विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा करने के निर्देश

जिलाधिकारी विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा अवश्य करें। विधायकगणों के माध्यम से विकास कार्यों के लिए जो भी प्रस्ताव जिलाधिकारियों को प्राप्त होते हैं, उन्हें शासन में भेजने के बाद भी उस पर कार्य प्रगति की शासन से जिलाधिकारी अपडेट भी लेते रहें। जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। पत्रावलियों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए और न ही अनावश्यक आपत्ति लगाई जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा क्षेत्र अल्मोड़ा की विधानसभा क्षेत्रों के समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं का तीव्रता से समाधान हो सके, जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद स्थापित हो, इस उद्देश्य से विधानसभावार जनहित के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकांश जन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ही समस्याओं को मण्डल एवं शासन स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्याएं हैं। अधिकारियों को क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड कॉरिडोर के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ एवं चम्पावत जनपद को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की अनेक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नालियों की सफाई एवं झाड़ी कटान का कार्य नियमित हो, इसके लिए अभियान के तहत कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अलग से समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में और तेजी लाई जाए। जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएं। प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए विभागों द्वारा क्या कार्य किये गये हैं, इसकी भी जल्द समीक्षा की जायेगी।
बैठक में विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, पुल निर्माण के कार्य, विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता, बाढ़ नियंत्रण से संबधित कार्य एवं क्षेत्र की अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा जो भी समस्याएं रखी गई हैं, अधिकारी इन समस्याओं का त्वरित निवारण का प्रयास करें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, चन्दन रामदास, सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट विशन सिंह चुफाल, गंगोलीहाट फकीर राम, कपकोट सुरेश गढ़िया, रानीखेत प्रमोद नेनवाल, सल्ट महेश जीना, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश झा, रणजीत सिन्हा, एच. सी, सेमवाल, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विनीत कुमार, उदयराज, योगेन्द्र यादव, नवनीत पाण्डेय, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, संबंधित जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों के खाते में मुख्यमंत्री ने किया डिजिटल हस्तान्तरण

राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत आयोजित महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘एकल महिला संघर्ष से सशक्तिकरण की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एकल महिलाओं को सम्मानित भी किया। वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों को माह फरवरी के 01 करोड़ 89 लाख रूपये का डिजिटल हस्तान्तरण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है,वे हर जगह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपने आपको साबित किया है। आज प्रदेश के दुर्गम गांवों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। अपनी कौशल क्षमता के माध्यम से महिलाएं अपने परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मातृशक्ति को सशक्त बनाने में अनेक प्रयास हुए हैं। आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, हमारी नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। ये प्रयास आने वाले समय में और भी अधिक उत्साह के साथ जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का संपूर्ण लाभ देने के लिए तेजी से कार्य किया है। आज प्रदेश की समस्त माताओं और बहनों ने अपने अथक परिश्रम से जहां एक ओर आर्थिक रूप से अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है, वहीं देवभूमि की सभ्यता और संस्कृति को भी जीवंत रखा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार को मातृशक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम सरकार के सशक्त मातृशक्ति, सशक्त राज्य के संकल्प को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। राज्य में विधवा पेंशन में बढ़ोत्तरी की गई है। एकल महिलाएं जिस मजबूती के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, इसके लिए वे सराहना के पात्र हैं। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं हैं।
इस अवसर पर विधायक दलीप सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव एच. सी. सेमवाल, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती एवं मातृशक्ति मौजूद रही।

मोर्चा ने जम्मू और कश्मीर बनने से बचाने को आखिर क्यों दिया ज्ञापन

जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी नेतृत्व में तहसील घेराव/प्रदर्शन कर बेरोजगारों के आंदोलन को फंडिंग करने वाले व पत्थर बरसाने वाले पत्थरबाजों को चिन्हित कर इनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी, विकासनगर को सौंपा। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेगी ने कहा कि लगभग 20-25 दिन पहले एसएसपी/डीआईजी, देहरादून दिलीप सिंह कुंवर ने दावा किया था कि बेरोजगार आंदोलन को कुछ कोचिंग सेंटस व राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं द्वारा किसी खास मकसद से फंडिंग की गई, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई, जोकि अपने आप में एक सवालिया निशान खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि उक्त फंडिंग मामले का पर्दाफाश होना देशहित में बहुत जरूरी है। अगर इसी प्रकार फंडिंग के माध्यम से आंदोलन हुए तो उत्तराखंड जैसे प्रदेश को जे एंड के जैसा प्रदेश बनने में देर नहीं लगेगी। अगर आंदोलन में कोई फंडिंग नहीं हुई है तो डीआईजी का बयान निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है।
नेगी ने कहा कि फंडिंग के माध्यम से आंदोलन करने को उकसाने वाले व पत्थरबाजों के आकाओं/साजिशकर्ताओं पर भी रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। मोर्चा महासचिव आकाश पंवार व दिलबाग सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन की नाकामी के चलते बेरोजगारों पर लाठीचार्ज की नौबत आई, जिसकी मोर्चा घोर निंदा करता है एवं पुलिस-प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग सरकार से करता है।
घेराव/प्रदर्शन में विजय राम शर्मा, विनय कांत नौटियाल, हाजी असद, सलीम (मुजीब-उर-रहमान), बृजलाल टम्टा, के.सी. चंदेल, भजन सिंह नेगी, जयकृत नेगी, जयदेव नेगी, इदरीश, प्रवीण शर्मा पिन्नी, अमित जैन, रहबर अली, किशन पासवान, भगत सिंह नेगी, विक्रम पाल, मुकेश पसबोला, रूपचंद, शहजाद, राजेंद्र पंवार, नरेंद्र तोमर, आशीष सिंह, दीपांशु अग्रवाल, दिनेश राणा, इंतजार अली, अमित कुमार, गोविंद सिंह नेगी, सलीम मिर्जा, गुरविंदर सिंह, सुशील भारद्वाज, मनोज राय, संजय पटेल, कुंवर सिंह नेगी, संगीता चौधरी, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर, प्रमोद शर्मा, देव सिंह चौधरी, चौधरी मामराज, प्रवीण कुमार, मो. आसिफ, जयपाल सिंह, फकीर चंद पाठक, विनोद रावत, सुरजीत सिंह, मदन सिंह, संध्या गुलेरिया आदि मौजूद रहे।

देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सकुशल संपन्न हो चुकी हैं तीन परीक्षाएं

देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में धामी सरकार लागू कर चुकी है और इसके लागू होने के बाद से राज्य में तीन परीक्षाएं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न भी हो गई हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों को भरमाने वालों को सरकार के लगातार छात्र हितैषी कदम रास नहीं आ रहे। यही वजह है कि छात्रों पर अपना बस न चलता देख विघ्नसंतोषियों ने परीक्षाओं को लेकर तमाम तरह के भ्रम फिर से फैलाने शुरू कर दिए हैं।
ये पुष्कर सिंह धामी ही हैं जिन्होंने परीक्षाओं में विगत कई वर्षों से चल रही धांधलियों का न केवल खुलासा करने की हिम्मत जुटाई बल्कि किसी के दबाव में न आते हुए बड़े से बड़े को जेल के अंदर डाल दिया। अब तक 60 से ज्यादा लोगों को विभिन्न परीक्षाओं में जेल भेजने वाले धामी यहीं नहीं रुके उन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करते हुए देश का सबसे कड़ा कानून भी लागू करने में देर नहीं लगाई। जब विघ्नसंतोषियों और विरोधियों को लगने लगा कि यहां उनकी अब दाल नहीं गल रही तो उन्होंने पहले तो छात्रों को सीबीआई जांच के लिए बरगलाने का काम शुरू किया लेकिन राज्य के समझदार छात्र इस बात को समझ गए कि उन्हें केवल सीबीआई जांच के नाम पर मोहरा बनाया जा रहा है। जब छात्रों को भरमाने वालों को लगा कि अब तो उनकी राजनीति नहीं चल पा रही तो अबकी बार कनिष्ट सहायक भर्ती परीक्षा को लेकर ये फैला दिया कि परीक्षा के चारों सेट एक ही थे। यहां समझने की जरूरत है कि केवल सेट ही एक से आए। इससे कहीं ये साबित नहीं हो रहा कि परीक्षा में किसी तरह की कोई नकल हुई या फिर पेपर लीक हुआ लेकिन इस मामले को बेवजह अपना उल्लू सीधा करने के लिए कल से ही हवा देने के कुप्रयास किये जा रहे हैं। बता दें कि नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पीसीएस, कनिष्ठ सहायक व एक अन्य जो परीक्षा हुई उसमें कहीं भी कोई पेपर लीक, नकल होने जैसी बातें सामने नहीं आई। अब यही बात विघ्नसंतोषियों को हजम नहीं हो पा रही। छात्रों के बीच बैठे बेहरुपीये किसी भी तरह से अपने चेहरे को चमकाने और खुद को राजनीति में फिट करने के लिए कुछ भी करने को तैयार बैठे हैं जबकि युवा अब इनकी सारी बात समझ रहा है। वह समझ रहा है कि कौन चुनाव लड़ने की फिराक में उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री देंगे 824 एएनएम को नियुक्ति पत्र

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 824 ए.एन.एम. पदों की भर्ती पर लगी रोक को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के निर्णय के पश्चात सरकार शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने जा रही है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कोर्ट के फैसले के पश्चात बताया गया की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही आरंभ की जाएगी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिहं रावत द्वारा रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा बताया गया कोर्ट के निर्णय के बाद शीघ्र ही चयनित 824 ए.एन.एम. प्रदेश की स्वास्थ्य इकाइयों में नियुक्ति हो जाने से प्रदेश के चिकित्सा इकाइयों में आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में तेजी आएगी। ए.एन.एम. अस्पताल, स्वास्थ्य कार्यक्रमों व परियोजनाओं के अनुरुप मरीजों को सुरक्षित एवं कारगर देखभाल के लिए नियुक्त होंगे साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी सहयोग करेंगे।
ए.एन.एम. द्वारा सही तरीके से मरीजों को इलाज का ध्यान रखना है। मरीजों को समय समय पर दवाई देना एवं उन्हें देखभाल करना है। प्रथम उपचार, नुट्रिशन, सामान्य बीमारियों का उपचार प्रदान करना व बच्चों का टिकाकरण करवाना है तथा डॉक्टर के आदेशनुसार मरीजों को दवाई देना या मरीजों को दिए गए दवाइयों को लेने के लिए प्रोत्साहित करना है साथ ही आमजनमानस में जागरुकता को बढ़ावा देने का भी कार्य ए.एन.एम. द्वारा किया जाता है।

होल्यारों के बीच पहुंचे सीएम ने गांए होली के गीत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत के बनबसा एवं टनकपुर में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने होली को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का पर्व बताया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की होली अपने आप में विशिष्ट पहचान रखती है। होली में बड़े-छोटे का भेद नहीं रहता। सब एक समान रंगों में सराबोर होकर खुशी व आनंद से होली मनाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की बधाई देते हुए सभी की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि होली के रंगों की तरह सभी के जीवन में सात रंगीय हर रंग घुले रहे मिलें रहें, सभी के जीवन को सुखमय बनाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ शनिवार को चंपावत जिले के रामलीला मंच, डेविड पेंटर, हाईस्कूल गुदमी बनबसा एवं टनकपुर स्थित गांधी मैदान में पहुंचकर होली मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। होली मिलन कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष होली गायकों के साथ मिलकर विशेष रूप से लोहाघाट से आई महिलाओं, पुरुषों के साथ मुख्यमंत्री द्वारा होली गायन किया और होली के सराबोर में झूमें। उन्होंने टनकपुर गांधी मैदान में आए लोहाघाट के महिला एवं पुरुषों की होली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में प्रथम ऐसी होली होगी जो लोहाघाट के होल्यारों द्वारा गाई जाती है। हरेला क्लब सांस्कृतिक क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन करते रहता है इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। इस अवसर पर उन्होंने सभी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं से मिलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली रंगों का त्यौहार है इससे जीवन में खुशी बढ़ती है। होली हमारी संस्कृति एवं परंपरा है। सरकार ने हाल ही में पीसीएस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी, मां शारदा, गोल्जू के आशीर्वाद तथा यहां के लोगों के सहयोग से सरकार ने एक के बाद एक बड़े फैसले लिए है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून केवल और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है न कि किसी स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं के लिए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की नीतियां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में भी जो सुझाव आएंगे उन्हें भी हमारी सरकार आवश्यकतानुसार लागू करेगी। राज्य सरकार अंत्योदय के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ रही है। विकसित उत्तराखंड का जो स्वप्न हमने देखा है, उसके लिए हम एक विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा संकल्प है राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष तक उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना और यह हमारा ’’विकल्प रहित संकल्प’’ है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों के साल में 3 सिलेंडर मुफ्त में रिफिल किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में महिलाए, स्वयं सहायता समूहों के साथ ही विभिन्न माध्यम से अपनी आजीविका चला रही है और अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही है।
इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आए होली गायक स्थानीय जनता, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, टनकपुर विपिन कुमार लोहाघाट गोविन्द वर्मा, प्रदेश भाजपा मंत्री हेमा जोशी, विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, मंडल अध्यक्ष कमलेश भट्ट सहित जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सुन्दर सिंह, रिंकू बिष्ट सहित अनेक लोहाघाट रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता स्थानीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड जनजाति और अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा स्थित थारू विकास भवन में उत्तराखण्ड जनजाति एवं अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन 2023 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य जनजाति महोत्सव का आयोजन जो प्रतिवर्ष किया जाता है उसके लिये उत्तराखण्ड जनजाति शोध संस्थान से धनराशि दी जायेगी। खटीमा जनजातिय खेल प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने हेतु प्रतिवर्ष जनजातिय युवा खेल महोत्सव आयोजित किया किये जाने व ग्राम पहेनिया में देवा पोषक शारदा नहर क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण किया जायेगा तथा ग्राम लामाखेड़ा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि थारू समाज, हमारे लिए एक परिवार की तरह है और थारू समाज के उत्थान और कल्याण के लिए हमारी सरकार दिन रात कार्य कर रही है। उन्होने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार का मानना है कि थारू समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना हमारे देश और प्रदेश की उन्नति के लिए परम आवश्यक है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मूल मंत्र को लेकर कार्य रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार ने ही थारू समाज को उसका हक दिलाने का कार्य किया था और आज मोदी के नेतृत्व वाली सरकार थारू समाज सहित सभी जनजातियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें, 70 सालों में गरीबों का खाता नहीं खोल पाई, उनके जमाने में गरीब आदमी बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंच सकते थे अब जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक गरीब का बैंक में खाता खुलवा दिया तो अब वही लोग उनके खातों में पैसे जमा करने का वादा कर रही है। प्रदेश में विकास के रास्ते तभी खुलेंगे जब राष्ट्र सुरक्षित रहेगा। बीते वर्षों में देश में भी आतंकी घटनाओं पर लगाम लगी है ये है आपके एक वोट की ताकत का कमाल।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महान विजन के अनुरूप और उन्हीं के दिशा निर्देशन में हम प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हम विकसित उत्तराखंड का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर चल रहे हैं उसकी सिद्धि के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि हमारा मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जब हम सभी वर्ष 2025 में राज्य का रजत जयंती वर्ष मना रहे होंगे, तब हम सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड के सपने को साकार होता हुआ देखेंगे। उन्हे प्रसन्नता है कि प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति इस संकल्प की पूर्ति के लिए सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहा है। आज इस महासम्मेलन में आपका यह मुख्य सेवक आपको विश्वास दिलाता है कि मेरी सरकार उत्तराखंड में थारू समाज के विकास के लिए दिन-रात कार्य करती रहेगी। उन्होने नेपाल, बिहार, यूपी, धारचूला, मुनस्यारी, जौनसार, गदरपुर आदि कोने-कोने से आये थारू, बुक्सा, जौनसारी, आदिवासी लोगों का अभिनन्दन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने थारू समाज के साथ होली खेली व होली की शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने खटीमा में उत्तराखण्ड जनजाति एवं अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन 2023 के आयोजन हेतु शुभकामनाएं व बधाई दी। उन्होंने नेपाल देश से आये थारू समाज के लोगों का अभिनंदन करते हुये बधाई दी। उन्होंने कहा कि नेपाल से हमारा वैसे भी रोटी-बेटी का रिश्ता है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व धामी जी के नेतृत्व में सभी वर्ग क्षेत्र के लिये कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर नेपाल देश से आये पूर्व कैबिनेट मंत्री नारद मुनि, कृपा राम राणा, विधायक गोपाल सिंह राणा, थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सोनी राणा, अन्तर्राष्ट्रीय थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दीप नारायण, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी आदि उपस्थित रहे।

परीक्षा को लेकर सीएम ने दिये ये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल रविवार को उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली कनिष्ठ सहायक परीक्षा हेतु सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिये हैं कि कनिष्ठ सहायक परीक्षा हेतु सम्पूर्ण व्यवस्था का निरीक्षण कर लें। परीक्षा शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से हो इसका पूर्ण ख्याल रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले सभी परिक्षार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि वह सभी को विश्वास दिलाते हैं कि राज्य सरकार द्वारा नकल रोकने हेतु कड़े से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिये देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। किसी भी युवा साथी के भविष्य से खिलवाड़ नही होने दिया जायेगा।

श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा की महत्वूपर्ण भूमिका-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा पहुंचकर शिक्षा भारती आदर्श स्कूल के वार्षिक समारोह का शुभारम्भ किया। उन्होने शिक्षा भारती आदर्श स्कूल के वार्षिक समारोह के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आशा करता हूं कि ये संस्थान सफलता के नित-नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होने कहा आप लोगों के बीच आकर वे, अपने छात्र-जीवन की स्मृतियों में पहुंच गये हैं। बचपन का वो समय, वो दौर अलग ही था, रोज लगता था, हम ये बनेंगे हम वो बनेंगे आप लोगों को भी लगता होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं। एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति बचपन में जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार प्राप्त करता है उसी से उसका चरित्र निर्माण होता है। हम अपना कैसा कल चाहते हैं इसके लिए हमें अपने आज पर काम करना होगा और हमारा भविष्य कैसा होगा, यह हमारा वर्तमान तय करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा यह अपार हर्ष का विषय है कि इस स्कूल में आज उस भविष्य को गढ़ा जा रहा है जो कल के उत्कृष्ट उत्तराखंड और नए भारत का आधार बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व विकास कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान समय के अनुसार बनाई गई नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया, जिस पर राज्य द्वारा तत्परता से कार्य किया गया। नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से युवा कुशलता के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परख शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी, साथ ही इससे शोध एवम् अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है, यह संकल्प आपके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होने कहा कि शिक्षा भारती आदर्श सीनियर सेकण्ड्री स्कूल के प्रबन्धक द्वारा बताया गया कि वर्ष 2015 से 2019 और 2022 में खटीमा को टॉपर दिये है और हर वर्ष नीट, एनडीए, आईआईटी आदि प्रतिष्ठित परीक्षाओं में यहां के बच्चे निकलते हैं और विभागों में बड़े-बड़े पदों में भी कार्यरत है एवं विगत वर्ष भी विद्यालय के 2 छात्र सचिन चौबे व कवींद्र तिवारी आईएएस और आईईएस में चयनित हुए हैं।

सीएम का ऋषिकेश में भव्य स्वागत, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय कैंपस में 2519 लाख के कार्यो का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं० ललित मोहन शर्मा परिसार, के 2519.15 लाख लागत के शैक्षणिक, प्रशासनिक भवन का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय हेतु निर्धारित कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम पर आधारित “गढ़वाली भाषा एवं संस्कृति“ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। इससे पूर्व नकल विरोधी कानून बनाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नगर में एक रोड शो निकाला गया। जिसमें युवाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री का नगर में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं०ल०मो०शर्मा परिसर, ऋषिकेश में वर्तमान में स्नातक स्तर पर संचालित पाठ्यक्रमों (गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, संस्कृत, शिक्षा शास्त्र, संगीत) को स्नात्तकोत्तर स्तर पर संचालित किये जाने हेतु राज्य सरकार के स्तर से परीक्षण कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने पं०ल०मा०शर्मा परिसर, ऋषिकेश में स्नातकोत्तर स्तर पर संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों हिन्दी, इतिहास, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, भूविज्ञान एवं भूगोल में कार्यभार के अनुरूप भविष्य में पद सृजन किए जाने, विश्वविद्यालय परिसर के अधिकारियों एवं प्राध्यापकों हेतु विभिन टाईप के आवासों की डी.पी.आर बनाकर उस पर कार्य करने, ऋषिकेश क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का प्रेक्षागृह बनाए जाने पर भारत सरकार से आग्रह करने, ऋषिकेश क्षेत्र में पार्किंग हेतु स्थल का चयन एवं डीपीआर बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा प्रत्येक विधानसभा की प्रमुख 10 कार्य योजनाओं को राज्य सरकार गंभीरता के साथ उन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल द्वारा दिये गये ऋषिकेश के विकास से सम्बन्धित ज्ञापन के विभिन्न विषयों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय श्रीदेव सुमन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान, विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों के विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार किया। आज उच्च शिक्षा एवं देश की आजादी के लिए अदम्य साहस एवं सत्याग्रह के पर्याय श्रीदेव सुमन जी के विचारों से विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करने का कार्य विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ मापदंड स्थापित करने में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। उच्च शिक्षा व्यक्ति और समाज के निर्माण के साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्तराखंड में उच्च स्तरीय शिक्षा के माध्यम से उच्च कोटि के व्यक्तित्व का निर्माण करने में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की भूमिका एवम् प्रतिबद्धता, अभूतपूर्व है। विश्वविवद्यालय द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियां निश्चित रूप से विश्वविद्यालय के कुशल नेतृत्व और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व हमारी शक्ति और ज्ञान परंपरा से परिचित हो रहा है। आज पूरा विश्व युवाओं के सामर्थ्य से लाभान्वित होने के लिए लालायित है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत वे सभी विभिन्न क्षेत्रों में समाज को नेतृत्व प्रदान करेंगे। आज का नया भारत अपनी प्राचीन शैक्षणिक व सांस्कृतिक पद्धति को केंद्र में रखते हुए नए बदलावों की ओर अग्रसर है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप नई शिक्षा नीति को अपनाया है। जो देश के युवाओं के संपूर्ण विकास मे अपनी की नींव रखेगी। भारत आज विज्ञान आधारित गर्वनेंस मॉडल की ओर अग्रसर है, जिसमें इकोलॉजी और इकोनॉमी का उचित समन्वय समाहित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नकल विरोधी कानून को लागू किया जाना, उत्तराखंड के भविष्य यानि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह नकल विरोधी कानून स्कूल व कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए नही अपितु प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है। आपराधिक रूप से परीक्षाओं में नकल करवाने वाले लोगों को यह सरकार जेल के अंदर डालेगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में जी-20 की जिन 3 बैठकों का आयोजन होना है। उस दौरान हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का कार्य करेंगे। जी 20 के माध्यम से भारत लोकल टू ग्लोबल की दिशा में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ के स्वप्न को साकार करने हेतु उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार के ‘सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड‘ निर्माण के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ से 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिये प्रयासरत है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आगामी चार धाम यात्रा में पिछले वर्ष के मुकाबले और अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावनाएं हैं। जिसके लिए राज्य सरकार पूरी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि आप लोग भी सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।आगामी वर्षों में उत्तराखंड देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य हो, इस भावना के साथ हम सभी को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि नकल विरोधी कानून, सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसे फैसलों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में एक नया इतिहास बनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है पूरे प्रदेश में आज चौतरफा विकास कार्य हो रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर अनिता ममगाई, कुलपति प्रो० महाबीर सिंह रावत (श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड वि०वि०), अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग कुसुम कंडवाल, अपर सचिव उच्च शिक्षा प्रशांत आर्या, कुलसचिव खेमराज भट्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा रविंदर सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।