सीएम धामी से मिलने पहुंचे नन्हे मुन्ने बच्चे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को मुक्तेश्वर पहुंचे, जहां वह कुमाऊं मंडल विकास निगम मुक्तेश्वर में पहुंचे थे कि केंद्रीय विद्यालय मुक्तेश्वर के तीन नन्हे मुन्ने बच्चे मुख्यमंत्री से आकर मिले। अपने बीच मुख्यमंत्री को देख बच्चे काफी उत्साहित थे, केंद्रीय विद्यालय में कक्षा छठी की छात्रा करुणा और कक्षा तीसरी की छात्रा रुचि और कक्षा एक के छात्र शैलेश पांडे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान सीएम धामी भी बच्चों को देख काफी प्रफुल्लित हुए उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना और उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। इस दौरान बच्चे सीएम से मिलकर काफी खुश नजर आए, उन्होंने सीएम धामी का ऑटोग्राफ भी लिया।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश, पीएम के मन की बात कार्यक्रम को अधिक से अधिक सुने लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का कल (रविवार) को 100वां संस्करण प्रसारित होने जा रहा है। ऐसे में राज्य में भी अधिकाधिक लोग पीएम की मन की बात सुन सकें इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई में कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गये ’मन की बात’ का कल 100वां संस्करण प्रातः 11 बजे प्रसारित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उन लोगों का विशेष उल्लेख करते हैं जो कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे तमाम +-लोग देश के कोने-कोने में हैं और अपने कार्यों से अलग पहचान बनाते हुए समाज को दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के बारे में जानकारी और उनके कार्यों के बारे में जानकारी इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा दी जाती है। इसके अलावा छात्रों के के लिये भी यह जानकारी बहुत उपयोगी होती है और पूर्व में छात्र और शिक्षक तथा आमजन इस कार्यक्रम को सुनते रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कल प्रसारित होने वाले कार्यक्रम का 100वां संस्करण कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल सभी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि में इस कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था की जानी है।

क्लस्टर विद्यालयों में जरुरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के साथ क्लस्टर विद्यालय के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित क्लस्टर विद्यालय शिक्षण अधिगम को गुणवत्तापरक एवं रूचिकर बनाने के उद्देश्य से पठन-पाठन से सम्बन्धित मूलभूत सुविधायें विकसित कर उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन क्लस्टर विद्यालयों में समुचित मात्रा में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल के लिए आने वाले समय में अधिकतम छात्र संख्या के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार किया जाए। क्लस्टर स्कूल में समुचित अध्यापक, कक्षाकक्ष, पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब और अन्य प्रयोगशालाओं आदि की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों में छात्रों के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन कर उन्हें छात्रों को आवागमन का किराया किस रूप में देना है इसके लिए भी अधिकृत किया जाए। इस समिति में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक आदि सम्बन्धित सभी विभागों का प्रतिनिधित्व रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे स्कूल, जो अत्यधिक दूर हैं और बच्चे इतने दूर आना जाना नहीं कर सकते, के लिए आवासीय स्कूलों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि आवासीय स्कूलों को पर्वतीय जनपदों के छोटे शहरों में खोला जा सकता है। ऐसे में उन आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों को अपने परिवार के साथ रहने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में एक नहीं बल्कि 5 से 7 आवासीय विद्यालय होने चाहिए। वर्तमान में संचालित आवासीय विद्यालयों में हॉस्टल की सुविधा को और बढ़ाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध हो इसके लिए अच्छे सुझावों को लगातार अपनाने की आवश्यकता है।
सचिव रविनाथ रमन ने बताया कि प्रदेशभर में माध्यमिक स्तर पर कुल 559 विद्यालयों को क्लस्टर विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार प्राथमिक में 603 और पूर्व माध्यमिक में 76 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है। सभी विद्यालयों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
इस अवसर पर महानिदेशक माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा योगेन्द्र यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ऋषिकेश एम्स में यूथ-20 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में युवा कार्यक्रम और खेल, मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत 5 मई, 2023 को एम्स, ऋषिकेश में आयोजित होने वाले यूथ-20, जो कि भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 सम्मेलन का हिस्सा है, की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान बताया गया कि यूथ-20 इण्डिया शिखर सम्मेलन में देश के सभी राज्यों सहित विश्वभर के युवा प्रतिभाग करेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन उत्तराखण्ड में आयोजित हो रहा है। इसे देश और प्रदेश की छवि को दुनियाभर में प्रस्तुत करने का अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए। उत्तराखण्ड एक पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुन्दरता को देश और विदेश तक पहुंचाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों का स्वागत और रहने आदि की व्यवस्था उचित प्रकार से की जानी चाहिए। देश और विदेश से आने वाले सभी प्रतिभागियों को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों में हेल्प डेस्क उपलब्ध करायी जाए, ताकि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने पर्यटन, कृषि और उद्योग विभाग को कार्यक्रम के दौरान स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के समापन के बाद जब वे यहां से जाएं तो उनके मन में प्रदेश और यहां की कला एवं संस्कृति की एक अच्छी छवि जाए। चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश में कार्यक्रम आयोजित होने से प्रतिभागियों को जाम जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े इसके लिए विशेष प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने प्रतिभागियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव सी. रविशंकर, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित एम्स, ऋषिकेश के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आपरेशन कावेरी के तहत उत्तराखंड के 11 और लोगों ने की वापसी

सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को “आपरेशन कावेरी” के तहत भारत लाए जा रहे निकासी अभियान में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के विमान में उत्तराखंड के 11 लोग भी वापस नई दिल्ली पालम एयरपोर्ट पहुंचे। नई दिल्ली पहुंचने पर इन 11 लोगों का उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा और सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी मनोज जोशी, अमर बिष्ट ने स्वागत किया।
इस ग्रुप में गिरीश गरकोटी, अब्बल सिंह, भोला सिंह पंवार, अरविंद प्रसाद गैरोला, विनोद रावत, कुलदीप सिंह, गणेश सिंह, राजेश सिंह, बॉबी सिंह, नरेश कुमार और बिनोद कुमार सिंह शमिल हैं। इसके अलावा 3 और उत्तराखंडवासियों को कल देर रात्रि मुंबई एयरपोर्ट में उत्तराखंड के प्रतिनिधि चंद्रशेखर लिंगवाल द्वारा उत्तम सिंह रौतेला, प्रशांत कुमार चौधरी और योगेश को रिसीव किया गया। अभी तक “आपरेशन कावेरी” के तहत उत्तराखण्ड राज्य के कुल 24 लोगों को वापस लाया जा चुका है।

राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन देने का रास्ता साफ

राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों से इतर चिह्नित आंदोलनकारियों के आश्रित पति या पत्नी भी अब पेंशन के हकदार हो गए हैं।
यह पेंशन उन्हीं आश्रितों को मिलेगी, जिन आंदोलनकारियों की मृत्यु एक जून, 2016 से पहले हो चुकी है। उन्हें प्रतिमाह 4500 रुपये पेंशन देने का निर्णय लिया गया है। इन आश्रितों को अभी तक पेंशन के दायरे में नहीं लिया गया था।
अलग चिह्नित किए गए आंदोलनकारी, जिनकी मृत्यु एक जून, 2016 को पेंशन स्वीकृत होने का शासनादेश जारी होने से पहले हो चुकी है, उनके आश्रित पति या पत्नी को अब पेंशन मिलेगी। पहले यह आश्रित पेंशन 3100 रुपये प्रतिमाह थी। 17 दिसंबर, 2021 के शासनादेश में पेंशन राशि को बढ़ाकर प्रतिमाह 4500 रुपये किया गया है।

हजारों जनसैलाब ने नम आंखों से दी मंत्री चंदन राम दास को अंतिम विदाई

दिवंगत बागेश्वर विधायक व कैबिनेट मंत्री चन्दन राम दास को जनसैलाब ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई। प्रातः 10.45 बजे उनके आवास से भारी जन समूह के साथ निकली शव यात्रा जब तक सूरज चांद रहेगा, चन्दन तेरा नाम रहेगा व चन्दन अमर रहे जैसे नारों के साथ बाजार होते हुए बागनाथ सरयू घाट पहुंची। जहां पर राजकीय सम्मान व पुलिस टुकडी की मातमी धुन के साथ अंतिम विदाई दी गयी। दिवंगत कैबिनेट मंत्री चन्दन राम दास की चिता को उनके दोनों पुत्रों द्वारा मुखाग्नि दी गयी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, प्रेम चन्द्र अग्रवाल, सौरभ बहुगुणा, प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, विधायक सुरेश गढ़िया, विशन सिंह चुफाल, दीवान सिंह बिष्ट, भोपाल राम टम्टा, प्रमोद नैनवाल, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, जिलाधिकारी अनुराधा पाल, पुलिस अधीक्षक हिमांशु वर्मा ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक संवेदना प्रकट कर स्व0 चन्दन राम दास के आकस्मिक निधन को राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की। उन्होंने कहा स्व0 दास सहज व मृदुभाषी थे, उनका हमारे बीच से यो चले जाना दुखद है। यह समाज, राज्य व पार्टी के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हमेशा गरीबों व समाज के अंतिम छोर पर खडे व्यक्ति के लिए काम किया व जन आवाज को विधानसभा में प्रमुखता से उठाते थे। उन्होंने कहा उनके सपनों व संकल्पों को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार को उनके घर जाकर ढांढस बधाया।

इस दौरान विधायक सरिता आर्या, राम सिंह कैडा, मेयर जोगेन्द्र रौतेला, पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, जिलाध्यक्ष भाजपा इन्द्र सिंह फर्स्वाण, पूर्व विधायक शेर सिंह गडिया, महेश नेगी, ललित फर्स्वाण, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, अल्मोडा प्रकाश चन्द्र जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष गोविन्द सिंह बिष्ट, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र सिंह बिष्ट, संगठन मंत्री अजेय कुमार, ब्लॉक प्रमुख गोविन्द दानू, पुष्पा देवी, हेमा बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, देवकी नंदन जोशी, खंडक टगडिया, कुन्दन रैखोला, अपर जिलाधिकारी चन्द्र सिंह इमलाल, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 डीपी जोशी, उपजिलाधिकारी हरगिरि, मोनिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व जनसैलाब मौजूद रहा।

भगवान परशुराम के जीवन से मिलती है ऊर्जा-मंत्री अग्रवाल

परशुराम जयंती के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर लोगों को बधाई दी। साथ ही परशुराम जी के विचारों को आत्मसात करने का आवाहन किया। उन्होंने बताया कि साढ़े छह लाख रुपए परशुराम पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत किये हैं।
परशुराम चौक पर आयोजित कार्यक्रम में हवन पूजन कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि पुराणों में आठ महापुरुषों का वर्णन है जिन्हें अजर-अमर माना जाता है, उनमें परशुराम जी भी है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम विष्णु जी के दशावतारों में से छठवें अवतार है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि परशुराम जी को उनकी वीरता और पराक्रम के कारण जानते है। उनका शस्त्र एक फरसा था जो की महादेव द्वारा उन्हें वरदान में मिला था। वे त्रेता युग के ऋषि थे, जो की विष्णु भगवान् के अवतार थे। परशुराम जयंती का पर्व ज्यादातर ब्राह्मण और पंडित धर्म के लोगो द्वारा बहुत ही श्रद्धा से मनाया जाता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि परशु’ प्रतीक है पराक्रम का और ‘राम’ पर्याय है सत्य सनातन का। उन्होंने कहा कि परशुराम का अर्थ पराक्रम के कारक और सत्य के धारक। बताया कि शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, पिता जमदग्नि और माता रेणुका ने तो अपने पाँचवें पुत्र का नाम ‘राम’ ही रखा था, लेकिन तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्रसन्ना करके उनके दिव्य अस्त्र ‘परशु’ (फरसा या कुठार) प्राप्त करने के कारण वे राम से परशुराम हो गए।
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ। इसलिए परशुराम की शस्त्रशक्ति भी अक्षय है और शास्त्र संपदा भी अनंत है। विश्वकर्मा के अभिमंत्रित दो दिव्य धनुषों की प्रत्यंचा पर केवल परशुराम ही बाण चढ़ा सकते थे। यह उनकी अक्षय शक्ति का प्रतीक था, यानी शस्त्रशक्ति का।
इस मौके पर मेयर अनिता ममगाई, अध्यक्ष नगर पालिका देवप्रयाग कृष्ण कांत कोठियाल, अध्यक्ष नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष परशुराम महासभा राकेश शर्मा, महामंत्री महासभा सतीश दुबे, उपाध्यक्ष सन्दीप शास्त्री, पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, दिनेश सती, मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, इंद्र कुमार गोदवानी, जयंत शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, डॉ शशि कंडवाल, जयेंद्र रमोला, प्रेम शर्मा, प्रभाकर शर्मा, सुरेंद्र कैंतुरा, ओम प्रकाश शर्मा, दिवाकर चौबे, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, पूर्व सभासद सीमा रानी, कपिल शर्मा, आशुतोष शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्यारे लाल जुगलान ने किया।

यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त होने पर खुशी जताई

प्रदेश के चारों धामों में यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त किये जाने पर श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री धाम (हिमालय), उत्तरकाशी एवं समस्त रावल तीर्थ पुरोहितों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र प्रेषित कर आभार एवं कृतज्ञता प्रकट की।
अध्यक्ष श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री हिमालय रावल हरीश सेमवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित धन्यवाद पत्र के माध्यम से चारों धामों में यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त करने पर श्री 5 मंदिर समिति एवं समस्त रावल तीर्थ पुराहित की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने मां गंगा से मुख्यमंत्री के यश कीर्ति में सतत वृद्धि की भी प्रार्थना की।

कपाट खुलने के शुभ मुहुर्त में सीएम रहे मौजूद, पीएम के नाम पर कराई पहली पूजा

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान के साथ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए है। तय कार्यक्रमानुसार गंगोत्री धाम के कपाट सुबह 12 बजकर 35 मिनट पर और यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए है। अब अगले छह माह तक श्रद्धालु गंगोत्री में मां गंगा एवं यमुनोत्री धाम में मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। आज पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खरशाली, यमुनोत्री में पूजा अर्चना की। उसके बाद मां यमुना जी की उत्सव डोली को शनि देव की अगुवाई में खरशाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज मां यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। 25 अप्रैल को श्री केदारनाथ एवं 27 अप्रैल को श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का देव भूमि आगमन पर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से पुष्प वर्षा की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा हर्षाेल्लास के साथ होगी। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भगवान बद्री विशाल, बाबा केदार, मां यमुनोत्री एवं गंगोत्री की कृपा सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश एवं प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना भी की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में पूजा-अर्चना कर मां गंगा जी का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए देश विदेश से जो भी श्रद्धालु आएंगे उन्हे दर्शन कराए जाएंगे। चार धाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। राज्य में श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हरीश सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार को 12ः15 मिनट पर मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। रात्री विश्राम भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर में करने के उपरांत अगले दिन सुबह 8 बजे मां गंगा की उत्सव डोली गंगोत्री धाम पहुंची। जहां विधिविधान के साथ गंगा पूजन, गंगा सहस्त्रनाम पाठ एवं विशेष पूजा अर्चना के बाद सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग पर 12ः35 पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।
यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल ने बताया कि मां यमुना की डोली शनिवार सुबह अक्षय तृतीया के पर्व पर अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से प्रातः 8 बजे शनिदेव की अगुवाई में यमुनोत्री धाम को रवाना हुई। डोली 11 बजे यमुनोत्री धाम पहुंची। जहां पूजा अर्चना एवं हवन करने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिजीत मुहूर्त में 12ः41 पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिए गए है।
इस अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, एसपी अर्पण यदुवंशी, जिलाध्यक्ष बीजेपी सतेंद्र सिंह राणा, अध्यक्ष कॉपरेटिव बैंक विक्रम सिंह सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, श्रद्धालु एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।