मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना-टोटल मिक्स राशन यूनिट का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में 108 एम पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का शुभारम्भ करने के साथ ही मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अन्तर्गत साइलेज उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ लि के संयुक्त उद्यम टोटल मिक्स राशन की छरबा इकाई का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहाकारिता की मूल अवधारणा है कि उसमें सबका सहयोग हो। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश भी डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर बढ़ रहा है। इसका ही प्रतिफल है कि इसके माध्यम से लाभार्थी को पूरी की पूरी धनराशि डीबीटी के माध्यम से उसके खाते में जमा हो रही है इससे चोर बाजारी के रास्ते भी बन्द हुए है, जबकि इस सम्बन्ध में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने कहा था कि यदि किसी लाभार्थी को दिल्ली से 100 रूपये स्वीकृत होते हैं तो लाभार्थी तक 15 रूपये ही पहुंच पाते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से इस व्यवस्था में बदलाव आया है। अब लाभार्थी को शत प्रतिशत धनराशि प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना के बाद उत्तराखण्ड दूसरा राज्य है जहां 670 पेक्स के कम्प्यूटीकरण की प्रक्रिया गतिमान है जिनमें से 108 एम पेक्स का कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, इसके तहत राज्य सरकार द्वारा सहकारी बैंक एवं नाबार्ड के सहयोग से 37.52 करोड़ की लागत से इन प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के प्रयास किये गये हैं। यह डिजिटल इंडिया के क्रियान्वयन में भागीदारी सुनिश्चित करने का भी सार्थक प्रयास है। एम पैक्स कम्प्यूटरीकरण से खातो को आनलाइन किये जाने तथा समिति के सदस्यों के लगभग 10 लाख से अधिक खातों को डिजिटल प्लेटफार्म पर आने से राज्य के 30 लाख से अधिक ग्रामीण जन लाभात्वित होंगे। हमारी इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा भी गया है। सहकारिता के क्षेत्र में उठाये गये सुधारात्मक कदम बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में पहचान बनाये इसके प्रयास हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना पिछले वर्ष केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कर कमलों द्वारा शुरू की गई थी। हमारी माताओं बहनों जिनकों अपने पशुओं के घास के लिये दूर-दूर जाना पड़ता है तथा आपदा का सामना करना पड़ता है, उन सबको इससे निजात कैसे मिल सकती है इन सभी का समाधान है मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पशुपालकों को पोषण प्रणाली में हो रहे प्रौद्योगिक विकास से जोड़ते हुये मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के दूरस्थ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालकों को पैक्ड सायलेज उनके घर पर उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जा रही है साथ ही सायलेज उत्पादक एवं विपणन सहकारी संघ लि के द्वारा टीएमआर यूनिट के शिलान्यास से पशुपालकों को फायदा होगा।
इस योजना का उद्देश्य एक लाख से अधिक महिलाओं लाभार्थियों को रियायती दरों पर सायलेज फीड ब्लॉक उपलब्ध कराकर चारे के बोझ से मुक्त किया जा रहा है जिससे पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की पैदावार में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा स्व निधि योजना, मुद्रा योजना के साथ ही सामाजिक पैंशन, कृषि, बागवानी, औद्यानिकी आदि की योजनाओं का लाभ तत्परता से सभी सम्बन्धित को प्राप्त हो इसके लिये हम प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समस्याओं को अटकाने में नही बल्कि समाधान का है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाये उत्तराखण्ड के नव निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगी। इस सम्बन्ध में सभी विभागों द्वारा 2025 तक का रोड मेप तैयार किया जा रहा है। समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाकर ही प्रदेश आगे बढ़ सकता है। हर जरूरत मंद को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो इसके लिये सरलीकरण समाधान एवं निस्तारण के मंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिये जरूरी है कि हमें जो भी दायित्व सौंपा गया है उसका बेहतर ढ़ंग से निर्वहन किया जाय, जब हम अपने दायित्वों को पूरे मनोयोग एवं इमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे तो इससे समाज में बदलाव आने के साथ स्वंय में आत्मिक संतुष्टि का भाव भी उत्पन्न होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रदेश के 20 लाख घरों में 13 से 15 अगस्त तक हर घर में राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने तथा 2 अगस्त से सभी लोगों से अपनी सोशल साइट प्रोफाइल पर तिरंगा लगाये जाने के अभियान का हिस्सा बनने की भी मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण भी वितरित किये गये जिनमें शंभु महिला समूह, राधेस्याम महिला समूह, मां पार्वती महिला समूह व हेमा महिला समूह को पाचं-पांच लाख रूपये के ऋण प्रदान किये गये।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में 33 लाख लोग सहकारिता से जुड़े है, सहकारिता के ऑनलाईन होने से लोगों को अपने खाते की पूरी जानकारी प्राप्त हो रही है। देश के कई राज्यों में प्रदेश की सहाकारिता कम्प्यूटरीकरण कार्य प्रणाली अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 6.41 लाख लोगों को बिना ब्याज के 37 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया है तथा 3837 महिला समूहों को पांच-पांच लाख के ऋण उपलब्ध कराये जा चुके है। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के साथ ही पुरूष समूहों को भी ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जायेगी।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव मा मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सहकारिता डॉ. बी.आर.सी. पुरूषोतम सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के विजेताओं को सीएम ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में सूचना प्रोद्योगिक विकास एजेंसी में स्थित ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर के द्वारा आयोजित “Shot on my drone” प्रतियोगिता मे विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। यह प्रतियोगिता 22 जून को आयोजित की गयी थी। जिसमे सौ से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया था। इस प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान नितिन छाबरा (रुद्रपुर), द्वितीय स्थान अमित कुमार सिंह (नैनीताल) तथा तृतीय स्थान नितेश अग्रवाल (देहरादून) ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र तथा पुरस्कार वितरित किये गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में उत्तरखंड सरकार क्।त्ब् के माध्यम से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग कराएगा तथा समस्त ड्रोन पायलटों को “ड्रोन मित्र“ के तहत सूचीबद्ध कर रोजगार उपलब्ध करवाएगा।

सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में बोले सीएम, अगले 10 सालों का रोडमैप बनाये विभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाए। जनपदों में मुख्य विकास अधिकारियों की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए। जिसमें कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी भी हों। सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग कृषि एवं उद्यान विभाग के साथ समन्वय से कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को 2025 तक बेस्ट प्रैक्टिस के तौर पर धरातल पर क्या कार्य कर सकते हैं एवं अगले 10 सालों का रोडमैप बनाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए बागवानी पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। 5 सालों में राज्य की जीडीपी को दोगुना करने के लिए सभी विभागों को तेजी से कार्य करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सौंग एवं जमरानी बहुद्देशीय परियोजना पेयजल एवं सिंचाई की दृष्टि से राज्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सौंग बांध पेयजल परियोजना की अवशेष स्वीकृति संबंधी कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाओं में विलम्ब न हो, यदि कहीं कोई समस्या आ रही है, तो ऐसे मामले उच्च स्तर पर लाये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोलीढ़ेक, थरकोट झील एवं गगास जलाशय का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना पूर्ण होने की जो अवधि निर्धारित की गई हो, उस अवधि में वह पूर्ण हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ब्लॉक स्तर पर एक-एक गांव में पॉयलेट बेस पर स्प्रिंकलर आधारित सिंचाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के शहरी क्षेत्रों के लिए ड्रेनेज प्लान जल्द बनाया जाए। जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। जलाशयों की क्षमता वृद्धि के लिए और प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग की अगली बैठक कब होगी, यह आज ही तय किया जाए। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि बैठक में जो भी निर्णय लिए जाते हैं एवं जो लक्ष्य दिये जा रहे हैं, उनकी प्रगति की सम्पूर्ण जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एच.सी. सेमवाल, एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव ललित मोहन रयाल, सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष मुकेश मोहन एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

स्पेशल टास्क फोर्स को पेपर धांधली मामले में मिली बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड राज्य में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड देहरादून द्वारा वर्ष 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाऐं संचालित कराई गई थी। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं द्वारा बढ चढ कर भाग लिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों द्वारा उक्त परीक्षा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की और ज्ञापन प्रेषित किया गया था।
मुख्यमंत्री द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते हुए उक्त परीक्षा की अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए जिस पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0 289/2022 धारा 420 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया।
पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार थाना रायपुर से उक्त विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड पुलिस को त्वरित कार्यवाही हेतू स्थानान्तरित की हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ के मार्गदर्शन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर परीक्षा अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में गोपनीय जानकारी कर गिरफ्तारी हेतु बताया गया जिस पर टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्ष 2021 अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की गई परीक्षा में अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में जांच कर साक्ष्य संकलन करते हुए अभी तक कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गहनतापूर्वक पूछताछ करने पर अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि मनोज जोशी पुत्र श्री बालकिशन जोशी निवासी ग्राम मयोली, थाना दनिया, जिला अल्मोडा वर्ष 2014-2015 से वर्ष 2018 तक रायपुर स्थित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पीआरडी) के रूप में तैनात था। वर्ष 2018 में विभागीय शिकायत पर उक्त कर्मचारी को आयोग से हटा दिया गया। इससे पूर्व यह कर्मचारी 12 वर्ष तक लखनऊ सूर्या प्रिंटिंग प्रेस में कार्य कर चुका था। जयजीत दास पुत्र विमल दास निवासी पण्डितवाडी, थाना कैण्ट, देहरादून आउटसोर्स कम्पनी आर0एम0एस0 टेक्नोसोल्यूसन इण्डिया प्रा0लि0 के माध्यम से कम्पयूटर प्रोग्रामर के रूप में वर्ष 2015 से कार्यरत् था तथा उक्त कम्पनी द्वारा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गोपनीय कार्य किये जाते थे जिस कारण जयजीत दास की जान पहचान मनोज जोशी उपरोक्त से हुई थी। उक्त एसएससी आयोग कार्यालय में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी निवासी ग्राम पाटी, जिला चम्पावत का भी परीक्षाओं के कार्यक्रम के सम्बन्ध में जानकारी हेतु आना जाना लगा रहता था जिस कारण उक्त की पहचान मनोज जोशी पुत्र बालकृष्ण जोशी उपरोक्त से हो गई थी।
मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी के द्वारा भी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी की जा रही थी जिस कारण उसका अभियुक्त कुलवीर सिंह चौहान पुत्र सुखवीर सिंह निवासी चांदपुर बिजनौर उ0प्र0 द्वारा करनपुर डालनवाला में संचालित डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कोंचिग ली जा रही थी और बाद में वहा पढ़ाने का कार्य भी किया गया था। डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कुलबीर डायरेक्टर के पद पर था।
डायरेक्टर कुलवीर के माध्यम से शूरवीर सिंह चौहान पुत्र अतर सिंह चौहान नि0 कालसी, देहरादून की पहचान मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई। सितारगंज में गौरव नेगी पुत्र गोपाल सिंह निवासी नजीमाबाद किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मुलाकात मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई थी जो कि किच्छा में ही प्राईवेट स्कूल में शिक्षक था तथा ग्रुप सी में स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था शूरवीर व कुलवीर द्वारा अपने जान पहचान के परीक्षार्थियों के सम्बन्ध में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी को बताया था जिसपर मनोज जोशी उपरोक्त द्वारा मनोज जोशी पुत्र बालकिशन जोशी के साथ मिलकर कम्पयूटर प्रोग्रामर जयजीत दास उपरोक्त से पेपर लीक कराने के सम्बन्ध में बताकर जयजीत दास को मनोज के माध्यम से 60 लाख रूपये दिये थे।
जयजीत दास द्वारा यूकेएसएससी में जाकर पेपरों की सेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण परीक्षा के प्रश्न एक्सट्रैक्ट कर लेता था फिर उन प्रश्नों को मनोज जोशी पुत्र बालकिशन उपरोक्त के माध्यम से मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, गौरव आदि के माध्यम से परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को परीक्षा की तिथि से 1 दिन पहले रामनगर स्थित एक रिसोर्ट में मनोज के नाम से 3 कमरे बुक कराकर उक्त रिसोर्ट में उक्त लीक प्रश्नों को याद कराकर छात्रों को अगली सुबह एग्जाम सेंटर तक छोड़ दिया जाता था।
अभियुक्त जयदीप की निशानदेही पर उनके कब्जे से लगभग 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ जो उनके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था।

सरकारी विभाग जेम से ही खरीदेंगे सामान, शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शासन प्रशासन में पारदर्शिता व मितव्ययिता लाने के निर्देश पर उत्तराखण्ड के शासकीय विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थाओं में भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जेम पर उपलब्ध सामग्री एवं सेवाओं को अनिवार्य रूप से खरीदने की व्यवस्था को लागू किया गया। सचिव वित्त सौजन्या द्वारा इसके लिये सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों/निगमों/स्थानीय निकायों/स्वायत्तशासी संस्थाओं आदि में अधिक से अधिक सामग्री व सेवाओं के उपार्जन में ई-मार्केट प्लेस पोर्टल का उपयोग किया जाना है। इस हेतु भारत सरकार के सामान्य वित्तीय नियम, 2017 के नियम-149 (समय-समय पर यथासंशोधित) में निहित प्राविधानों के अनुरूप व्यवस्था प्रख्यापित की गई है।
जो सामग्री एवं सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध है, उनका क्रय जेम पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जायेगा। जो सामग्री अथवा सेवायें जेम पर उपलब्ध नहीं है, उन के लिए उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली, 2017 (समय-समय पर यथासंशोधित) अथवा अन्य सुसंगत नियमों की व्यवस्था पूर्ववत् लागू होगी।
क्रेता विभागों से यह अपेक्षा की गयी हैं कि क्रय की जाने वाली सामग्री एवं सेवाओं की दरों के उपयुक्त होने को सुनिश्चित किया जायेगा।
सचिव वित्त सौजन्या ने बताया कि ळमड पोर्टल के उपयोग से शासकीय विभागों हेतु क्रय व्यवस्था को पारदर्शिता प्रतिस्पर्धा, निष्पक्षता तथा मितव्ययी बनाया जाना है, ताकि व्यय की जाने वाली धनराशि का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
वित्त विभाग के शासनादेश द्वारा उत्तराखण्ड के शासकीय विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थाओं में भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जेम पर उपलब्ध सामग्री एवं सेवाओं को अनिवार्य रूप से क्रय की व्यवस्था को लागू किया गया है। वर्तमान में 23 लक्ष्मी रोड, निदेशक कोषागार पेंशन एवं हकदारी उत्तराखण्ड के कार्यालय परिसर में स्थापित ई-प्रोक्योरमेंट सेल द्वारा जेम पोर्टल से सामग्री एवं सेवाएं अधिप्राप्त किये जाने की प्रक्रिया संबंधी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की पृच्छा के समाधान/पोर्टल पर निविदा अपलोड किये जाने हेतु हेल्प लाईन न०- 8899890000 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों/निगमों/स्थानीय निकायों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के सम्बन्धित अधिकारियों को जेम पोर्टल से सामग्रियों एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति किये जाने के लिए जागरूक किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा गढ़वाल क्षेत्र में दिनांक 1 अगस्त, 2022 को राज्य कर विभाग, रिंग रोड, मुख्यालय, देहरादून पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है तथा कुमांऊ क्षेत्र के अन्तर्गत भी यथाशीघ्र प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जायेगा।

मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाने के निर्देश

राज्य में जीएसटी संग्रह बढ़ाने को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की। इस दौरान जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े जीएसटी स्टेक होल्डर्स को सम्मानित कर उसे प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
मंगलवार को रिंग रोड स्थित आयुक्त कर कार्यालय के मीटिंग हाल में बैठक आयोजित हुई। इसमें मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य का कर बढ़ाना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि राज्य में कर चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने और ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई जाए। इससे कर चोरी की घटनाओं को रोक पाना आसान होगा।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि कुमायूं में कर चोरी की शिकायत मिल रही है। इसके लिए ऑडिट करें और ऐसे लोगों की पहचान कर कार्यवाही करें। कहा कि यदि कोई विभागीय अधिकारी की इसमें संलिप्तता भी पाई जाती है तो उनके विरुद कार्यवाही करने से गुरेज न करें।
व्यापारियों को जीएसटी की सही जानकारी मिल सके, इसके लिए सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें, इस बैठक में निचले स्तर तक बात पहुंचाने की दिशा में काम करें। सम्भव हो तो बैठक में डीलर को भी बुलाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाए, जिससे मालवाहक वाहनों की सही जानकारी मिल सके। कहा कि जीएसटी के जिस भी सेंटर से कम राजस्व प्राप्त हो रहा है उसकी निरंतर समीक्षा करें।
बैठक में डॉ अग्रवाल ने देश में सबसे पहले सर्विस चार्ज को लेकर जागरूकता फैलाने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। कहा कि जो लोग अब भी सर्विस चार्ज ले रहे हैं और उसे टर्न ओवर का पार्ट नहीं बना रहे हैं, उनकी पहचान की जाए।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, विभागीय सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त कर इकबाल अहमद सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म नीति बनाई-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म उद्योग से जुड़े प्रदेश के कलाकारों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सरकार द्वारा फिल्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में फिल्म जगत से जुड़े लोगों के जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उन सभी सुझावों पर विचार किया जायेगा। प्रदेश में फिल्मों के विकास एवं कलाकारों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत राज्य में फिल्म नीति बनाई गई है।
इस अवसर पर फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों ने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना देहरादून शहर के 30 से 40 किमी. के दायरे में किए जाने एवं फिल्म निर्माण से संबंधित गतिविधियों के लिए सब्सिडी बढ़ाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा दोनों मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश के फिल्म क्षेत्र से जुड़े गणेश विरान, बलराज नेगी, अनुज जोशी, अशोक चौहान, प्रदीप भण्डारी एवं अन्य कलाकार उपस्थित रहे।

ऑनलाइन टैक्सी सर्विस के संचालन को लाइसेंस दिए जाने का विरोध जताया

टैक्सी चालकों एवं मालिकों ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। टैक्सी संचालकों ने उत्तराखंड में ऑनलाइन टैक्सी सर्विस के संचालन को लाइसेंस दिए जाने पर आक्रोश जताया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इसे जल्द निरस्त करने की मांग की है।
सोमवार को गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन ने ऋषिकेश में हरिद्वार मार्ग स्थित कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में रोजगार के सीमित संसाधन होने के कारण टैक्सी व्यवसाय ही एकमात्र रोजगार का माध्यम है। ऐसे में धामी सरकार ऑनलाइन टैक्सी सर्विस को उत्तराखंड में संचालित कर स्थानीय टैक्सी संचालकों के हितों पर कुठाराघात करने का काम कर रही है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा कि प्रदेश सरकार को उक्त तुगलकी फरमान तुरंत वापस लेना चाहिए। एसोसिएशन सदस्यों ने एआरटीओ अरविंद पांडेय के जरिए सीएम को ज्ञापन भी भेजा। मौके पर एसोसिएशन सचिव विजेंद्र कंडारी, सह सचिव रमेश सिंह रावत, कोषाध्यक्ष उमेश चौहान, कार्यकारिणी सदस्य अनुपम भाटिया, अमर सिंह, वीरेंद्र कुमार मिश्रा, छोटेलाल दीक्षित, गोपाल दत्त, महावीर सिंह, राधेश्याम, पूरण सिंह रावत, टीकम सिंह रावत, नरेंद्र सिंह चौहान, राम कुमार चौहान, राजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।

अग्निपथ योजना भर्ती को लेकर शासकीय अधिकारियों व सेना अधिकारियों में हुई बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में अग्निपथ योजना के तहत अगस्त एवं सितम्बर माह में राज्य में होने वाली भर्तियों के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों, पुलिस एवं सेना के अधिकारियों के मध्य बैठक आयोजित की गयी।

मुख्य सचिव ने मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में सेना को हर सम्भव सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया में अत्यधिक भीड़भाड़ होने की सम्भावना है। राज्य के युवाओं भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए शासन प्रशासन द्वारा हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के कारण भर्ती स्थलों में वाटर लॉगिंग होने की सम्भावना बनी रहेगी, इसके लिए वाटर सक्शन पंप की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जनपदों में जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती स्थलों में रहने-खाने, शेल्टर आदि के साथ ही बिजली, पानी, सफाई एवं टॉयलेट्स की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने भर्ती स्थल में एम्बुलेंस, मेडिकल ऑफिसर आदि की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। युवाओं को भर्ती स्थलों तक आने-जाने में असुविधा न हो इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव द्वारा खाने पीने की उचित कीमतों को सुनिश्चित किए जाने हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कहा कि अत्यधिक भीड़-भाड़ होने के कारण ऐसे स्थलों में महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद भी ली जा सकती है।

मुख्य सचिव ने भर्ती प्रक्रिया में भर्ती एजेन्टों के नाम पर होने वाली ठगी और लेनदेन जैसी घटनाओं को रोकने हेतु पुलिस महानिदेशक को स्पेशल कैम्पेन चलाए जाने एवं विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने भर्ती स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार कैमरों एवं सिविल इंटेलिजेंस आदि के माध्यम से निगरानी किए जाने के निर्देश दिए।

जोनल रिक्रूटिंग ऑफिसर मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित ने बताया कि उत्तराखण्ड में अगस्त एवं सितम्बर माह में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है जिसके लिए ऑनलाईन पंजीकरण प्रक्रिया सेना की वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से शुरू हो गयी है। गढ़वाल रीजन के सभी जनपदों के लिए भर्ती रैली 19 अगस्त, 2022 से 31 अगस्त, 2022 तक कोटद्वार में आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार कुमाऊं रीजन में अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और उधमसिंह नगर के लिए भर्ती रैली 20 अगस्त, 2022 से 31 अगस्त, 2022 तक रानीखेत में और चम्पावत और पिथौरागढ़ जनपदों के लिए 05 सितम्बर, 2022 से 12 सितम्बर, 2022 तक पिथौरागढ़ में भर्ती रैली आयोजित की जाएगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरूगेशन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकि एवं विनोद कुमार सुमन सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों से जिलाधिकारी एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

पशु पालन को आर्थिकी का जरिया बनाने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मंगलवार को सचिवालय में मत्स्य, डेयरी विकास एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा की। इस बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रदेश में व्यावसायिक बकरी पालन हेतु बकरी घाटियां तैयार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने बकरियों के उत्पादन, परिवहन व विपणन आदि में सुगमता हेतु वर्तमान में चल रही इससे सम्बन्धित सभी योजनाओं के लिये विशेष क्षेत्र चिह्नित कर उस क्षेत्र को बकरी घाटी कलस्टर के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बकरी पालन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण आर्थिकी और मजबूत होगी।
कैबिनेट मंत्री ने डेयरी विकास विभाग के अंतर्गत आँचल के दूध एवं दुग्ध पदार्थों की बिक्री हेतु मिल्क बूथों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादकों को तकनीकी निवेश सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से आंचल दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्रों की स्थापना की जाय। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को जनपदों में आँचल मिल्क बूथ स्थापित किये जाने हेतु सरकारी कार्यालयों एवं शहरी स्थानों में भूमि का चयन करते हुए उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने माह सितम्बर तक चारधाम यात्रा मार्गों में उक्त मिल्क बूथ एवं कैफे को स्थापित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मत्स्य पालन विकास विभाग के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में अमृत सरोवरों के निर्माण संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, जिला योजना एवं राज्य योजना के अन्तर्गत मात्स्यिकी विकास हेतु कन्वर्जन्स कर कार्यक्रमों का संचालन किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने रोजगार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत मात्स्यिकी क्षेत्र के विकास हेतु सभी जनपदों के अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से रूचि लेकर इस योजना को आगे बढ़ने पर बल दिया।
बैठक में सचिव डा वी0बी0आर0सी0 पुरुषोत्तम एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।