उद्योग मंत्री ने भारत पिचेथोन और र्स्टाटअप कार्यक्रम का किया शुभारंभ

उद्योग मंत्री चन्दन राम दास ने विधानसभा कार्यालय में हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन एवं र्स्टाटअप उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वाधान में भारत पिचेथोन एवं र्स्टाटअप सितम्बर 2022 कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन द्वारा भारत पिचेथोन कार्यक्रम सम्पूर्ण देश में 21 से भी ज्यादा शहरों में आयोजित किया जा रहा है जिसके अतंर्गत छोटे शहरों के स्टार्टअपस् को अपने बिजनेस को इन्वेस्टर्स के सामने प्रस्तुत करने का मौका प्रदान किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भारत पिचेथोन का आयोजन गढ़वाल में 24 अगस्त 2022 को रूड़की एवं कुमांऊ में 27 अगस्त 2022 को अल्मोड़ा शहर में किया जायेगा। भारत पिचेथोन के शीर्ष तीन स्टार्टअपस् को हेडस्टार्ट के बेंगलुरू में होने वाले वार्षिक आयोजन में देश भर के अन्य स्टार्टअपस् के साथ प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन द्वारा स्टार्टअप सितंबर 2022 का भी शुभारम्भ हो गया है। स्टार्टअप सितंबर 2022 के अतंर्गत उत्तराखण्ड के प्रत्येक जिले में पूरे सितंबर माह स्टार्टअप से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा जिससे उत्तराखण्ड के युवाओं को स्टार्टअपस् से जुड़ी हुई जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी।
बैठक में निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, उप निदेशक उद्योग राजेन्द्र कुमार, विभागीय अधिकारी तथा हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन से उत्तराखण्ड चैप्टर लीड वरूण तिवारी उपस्थित रहे।

एडीजी भर्ती मेजर जनरल एनएस राजपुरोहित ने किया सेना भर्ती रैली का दौरा

एडीजी भर्ती मेजर जनरल एनएस राजपुरोहित ने एआरओ लैंसडाउन के अंतर्गत 7 जिलों के लिए, कोटद्वार में हो रही सेना भर्ती रैली का दौरा किया। मेजर जनरल राजपुरोहित ने रैली के दूसरे दिन की पहले दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रैली की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। चमोली जिले की 4 तहसीलों और जिला उत्तरकाशी की 3 तहसीलों के 5943 उम्मीदवारों ने दूसरे दिन उपस्थित होने के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुल 4948 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे।
बारिश से होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नागरिक प्रशासन द्वारा असेंबली एरिया और मार्शलिंग एरिया में 6000 उम्मीदवारों और 3000 उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए आधुनिक आश्रयों की स्थापना की गई है। इसके अलावा बारिश की स्थिति में रैली आयोजित करने के लिए अधिकतम उपाय किए गए हैं।
बारिश के मद्देनज़र रैली में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के परिवहन और आवाजाही में आसानी के लिए नागरिक प्रशासन द्वारा रैली स्थल के निकास पर बसों की भी व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड राज्य में कुल 63360 उम्मीदवारों ने अग्निवीर सैनिक सामान्य ड्यूटी, तकनीकी, क्लर्क/एसकेटी, ट्रेड्समैन की विभिन्न श्रेणियों के तहत पंजीकरण कराया है।

सितम्बर से गंगा में फिर शुरु होगी राफ्टिंग

ऋषिकेश में राफ्टिंग का बेसब्री से इंतजार करने वाले लोगों के लिए एक सितंबर से तीर्थनगरी में राफ्टिंग के संचालन पर लगी रोक हट जाएगी। जिसके बाद आप एक बार फिर राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकते है।
आपको बता दें कि यहां 280 राफ्टिंग कंपनियां हैं और 575 राफ्टों का संचालन उन कंपनियों के तहत किया जाता है। ऋषिकेश में क्लब हाउस से राम झूला तक की राफ्टिंग की जाती है जो कि 9 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इसका प्रति व्यक्ति रेट 600 है। ब्रह्मपुरी से रामझूला तक भी 600 प्रति व्यक्ति रेट है और यह भी 9 किलोमीटर की दूरी तय करती है। शिवपुरी से राम झूला तक 15 किलोमीटर की दूरी के हजार रुपए हर एक व्यक्ति से चार्ज किए जाते हैं। शिवपुरी से मरीन ड्राइव तक 10 किलोमीटर की राफ्टिंग में हर व्यक्ति से 600 रुपए चार्ज किए जाते हैं।
कोडियाला से राम झूला तक 35 किलोमीटर की राफ्टिंग में 2500 चार्ज किए जाते हैं तो वहीं कोडियाला से शिवपुरी तक 20 किलोमीटर की राफ्टिंग में हर व्यक्ति से 1500 रुपए लिए जाते हैं। बता दें कि कोडियाला से राम झूला तक तकरीबन 35 किलोमीटर के रास्ते में गंगा के सबसे अधिक खतरनाक और रोमांचक रैपिड पड़ाव पड़ते हैं और पर्यटक इनका खूब आनंद लेते हैं। ऋषिकेश में गंगा घाटी के कोडियाला मुनिकीरेती इको जोन में 1 जुलाई से मानसून के चलते रिवर राफ्टिंग का संचालन नहीं हो रहा है।
राफ्टिंग एक्टिविटी 1 जुलाई से 31 अगस्त तक बंद रहती है। ऐसे में राफ्टिंग के शौकीनों को दो माह का लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस साल सीजन में जुलाई तक 5 लाख से ज्यादा सैलानी ऋषिकेश में राफ्टिंग का लुत्फ उठा चुके हैं। इससे करीब 25 हजार से ज्यादा परिवारों की आजी​विका चल रही है। मगर अब बरसात के बाद नए सत्र में राफ्ट एक बार फिर से गंगा नदी में उतरेंगे और लंबे समय के बाद पर्यटक राफ्टिंग का मजा ऋषिकेश में ले सकते हैं।

सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण बना रही-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गोल्ड प्लस ग्लास फैक्ट्री, थिथोला, रूड़की के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोल्ड प्लस ग्लास फैक्ट्री के शुभारम्भ की सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि चाहे कानून-व्यवस्था की स्थिति हो या अन्य, पूरे देश के अंदर उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिये सबसे अनुकूल वातावरण है। अगर उद्योग बढ़ेंगे तो जीडीपी बढ़ेगी, बजट बढ़ेगा तथा युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। जो भी उद्योग स्थापित हों, उनमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिये। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुये कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में सभी अपना पूर्ण सहयोग दें। यह देश का अमृत काल है। सभी को कर्मयोगी की तरह काम करना होगा तथा यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे रहेगा तथा 25वें स्थापना दिवस पर उत्तराखण्ड को देश के श्रेष्ठ राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने प्रदेश की राजधानी देहरादून में उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ बैठक की, जिसमें उनकी जो भी समस्यायें थी, उनके बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया, जिसके फलस्वरूप हमने यह सुनिश्चित किया कि सरकार द्वारा उद्योगों को जो सुविधायें दी जा रही हैं, उनका भी सरलीकरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और सन्तुष्टि हमारा मूल मंत्र है। हमने संकल्प लिया है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास तथा सबके प्रयास से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि अभी तक 30 लाख रजिस्टर्ड श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं तथा इस बार नया कीर्तिमान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि जहां तक कांवड़ मेले का प्रश्न है,चार करोड़ से ज्यादा शिव भक्त कांवड़ मेले में आये, जो अपने आप में रिकार्ड है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में विकास कर रहा है तथा समृद्ध, शक्तिशाली एवं दिशा देने वाला भारत बन गया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड में हर तरह से उद्योगों के अनुरूप वातावरण है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखण्ड को 2025 तक आदर्श राज्य बनाना चाहते हैं, जिसे देखकर पूरा देश गौरव करेगा। डॉ निशंक ने प्रधानमंत्री के मेड इन इण्डिया, कौशल इण्डिया आदि का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का माथा ऊंचा हो रहा है। अब पूरी दुनिया में मेड इन इण्डिया होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है।
इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, खानपुर विधायक उमेश कुमार, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौम्पियन, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक यतीश्वरानन्द, भाजपा नेता अनिल गोयल, फैक्ट्री के चेयरमैन सुभाष त्यागी, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

सरकार ने ऋषिकेश में अवस्थापना विकास के लिए 1600 करोड रुपये मांगे

धर्म एवं योग नगरी ऋषिकेश को पूर्णरूप से सुविधा सम्पन्न बनाये जाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की पहल पर ऋषिकेश नगर के एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास परियोजना हेतु वित्तीय मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूरोपीय वित्तपोषण संस्था को 160 मीलियन यूरो की सहायता हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। परियोजना की कुल लागत लगभग 200 मीलियन यूरो (लगभग रू0 1600 करोड़) है। परियोजना हेतु भारत सरकार व राज्य सरकार का वित्तीय अनुपात 80ः20 प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। ऋषिकेश में एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास परियोजना से विश्व में योग नगरी के रूप में विख्यात ऋषिकेश नगर में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परियोजना के अंतर्गत चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति प्रणाली, पेयजल मीटर वर्षाजल प्रबन्धन व बाद सुरक्षा, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं, स्मार्ट शहरी स्थल, परिधान व सामान कक्ष, प्रतीक्षालय, घाट और व्यापारिक स्थल का विकास, सड़के और यातायात प्रबंधन भूमिगत उपयोगिता नालिका नागरिक सुरक्षा और सुविधाओं हेतु विकसित एकीकृत नियंत्रण व आदेश केन्द्र, स्मार्ट स्तम्भ व ऊर्जा बचत हेतु उपकरणों की स्थापना, परिवहन केंद्र, बस टर्मिनल और पार्किंग इत्यादि के कार्य किए जायेंगे।
प्रत्येक वर्ष ऋषिकेश में लाखों पर्यटकों का आवागमन धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में अतिरिक्त सुविधाओं को विकसित किए जाने के दृष्टिगत विकास कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यातायात संकुलन से होने वाली परेशानी को कम करने के उद्देश्य से ऊंचे पथों का निर्माण किया जायेगा।
परियोजना के पूर्ण होने पर नागरिक जीवनशैली व जीवन योग्यता मानकों में वृद्धि होगी, स्थानीयों के व्यापारिक व आजीविका स्तर में सुधार होगा, नागरिकों व पर्यटकों को बेहतर पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी, जीविकोपार्जन गतिविधियों में वृद्धि होगी, यातायात में सरलता होगी तथा पर्यटकों को उच्चस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हो सकेगी।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास आवंटन करने के दिए निर्देश

आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद की 12वीं बोर्ड बैठक विधानसभा में ली। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही जिन परियोजनाओं में कार्य आरंभ हो चुका है, उनमें लाभार्थियों को आवास आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित करते हुए पात्र लाभार्थियों को आवंटन करने के भी निर्देश दिए।
विधानसभा स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने व निरंतर पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया।
डा. अग्रवाल ने कहा कि परिषद स्तर पर भवन उपविधि के अंतर्गत सभी प्रकार के टाउनशिप योजनाओं के लिए आवास आयुक्त को अधिकृत किया जाए। साथ ही उपविधि के अनुसार टाउनशिप योजनाओं में कार्य करने के निर्देश दिए तथा निजी सहभागिता को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
डा. अग्रवाल ने परिषद की राजस्व वृद्धि करने के भी निर्देश दिए तथा रिक्त संपत्तियों के आवंटन एवं नीलामी के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया। डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा आवंटित संपत्तियों में धनराशि जमा करने के लिए तीन माह का समय प्रदान किया जाए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आवंटियों, जिनके द्वारा पूर्व में आंशिक भुगतान किया गया है, मगर रोक के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। उन्हें छह माह का समय बिना किसी दंड ब्याज के बकाया जमा करने के निर्देश दिए। साथ ही यदि कोई एकमुश्त धनराशि तीन माह के भीतर जमा करता है, तो उसको दो प्रतिशत की छूट देने के लिए भी निर्देशित किया।
डा. अग्रवाल ने परिषद के कार्यों को ऑनलाइन करने के लिए आईटी एक्सपर्ट की सेवा आउटसोर्स से लेने के लिए निर्देशित किया। साथ ही परिषद को 50 पदों का ढांचा तैयार करने को भी कहा है।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, आयुक्त आवास सुरेंद्र नाथ पांडेय, अपर आयुक्त पीसी दुमका, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के संयुक्त आवास आयुक्त राजीव कुमार सहित विभागीय अधिकारी उत्तम सिंह चौहान, एसएम श्रीवास्तव, आनंद सिंह, अमिता जोशी आदि उपस्थित रहे।

दुधारू पशुओं की इकाई स्थापना के लिये सरकार दे रही अनुदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यलाय रूद्रपुर में डेयरी विकास विभाग द्वारा आयोजित दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि भुगतान कार्यक्रम में डीबीटी के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को 22 करोड़ की धनराशि वितरित की। कार्यक्रम में 13 जनपदों के 26 सर्व श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादकों को पपुरस्कृत किया गया। जिसमे जनपद नैनीताल के सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादकों मे गंगा देवी को प्रथम, जनपद ऊधम सिंह नगर के गुरू उपदेश देव को द्वितीय व हरपाल कौर को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के दुग्ध उत्पादक सदस्यों को 3 एवं 5 दुधारू पशुओं की इकाई स्थापना के लिये 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। आगामी 5 वर्षों 5300 लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए लगभग 20 हजार दुधारू पशु क्रय कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष वर्तमान तक 600 लाभार्थियों को लाभान्वित कर लगभग 2100 दुधारू पशु क्रय कराये जा चुके है इससे जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादकों की आर्थिकी में वृद्धि हो रही है, साथ ही प्रदेश के दुध उपार्जन में भी लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लघु, सीमान्त भूमिहीन व निर्बल वर्ग कृषकों व दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध सहकारिता के माध्यम से उनके द्वारा उत्पादित दूध की उचित कीमत दिलाते हुए उन्हें अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने तथा ग्राम स्तर पर स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराने में डेरी विकास विभाग महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। विभाग के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को ग्राम स्तर पर तकनीकी निवेश सुविधाएं यथा रियायती दर पर संतुलित पशुआहार, पशु स्वास्थ सेवाऐं, चारा विकास व प्रशिक्षण तथा दुधारू पशु क्रयार्थ ऋण व अनुदान आदि की सुविधाऐं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भोगोलिक परिस्थितियां अलग है, पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की वजह से बहुत समस्या होती है। उन्होंने कहा कि जो भी सिंचाई योजनाएं बनेंगी कृषि विभाग से समन्वय कर सिंचाई योजनाऐं बनाई जायेगी। जल मिलेगा तो बहुत सारी चीजें अपने आप मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं है, उनके लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना शुरू की है, जिसमें 80 प्रतिशत अनुदान तक की सुविधा प्रदान की गई है। हमारी सरकार पूरी ईमानदारी व पूरी शक्ति से पशुपालकों एवं किसानों के साथ साझेदार एवं सहयोगी के रूप में खड़ी हैं। प्रदेश के अन्दर सहकारी दुग्ध संघ एवं डेयरी प्लांट सरकार और सहकार भागीदार का प्रमाण है। दुग्ध समितियां बनाकर, कलेक्शन सेंटर बनाकर दूध के खराब होने की चिन्ता से मुक्ति दिलानें का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता का आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 60 पशुपालक एम्बुलेंस भी अगस्त माह में शुरू की जायेगी, जो घर-घर जाकर डिलीवरी देने का काम करेंगी। उन्होंने कहा कि लालकुआ दुग्ध समिति के लिए 64 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और जल्दी ही एक्सटेंशन का काम शुरू होगा, 7 करोड़ की रूपये की राशि चम्पावत डेयरी के लिए स्वीकृत किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आहवान करते हुए कहा कि स्टार्टअप के माध्यम से अनेकों संभावनाओं पर कार्य किया जा सकता है, जो लोग नेचुरल फार्मिंग के अनेकों संभावनाओं पर कार्य किया जा सकता है। आज हिन्दुस्तान के अन्दर युवा अच्छा कार्य कर रहे है। हमारे यहा 700 स्टार्टअप चल रहे हैं, उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना का लाभ भी सभी किसान भाईयों को मिल रहा है। इसी के साथ साथ गरीब, वंचित, पिछड़ों को विशेषकर गॉव के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को बैंको के ऋण प्राप्त करने में परेशानी न हो यह देखा जाय। सभी की सुविधा, जीवन स्तर उठाने, किसानों की आय दौगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प एवं स्वप्न को उत्तराखण्ड में पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण मंत्र को कार्मिक अपनी मानसिकता में उतार ले। समस्या है तो रोकना नहीं है, उसका समाधान करना है। सरलीकरण भी होगा, समाधान भी होगा और पत्रावली पर काम होने के बाद निस्तारण भी होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत का मान-सम्मान दुनिया के अन्दर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाएं वास्तव में जरूरतमन्दों के लिए बन रहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने कहा था कि 100 रूपये दिल्ली से भेजते हैं, परन्तु जिस व्यक्ति के पास 100 रूपये जाने चाहिए थे, उसके पास 15 रूपये पहुॅचते हैं यानि 85 रूपये बीच में ही खतम हो जाते थे। आज डीबीटी के माध्यम से 22 करोड़ रूपये बटन दबाकर सीधे आपके खातें मे पहुॅच गया, इसमें एक पैसे के कमीशन की भी गुंजाइश नहीं है, यह डिजिटल व्यवस्था से सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया का 40 प्रतिशत डिजिटल ट्रांजेक्शन हमारे देश भारत में हो रहा है। आज कोई ऐंसा क्षेत्र नहीं है, जिसमें हम आगे नहीं बढ़ रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से भी 9 लाख किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से लगभग 1390 करोड़ की धनराशि अभी तक हस्तान्तरिक की जा चुकी है। हमारी सरकार किसानों को 3 लाख रूपये और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये बिना ऋण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि हम जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कलस्टर आधारित खेती को बढ़वा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 3900 जैविक कलस्टरों के काम को शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद नीति आयोग की बैठक में अनुरोध किया जायेगा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितयों का प्रदेश है, हमारे यहॉ की जो योजनाऐं बनाई जाये, जो धन आवंटन किया जाये यहॉ की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का राज्य के साथ विशेष लगाव है, उत्तराखण्ड के लिए उन्होंने हर संभव सहायता का प्रावधान किया है, उसी का नतीजा है कि 100 एकड़ जमीन पर खुर्पिया फार्म में ऋषिकेश एम्स की दूसरी शाखा खुलने वाली है। उन्होंने कहा कि सड़कों के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। रूद्रपुर का बायपास, रामपुर और मुरादाबाद का बायपास बनेगा। आने वाले समय में आपको काशीपुर-दिल्ली के लिए 4-लेन हाईवे मिलने वाला है, यह प्रस्ताव भारत सरकार ने पास कर दिया है। देहरादून जाने के लिए एक घण्टे की दूरी कम होने वाली है। चार धाम यात्रा पर इस बार 30 लाख श्रद्धालु आ चुके हैं, सारे रिकोर्ड टूटने वाले हैं। पीएम ने कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक है, हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे है। कावड़ यात्रा में भी रिकोर्ड तोड़ शिव भक्त कावड़ यात्री आयें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं देते हुए हर घर तिरंगा अभियान के लिए भी सभी को प्रेरित किया। हर घर तिरंगा अभियान पूरे उत्तराखण्ड के अन्दर जोर शोर से चलना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से तिरंगा भेंट किया और हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर हस्ताक्षर भी किये।
इस अवसर पर डेयरी, मत्स्य, पशुपालन, गन्ना विकास, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवा योजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा ने की।
कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर रामपाल, यूसीडीएफ अध्यक्ष मुकेश बोरा, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, अपर जिलाधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड के उत्पाद को अन्तरराष्ट्रीय बाजार में मिल रही मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से एपिडा के माध्यम से उत्तराखण्ड में उत्पादित आम की प्रथम खेप, शहद एवं राजमा के अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात हेतु भेजे जा रहे वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर 1.5 टन आम, 28 टन राजमा एवं 80 टन शहद का अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए निर्यात किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एपिडा के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए राज्य के जो उत्पाद भेजे जा रहे हैं, यह सराहनीय पहल है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की अन्तरराष्ट्रीय मार्केटिंग के लिए गुणात्मक वृद्धि होगी। उत्पादन को कैसे अच्छी मार्केटिंग मिले इस दिशा में सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले इसके लिए और अधिक प्रयासों की जरूरत है। राज्य में किसानों की आजीविका को बढ़ाने के लिए एवं आवश्यक सभी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के लिए कृषि कलेण्डर भी बनाया गया है। उत्तराखण्ड के छोटे कृषकों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए कलस्टर के विकास हेतु, सहकारिता, कृषि एवं उद्यान विभाग के माध्यम से अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट से पूर्व कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दुगुनी करने का जो संकल्प लिया है, उस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए उत्तराखण्ड में राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार की कृषि कल्याण से संबंधित योजनाओं को समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, तब तक किसानों की आजीविका वृद्धि के लिए कृषि, उद्यान, सिंचाई एवं अन्य संबंधित विभाग पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में क्या कर सकते हैं, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के रजत जयंती वर्ष पर सभी विभागों को कुछ ऐसे कार्य करने होंगे, जो देश एवं हिमालयी राज्यों के लिए मॉडल हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द किसान प्रोत्साहन योजना लाई जायेगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार द्वारा एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जब राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, तब तक कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में राज्य में उत्पादन दोगुना किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त पौध उपलब्ध कराने के लिए नर्सरी बनाई जा रही है।
सचिव कृषि शैलेश बगोली ने कहा कि राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उत्पादों को अच्छा मार्केट मिले इस दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उत्पादों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य से प्रथम बार राज्य के कास्तकारों द्वारा उत्पादित आम की चौंसा एवं लंगड़ा प्रजातियों के उच्च गुणवत्तायुक्त फलों का निर्यात दुबई को किया जा रहा है। किसान उत्पादक संगठनों द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्तायुक्त शहद का निर्यात संयुक्त राज्य अमेरिका को किया जा रहा है। राजमा के निर्यात को बढ़ावा देते हुए राज्य के कृषकों द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्तायुक्त राजमा का निर्यात भी संयुक्त राज्य अमेरिका को किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर सचिव कृषि रणवीर सिंह चौहान, निदेशक उद्यान डॉ. एच. एस. बवेजा, निदेशक कृषि गौरी शंकर, एपिडा के रीजनल हेड डॉ. सी.बी.सिंह, कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी तथा कृषक गण उपस्थित रहे।

व्यापारी वर्ग सरकार के फैसले के साथ, वाद विवाद की स्थिति ना हो-प्रतीक कालिया

प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में नगर के प्लास्टिक एवं पैकिंग मैटेरियल के थोक विक्रेताओं ने आज नगर निगम नगर निगम ऋषिकेश के नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त एवं एनफोर्समेंट टीम के साथ एक संयुक्त बैठक की। जिसमें नगर निगम द्वारा बाजार में आ रही टीम के साथ किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति ना पैदा हो। इसके साथ ही व्यापारियों के साथ प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर गहन चिंतन किया गया।
प्रतीक कालिया ने बताया कि हमारा व्यापारी वर्ग निगम प्रशासन एवं सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध के साथ है और उनके द्वारा जो सुझाव नगर आयुक्त गौरव गोयल को दिए गए उनको नगर आयुक्त में उच्च अधिकारियों के आगे रखने की भी बात कही।
बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश मंत्री व्यापार मंडल श्रवण जैन, व्यापार सभा ऋषिकेश के अध्यक्ष मनोज कालरा जी, पार्षद प्रदीप कोहली, यश कालरा एवं अन्य कई व्यापारी मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री बोले, दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में मिलेगी शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति

आगामी 15 अगस्त से पहले विभिन्न विषयों के 449 प्रवक्ताओं को तैनाती दी जायेगी। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से चयनित इन शिक्षकों को पर्वतीय एवं दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में प्रथम तैनाती दी जायेगी। जिसके निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दिए गये हैं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को अनुरोध के आधार पर इच्छित स्थानों पर शीघ्र तैनाती के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं।

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज शिक्षा महानिदेशालय देहरादून में विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डॉ0 रावत ने राज्य लोक सेवा आयोग से विभिन्न विषयों में चयनित 449 प्रवक्ताओं को आगामी 15 अगस्त से पहले नियक्ति देने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दीये। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों को सूबे के पर्वतीय एवं दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में 5 साल के लिये तैनाती दी जायेगी। जिससे दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जायेगी साथ ही पठन-पठान भी सुचारू हो जायेगा। डॉ0 रावत ने बताया कि सामान्य शाखा के अंतर्गत दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में अंग्रेजी विषय के 64, हिन्दी के 81, संस्कृत के 18, भौतिक विज्ञान के 46, रसायन विज्ञान के 42, गणित के 6, जीव विज्ञान के 35, नागरिकशास्त्र के 38, अर्थशास्त्र के 74, इतिहास के 8, भूगोल के 17, समाजशास्त्र के 6, कला, मनोविज्ञान एवं कृषि के एक-एक शिक्षक की तैनाती की जायेगी। बालिका इंटर कॉलेजों में हिन्दी विषय की 2, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र की 3-3 शिक्षिकाओं को नियुक्ति दी जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि ऐसे शिक्षक जो गंभीर रोग से ग्रसित हैं उन्हें अनुरोध के आधार पर इच्छित स्थानों पर तैनाती दी जायेगी , जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से रोगग्रस्त शिक्षक अपने उपचार के साथ-साथ शैक्षणिक कार्य का निर्वहन भी कर सकेंगे।

बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक आर0के0कुंवर, निदेशक सीमैट सीमा जौनसारी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक आर0के0 उनियाल, भूपेन्द्र नेगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।