गुमराह कर रही भाजपा: किशोर उपाध्याय

ऋषिकेश।
शुक्रवार को पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री वंदे मातरम पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। सीएम भी मंत्री की बातों पर मुहर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों से जबरन वंदे मातरम कहलाना है तो भाजपा को विधानसभा में इसके लिए कानून पास करवाना चाहिए। मंत्री के प्रदेश में रहने के लिए वंदेमातरम कहना जरूरी है, के बयान का विरोध करने के लिए मैंने कहा है कि किशोर उपाध्याय वंदेमातरम नहीं बोलेगा। मुझे राज्य से बाहर करें भाजपा सरकार।
किशोर ने कहा कि भाजपा मुद्दों से हटकर सिर्फ राजनैतिक लाभ पाने के लिए बयानबाजी करती है। राम मंदिर, गौ, गंगा, धारा 370 व अब वंदेमातरम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में 57 सीटें भाजपा को राज्य के हितों की रक्षा करने के लिए मिली हैं। उन्होंने शराब बंदी को अपना समर्थन दिया। बोले कि भाजपा जिन मुद्दों पर कांग्रेस को कोसने रही थी, सत्ता में आने के बाद उन्हीं को बचाने और आगे बढ़ाने में लगी है।
किशोर ने विशेष राज्य का दर्जा हटाने पर भी तंज सके। कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार है। अब तो औद्योगिक पैकेज भी बहाल होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश द्वारा हरीश रावत पर हरिद्वार में दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इंदिरा हृदयेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं। अगर कोई बयान आया है तो संज्ञान लिया जाएगा। गौरतलब है कि इंदिरा ने गुरुवार को हरिद्वार में कांग्रेस की हार के लिए हरीश रावत को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा था कि हरीश रावत के चेहरे को जनता ने स्वीकार नहीं किया।

कांग्रेस के लिए काला दिन था रावत का हारना

हरिद्वार।
हरिद्वार पहुंची नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने स्वागत किया। मिडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस की हार के लिए पूर्व सीएम हरीश रावत को जिम्मेदार ठहराया तो वही प्रदेश में सरकार के बाद खनन और शराब के विरोध में जुटी भाजपा के दोहरे चरित्र पर जमकर हमला बोला।
कांग्रेस की हार पर बोलते हुए इशारों ही इशारो में पूर्व सीएम हरीश रावत पर निशाना साधा। कहा की मुख्यमंत्री का दो सीटों पर हार जाना कांग्रेस के लिए सबसे काला दिन था राजनीति के इतिहास में यह पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा की प्रदेश की जनता ने चेहरे को स्वीकार नही किया इस लिए कांग्रेस की यह स्थिति हुई।
वही, नेता प्रतिपक्ष ने शराब बंदी और खनन को लेकर राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। कहा की जो काम हमारे समय हो रहे थे तो भाजपा उनको जमकर कोस रही थी लेकिन आज सत्ता पर काबिज होने के बाद जिन मुद्दों पर भाजपा ने चुनाव लड़ा आज उनको किनारा कर शराब और खनन में तालमेल बैठाने में लग गयी है। प्रदेश में शराब बंदी हो इसके हम पक्षधर है हम इसमें सरकार के साथ खड़े है।

सरकार में लालबत्ती को लेकर प्रयास शुरू

देहरादून।
बीजेपी की सरकार उत्तराखण्ड में बने 20 दिन हो चुके है। अब सरकार बनने के बाद बीजेपी के नेताओ ने सरकार में लाल बत्ती के लिए अपने अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए है । कोई मुख्ययमंत्री तो कोई संगठन स्तर पर अपने अपने जुगाड़ लगाने में जुटा है ऐसे में किसकी लाटरी खुलती है और किसको लाल बत्ती मिलती है ये तो मुख्ययमंत्री के हाथ में है हलाकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि किसी को खुश करने के लिए सिर्फ दायित्व नहीं दिए जाएंगे बल्कि दायित्व योग्यता के आधार पर ही दिए जाएंगे।
लाल बत्ती को लेकर बीजेपी के कई नेता शासन से लेकर बीजेपी के मुख्यालय तक चक्कर काटने में लगें है लेकिन जिस तरह से संगठन ने साफ़ कर दिया है कि लाल बत्ती या दायित्व सिर्फ योग्यता के आधार पर ही दिए जाएंगे उसके बाद ऐसे कुछ लोगो के सपनो पर पानी फिरना तय है जो लाल बत्ती हासिल करने के लिए शाम दाम की नीति अपनाने में जुटे है।

सीएम के फैसले को लेकर मुखर हुई कांग्रेस

देहरादून।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेन्दर सिंह रावत के बीजेपी कार्यकर्ताओ पर दर्ज राजनितिक मुकदमो के वापस लेने के एलान के बाद सूबे में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेताओ ने मुख्यमंत्री के इस फैसले को वैसे ताओ सही करार दिया है लेकिन उनका ये कहना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सिर्फ बीजेपी कार्यकर्ताओ के मुकदमें वापस लेने की बात कही है जो लोकतंत्र में सही नहीं मुख्यमंत्री त्रिवेन्दर सिंह रावत सिर्फ अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री नहीं है वो पुरे प्रदेश के मुख्यम्नत्री है लिहाज़ा उन्हें सबके बारे में सोचना चाहिए था।
वही सीएम के बीजेपी कार्यकर्ताओ के ऊपर चल रहे राजनितिक मुकदमें वापस लेने के फैसले का बीजेपी नेताओ ने स्वागत किया है लेकिन कांग्रेस के इसको लेकर आ रहे बयानों पर बीजेपी नेता टिपण्णी भी करते नजर आ रहे है। उनका कहना है कांग्रेस सरकार ने बीजेपी के तमाम कार्यकर्ताओ पर इस तरह के मुकदमे दर्ज किये गए थे। मुख्यमंत्री ने ऐसे मुकदमे वापस लेने के लिए कहा है इसलिए इस मामले में बयानबाजी करना सही नहीं है ।

चुनावी हार के बाद कांग्रेस की बंद कमरें में समीक्षा

ऋषिकेश।
बुधवार को स्वर्गाश्रम स्थित होटल निर्वाणा में पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की अध्यक्षता में कांग्रेस की जिला और शहर इकाइयों के अध्यक्षों के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर समीक्षा बैठक हुई। जिसमें मुख्य एजेंडे के तहत जिलाध्यक्षों से बारी-बारी उनके क्षेत्रों में हार-जीत के कारणों और उसमें उनकी भूमिका पूछी गई। जिलाध्यक्षों ने उपाध्याय को पार्टी संगठन की स्थितियों, भीतरघात जैसे हालातों से अवगत कराया। इस दौरान किशोर ने कई जिलाध्यक्षों की परफारमेंस पर सवाल भी उठाए और उन्हें अपने काम करने के तौर-तरीकों को बदलने की हिदायत भी दी।
दोपहर 12 बजे से बंद कमरे में करीब तीन घंटे चली बैठक के दौरान जिलाध्यक्षों के अलावा प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, अनुशासन समिति के अध्यक्ष डा. केएस राणा भी मौजूद थे। समापन पर उपाध्याय ने बताया की बैठक में चुनावी समीक्षा के साथ ही जिलों में कार्यकर्ता बैठकों की तारीखें तय की गई हैं। कांग्रेस पार्टी संगठन की मजबूती के लिए ब्लॉक और शहर स्तर पर सालभर में एक बैठक करेगी, ताकि पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद कायम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय मसलों को आगे बढ़ाया जा सके।

पांच अध्यक्ष रहे नदारद
स्वर्गाश्रम में कांग्रेस की 29 शहर और जिला इकाइयों के अध्यक्षों में से पांच बैठक में शामिल नहीं हुए। कांग्रेस की प्रदेश में कुल 23 जिला और 6 शहर इकाइयां गठित हैं। जिनमें से 23 अध्यक्षों ने ही बैठक में शिरकत की। बैठक में चंपावत, बाजपुर, उत्तरकाशी, पुरोला और रानीखेत के अध्यक्ष नहीं पहुंचे।

सरकार के काम को बताया अच्छा
कांग्रेस की चुनावी समीक्षा बैठक में जिलाध्यक्षों ने निर्वतमान सरकार के कार्यकाल पर चर्चा की और उसे अच्छा बताया। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में जनहित से जुड़े विषयों, जन सरोकारों, उत्तराखंडियत के सवालों को प्राथमिकता मिली। जिलाध्यक्षों ने भी सरकार के कामकाज को सराहा है।

गोपनीय ही रही बंद कमरे की अधिकांश बातें
कांग्रेस के शहर और जिला इकाई अध्यक्षों की बैठक में बेहद गोपनीयता बरती गई। यहां तक कि बैठक में जिलाध्यक्षों के अलावा किसी को भी एंट्री की इजाजत नहीं थी। साथ ही बैठक की बातों को बाहर शेयर करने पर प्रतिभागियों को सख्त हिदायत दी गई थी। जिससे अधिकांश बातें बंद कमरे तक ही सीमित रही।

सरकार के आगाज पर रहे चुप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने नई भाजपा सरकार के आगाज पर कोई टिप्पणी नहीं की। बैठक से इतर बातचीत में उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस अगले छह महीने तक नई सरकार के कामकाज को देखेगी, उसमें कोई व्यवधान नहीं डाला जाएगा। लिहाजा उसकी शुरुआत पर कोई बात नहीं हो सकती है।

गंगोत्री का मिथक बरकार, सरकार में गंगोत्री से मंत्री नही बनाये जाने पर मायूसी

देहादून।
गंगोत्री विधान सभा सीट से भाजपा प्रत्याशी की जीत होने पर सरकार बनाने के मिथक के अनुसार भाजपा को मिले प्रंचड बहुमत पर प्रदेश में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में भाजपा सरकार सत्तासीन हो गई है, लेकिन गंगोत्री विधान सभा से सरकार बनाने के मिथक के बाद भी राज्य में चैथी बार निर्वाचित हुई भाजपा सरकार में क्षेत्र में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। जिससे उत्तरकाशी की जनता को इस बार भी मायूसी हाथ लगी है। भाजपा ने इस बार के चुनाव में प्रंचड बहुमत हासिल किया है और गंगोत्री सीट पर भी भाजपा प्रत्याशी गोपाल रावत ने 25 हजार 683 मत प्राप्त कर अपने निकट प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी को 9हजार 610 वोटो से हराया है, ऐसे में भाजपा को 2002 से अब तक मिले वोटों का रिकार्ड भी टूटा है।
पार्टी से बागी प्रत्याशी के चुनाव मैदान में होने पर भी भाजपा को रिकार्ड से विजय मिलना विधायक गोपाल रावत की जनता के बीच लोकप्रियता बढना भी है। कांग्रेस ने राज्य में दो बार शासन करने के बाद भी इस क्षेत्र को कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। भाजपा ने हालांकि 2007 में शासन करने पर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया लेकिन इस बार जिस तरह से भाजपा का मुख्य एजेंडा गंगा की स्वच्छता को लेकर है, उससे लग रहा था कि गंगा का मायका गंगोत्री होने पर संभवता इस बार क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलेगा। लेकिन त्रिवेन्द्र सिंह रावत की कैबिनेट में शामिल होने के लिये एक बार जहां गोपाल सिंह रावत का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था ,वहीं शपथ ग्रहण के आते ही गायब हो गया । इससे क्षेत्र की जनता काफी मायूस है। गंगोत्री विधान सभा क्षेत्र के विधायक गोपाल सिंह रावत को मंत्री मण्डल में शामिल न किये जाने पर यहां की जनता ने सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मांग की है कि गोपाल रावत को मंत्री मण्डल में शामिल किया जाए।

आपत्ति जता रहे लोग पिछले चुनावों में अपनी भूमिका देखें

आरोप-विधायक समर्थक बताएं कि त्रिवेंद्र रावत के सीएम बनने पर कितनी खुशी हुई

गजेन्द्र नेगी।
क्षेत्र की बेहतरी के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियां से एक बार नहीं बार-बार मिलेंगे। उनका स्वागत भी करेंगे। ये कहना ऋषिकेश से निर्दलीय प्रत्याशी रहे संदीप गुप्ता, उनके समर्थक जयदत्त शर्मा और ज्योति सजवाण का। प्रेमचंद अग्रवाल को प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध कर पार्टी छोड़ने वाले तमाम नेताओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और मंत्रियों से मिलने पर उठे सवालों का जवाब दिया।
प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के कुछ मंडल स्तरीय पदाधिकारियों का उनके सीएम और मंत्रियों से मिलने पर जताई गई आपत्ति गैरवाजिब है। दो टूक कहा कि उन्होंने प्रेमचंद अग्रवाल को प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध किया था। भाजपा का नहीं। इसकी वजह क्षेत्र का विकास था, जो कि 10 सालों से ठप पड़ गया था।
आरोप लगाया कि जो लोग उनके सीएम और मंत्रियों से मिलने पर आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं वो बताएं कि 2008 के निकाय और 2009 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विधायक की क्या भूमिका थी। विधायक बताएं कि आखिर निकाय चुनाव में पार्टी को हार का सामना क्यों करना पड़ता है। आरोप लगाया कि विधायक समर्थक दिल पर हाथ रखकर बताएं कि उन्हें डोईवाला के विधायक त्रिवेंद्र रावत के सीएम बनने पर कितनी खुशी हुई। ऋषिकेश में रावत की ताजपोशी होने पर उन्होंने हर्ष व्यक्त किया तो विधायक को परेशानी हो गई।
अब वो कुछ पदाधिकारियों से अनर्गल बयानबाजी करा रहे हैं। मौके पर गंभीर सिंह राणा, बलवीर सिंह चौहान, मनोज जखमोला, श्रवण जैन, प्रदीप द्विवेदी, रविंद्र पंवार, योगेश, अविनाश सिमल्टी, पदम शर्मा, राजेश राइटर, सतवीर तोमर, प्रेम सिंह बिष्ट, सतीश दुबे, सुजीत यादव आदि मौजूद थे।

भाषण नहीं देने पर कांग्रेसियों का पारा चढा, प्रदर्शन

ऋषिकेश।
इसके चलते कांग्रेसियों ने रविवार को पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। रविवार को नटराज चौक पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए। राजपाल खरोला ने कहा कि मोदी के आह्वान पर प्रदेश ने दो-तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बना दी। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी पहुंचे तो लोगों में आशा थी कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुसार कोई बड़ी घोषणा वह करेंगे।
राजपाल खरोला ने आरोप लगाया कि पीएम ने घोषणा तो दूर लोगों को संबोधित ही नहीं किया। ऐसे में उनको सुनने आए लोगों में घोर निराशा का माहौल है। प्रदर्शन करने वालों में वेद प्रकाश शर्मा, अरविन्द जैन, चन्दन पंवार, मनीष शर्मा, मधु जोशी, केदार सिंह रावत, सावित्री देवी, मधु मिश्रा, देवेन्द्र प्रजापति, राकेश मियां, सरोजनी थपलियाल, अब्दुल रहमान, लोकपाल कैंतुरा आदि मौजूद थे।

मुलायम की गुफ्तगु से सियासी हलचल तेज

लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में एक बड़ा ही दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने गर्मजोशी के साथ मंच पर मुलाकात की। मंच पर मुलायम और पीएम मोदी की मुलाकात एक नहीं बल्कि दो बार हुई।
योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्रियों का जैसा ही शपथ ग्रहण समारोह खत्म हुआ तो पीएम मोदी मंच में मौजूद सभी अतिथियों से मिलने गए। इस दौरान वहां मौजूद अखिलेश थोड़ा आगे निकल गए। इसके बाद बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अखिलेश यादव को बुलाया। अखिलेश यादव जब पीएम मोदी के पास आए तो उन्होंने गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया।
इस दौरान अखिलेश ने पीएम मोदी को यूपी में जीत के लिए बधाई दी। इस बीच साथ में खड़े मुलायम सिंह यादव भी पीएम मोदी से मुलाकात की और उनको बधाई दी। इसके बाद पीएम मोदी अन्य लोगों से मुलाकात करने लगे। इस बीच मुलायम सिंह यादव एक बार फिर लौटे और पीएम मोदी के साथ हाथ मिलाकर उन्हें फिर से बधाई दी। इस दौरान उन्हें पीएम मोदी से बातचीत भी की। हालांकि चुनावों के दौरान पीएम मोदी और अखिलेश यादव में जो जुबानी जंग देखने को मिली थी। उसका असर आज के शपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात के दौरान नजर नहीं आया।

देवप्रयाग में कमल खिलाने पर कंडारी का स्वागत

ऋषिकेश।
कैलाशगेट स्थित क्रांतिचौक में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष आशीष कुकरेती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विनोद कंडारी का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने विनोद के चुनाव जीतने पर खुशी जताई। मौके पर प्रदेश मंत्री नवनीत राजपूत, जिला महांमत्री हिमांशु नौटियाल, योगेश तिवारी, विनोद चौहान, मनीष कुकरेती, कान सिंह रावत, सुरेन्द्र कुलियाल, भरतलाल, शुभम, आकाश सकलानी, अनिता ममगाईं, इन्द्रा देवी आदि मौजूद थे।
देहरादून तिराहे पर भाजपा जिला मंत्री कविता शाह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विनोद कंडारी का स्वागत किया। तीन पूर्व मंत्रियों को हराकर चुनाव जीतने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हर्ष जताया है। वक्ताओं ने कहाकि उत्तराखंड में कम उम्र के विधायक बनने वाले नेता बन गये है। मौके पर सरोज डिमरी, स्नेहलता शर्मा, अनिता पंवार, विनिता सिंह, मंजू पेटवाल, संगीता चौधरी, कांता शर्मा, लक्ष्मी पंवार आदि मौजूद थे।
श्यामपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक विनोद कंडारी का स्वागत किया। वक्ताओं ने कहाकि विनोद की पहचान युवा व संघर्षशील नेता के रुप में रही है। मौके पर पवन पांडेय, कुसुम जोशी, ममता भंडारी, विनीता भट्ट, कुसुम डबराल, शशि भट्ट, ममता राणा, पिंकी चतुर्वेदी, बीना भट्ट, विनोद जुगलान, दिनेश पयाल, रामरतन रतूड़ी, नरेन्द्र रावत, महावीर उपाध्याय, अनिल भट्ट, धनवीर जेठुड़ी, विजय किशोर आदि मौजूद थे।