़ रहे हैं। इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद को कम से कम सजा दी जाए।
वहीं सीबीआई के अधिवक्ता ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि लालू राजनीति में सक्रिय हैं। रैलियां और भाषण कर रहे हैं, इसलिए नहीं लगता कि बहुत बीमार हैं। जेल में भी मेडिकल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। वह मुख्य आरोपी हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।
बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 दिसंबर को चारा घोटाले के एक मामले में लालू यादव को दोषी ठहराया था। वकीलों के अनुसार, लालू प्रसाद को तीन से सात वर्षो की सजा सुनाई जा सकती है, लेकिन उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें तत्काल जमानत मिल सकती है।

केजरीवाल का कद आप में सबसे बड़ा

आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए जिन तीन लोगों के नाम तय किए गए हैं, उससे साफ है कि पार्टी में केजरीवाल का कद सबसे बड़ा है। पार्टी में केजरीवाल का साफ हस्तक्षेप है। 
आम आदमी पार्टी के ये तीन उम्मीदवारों के नाम के ऐलान से और स्पष्ट हो गया है। यही नहीं इससे इस तथ्य पर भी मुहर लगती है कि जिस-जिस ने भी केजरीवाल से असहमति दिखाई और उनके काम करने के तौर तरीकों पर सवाल उठाए आम आदमी पार्टी के संरक्षक ने उसको निपटा दिया। ऐसे लोगों की काफी लंबी लिस्ट है।
आम आदमी पार्टी के मंचीय कवि कुमार विश्वास केजरीवाल से असहमति रखने के ताजा शिकार हैं। विश्वास और केजरीवाल के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग राय देखने को मिली है। चाहे वो मामला कपिल मिश्रा का हो या अमानतुल्लाह खान का।
केजरीवाल के गुट में कुमार विश्वास को राष्ट्रवादी और बीजेपी से हमदर्दी रखने वाले व्यक्ति के तौर देखा जाता है, जबकि केजरीवाल के राजनीति इसके विरोध में है। हाल के दिनों में विश्वास आप में ढांचागत बदलाव की बात करते रहे हैं। जाहिर है पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ये बर्दाश्त नहीं होता।कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी में कुमार का विश्वास सिमटता दिख रहा है। हालांकि उनके पास राजस्थान का प्रभार है।

कभी केजरीवाल के पुराने और मजबूत रणनीतिकार रहे योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की आम आदमी पार्टी से विदाई बड़ी हृदय विदारक रही। 2015 के विधानसभा चुनावों के बाद योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण और केजरीवाल के बीच जबरदस्त मतभेद उभरकर सामने आए। हालात ये बन गए कि पार्टियों की बैठकों में नेताओं के बीच गाली गलौज और हाथापाई की नौबत आ गई।
योगेंद्र और प्रशांत भूषण पार्टी से अलग हो गए। दोनों नेता आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे, लेकिन केजरीवाल ने दोनों को पार्टी से बाहर कर दिया। योगेंद्र और प्रशांत ने स्वराज अभियान नाम से एक दल बनाया और दिल्ली में अपनी लड़ाई लड़ने की ठानी।
योगेंद्र यादव की अगुवाई में स्वराज अभियान ने एमसीडी चुनावों में भी हिस्सा लिया, लेकिन उन्हें आशातीत सफलता नहीं मिली। राज्यसभा के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद योगेंद्र और प्रशांत ने ट्वीट कर इसे पार्टी का घोर पतन करार दिया।
कभी दिल्ली में सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर दो करोड़ घूस लेने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। 2017 की गर्मियों में कपिल मिश्रा और केजरीवाल टीम के बीच जबरदस्त जंग चलती रही। कपिल को कुमार विश्वास का समर्थन हासिल था और संघर्ष धीरे-धीरे बढ़ता गया। बाद में कपिल मिश्रा बीजेपी की ओर खिसकते गए और विवाद मंद पड़ता गया, लेकिन पूरे मामले में चुप्पी साधे केजरीवाल कपिल मिश्रा के लिए सियासी तौर पर साइलेंट किलर साबित हुए।
केजरीवाल के खिलाफ सबसे पहले बगावती सुर छेड़ने वाले विनोद कुमार बिन्नी ने आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा के खिलाफ सबसे आवाज उठाई और चुनावी मैदान में भी उन्हें चुनौती दी।
कभी दिल्ली में केजरीवाल के साथ मिलकर राजनीति करने वाले बिन्नी ने केजरीवाल की पहली सरकार में मंत्री पद न मिलने के बाद बगावती सुर अपना लिए थे।
इसके बाद अगले चुनाव के लिए पार्टी की ओर से टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाद में बिन्नी को पार्टी से निलंबित कर दिया।