आवश्यकता की वस्तुओं को राज्य में ही निर्माण करने पर सीएस का जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में शासन और विभाग के सभी अधिकारियों के साथ प्रदेश में निवेश योग्य योजनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। उन्होंने नियोजन विभाग से खरीद वरीयता नीति तैयार करने के निर्देश दिए। इस पॉलिसी के तहत विभागों से जानकारी मांगी जाए कि किस विभाग को किस प्रकार की खरीद करनी होती है। इसके अनुसार प्रदेश में ही वस्तुओं आदि का उत्पादन पर फोकस किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए प्रत्येक विभाग से एक प्रारूप में सभी प्रकार की जानकारियां मांगी जाएं ताकि प्रदेश में इन खरीदे जाने वाली वस्तुओं का उत्पादन किया जाए। इससे प्रदेश में उत्पादित होने से रोजगार तो उत्पन्न होगा ही साथ ही राज्य में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार खपत संचालित योजनाओं से प्रदेश को लाभ होगा।
मुख्य सचिव ने लैंड बैंक को पोर्टल पर अपलोड किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग लैंड बैंक पोर्टल पर अपने लिए सबसे उपयुक्त भूमि की तलाश कर सकेगा। इससे उस भूमि पर योजना की सफलता के अधिक सम्भावना होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पर्यटन विभाग के पास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विभिन्न जगहों पर अपनी भूमि हैं। पर्यटन विभाग के लिए पर्यटन से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए उसकी लोकेशन बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। और पर्यटन इन भूमियों को प्रयोग करने की योजनाएं बना रहा है, परन्तु आसपास में किसी अन्य विभाग की भूमि है जो पर्यटन की उस योजना के लिए, अधिक अनुकूल है। तो पर्यटन विभाग को अपनी भूमि के बजाय उस अधिक उपयुक्त भूमि पर निवेश करने की आवश्यकता है न कि अपनी भूमि पर। उन्होंने कहा कि विभागों के पास जो भी भूमियां हैं वह सार्वजनिक सम्पत्ति है, जो विभाग को उनके कार्यों के लिए दी गयी है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा उनके विभाग की भूमि में उन्हीं के विभाग से सम्बन्धित योजनाओं का ही संचालन हो, की मानसिकता को त्यागे जाने की जरूरत बताया। कहा कि प्रदेश के हित में जिस भूमि का जिस कार्य अथवा योजना के लिए अधिक उपयोगिता होगी, उसी कार्य के लिए प्रयोग की जानी चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में पोषक अनाजों पर अत्यधिक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यान विभाग को हॉर्टी टूरिज्म की दिशा में योजनाएं लाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को धनौल्टी की तर्ज पर प्रदेशभर में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने की भी बात कही। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून मसूरी के आवासीय विद्यालय भारत ही नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। इस प्रकार के आवासीय विद्यालयों पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। इससे सिर्फ इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी जिससे प्रदेश और प्रदेशवासियों को किसी न किसी रूप में लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में बहुत से निवेश और उद्योग छोटी-छोटी समस्याओं के कारण अटक जाते हैं। इनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्तर पर तीन स्तर में समितियां गठित की जा सकती हैं। पहले स्तर पर शासन स्तर पर समस्या का निराकरण किया जाए। यदि वहां समस्या का निस्तारण नहीं होता तो मुख्य सचिव स्तर पर किया जाएगा उसके बावजूद नहीं हो सकेगा तो मुख्यमंत्री स्तर पर गठित समिति उस समस्या का निस्तारण करेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं अपर सचिव नियोजन रोहित मीणा सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

आयकर स्लैब में छूट और खाद्यान्न योजना का विस्तार जैसी महत्वपूर्ण घोषणाए बजट को बनाती है विशेष-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2023-24 हेतु केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। 2014 से सरकार के प्रयासों से प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 1.97 लाख रुपये हो गई है। इन 9 वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर बजट पेश किया है। समावेशी विकास, वंचितों को वरीयता, बुनियादी ढांचे और निवेश, क्षमता विस्तार, हरित विकास, युवा शक्ति, और वित्तीय क्षेत्र को समर्पित ये बजट, अमृत काल के विजन को बताता है। यह अमृत काल का पहला बजट है। इस बजट में किसान, मध्य वर्ग, महिला से लेकर समाज के सभी वर्गो के विकास की रूपरेखा है।
केन्द्रीय बजट 2023-24 देश के समावेशी विकास और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने वाला है। बजट में खाद्य और पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित रखते हुए अगले 1 वर्ष तक सभी प्राथमिकता वाले परिवारों को मुफ्त अनाज की आपूर्ति का निर्णय अत्यन्त सराहनीय है। बजट में राज्यों को 50 साल का ब्याज मुक्त कर्ज एक और साल के लिए बढ़ाया गया है। ये केंद्र की टीम इंडिया की भावना को बताता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि कोष बनाया जाएगा। अगले 3 वर्षों में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए सहायता मिलेगी। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देने के साथ कृषि कर्ज लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। इससे देश के साथ ही उत्तराखंड राज्य के किसानों, बागवानों, पशुपालको और मत्स्य पालकों को भी लाभ मिलेगा।
जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए पीएम पीवीटीजी विकास मिशन शुरू किया जाएगा। राज्यों की सक्रिय भागीदारी, सरकारी और सार्वजनिक पार्टनरशिप के साथ मिशन मोड पर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार किया जाएगा। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए पर्यटन का महत्व बहुत अधिक है। निश्चित रूप बजट में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए की जा रही पहल प्रदेश में पर्यटन विकास में काफी सहायक सिद्ध होगी। वाइब्रेंट विलेज के माध्यम से सीमावर्ती गांवों के विकास पर फोकस किया जायेगा। इससे राज्य के सीमावर्ती गांवों को भी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में नया टैक्स स्लैब लाया गया है। इससे मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा को काफी राहत मिलेगी। आयकर छूट का दायरा बढ़ाया गया। यह बजट हमारे वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए भी खास रहा है। वरिष्ठ नागरिक खाता स्कीम की सीमा अब 4.5 लाख से बढ़कर 9 लाख की जाएगी। महिलाओं के लिए नई बचत योजना की घोषणा की गई है। इसमें महिलाओं को 2 लाख की बचत पर 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। बजट में जहां गरीबों, मध्यम वर्ग, महिलाओं, युवाओं, उद्यमियों किसानों, शिल्पकारों, वरिष्ठ नागरिकों सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है, वही इकोनॉमी की मजबूती और रक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुल मिलाकर कहा जाए तो यह बजट सच्चे मायनों में अमृत काल का बजट है। युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों, मध्यम वर्ग का बजट है। आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि उत्तराखण्ड राज्य तथा प्रदेशवासी बजट से पूर्णतः लाभान्वित होंगे।

आगामी चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से मंडल प्रभारी ने की चर्चा

मंडल अध्यक्ष सुमित पवार की अध्यक्षता में मंडल प्रभारी राजकुमार राज का आज भाजपा कार्यालय में स्वागत किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं से उनका परिचय भी कराया गया। मौके पर ऋषिकेश मंडल के विस्तार की कार्य योजना भी बनाई गई।
इस अवसर पर मंडल प्रभारी राजकुमार राज ने ऋषिकेश मंडल के कार्यकर्ताओं का परिचय प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि हमे आपस मैं तालमेल बनाकर भविष्य में आने वाले चुनाव को जीतने के लिए एकजुट होकर कार्य करने होंगे। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार ने कहा कि मंडल प्रभारी के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा और ऋषिकेश मंडल को सबसे मजबूत भाजपा मंडल के रूप में स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर संदीप गुप्ता, कृष्ण कुमार सिंघल, प्रतीक कालिया, दिनेश सती, दीपक धमीजा, हिमांशु संगतानी, बृजेश शर्मा, सतीश पाल, मनोज ध्यानी, कपिल गुप्ता, सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, संजीव पाल, जिला उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, प्रदीप कोहली, हरीश तिवारी, चेतन शर्मा, गंभीर मेवाड़, सुजीत यादव, राकेश चंद, नितिन सक्सेना, मनोज शर्मा, रंजन अंथवाल, जयंत शर्मा आदि उपस्थित रहे।

सकारात्मक पहल का स्वागत और राष्ट्र विरोध का कड़ा जवाब देगी देश भक्त जनताः भट्ट

भाजपा ने कहा कि आपदाग्रस्त जोशीमठ क्षेत्र मे नकारात्मक सोच के साथ सक्रिय बामपंथी संगठनों से सतर्क रहने की जरूरत पर बल दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि स्थानीय लोगों को भी इससे सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब तक की यह ऐसी पहली सरकार है जो विस्थापन के सर्वश्रेष्ठ विकल्पों के अमल में प्रभावित पक्षों से सुझाव ले रही है, लेकिन हिंदी-चीनी भाई-भाई के नारे लगाने वाले स्थानीय लोगों को भड़काकर राहत पुनर्वास के कामों में बाधा डाल रहे हैं। एक ओर देश का दुश्मन देश चीन भारत के आखिरी गाँव तक अपने ढांचागत विकास को मजबूत कर रहा है और उसने आसपास पॉवर स्टेशन, सड़के तथा सामरिक तैयारिया की है तो वहीं भारत सरकार भी इस दिशा मे कदम बढ़ा रहा है। उतराखंड के इस क्षेत्र की सामरिक लिहाज से बड़ी भूमिका रही है। जिस तरह से वामपंथी इस तरह के कुत्सित प्रयास से इस तरह का वतावरण निर्मित कर रहे है वह किसी भी तरह से राष्ट्र विरोधी ही माना जायेगा। उतराखंड ऐसा राज्य है जिसका बलिदानों का इतिहास रहा है और देश हित मे किसी भी सकारात्मक पहल का हिस्सा बनने के साथ ही वह देश के विरोध मे किसी भी मुहिम का कड़ा प्रतिरोध करेंगे।

उन्होंने आंदोलन की आड़ में जोशीमठ आपदा के समाधान में बाधा डालने व विलम्ब करवाने के लिए वामपंथी संगठनों को निशाने पर लिया है। उन्होंने धामी सरकार का आपदा प्रभावितों को पुनर्वास की दृष्टि से 3 विकल्प दिए जाने के निर्णय स्वागत करते हुए कहा कि पीड़ित पक्षो से सुझाव एकत्र कर पुनर्वास की प्रक्रिया में तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। आज हमारे लिए स्थानीय लोगों के व्यवसाय व रोजगार को बचाने के लिए पर्यटन गतिविधियों, वर्तमान शीतकालीन एवं आगामी चारधाम यात्रा को इस संकट से बचाते हुए सुचारू रखना प्राथमिकता मे है। उन्होंने कहा कि प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में पूरी तरह से जुटा हुआ है। केंद्रीय विशेषज्ञ एजेंसियां रिपोर्ट तैयार कर रही है और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी राहत कार्यो की निगरानी कर रहे है, लिहाजा किसी को चिंता करने की जरूरत नही है।

उन्होंने उन आरोपों को बेबुनियाद बताया जिसमे कहा गया कि उनके द्वारा किसी स्थानीय निवासी को आंदोलन से रोकने का सवाल ही नही उठता है, लेकिन वह लोगों को उन वामपंथी विचारधारा वाले संगठनों से सचेत करना चाहते है जिनकी अभिरुचि राहत और पीड़ितों के पुनर्वास मे कम और अपना एजेंडा साधना अधिक है।

राज्य के बाहर दिल्ली, मुम्बई, जेएनयू से जोशीमठ आये कम्युनिस्ट संगठनों के लोगों का एकमात्र लक्ष्य है, स्थानीय लोगों को बरगलाकर आंदोलनों के माध्यम से आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास नीति व अन्य राहत के कार्यों को बाधित करना। उन्होंने कहा कि तमाम ताकते नही चाह्ती कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के काम हो और हमारी सामरिक ताकत मजबूत हो। लोगों के दिल में चीन संघर्ष के दौरान किये इनके राष्ट्र विरोधी कारनामे आज भी मौजूद हैं, लिहाजा देवभूमि की राष्ट्रवादी जनता इनके छलावे में नही आने वाली है।

रायवाला में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का दूसरा दिन

भारतीय जनता पार्टी की रायवाला में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर कटाक्ष किया। कहा कि जिनकी सरकारों में संगीनों के साये में तिरंगा फहराया जाता था, धारा 370 हटने से वही आज अपनी यात्रा को सकुशल संपन्न कर रहे हैं। कहा कि धारा 370 हटने का पूरे देश में सुखद संदेश गया है।
रायवाला स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में दूसरे दिन सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में धामी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कार्यसमिति में आए सुझावों को अमल में लाया जाएगा। उन्होंने जोशीमठ आपदा को लेकर सरकार के प्रयासों की प्रशंसा को उत्साह बढ़ाने वाला बताया। कहा कि विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट आने पर बेहतर पुनर्वास किया जाएगा। धामी ने कहा कि कांग्रेस नेता एक तरफ जोशीमठ आपदा पर सरकार को सुझाव देते हैं, दूसरी तरफ अपनी राजनैतिक यात्रा में राज्य की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने महिला आरक्षण और सख्त धर्मांतरण कानून पर सरकार का आभार जताया। बताया कि प्रदेश कार्यसमिति ने केंद्रीय नेतृत्व को निकाय और लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने का भरोसा दिया है। बताया कि कार्यसमिति में के सत्रों में विभिन्न विषयगत मुद्दों पर चर्चा हुई।
भट्ट ने बताया कि मन की बात कार्यक्रम में बूथस्तर तक पदाधिकारियों की अनिवार्य सहभागिता, प्रत्येक विधानसभा में 100 बूथों पर न्यूनतम 100 की जनसंख्या वाले कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया। वहीं राज्य और केंद्र सरकार के बजट को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश की चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। बताया कि जी 20 के आयोजन को शानदार बनाने व स्थानीय संस्कृति, अध्यात्म एवं परंपराओं को शामिल करने लिए भी प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है। डाटा प्रबंधन की दृष्टि से सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सरल एप से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने पदाधिकारियों से कार्यसमिति के राजनैतिक प्रस्ताव और संगठन के कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कोरोना महामारी में राज्य व केंद्र सरकार के कामों की जानकारी दी। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने बताया कि कार्यसमिति में 10 फरवरी तक सभी जनपदों की कार्यसमिति और 20 तक सभी मंडलों की कार्यसमिति का गठन किया जाना तय किया गया है।
वहीं, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने जोशीमठ आपदा के लिए बनाई पार्टी की 14 सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के साथ आवश्यक सुझाव रखे। कार्यसमिति में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा और ओबीसी मोर्चा के अध्यक्षों ने अब तक के कामों का लेखा जोखा देने के अलावा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

यह रहे कार्यसमिति में मौजूद
पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, सांसद अजय टम्टा, नरेश बंसल, माला राज्यलक्ष्मी शाह, कल्पना सैनी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट, खिलेन्द्र चैधरी, प्रदेश कार्यालय सचिव कौस्तुभानंद जोशी, मीडिया प्रभारी मनवीर चैहान, ज्योति गैरोला, आशा नौटियाल, शशांक रावत, राकेश राणा समेत प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, प्रभारी, सह प्रभारी, प्रदेश प्रवक्ता, स्थायी व विशेष आमंत्रित सदस्य।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि हुई घोषित

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार 27 अप्रैल को प्रातः 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन 12 अप्रैल निश्चित हुआ। राजदरबार नरेंद्र नगर में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पंचांग गणना पश्चात विधि विधान से कपाट खुलने की तिथि का विनिश्चय किया तथा महाराजा मनुजयेंद्र शाह ने कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की।
वहीं, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा अर्थात भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए तिलों के तेल तेल पिरोने हेतु 12 अप्रैल की तिथि निश्चित हुई। समारोह में टिहरी राजपरिवार सहित श्री बदरी-केदार मंदिर समिति, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे। इससे पूर्व श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों ने तेलकलश राज महल के सुपुर्द किया। इस अवसर पर महाराजा मनुजयेंद्र शाह, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, राजकुमारी शिरजा शाह, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, स्वामी मुकुंदानंद, नितेश चैहान, मंदिर समिति सदस्य, श्रीनिवास पोस्ती, पुष्कर जोशी, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, भास्कर डिमरी, राजपाल जड़धारी, डिमरी धार्मिक पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी, तथा मंदिर समिति पूर्व सदस्य हरीश डिमरी, मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, अनिल ध्यानी, भुवन चंद्र उनियाल, राधाकृष्ण थपलियाल, आरसी तिवारी, रमेश नेगी, रवीन्द्र भट्ट, प्रमोद नौटियाल, डा. हरीश गौड़, टीका प्रसाद, नरेंद्र डिमरी राजेंद्र डिमरी हेमचंद्र डिमरी अनुज डिमरी, माधव नौटियाल, आचार्य कृष्णानंद नौटियाल आदि मौजूद रहे। मंदिर समिति की ओर से बताया गया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शिवरात्रि 18 फरवरी को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में तय होगी। अक्षय तृतीया इस वर्ष 22 अप्रैल को है श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है। इस संबंध में श्री गंगोत्री तथा यमुनोत्री मंदिर समिति द्वारा कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की जाएगी।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए किया पुलिस अधिकारियों को सम्मानित

74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वज फहराया तथा राष्ट्रीय ध्वज को नमन करते हुए परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सीआरपीएफ, आई.टी.बी.पी., पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी के जवानों सहित एन.सी.सी की टुकड़ियों ने परेड करते हुए राज्यपाल को सलामी दी। राज्य के लोक कलाकारों व विभिन्न स्कूली बच्चों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक लोक नृत्य का मनोहारी प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ का अनावरण किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में उद्यान विभाग की झांकी को प्रथम, पर्यटन विभाग को द्वितीय तथा शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर द्वितीय गढ़वाल राइफल्स, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, उत्तराखण्ड पुलिस, आई.आर.बी द्वितीय, उत्तराखण्ड विशेष पुलिस, उत्तराखण्ड विशेष पुलिस (महिला), होमगार्ड, पीआरडी, एनसीसी ब्वॉइज, एनसीसी गर्ल्स ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर द्वितीय प्लाटून केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, द्वितीय स्थान पर प्रथम दस्ता गढ़वाल राइफल्स और तृतीय स्थान पर 5वीं प्लाटून उत्तराखंड महिला दल रहीं। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया, गढ़वाली, भांगडा, कौथिक, बसन्त, हारूल, नृत्य का प्रदर्शन किया गया। जिसका उपस्थित दर्शकों ने खूब आनंद लिया।
परेड ग्राउण्ड में आयोजित इस समारोह में सांसद नरेश बंसल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, डी.जी.पी. अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राज्यपाल डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विशिष्ट गणमान्य अतिथि एवं जनसामान्य भी उपस्थित रहे।

इन्हें मिला सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक-
रमेश कुमार पाल, पुलिस उपाधीक्षक (एम) (से0नि0) पुलिस मुख्यालय।
विरेन्द्र दत्त उनियाल, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) जनपद देहरादून।
कैलाश चन्द पंवार, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) एसटीएफ।
पंकज कुमार उप्रेती, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) सतर्कता सैक्टर हल्द्वानी।
विरेन्द्र सिंह रावत, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) मुख्यमंत्री सुरक्षा।
मोहन गिरी, उप निरीक्षक अध्यापक (से0 नि0) एटीसी हरिद्वार।
दिनेश चन्द्र, प्लाटून कमाण्डर, 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर।
विक्रम सिंह, उप निरीक्षक वि0श्रे0 (से0 नि0) जनपद हरिद्वार।
पितृशरण बहुगुणा उप निरीक्षक आरमोरर (से0 नि0) पुलिस मुख्यालय।
मोहन राम, उप निरीक्षक वि0श्रे0 (से0 नि0) एसपीआर हलद्वानी।
जई राम, मुख्य आरक्षी वि0श्रे0 चालक (से0 नि0) 46वीं वाहिनी पीएसी।

विशिष्ट कार्य के लिए राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक
दलीप सिंह कुंवर, पुलिस उपमहानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून।
आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड।
देवेन्द्र पींचा, पुलिस अधीक्षक, चम्पावत।
राकेश चन्द्र देवली, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री सुरक्षा उत्तराखण्ड।
दिनेश चन्द्र बडोला, पुलिस उपाधीक्षक पीटीसी नरेन्द्र नगर।
पूरन सिंह रावत, निरीक्षक एम पुलिस मुख्यालय।

तिरंगा फहराने के बाद सीएस बोले-गणतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हमारी है

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सचिवालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और सचिवालय के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि भारत की आजादी के बाद, देश का संविधान बनाने वालों ने यह निर्णय लिया कि देश को गणतांत्रिक देश बनाना है। इसके बाद संविधान बनाकर इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया। हमारे संविधान का एक महत्त्वपूर्ण अंश यह भी है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर का अधिकार प्राप्त है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इसका एक उदाहरण देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन द्रौपदी मुर्मू हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे कभी हिम्मत नहीं हारी, और कहां से कहां तक पहुंची। यह हमारे संविधान की ही देन है। भर्तियों में भ्रष्टाचार जैसी घटनाओं के चलते आज उत्तराखण्ड के परिपेक्ष्य में समान अवसर का अधिकार का महत्त्व और भी बढ़ गया है। भर्तियों में भ्रष्टाचार बहुत ही चिंता का विषय है। हमें इसका समाधान ढूंढना है। इससे प्रदेश की नकारात्मक छवि गयी है। यह प्रदेश के लिए एक चुनौती है। शासन प्रशासन में बैठकें आयोजित कर यह निर्णय लिया गया कि पात्र युवाओं को ही नौकरी मिले इसके लिए कठोर कानून बनाया जा रहा है। इस प्रकार की घटनाओं में लिप्त लोगों को उम्र कैद की सजा एवं इन कामों से अर्जित सम्पत्ति की जब्त किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है, ताकि यह संदेश जाए कि कोई और इस प्रकार की घटनाएं न करे और पात्र लोगों को ही नौकरी मिल सके। इस समय जो भी यहां बैठा है उसे यह याद रखने की आवश्यकता है कि वह यहां इसलिए बैठा है क्योंकि हमारे संविधान ने हमें समान अवसरों का अधिकार दिया है और अब हमारा यह कर्त्तव्य बनता है कि समान अवसर के अधिकार को हर हालत में लागू कराया जाना हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह ध्यान देना होगा कि जाने अनजाने में भी हम से कोई ऐसा निर्णय न हो जिससे समानता का अधिकार नजरअंदाज हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक दृष्टि से बहुत ही सम्पन्न राज्य है। खूबसूरत पहाड़, दुनिया का वाटर टॉवर कहे जाने वाले बर्फीले पर्वत और नदियां हैं। यहां चारधाम हैं, जहां के दर्शन करने के लिए लोग वर्षों से प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही, उत्तराखण्ड की राजधानी देश की राजधानी के इतने पास है। आज यात्रा की दूरी, किलोमीटर से नहीं बल्कि ट्रेवल टाईम से नापी जाती है। पहले देहरादून से दिल्ली 6 से 7 घंटे लगते थे। अब 4 से 5 लग रहे हैं और बहुत जल्दी ही 2 से सवा दो घंटे लगेंगे। इसलिए 2 घंटे का सफर होने के बाद इसे दिल्ली एनसीआर का हिस्सा भी कहा जाना कोई अचम्भा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली एनसीआर का एक प्रतिशत भी टूरिस्ट यहां आना शुरू हो जाएगा तो इससे पर्यटन को एक दम बूस्ट मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके लिए हमें तैयार रहना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बहुत अधिक ट्रेफिक होने के कारण सिर्फ पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटक ट्रेफिक जाम से बचने के लिए चारधाम यात्रा सीजन में आने से बचते हैं। इससे आने वाले भविष्य में प्रदेश के पर्यटन पर बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य को बचाने के लिए हमें प्रदेश की सड़कें बचानी होंगी। उन्होंने कहा कि शहरों और सड़कों के किनारे बनने वाले भवनों को सुनियोजित तरीके से बनाए जाने के लिए प्रयास किए जाएं। हमें प्रदेश और प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए सोचते हुए अभी से योजनाओं को बनाना और लागू करना है। हमें सिर्फ आज की परिस्थिति नहीं देखनी बल्कि दीर्घकालिक योजनाएं बनानी हैं, ताकि हम अपने प्रदेश का भविष्य बचा सकें। उन्होंने कहा कि सचिवालय शासन प्रशासन की शीर्ष संस्था है। प्रदेश और प्रदेशवासियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए हम सभी को अपना-अपना योगदान देना है। हमें प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित रखने का सिर्फ विचार ही नहीं रखना बल्कि इसे अपनी भावना बनाना है। उन्होंने कहा कि विचार बदलते रहते हैं भावनाएं नहीं बदलती। आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम इतना ही प्रण ले लें कि हमें प्रदेश के भविष्य के लिए ही निर्णय लेने हैं तो आज गणतंत्र दिवस पर यहां एकत्र होना सफल हो जायेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु,एल. फैनाई, सभी सचिव, अपर सचिव सहित सचिवालय के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

श्री भरत जी महाराज को गंगा स्नान कराने के लिए उमड़े श्रद्धालु

ऋषिकेश वसंतोत्सव के तहत बसंत पंचमी के पावन पर्व पर तीर्थनगरी में गाजे-बाजे के साथ श्री भरत भगवान की डोली शोभायात्रा निकाली गई। घंटे गढ़ियालो और पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ निकली धर्म यात्रा का श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शहरभर में स्वागत किया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने हृषिकेश नारायण भगवान भरत महाराज के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने भरत भगवान को भोग लगाकर सुख समृद्धि की मनौती भी मांगी। माना जाता है कि बसंत पंचमी से ही होली महोत्सव का शुभारंभ हो जाता है। आज ही के दिन भरत महाराज को रंगों से होली भी खिलाई जाती है और सभी भक्तगण एक-दूसरे पर गुलाल फेंक कर भगवान के साथ होली भी मनाते हैं। पितांबर रंग जिसे हम पीला रंग कहते हैं वह भगवान को बहुत ही प्रिय है। इसलिए लोग गुलाल चढ़ाकर और भगवान को भेली का भोग बसंत पंचमी में लगाया जाता है। उधर बसंत पंचमी के अवसर पर प्राचीन श्री भरत मंदिर परिसर में आयोजित मेले में लोगों ने झूलों और विभिन्न व्यंजनों का भी जमकर लुफ्त उठाया।
बसंत पंचमी पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में पौराणिक श्री भरत मंदिर में भगवान श्री भरत नारायण की विधिवत पूजा अर्चना शुरू हुई। दोपहर में आरती पूजन के बाद श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज के परम सानिध्य में बैंड बाजे और पहाड़ के पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र की थाप के बीच श्री भरत भगवान की उत्सव प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा मायाकुंड स्थित गंगा तट पर श्री भरत नारायण भगवान की प्रतिमा को विशेष पूजा अर्चना के बाद मुख्य पुजारी द्वारा शालिग्राम भगवान भरत नारायण जी को गंगा में स्नान कराया गया। तत्पश्चात भगवान को नगर भ्रमण कराया गया। धर्म यात्रा विभिन्न मुख्य मार्गो से होते हुए गुजरी। इसके बाद मंदिर में भगवान की प्रतिमा को पुनः स्थापित किया गया। यात्रा में श्री भरत मंदिर संस्कृत महाविद्यालय, भरत मंदिर पब्लिक स्कूल, श्री हेमकुंड गुरुद्वारा स्थित गुरमत संगीत विद्यालय, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, संत समाज, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
धर्म यात्रा में हुए शामिल बसंत उत्सव के मेला अध्यक्ष मेयर अनीता ममगाई, संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, विनय उनियाल, वरुण शर्मा, नरेंद्र जीत बिंद्रा, शर्मा, दीप शर्मा, महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज, मेजर गोविन्द सिंह रावत, धीरेन्द्र जोशी, जयेन्द्र रमोला, रामकृपाल गौतम, सुरेन्द्र भट्ट, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, जितेन्द्र बिष्ट, अशोक अग्रवाल, मधुसूदन शर्मा, बचन पोखरियाल, राकेश मियां, राजपाल खरोला, रंजन अंथवाल, प्रवीण रावत, विवेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।

सीएम और राज्यपाल ने क्रिकेटर ऋषभ पंत की सहायता करने वालों को किया सम्मानित

गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क हादसे में घायल भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की सहायता करने वाले हरियाणा रोडवेज के चालक सुशील कुमार और परिचालक परमजीत नैन एवं अन्य दो युवकों नीशू एवं रजत को सम्मानित किया। हरियाणा रोडवेज के चालक सुशील कुमार की पत्नी एवं परिचालक परमजीत के पिताजी ने सम्मान ग्रहण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अंतर्गत सूचना विभाग की ओर से हरियाणा रोडवेज के दोनों चालक एवं परिचालक तथा दोनों युवकों निशु और रजत को 1-1 लाख रूपये की सम्मान राशि प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह (ब्रह्म कमल की अनुकृति) प्रदान की गई।