भाजपा के पास मुख्यमंत्री के लिए चेहरा नहीं

ऋषिकेश।
विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी हीरासिंह बिष्ट ने कहा कि उनके ढाई साल के कार्यकाल में ऐतिहासिक काम हुए हैं। डोईवाला में तहसील का निर्माण, एसडीएम कोर्ट, जनाधार कार्यालय, लालतप्पड़ में बिजलीघर, रानीपोखरी में गैस एजेंसी, बालावाला में महिला विश्वविद्यालय की स्वीकृति, नहरों को भूमिगत कर रास्ते का चौड़ीकरण, घमंडपुर आईटीआई की स्वीकृति सहित ढाई साल में 630 करोड़ के विकास कार्य किए जाने के उन्होंने दावे किए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहित शर्मा ने कहा कि हमें ऐसा विधायक चाहिए जो क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक पृष्ठभूमि की समझ रखता हो। कार्यक्रम में नगर पालिका के पूर्व चेयरमेन महेश रावत, मधु थापा ने भी अपने विचार रखे। संचालन मनमोहन नौटियाल ने किया। मौके पर ऊषा रानी, सुबोध नारायण शर्मा, अब्दुल्ल रज्जाक, मनोज नौटियाल, विक्रम नेगी, सूरज भट, मुकेश प्रसाद, राहुल सैनी, दीपेश राणा, नवीन मिश्रा, स. मोंटी, अमित उनियाल, शेर सिंह माटा, मौ.अकरम, अनीस अहमद, स्वतंत्र बिष्ट, अमित सैनी समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ऋषिकेश विधानसभा के चुनावी मैदान में 11 उम्मीदवार

कांग्रेस के बागी विजयपाल सिंह रावत ने नामांकन वापस लिया

ऋषिकेश।
बुधवार को कांग्रेस के बागी उम्मीदवार विजयपाल सिंह रावत ने कांग्रेस प्रत्याशी राजपाल खरोला के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया। कांग्रेस प्रत्याशी के साथ वह निर्वाचन अधिकारी वृजेश कुमार तिवारी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निर्धारित फॉर्म पर नामांकन वापसी की घोषणा की। रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नाम नामांकन सूची से हटा दिया है। दोपहर तीन बजे आरओ वृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि कुल 12 उम्मीदवारों ने नामांकन फॉर्म भरे थे। नामांकन वापसी के दिन एक उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद अब कुल 11 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। वहीं, विजयपाल सिंह रावत ने बताया कि सीएम हरीश रावत से फोन पर वार्ता होने के बात कांग्रेस प्रत्याशी राजपाल खरोला के समर्थन में उन्होंने नाम वापस ले लिया है।

भाजपा कांग्रेस को वोट दे या सोनिया कांग्रेस को : कुमार विश्वास

पंजाब और गोवा में बन रही है आप सरकार: कुमार विश्वास
ऋषिकेश।
आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने कहाकि उत्तराखंड की जनता के सामने दुविधा है कि किसे वोट दे। भाजपा कांग्रेस को या सोनिया कांग्रेस को। भाजपा में कांग्रेस के बागियों को शामिल कराने को लेकर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इशारों में ही भाजपा कांग्रेस पर निशाना साधा। डॉ. कुमार विश्वास ने अपने 45वें जन्मदिन पर त्रिवेणीघाट में गंगा आरती की। वह वसंतोत्सव पर गुरुवार को होने वाले कवि सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। वह ऋषिनगरी की अलौकिक सुंदरता से अभिभूत नजर आए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी आप के संगठन को मजबूत करने में समय लगेगा। बुधवार शाम करीब चार बजे कुमार विश्वास ऋषिकेश पहुंचे। गंगा आरती में ऋषिकेश रियल एस्टेट एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश कोठारी, दीपक चुग, केके सचदेवा, कमल सिंह, विजय कुमार, प्रदीप गुप्ता, चन्द्रशेखर शर्मा, रमेश कुमार, इंदुपाल चुग, सीमा किंगर, गीता सचदेवा, पुष्पलता, प्रीति मिश्रा, अखिलेश यादव, राजेश कुमार, आशीष धाम, जय किशन कौशिक आदि उपस्थित थे।

भाजपा में खून से इस्तीफा लिखने का सिलसिला जारी

ऋषिकेश।
सोमवार को चन्द्रेश्वरनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैठक की। मंडल उपाध्यक्ष सतीश दुबे व नगर मंत्री दीनदयाल राजभर की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने पहले अपना खून निकलवाया। फिर से खून से प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा भेज दिया। लगभग पांच दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में खून से हस्ताक्षर किये है। उन्होंने स्थानीय विधायक पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।
पार्टी हाईकमान पर कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान नहीं करने का आरोप भी लगाया। इससे पूर्व शनिवार को दो पूर्व जिलाध्यक्ष सहित तीन सौ कार्यकर्ता पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुके है। यह पहली बार हो रहा है कि कार्यकर्ताओं में टिकट वितरण को लेकर काफी रोष व्याप्त है।
गौरतलब है कि प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू रविवार को ऋषिकेश पहुंचे थे। उन्होंने बागियों को मोदी की फोटो नही लगाने व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए चेताया था। नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रदेश प्रभारी की नसीहत रास नही आयी। सूत्रों के अनुसार नाराज कार्यकर्ताओं का इस्तीफा देने का सिलसिला आने वाले दिनों में ओर बढ़ सकता है।

नाराज कार्यकर्ताओं ने खून से लिखा पत्र, दिया इस्तीफा

संदीप गुप्ता के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने भाजपा से दिया इस्तीफा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली को फैक्स भेजा

ऋषिकेश।
बाईपास मार्ग निकट श्यामपुर चौकी के सामने शनिवार को एक हॉल में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। यहां पर टिकट वितरण से नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के नाम इस्तीफा लिखा। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने पहले अपना खून निकलवाया और फिर पूरा पत्र खून से ही लिखा। वक्ताओं का कहना है कि संगठन को उन्होंने अपने खून से सींचा है। इसलिए भाजपा को आखिरी पत्र भी वह अपने खून से ही लिखकर दे रहे हैं।
इस्तीफे के पत्र पर पूर्व जिलाध्यक्ष गोबिन्द अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सजवाण, पूर्व दायित्वधारी व प्रत्याशी संदीप गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी सजवाण, पुष्पा मित्तल, किशन नेगी, लाखीराम रतूड़ी, अजय साहू, मनोज जखमोला, हरीश उप्रेती, राजेश पायलट, गंभीर राणा, पवन पांडे, अख्तर अहमद सहित तीन सौ कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। गौरतलब है कि विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल को तीसरी बार टिकट दिए जाने का कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। आरोप है कि विधायक कार्यकर्ताओं का अपमान करते है। स्थानीय को टिकट देने की मांग कर रहे कार्यकर्ताओं ने विधायक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाये। कहाकि विधायक ने नगर पालिका चुनाव में संगठन के विरोध में कार्य किया है। जिस कारण लगातार तीन बार से भाजपा पालिका का चुनाव हार रही है। संगठन के एक शीर्ष नेता पर मनमानी करने और कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान नहीं करने का आरोप भी लग चुका है।

जनसंघ के समय से जुड़े रहे कार्यकर्ताओं ने भी दिया इस्तीफा
खून से लिखकर इस्तीफा देने वालों को भाजपा अपने संगठन की रीढ़ बताती रही है। इस्तीफा देने वालों में कई की उम्र 70 से 80 साल के बीच है। ये जनसंघ के समय से ही संगठन से जुड़े हैं। इस्तीफा देने वालों में भाजपा के संस्थापक सदस्यों में रहे भाग सिंह चौहान, बृजमोहन कंडवाल, भोला सिंह रावत, भगवान सिंह बगियाल भी हैं। उन्होंने विधायक पर कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं देने और संगठन पर तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लगाए हैं।

निर्दलीय प्रत्याशी ने रैली निकाल मांगा समर्थन

ऋषिकेश।
कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे विवेक तिवारी ने रैली निकालकर समर्थन जुटाया। उन्होंने दावा किया कि वह क्षेत्र के विकास के लिए मैदान में उतरे हैं। टिकट की घोषणा से पहले ही विवेक तिवारी ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। वह पहले ही नामांकन कर चुके हैं। बुधवार को उन्होंने बस अड्डे से रैली निकाली। शक्ति प्रदर्शन कर विधानसभा क्षेत्र के विकास का दावा किया। रैली के दौरान जगह-जगह उन्होंने लोगों के पास जाकर उन्हें अपना एजेंडा बताया।

संदीप गुप्ता ने रैली निकालकर दिखाया अपना दम

ऋषिकेश।
सोमवार को भाजपा नेता संदीप गुप्ता ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन दाखिल किया। इससे पूर्व उन्होंने पुराना रोडवेज बस अड्डा से रैली निकालकर अपनी ताकत दिखाई। नामांकन रैली में कई भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कार्यकर्ता भगवा पट्टे पहने थे जिस पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीन दयाल उपाध्याय के चित्र थे। रैली का भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह स्वागत भी किया। रैली का प्रतिनिधित्व पूर्व जिलाध्यक्ष गोबिन्द अग्रवाल, ज्योति सजवाण, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयदत्त शर्मा, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय मंत्री श्रवण जैन, भाग सिंह चौहान, पूर्व प्रदेश महामंत्री भाजयुमो मनोज जखमोला, सभासद हरीश तिवाड़ी, राकेश पारछा, जिला मंत्री किशन नेगी, दीनदयाल राजभर, पंकज गुप्ता, अनिकेत गुप्ता, हरीश उप्रेती आदि मौजूद थे।

मनाने की आखिरी कोशिश फेल
ऋषिकेश। भाजपा नेता को मनाने की आखिरी कोशिश भी नाकाम साबित हुई। संदीप गुप्ता ने बताया कि उनकी केन्द्रीय मंत्री व प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा और धर्मेन्द्र प्रधान से बातचीत हुई। लेकिन उनके द्वारा स्थानीय को टिकट देने की मांग की गई। आला नेताओं ने बताया टिकट नहीं बदला जा सकता है जिस पर बात नहीं बनी। सूत्रों के अनुसार रविवार रात डेढ बजे करीब आला नेताओं ने संदीप गुप्ता को देहरादून बुलाया था। आमने-सामने हुई बातचीत बेनतीजा रही।

राजपाल खरोला के लिए राह खोल गए किशोर

हरीश रावत की पैरवी तो राहुल गांधी से संबंध भी आए काम
प्रदेश अध्यक्ष ने सहसपुर से चुनाव लड़ने की सहमति देकर राह आसान कर दी
ऋषिकेश। दयाशंकर पाण्डेय
विधानसभा चुनाव के लिए हॉट सीट बन चुकी ऋषिकेश से कांग्रेस हाईकमान ने एक बार फिर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला पर दांव खेला है। हालांकि इस सीट से प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के चुनाव लड़ने के भी कयास लगाये जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार हरीश रावत की जोरदार पैरवी और राहुल गांधी से संबंधों के चलते किशोर उपाध्याय ने सहसपुर से चुनाव लड़ने पर सहमति जताकर राजपाल खरोला के लिए टिकट की राह खोल दी।
ऋषिकेश विधानसभा सीट से कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला को एक बार फिर से पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। कुछ समय से इस सीट पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के चुनाव लड़ने की खबरें भी आ रही थीं। बताया जा रहा कि सीएम हरीश रावत ने राजपाल खरोला को टिकट देने की जोरदार वकालत की थी। यूथ कांग्रेस के पहले प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए राजपाल खरोला के कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से गहरे संबंध बन गए थे। इसका लाभ उन्हें टिकट की दावेदारी में भी देखने को मिला। इस सीट से पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा सहित पांच से अधिक दावेदार बताए जा रहे थे।
आखिरी चरण में किशोर उपाध्याय के सहसपुर से चुनाव लड़ने पर सहमति जताने पर राजपाल खरोला की दोवदारी मजबूत हो गई। हाईकमान ने खरोला पर ही विश्वास जताते हुए आखिरकार उनके नाम को हरी झंडी दे दी। बताते चलें कि ऋषिकेश सीट से राजपाल खरोला पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रेमचन्द अग्रवाल से सात हजार मतों से हार गए थे। कांग्रेस से बागी उम्मीदवार दीप शर्मा के निर्दलीय चुनाव मैदान में होने से भी कांग्रेस प्रत्याशी को नुकसान उठाना पड़ा था।

उत्तराखंड में कांग्रेस का प्रचार करना चाहती हैं शिखा मिश्रा

ऋषिकेश।
रविवार को एक कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंची भोजपुरी नायिका शिखा मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस से धर्मपुर और रानीपुर सीट से टिकट मांगा था। रविवार दोपहर में टिकट की घोषणा होने के बाद उन्होंने कांग्रेस का प्रचार करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बताया कि उनके होम प्रोडक्शन शिखा फिल्म्स फैक्ट्री के बैनर तले राधे फिल्म का निर्माण हो रहा है। राधे की शूटिंग उत्तराखंड की वादियों में 35 दिनों तक चलेगी। उन्होंने ऋषिकेश में फिल्म सिटी बनाने के बारे भी अपनी इच्छा जाहिर की।
गौरतलब है कि शिखा मिश्रा ऋषिकेश की ही रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि उनके होम प्रोडक्शन में गढ़वाली फिल्म बनाने के बारे में भी योजना चल रही है। गढ़वाली राजा के नाम से बनाई जाने वाली फिल्म में उनके अपोजिट विशाल सिंह होंगे। होम प्रोडक्शन में पहली फिल्म राधे का निर्माण कर रही शिखा ने उत्तराखंड से बहुत लगाव होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि इसलिए फिल्म के अधिकतर शूट उत्तराखंड में ही किए जा रहे हैं। उनके साथ टाइगर, वसीम राजा, दीक्षा पयाल, अंबालिका आदि मौजूद थे।

विधानसभा चुनाव लड़ सकेंगे दीप शर्मा

ऋषिकेश।
नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा अब विधानसभा चुनाव 2017 लड पायेंगे। चुनाव आयोग ने उनके उपर से विधानसभा चुनाव लड़ने का प्रतिबंध वापस ले लिया है। गौरतलब है कि पिछले माह चुनाव आयोग ने निर्वाचन संबधी पत्रावली जमा नही करने के चलते कुछ नेताओं पर विधानसभा चुनाव 2017 के लड़ने पर रोक लगा दी थी। पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने बताया कि चुनाव आयोग को समय से पत्रावली जमा करा दी गई थी। लिपिकीय त्रुटि के कारण चुनाव आयोग ने उनके नाम को जारी कर दिया था। जिस पर उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा। जिसपर आयोग ने उन्हें क्लीन चिट देते हुए चुनाव लड़ने के योग्य पाया है।
पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा पिछला विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके है। उन्हें साढे सत्रह हजार वोट मिले थे। इस बार उन्हें कांग्रेस से टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उनका कहना है कि कांग्रेस से टिकट मिलने की दौड़ में वह सबसे उपर है। सूत्रों की मानें तो पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा को कांग्रेस टिकट दे सकती है। वह तीन बार बतौर निर्दलीय पालिका ऋषिकेश का चुनाव जीतते आ रहे है।