चार धाम को फाइबर कनेक्टिविटी का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय संचार एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के पवित्र धाम गंगोत्री में संपूर्ण देश के 2 लाख वीं 5जी साइट का शुभारंभ किया। साथ ही संपूर्ण देश की आस्था के केंद्र चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) में फाइबर कनेक्टिविटी (ऑप्टिकल फाइबर) के कार्य का शुभारंभ भी किया। जिससे चार धाम को सीधे तौर पर 5 जी नेटवर्क से आच्छादित किया जा सकेगा। मोबाइल व इंटरनेट नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार से चार धाम मंदिर परिसरों के आस पास श्रद्धालुओं को बेहतर कॉल कनेक्टिविटी वीडियो कॉल इंटरनेट कनेक्टिविटी की उपलब्धता हो सकेगी। इस दौरान उनके द्वारा चार धाम फाइबर कनेक्टिविटी एवं 5 जी के विस्तार पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के डिजिटल परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिये केंद्रीय संचार एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज देवभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को 5 जी के तौर पर एक शानदार उपहार मिल रहा है। चारधाम में से एक गंगोत्री धाम में 5 जी सेवाओं की 2,00,000 वीं साइट में 5 जी सेवाएं प्रारंभ हो रही हैं। यह सेवा न केवल चार धाम यात्रा के लिए लाभकारी सिद्ध होगी बल्कि आसपास के क्षेत्र के गांवों में संचार सेवा के विस्तार के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। यह देवभूमि में “संचार के अनंत आकाश“ की शुरुआत भी है, जो 21वीं सदी के विकसित होते भारत के सामर्थ्य का परिचय भी कराता है। उन्होंने कहा कि हमने पहाड़ में हाई स्पीड नेटवर्क का कभी जो सपना देखा था, वह आज सच साबित हो रहा है क्योंकि इस सुविधा के प्रारंभ होने से प्रदेश के साथ ही देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लाखों तीर्थयात्री हाई-स्पीड डेटा नेटवर्क का लाभ उठा सकेंगे। इससे चारधाम यात्रा के दौरान डिजास्टर मैनेजमेंट, सर्विलांस और रियल टाइम बेसिस पर यात्रा की निगरानी रखने में हमें सहायता मिलेगी। आज अधिकतर मोबाइल फोंस पर “मेड इन इंडिया“ लिखा होना हमारे लिये गर्व की बात है। भविष्य की वायरलैस टेक्नोलॉजी को डिजाइन करने में और उससे जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग में भी हमारे देश की बड़ी भूमिका होगी। 5 जी के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नॉलजी में ग्लोबल स्टेंडर्ड तय कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “डिजिटल इंडिया“ सिर्फ एक नाम नहीं है बल्कि ये देश के विकास के विस्तृत विजन का एक महत्वपूर्ण अंग है। इस विजन का लक्ष्य है उस टेक्नोलॉजी को आम लोगों तक पहुंचाना है जो लोगों के लिए काम करे, लोगों के साथ जुड़कर काम करे। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 4 क्षेत्रों पर ध्यान दिया है। पहला है, “डिवाइस की कीमत“, दूसरा है, “डिजिटल कनेक्टिविटी“, तीसरा, “डेटा की कीमत“, चौथा, और सबसे जरूरी, ‘डिजिटल फर्स्ट’ की सोच। इसका नतीजा है कि 2014 में जीरो मोबाइल फोन निर्यात करने से लेकर आज हम हजारों करोड़ के मोबाइल फोन निर्यात करने वाले देश बन चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने “घर-घर बिजली“ पहुंचाने की मुहिम प्रारंभ की, जैसे “हर घर नल से जल अभियान“ के जरिए देश के हर व्यक्ति तक साफ पानी पहुंचाने के लिए मिशन मोड में काम किया, जैसे उज्जवला योजना के जरिए गरीब से गरीब आदमी के घर में भी गैस सिलेंडर पहुंचाया, वैसे ही ये सरकार “इंटरनेट फोर ऑल“ के लक्ष्य पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, लोकल कलाकार और कारीगर हों सबको डिजिटल इंडिया ने एक मंच प्रदान किया है, एक बाजार उपलब्ध कराया है। यह डिजिटल इंडिया की नींव है। यह अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का माध्यम है। 5 जी सेवा से कई क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, लॉजिस्टिक्स और बैंकिंग में मूलभूत परिवर्तन आएगा और नई संभावनायें पैदा होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगातार देवभूमि में संचार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रयासरत हैं। इसमें सभी संचार सेवा प्रदाता कंपनियों के प्रयास भी संचार सेवाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की विश्व में विशिष्ट पहचान बनी है। देवभूमि उत्तराखण्ड से भी उनका विशेष लगाव है। उनका देवभूमि उत्तराखण्ड से कर्म एवं मर्म का रिश्ता है। प्रधानमंत्री के 9 साल के कार्यकाल में उन्होंने उत्तराखण्ड के लिए लाखों करोड़ रूपये के कार्यों की स्वीकृतियां प्रदान की। उन्होंने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबके प्रयास से हम इसे सार्थक करने में प्राण प्रण से जुटे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2022 को देश में 5-जी की यात्रा का शुभारंभ किया। देश ने टेलीकॉम क्रांति के विभिन्न स्वरूप देखे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टेलीकॉम क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। यह समय टेलीकॉम क्षेत्र का स्वर्णिम काल है। यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है कि हम चार धामों को भी 5 जी और फाइबर कनेक्टिविटी से भी जोड़ रहे हैं। देश से लाखों की संख्या में लोग यहां आते हैं। मुख्यमंत्री के विशेष आग्रह पर चार धाम को ऑप्टिकल फाइबर एवं 5 जी से जोड़ने का कार्य शुरू किया गया था। टेलीकॉम क्षेत्र में होने वाले कार्यों में मुख्यमंत्री धामी का हमेशा सहयोग मिला है। आज देश में हर एक मिनट में 5 जी की साइट रेडियेट हो रही है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज भारत 5 जी के क्षेत्र में दुनिया की बराबरी कर रहा है परंतु 6 जी के क्षेत्र में भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। आज विश्व में भारत की छवि एक नई टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रही है भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निरंतर विश्व का नेतृत्व कर रहा है। 6 जी के लिये देश के प्रबुद्ध ब्रेन को 100 पेटेंट मिल चुके हैं।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर बोलते हुए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह प्रोजेक्ट नए भारत का एक बड़ा उदाहरण है। यह रेल लाइन अत्यधिक आधुनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित हिमालयन टनलिंग मेथड पर अधारित है। इस रेल परियोजना में प्रकृति का विशेष ध्यान रखा जा रहा है हम प्रकृति के साथ आगे बढ़कर विकास करने पर विश्वास करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा उत्तराखंड के लिए तत्परता से कार्य किया है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, रेखा आर्या, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, सविता कपूर, डी.जी. टेलिकॉम एस.के. जैन, सचिव शैलेश बगौली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड के कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था हो-धामी

कृषकों को कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में उत्पादन का अच्छा दाम मिले इसके लिए बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए। कृषकों की आय दुगुनी करने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसानों को मोटे अनाजों के अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करें। किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए कृषि, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभाग समन्वय से कार्य करें। अधिकारी बैठक में पूरी तैयारी से आयें, कार्य के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड 2025 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कृषि एवं उद्यान के अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए, इसकी मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है, किसानों की आय को बढ़ाने में मिलेट्स अहम भूमिका निभायेगा। तीन सितारा, चार सितारा एवं पांच सितारा होटलों में मिलेट्स की व्यवस्था हो, इसके लिए इन्हें भी प्रोत्साहित किया जाए। पैक्स एवं क्रय केन्द्रों पर मिलेट्स खरीदने की उचित व्यवस्था रखी जाए। जो स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मंडुवा लेंगी, उनको इन्सेंटिव शीघ्र मिल जाए। उन्होंने कहा कि मिलेट्स उत्पादन के लिए प्राकृतिक और परंपरागत रूप से सभी संसाधन राज्य के पास हैं। मिलेट्स के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को रोल मॉडल बनाने की दिशा में कार्य किये जाएं।
कृषि अवसंरचना निधि के तहत धीमी कार्य प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि इसमें निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत कार्ययोजना बनाई जाए। इसके तहत किसानों को ऋण लेने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदरों से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जल्द ही वन विभाग, शहरी विकास एवं अन्य संबंधित विभागों की बैठक की जाए।
मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के रोडमैप की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में पॉलीहाउस स्थापना के कार्यों में अभियान के तहत कार्य किये जाएं। कैबिनेट द्वारा इसके लिए किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इन पॉलीहाउस में फल, फूल, सब्जी का जो उत्पादन होगा, इनको देश भर में भेजा जायेगा। इसके लिए गढ़वाल और कुमायूं में मण्डी बनाने का निर्णय लिया गया है। पॉलीहाउस पर कार्य प्रगति की जल्द समीक्षा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। कीवी और एप्पल मिशन के तहत तेजी से कार्य किया जाए। मौन पालन के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। मौन पालन किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक अच्छा माध्यम है, इस दिशा में कार्य करने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा अगर बाहर से उच्च गुणवत्ता युक्त पौध ली जा रही है, तो उनका डीबीटी के माध्यम से समय पर भुगतान हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विजय कुमार जोगदाण्डे, कृषि, उद्यान एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिवालय के कार्मिकों को सौगात, नवीनीकृत पालना केन्द्र और स्मार्ट क्लास का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय परिसर स्थित नवीनीकृत पालना केन्द्र (क्रेच) व स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया। यह क्रेच सचिवालय के कार्मिकों की ड्यूटी के दौरान उनके बच्चों की देखभाल के उद्देश्य से बनाया गया है। क्रेच में ए.सी, रेफ्रिजरेटर, पेयजल हेतु वाटर प्यूरीफायर, बच्चों के आराम करने के लिए बिस्तर, बाल सुलभ वॉश बेसिन, अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था की गई है। इसमें स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी की गई है। क्रेच में आउटडोर खेल उपकरण लगाये गये हैं। फेन्सिंग, चित्रकारी एवं वाल पेंटिंग से इसे सजाया गया है। क्रेच में ऊर्जा की बचत हेतु दो किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट (सोलर पैनल पावर कंडीशनिंग यूनिट व बैटरी) की व्यवस्था की गई है जिसमें केन्द्र के स्मार्ट क्लास सिस्टम, एल.ई.डी. लाइटिंग एवं समस्त पंखे संचालित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सचिवालय में कार्मिकों के बच्चों के लिए क्रेच की यह अच्छी सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुविधा के लिए यहां पर अच्छी व्यवस्था की गई है। इससे जहां सचिवालय में कार्य करने वाले कार्मिकों को बच्चों की देखभाल के लिए अच्छी सुविधा मिलेगी, वहीं बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ सीखने के लिए भी अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। क्रेच के नवीनीकरण का कार्य मात्र 18 दिनों में कराने के लिए उन्होंने नोडल विभाग महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के प्रयासों की सराहना भी की।
सचिवालय के कार्मिकों ने सचिवालय परिसर में क्रेच की बेहतर सुविधा और बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए इसमें की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास एच.सी. सेमवाल एवं सचिवालय के कार्मिक उपस्थित रहे।

सरल और विनम्र मुख्यमंत्री धामी ले रहे जनहित में बड़े फैसले-स्वामी हरिचेतनानन्द

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिपुर कलां हरिद्वार में हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव, दशहरा महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प्रतिभाग किया। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया तथा आरती एवं पूजा-अर्चना की एवं संतों व महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुये हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव की सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी तथा समारोह में उन्हें आमन्त्रित करने के लिये आभार प्रकट करते हुये कहा कि श्रीमद्भागवत जैसे पुण्य कार्य में सहभागी होने का उन्हें अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज इस पावन अवसर पर हम यहां किसी के बुलावे पर न आकर उस ईश्वर की असीम कृपा की वजह से यहां पहुंचे हैं। उन्होंने महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद का जिक्र करते हुये कहा कि स्वामी जी ने अपना जीवन राष्ट्र, धर्म तथा संस्कृति को समर्पित किया है।
पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में आज पूरा देश तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस समय कई देशों के प्रवास पर हैं, जिस देश में भी वे जा रहे हैं, वहां उत्सव हो रहा है तथा भारत के प्रति विश्व का नजरिया बदला है।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल का जिक्र करते हुये कहा कि भारत ने कई देशों को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करके लाखों लोगों की जान बचाई है तथा वैक्सीन के पैकिंग के डिब्बों के माध्यम से विश्व बन्धुत्व-सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया का सन्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जो सम्पूर्ण मानव मात्र व पूरे विश्व की चिन्ता करता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के विस्तृत विजन की वजह से जी-20 की बैठकें देश के कोने-कोने में हो रही हैं तथा हमारे प्रदेश उत्तराखण्ड को भी जी-20 की तीन बैठकें करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है, जिनमें से एक बैठक रामनगर में हो चुकी तथा एक का शुभारम्भ आज ऋषिकेश में हो रहा है एवं तीसरी बैठक भी आगामी दिवसों में ऋषिकेश-नरेन्द्रनगर में आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले 11वें स्थान पर थी, जो प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की वजह से पांचवें स्थान की अर्थव्यवस्था बन गयी है, आयोध्या में राम मन्दिर का निर्माण हो रहा है, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अपना भव्य स्वरूप प्राप्त कर चुका है, केदारनाथ भव्य व दिव्य बन गया है, आने वाले समय में हेमकुण्ड धाम की यात्रा और भी आसान होने वाली है, जहां गोविन्दघाट से हेमकुण्ड तक रोपवे का निर्माण होने जा रहा है, जिससे यात्रा में बहुत ही कम समय लगेगा, कई रोपवे के निर्माण के साथ ही गुणावत्तापरक सड़कों का पूरे प्रदेश में जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की भांति कुमाऊं में मन्दिर माला मिशन के तहत पर्यटन को बढ़ाने का निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।
महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री का गऊ, गंगा, सन्त तथा सैनिकों के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि इस संसार में जिन्होंने भी बड़े-बड़े जन-कल्याणकारी कार्य किये हैं, विनम्र बनकर ही किये हैं, उसी तरह पुष्कर सिंह धामी भी हैं, जो विनम्रता के साथ बड़े-बड़े जन-कल्याणकारी निर्णय ले रहे हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री का हरि सेवा आश्रम पहुंचने पर पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम तथा पगड़ी पहनाकर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर महन्त दुर्गादास, महामण्डलेश्वर ललितानन्द गिरि, महामण्डलेश्वर जगदीश दास महाराज, गोविन्ददास महाराज, महन्त कमलदास महाराज, प्रहलाद दास महाराज, भारत माता के प्रबन्ध न्यासी आई0डी0 शर्मा, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, झबरेड़ा पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, विकम भुल्लर, रमेश शास्त्री, नन्दलाल, प्रो0 हेमलता, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल उपस्थित रहे।

गोवा और उत्तराखंड ने आपसी सहयोग के लिये किया एमओयू हस्ताक्षरित

पर्यटन के विभिन्न आयामों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिये उत्तराखण्ड और गोवा राज्य मिलकर कार्य करेंगे। दोनो राज्य पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के माध्यम से संयुक्त कार्य योजना के आधार पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा पर्यटन सुविधाओं के विकास में दोनों राज्यों के मध्य यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने के भी प्रयास किये जायेंगे।
इस संबंध में मंगलवार को सांय मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किये गये। समझौता ज्ञापन पर सचिव पर्यटन उत्तराखण्ड सरकार सचिन कुर्वे तथा गोवा के पर्यटन निदेशक सुनील अचिंपका द्वारा हस्ताक्षर किये गये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहल अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगी आज गोवा से देहरादून की पहली डायरेक्ट उड़ान को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया इस सीधी उड़ान सेवा का लाभ दोनों राज्यों के नागरिक भी उठा सकेंगे जिससे दोनों राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेवलपिंग टूरिज्म इन मिशन मोड की बात कही थी आज का यह एमओयू दोनों राज्यों के लिए इस दिशा में एक और कदम होगा। गोवा तथा देहरादून के बीच यह सीधी उड़ान दोनों राज्यों के लोगों को यात्रा के लिए प्रेरित करेगी, सागर से हिमालय के दर्शन का अवसर पर्यटकों को मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस एमओयू के पश्चात दोनों राज्यों को पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ एक दूसरे राज्यों समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड तथा गोवा दोनों ही पर्यटन प्रधान छोटे राज्य हैं दोनों राज्य आपसी समन्वय से इन अवसरों का लाभ उठा सकते हैं तथा समस्याओं का निवारण भी कर सकते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष की चार धाम यात्रा ऐतिहासिक रही थी इस वर्ष भी यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा और अधिक लोग आएंगे अभी तक 15 लाख लोग चार धाम यात्रा कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से पूरा उत्तराखण्ड ही एक डेस्टिनेशन है। पर्यटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म एवं अन्य पर्यटन गतिविधियों में भी प्रदेश में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यटन की दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन प्रदेश की आर्थिकी का मजबूत आधार होने के नाते पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमी हमारे ब्रांड अम्बेसडर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों को हैली सेवा से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है तथा जौलीग्रांट एयरपोर्ट के साथ पन्तनगर एयरपोर्ट को अन्तराष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रयास किये जा रहे है। पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का संचालन शीघ्र ही भारतीय वायु सेना द्वारा किया जायेगा। आज पहाड़ में रेल का सपना पूरा हो रहा है। राज्य के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटन, उद्योग क एवं व्यापार की यहां अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन हमारी आर्थिकी का आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में होम स्टे को और बढ़ावा दिया जा रहा हैं। इसमें लोगों को घर जैसा वातावरण मिले इसकी व्यवस्था की गई है।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने भी गोवा एवं उत्तराखंड बीच हुए एमओयू को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे दोनों राज्यों के पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि होगा। उन्होंने कहा गोवा में विभिन्न तरह के पर्यटन स्थलों को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। गोवा की जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन है। गोवा में 35ः से अधिक रोजगार पर्यटन से पैदा होते हैं। बीते सालों में लगातार पर्यटन बड़ा है परंतु कोविड काल के बाद पर्यटकों के व्यवहार में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा गोवा सरकार ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के विजन पर कार्य कर रही है। हमारे राज्य आपसी समन्वय के साथ अपने क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। आज गोवा सन, सेंड एवं सी के सिद्धांत से भी आगे बढ़ गया हैं। हम साहसिक पर्यटन, इको टूरिज्म, आध्यात्म पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर कार्य कर रहे।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने कहा कि और अखंड गोवा सरकार मिलकर पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक कार्य कर सकती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन एवं मार्गदर्शन में सभी राज्य आपस में मिलकर कार्य करें, उसी का नतीजा आज का यह कार्यक्रम है। गोवा एवं देहरादून के बीच सीधी फ्लाइट चलने से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा हमने इतिहास को संवार कर अपने यहां पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया है। पर्यटन के क्षेत्र में दोनों राज्य और अधिक आगे बढ़े इसके लिए यहां के आमजन होटल व्यापार एवं अन्य व्यापारियों से जुड़े लोगों का भी विशेष सहयोग चाहिए होगा। सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे तथा निदेशक पर्यटन गोवा सुनील अचिंपका ने एमओयू से संबंधित जानकारी देने के साथ पर्यटन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी भी दी।
समझौता ज्ञापन के तहत पर्यटकों की सुविधा के लिये गोवा से उत्तराखण्ड के लिये एक से अधिक सीधी उडान कनेक्टिविटी सुविधा पर ध्यान देने, गोवा एवं उत्तराखण्ड की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत से पर्यटकों को परिचित कराने के लिये सांस्कृतिक आदान प्रदान के कार्यक्रमों, रोड शो, आपसी पर्वों के आयोजन, स्थानीय व्यंजनों, लोक संस्कृति हस्त शिल्पों को प्रदर्शित करने के अवसर पैदा करने के प्रयास किये जायेंगे। विभिन्न पर्यटन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पैकेजों के अन्वेषण पर दोनों पक्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे। दोनों राज्य पर्यटन के क्षेत्र की बेस्ट प्रेक्टिस को भी साझा करेंगे।
साहसिक पर्यटन गतिविधियों में दोनों राज्य प्रमुख साहसिक गतिविधियों जैसे वाटर स्पोर्ट्स एयरो स्पोर्ट्स और भूमि आधारित गतिविधियाँ जिन्हें संयुक्त रूप से विकसित और बढ़ावा दिया जायेगा। साहसिक पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने के लिए राज्य निजी क्षेत्र एवं युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जायेगा। पैराग्लाइडिंग, स्काई डाइविंग, हॉट एयर बैलून, स्कीइंग आदि भूमि आधारित गतिविधियां माउंटेन बाइकिंग ट्रेकिंग/हाइकिंग, सभी टेरेना मोटर बाइकिंग, बजी गाडेस्टिनेशन जैसे टिहरी नैनीताल बौर जला उत्तराखंड में नानकमत्ता और अन्य जल निकाय क्षेत्रों में सम्भावनायें तलासी जायेगी। इन गतिविधियों में एयरो स्पोर्ट्स पावर्ड हैंग ग्लाइडर शामिल वाटर स्पोर्ट्स पैरासेलिंग, स्कूबा डाइविंग ना चलाना व्हाइट वाटर राफ्टिंग जेट बोट्सवर जेट्स वॉट्स, फ्लाई बोर्डिंग, वॉटर गोवा के जल क्रीड़ा के साथ-साथ जल क्रीड़ाओं के लिए संयुक्त रूप से विकसित और प्रचारित किये जाने पर भी ध्यान दिया जायेगा।
इको टूरिज्म के क्षेत्र में दोनों राज्यों में कई राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव है अभयारण्य जिन्हें इकोटूरिज्म के रूप में बढ़ावा दिया जा सकता है आध्यात्मिक पर्यटन उत्तराखंड कई महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थ स्थलों जैसे चार धाम यात्रा का घर है कि गांव में कई प्राचीन पर्य और मंदिर हैं। दोनों राज्य संयुक्त रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए रणनीति के लिए संयुक्त रूप से काम कर सकते हैं जिसे संयुक्त रूप से बढ़ावा दिया जा सकता है। वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में उत्तराखंड में आयुर्वेदिक और योग के क्षेत्र में बडी संभावनायें हैं, जबकि गोवा में कई स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट है जिन्हें संयुक्त रूप से बढ़ावा दिया जा सकता है।
इसी प्रकार विरासत पर्यटन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड और गोवा दोनों का औपनिवेशिक इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थान है, जिसके लिए संयुक्त प्रचार रणनीति पर काम किया जा सकता है। मानव संसाधन विकास, दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे और पर्यटन के क्षेत्र में ज्ञान और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने की दिशा में भी सहयोगी बनेंगे।
इस अवसर पर अध्यक्ष होटल एसोसिएशन सुनील साहनी के साथ गोवा एवं उत्तराखण्ड के विभिन्न पर्यटन व्यवसायी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

उत्तराखंड को नए फिल्म इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं अभिनेता अक्षय कुमार के बीच उत्तराखंड को नए फिल्म इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य दिन प्रतिदिन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक नए शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को एक बड़े फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके लिए नई फिल्म नीति पर भी कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा फिल्मांकन के लिए फिल्मकारों को अनेकों सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मंगलवार को उन्हें श्री केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन का सुअवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं के प्रति भी राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया।

राजस्व प्राप्तियों के लिए प्रत्येक माह का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश

विभागों को राजस्व प्राप्तियों के लिए प्रत्येक माह का जो लक्ष्य मिला है, सभी विभाग उस लक्ष्य को हासिल करें, तभी राजस्व प्राप्ति का वार्षिक लक्ष्य हासिल कर पायेंगे। राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभागों को ऑनलाईन सिस्टम पर और अधिक कार्य करने की जरूरत है। जीएसटी से राजस्व प्राप्तियां और बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए लोगों को बिल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राजस्व प्राप्ति के सम्बंध में बैठक लेते हुए अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। विभागों को इसके लिए आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। जिन क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुरूप राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, इसके कारणों का गहनता से अध्ययन कर उसका उचित समाधान निकाला जाए। पूंजीगत व्यय पर विशेष ध्यान दिया जाए। विभागों को विभिन्न क्षेत्रों में जो पिछले सालों की रिकवरी करनी है, इस दिशा में ध्यान दिया जाए। खनन के क्षेत्र में राजस्व वसूली के लिए मजबूत ऑनलाईन सिस्टम बनाया जाए। वन क्षेत्रान्तर्गत के बरसाती नालों को चिन्हित कर चौनेलाइज करने की दिशा में ध्यान दिया जाए। वन सम्पदाओं के बेहतर उपयोग की दिशा में वन विभाग को और सुनियोजित तरीके से कार्य करने की जरूरत है। वन सम्पदा के बेहतर उपयोग के लिए क्या नवाचार हो सकते हैं, इस दिशा में कार्य किये जाएं। वन पंचायतों के माध्यम से मेडिसिनल प्लांट के क्षेत्र में कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में यूपीसीएल एवं यूजेवीएनल को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है। बिजली चोरी को पूर्णतया रोकने के लिए कारगर प्रयासों की जरूरत हैं। इसके लिए सूचना आधारित प्रणाली और विकसित करने पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा हर माह की जायेगी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, एच.सी. सेमवाल, विनोद रतूड़ी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे ऑडिटोरियम हाथीबडकला में प्रदेश भाजपा कार्य समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा ही हमारे संगठन का संकल्प रहा है और ये हमारी कार्यशैली व संस्कारों से प्रतिबिंबित भी होता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा निर्देशन में एक ओर जहां भारत राष्ट्रीय स्तर पर विकास की नई-नई ऊंचाईयों को छू रहा है, वहीं वैश्विक स्तर पर एक सशक्त, सामर्थ्यवान और आत्मनिर्भर देश के रूप में नई पहचान प्राप्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक चेतना के पुनरोत्थान का कालखंड है और आज का नया भारत पुनः विश्वगुरु के स्थान पर आरूढ़ होने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज सनातन का जयघोष चारों दिशाओं में सुनाई दे रहा है। पूरे विश्व में सनातन सभ्यता का परचम लहरा रहा है और उसके ध्वजवाहकों व तीर्थों का सम्मान किया जा रहा है। आज हमारे पौराणिक मंदिरों और तीर्थ स्थानों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। हमारे मंदिरों और देव स्थानों की उपेक्षा की गई, सनातन पद्धतियों का उपहास उड़ाया गया। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अभूतपूर्व गति से भारत का सांस्कृतिक पुनरुत्थान हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की अस्मिता के प्रतीकों, हमारे ऋषियों और धर्म गुरुओं, हमारी सांस्कृतिक धार्मिक-धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है इसकी व्याख्या शब्दों में संभव नहीं है। यह कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के उन्नयन की दृष्टि से स्वर्णिम कालखंड है। कोरोना महामारी के दौरान सम्पूर्ण विश्व ने इस उभरते हुए नए भारत की शक्ति को नजदीक से देखा और जाना। जब विदेशों को भारत द्वारा बनाई गई वैक्सीन प्रदान कर रहे थे, तो उन्हें दिए जाने वाली वैक्सीन के हर डिब्बे में लिखा रहता था ’’सर्वे संतु निरामयाः’’ अर्थात सभी निरोगी होएं। यही तो हमारी राष्ट्रनीति है, जहां ’’स्वः’’ के साथ-साथ ’’सर्व’’ के कल्याण की भी कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गौरवमय मार्ग को प्रशस्त करने के लिए जिस ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास और सबका प्रयास’’ का मंत्र दिया है उसने देश की राजनीति की दिशा और दशा को बदलने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ की गई गरीब कल्याण योजनाओं ने अंतिम पायदान पर खड़े हुए प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि देश में नोटबंदी लागू कर काले धन पर चोट करना हो, कश्मीर से धारा-370 हटाने जैसा ऐतिहासिक कार्य हो, देश में जीएसटी जैसा कानून लागू करना हो, पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उसके दांत खट्टे करना हो या कोरोना काल का दुर्भाग्यशाली लॉकडाउन हो, देश की जनता हमेशा प्रधानमंत्री जी के साथ खड़ी रही। देश में दशकों से गरीबी हटाओं के नारे तो खूब दिए गए लेकिन गरीबी हटाने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। आज जब हम पद्म सम्मानों की सूची देखते हैं तो उसमें कोई बड़े-बड़े सैलिब्रिटी नहीं बल्कि दूर दराज के क्षेत्रों में समाज के लिए काम करने वाले आम नागरिक होते हैं। चाहे देश की आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर तिरंगा यात्रा हो या दशमेश गुरू गोविंद सिंह साहब के चारों पुत्रों के बलिदान को ’’वीर बाल दिवस’’ के रूप में मनाने का कार्य हो, प्रधानमंत्री की महान सोच प्रत्येक कार्य में दृष्टिगोचर होती है। आज प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में देश जहां विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, वहीं वैश्विक कूटनीति के मंच पर भी विश्व में भारत अग्रणी देशों में गिना जाता है, रूस और यूक्रेन युद्ध के समय हमारे द्वारा उठाए गए कदमों से यह बात परिलक्षित होती है। ’’अंत्योदय के साथ-साथ ’’सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’’ का मंत्र आज देश की मूल प्रेरणा बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही वर्ष में तीन बड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जी-20, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, शंघाई सहयोग संगठनों की अध्यक्षता मिलना बताता है कि भारत ने दुनिया को अपनी ताकत का लोहा मनवा लिया है। यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है कि इस वर्ष जी-20 से संबंधित कुछ बैठकें हमारे प्रदेश में भी निर्धारित हैं, जिसमें से जी-20 की बैठक रामनगर में सकुशल संपन्न भी हो चुकी है। इस माह भी ऋषिकेश और नरेंद्रनगर में जी-20 की बैठकें होनी है, जिसके लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहे हैं। यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व का ही कमाल है कि उत्तराखंड को भी जी-20 की मेजबानी करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से अंत्योदय की भावना को आत्मसात करते हुए ही हमारा प्रदेश भी सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की दौड़ में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हमने उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का जो ’’विकल्प रहित संकल्प’’ लिया है, उसके लिए हम निरंतर कार्यरत हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों पर किए गए प्रहार से लेकर समान नागरिक आचार संहिता, धर्मांतरण कानून, महिला आरक्षण, भू-कानून, देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाने और गरीबों को तीन निःशुल्क सिलेंडर देने और देवभूमि में बरसो से पनप रहे अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई जैसे कठिन मुद्दों पर हमारे द्वारा उठाए गए ’’ऐतिहासिक कदम’’ इस बात का प्रमाण हैं कि आज हमारी सरकार प्रदेश हित में ऐसे मुद्दों पर भी निर्णय लेने का कार्य कर रही है, जिन मुद्दों को वर्षों तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। यह डबल इंजन सरकार का ही प्रभाव है कि केन्द्र ने उत्तराखंड को मिलने वाले वार्षिक अनुदान को बढ़ाकर लगभग ग्यारह हजार करोड़ रूपये कर दिया। इस समय हमारे प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से लगभग सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं सफलता पूर्वक संचालित की जा रही हैं। पहले केवल योजनाएं बनाई जाती थी, परन्तु अब योजनाएं बनाई जाती हैं और उनको लागू भी किया जाता है। डबल इंजन की सरकार आने के बाद विकास का यही इंजन आज मैदान से लेकर पहाड़ तक सरपट दौड़ रहा है। हमने पहाड़ में रेल का सपना देखा था, वह सपना प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जल्द ही पूरा होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पूर्व देवभूमि में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का जिस तरह विस्तार हुआ है, वह विपक्ष के राज में संभव नहीं था। 2014 से पूर्व की सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। 2014 के बाद देश में हर साल एक नए आईआईटी का निर्माण हुआ, एक नया आईआईएम बनाया गया। 2014 के बाद हर सप्ताह देश में एक यूनिवर्सिटी खोली गई। 2014 के बाद आज हर दिन देश में दो कॉलेज खोले गए हैं। हर दिन नई आईटीआई का निर्माण किया जा रहा है। यह सब बीते नौ वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ही संभव हो पाया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड की पाँचों लोकसभा सीटों पर हमारे सांसद हैं, 2024 के चुनावों में हमारा संकल्प इन पाँचों सीटों पर विजय प्राप्त करना ही नहीं है बल्कि पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए एक नए इतिहास की रचना करना भी है। हमें 2024 के इस पुण्य अभियान में ठीक उसी तरह जुटना है जिस प्रकार भगवान श्रीराम के संकल्प की पूर्ति के लिए नल, नील, सुग्रीव, जामवंत, हनुमान व लक्ष्मण ही नहीं बल्कि एक छोटी सी गिलहरी भी पूर्ण समर्पण के साथ कार्य में जुटी हुई थी। 22 वर्ष का युवा उत्तराखंड अब एक नए जोश और एक नई उमंग के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें बाबा केदार की धरती से प्रधानमंत्री जी द्वारा कहे गए कथन ’’21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक होगा’’ को चरितार्थ करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लेना है।एक नई कार्य संस्कृति और सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के मंत्र को लेकर हमारी सरकार प्रदेश में पूर्ण सुशासन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी को पार्टी द्वारा निर्धारित सात सूत्रों का पालन करना आवश्यक है, वे सूत्र हैं सेवा भाव, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदना और संवाद। ये सात सूत्र जब हम सभी के जीवन से जुड़ेंगे, तभी हम समाज को, संगठन को और देश को आगे ले जाने का कार्य करने में सफल हो सकेंगे। हमने हमेशा संघर्ष किया है और ये संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े हुए गरीब व्यक्ति तक विकास की धारा न पहुंच जाए। जब तक भारतवर्ष पुनः सोने की चिड़िया न बन जाये, जब तक भारतवर्ष पुनः विश्वगुरु न बन जाये, तब तक हमें संघर्ष करते रहना पड़ेगा इस संघर्ष से घबराना नहीं है, संघर्ष को अपनाना है और संघर्ष करते हुए आगे बढ़ते जाना है।

कांग्रेस ने पूर्व सीएम एनडी तिवारी को भुलाया, तो धामी ने किया सम्मान

रुद्रपुर। राजनीति के पुरोधा रहे पं. नारायण दत्त तिवारी भले ही आज इस दुनिया में नही हैं। लेकिन आज भी उनके चाहने वाले या समर्थकों की कमी नही है। साल 2002 से 2007 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे तिवारी को कांग्रेस ने भुला दिया हो लेकिन उनके कामों को सम्मान देने का काम किया है सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने।

उत्तराखंड की सियासी पिच पर धुआंधार बैटिंग कर रहे पुष्कर सिंह धामी इस बात से भली भांति परिचित है कि राज्य में सिडकुलों की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसे किसी भी स्तर पर नकारा नहीं जा सकता है। इसके साथ ही धामी यह बात भी जानते है कि आज भी राज्य के बड़े स्तर पर पार्टी के इतर तिवारी समर्थकों का बड़ा वर्ग है। नैनीताल सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तिवारी तराई क्षेत्र में भी खासा लोकप्रिय रहे हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राजनीतिक रुप से साहसिक फैसला लेते हुए पंतनगर सिडकुल को उनके नाम पर रखे जाने की घोषणा की थी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के पद चिन्हों पर चलते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी उन पंक्तियों को भी चरितार्थ भी किया है जिसमें उन्होंने कहा था…….. सत्ताएं तो आती जाती रहेंगी ………..लेकिन व्यक्ति के कार्य और उसके साहसिक फैसले हमेशा याद रखे जायेंगे। जिन पंडित नारायण दत्त तिवारी को अब तक किसी भी सरकार ने सम्मान नही दिया और अपने नेता को भुला चुकी कांग्रेस गुटबाजी के भंवर में फंसी हुई है। ऐसे समय में सीएम धामी ने तराई में उनकी प्रतिमा का सिर्फ अनावरण ही नही किया बल्कि कार्यक्रम में ऐसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बुलाकर उनका सम्मान भी किया।

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लिये गये मुख्यमंत्री धामी के इस साहसिक फैसले की राज्य में ही नही राज्य से बाहर भी राजनीतिक गलियारों में खूब सराहना हुई। वहीं अपना और अपने नेता का सम्मान होते देख कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेसी नेता भावुक नजर आये और दिल खोलकर सीएम धामी की प्रशंसा की। यही नहीं नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिन्दाबाद के नारे लगाकर उपस्थित जनसमुदाय को अंचभित भी कर दिया। ऐसे मौके राज्य में कम ही देखने को मिले है कि विपक्षी नेता सत्तासीन नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगाये। कांग्रेस नेता का यह वीडियो कुछ ही पलों में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो गया। जिस पर खूब सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सोशल मीडिया यूर्जस ने सीएम धामी के नेतृत्व क्षमता और फैसले की खूब तारीफ की। निकाय और लोकसभा चुनाव से ऐन पहले लिए गये सीएम धामी के इस फैसले से उत्तराखंड कांग्रेस सकते में है।

राज्य की सियासत में कई मिथकों को तोड़ चुके सीएम धामी ने अपने फैसलों से सभी को अपनी मुरीद बनाया हुआ है। विपक्ष के विधायकों के साथ विकास कार्यों को लेकर बैठक हो या फिर बड़े नेताओं के साथ तमाम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा। यही वजह है कि धामी का विरोध करने के बजाय कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत, प्रीतम सिंह, हरीश धामी भी समय-समय पर उनकी तारीफ करते हुए नजर आते हैं।

राजस्व प्राप्ति में वन क्षेत्र की योजनायें बनाई जाये-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व वृद्धि के सम्बन्ध में संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने विभागों को राजस्व प्राप्ति के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खनन विभाग एवं खनन कार्य में लगी एजेन्सीज जीएमवीएन, केएमवीएन एवं वन विकास निगम को सभी स्लॉट संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पारदर्शिता लाने हेतु ई-निविदा के माध्यम से आबंटन कर लगातार अनुश्रवण किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में 72 प्रतिशत वन क्षेत्र होने के कारण इसमें राजस्व प्राप्ति के लिए अत्यधिक सम्भावनाएं हैं। वनों से होने वाली आय को बढ़ाए जाने हेतु इमारती लकड़ी के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में भी कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म और जड़ी-बूटी के क्षेत्र में भी रोजगार सृजन की अत्यधिक सम्भावनाएं है। इस दिशा में लगातार कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को मोटर साईकिल दस्तों को अधिक से अधिक बढ़ावा दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वाहनों की नीलामी ई-नीलामी के तहत की जाए। उन्होंने एएनपीआर कैमरों के लिए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, वन एवं खनन को एक एकीकृत तंत्र विकसित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, राज्य कर विभाग को खूफिया प्रणाली को और मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। बिल लाओ ईनाम पाओ योजना को लगातार जारी रखा जाए, इससे आमजन में बिल जीएसटी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने आबकारी विभाग को भी निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किए जाने हेतु तेजी से कार्य किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।