रुद्रप्रयाग को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात

मौसम खराब होने के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग में आयोजित रक्षाबंधन एवं जनमिलन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्मय से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी बहनों को रक्षा बन्धन की शुभकामनायें दी तथा शीघ्र रुद्रप्रयाग पहुंचने का वादा कार्यक्रम में शामिल मातृशक्ति से किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को आठ घोषणाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अगस्त्यमुनि नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने, जनपद में तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भणज में आईटीआई खोलने, तुंगनाथ महोत्सव मक्कू को जिला स्तरीय मेला घोषित किये जाने, मयाली बसुकेदार गुप्तकाशी मोटर मार्ग का चौड़ीकरण-हॉटमिक्स किये जाने, गुप्तकाशी पीएचसी को उच्चीकृत कर सीएचसी बनाये जाने, महर्षि अगस्त्यमुनि मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, यात्रा मार्ग पर घोड़े एवं खच्चरों की अचानक मृत्यु होने पर दाह किए जाने एवं दफनाने की व्यवस्था बनाये जाने के साथ ही विजयनगर- पठालीधार मार्ग के हिस्से का पुननिर्माण किये जान हेतु 5 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न जनकल्याणकारी एवं महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं से हमारा प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं, स्वयं को, परिवार एवं राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में मातृशक्ति सबसे आगे हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पाद, मल्टीनेशनल कंपनी के उत्पादों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए उचित बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’ का शुभारंभ किया गया है। इस ब्रांड के उत्पादों की तेजी से मांग हो रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में दूसरी चरण की यात्रा को लेकर पूरी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही है। यात्रा को और सुगम एवं सुव्यस्थित बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। केदारघाटी आपदा के बाद फिर से पुराने स्वरूप में आये और केदारनाथ की यात्रा फिर से अच्छी तरह से संचालित हो तथा इसमें कोई व्यवधान न हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से कपाट बन्द होने तक चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाईन की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी एवं जो तीर्थ यात्री उत्तराखण्ड में चारों धामों के दर्शन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पायेंगे, उन्हें मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें किसी भी प्रकार की संख्या की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए ऑफलाईन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था हरिद्वार, ऋषिकेश एवं इसके अतिरिक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ के मुख्य पड़ावों पर भी की जायेगी। चारधाम यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग एवं चौकिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर उसे न्यूनतम किया जायेगा। इस वर्ष की यात्रा पूर्ण होते ही अगले वर्ष की यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। जल्द यात्रा प्राधिकरण के माध्यम से यात्रा संचालन के प्रयास किये जायेंगे, इसके लिए तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ या किसी दूसरे धाम के नाम पर कहीं भी देश में दूसरा मंदिर नहीं बनेगा। कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखण्ड के सभी मंदिरों का विकास किया जा रहा है। पर्यटन को बढावा देने के लिये 05 करोड तक की पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं पर 1.50 करोड की सब्सिडी दिये जाने का निर्णय भी राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है इससे पर्वतीय क्षेत्रों में होटल, होमस्टे सहित अन्य पर्यटन योजनाओं के विकास में मदद मिलेगी तथा युवाओं के लिये स्वरोजगार के अवसर बढेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में अगस्त्यमुनि एवं रिजेंटा रिसोर्ट ऊखीमठ में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने विधायक के हाथों में रक्षा सूत्र बांधकर मुख्यमंत्री को राखिया प्रेषित की।
विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी उपस्थित सभी महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को कार्यक्रम में प्रतिभाग करना था, लेकिन पल- पल बदल रहे खराब मौसम के कारण उनका पहुंचना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने सभी महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी बहनों की राखियाँ मुख्यमंत्री जी तक सुरक्षित पहुंचा दी जाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने केदारनाथ की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। साथ ही कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं केदारनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री केदारनाथ क्षेत्र में आकर स्थानीय महिलाओं एवं ग्रामीणों से रूबरू होंगे।
इस अवसर पर दायित्वधारी चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवाड़ी, भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल ने भी महिलाओं को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दी एवं सरकार द्वारा महिलाओं के हित चलाई जा रही योजनाओं तथा सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, एसएसपी लोकेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित बडी संख्या में महिलायें एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

रक्षा सूत्र बांधकर सीएम की दीर्घायु की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पर संत महात्माओं ने रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की है। मुख्यमंत्री ने संत महात्माओें का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। रक्षाबंधन के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवीन्द्र पुरी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतना नन्द महाराज तथा महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु तथा मंगलमय भविष्य की कामना की। इस अवसर पर संत समाज का मुख्यमंत्री ने आभार भी व्यक्त किया।

आपदा के दौरान अवरूद्ध हो रही सड़कों की अविलम्ब की जाए मरम्मत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा की। उन्होंने 30 अक्टूबर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त किये जाने के निर्देश देते हुए सड़क निर्माण सम्बन्धी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया प्रारम्भ कर मानसून के बाद हर हाल में 30 सितम्बर से निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा आपदा के दौरान अवरूद्ध हो रही सड़कों की अविलम्ब मरम्मत के भी निर्देश दिए हैं। सड़क मरम्मत के लिये अधिकृत जे.सी.बी. पर जी.पी.एस. व्यवस्था को प्रभावी बनाये जाने, पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के किनारे क्रस बेरियर के साथ पेड लगाने, तथा सड़कों पर डिवाइडर, रिफलेक्टर, साइनेज व लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण से जुडे ठेकेदारों तथा जे.सी.बी ठेकेदारों के लम्बित देयकों का अविलम्ब भुगतान के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिये सड़कों के निर्माण में तेजी लायी जानी होगी। इसके लिये टेण्डर एवं डी.पी.आर. तैयार करने में तकनीकि दक्षता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों आदि के निर्माण में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत निर्मित होने वाली सड़कों पर भी समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये है। ट्रॉली पर आवाजाही की निर्भरता कम करने के लिये इन स्थानों पर मोटर व पैदल पुलों के निर्माण में तेजी लाये जाने पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड के तैयार होने के बाद देहरादून शहर पर बढने वाले यातायात के दबाव की चुनौती का सामना करने के लिये रिंग रोड सहित शहर की प्रस्तावित अन्य सड़कों एवं एलिवेटेड रोड आदि की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन एवं तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके लिए रोड कनेक्टिविटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़कों के विस्तार के लिए हमें तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने पी.एम.जी.एस.वाई. की सड़कों की मरम्मत में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये इसकी स्पष्ट गाइड लाईन तैयार किये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि सुगम और सुरक्षित यातायात के साथ आमजन के जीवन को सहज, सुगम और समृद्ध बनाने में सड़कों का बडा योगदान रहता है। निर्माण कार्यों से इकोलॉजी के दुष्प्रभावों को कम करने के लिये सड़क निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट के उपयोग पर ध्यान दिये जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
सचिव लोक निर्माण डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रिस्पना एवं बिंदाल नदी पर एलिवेटेड रोड निर्माण, ऋषिकेश बाईपास, देहरादून मसूरी संयोजकता, देहरादून व हल्द्वानी शहर के लिए रिंग रोड आदि से संबंधित प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में सड़कों के निर्माण आदि की भी जानकारी दी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग डी. के. यादव, अधीक्षण अभियंता एन.एच.ए.आई. विशाल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

38वें राष्ट्रीय खेल की तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में राज्य में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों से सम्बन्धित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक सचिवालय में सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव रतूड़ी ने आज की बैठक में उत्तराखण्ड में पहली बार प्रस्तावित 38वें नेशनल गेम्स की तैयारियों के सम्बन्ध में देहरादून, हल्द्वानी, रूद्रपुर, हरिद्वार, टिहरी व पिथौरागढ़ में निर्धारित आयोजन स्थलों, स्टेडियम व खेल परिसरों के आसपास की सड़कों के नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण की तैयारियों तथा इस सम्बन्ध में चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करने जा रहे उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन तथा इस सम्बन्ध में गुजरात एव केरल राज्यों के मॉडल का अध्ययन करने, नेशनल गेम्स के आयोजन के दौरान सुरक्षा व कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन, नेशनल गेम्स के सम्बन्ध में प्रचार-प्रसार व जन जागरूकता हेतु नोडल अधिकारी नामित करने पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित नेशनल गेम्स हेतु आईस रिंक, अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, टेनिस कोर्ट व घुड़सवारी के मैदानों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास व रेनोवेशन कार्यों पर भी चर्चा की। बैठक के दौरान 38वें नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में खेल विभाग की सहायता के लिए एक स्पोर्टस प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट स्थापित करने तथा गेम्स मेनेजमेंट सिस्टम को संचालित करने के लिए एकीकृत स्पोर्टस पोर्टल व एप्प को डिजाइन व डेवलप करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, विशेष सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली सहित खेल विभाग व अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर किया जाएगा डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल

उत्तराखण्ड में किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने की दिशा में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राजस्व एवं कृषि विभाग को भारत सरकार के एग्री स्टैक प्रोजेक्ट को राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरा करने की डेडलाइन दी है। उन्होंने एग्री स्टैक प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए गाइड लाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में सभी किसानों की कृषक रजिस्ट्री को डिजिटल रूप से सत्यापित करने तथा राज्य के प्रत्येक किसान को एक यूनिक किसान आईडी प्रदान करने वाले महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में एग्री स्टैक प्रोजेक्ट का शत प्रतिशत कवरेज जल्द से जल्द पूरा करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक को लागू करने में स्थानीय समुदायों व किसानों को प्रशिक्षित करके उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा राजस्व बोर्ड को अपनी तैयारियां तत्परता से पूरी करने तथा कार्मिकों की कमी की दशा में अन्य विभागों के कार्मिकों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एग्री स्टैक में किसान की पहचान (आधार), भूमि रिकॉर्ड, कवरेज, आय, बीमा, ऋण, फसलों का विवरण तथा राजस्व रिकॉर्ड जैसी सभी सूचनाओं का स्टोरेज होगा। इस सम्बन्ध में सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई व विजुअल एनालिटिक्स की मदद से डाटा एकत्रित किया जाएगा। एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों तक सरकारी लाभों व योजनाओं की बेहतर, तीव्र व आसान डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एग्री स्टैक सिस्टम के माध्यम से किसान, सरकारी एजेंसियां, एग्रीटेक कम्पनियां तथा वितीय संस्थान सहित कृषि क्षेत्र के विभिन्न हितधारक एक साथ आएंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव एस एन पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार सहित कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम पहुंचे टिहरी, प्रभावितों से मिले, प्रशासन को हर संभव मदद करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी के आपदाग्रस्त क्षेत्र जखन्याली का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका ढ़ाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है। सरकार द्वारा प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस समय एक दूसरे का सहयोगी बनकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आपदा से जनहानि, पशु हानि एवं अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। आपदा के समय लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी को आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने तथा राहत कैंपों में सभी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। आपदा क्षति का आंकलन कर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य करने के भी निर्देश दिये हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में जन जीवन सामान्य बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी, विद्युत और पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी टिहरी मयूर दीक्षित ने जानकारी दी कि कल देर रात्रि जनपद टिहरी के घनसाली ब्लॉक के जखन्याली के पास बादल फटने से होटल बहने की सूचना प्राप्त हुई। घटना की सूचना प्राप्त होते ही राजस्व टीम, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत आदि विभागों की टीम जेसीबी, एंबुलेंस सहित मौके के लिए रवाना हुए। विद्युत विभाग द्वारा तत्काल शट डाउन किया गया। खोज बचाव एवं राहत टीम ने खोज बचाव शुरू किया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु हुई है। दो लोगों के शव रात्रि में बरामद कर लिये गये थे। एक घायल व्यक्ति ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आई आपदा में मुयालगांव में घनसाली -चिरबिटिया मोटरमार्ग को जोड़ने वाली पुलिया बहने, एक घोड़ा बहने की घटना एवं अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय,एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी मौजूद रहे।

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट कर सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला भेंट कर उन्हें लोकसभा अध्यक्ष के रूप में दूसरे कार्यकाल की बधाई व शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि लोक सभा अध्यक्ष के रुप में बिरला के अनुभव का लाभ सदन व सांसदों को मिलेगा एवं उनके कुशल नेतृत्व में सदन की कार्यवाही व्यवस्थित व सुगम रूप से संचालित होगी और हमारे देश का महान लोकतंत्र और अधिक सशक्त होगा।

गैर वानिकी परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण प्रस्ताओं को अनुमोदन करने का अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उन्हें पुनः पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके कुशल नेतृत्व में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नये कीर्तिमान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने भेंट के दौरान केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में जौलीग्रांट एयर पोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य गतिमान है। जिसके लिये वन विभाग की 87.0815 है0 भूमि का हस्तांतरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु जौलीग्रांट के आस-पास के क्षेत्रों की कुल 96.2182 हैक्टेयर भूमि में से 87.0815 है0 भूमि वन विभाग की भी अधिग्रहण की जानी है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार/वन विभाग के पक्ष में निर्णय पारित किया जा चुका है। न्यायालय के उक्त निर्णय के उपरान्त जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारण हेतु वन विभाग की उक्त 87.0815 है० भूमि नागरिक विभाग को हस्तांतरित करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं है।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि वर्तमान में जौलीग्रांट एयरपोर्ट से काठमाण्डू (नेपाल) के लिए वायुयान सेवा संचालित किये जाने के लिए निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। जिसके दृष्टिगत जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का दर्जा देने की कार्यवाही को गति देने की नितांत आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण एवं कब्जे की प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त भारतीय विमानपत्न प्राधिकरण द्वारा जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कर कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री से भेंट के दौरान यह भी अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड के विशिष्ठ भौगोलिक, सामरिक महत्व तथा पर्वतीय क्षेत्र में आम जनमानस को मूल भूत सुविधा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से भारत सरकार के उपक्रमों द्वारा कराये जा रहे गैर वानिकी परियोजना हेतु पूर्व की भांति राज्य में उपलब्ध ‘अधिसूचित अवनत वन भूमि’ में क्षतिपूरक वृक्षारोपण कराये जाने तथा इन सभी प्रयोजन के लिये गतिमान वन भूमि हस्तान्तरण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री को यह भी अवगत कराया कि जनपद रुद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ के अंतर्गत चोपता (तल्लानागपुर) में वर्ष 2014 से राजकीय पॉलिटेक्निक चोपता का संचालन किराए के भवन में किया जा रहा है। उन्होंने इसके दृष्टिगत राजकीय पॉलिटेक्निक चोपता की स्थापना हेतु पूर्व में राजस्व ग्राम कुंडा दानकोट में चयनित 2 हेक्टेयर वन भूमि को हस्तांतरण करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय पालीटेक्निक, चोपता की स्थापना हेतु उक्त क्षेत्र के अन्तर्गत कहीं भी गैर वन भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। राजकीय पालीटेक्निक, चोपता की स्थापना हेतु चयनित वन भूमि लगभग 8 वर्षों से संस्था को हस्तांतरित न होने के कारण संस्था का संचालन किराये के भवन में किया जा रहा है, जिससे संस्थान में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान नहीं हो पा रही है एवं वहां के नवयुवक/युवतियों को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने का उद्देश्य सफल नहीं हो पा रहा है। वन भूमि हस्तांतरण से पॉलिटेक्निक अपने भवन में संचालित हो सकेगा तथा छात्रों को सुविधा होगी।

रक्षा मंत्री से मिले सीएम धामी, की ये मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें राज्य की समस्त जनता की ओर से पुनः रक्षा मंत्रालय का दायित्व मिलने पर बधाई और शुभकामनायें दी।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से पर्यटन नगरी, नैनीताल में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों/श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग सुविधाओं के विकास के लिए नैनीताल स्थित रक्षा सम्पदा विभाग की भूमि को राज्य सरकार को उपलब्ध कराने पर सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नैनीताल विश्व में पर्यटन ही नहीं वरन् धार्मिक/आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है। जनपद नैनीताल में विश्व प्रसिद्ध बाबा नीब करौरी महाराज का आश्रम. श्री कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में अत्यधिक बढोत्तरी हो रही है। कैंची धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालु नैनीताल अथवा नैनीताल के समीपवर्ती क्षेत्रों में ही रुकते हैं।
नैनीताल में पार्किंग व्यवस्था के काफी सीमा तक समाधान के लिए मुख्य रूप से यह विकल्प संज्ञान में लाया गया कि नैनीताल नगर में नैनी झील से 2 किमी. की दूरी पर रक्षा सम्पदा विभाग की भूमि है, जिसका क्षेत्रफल 3 एकड़ है। यदि इस भूमि को पार्किंग हेतु उपलब्ध करा दिया जाता है तो नैनीताल में एक सीमा तक पार्किंग व्यवस्था की समस्या का समाधान हो जायेगा। इस स्थल को यदि बहुमंजिला पार्किंग के रूप में विकसित किया जाता है तो इसमें लगभग 1500-2000 तक वाहन पार्क हो पायेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यथा संभव सहयोग किए जाने के प्रति आश्वस्त किया।

मुख्यमंत्री घोषणा के तहत सीएम धामी ने दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा स्थित शहीद स्थल पर शैड के निर्माण हेतु 66 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकासखण्डवार हाईस्कूल एवं इंटर मीडिएट के टॉपर 5-5 छात्र-छात्राओं को भारत दर्शन-शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। पहले यह संख्या विकासखण्डवार 2-2 छात्र-छात्राओं की थी।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के घटक बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजनान्तर्गत शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, हुकम सिंह बोरा बालिका छात्रावास, अल्मोड़ा एवं औ. प्रशिक्षण संस्थान पाईन्स नैनीताल में छात्रावासों के निर्माण हेतु राज्यांश के रूप में 7 करोड़ 64 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की।