सीएम ने दिया आश्वासन, युवा बेरोजगारों के हित को लेकर नही होगा समझौता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को सायं मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड एन.आई.ओ.एस., डी.एल.एड., टी.ई.टी. शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। महासंघ के अध्यक्ष नन्दन सिंह बोहरा के नेतृत्व में आये प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके प्रकरण में मा. उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय को लागू करने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी समस्याएं सुनी और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिये प्रयास किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं को परेशानी न हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास समस्याओं का सरलीकरण के साथ उचित समाधान करने का है। युवा बेरोजगारों को अनावश्यक न्यायालयों की शरण में न जाना पड़े इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
महासंघ के अध्यक्ष नन्दन सिंह बोहरा एवं अपराजिता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के लिये दिये गये आश्वासन के लिये हम सब उनका आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई वार्ता के लिये भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राम चन्द्र, सुरेन्द्र कुमार, नवीन चन्द्र, मोहित कुमार, योगेश महंत, योगेश बोहरा, पवन कुमार, संगीता एवं हिमांशु कुमार ओली उपस्थित रहे।

सदन में धामी सरकार ने रखा अनुपूरक बजट

वित्त व संसदीय कार्य मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आज शीतकालीन विधानसभा सत्र के प्रथम दिन पहला अनुपूरक बजट 2022-23 पेश किया।
मंगलवार को सदन में प्रथम अनुपूरक बजट 2022-23 पेश करते हुए वित्त व संसदीय कार्य मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि 2022-23 का मूल बजट 65 हजार 571 करोड़ का था। मुख्यतः मूल बजट के उपरान्त कुछ केन्द्रपोषित योजनाओं में केन्द्र सरकार से धनावंटन होने अथवा धनावंटन की प्रत्याशा के कारण तद्विषयक धनराशि का समावेश करने हेतु वचनबद्ध मदों में वर्ष के शेष माहों में धनराशि कम पड़ने की सम्भावना के दृष्टिगत राज्य अकस्मिकता निधि से स्वीकृत अग्रिमों की प्रतिपूर्ति करने तथा कुछ नई योजनाओं के कारण अनुपूरक बजट की आवश्यकता हुई है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि 5440.43 करोड़ रुपए के इस अनुपूरक बजट में लगभग रू0 3226.46 करोड़ मतदेय तथा 2213.97 करोड़ भारित से संबंधित प्रावधान है। भारित के अन्तर्गत पूंजीगत मद में वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) तथा ऋणों का भुगतान तथा राजस्व मद में श्री राज्यपाल के कार्यालय, ऋण शोधन निधि तथा न्याय प्रशासन से संबंधित योजना है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र पोषित योजनाओं हेतु लगभग रू0 727 करोड़ के केन्द्रांश तथा लगभग रू0 301 करोड़ राज्यांश सहित कुल लगभग रू0 1028 करोड़ का प्रावधान है। वाह्य सहायतित परियोजनाओं हेतु लगभग रू0 106 करोड तथा नाबार्ड से सम्बन्धित योजनाओं हेतु लगभग रू0 40 करोड का प्रावधान है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि अनुपूरक बजट में लगभग रू0 2276.43 करोड़ राजस्व मद से संबंधित तथा रू0 3164 करोड़ पूँजीगत मद से संबंधित है। राजस्व की प्रमुख मद वेतन पारिश्रमिक पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभ, उपयोगिता बिल, सामाजिक पेंशन एवं अनुरक्षण आदि है जबकि पूंजीगत के अन्तर्गत प्रमुखतः बृहद निर्माण एवं वेज एण्ड मीन्स एडवांस सम्मिलित है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि अनुपूरक बजट में लगभग 60 प्रतिशत धनराशि संसाधन सम्बद्ध है। संसाधन सम्बद्ध योजनाओं में संसाधन सुनिश्चित होते है तथा उपलब्ध संसाधनों से ही व्यय होता है। केन्द्रपोषित योजना तथा वेज एण्ड मीन्स एडवांस को रिसोर्स लिंक्ड कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि शेष लगभग 40 प्रतिशत धनराशि का व्यय मूल बजट में अनुमानित मुख्यतः वेतन आदि के सापेक्ष हो रही बचत से है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख राजस्व मदों में वेतन आदि मद में लगभग रू0 160 करोड़ तथा मजदूरी हेतु लगभग रू0 114 करोड़, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन की मद में लगभग रू0 230 करोड़ का प्राविधान किया गया। है। सामाजिक सुरक्षा से सम्बन्धित पेंशन हेतु लगभग रू0 58 करोड़ का प्राविधान किया गया है। राज्य आन्दोलनकारी पेंशन मद में लगभग रू0 20 करोड़ का अतिरिक्त प्राविधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि हमारी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं अंत्योदय की भावना से प्रेरित होकर सामाजिक कल्याण की योजनाओं हेतु यथाआवश्यकता व विभागीय मांग के अनुरूप प्राविधान किया है। सामाजिक सुरक्षा के अन्तर्गत वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, परित्यक्त/निराश्रित महिला किसान पेंशन आदि विभिन्न पेंशन योजनाओं हेतु कुल मिलाकर लगभग रुपये 58 करोड़ की धनराशि का प्राविधान किया जा रहा है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए हमारे सैनिक भाई सदैव तैयार रहते है। उनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए विभिन्न सैन्य विश्राम गृहों के अनुरक्षण हेतु भी समुचित प्राविधान किये गये है। इसी प्रकार सैनिक कल्याण से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की पेंशन व पुरस्कार हेतु प्रावधान किये गये है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि जनकल्याण की भावना के साथ महिला एवं बाल विकास हेतु विभिन्न योजनाओं में आवश्यक प्राविधान किया गया है। नंदा गौरा योजना हेतु लगभग रू0 131 करोड़ मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत रू0 13 करोड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजनान्तर्गत रु0 18 करोड़ का प्राविधान किया जा रहा है। चिकित्सा व उपचार हेतु अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत रु० 151 करोड़ का अतिरिक्त प्राविधान किया जा रहा है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि युवा कल्याण हेतु न केवल स्टाइफण्ड/छात्रवृति हेतु प्राविधान किया गया है अपितु स्टेडियम निर्माण आदि के लिए आवश्यक प्राविधान किये गये है। लेब ऑन व्हील्स, सांइस सिटी आदि के क्षेत्र में प्रावधान करके भी युवाओं के उज्वल भविष्य के मार्ग को प्रशस्त करने का प्रयास किया गया है। एनडीए में चयनित छात्रों को पुरस्कार एवं संघ लोक सेवा आयोग एवं उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षाओं की कोचिंग हेतु मेधावी छात्र/छात्राओं को विशेष आर्थिक सहायता हेतु समुचित प्रावधान किये गये है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना के लिये रू0 1.50 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि हम पूँजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन के लिए प्रयत्नशील है। इसी क्रम में इस अनुपूरक मांग में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना हेतु लगभग रू0 350 करोड़, लोक निर्माण विभाग में रू० 220 करोड़, शहरी विकास के क्षेत्र में लगभग रुपये 210 करोड़, पेयजल क्षेत्र में लगभग रूपये 130 करोड़, न्याय प्रशासन क्षेत्र में लगभग रूपये 56 करोड़, खेल और युवा कल्याण क्षेत्र में लगभग रूपये 40 करोड़ कृषि के क्षेत्र में लगभग रूपये 17 करोड़, पशुपालन के क्षेत्र में लगभग रू0 20 करोड़, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगभग रूपये 10 करोड़, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगभग रूपये 4 करोड़ को सम्मिलित करते हुए इन विभागों सहित पूंजीगत परिव्यय (केपिटल आउटले) हेतु समग्र रूप से लगभग रूपये 1154 करोड़ का प्राविधान किया गया है। इस में अनुरक्षण की धनराशि सम्मिलित नहीं है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन से सम्बन्धित अधिकांश योजनाएं केन्द्रपोषित होने के कारण संसाधन सम्बद्ध है अर्थात सम्बन्धित योजनाओं में केन्द्र सरकार से धनराशि प्राप्त हो गयी है या प्राप्त होने की प्रत्याशा है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि महालेखाकार द्वारा दिए गए परामर्श के अनुसार वेज एण्ड मीन्स एडवांस हेतु पहली बार अनुपूरक के माध्यम से अतिरिक्त मांग की जा रही है। रू० दो हजार करोड़ का प्रस्ताव वेज एण्ड मीन्स एडवांस के अंतर्गत है। वेज एण्ड मीन्स एडवांस पूंजीगत मद है। ऐसा करते हुए न केवल महालेखाकार द्वारा दिये गये सुझावों का अनुपालन होगा अपितु राज्य के कैश फ्लो के प्रतिकूल होने की स्थिति में वेज एण्ड मीन्स एडवांस एडवांस के अन्तर्गत पूर्व की अपेक्षा रू० दो हजार करोड़ अधिक धनराशि नितान्त अस्थाई व्यवस्था के अन्तर्गत रिजर्व बैंक से लिया जा सकेगा।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कृषि व सहायक गतिविधियों के विकास हेतु राजस्व पूँजीगत दोनों मदों में प्राविधान किया गया है। कृषि विभाग के अर्न्तगत जल पम्प, स्प्रिंकलर सेट, पाली हाउस विधिकरण योजना हेतु लगभग रु० 30 करोड़, जलवायु अनुकूल बरानी कृषि परियोजना हेतु लगभग रू0 12 करोड़ का प्राविधान किया जा रहा है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए एम.एस.एम.ई. पॉलिसी से अपने उद्यमी भाईयों को लाभान्वित करने के लिए रू० 25 करोड़ का प्राविधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि परिवहन के क्षेत्र में सुचारू सेवाओं हेतु उत्तराखण्ड परिवहन निगम को पर्वतीय क्षेत्रों में संचालन हो रहे नुकसान (हिल लॉस) को संज्ञान लिया गया है तथा लगभग रू0 20 करोड का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि ग्राम्य विकास के अर्न्तगत मनरेगा हेतु लगभग रू0 191 करोड, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान हेतु लगभग रू0 48 करोड़ का प्राविधान किया जा रहा है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि शहरी विकास हेतु मलिन बस्ती विकास/नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग रू0 15 करोड़ स्मार्ट सिटी हेतु लगभग रू0 114 करोड़ तथा वाह्य सहायतित परियोजना नगरीय अवस्थापना का सुदृढीकरण हेतु लगभग रू0 81 करोड़ का प्रविधान किया गया है।

किसान को अच्छी पैदावार और गुणवत्ता युक्त पौध उपलब्ध कराये-गणेश जोशी

कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ एक सप्ताह पूर्व हुई बैठक में दिए गए दिशा निर्देशों की प्रगति की जानकारी ली।
बैठक में मंत्री जोशी ने विभागीय अधिकारियों से पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए दिशा निर्देश की जानकारी ली अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि शीतकालीन सीजन में फल एवं सब्जी के पौध की डिमांड में फलों की डिमांड 7,47,341 आयी है। ऐसे ही सब्जियों के पौधों की मांग 257.61 लाख आयी है। इसी प्रकार फलों में सेब की पौध की डिमांड 4,15,905 आयी है। मंत्री जोशी ने अधिकारियों को सेब पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को जनपदवार डीएचओ से पर्सनली बात कर प्लांटेशन बढ़ाने के निर्देश दिए।
मंत्री जोशी ने कहा कि किसान को गुणवत्ता युक्त वैरायटी के पौधे उपलब्ध कराए जाए। उन्होंने कहा आज किसान सेब की एम-9 की वैरायटी की जगह रूट स्टॉक की वैरायटी की ओर जा रहे है, जिसको लेकर मंत्री जोशी ने कहा कि जिससे किसानों को लाभ हो वह अच्छी वैरायटी के पौध किसानों को उपलब्ध कराया जाय। मंत्री जोशी ने एम-9 को रूटस्टॉक में परिवर्तित कर किसानों को गुणवत्ता युक्त और अच्छी पैदावार के पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री जोशी ने कहा कि किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ शीघ्र ही ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू करने जा रहे हैं जिसमें हिमाचल के जीत चौहान से बातचीत की जा रही है। ताकि वह किसानों को ट्रेनिंग दे सके।
बैठक में रूफ गार्डनिंग को लेकर भी चर्चा की गई जिसमे उद्यान विभाग द्वारा रूफ गार्डनिंग को प्रोत्साहित करने के लिए 25 दिसंबर से 2 जनवरी 2023 तक रूप गार्डनिंग सप्ताह के रूप में मनाया जायेगा। मंत्री जोशी ने कहा कि फरवरी बसंतोत्सव के समय उसमें फूलों के साथ साथ रूफ गार्डनिंग में उगाई गई उत्पाद के साथ प्रतियोगिता की जाएगी। जिसमे रूफ गार्डनिंग के प्रोत्साहन के लिए विजेता को ईनाम दिया जाएगा।
बैठक में मंत्री जोशी ने सेंटर फॉर एक्सीलेंस को लेकर अधिकारियों को एक सप्ताह में एक्शन प्लान बनाने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही मंत्री जोशी ने अधिकारियों को नर्सरी के लिए एक ठोस कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए मंत्री जोशी ने कहा कि अगली बार किसान पौध के लिए बाहर न जाए, सभी पौध यहां से अन्य राज्यों में सप्लाई हो इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। मंत्री जोशी ने कहा कि हमारा जो संकल्प है कि 2025 तक किसान को आय दोगुनी हो इस दिशा में प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।
इस अवसर पर सचिव वी.बी. आरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

परिवहन आयुक्त ने आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को लेकर पूर्ण जानकारी दी

परिवहन आयुक्त अरविन्द सिंह ह्याँकी द्वारा राज्य में स्थापित आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापना के महत्व की परिकल्पना के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है।
इस संबंध में परिवहन आयुक्त द्वारा इसकी स्थापना एवं परिकल्पना का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया है कि परिवहन यान का समय-समय पर फिटनेस टेस्ट आर.टी.ओ/ए.आर.टी.ओ. कार्यालयों में तैनात आर.आई. (टेक्निकल) के द्वारा भौतिक तरीके से करते हुए फिटनेस सर्टिफिकेट निर्गत किया जाता रहा है। इस पद्धति के अंतर्गत आर. आई. (टेक्निकल) की दक्षता के साथ-साथ परीक्षण सम्बन्धी उपयुक्त उपकरणों की अनुपलब्धता सम्बन्धी व्यावहारिक कठिनाइयां भी रही है। उन्होंने बताया कि देश एवं प्रदेश के अंतर्गत यात्रियों, वाहन चालक एवं वाहन की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण भी नित्य प्रति एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। इस दृष्टि से वाहन का सही-सही परीक्षण करने हेतु तकनीक का प्रयोग अपरिहार्य हो गया है। वाहन के फिटनेस परीक्षण को बेहतर एवं त्रुटिरहित बनाये जाने के निमित्त ही भारत सरकार द्वारा ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना की परिकल्पना तैयार की गई और इस निमित्त ऐसे केन्द्रों की स्थापना हेतु सभी राज्य सरकारों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये, जिसके क्रम में राज्य सरकार द्वारा दो स्थानों पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया। इसके अतिरिक्त निजी निवेश के माध्यम से भी ऐसे केन्द्रों की स्थापना हेतु दिनांक 23.09.2021 को दिशा-निर्देश निर्गत किये गये। भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों में राज्य सरकारों के द्वारा अपने राज्यों में ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर्स की शीघ्र स्थापना की जानी थी। इस निमित्त भारत सरकार द्वारा समय-समय पर अनुश्रवण किया जाता रहा है।
परिवहन आयुक्त द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा फिटनेस टेस्टिंग की व्यवस्था को त्रुटिरहित बनाये जाने हेतु दिनांक 05.04.2022 को निर्गत अधिसूचना के माध्यम से जारी होने वाले परिवहन वाहनों के फिटनेस के प्रमाण पत्र का नवीनीकरण के संबंध में जो अवधि निर्धारित की गई है उसमें आठ साल तक के वाहनों के लिए दो साल और आठ साल से पुराने वाहनों के लिए एक साल की अवधि रखी गई है जबकि स्वचालित परीक्षण स्टेशन की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण के लिए नियम 175 के अनुसार पंजीकृत स्वचालित परीक्षण स्टेशन के माध्यम से ही फिटनेस अनिवार्य रूप से की जाएगी। इस प्रकार 01 अप्रैल 2023 से प्रभावी भारी माल वाहनों/भारी यात्री मोटर वाहनों के लिए तथा मध्यम माल वाहनों/मध्यम यात्री मोटर वाहनों और हल्के मोटर वाहनों (परिवहन) के लिए 01 जून 2024 से यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। भारत सरकार द्वारा उक्तानुसार मोटर व्हीकल रूल में किये गये संशोधन के क्रम में राज्य सरकारों को संदर्भित नियम में निर्दिष्ट तिथि से पूर्व ऑटोमेटेड टेस्टिंग केन्द्रों की व्यवस्था करनी है।
उक्त पृष्ठभूमि में ही उत्तराखण्ड शासन द्वारा इस वर्ष जनपद ऊधमसिंहनगर तथा जनपद देहरादून में एक-एक ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना हेतु निजी व्यवसायियों को लाईसेंस दिया गया और उनके द्वारा भारत सरकार के मानकानुसार केन्द्र की स्थापना कर लिये जाने पर उन केन्द्रों में टेस्टिंग हेतु सम्बन्धित वाहन परिक्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुए तत्सम्बन्धी दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में टेस्टिंग स्टेशन की वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में मात्र देहरादून एवं रुद्रपुर में ही निजी क्षेत्र में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना की गई है जबकि अन्य जनपदों में वर्तमान में वाहनों की फिटनेस का कार्य पूर्ववत् परिवहन कार्यालयों में सम्पादित किया जाता रहेगा।
परिवहन आयुक्त द्वारा सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं संभागीय परिवहन अधिकारियों को जारी पत्र में टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना के विरोध में प्रस्तावित चक्का जाम के दृष्टिगत स्थानीय स्तर पर अतिआवश्यक सेवाओं के वाहनों का संचालन बाधित न हो, इस हेतु समुचित उपाय किये जाने तथा ऐसे वाहन स्वामी जो अपने वाहनों का संचालन करना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि यूनियन के सदस्यों द्वारा जबरन वाहनों के संचालन में बाधा उत्पन्न न की जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उत्तराखण्ड परिवहन निगम से समन्वय करते हुए स्थानीय स्तर पर वाहनों की व्यवस्था की जाए। स्थानीय परिवहन व्यवसायियों के साथ संवाद करते हुए योजना की सही जानकारी उपलब्ध कराये जाने तथा उन्हें चक्काजाम में सम्मिलित न होने के लिए प्रेरित किये जाने की अपेक्षा भी उन्होंने की है।

विदेश मंत्री ने धामी को लिख पत्र, कहा-उत्तराखंड के नागरिकों को मुहैया करायेंगे सहायता

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर बताया है कि नाइजीरिया में फंसे उत्तराखण्ड के दो लोगों सहित सभी भारतीयों को हर सम्भव सहायता दी जाएगी। इसके लिये अबुजा स्थित हाई कमीशन नाइजीरिया सरकार के संबंधित अधिकारियों के लगातार सम्पर्क में है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित किया जाएगा। गौरतलब है कि नाइजीरिया में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी में सहायता के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया था।

धामी सरकार में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब नियमित एवं संविदा पर तैनात फैकल्टी को वेतन के अतिरिक्त 50 प्रतिशत भत्ता दिया जायेगा। धामी सरकार के इस निर्णय से जहां एक ओर पर्वतीय जनपदों के मेडिकल कॉलेजों को पर्याप्त फैकल्टी मिल पायेगी वहीं विशेषज्ञ चिकित्सक भी मेडिकल कॉलेजों में अपनी सेवाएं देने के लिए आसानी से उपलब्ध हो पायेंगे।
धामी सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि काफी प्रयासों के बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेन्ट प्रोफेसर अपनी सेवाएं देने के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे जिसका एक कारण कम वेतनमान एवं पर्याप्त सुविधाएं न मिल पाना सामने आया था जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात नियमित एवं संविदा दोनों ही श्रेणी के फैकल्टी को मेडिकल टीचर्स डेफिसेन्सी कम्पनसेटरी स्कीम के अंतर्गत 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया।
डॉ रावत ने बताया कि वर्तमान में यह अतिरिक्त भत्ता पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा में लागू होगा तथा भविष्य में पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित किये जाने वाले सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तैनात संकाय सदस्यों, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर तथा असिस्टेन्ट प्रोफेसर को भी उक्त भत्ता देय होगा। उन्होंने बताया कि इस अतिरिक्त भत्ते के भुगतान हेतु एक कॉरपस फण्ड बनाया जायेगा जिसका संचालन संबंधित कॉलेज के प्राचार्य द्वारा किया जायेगा। संकाय सदस्यों को मिलने वाला 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता फैकल्टी के पे स्लिप पर अंकित नहीं होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत ने कहा कि काफी प्रयासों के बावजूद राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर तथा अल्मोड़ा में पर्याप्त फैकल्टी नहीं मिल पा रही थी लेकिन राज्य सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ते की स्वीकृति के बाद इस प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहकारिता विभाग को दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऋण वितरण सिस्टम के सरलीकरण पर ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋण वितरण के प्रोसेस को जितना सरल किया जाएगा उतने अधिक लोग विभागीय योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे।
मुख्य सचिव ने पर्वतीय क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर पर्वतीय क्षेत्रों में छोटी-छोटी पैकेजिंग यूनिट लगाकर पर्वतीय स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में अगले 3 से 5 सालों का रोडमैप तैयार कर प्रस्तुतिकरण दिए जाने की बात भी कही। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 4 जनपदों में संचालित मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना को प्रदेशभर में शुरू करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने साइलेज की मांग के अनुसार पूर्ति सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी हितधारकों के साथ बैठकें आयोजित कर अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जाएं। साथ ही, इस दिशा में और क्या किया जा सकता है इस पर प्रस्तुतीकरण दिए जाने की भी बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में बंजर पड़ी भूमि क्लस्टर आधारित खेती महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि बंजर भूमियों को आबाद करने से एक ओर जहाँ उत्पादन बढ़ेगा, वहीं रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह पलायन रोकने में भी मददगार साबित होगा। ऐसी फसलों पर भी फोकस किया जाए जिन्हें जंगली जानवर, बंदर-सुअर आदि नुकसान नहीं पहुंचाते। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री मोटर साइकिल टैक्सी योजना में मोटरसाईकिल क्रय की सीमा को 1 से बढ़ाकर 5 या 10 किए जाने की बात भी कही।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आमजन को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए एमपैक्सों का कम्प्यूटरीकरण शीघ्र से शीघ्र किया जाए। साथ ही, दिसम्बर माह से जनपद स्तरीय कार्यालयों सहित पूरे प्रदेश में ई-ऑफिस व्यवस्था शुरू की जाए। उन्होंने विभाग को एनुअल वर्क कैलेन्डर तैयार कर उसके अनुसार सभी प्रकार की गतिविधियां निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए फंड्स की व्यवस्था करते समय इस बात पर भी गौर किया जाना चाहिए कि इस योजना के लिए सबसे सस्ते में कहाँ से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में डवटेलिंग कर योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने नाबार्ड द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसंरचनात्मक विकास हेतु सस्ते ऋण का भरपूर उपयोग किए जाने की बात भी कही।
इस अवसर पर सचिव वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जांच कराने वाले को ही निशाने पर लेने के पीछे मंशा समझ से परे

उत्तराखंड विधानसभा में तदर्थ भर्ती को विचलन से मंजूरी कोई 2022 में पहली बार नहीं दी गई। राज्य के लगभग हर सीएम के कार्यकाल में ये मंजूरियां दी गईं। ऐसा कोई हम नहीं कह रहे, बल्कि स्पीकर ऋतु खंडूड़ी की बनाई डीके कोटिया समिति की रिपोर्ट और खुद विधानसभा के हाई कोर्ट में दाखिल किए गए काउंटर में इस हकीकत का विस्तार से जिक्र किया गया है।
सबसे पहली बार 2001 में तत्कालीन सीएम नित्यानंद स्वामी ने 53 पदों पर तदर्थ भर्ती को विचलन से ही मंजूरी दी। इसके बाद कांग्रेस सरकार में सीएम एनडी तिवारी ने तो विचलन से तदर्थ भर्ती को मंजूरी देने का रिकॉर्ड ही बना दिया। उन्होंने 2002 में 28, वर्ष 2003 में 05, वर्ष 2004 में 18, वर्ष 2005 में 08, वर्ष 2006 में भी जाते जाते 21 पदों को मंजूरी दी।
इसके बाद वर्ष 2007 में सीएम बने बीसी खंडूड़ी ने तो कुर्सी संभालने के महज कुछ महीने के भीतर ही 27 पदों पर तदर्थ भर्ती को मंजूरी दी। इन्हीं भर्तियों में उन्होंने अपने पर्यटन सलाहकार प्रकाश सुमन ध्यानी की बेटी, अपने खासमखास महेश्वर बहुगुणा के बेटे, अनिल नेगी की पत्नी, मेयर गामा की पत्नी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट के साले समेत कई अपने करीबियों को विधानसभा में बेकडौर से भर्ती कराया। इसके बाद वर्ष 2014 में सात और 2016 में 149 पदों पर तदर्थ भर्ती की विचलन से मंजूरी तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने दी। यही परंपरा 2022 में भी जारी रही। विचलन से सीएम की ओर से दी मंजूरी का अर्थ ये नहीं की कुछ भी कर लिया जाए। भर्ती को लेकर जो भी प्रक्रिया अपनाई जाती है, वो स्पीकर के स्तर पर ही होती है। पहली बार सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ही स्पीकर की मनमानी को नियंत्रित किया। सख्त व्यवस्था बनाई की पदों की मंजूरी सिर्फ एक साल के लिए दी गई। जिसे दिसंबर 2022 में ही समाप्त हो जाना था। इस तरह उत्तराखंड के इतिहास में अकेले पुष्कर धामी ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने विधानसभा में स्पीकर को भी भर्ती के मामले में नियंत्रित कर एक मिसाल कायम की।

पौड़ी के अभिनव ने नौसेना में पाया कमीशन

पौड़ी के एक लाल अभिनव रावत ने शनिवार को नौसेना में सेकेंड लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन हासिल कर लिया है। केरल के इजीमाला स्थित नेवल अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद अभिनव नौसेना की मुख्यधारा में शामिल हो गया। अभिनव की पीपिंग सेरमनी में उसके पिता मातवर सिंह रावत और मां लक्ष्मी रावत भी मौजूद रही। अभिनव पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लाक के चमाली गांव का निवासी है। सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिनव रावत ने कहा कि वह उत्तराखंड की देशसेवा और कर्तव्यपरायणता की समृद्ध और गौरवशाली परम्परा से प्रभावित था, इसलिए सेना को प्राथमिकता दी। उसकी इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अभिनव के दादा भोपाल सिंह रावत और दादी दूरा देवी गांव में ही रहते हैं। दादा भोपाल सिंह रावत ने कहा कि पोते की इस उपलब्धि पर उन्हें गर्व है।
22 वर्षीय सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिनव रावत ने 2018 में इंद्रापुरम गाजियाबाद के कैंब्रिज स्कूल से 12वीं करने के बाद नेवल अकादमी के लिए आवेदन किया और पहली बार में ही सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) क्लियर कर दिया। अभिनव का सलेक्शन आईआईटी के लिए भी हुआ था लेकिन उसने देशसेवा को प्राथमिकता दी। अभिनव के पिता मातबर सिंह रावत दिल्ली की एक कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं। उनका कहना है कि अभिनव ने पहले से ही तय किया था कि वह सेना में जाएगा। उसकी इस उपलब्धि पर हमें गर्व है।
गौरतलब है कि चमाली गांव वीर योद्धाओं का गांव है। देश सेवा यहां की परम्परा है। इस गांव के हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में है। गांव के हवलदार बुद्धिसिंह रावत और हवलदार झगड़ सिंह रावत स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। गांव में दो पूर्व कर्नल और दर्जन भर से भी अधिक पूर्व जेसीओ हैं। कारगिल युद्ध में अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले लांसनायक बलवीर सिंह नेगी भी इसी गांव के हैं।

स्वावलंबी महिला की मदद को आगे आया लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने क्लब के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए अति निर्धन महिला को जीविकोपार्जन के लिए 25 हज़ार रुपए का सामान उपलब्ध कराया है।
क्लब के अध्यक्ष लायन रजत भोला और संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि कुंजापुरी मन्दिर के समीप एक महिला प्रसाद बेचकर किसी तरह जीवन यापन करती है। क्लब के सदस्यों ने पाया कि महिला मेहनती तो बहुत है किन्तु आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। उन्होंने महिला की आर्थिक स्थिति कमजोर देखते हुए उसकी मदद करने का मन बनाया। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य यह है कि व्यक्ति को रोजगार देना चाहिये जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। नगद सहायता कुछ समय में खत्म हो जाती है किन्तु रोजगार से वह स्वावलंबी हो सकेगा।
लायन रजत भोला और लायन ललित मोहन मिश्र ने बताया कि मदद के क्रम में क्लब की ओर से महिला को 25 हजार रुपए का सामान दुकान चलाने के लिए दिया गया। मिश्र ने बताया कि सामान में इंडक्शन चूल्हा, पानी बोतल की पेटियां, चिप्स व नमकीन की पेटियां, चायपत्ती, चीनी, दूध के पेकेट की पेटी, मैगी की पेटीयां, डिस्पोजल सामान जिसमे खाने की प्लेट, ग्लास, चम्मच की पेटीयां, बैठने के लिए छह स्टूल व मेज, एक बड़ी मेज, कड़ाई, फ्रायपेन सहित बर्तन तथा दो माह का राशन भी दिया।
मिश्र ने बताया कि लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन की स्थापना जरूरतमंद, निर्धन लोगों की मदद करने के उद्देश्य से की गई है। बताया कि क्लब का उद्देश्य किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है और इसी दिशा में क्लब कार्यरत भी है।
इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, रजत भोला, महेश किंगर, घनश्याम डंग, आशु डंग, योगेश कालरा, अमित सूरी, जगदीश पनेसर, शिवम अग्रवाल, विनीत चावला, नवीन गांधी आदि मौजूद रहे।