गीता कुमारी बनी जेएनयू की अध्यक्ष, अभाविप दूसरे स्थान पर

देश और दुनिया की अग्रणी यूनिवर्सिटी के तौर पर मशहूर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट यूनिटी की कैंडिडेट गीता कुमारी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली है। उन्हें कुल 1506 वोट मिले। विद्यार्थी परिषद की नजदीकी उम्मीदवार को 1042 वोट मिले। उनके साथ सेंट्रल पैनल में जीतने वाले अन्य तीन उम्मीदवार भी लेफ्ट से ही हैं।
गौरतलब है कि गीता कुमारी छात्र संगठन एआईएसए का हिस्सा हैं। इस बार एआईएसए, एसएफआई और डीएसएफ साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। यूनाइटेड लेफ्ट ने वाइस प्रेसिडेंट (सिमोन जोया खान), ज्वाइंट सेक्रेटरी (शुभांशु सिंह) और जनरल सेक्रेटरी (डुग्गीराला श्रीकृष्ण) पर भी कब्जा कर लिया है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के छात्र संगठन (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के प्रत्याशियों ने भी अध्यक्ष पद समेत सेंट्रल पैनल के सारे सीटों पर युनाइटेड लेफ्ट को कड़ी टक्कर दी। विद्यार्थी परिषद् की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदार निधि त्रिपाठी दूसरी पोजिशन पर रहीं।
गौरतलब है कि इस चुनाव में परिसर के भीतर बहुजन राजनीति की लकीर खींचने वाला छात्र संगठन बीएपीएसए भी बहुत पीछे नहीं रहा। इस संगठन के प्रत्याशियों ने भी युनाइटेड लेफ्ट को कड़ी टक्कर दी। बीएपीएसए को कैंपस के ही युनाइटेड ओबीसी फोरम जैसे संगठनों ने समर्थन दिया था।
एआईएसएफ की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अपराजिता राजा काफी पीछे रह गईं। वहीं कांग्रेस की छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रत्याशी सबसे पीछे रहे। इस पूरे चुनाव में परिसर में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दावेदारी करने वाले फारूख आलम को भी अच्छे वोट मिले।

डीएवी में अभाविप की लगातार 11वीं जीत से भाजपा गदगद

प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय दयानंद एंग्लोवैदिक महाविद्यालय देहरादून में ें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11वीं जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर विद्यार्थी परिषद के शुभम सेमल्टी ने एनएसयूआई के विकास नेगी को 35 वोट से हराया, जबकि नोटा पर 37 वोट पड़े। महासचिव पद पर आर्यन के आकाश गौड़ ने सत्यम संगठन के अरविंद चौहान को 344 वोट से हराया। जीत के बाद एबीवीपी और आर्यन से जुड़े छात्रों ने बारिश के बावूजद विजय जुलूस निकाला।
दरअसल उत्तराखंड के सबसे बड़े पीजी कॉलेज होने के कारण इस कॉलेज कें छात्र संघ चुनाव पर राजनैतिक दलों की नजरें टिकी हुयी होती है। ऐसा माना जाता है कि इस कॉलेज की राजनीति करने वाला छात्र भविष्य में बड़ी राजनीति करता है।
आपको बता दें कि अभाविप हर वर्ष डीएवी कॉलेज में केवल अध्यक्ष पद पर ही अपना उम्मीदवार उतारती है। इसी तरह ऑर्यन व सत्यम ग्रुप भी केवल महासचिव पद पर ही प्रत्याशी उतारते है।
डीएवी कॉलेज छात्र संघ परिणाम
अध्यक्ष
शुभम सेमल्टी एबीवीपी-1346
विकास नेगी एनएसयूआई- 1311
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
अरविंद चौहान-919

पूर्व की सरकार घोषणा करती थी, हम काम करने वालेः मोदी

राजस्थान के उदयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी बोले भारत सरकार सदैव बाढ़ पीड़ितों के साथ है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार सिर्फ घोषणाएं करती थी, अमल नहीं, लेकिन मेरी सरकार काम करने में विश्वास करती हैं। पीएम ने यहां 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उदयपुर पहुंचकर हाइवे प्रॉजेक्ट्स का जायजा लिया। उनके साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी नजर आए। प्रधानमंत्री राजस्थान ने 15,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। पीएम मोदी कुल करीब कुल 873 किमी लंबाई की 11 पूरी हो चुकी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं राजसमंद, भिलवाड़ा, पाली, नागौर, बारमेर, सिकर, चुरू, जोधपुर और जैसलमेर में हैं। इन 11 परियोजनाओं में कोटा में चम्बल नदी पर बना छह लेन वाला केबल स्टेड ब्रिज भी शामिल है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी कुल करीब 556 किमी की छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमिपूजन भी करेंगे।

रेप आरोपी अगर पकड़ा न जाता, तो चुनाव लड़ने का था इरादा

रेप का आरोपी गुरमीत राम रहीम सिंह अब 20 साल तक जेल में ही रहेगा। डेरा प्रमुख के तौर पर पिछले कई सालों में राम रहीम ने अपना रसूख इतना बड़ा कर लिया था कि हर राजनीतिक दल उसके आगे अपना सिर झुकाता नजर आता था, लेकिन फिर भी राम रहीम का इतना बड़ा कद उसे सजा दिलवाने से नहीं रोक सका।
सूत्रों के अनुसार, राम रहीम जब यह देखता था कि हर पार्टी चुनाव में जीत के लिए उसके पास ही आती है। यह देखकर वह भी अपने राजनीतिक पार्टी शुरू करने की सोच रहा था। राम रहीम ने अपने डेरे में एक राजनीतिक विंग भी बना रखी थी। जो कि सभी राजनीतिक गतिविधियों पर खबर रखती थी।
राम रहीम हर चुनाव में किसी ना किसी पार्टी को समर्थन का ऐलान करता था। उसके सभी अनुयायी उस पार्टी को वोट देते थे। जिसका फर्क सीधे तौर पर चुनावी नतीजों पर पड़ता था। राम रहीम को यह उम्मीद रहती थी कि अगर सरकार में उसका समर्थन रहेगा। तो उसपर चल रहे सभी केसों में थोड़ी ढील बरती जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा था। शायद इसलिये वह अब खुद की पार्टी उतारने की तैयारी में था।

बाबा के वकील सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की तैयारी!

रेप केस में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। उसे दो अलग-अगल मामलों में बीस साल की सजा सुनाई गई है। सजा पर बहस पूरी होने के बाद राम रहीम जज के सामने रहम की भीख मांगने लगा। इस केस की सुनवाई के लिए रोहतक जेल के अंदर कोर्ट रूम बनाया गया था। बलात्कारी बाबा राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा बीस साल की सजा दिए जाने पर लोग अपनी खुशी तो जता रहे हैं लेकिन वो ये भी चाह रहे हैं कि उसे फांसी की सजा दी जाती तो ज्यादा बेहतर होता। खुद बलात्कारी राम रहीम के वकील ने बताया, ‘हम पूरे फैसले को विस्तार से पढ़ेंगे और हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कोर्ट राम रहीम को अलग-अलग मामलों में दस-दस साल की सजा सुनाई है। 30 लाख का जुर्माना लगाया है। राम रहीम को कुल बीस साल की सजा दी गई है जो उन्हें लगातार नहीं काटनी होगी।’ बलात्कारी बाबा के वकील एसके नरवाना ने आगे बताया कि राम रहीम को धारा 376 और 506 के तहत ये सजा सुनाई गई है।

वीडीओ वायरल, हम बुरी सोच नही रखते
ऐसे में बलात्कारी बाबा राम रहीम का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। जिसे फेसबुक पर एक यूजर्स ने शेयर किया है। वीडियो शेयर किए जाने के बाद से ही इस चंद घंटों में 64 हजार लोग देख चुके हैं। जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों ने वीडियो को शेयर किया है। वीडियो में राम रहीम से रिपोर्टर द्वारा एक सवाल पूछा गया है। रिपोर्टर पूछते हैं कि बाबा आप सभी काम करते हो। आप डांस करते हो। गाना गाते हो। वो कौन सी चीज है जो आप नहीं करते हैं? जिसका जवाब देते हुए राम रहीम ने कहा, ‘बस हम बुरी सोच कभी नहीं रखते हैं और बुरा काम कभी नहीं करते। बाकि हर काम कर लेते हैं।’ वहीं वीडियो पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। हर्षवीर सिंह लिखते हैं, ‘ जहां पूरी राजनीति एक बाबा के चरणों मे नतमस्तक हैं वहां आप जैसे वीर आईपीएस का ये कटाक्ष काबिल ए तारीफ हैं।’ राम लिखते हैं, ‘मेरा बस चले तो ऐसे बाबाओं को बीच सड़क पर लटकाकर गोली मार दूं।’ विजय लिखते हैं, ‘आम लोगों का अंधविश्वास ही इन बाबा लोगो को प्रोत्साहन देता है। और एक दिन कोई भी बाबा इसका फायदा उठाकर मानवता को शर्मासर करने वाले कार्य को अंजाम देता है।’

घसीट कर ले गए कोर्ट रुम से बाहर
रोहतक जेल में 20 साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद भी बलात्कारी बाबा कोर्ट रूम से बाहर नहीं जा रहा था। वो लगातार जज जगदीप सिंह से रहम की भीख मांग रहा था। वो बार-बार जज के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था, मुझे माफ कर दो, गलती हो गई लेकिन जज का दिल नहीं पसीजा। इसके बाद गुरमीत राम रहीम सिंह कोर्ट रूम में ही बैठकर रोने लगा। इससे पहले उसने बीमारी का भी बहाना बनाया मगर कोर्ट रूम में पहुंची मेडिकल टीम ने जांच कर उसे मेडिकली फिट करार दे दिया। इसके बाद पुलिस के जवान उसे घसीटते हुए जेल के बैरक तक ले गए, जहां वो पिछले दो दिनों से कैदी नंबर 1997 बनकर रह रहा है। राम रहीम के वकील ने जज से गुजारिश की कि राम रहीम समाजसेवी हैं, इसलिए उन्हें माफी दी जाय। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को यह भी दलील दी कि बाबा ने स्वास्थ्य शिविर लगवाए, रक्त दान कैम्प लगवाए हैं। इस पर जज ने कहा, लगवाए होंगे और किए होंगे सामाजिक काम लेकिन उन्होंने बलात्कार भी किया है, इसलिए उन्हें सजा भी मिलेगी। इससे पहले जज ने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने के लिए 10-10 मिनट का वक्त दिया। सीबीआई के वकील ने मामले में अधिकतम सजा देने की मांग करते हुए राम रहीम को उम्रकैद देने की मांग की थी।

जानिये, कौन सा मंत्री आपकी समस्या को सुलझा सकता है!

सरकार अब सीधे जनता के दरवाजो पर दस्तक देगी। जिसके लिए मुख्यंत्री नें एक मास्टर प्लान तैयार किया है। जनता से सीधे सरोकार को लेकर आज भाजपा कार्यालय में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक जहां जिलो के दौरों में प्रभारी मंत्री समेत जिलाधिकारियो को समय-समय पर जनता के बीच संवाद स्थापित करने के आदेश जारी हो चुके है। वही एक तरफ अब माह में एक बार मुख्यमंत्री खुद कुमाऊ मंडल के पार्टा कार्यालय हल्द्वानी जाकर जनता की समस्याओ का सीधा निस्तारण करेंगे। वहीं, पार्टी कार्यालय में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा रही है। सरकार ने सीधे जनता से सरोकार को लेकर एक बृह्द योजना बनाई है, जिससे पूरी सरकार समय-समय पर जनता के बीच मौजूद रहकर जनका की समस्याओ का निस्तारण कर सकेगी। वहीं, इसे जनता और सरकार के बीच संवाद के रूप में एक बेहतर पहल के रूप में देखा जा रहा है।

जानियें, कौन मंत्री किस दिन लगायेगा दरबार
सोमवार को कृषि मंत्री सुबोध उनियाल
मंगलवार को वन मंत्री हरक सिंह रावत
बुद्धवार को वित्त मंत्री प्रकाश पंत
गुरुवार को परिवहन व समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य
शुक्रवार पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज
शनिवार को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत
रविवार को महिला एंव बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य

इसके साथ ही किसी भी मंत्री की अनुपस्थिति में पार्टी कार्यालय में बैठने की जिम्मेदारी शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक समेत शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डे संभालेंगे। सरकार नें एक तरफ जहां पहले जनता दरवार से जनता के बीच पहुचने की कोशिश की है। वहीं, प्रभारी मंत्रियो के जरिए सरकार नें पूरे प्रदेश में जनता से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। अब हफ्ते के 7 दिन सरकार नें जनता से जुडने के लिए पार्टी कार्यलय को अपना ठिकाना बनाया है।

डेरा प्रमुख के बहाने चीन ने कसा भारत पर तंज, कहा भारत पहले अपने आंतरिक मामले सुझलाए

चीन अब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के मामले में भी कूद पड़ा है और भारत पर तंज कसते हुए कहा है कि वह पहले अपने आंतरिक मामले सुलझा ले।
ग्लोबल टाइम्स में छपे लेख में कहा गया है कि भारत पहले अपने आंतरिक मामलों को सुलझाए। उसमें यह भी कहा गया है कि डेरा सच्चा सौदा की लोकप्रियता और ताजा हिंसा ने भारत की राजनीतिक और सामाजिक समस्या को सबके सामने लाकर रख दिया है।
लेख के जरिए चीन एक बार फिर अपना पुराना राग भी अलापा है। इसमें भारतीय जवानों को वापस बुलाने की मांग की गई है। गौरतलब है कि डोकलाम को लेकर पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई। जब चीन ने भारतीय जवानों पर सिक्किम सीमा पार करने और डोकलाम में चल रहे एक सड़क निर्माण के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया। इस विवाद को दो महीने से ज्यादा समय हो गए और चीन लगातार भारत से अपने जवानों को वापस बुलाने की मांग कर रहा है।
राम रहीम का जिक्र करते हुए लेख में लिखा गया है कि पिछले हफ्ते अपने साध्वियों के साथ दुष्कर्म मामले में एक धार्मिक गुरु को दोषी करार दिए जाने के बाद 36 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों जख्घ्मी हो गए। हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली में हिंसा फैल गई है।
इस धर्म गुरु की जबरदस्त लोकप्रियता दर्शाती है कि भारत एक हाथी की तरह फंस गया है, जो परंपरा और आधुनिकता की मुश्किल से जूझ रहा है। भारतीयों ने दुनिया में हमेशा अपने देश को पवित्रता का गढ़ बताया है, मगर अंधविश्वास और दकियानूसी परंपरा वाली सोच उसके आधुनिकीकरण में मुश्किल बनी है। हम चिंतित हैं कि भारत आंतरिक हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए डोकलाम विवाद का इस्तेमाल कर सकता है। राम रहीम की घटना दर्शाती है कि भारत की जनता देश की पारंपरिक राजनीति से मायूस है। बड़ी संख्या में ऐसे नाखुश भारतीय गैर-पारंपरिक धार्मिक गुटों की ओर जा रहे हैं।

बीजेपी के खिलाफ रैली आयोजित कर लालू ने दिया नारा, कहा देश बचाओ, बीजेपी भगाओ

बीजेपी के खिलाफ आरजेडी प्रमुख लालू यादव की पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में देश बचाओ, बीजेपी भगाओ महारैली में विपक्ष की एकता जरूर देखने को मिली, लेकिन लालू यादव बीजेपी और पीएम मोदी की बजाय अपने पुराने साथी नीतीश पर ही बरसते नजर आए। उनके भाषण में महागठबंधन टूटने का दर्द साफ झलक रहा था।
नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए लालू यादव ने कहा कि उन्हें तो कभी भी नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं था, लेकिन सांप्रादायिक ताकतों को रोकने के लिए भारी मन से विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन किया था। नीतीश के इस कदम को लेकर हमें पहले से ही जानकारी थी कि ये आदमी विश्वास के लायक नहीं है। लालू यादव ने कहा कि इस वक्त एनडीए में जो भी बिहार से बड़े नेता हैं वो सभी उन्हीं के प्रोडक्ट्स हैं। लालू ने नीतीश पर आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के बढ़ते कद से नीतीश कुमार परेशान हो रहे थे। नीतीश अंदर-ही-अंदर जल रहे थे। उनसे देखा नहीं जा रहा था कि उनके आगे का लड़का जनता में लोकप्रिय हो रहा है। इसलिये नीतीश महागठबंधन तोड़ बीजेपी की गोद में जा बैठे।
लालू यादव के भाषण में नीतीश के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। नीतीश के बीजेपी से हाथ मिलने को लेकर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि नीतीश पहले संघ मुक्त का नारा देते थे। अब खुद ही संघ की गोद में जाकर बैठ गए। उन्होंने सीबीआई छापे के लिए भी नीतीश को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि नीतीश के ऊपर हत्या का केस चल रहा है।

आखिरकार बेटी को किस हैसियत से बाबा के साथ जेल जाने दिया हरियाणा सरकार ने

हरियाणा में हुई हिंसा और राम रहीम समर्थकों को रोकने में राज्य सरकार की नाकामी पर हाई कोर्ट की फटकार के बाद शनिवार को सूबे के डीजीपी बीएस संधू और चीफ सेक्रटरी डीएस धेसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सेक्रटरी ने बताया कि हिंसा में जो भी लोग घायल या मारे गए हैं, उनमें एक भी शख्स स्थानीय नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए लोग बाहर से आए थे। हिंसा काबू न कर पाने के आरोपों पर सफाई देते हुए चीफ सेक्रटरी ने कहा कि स्टैंडर्ड प्रोसिजर और हाई कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक ही कदम उठाए गए। इस बीच शांति बहाली में जुटी सेना ने कहा है कि सेना का सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में घुसने का कोई प्लान नहीं है।
राम रहीम को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के आरोपों को अधिकारियों ने सिरे से खारिज किया। चीफ सेक्रटरी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर राज्य सरकार राम रहीम को हेलिकॉप्टर से जेल लेकर गई। जेल में राम रहीम को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जा रही। अधिकारी के मुताबिक, राम रहीम को एसी और बाहर से मंगवाया खाना देने की बात गलत है। वहीं, उनसे जेड प्लस सिक्यॉरिटी भी छीन ली गई है। राम रहीम के साथ उनकी बेटी के हेलिकॉप्टर में सफर करने के सवाल पर चीफ सेक्रटरी घिरते नजर आए। जब पत्रकारों ने पूछा कि किसके आदेश से उनकी बेटी को हेलिकॉप्टर में जाने दिया गया, चीफ सेक्रटरी ने मामला पता करवाने की बात कही।

बाबा के भक्तों के पास कहां से आयीं एके-47

बलात्कार के दोषी राम रहीम के भक्तों से पुलिस ने एके-47 जैसे खतरनाक हथियार जब्त किये हैं। इस हथियार का इस्तेमाल सेना आतंकियों के खिलाफ करती है। केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने बताया कि एके-47 के अलावा पुलिस ने राम रहीम के भक्तों से माउजर, दो रायफल और गोलियां भी बरामद की है। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में पंचकुला से अबतक 524 लोगों को गिरफ्तार किया है। राम रहीम के समर्थकों के खिलाफ देशद्रोह के दो केस भी जब्त किये गये हैं। जिनके खिलाफ हरियाणा पुलिस ने केस दर्ज किये हैं उनमें राम रहीम के निजी सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव डी एस देसी ने कहा, ‘ एक एके -47, एक माउजर, दो रायफल, पांच पिस्तौल जब्त किये गये है, हमने देशद्रोह के आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया है।’ इस बीच रियाणा सरकार ने राज्य में डेरा सच्चा सौदा के सभी समागम केंद्रों की तलाशी के आदेश दिए हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।
यह निर्देश डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराने के बाद हुई चौतरफा हिंसा और आगजनी की घटनाओं के एक दिन बाद आए हैं। इस हिंसा में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 250 अन्य लोग घायल हो गए हैं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राम निवास ने बताया ‘‘हमने हरियाणा में कहीं भी स्थित डेरा सच्चा सौदा के सभी ‘नाम चर्चा घरों’ (समागम केंद्रों) की तलाशी लेने के आदेश दिए हैं।’’ उन्होंने आगे बताया ‘‘हमने सुरक्षार्किमयों से कहा है कि वह सभी डेरा केंद्रों की अच्छी तरह से तलाशी लें और किसी भी तरह के हथियार मिलने पर उसे जब्त कर लें।’’ इस छापामारी में सिरसा में मौजूद डेरा मुख्यालय और पंचकूला के समागम केंद्र शामिल होंगे। पंचकूला में ही सीबीआई अदालत ने स्वयंभू बाबा के खिलाफ फैसला सुनाया था। राम निवास ने राज्य में स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा किया है और कहा कि सेना के साथ ही अर्धसैनिक बलों को सिरसा और पंचकूला में तैनात किया गया है।
हरियाणा के मुख्य सचिव डी.एस.धेसी ने संवाददाताओं से कहा, “हमने डेरा के अनुयायियों और प्रबंधन से परिसर शांतिपूर्वक बाहर निकलने की अपील की है। अब तक सेना की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।”डेरा मुख्यालय के पास शुक्रवार को अर्धसैनिक बलों की डेरा समर्थकों से झड़प हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यालय में अब भी हजारों की संख्या में डेरा अनुयायी जमा हैं। हरियाणा प्रशासन ने सुरक्षा बलों को राज्य में डेरा परिसरों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। डेरा अनुयायियों से इन परिसरों से निकलने को कहा गया है।