सत्र के पहले दिन विपक्ष का हंगामा, अभिभाषण के दौरान हल्ला और नारेबाजी की

विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन आज काफी हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले जहां एक ओर विपक्षी विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं सदन के भीतर राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी विधायक, अभिभाषण का विरोध करते हुए वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। कुल मिलाकर विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपने अभिभाषण को पूरा किया। राज्यपाल ने राज्य की विधानसभा के साल 2023 के पहले सत्र का अभिभाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि आज का पूरा कार्यक्रम जो हुआ है वो उनके लिए सौभाग्य का दिन है। साथ ही कहा कि गैरसैंण आने से उनको एक अलग ही खुशी हुई है। राज्यपाल ने कहा कि इस अभिभाषण में राष्ट्र के लिए, प्रदेश के लिए और जनहित के लिए क्या क्या कर रहे हैं उसको समाहित किया गया है।
इस दौरान राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ते रहे जिसमें उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण और अल्पसंख्यकों के बीच शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।
इस संबंध में, राज्यपाल ने राज्य की मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना का जिक्र किया जिसके तहत अल्पसंख्यक समुदायों की छात्राओं में ड्रॉपआउट (स्कूल छोड़ने) दर कम करने के उद्देश्य से समुदाय की मेधावी छात्राओं को अधिकतम 25,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हुनर ​​योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदायों के कौशल विकास पर नए सिरे से जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा, राज्यपाल ने वृद्धों, विधवाओं और शारीरिक रूप से दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन की राशि में वृद्धि, प्राचीन मंदिरों के आसपास पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण, अमृत सरोवर योजना के तहत जल निकायों का निर्माण और अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने जैसे राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का भी उल्लेख किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रतिभाग करने सीएम पहुंचे दिल्ली

गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए देर शाम दिल्ली पहुंच गये है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर राजनाथ सिंह द्वारा बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री धामी भाग लेंगे।
विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सीमांत राज्यों के अवस्थापना विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। जिसमें चीन सीमा से लगे राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार की शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बैठक में शामिल होने के बाद 15 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली से सीधा भराड़ीसैंण पहुंचेंगे।
दरअसल, उत्तराखंड राज्य चीन सीमा से लगा हुआ है। यह सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि केंद्र सरकार समय-समय पर उत्तराखंड राज्य के सीमांत गांव के लिए कई बड़े पहल करती रहती है। चाहे सड़कों के निर्माण की बात हो या फिर नई वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत गांवों को बेहतर ढंग से विकसित करने की बात हो, हर मामले पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।

हर लंबित मांग और समस्या का समाधान निकाल रहे युवा सीएम धामी

देवभूमि के लाल धामी तूने फिर कर दिया कमाल… यह लाइन आज उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक होने के बाद हुए एक बहुप्रतिक्षित निर्णय को लेकर कहा जा रहा है। राज्य आंदोलनकारियों को पिछले 12 वर्षों से आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा था। ऐसे में संवेदनशील मुख्यमंत्री धामी ने आज की कैबिनेट में ऐतिहासिक निर्णय लेकर साबित कर दिया कि जनहित के मुद्दों को लेकर धामी सरकार केन्द्र की मोदी सरकार की तरह संवेदनशील है।
केन्द्र की मोदी सरकार ने शायद पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया ही इस लिए है कि देवभूमि जब युवा अवस्था में होगा तो राज्य देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में ना केवल शुमार होगा, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करने वाला अग्रणी हिमालय राज्य भी होगा। मुख्यमंत्री धामी राज्य के विकास के लिए साहसिक निर्णय ले रहे है तो इस बात की तस्दीक भी हो रही है। वैसे भी इस बात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार देवभूमि आगमन पर खुले मंच से कह भी चुके है। ऊर्जावान युवा मुख्यमंत्री उसको चरितार्थ भी कर रहे है।

राज्य आंदोलनकारियों की हितैषी धामी सरकार
राज्य आंदोलन में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने वालों को राज्य सरकार कैसे भूल सकती है। यह कहना है मुख्यमंत्री धामी का। अपने पहले कार्यकाल में धामी सरकार ने अल्प समय में राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में वृद्धि की। उसके बाद जिला मुख्यालयों में वर्षो से बंद पड़ी चिन्हित प्रक्रिया की फाइलों को दुबारा से खुलवाया। उसके बाद राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिलाने के लिए सब कमिटी का गठन किया। पिछली कैबिनेट बैठक में कमेटी के द्वारा रिपोर्ट ना आने पर नाराजगी जताते हुए धामी ने अगली बैठक में इसे ना रखने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली। आज कैबिनेट ने इस सब कमेटी के निर्णय को स्वीकार कर राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिलाने पर मुहर लगा दी।

’’साहसिक और राज्य हित में निर्णय ले रही धामी सरकार’’
राज्य की हर समस्या और मांग पर धामी सरकार सही और साहसिक निर्णय ले रही है। धामी सरकार-2 अपने 1 वर्ष के कार्यकाल को पूरा करने जो रही है। अगर इन एक साल में धामी सरकार के निर्णय और कार्यशैली को देखे तो कई फैसले साहसिक और कठोर रहे है जो राज्य के विकास और आम आदमी को कई दशकों तक राहत देते हुए नजर आ रहे है।

-सीएम धामी ने सरकारी नौकरियों में गड़बड़ियों पर साहसिक फैसला लेते हुए संदेह के घेरे में आई कई परीक्षाओं की जांच कराई। यह जानते हुए भी कि जिसकी सरकार में ऐसी जांच होती है सिंडिकेंट उसकी सरकार को हर तरफ से प्रभावित करता है। इन सबी परवाह ना करते हुए जांच में नकल माफिया की मिलीभगत की पुष्टि होने के बाद कई परीक्षाएं रद्द हुई और कई माफिया, सफेदपोश नेता, सरकारी कर्मचारी जेल भेजे गये। 22 वर्षो के अंतराल में कोई भी सरकार नकल विरोधी कानून नही ला पाई जिससे राज्य को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है यह जानकर धामी ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लाकर माफिया की कमर ही तोड़ दी।

-राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण देकर धामी ने उत्तराखंड की महिलाओं का भविष्य सुरक्षित कर दिया। कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाकर महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रुप से मजबूत करने का कार्य भी धामी सरकार कर रही है।

-देवभूमि के अस्तित्व को बचाने के लिए धामी ने देश का सशक्त धर्मान्तरण कानून लाकर अन्य राज्यों के लिए भी नजीर पेश की। जिसके बाद अन्य राज्यों ने भी इस कानून की दिशा में कदम बढ़ाये।

-सिविल कोड कानून के लिए कमेटी का गठन कर देश के लिए बड़ा संदेश देने में कामयाब रहे कि एक देश एक कानून आज समय की मांग ही नही हर देशवासी के हितों के लिए भी जरुरी है। जो लोग खाते तो हिन्दुस्तान का है और गाते दुश्मन देश का है उन्हें धर्म के नाम पर लूट मचाने और कानून का उल्लंघन करने के इजाजत उत्तराखंड में तो कई नही मिलेगी।

धामी सरकार की कैबिनेट ने आज लिए ये फैसले-
इस दौरान राज्‍य की नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी मिली।
वहीं राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सब कमिटी की रिपोर्ट भी स्वीकृत की गई। अब उक्‍त विधेयक राजभवन भेजा जाएगा।
बैठक में विधायक निधि बढ़ाने को भी मंजूरी मिली।
विधायक निधि 3 करोड़ 75 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की गई।
मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए अब एक साल में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे।
महिला मंगल दलों को मिलने वाली राशि 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई।

कल से गैरसैंण में बजट सत्र शुरु, पक्ष-विपक्ष के नेता पहुंचे

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। जिसमें भाग लेने के लिए राज्यपाल गुरमीत सिंह, सीएम पुष्कर धामी समेत स्पीकर ऋतु खंडूड़ी और अन्य नेता गैरसैंण पहुंच गए हैं। वहीं, सत्र से पहले भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई, जिसमें सत्र को लेकर रणनीति बनाई गई।
वहीं, भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आहूत की गई। सर्वदलीय बैठक के दौरान सत्र में सभी दल के नेताओं से सदन को शांतिपूर्वक एवं सुचारु रुप से और गुणवत्तापूर्ण संचालित किए जाने के लिए सहयोग की अपेक्षा की गई।
इससे पहले सीएम धामी ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से भी मुलाकात की। इसी कड़ी में ऋतु खंडूड़ी ने भराड़ीसैंण विधानसभा में हवन पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख शांति की कामना की। इस मौके पर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि पूरा विश्वास है कि बजट सत्र शांति और सुचारू रूप से चलेगा, जिससे प्रदेश का विकास होगा।
बता दें कि उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का बजट 13 मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित किया जा रहा है। यह बजट सत्र 18 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सुरक्षा और विधि व्यवस्था को कायम रखने के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में 4 जोन और 7 सेक्टर बनाए गए हैं। इनमें 4 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 13 पुलिस उपाधीक्षक, 25 इंस्पेक्टर, 60 एसआई, 140 एएसआई, 250 कांस्टेबल, 5 कंपनी पीएसी के अतिरिक्त एलआईयू और फायर सर्विसेज कार्मिक तैनात रहेंगे। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जाएगी।

सीएम ने कहा-यूं ही कोई सुषमा स्वराज नही बन जाता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में भाजपा महानगर महिला मोर्चा देहरादून द्वारा आयोजित “सुषमा स्वराज अवार्ड” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 26 महिलाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि सुषमा स्वराज ने बहुत ही कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया। उन्होंने कहा कि सुषमा भारतीय मूल्यों और शालीनता की प्रतिमूर्ति रही है जिन्हें राजनीति में अजातशत्रु वाली महिला नेत्री भी कहा जाता था। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुषमा जी ने देश में ही नहीं विदेश में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बेबाक़ी से अपनी बात दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा कि जो विजन सुषमा स्वराज ने महिलाओं के लिए देखा था, आज केंद्र और राज्य सरकार महिला कल्याण के लिए उसी दिशा में काम करते हुए आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने महिला मोर्चा को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्जवला योजना समेत अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उसी दिशा में राज्य सरकार भी महिलाओं के हितों में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है ताकि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में महिलाओं को बराबरी के अवसर प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, आंचल अमृत योजना, महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना जैसी अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही हैं उन्होंने कहा कि आने वाले बजट में भी महिला कल्याण के लिए व्यवस्था की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश भर में खेल, शिक्षा, सामाजिक न्याय के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश में सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके सीएम बनते ही छात्रों ने परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने तत्काल जांच कराई। नकल माफिया के करोड़ों के अवैध कारोबार पर चोट की। नकल माफिया के खिलाफ अभियान चलाया गया। सरकार किसी भी सूरत में नकल माफिया को शिक्षा पर डाका डालने नहीं देगी। अब योग्यता और क्षमता पर ही लोग नौकरियों में चुने जाएंगे। सरकार अभी तक 60 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। आठ जनवरी को हुई पटवारी भर्ती में नकल की जानकारी 11 जनवरी को मिलते ही परीक्षा रद्द कराने से पीछे नहीं हटा गया। इसमें संलिप्त लोगों को जेल भेजा। नकल माफिया जैसे कैंसर को मिटाने की दिशा में सख्त कार्रवाई की। सख्त नकल विरोधी कानून बनाया। अब कुछ लोगों को इस सख्त नकल विरोधी कानून से भी परेशानी है। सरकार हाईकोर्ट के जज से भी जांच करा रही है।
अब सीबीआई जांच की मांग वो लोग कर रहे हैं, जो पहले सीबीआई को कोस रहे थे। ये लोग चाहते हैं कि सीबीआई जांच के नाम पर परीक्षाएं सालों तक अटकी रहें। परीक्षाएं न होने से परेशान छात्र सड़कों पर आंदोलन करें, ऐसी इन लोगों की मंशा है। यही लोग छात्रों को उकसा रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से दिए गए पारदर्शी सिस्टम से छात्रों का विश्वास लौटा है। यही वजह है जो तीन लाख से अधिक छात्र तीन परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। कोई बहिष्कार नहीं हो रहा है। किसी को भी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने फैलाए जा रहे झूठ का मुंह तोड़ जवाब देने को मातृ शक्ति से आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित कराने के उद्देश्य से सख्त नक़ल विरोधी कानून लागू किया गया है जिसमें नकल करने वालों के खिलाफ कठोर दंड के प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में आगामी परीक्षा के लिए कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है।
इस दौरान टिहरी सांसद माला राज लक्ष्मी शाह ने सुषमा स्वराज से जुड़े सस्मरणों को साझा किया। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, कैंट विधायक सविता कपूर, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. दीप्ति रावत, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना बागड़ी, समेत बड़ी संख्या में महिलाएँ मौजूद रही।

भाजपा सह प्रभारी ने ऋषिकेश में कार्यकर्ताओं की बैठक ली

भाजपा बूथ सशक्तिकरण अभियान की बैठक आज विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में सनराइज वेडिंग प्वाइंट में आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रदेश सह प्रभारी व सांसद रेखा वर्मा, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, केबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचन्द अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, सह प्रभारी नलिन भट्ट, राजेंद्र तड़ियाल, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश सुमित पंवार ने संयुक्तरुप से द्वीप प्रज्वलित कर बूथ सशक्तिकरण अभियान की शुरुआत की गई। जिसमें लगभग 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जब हमारा बूथ सशक्त होगा तभी हम चुनाव जीत सकते हैं बिना बूथ सशक्तिकरण के किसी भी चुनाव को जितना संभव नहीं है। कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हमारा एक एक कार्यकर्ता हमारी रीड की हड्डी है हमारा प्रत्येक कार्यकर्ता हमारे लिए सबसे अहम और महत्वपूर्ण स्थान रखता है हमारा हर कार्यकर्ता देव तुल्य है और प्रत्येक देव तुल्य कार्यकर्ता ही बूथ को सशक्त करता है और बूथ सशक्तिकरण की रीड की हड्डी बनकर हमें जीत दिलाता है। राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने कहा कि बूथ सशक्तिकरण के इस अभियान को संपूर्ण भारतवर्ष में चलाया जा रहा है जिससे 2024 का चुनाव जीतने में किसी तरह की कोई कमी ना रह जाए।
राज्य की सह प्रभारी रेखा वर्मा के द्वारा सरकार की उपलब्धियां और बूथ को सशक्तिकरण करने के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही राष्ट्रपति जी के अभिभाषण, सरल ऐप, नमो ऐप और पन्ना प्रमुख तक को किस तरह से कार्य करना चाहिए, इस बात की जानकारी दी गई।

धामी के साहसिक फैसलों को नड्डा ने सराहा, घंटेभर की गुफ्तुगु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबी वार्ता हुई। सूत्रों की मानें तो नड्डा ने राज्य के राजनैतिक घटनाक्रम की धामी से जानकारी जुटाई। इस दौरान उन्होंने हाल ही में धामी सरकार के द्वारा देश के सबसे सशक्त नकल विरोधी कानून बनाने और राज्य की महिलाओं को नौकरियों में आरक्षण दिलाने जैसे महत्वूपूर्ण निर्णयों की सराहना की।
बताया जा रहा कि धामी से राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात करीब 1 घंटे चली। इस दौरान हाईकमान ने राज्य में केन्द्र की मोदी सरकार के निर्णयों और कार्यशैली को धरातल पर उतारने के लिए धामी की पीठ थपथपाई। मुलाकात के बाद बेहद ऊर्जा महसूस कर रहे धामी के चेहरे की मुस्कान के कई मायने भी निकाले जा रहे है। भाजपा सूत्रों की मानें तो धड़ाधड़ बेहद बोल्ड निर्णय लेने को लेकर धामी की कार्यशैली की प्रशंसा की जा रही है। पहली बार उत्तराखंड में सरकार रिपीट कर मिथ्या तोड़ने वाले धामी इस समय भाजपा हाईकमान के सबसे पंसदीदा चेहरों में शामिल है।
बताया जा रहा कि धामी ने हाईकमान को भविष्य की योजनाएं जो राज्य के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है, की जानकारी भी साझा की है। जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव मदद कराने का संगठन की ओर से आश्वासन भी दिया है। साथ ही आगामी चुनाव को लेकर और दायित्वों को लेकर भी चर्चा हुई है।

राज्य की ब्रांडिंग करने में माहिर युवा धामी
बेहद खास मुलाकात में भी सीएम धामी राज्य की ब्रांडिंग करने से पीछे नही छूटते है। धामी ने अप्रैल माह से प्रारंभ होने वाली चारधाम यात्रा के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को आमंत्रित करके यह साबित कर दिया है। यात्रा के सुगम और सरल बनाने का संदेश देने के लिए राष्ट्रीय नेताओं को आंमत्रण देना इसी रणनीति का हिस्सा है। देश के बड़े नेता जब उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा पर आयेंगे तो जाहिर सी बात है कि देश और विदेश में उत्तराखंड का प्रचार प्रसार होगा और यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इसका लाभ यहां के कारोबारियों को मिलेगा और उनकी आय में इजाफा होगा।

सीएम आवास में होली मिलन कार्यक्रम, सीएम ने खूब लगाया आगुन्तकों को रंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, मीडिया तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों तथा अधिकारियों ने भागीदारी कर मुख्यमंत्री को होली की बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आत्मीयता के साथ सभी से मिले तथा होली की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने उमंग और आपसी सौहार्द के पर्व को आपसी सद्भाव तथा भाईचारे के साथ मनाने की सभी से अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति आपसी भाईचारे का संदेश देती है। होली के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख शांति एवं समृद्धि के साथ खुशहाल जीवन की भी कामना की।

सभी मेडिकल कॉलेज में होगी कैथ लैब की स्थापना-धामी

राज्य के जिन मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब नहीं हैं, उन सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब बनाये जायेंगे। राज्य के सभी चिकित्सा इकाइयों में एमआरआई, सिटी स्कैन की पूरी व्यवस्था एवं टेक्निशियन की कमी को पूरा किया जायेगा, इसमें सभी जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज सम्मिलित हैं। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जन औषधि दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2022-23 में जन औषधि के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले डॉ. पूनीत धमीजा, जन औषधि मित्र के रूप में श्रेष्ठ कार्य करने वाले मुकुल अग्रवाल एवं जन औषधि ज्योति के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाली कुसुम गोयल को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को जन औषधि दिवस एवं होली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखना अत्यंत आवश्यक है, शरीर की रक्षा करना और उसे निरोगी बनाये रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। बीमारी लगने पर पहले लोगों को महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में जन औषधि केंद्र खोलकर लोगों को सस्ती और सुलभ दवाइयां उपलब्ध कराने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए केंद्र तथा राज्य की सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। आज सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक कार्य कर रही है। जन औषधि योजना के अंर्तगत सरकार कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध करा रही है। इस योजना के द्वारा अभी तक 850 से ज्यादा दवाओं का मूल्य नियंत्रित किया गया है। इन केंद्रों द्वारा हमारी बहनों और बेटियों को सिर्फ एक रुपये में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जन औषधि योजना सेवा और रोजगार दोनों का एक सशक्त माध्यम बन गई है। इस योजना से सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी बहुत लाभ हुआ है। देशभर में एक हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र तो ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ महिलाएं ही चला रही हैं। यह योजना बेटियों की आत्मनिर्भरता को भी बल दे रही है। इस योजना द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में, मलिन बस्तियों में, जनजातीय तथा पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले देशवासियों तक सस्ती दवा पहुंचाने में मदद मिल रही है। इस योजना से फार्मा सेक्टर में संभावनाओं का एक नया आयाम भी खुला है, आज मेड इन इंडिया दवाइयों और सर्जिकल्स की मांग बढ़ी हैं और मांग बढ़ने से उत्पादकता भी बढ़ी है, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उत्पन्न होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत मुहिम को भी बल मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही आज लोगों को निःशुल्क इलाज के साथ ही सस्ती दवाएं मिल पा रही है। महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना आज देश भर में लाखों लोगों को चिकित्सा के क्षेत्र में फायदा पहुँचा रही है। प्रदेश में अभी तक आयुष्मान योजना के अंतर्गत भारत सरकार के सहयोग से, 70 हेल्थ एवं वेलनेस केंद्र स्थापित किये जा चुके हैं। इन सभी 70 हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों में जनसामान्य की चिकित्सा सुविधा के लिए योग, आयुर्वेद, पंचकर्म सम्बंधित सभी सेवाओं के साथ-साथ लैब टेस्टिंग जैसी सुविधाओं और जन औषधि केंद्र को भी जोड़ा गया है, ताकि लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। राज्य सरकार प्रदेश में अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रही है। राज्य में भी अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 05 लाख रूपये तक का सुरक्षा कवच दिया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस योजना की नियमित समीक्षा करने को भी कहा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में जो भी जन औषधि केन्द्र खोले जा रहे हैं, उनमें सरकार द्वारा 05 लाख रूपये की सहायता दी जाती है। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने में जन औषधि केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राज्य को अभी 400 जन औषधि केन्द्र खोलने का लक्ष्य मिला है, 225 जन औषधि केन्द्र खोले जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की सभी 670 न्याय पंचायतों में कोपरेटिव सोसायटी में एक-एक जन औषधि केन्द्र खोला जायेगा। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट ने राज्य में 500 से अधिक विकलांग बच्चों को घर पर ही शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार 265 अध्यापकों की नियुक्ति करने जा रही है। राज्य के 850 अनाथ बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम से 13 हॉस्टल बनाये जा रहे हैं, जिनमें से 10 पूर्ण हो चुके हैं। इन हॉस्टल में अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा एवं रहने की व्यवस्था की गई है। हर जनपद में एक-एक डायलिसिस केन्द्र चल रहा है। राज्य में संस्थागत प्रसव में तेजी से वृद्धि हुई है, पिछले 05 सालों में संस्थागत प्रसव 37 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हुआ है। शिशु मृत्युदर में भी कमी आई है। प्रति हजार शिशु पर शिशु मृत्युदर 29 से घटकर 24 हुआ है। इसे 10 से कम लाने का लक्ष्य रखा गया है।
जन औषधि दिवस कार्यक्रम में आईं दीपा शाह ने कहा कि उन्हें पेरालसिस के ईलाज के लिए पहले 7000 रूपये दवाई लेने में लगते थे, जन औषधि केन्द्रों से उनको यह दवाई मात्र 1500 रूपये में मिलने लगी। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेकर वह ठीक हुई। अब वे इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को लगातार जागरूक करती हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

राज्य की प्रमुख सड़कों के सुधार के लिए गडकरी से मिले धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को व्यासी के समीप स्थित होटल में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने देहरादून दिल्ली एलीवेटड रोड के निर्माण में तेजी लाये जाने पर उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से देहरादून-टिहरी टनल के निर्माण की डीपीआर में भी शीघ्रता की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से राज्य में राज्य एवं राष्ट्रीय मार्गों के निर्माण आदि के सम्बन्ध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने गडकरी से राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गये प्रस्तावों को भी मंजूरी दिये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने गडकरी को अवगत कराया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 6 राज्य मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जिसकी स्वीकृति भारत सरकार से अद्यतन प्रतीक्षित है, इन राजमार्गों में खैरना-रानीखेत, बुआखाल-देवप्रयाग, देवप्रयाग-गजा-खाड़ी, पाण्डुखाल-नागचुलाखाल-बैजरों, बिहारीगढ़-रोशनाबाद, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-मोहन-रानीखेत शामिल है।
इसके अतिरिक्त 189 किमी0 के काठगोदाम-भीमताल धानाचूली-मोरनोला-खेतीखान-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग को पर्यटन/सैन्य आवागमन एवं आम जनमानस के लिए नितान्त उपयोगी होने के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मसूरी की महत्वपूर्ण 02-लेन टनल परियोजना के कार्यों हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन0एच0ए0आई0) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस परियोजना के प्रथम चरण के सभी कार्यों को लोक निर्माण विभाग, उत्तराखण्ड की राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड द्वारा प्रभावी तरीके एवं समयबद्धता के साथ किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग रू0 2000.00 करोड़ की है। परियोजना का कार्य उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को प्राप्त होने पर राज्य सरकार को एजेन्सी चार्जेज के फलस्वरूप लगभग रू0 60.00 करोड़ प्राप्त होंगे। उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग द्वारा चारधाम परियोजना के अधिकांश भाग का कार्य, राज्य में फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य, टनल निर्माण कार्य समयान्तर्गत एवं दक्षता से किये गये है। मसूरी टनल का कार्य उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को आवंटित किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी जाने वाले पर्यटक देहरादून शहर से होते हुए ही मसूरी जाते हैं, जिस कारण शहर में वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। देहरादून रिंग रोड का कार्य एन०एच०ए०आई० द्वारा किया जा रहा है। एन०एच०ए०आई० द्वारा संरेखण के अंतिमीकरण तथा डी०पी०आर० गठन की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्य एन०एच० के अन्तर्गत स्वीकृति हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों में आपदा से क्षतिग्रस्त हुये मार्गों को सुचारू किये जाने के लिए एफ०डी०आर० (सी०) के अन्तर्गत रू0 1295.07 लाख का भुगतान किये जाने हेतु प्रस्ताव सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। प्रकरण तात्कालिक एवं संवेदनशील होने के दृष्टिगत सर्वाेच्च प्राथमिकता में स्वीकृति प्रदान करने का भी मुख्यमंत्री ने गडकरी से अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री को उपरोक्त प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।