पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर युवाओं को रोजगार का भरपूर अवसर देगी सरकार-धामी

उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा लगभग 7000 पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित करने के सम्बंध में आज कैबिनेट से प्रस्ताव पारित हो गया है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश हैं कि भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठाएगी।

इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने इन भर्तियों को राज्य लोक सेवा आयोग से कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही भर्ती परीक्षाओं का एक कैलेंडर जारी कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम ने भविष्य की परीक्षाओं का भी एडवांस कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिये
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश है कि वर्तमान विज्ञापित पदों के साथ-साथ राज्य सरकार के सभी विभाग एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपने यहां सीधी भर्तियों के रिक्त पदों की सूची बनाते हुए आयोग को उपलब्ध कराएं जिससे भविष्य की परीक्षाओं का भी एडवांस कैलेंडर जारी किया जा सके।

वे समस्त परीक्षाएं जिनमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा किसी भी चरण की परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित कर दिया गया है, किन्तु चयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है. उन परीक्षाओं की अवशेष कार्यवाही उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जायेगी। वे समस्त परीक्षाएं जिनमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आवेदन आमंत्रित किये जा चुके हैं तथा कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की गयी है; उनमें लोक सेवा आयोग की परिधि में जाने के पश्चात् पुनः विज्ञप्ति प्रकाशित किए जाने की दशा में अभ्याथियों को आवेदन शुल्क से मुक्त रखा जाएगा। राज्य सरकार सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध है

शीघ्र से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकताः सीएम
युवाओं का मनोबल बनाए रखने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। युवा बेरोजगारों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल देने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।

अपनों को नौकरी लगाता तो परिवार के ही 20 से 30 बन जाते शिक्षक-पूर्व शिक्षा मंत्री

उत्तराखंड में इन दिनों सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के नेताओं पर भाई भतीजा वाद को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं,सत्ता के रूतबे के दम पर नेताओं ने अपने-अपने करीबीयों को नौकरी पर लगाया। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जहां उत्तराखंड सेवा अधीनस्थ चयन आयोग पेपर लीक मामले की जांच चल रही है। जिसमें केई आरोपियों को पकडा जा चुका हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विधानसभा में बैकडोर से हुई नियुक्तियों को लेकर पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रेमचंद अग्रवाल की मुश्किले बढ़ी हुई है। क्योंकि विधान सभा में बैकडोर से हुई भर्तियों की जांच चल रही है। इन सब के बीच कई पूर्व मंत्रीयों पर भी मंत्री रहते हुए अपने करीबीयों को नौकरी लगाने के आरोप लग रहे है। पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर से विधायक अरविंद पाण्डेय पर भी शिक्षा मंत्री रहते अपने करीबीयों को नौकरी लगाने के आरोप लगे हैं,यहां तक कि शोसल मीडिया पर एक लिष्ट वायरल हो रही थी, जिसमें बिहार के रिश्तेदारों को उत्तराखंड नौकरी लगाने के आरोप अरविंद पाण्डेय पर लगे,लेकिन इन्ही आरोप को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे अरविंद पाण्डेय से पत्रकारों ने कई तहर के सवालों की बछौर की तो अरविंद पाण्डेय ने बडी सहजता से उनके उपर लग रहे आरापों के जवाब दिए।

नियमों की अनदेखी से हुई हैं नियुक्ति जो जांच के लिए हूं तैयार
अरविंद पाण्डेय का कहना है कि जो लिस्ट शोसल मीडिया में वायरल की गई है,उसको लेकर यहीं कहना चाहता हूं कि यदि अगर नियुक्ति में अगर कहीं कोई अनदेखी हुई है तो दुनियां की कोई भी सबसे बड़ी जांच मेरे उपर कराई जाएं उसके लिए मैं तैयार हूं। ईश्वर को साक्षी मानकर जांच में पूरा सहयोग करूंगा। और अगर जांच में दोषी पाया जाता हूं कि नियमों की अनदेखी कर मेरे कार्यकाल में नियुक्ति हुई है,तो प्रदेश की जनता जो सजा देना चाहेगी उसे हंसकर भुगतने के लिए तैयार हूं।

अपनों को नौकरी लगाता तो परिवार के ही 20 से 30 बन जाते शिक्षक
इतना की नहीं अरविंद पाण्डेय का कहना है कि उनके परिवार में 20 से 30 लोगों ने बीएड किया हुआ है,अगर मैं कोई शिफारिश करता तो प्रदेश में मंत्री रहते हुए मेरे कार्यकाल में 15000 के लगभग भर्ती हुई है,उसमें परिवार के कई लोग शिक्षक बन जाते। लेकिन पूरी पारदर्शिता और नियमों को देखते हुए भर्ती हुई है। यहां तक कि अशासकीय स्कूलों में भर्ती के लिए 25 नम्बर के इंटरव्यू को 5 नम्बर का किया गया ताकि शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता आएं और आज अशासकीय स्कूलों में योग्य शिक्षक ही भर्ती हो रहे है। क्योंकि आवेदन करने वाले अभियार्थियों में सबसे पहले टॉप सेवन की मैरिड बनती है,जिन्हे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। जबकि इंटरव्यू में 5 से 3 नम्बर देना अनिवार्य है। यानी के मेरे रहते अनिमियतताओं के जो आरोपा लगते थे। उन आरोपों को दूर किया गया।

उत्तराखंड आन्दोलन में गया हूँ जेल
अरविंद पांडेय का कहना है कि कुछ लोग उनकी छवि यूपी बिहार से होने की भी बताने की कोशिश करते हैं,लेकिन वह साफ कहना चाहते हैं कि वह उधम सिंह नगर के रहने वाले हैं,और उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया था,यहां तक कि वह कहना चाहते हैं कि जब वह उधम सिंह नगर में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान अलग राज्य उत्तराखंड बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करते थे, तो उन्हें स्थानीय जनता भी पीटा करती थी और यूपी में रहने के लिए ही उस समय कहती थी। लेकिन उन्होंने उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर मुखरता से उठाया और जेल तक गई लेकिन अब जब उन्हें इस तरह की बातें सुनने को मिलती है तो उन्हें ठीक नहीं लगता है।

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने की 35वीं गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के सख्त निर्देशों के क्रम में यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में स्पेशल टास्क फ़ोर्स उत्तराखण्ड की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में आज एसटीएफ ने 35वीं गिरफ़्तारी कर ली है।

इसके साथ ही यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में पूर्व में गिरफ्तार चार अभियुक्तों की जुडिशल रिमांड की कार्यवाही भी सचिवालय रक्षक परीक्षा लीक मुकदमे में की गई है।

वन दरोगा ऑनलाइन परीक्षा मामले में भी 2 अभियुक्त पहले गिरफ्तार हो चुके हैं

पिछले कुछ दिनों में इस प्रकार अलग-अलग दर्ज तीन मुकदमों में कुल 38 लोग की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री उत्तराखंड के सख्त निर्देश के क्रम में कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए इसलिए पेपर लीक मामले में फरार दो अपराधी क्रमशः सादिक मूसा निवासी अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश पर दो लाख का ईनाम और योगेश्वर राव निवासी गाजीपुर उत्तर प्रदेश पर गिरफ्तारी पर एक लाख का ईनाम पुलिस महानिदेशक द्वारा घोषित किया गया है

उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा पेपर लीक मामले में गिरफ़्तार अभियुक्त संदीप शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेश शर्मा निवासी जुल्हान मोहल्ला जसपुर जनपद उधम सिंह नगर अभियुक्त ने अन्य अभियुक्त के साथ मिलकर गाजियाबाद एक फ्लैट में जनपद उधम सिंह नगर एवं जनपद हरिद्वार के कई अभ्यर्थियों को ले जाकर प्रश्न पत्र हल कराया गया था।

गिरफ्तार अभियुक्त के जसपुर और ठाकुरद्वारा में आयुर्वेदिक और पैरा मेडिकल सहित तीन कॉलेज हैं। अभियुक्त से पूछताछ और अन्य जानकारी के आधार पर दो दर्जन के करीब छात्रों को चिन्हित किया गया है। उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा गवाहों के बयान एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को अरेस्ट किया गया। इस गिरफ्तारी से उत्तर प्रदेश में नकल माफियाओं के धामपुर के बाद गाजियाबाद में हुई नकल के सेंटर का पर्दाफाश करने में सफलता मिली है।

35 हजार करोड़ के एमओयू धरातल पर, 15 हजार करोड़ की परियोजनाओं में उत्पादन शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखण्ड निवेशक सम्मान समारोह के दौरान निवेशकों को प्रतीक चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ आगे बढ़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों ने उद्योग के क्षेत्र में प्रदेश को नया आयाम दिया है। प्रदेश की आर्थिकी व राजस्व को बढ़ाने में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का योगदान अमूल्य है। आप सभी हमारे ब्राण्ड अम्बेसडर है। उत्तराखण्ड योग, आध्यात्म एवं आयुष की भूमि है। उत्तराखण्ड औद्योगिक विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योगों के लिए जैसा वातावरण उत्तराखण्ड में है, यह निवेशकों को उत्तराखण्ड की ओर आकर्षित करता है। जनवरी, 2020 से अब तक प्रदेश में 15 हजार करोड़ की परियोजनाओं में उत्पादन प्रारंभ हुआ है। कोरोना जैसी महामारी आने के बावजूद इतना निवेश प्रदेश में आना निश्चित ही बड़ी उपलब्धि है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीति सुधार व सरलीकरण की दिशा में काफी काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को एक नई पहचान मिल रही है। इन आठ सालों में भारत समृद्ध एवं शक्तिशाली बना है। प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है जिसका परिणाम आप सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिये अच्छी सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का होना जरूरी है, इन क्षेत्रों में राज्य में तेजी से कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के युवाओं की क्षमता, समर्पण, कड़ी मेहनत और समझ में विश्वास दिखाने के लिए निवेशकों को धन्यवाद दिया और कहा कि जो परियोजनाएं शुरू की गई हैं, वे राज्य में नई संभावनाएं पैदा करेंगी और राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि हम “रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म“ के मंत्र के साथ आगे बढ़े हैं। हमने नीतिगत स्थिरता, समन्वय तथा व्यापार करने में सुगमता पर जोर दिया है। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों को यह कहते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार नीति, निर्णयों और सकारात्मक उद्देश्य के साथ विकास के काम करती है। हम सब आपके हर प्रयास में आपके साथ रहेंगे और हर कदम पर आपका साथ देंगे।
उद्योग मंत्री चन्दन राम दास ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना जब हुई तो हर किसी की कल्पना थी कि पहाड़ का पानी एवं जवानी पहाड़ के काम आये। यह तभी सम्भव हो सकता था जब उत्तराखण्ड में उद्योगों को तेजी से बढ़ावा मिले। 2018 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इन्वेस्टर सम्मिट आयोजित किया गया, जिसके सफल परिणाम भी देखे गये। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना होगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य तेजी से निवेश के लिये प्रमुख गंतव्य स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र कम पूंजी निवेश से अधिक उत्पादन एवं रोजगार सृजित कर सकता है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
सचिव उद्योग डॉ पंकज कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में निवेशकों को बधाई दी और राज्य में भविष्य में अपने उद्योग के विस्तार के लिए उनका आवाहन किया। उन्होंने कहा कि सरकार नई नीतियों को लागू कर रही है और राष्ट्रीय गति शक्ति योजना बनाने के प्रधान मंत्री जी के दृष्टिकोण की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

इन्वेस्टर्स समिट के बाद 35 हजार करोड़ के एमओयू धरातल पर क्रियान्वित
राज्य ने 2018 में अपना पहला निवेश शिखर सम्मेलन ’डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड आयोजित किया था, जिसमें कई क्षेत्रों में 600 से अधिक निवेशकों द्वारा रूपये एक लाख चौबीस हजार करोड़ से अधिक के समझौता ज्ञापन/निवेश इच्छा पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए थे। हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों के कार्यान्वयन का नियमित रूप से अनुश्रवण किया गया। इसके परिणामस्वरूप रू. 35 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू धरातल पर क्रियान्वित हो गए हैं। यह परियोजनाएं विभिन्न क्षेत्रों की हैं, जिनमें विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र सम्मिलित हैं।
राज्य सरकार ने आयोजित सम्मान समारोह में ऐसे निवेशकों को सम्मानित किया जिन्होंने 2020 के बाद अपना उत्पादन कार्य प्रारम्भ किया था। इस आयोजन में 68 निवेशकों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें एमएसएमई एवं वृहद स्तर, दोनों क्षेत्रों के निवेशक सम्मिलित थे। आयोजन में निवेशकों ने अपने अनुभव साझा किए और राज्य में व्यापार करने में आसानी की सराहना की। उन्होंने उत्तराखण्ड में निवेश के लिए मैत्रीपूर्ण शान्त वातावरण की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर निवेशकों ने कहा कि वे उत्तराखण्ड में और अधिक निवेश के लिए उत्साहित हैं।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण, आयुक्त उद्योग रोहित मीणा तथा निदेशक उद्योग एस. सी. नौटियाल, आर.जे. काव्य, प्रमुख उद्यमी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बंपर सरकारी नौकरिया लेकर आ रही धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने चुनावी वायदों को एक-एक कर पूरा करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में अब धामी सरकार जल्द ही सरकारी महकमों, निगमों व सहायतित संस्थाओं में खाली पड़े पदों पर भर्ती अभियान चलाने जा रही है। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव जल्द लाया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हर विभाग से खाली पड़े पदों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाकर डाटा तैयार किया जा रहा है। सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारर्दशी और मानकों के तहत पूरा करवाने के लिए रोडमैप तैयार करने में जुटी हुई है।
उत्तराखंड में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। राज्य के युवाओं की सरकारी नौकरियों पर लगातार नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फोकस भी सरकारी महकमों में उन पदों पर भर्ती करने पर है, जिन्हें भरना आवश्यक है। बाकी युवाओं को सरकार स्वरोजगार और आजीविका आधारित योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के सरकारी महकमों, निगमों व सहायतित संस्थाओं में विभिन्न श्रेणियों के 1 लाख के लगभग पद खाली हैं। आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही प्रदेश सरकार के लिए इन सभी खाली पदों को भरना संभव नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि सरकार अपने आर्थिक सामर्थ्य के आधार पर खाली पदों पर भर्ती के लिए आयोगों को प्रस्ताव भेज रही है।
वित्त विभाग की रिपोर्ट में सरकारी विभागों, निगमों और सहायतित संस्थाओं में 31 मार्च 2021 तक खाली समूह क, ख, ग और घ श्रेणी के खाली पदों का ब्योरा दिया गया है। इस विवरण के अनुसार, सरकारी विभागों में 59699 राजपत्रित व अराजपत्रित खाली हैं। कुल 254920 स्थायी व अस्थायी पदों में से 195221 पदों पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक समूह ग के 41,842 पद खाली हैं, जबकि समूह घ के 9,591 पद भी रिक्त चल रहे हैं। समूह क और ख श्रेणी के 8266 पद भी खाली हैं। इसी तरह सार्वजनिक संस्थाओं में भी विभिन्न श्रेणियों के कुल 14019 पद खाली चल रहे हैं। कुल 29794 स्थायी व अस्थायी पदों में से 15775 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। इनमें सबसे अधिक 9173 पद समूह ग खाली हैं। सहायतित संस्थाओं में भी स्थायी व अस्थायी वर्ग में समूह क, ख, ग व घ श्रेणी के 8798 पद खाली चल रहे हैं।
सरकारी नौकरियों के खुलने की राह देख रहे राज्य के करीब 9 लाख पंजीकृत बेरोजगारों के लिए विभागों, निगमों व सहायतित संस्थाओं में हजारों खाली पदों की खबर खुशी देने वाली हो सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार के लिए हजारों सरकारी नौकरियां खोलना आसान नहीं है। सरकार को अंदाजा है कि वित्तीय चुनौतियों के बीच हजारों सरकारी नौकरियां देने से सरकार का खर्च बढ़ जाएगा। हाल ही में जारी बजट में सरकार ने राज्य के स्वयं के राजकोषीय सुधार को लेकर जो संकेतक बनाए हैं, उसके अनुसार, सरकार का वेतन का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। 2019-20 में सरकार ने कर्मचारियों के वेतन पर 13054.48 करोड़ रुपये खर्च किए। 2020-21 में उसने 14951 करोड़ का संशोधित खर्च का अनुमान लगाया। 2022-23 में अकेले वेतन पर ही 16572 करोड़ रुपये के खर्च आने की संभावना है। यह खर्च 2023-24 में 18 हजार और 2024-25 में 20 हजार करोड़ से अधिक तक पहुंचने के आसार हैं।

पुलिस गिरफ्त में नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाला गिरोह

कोतवाली पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गली नंबर 2, गुमानीवाला निवासी चंद्र मोहन पांडे पुत्र स्व. दिवाकर दत्त पांडेय ने पुलिस को एक तहरीर दी। इसमें उन्होंने बताया श्यामपुर बाईपास गुमानीवाला में उनकी परचून की दुकान है। बीती 28 अगस्त की शाम को एक व्यक्ति उनकी दुकान से सामान लेने आया था। उसने सामान खरीदने के बाद बदले में दो हजार रुपये का नोट उन्हें थमाया। दो हजार का नोट नकली निकला। पुलिस ने दुकान स्वामी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों और मुखबिर की मदद से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोमवार को जंगलात चौकी गुमानीवाला के पास से एक आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में उसने अपनी पहचान नीरज पुत्र सुखबीर सिंह निवासी मोहल्ला माता गढ़, थाना मंडी जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई। पुलिस हिरासत में उसने बताया कि वे तीन दोस्त हैं। उनमें से सुनील और रोशन जोशी देहरादून स्थित वसुंधरा विहार निरंजनपुर, पटेलनगर में रहते है। वहां पर एक कमरे में रोशन जोशी के पास नकली नोट छापने के स्नैकर, लैपटॉप और प्रिंटर मशीन है। वे नकली नोट छापने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में नोट देकर सामान खरीदते हैं। पुलिस ने इसके बाद आरोपी रोशन जोशी पुत्र लक्ष्मण जोशी निवासी ग्राम सुना पोस्ट व थाना थराली जनपद चमोली हाल निवासी लेन नंबर 2 वसुंधरा विहार पटेल नगर देहरादून और सुनील पुत्र संजय निवासी ग्राम शाहजहांपुर थाना सरसावा जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश को देहरादून से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो हजार रुपये के चार नकली नोट, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य सामान भी बरामद किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया की आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया है।

धामी की दो टूक, भर्ती घोटालों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नही जायेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से स्नातक स्तरीय परीक्षा में चयनित कुछ अभ्यर्थियों ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने पूरी ईमानदारी और अपनी मेहनत से परीक्षा पास की है, उन्हें निराश नहीं होने दिया जाएगा। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में जहां भी गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हो रही है वहां हमने सख्त जांच के आदेश दिये हैं। कुछ मामले एसटीएफ को दिये गये हैं एवं कुछ पर विजिलेंस को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों में किसी भी दोषी को भी नही बख्शा जायेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता रवीन्द्र जुगरान भी मौजूद थे।

प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स बनाए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में प्रदेश में बनाए जा रहे हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी हेलीपोर्ट्स और हेलीपेड्स की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चार धाम और पर्यटन के साथ ही यहां की खूबसूरती और शांति के कारण टूरिज्म की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्यटकों के पास पैसा तो है पर समय का अभाव है जिसके चलते ऐसे पर्यटक यहां आने से बचते हैं। मुख्य सचिव ने ऐसे पर्यटकों को भी ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जॉय राइड्स की भी असीम संभावनाएं हैं, इसके साथ ही हिमालय दर्शन जैसी योजनाओं को अधिक से अधिक स्थानों से संचालित किया जाए। इसके लिए हेली के साथ ही फिक्स विंग सेवाओं पर भी फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां की खूबसूरती के देखने के बाद इन्हीं में से बहुत से लोग यहां इन्वेस्ट करने को आगे आएंगे।
मुख्य सचिव ने कुछ हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स के लिए कई बार बिड्स फेल होने पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि टेंडर करते समय ग्राउंड रियलिटी के अनुसार रेट तय किए जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स का मास्टर प्लान बनाते समय भविष्य की संभावनाओं और आवश्यकताओं को देखते हुए प्लानिंग की जाए। इन हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स का ट्रैफिक प्लान अगले 20, 25, 50 साल के ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स के लिए भूमि चयनित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि हमारे उद्देश्य की पूर्ति हो। रीजनेबल रेट पर मिलने पर प्राइवेट लैंड भी खरीदा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी जगह ढूंढने के चक्कर में कई बार हम ऐसी जगह अस्पताल, स्कूल, आईटीआई आदि खोल लेते हैं जहां कोई नहीं जाता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि रामनगर में हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने डीएम नैनीताल को रामनगर में हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स की स्थापना को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि मसूरी, नैनीताल और हरिद्वार जैसे पर्यटक स्थलों में 2 या 2 से अधिक हेलीपोर्ट्स या हेलीपैड्स बनाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि नए प्रस्तावित हेलीपोर्ट्स या हेलीपैड्स में फीजिबिलिटी शीघ्र करवा ली जाए। फॉरेस्ट क्लीयरेंस और लैंड एक्विजिशन के कार्यों में भी तेजी लाते हुए शीघ्र अतिशीघ्र इनका निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस समय कुल 83 हेलीपैड्स हैं, जिसमें 51 सरकारी और 32 प्राइवेट हैं। साथ ही अंडर कंस्ट्रक्शन हेलीपैड्स की संख्या 22 है। पर्यटन विभाग ने 33 नए हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स प्रस्तावित किए हैं। जनपदों द्वारा 10 नए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, सीईओ सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी सी. रविशंकर सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भर भारत से ही बनेगा श्रेष्ठ भारत

ऋषिकेश, हरिद्वार क्षेत्र में बैन लैब्स राजकोट गुजरात के सहयोग से ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के विशाल भट्ट के नेतृत्व में अति पिछड़े गरीब मजदूरों व किराए के रिक्शा चालकों को सक्षम व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज निशुल्क 50 साइकिल रिक्शा बांटे गए।
बैन लैब्स के प्रबंध निदेशक मौलेश उकानी ने बताया कि पिछले साल कोरोना महामारी देश में फैली और सरकार को लॉकडाउन लागू करना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों व किराए के रिक्शा चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में उनके द्वारा 100 रिक्शे बांटने का निर्णय लिया गया।
मौलेश उकानी ने बताया कि उनका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रिक्शे के जरिए रोजी-रोटी का जरिया देना है। कार्यक्रम में पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर आपके पास पैसा है, तो उसे किसी फालतू चीज में बर्बाद ना करें, बल्कि उससे किसी जरूरतमंद की मदद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में करें।
विशाल भट्ट ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत से ही श्रेष्ठ भारत की कल्पना की जा सकती है। आजादी के बाद से ही देश विभिन क्षेत्रों में तेजी से विकास कर रहा है व आज की आवश्यकता एक दूसरे को साथ आगे ले जाने की है। ये रिक्शा चालक अभी तक किसी और मालिक के रिक्शे दैनिक किराए पर लेकर चलाते थे पर अब ये सभी स्वयं का रोजगार कर पाएंगे। संस्था आगे भी ऐसे लोकहित व जनहित कार्य जारी रखेगी।
ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट से सैमुएल हर्बर्ट, विशाल भट्ट व मनीष पाल आदि ने सहयोग किया व सभी लोगों से इस नेक शुरुआत में सहभागी होने की अपील की।

अमृत सरोवर योजना से स्थानीय लोगों को जोड़ने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में अमृत सरोवर योजना की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए जा रहे सभी सरोवरों को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे सम्बन्धित सभी कार्यों की लगातार समीक्षा करते हुए प्रगति पोर्टल और अमृत सरोवर पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन सरोवरों को आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जाएं, ताकि ये सरोवर लंबे समय तक स्थानीय लोगों की आर्थिकी का श्रोत बनें। उन्होंने फिशरीज से जुड़े सरोवरों के लिए स्थानीय स्तर पर मार्केटिंग और सीड सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरोवरों से निकलने वाली मिट्टी को आसपास के क्षेत्रों में बनने वाली सड़कों के निर्माण में प्रयोग किया जा सकता है।
बैठक के दौरान सचिव वीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया गया कि केंद्र द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत 15 अगस्त तक कुल सरोवरों का 20 प्रतिशत का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाना था, जिसके सापेक्ष उत्तराखण्ड में 15 अगस्त तक कुल 1606 सरोवरों के सापेक्ष 543 (लगभग 39 प्रतिशत) सरोवरों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया था। बताया गया कि 340 सरोवरों को फिशरीज़ से भी जोड़ा गया है। इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।