11321 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन पेश

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने वर्ष 2023-24 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्व विरादरी में भारत का सम्मान बढ़ा है। चन्द्रयान सफल अभियान अभियान से हम शीर्ष देशों के पंक्ति में खड़े हो गए है। जी-20 के अध्यक्ष के नाते हमारे देश ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याण को समर्पित सरकार है। इसलिए मुख्य बजट में हम अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लेकर आये थे। इसमें आयुष्मान योजना, नन्दा गौरा योजना, माध्यमिक व उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति की योजना, अन्त्योदय कार्ड धारकों को वर्ष में तीन संलेडर निशुल्क रिफिल कराये जाने की योजना, सामाजिक सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न पेंशन योजना आदि का विशेष उल्लेख है। कहा कि इन जनकल्याण योजनाओं से हम समग्र विकास, समावेशी विकास तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास तथा सबका प्रयास आदि प्रतिबद्धताओं को पूर्ण करते हैं। इस अनुपूरक बजट में भी जनकल्याण को समर्पित योजनाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रावधान हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि अनुपूरक बजट के लिए आवश्यक वित्त की व्यवस्था के लिए हमने गम्भीर प्रयास किये हैं। हम लगातार राजस्व अभिवृद्धि के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि हम अब तक बजट अनुमान का 34 प्रतिशत राजस्व प्राप्त कर चुके हैं। राजस्व प्राप्ति के सम्बन्ध में यह उपलब्धि मुख्यतः इसलिए है कि क्योंकि हमारी सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ मेरे द्वारा और माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पहली बार व्यापक पैमाने पर समीक्षाएं की जा रही है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि विगत दिनों हमारी सरकार द्वारा सर्किल रेट को रिवाईज किया गया था। जीएसटी के क्षेत्र में जहाँ एक और जन जागरूकता बढ़ाई गई वहीं दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी का सहारा लिया गया। कम से कम मानवीय हस्तक्षेप हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। हमारे इन प्रयासों के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहां 2021-22 में लगभग हमको लगभग रू0 14176 करोड का कर राजस्व प्राप्त हुआ था वहीं 22-23 में यह बढ़कर रू0 17103 करोड़ हो गया है। इस वर्ष गत वर्ष के सापेक्ष हम 47 प्रतिशत कर राजस्व प्राप्त कर चुके हैं लेकिन हमने राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य बढ़ा दिये हैं ताकि जन कल्याण एवं अवस्थापना विकास हेतु समुचित प्रावधान कर सकें।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य के राजस्व के दृष्टिगत जी.एस.टी. वैट, स्टॉम्प वाहन कर आदि प्रमुख कर हैं और इन सभी में गत वर्ष के सापेक्ष वृद्धि हो रही है। इस वर्ष भी लक्ष्य के सापेक्ष भी अच्छी प्रगति है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर में लक्ष्य के सापेक्ष 39 प्रतिशत, वैट (नॉन जीएसटी) में 41 प्रतिशत, स्टाम्प में 51 प्रतिशत तथा वाहन कर में 34 प्रतिशत की प्राप्ति हो चुकी है।

’प्रमुख केन्द्र पोषित योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
जल जीवन मिशन – लगभग रू0 795 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में 297 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लगभग रू0 190 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान लगभग रू0 128 करोड, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान लगभग रू0 120 करोड़, मेडिकल कॉलेज लगभग रू0 54 करोड, स्वच्छ भारत मिशन लगभग रू0 36 करोड़।

’प्रमुख पूंजीगत योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
आवास एवं शहरी विकास के अन्तर्गत अवस्थापना का सुदृढीकरण हेतु रू0 321 करोड़, ऋषिकेश को योग नगरी के रूप में विकसित करने हेतु लगभग रू0 30 करोड, हरिद्वार को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने हेतु लगभग रू0 25 करोड़, पार्किंग के निर्माण हेतु लगभग 135 करोड़, मुख्यमंत्री आंगनबाडी भवन निर्माण हेतु लगभग रू0 50 करोड़, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण एवं स्थापना हेतु लगभग रू0 100 करोड़, लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत आरआई.डी.एफ. योजना के अन्तर्गत लगभग रू0 100 करोड़, नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग रू0 25 करोड़, अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास रू0 35 करोड़, अनुसूचित जन जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास रू0 17 करोड़।

’प्रमुख राजस्व योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
सडकों के अनुरक्षण के अन्तर्गत लगभग रू0 300 करोड़।
अटल आयुष्मान हेतु लगभग रू0 200 करोड।
नन्दा गौरा हेतु लगभग रू0 95 करोड़।
औषधि तथा रसायन के अन्तर्गत लगभग रू0 90 करोड।
निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना हेतु लगभग रू0 68 करोड़।
रूफ टॉप सोलर स्ट्रीट लाईट संयंत्रों लगभग रू0 66 करोड़।
सामाजिक सुरक्षा (पेंशन) के अन्तर्गत लगभग रू0 40 करोड।
मशीन उपकरण सज्जा एवं संयंत्र के अन्तर्गत लगभग रू0 33 करोड़।
कम्यूटर हार्डवेयर सॉफ्टवेयर एवं अनुरक्षण के अन्तर्गत लगभग रू0 23 करोड।
व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं का भुगतान के अन्तर्गत लगभग रू0 17 करोड़।
कार्यालय प्रायोगार्थ वाहन क्रय में लगभग रू0 13 करोड।
ईजा बोई शगुन योजना हेतु लगभग रू0 10 करोड़।
पशुपालन के अन्तर्गत साइलेज पशुपोषण योजना हेतु लगभग रू0 7 करोड़।

समयसीमा के तहत तेजी से निर्माण कार्य करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् प्रदेश में किये जा रहे कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के लिए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्य समय पर पूर्ण हो सकें इसके लिए लगातार साप्ताहिक एवं पाक्षिक समीक्षा की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भी इसमें शामिल किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी जिलाधिकारियों को उनके क्षेत्र के अंतर्गत सड़कों एवं पुलों की सूची प्रेषित कर क्षेत्र का दौरा कर कार्यों में आ रही समस्याओं का समाधान निकाले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में समस्या आ रही है, संबंधित विभागों एवं उनके (मुख्य सचिव) स्तर पर भी बैठक आयोजित करा समस्याओं को निस्तारित किया जाए।
मुख्य सचिव ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण किए जाने एवं सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि आवश्यक निर्माण सामग्री को भी समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार मैन पावर और मशीनरी बढ़ाई जाए। साथ ही निर्धारित समय पर कार्य पूरे हों इसके लिए दिन-रात तीन शिफ्टों में कार्य किया जाए। उन्होंने अच्छा कार्य कर रहे अधिकारियों एवं ठेकेदारों को सम्मानित किए जाने और खराब प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों एवं ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव राधिका झा एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम और शिक्षा मंत्री ने 129 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ननूरखेड़ा, देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के द्वितीय चरण में कुल 129 सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण में 880 सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में एक मंच व प्लेटफार्म बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित शिक्षकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों पर भविष्य के कर्णधारों को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है। सभी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ऊर्जा एवं नवाचार के साथ कार्य करें। जन सेवा करने का जो मौका मिला है, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर दिया है। नये भारत के निर्माण में हमारे युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी। हमारे नौनिहालों के भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त, समृद्ध एवं शक्तिशाली भारत के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत को अलग पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से आगे बढ़ रहा है। कोरोना काल में भारत ने अनेक देशों को कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराई। भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला। देश के अनेक हिस्सों में जी-20 की बैठकें आयोजित की गई। उत्तराखण्ड में जी-20 की तीन बैठकें आयोजित की गई। इन बैठकों से उत्तराखण्ड को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। दिसम्बर में राज्य में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। राज्य में युवाओं को रोजगार के पूरे अवसर मिले, इसके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद से अभी तक साढ़े पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतियोगी परिक्षाओं में भाग ले चुके हैं। सभी परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जा रही हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहायक अध्यापकों की नियुक्ति होने से कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी पूरी होगी। उन्होंने सभी चयनित शिक्षकों से कहा कि शुरूआती सालों में दुर्गम क्षेत्रों में सेवा जरूर करें। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापकों का अभी मंडल केडर है, इसे स्टेट कैडर बनाने पर विचार किया जा रहा है। स्कूलों में जो गेस्ट फैकल्टी कार्य कर रहे हैं, उनकी जायज मांगे पूरी की जायेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बैकलॉग के लगभग शत प्रतिशत पद भरे गये हैं, माध्यमिक शिक्षा में भी 80 प्रतिशत बैकलॉग के पद भरे गये हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

लापरवाही बरतने पर कोटद्वार के कृषि व भूमि संरक्षण को किया निलंबित

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोशल मीडिया एवं मीडिया में प्रसारित खबर का तत्काल संज्ञान लेते हुए कृषि निवेशों के वितरण में लापरवाही के सम्बन्ध में कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी को तत्काल निलंबन के आदेश दिए। मंत्री गणेश जोशी के आदेशानुसार विभागीय कार्यों में उक्त गम्भीर लापरवाही के दृष्टिगत कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अरविन्द भट्ट को निलंबन के आदेश के उपरांत उन्हे आज निम्लबित कर दिया गया है। मंत्री ने मामले में महानिदेशक कृषि को विस्तृत जांच के भी आदेश दिए है।
ज्ञात हो कि कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा जैविक कृषि निवेश को कृषकों को वितरण करने में लापरवाही बरती गई। विकासखण्ड द्वारीखाल हेतु क्रय किये गये जैविक कृषि निवेश कृषकों तक उपलब्ध न होकर सड़क किनारे पाये गये। जिन कृषि निवेशों का लाभ कृषकों को मिलना चाहिये था वह लाभ कृषकों को नही मिला जिससे योजना के उद्देश्य भी प्रभावित हुए। जैविक कृषि निवेशों को कृषकों को उपलब्ध न होने से जो निवेश क्रय हेतु जो विभागीय धनराशि व्यय हुई है उसका भी दुरूपयोग हुआ है। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा अपने पर्यवेक्षीय उत्तरदायित्व का सम्यक् रूप से निर्वहन नही किया गया। जिससे विभागीय धनराशि का दुरूपयोग एवं विभागीय छवि धूमिल हुई है। और योजना का अपेक्षित लाभ कृषकों तक नही पहुँच सका है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा धामी सरकार में कोई भी गलत काम करेगा और कितना भी बड़ा अधिकारी हो लापरवाही बरतने वालों किसी को भी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार द्वारा योजना के तहत किसानों को यह खाद वितरित की जानी थी, परंतु संबंधित भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा सड़क किनारे रखा गया। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं जन जन तक पहुंचाई जाए।

स्वास्थ्य मंत्री बोले, वार्डों में एनएमसी मानकों के अनुरूप तैनात होंगे चतुर्थ श्रेणी कार्मिक

राज्य में राजकीय मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में सफाई व्यवस्था को आउट सोर्स के माध्यम से मजबूत किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती एनएमसी मानकों के अनुसार की जायेगी। मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये शीघ्र ही ई-ग्रंथालय की सुविधा प्रारंभ की जायेगी।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध चिकित्सालयों में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये आउट सोर्स सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिये चिकित्सा शिक्षा निदेशालय प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध करायेगा। इसके उपरांत शासन की अनुमति के उपरांत सभी मेडिकल कॉलेज सफाई व्यवस्था के लिये आउट सोर्स सेवाएं ले सकेंगे। इसी प्रकार सम्बद्ध चिकित्सालयों के सभी वार्डों में एनएमसी मानकों के अनुरूप चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जायेगी ताकि मेडिकल कॉलेजों में आने वाले सभी मरीजों को 24 घंटे वार्ड ब्वाय की सेवा उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को देश-विदेश के बेहतर लेखकों के पाठ्य पुस्तकों एवं शोध पत्रों को ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मेडिकल कॉलेजों में शीघ्र ई-ग्रंथालय की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस संबंद्ध में चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को शीघ्र ई-ग्रंथालय की सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं जिसका विधिवत शुभारम्भ इसी सत्र के शुरू होने के साथ ही कर दिया जायेगा। उन्होंने प्रदेश के पिथौरागढ़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, श्रीनगर व देहरादून मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों से संबद्ध कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारयों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि मेडिकल छात्रों के छात्रावासों में सफाई से लेकर बेहतर पढ़ाई का माहौल उपलब्ध कराने के लिये कॉलेज प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेमचन्द्र, अपर सचिव स्वास्थ्य शिक्षा नमामि बंसल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, केजीएमसी लखनऊ के प्रो. सूर्यकांत सहित पिथौरागढ़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, श्रीनगर के प्राचार्य एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उच्च शिक्षा में नौकरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों को सीएम ने दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में उच्च शिक्षा विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर 43 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। मुख्यमंत्री ने चयनित 17 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। शेष सभी अभ्यर्थियों को भी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने आप सभी को सेवा का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बेहतर कार्यशैली से सभी राज्य के विकास में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य करने के लिए समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना होगा। टाइम टेबल के हिसाब से अपनी दिनचर्या बनानी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके लागू होने के बाद सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई है। इस कानून के लागू होने के बाद से राज्य में 05 लाख से अधिक लोग प्रतियोगी परिक्षाएं दे चुके हैं। योग्य अभ्यर्थियों का कई परीक्षाओं में चयन भी हो रहा है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी अभ्यर्थियों से पूरे मनोयोग से तैयारी करने को कहा है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगौली, अपर सचिव डॉ. आशीष श्रीवास्तव एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

यू कोट वी पे मॉडल को मिले रिस्पांस से स्वास्थ्य विभाग खुश, डॉक्टरों ने दिखाया उत्साह

प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति के लिए आज इंटरव्यू का तीसरा चरण आयोजित किया गया। इस साक्षात्कार में 40 विशेषज्ञ डाक्टरों ने भाग लिया। इन डाक्टरों को ‘यू कोट, वी पे‘ योजना के तहत संविदा पर तैनाती दी जाएगी। विशेषज्ञ डाक्टरों को 4 लाख से 6 लाख रुपये महीने का वेतन दिया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार का कहना है कि इन डाक्टरांे की तैनाती जल्द होगी। साक्षात्कार टीम में एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति डा. हेमचंद्र पंत, अपर सचिव स्वास्थ्य डा. अमनदीप कौर, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. विनीता शाह, अपर सचिव मेडिकल एजूकेशन डा. आशुतोष सयाना शामिल थे।
स्वास्थ्य विभाग ने पर्वतीय जिलों में स्पेश्यलिस्ट और सुपर स्पेश्यलिस्ट डाक्टरों की कमी को दूर करने की कवायद कर रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रयास रंग ला रहे हैं। देहरादून में आज हुए इंटरव्यू में पैथोलॉजिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिक, सर्जन, पीडियाट्रिश, ऑर्थाेपेडिक डॉक्टर समेत कुल 40 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ‘यू कोट, वी पे’ के माध्यम से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संविदा पर तैनाती की जानी है। साक्षात्कार प्रोफेसर हेम चंद्र, कुलपति, एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में आयोजित किये गये।
सचिव स्वास्थ्य डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि यह सारी भर्तियां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, दवाईयां, आधुनिक चिकित्सा उपकरण की सुविधाएं तो है, लेकिन प्रदेश के कुछ स्थानों पर स्पेशलिस्ट डाक्टरों के रिक्त पदों के कारण आमजन को पूर्णता सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा था। शीघ्र ही इन रिक्त पदों पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाएगी, जिससे आम जन को गुणवत्ता पूर्ण उच्च स्वास्थ्य सुविधा अपने नजदीकी चिकित्सालय में मिल सकेगी ताकि स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि तृतीय चरण में 40 स्पेशलिस्ट डॉक्टर जिसमें पैथोलॉजिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिक, सर्जन, पीडियाट्रिशन, रेडियोलॉजिस्ट, ऑर्थाेपेडिक आदि ने साझात्कार में प्रतिभाग किया गया है। आवश्यकतानुसार ‘यू कोट, वी पे’ मॉडल का चतुर्थ चरण भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया चयनित डॉक्टरों की सूची तैयार कर जल्द नियुक्ति दी जाएगी जिससे की आमजन को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए धामी सरकार ने यू कोट वी पे फार्मूले के तहत प्लान बनाया है। इस योजना के तहत विशेषज्ञ डाक्टरों को 4 लाख और सुपर स्पेश्यलिस्ट डाक्टरों को 6 लाख रुपये तक प्रति माह वेतन देने की योजना है।

महिला समूहों के निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना

रक्षा बंधन से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला समूहों को ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के रूप में तोहफा प्रदान किया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश में कार्यरत तमाम महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को इस योजना के अंतर्गत व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
प्रदेश में वर्तमान में तमाम महिला समूह कार्यरत हैं। जिनके द्वारा विभिन्न उत्पादों का निर्माण किया जाता है। हालांकि, कई बार इनको सही बाजार न उपलब्ध होने के कारण परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इसी क्रम में अब प्रदेश में ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना का उद्देश्य है कि महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को योजना के अंतर्गत व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इस हेतु प्रत्येक विकास खंड में महिला समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की किसी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शनी लगवाकर महिला समूहों को विपणन के लिए समुचित अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किये जायेंगे।
महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री को ब्लॉक स्तर पर बाज़ार मिलने से जहां उनको अपने उत्पादों की बिक्री के लिये एक मंच मिल सकेगा वहीं दूसरी ओर उत्पादों को एक नई पहचान भी मिलेगी। योजना का संचालन महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

उद्यमियों से उत्तराखण्ड को अपनी कर्मभूमि बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में देश के उद्योग जगत से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उद्यमियों का उत्तराखण्ड को अपनी कर्मभूमि बनाने का आह्वान किया। उत्तराखण्ड को देश में तेजी से विकास करने वाला राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उद्यमी राज्य के ब्रांड एम्बेसडर है। संवाद के दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखने के साथ राज्य में निवेश की भी सहमति जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की अर्थ व्यवस्था को USD 5 ट्रिलियन बनाये जाने का लक्ष्य रखा है। इसी को ध्यान में रखते हुये उत्तराखण्ड राज्य द्वारा राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये सशक्त उत्तराखण्ड मिशन लॉच किया गया है, जिसके अन्तर्गत अगले 5 वर्षों में राज्य की जीएसडीपी दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की निवेशक केन्द्रित नीतियां, बुनियादी ढांचे में निवेश, कुशल जनशक्ति की उपलब्धता और गुड गवर्नेस के द्वारा राज्य में स्वस्थ निवेश के वातावरण की नींव रखी है। बेहतर योजना संरचना, प्रभावी नीति निर्धारण, नवाचारों का प्रोत्साहन एवं अन्तर्विभागीय समन्वय तथा विकास कार्यों के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन हेतु नीति आयोग की तरह राज्य में सेतु (State Institute for Empowering and Transforming Uttarakhand) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की भांति राज्य सरकार द्वारा भी अनुपयोगी अधिनियमों को हटाने/बदले जाने की कार्यवाही की जा रही है। अब तक लगभग 1250 ऐसे अधिनियमों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से लगभग 500 अधिनियमों को सिंगल रिपील एक्ट के माध्यम से विलोपित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को बेहतर एवं समयबद्ध सुविधायें देने हेतु प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है। राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के सृजन तथा निवेशकों को आकर्षित करने हेतु उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दृश्टि से सशक्त राज्य की परिकल्पना आज सभी राज्य कर रहे हैं। हमने भी उत्तराखण्ड को वर्श 2025 तक देष का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम सामुहिक प्रयासों के द्वारा प्रधानमंत्री जी की अवधारणा ’’सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास’’ इस मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले 9 सालों में उत्तराखण्ड राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को विभिन्न विकास योजनाएं दी गई है। चार धाम ऑल वेदर रोड पर तीव्र गति से काम किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तेजी से कार्य हो रहा है। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य पर तेजी से कार्य चल रहा है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य प्रगति पर हैं। प्रधानमंत्री जी ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है। इससे आने वाले समय में यात्रा सुगम होगी। ऋषिकेश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। पवित्र चारधाम मंदिर, हरिद्वार व ऋशिकेष में मोक्षदायिनी गंगा के साथ-साथ मानसखण्ड मंदिर मिशन प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मांकन की दृष्टि से पूरा उत्तराखण्ड ही एक डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि राज्य में ’’ईज आफ डूईंग बिजनेस’’ के साथ-साथ ’’पीस आफ डूईंग बिजनेस’’ भी है। उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत उद्योगों में श्रमिक असंतोष की घटनायें न के बराबर हैं। श्रमिक असंतोष के कारण उद्योगों में मानव श्रम का ह्रास देश में सबसे कम है। उत्तराखण्ड में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 22 प्रतिशत कम अपराध दर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2022 के निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड राज्य हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर, जबकि सम्पूर्ण देष में 9वें स्थान पर है। उद्योग संवर्द्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग की ’’ LEADS’’ रैंकिंग में वर्श 2022 की रैंकिंग में उत्तराखण्ड राज्य एचीवर्स श्रेणी में शामिल है। इसी प्रकार स्टार्टअप रैंकिंग में ’’लीडर’’ श्रेणी में शामिल है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन हेतु उद्योग निदेशालय स्तर पर एक समर्पित ’’इन्वेस्टर फैसिलिटेशन सेल’’ की स्थापना की है, जो निवेशकों/व्यवसायियों के लिये ’’वन स्टॉप शॉप’’ के रूप में डेडीकेटेड हैण्डहोल्डिंग सपोर्ट। रू0 5.00 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश करने वाले उद्यमियों के लिये एक डेडीकेटेड रिलेशनशिप मैनेजर की सुविधा उपलब्ध है। निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति हेतु राज्य में ऑनलाईन सिंगल विण्डो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में 2003 के बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्वीकृत किये गये विशेष औद्योगिक पैकेज से औद्योगीकरण में तेजी आई है। राज्य में तीन बडे औद्योगिक पार्क बनाये गये हैं। राज्य की नीति संरचना में पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु नीति-2023 शामिल हैं। हमने विभिन्न क्षेत्रों में 27 नीतियां प्रख्यापित की हैं। राज्य की सभी नीतियां निवेशक अनुकूल हैं और हमने अन्य राज्यों की तुलना में अपनी नीतियों को आकर्षक बनाया है। राज्य में वर्तमान में लगभग 6000 एकड़ का लैण्ड बैंक विभिन्न सैक्टर के उद्योगों की स्थापना हेतु बना लिया है। इसके साथ-साथ उद्योगों के लिये आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु निजी औद्योगिक आस्थानों/क्षेत्रों की स्थापना हेतु नीति-2023 लागू की है। निजी क्षेत्र में उद्योग स्थापना हेतु यदि 80 प्रतिशत भूमि उद्यमी द्वारा क्रय कर ली जाती है और शेष भूमि क्रय करने में बाधा उत्पन्न होती है, तो राज्य सरकार द्वारा उक्त भूमि का अधिग्रहण कर उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उद्यमियों, हितधारकों तथा सम्बन्धित विभागों से निरन्तर संवाद के माध्यम से ही समस्याओं के निस्तारण का प्रारम्भ सितम्बर, 2021 से किया गया है। विभिन्न बैठकों में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं में से 90 प्रतिशत से अधिक समस्याओं का निस्तारण किया जा चुका है। विभिन्न उद्योगों एवं राज्य सरकार के विभागों के मध्य विवाद की स्थिति के सम्मानजनक निस्तारण हेतु सुलह समिति बनाई है। इस समिति के माध्यम से बातचीत एवं आपसी सुलह के द्वारा ऐसे विवादों के समाधान की व्यवस्था है। हमारी नीतियों की संरचना प्रगतिषील है और इनका उद्देश्य सतत् और समग्र विकास है। हामारी नितियां महिलाओं, एस0सी0, एस0टी0 और युवा के विकास पर केन्द्रित हैं। सम्पन्न पारिस्थितिक तंत्र, कुषल और प्रतिभाशाली कार्यबल, उच्च तकनीकी विषेशज्ञता, निरन्तर इनोवेषन और व्यापार अनुकूल नीतियों के संयोजन द्वारा हम राज्य को सभी तरह के व्यवसाय एवं व्यवसायियों हेतु एक आदर्ष गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के उत्साहजन सुविधाओं के प्रति आभार जताते हुए उत्तराखण्ड राज्य के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 ’’डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-2.0’’ के अन्तर्गत देष के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले रोड शो में सम्मिलित होने व इस आयोजन के मुख्य कार्यक्रम में सहभागी बनने की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस.एस संधु, सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली ने भी राज्य में निवेशकों के हित में की गई पहल की जानकारी दी। सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डे ने आभार व्यक्त किया तथा महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उद्योगों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। संवाद के दौरान असोचेम के अध्यक्ष अजय सिंह ने उत्तराखण्ड की स्टार्टअप पॉलिसी की सराहना करते हुए, राज्य में होटल टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। ऑटोमोटिव कॉम्पोनेन्ट मनुफैचतुरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डारेक्टर जनरल विन्नी मेहता ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए उनकी औद्योगिक नीतियों को सराहा। आल इंडिया मोटर्स ट्रंसपोर्ट (कांग्रेस) ए.पी. उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में अब काम करना आसान है। पी एच डी चौम्बर ऑफ कॉमर्स ने कहा उत्तराखंड सरकार पूरे भारत में औद्योगिक गतिविधियों के लिए बहुत सक्रिय है और उन्होंने उत्तराखंड सरकार को सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में किये जा रहे प्रयासों के लिये बधाई दी है।
इस संवाद कार्यक्रम में पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के महासचिव सौरभ सनयाल, ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के महानिदेशक विन्नी मेहता, हेल्थकेयर फेडरेशन ऑफ इण्डिया के महासचिव सिद्धार्थ भट्टाचार्य, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति, इण्डियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटरस् के अध्यक्ष राजीव मेहरा, ऑल इण्डिया मोटर ट्रॉसपोर्ट कांग्रेस के महासचिव नवीन गुप्ता, ऑल इण्डिया फूड प्रोसेसर्स एसोसिएषन के अध्यक्ष राघव जदली, एसोएिसशन ऑफ कन्टेनर ट्रेन ऑपरेटर्स के अध्यक्ष मनीष पुरी, द फेडरेशन ऑफ इण्डियन चौम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के अध्यक्ष शुभ्रकांत पाण्डा, एसोसिएटेड चौम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष अजय सिंह, कॉन्फेड्रेशन ऑफ रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के सचिव पंकज गोयल, होटल एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के महासचिव एम.पी बेजबरूवा, नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एण्ड सर्विस कम्पनीज के अध्यक्ष देबजानी घोष, सोसाइटी ऑफ इण्डिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स के महानिदेशक राजेश मेनन सहित लगभग तीन दर्जन से अधिक उद्यमियों ने अपने सुझाव एवं विचार रखे।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी के साथ अन्य अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

राज्य में वैश्विक निवेश सम्मेलन का दिसम्बर में आयोजन, आज कई दिग्गजों से सीएम ने दिल्ली में की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में उत्तराखण्ड में आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेश सम्मेलन में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई) के उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष दीपक जैन, सी.आई.आई. के उपाध्यक्ष माधव सिंघानिया से विचार विमर्श किया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में सी.आई.आई. के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को उद्योग जगत के प्रमुखों की भागीदारी सुनिश्चित कर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। इस आयोजन में सीआईआई ने निवेशकों और राज्य के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में अपनी सहयोगी की बात कही जिससे राज्य के विकास और प्रगति के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिल सके। इसके अतिरिक्त, सीआईआई ने राज्य के साथ मिलकर काम करने, पारिस्थितिक संतुलन और समग्र विकास को प्राथमिकता देने के लिए सतत विकास के लिए सीआईआई-आईटीसी उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता की उपलब्धता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य ने हाल ही में राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए 27 क्षेत्रीय नीतियां बनाई गई हैं। सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था में 41 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिए एक समर्पित नीति प्रेषित करने की भी योजना बनाई जा रही है। सीआईआई और उत्तराखंड सरकार के मध्य विविध निवेश अवसरों की खोज और सहयोगात्मक पहल इस बैठक के प्रमुख विषय थे, जिन्हें राज्य के विकास को गति देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्रित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा से भी निवेश से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि फिक्की के सहयोग से देश व विदेशों में शो आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने फिक्की से उत्तराखण्ड में जमीनी सहयोग पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य के निवेश की असीम संभावनाएं है। राज्य में देश के साथ विदेशों से भी इस क्षेत्र में उद्यमी आए इसके प्रयास किये जा रहे है। योग और वेलनेस राज्य की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आकर्षक पर्यटन नीति तैयार की गई है जिसके तहत अनेक क्षेत्रों में सब्सिडी दी जा रही है। पर्यटन क्षेत्र राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से निवेश के लक्ष्य की पूर्ति हेतु सरकार प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ साथ यह भी सुनिश्चित करेगी की निवेशकों के हित,ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि, बाग़वानी, आयुष, योग, सर्विस सेक्टर और अन्य संभावित क्षेत्रों को और अधिक समृद्धशाली कैसे बनाया जाए इसका रोड मैप लेकर हम अधिक से अधिक निवेश कैसे सुनिश्चित करें, इस पर काम कर रहे हैं। इन्हीं उद्देश्यों के साथ हमने उत्तराखंड में एक निवेश क्रांति लाने का संकल्प लिया है। इन्वेस्टर समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से लगातार संवाद किया जा रहा है। विभिन्न बैठकों में निवेशकों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 से निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ेगें एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग जगत में हो रहे नए नवाचारों से हमारे उद्यमियों को भी लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किये गये मेक इन इंडिया और पी. एम. गति शक्ति जैसी केन्द्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में उत्तराखण्ड के उद्यमी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आजादी के इस अमृत काल में उत्तराखण्ड को भी आगे बढ़कर अपना योगदान देना है, इसमें उद्योग जगत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के बैकबोन लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य में व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनायें शुरू की गयी है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ऑफ आर्ट के रूप में आई०सी०डी० की स्थापना की गयी है। शीघ्र ही अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का कार्य आरम्भ होने वाला है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड लॉजिस्टिक्स नीति-2023 प्रख्यापित की गयी है, जिससे आधारभूत संरचना के विकास में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने विकसित उत्तराखंड को केंद्र में रख कर अपनी नीतियां बनाई हैं और यहीं कारण है कि आज उत्तराखंड तेजी से बिजनेस फ्रेंडली डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस.एस संधु, सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक उद्योग के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।