अग्निपथ योजना से जुड़े नौजवानों को राज्य पुलिस में मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से नौजवानों के लिए भारतीय सेना के द्वार खोलने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से भारत की सैन्य ताकत को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं की कौशलता और प्रतिबद्धता में भी खासा सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि भारतीय रक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ सालों में कई बड़े सुधार देखने को मिले हैं। अग्निपथ योजना को लागू करने का जो निर्णय लिया गया है, उससे देश के नौजवान चार साल की सेवा सेना में दे सकेंगे। इस योजना से अग्निवीर तैयार किए जाएंगे, देश के नौजवान आर्म फोर्स में जा सकेंगे। उन्हें नई तकनीक से ट्रेंड किया जाएगा और देश को हाई स्किल आर्म फोर्स मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना को विश्व की बेहतरीन सेना बनाने की दृष्टि से यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती कराया जाएगा, इस दौरान अग्निवीरों को अच्छा वेतन मिलेगा। सेना की चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को भविष्य के लिए अन्य अवसर दिए जाएंगे। चार साल की नौकरी के बाद सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत जो जवान चार साल बाद यहां से निकलेंगे, उत्तराखण्ड सरकार ऐसे अग्निवीरों को पुलिस की भर्ती में प्राथमिकता से अवसर देगी। 17 साल 6 माह से 21 साल के युवा, 10/12वीं के छात्र आवेदन कर सकेंगे। अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है, तो उसके परिजनों को सेवा निधि के अन्तर्गत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ब्याज समेत मिलेगी, इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा। वहीं अगर कोई अग्निवीर डिसेबल हो जाता है, तो उसे 44 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी, इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। सैनिकों की अनेक लंबित मांगों की स्वीकृतियां प्रदान की। आज भारत रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है।

सौर ऊर्जा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार उठा रही जरुरी कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। सीएम आवास मे आयोजित कार्यक्रम में राज्य में नवीकरणीय एवं अन्य परियोजनाओं के विकास और शत प्रतिशत वित्तीय निवेश किये जाने के लिए यह एमओयू किया गया है।
उत्तराखण्ड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुन्दरम और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से मुख्य महाप्रबंधक नवीनीकरण ऊर्जा शैली अब्राहम व अधिशासी निदेशक अमित गर्ग ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रिन्यूबल एनर्जी विशेष तौर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति होगी। ऊर्जा और पर्यटन राज्य के विकास के दो प्रमुख आधार हैं। प्रदेश में आर्थिक विकास के साथ-साथ उद्योगों और घरेलू क्षेत्र में ऊर्जा की मांग बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि उत्तराखण्ड ऊर्जा सरप्लस स्टेट बने। इसके लिये सौर ऊर्जा पर भी फोकस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता, प्रक्रियाओं के सरलीकरण की है। जितना ज्यादा प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा उतना ही राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश होगा। हमें प्रोफेशनल एप्रोच अपनानी होगी। प्रदेश के विकास के लिये हमें इकोनोमी और इकोलॉजी में संतुलन रखते हुए आगे बढ़ना है। इस दृष्टि से रिन्यूबल एनर्जी बहुत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बीपीसीएल को राज्य में सौर ऊर्जा में आगे आने के लिये धन्यवाद किया और कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य की ऊर्जा नीति में जरूरी होने पर सुधार किये जाएं और विशेष तौर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक संस्थाओं और उद्यमियों को हर संभव सहयोग दिया जाए।
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के सीएमडी अरूण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में रिन्यूबल एनर्जी के विकास के लिये बीपीसीएल काम करेगा। संसाधनों और टैलेंट की कमी नहीं है। हमें आपसी समन्वय और सहयोग से देश की प्रगति में योगदान देना है। उत्तराखण्ड में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूङी, बीपीसीएल के सीएमडी अरुण कुमार सिंह, निदेशक सुखमल जैन, स्टेट हैड मिहिर जोशी, अपर सचिव रंजना, डॉ इक़बाल अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

एमडीडीए सचिव ने पोस्टरों का लिया संज्ञान, खंडन किया

सचिव एमडीडीए बृजेश कुमार संत ने बताया प्राधिकरण के संज्ञान में आया है कि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा शहर के कुछ स्थानों यथा शिमला बाईपास रोड पर पोस्टर लगा के एमडीडीए में जेई एवं सुपरवाइजर की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। इस संदर्भ में सर्व साधारण को यह अवगत कराना है कि उक्त पोस्टर पूर्णतया भ्रामक एवं गलत है तथा कानूनन यह कार्य गलत एवं दंडनीय है। प्राधिकरण या कोई भी अन्य सरकारी संस्था इस तरह की किसी भी भर्ती के लिये उचित माध्यम यथा समाचार पत्र, सरकारी वेब साइट आदि का प्रयोग करती है। यह खंडन आम जनहित में जारी किया जा रहा है।

ऋषिकेश टैक्स बार के सदस्यों ने वित्त मंत्री से की मुलाकात

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में टैक्स बार एसोसिएशन के नव गठित कार्यकारिणी ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान अग्रवाल को एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग पत्र भी सौंपा।
शनिवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती और पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकारिणी के सदस्य अग्रवाल से मिले। इस मौके पर अग्रवाल ने कार्यकारिणी के सदस्यों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया।
अग्रवाल ने टैक्स बार के सदस्यों को व्यापारियों और सरकार के बीच की अहम कड़ी बताया। कहा कि सरकार के राजस्व में वृद्धि और राज्य हित में एसोसिएशन के जो भी सुझाव दिए जाएंगे सरकार उन पर अवश्य गौर करेगी।
अग्रवाल ने समय पर व्यापारियों को टैक्स देने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों को प्रेरित करने को कहा। जिससे सरकार के राजस्व में इजाफा हो और सरकार विकास कार्यों को और अधिक से अधिक कर सके। इस मौके पर टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एक मांग पत्र सौंपा। जिस पर अग्रवाल ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, सचिव विकास ग्रोवर, सह सचिव राजकुमार राजपाल, कोषाध्यक्ष महेश पांडे, उपाध्यक्ष वीके चटर्जी, योगेश ब्रेजा, मुकेश राणा, एच उपाध्याय, प्रशांत गुप्ता, मोहित अग्रवाल, कार्यालय प्रभारी विनोद बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

एमडीडीए की बैठक में कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों को दिये निर्देश

आज विधानसभा स्थित सभागार में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों के साथ शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की। उन्होंने ऋषिकेश में नगर निगम की भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग बनाने को माह दिसम्बर 2023 तक हर हालत में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त पदों को भरने, अगले 20 दिन के भीतर अवैध प्लाट, भवन को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास के लिए चार हजार आवेदन को तय समय के भीतर किये जाने पर प्रंशसा व्यक्त की।

बैठक में कैबिनेट मंत्री अग्रवाल द्वारा ये निर्देश दिए गये।
1- नगर निगम ऋषिकेश में जी प्लस छह मंजिला पार्किंग बनाने के लिए चार माह के भीतर कागजी कार्यवाही कर माह दिसंबर 2023 तक पूर्ण करने के कड़ाई से निर्देश दिए। इस कार्य को प्राथमिकता के साथ करने को कहा।
2- मसूरी मॉल रोड के सौंदर्यकरण के कार्य में सड़क बनाने के कार्य को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए। कहा कि इससे टूरिस्टों को परेशानी होगी।
3- किसी भी पार्क या सौंदर्यकरण के कार्य को आकर्षित बनाया जाए। इस बात का ध्यान रहे सरकारी धन दुरुपयोग न हो। कामचलाऊ काम न करें।
4- डोईवाला में बस अड्डा के लिए जल्द से जल्द जमीन तलाश की जाए। इस मामले में जिलाधिकारी देहरादून की मदद ली जाए।
5- प्राधिकरण द्वारा बनाये गए फ्लैट्स विक्रय कराने के लिए प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर इसपर कार्य योजना तय की जाए।
6- यदि कोई आपत्ति न हो तो आवासीय नक्शा 15 दिन के भीतर पास किये जायें। इसी तरह व्यवसायिक नक्शा 30 दिन के भीतर पास करें। उसकी सूची प्राधिकरण की वेबसाईट पर भी डालें।
7- उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि प्राधिकरण अपनी कार्यशैली सुधारे। अवैध बिल्डिंग बनने से पूर्व कार्यवाही करें। उन्होंने 20 दिन का समय निर्धारित करते हुए कहा कि जिले की सभी अवैध बिल्डिंग की जानकारी दे। इस संदर्भ में 15 मई को पुनः बैठक करने को कहा।
8- मंत्री ने प्राधिकरण में रिक्त पदों को जल्द भरने के भी निर्देश दिये।
इस मौके पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृजेश कुमार संत, अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, अजय माथुर, अधीक्षण अभियंता हरि चंद सिंह राणा, अनुसचिव अनुजा सिंह, वित्त नियंत्रक स्मृति खंडूरी आदि मौजूद रहे।

प्राधिकरण की बैठक में अग्रवाल ने कार्यप्रणाली में बदलाव के दिये निर्देश

वित्त, शहरी विकास व संसदीय कार्य मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण के कार्याे की समीक्षा करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाय। उन्होने कहा कि जनता की परेशानी को दूर करने के लिए सुनियोजित विकास किया जाय। पारर्दिर्शता पर बल दिया जाय और राजस्व आय में वृद्धि की जाय।
बैठक में अग्रवाल ने विकास प्राधिकरण की गतिविधिओं की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा समय पर नक्शा पास किया जाय। आवासीय और व्यवसायिक श्रेणी में निर्धारित अवधि के भीतर नक्शा पास किया जाय। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण को जनता की सुविधा के लिए बनाया गया है, इसके लिए कार्य प्रणाली में बदलाव की सोच को विकसित किया जाये।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि योजना की निगरानी निरन्तर की जाय और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न होने दिया जाय। उन्होंने सिडकुल हरिद्वार के समीप बनने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना को मार्च 2023 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस योजना के तहत कुल 528 आवास निर्मित्त किये जाने है।
बैठक में विभिन्न आवास योजना शिवलोक कालोनी, हरिलोक कालोनी, श्यामलोक, इन्द्रलोक कालोनी के अन्तर्गत बनाये गये ऐसे आवास जो अभी तक विक्रय नही हो सके है, शीघ्र ही विक्रय सम्बन्धित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। बैठक में अवगत कराया गया कुछ भवन 1999 से बने है परन्तु इनकी बिक्री नही हो सकी है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। बैठक में कहा गया कि कार्मिको के सापेक्ष जो रिक्तिया शेष है उसके लिए अधियाचन भेजा जाय।
बैठक में हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विनय शंकर पाण्डेय, सचिव उत्तम सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सशस्त्र सीमा बल का दीक्षांत समारोह धूमधाम के साथ संपन्न

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्रीनगर में केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल का दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान नव प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। मख्यमंत्री ने सलामी के उपरांत पासिंग आउट परेड का निरीक्षण भी किया। आयोजित परेड में 278 प्रशिक्षण प्राप्त जवानों द्वारा मुख्य अतिथि के सम्मुख शपथ ग्रहण किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त जवान भारतीय सीमा सशस्त्र बल का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि तन, मन व धन से देश की रक्षा करें। सीमा पर रहने वाले देश के नागरिक भी सुरक्षाबलों के समान ही एक प्रहरी के रूप में अपना दायित्व निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपना सर्वाेच्य बलिदान दिया है। कहा कि सरहद पर खड़े जवानों के कारण ही हम अपने घरों में सुरक्षित हैं। भारतीय सीमा सुरक्षा बल हर विपत्ति में नागरिकों का साथ देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अर्ध सैनिक बलों का जो इतिहास रहा है उस को आगे बढ़ाने का काम यह प्रशिक्षित जवान करेंगे तथा क्षेत्र में जाकर भारत के मान सम्मान बनाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि एसएसबी जवान सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अनेकों दायित्वों का निर्वहन तत्परता से करते हैं। कहा कि एसएसबी जवानों द्वारा कोरोना काल तथा चुनाव के समय में शांतिपूर्ण तरीके से कार्य किया।
सशस्त्र सीमा बल के दीक्षांत समारोह में ओवरऑल बेस्ट प्रशिक्षु पुरस्कार सचिन सैनी तथा आंतरिक प्रशिक्षण का पुरस्कार शुभम तिवारी को दिया गया। देश रक्षा के लिए आज 278 जवान शामिल हुए। जिसमें बिहार से 94, उत्तर प्रदेश से 74, मध्यप्रदेश से 44, उत्तराखंड से 24, राजस्थान 21, जम्मू कश्मीर 20, दिल्ली से 01 जवानों ने 44 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद आज देश सेवा की शपथ ली।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, एसएसबी महानिरीक्षक रतन संजय, उप महानिरीक्षक सृष्टि राज गुप्ता सहित सैन्य अधिकारी व अन्य उपस्थित रहे।

सीएस ने दिए निर्देश, बोले-निवेश राज्य के लिए बेहद जरूरी

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने आज सचिवालय में सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित आवेदनों के संबंध में बैठक की। बैठक में समस्त जिलाधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि निवेश राज्य के लिए बेहद जरूरी है और निवेश बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इस बात पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक 15 दिन में जनपद स्तर पर लंबित आवेदनों की मॉनिटरिंग करें साथ ही शासन स्तर पर संबंधित सचिव इसकी मॉनिटरिंग करते हुए निस्तारण सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्राप्त आवेदनों को टाइम बाउंड करते हुए समय से निस्तारित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करें।
मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग,आबकारी विभाग के अलावा जिलाधिकारी हरिद्वार व जिलाधिकारी उधमसिंह नगर को निर्देश दिए कि उनके स्तर पर लंबित आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए इन आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक उद्योग रणवीर सिंह चौहान सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बेरोजगार मतदाता किस पर करेगा भरोसा

प्रदेश में 8 लाख 42 हजार बेरोजगार पंजीकृत हैं। जबकि पूरे राज्य में कुल 82 लाख वोटर हैं। इनमें से करीब 25 फीसदी मतदाता बुजुर्ग हैं। यदि इन वोटरों को हटा दिया जाए तो राज्य में बेरोजगार वोटरों का आंकड़ा इससे भी ऊपर निकल जाता है। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट भी राज्य में बेरोजगारी और रोजगार के कम मौके होने की तस्दीक कर रही है। प्रदेश में नौ फीसदी नौकरी योग्य ग्रेजुएट युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।
शहरी इलाकों में 4.3 फीसदी जबकि ग्रामीण इलाकों में 4.0 फीसदी बेरोगारी की दर है। उत्तराखंड में रोजगार एवं श्रम भागीदारी दर देश में सबसे कम है। सीएमआईई के अनुसार दिसंबर तक उत्तराखंड में रोजगार दर 30.43 फीसदी थी। यह राष्ट्रीय औसत 37.42 फीसदी से काफी कम है और देश में सबसे नीचे है।
इसके बाद गोवा 31.99, उत्तर प्रदेश 32.79 एवं पंजाब 36.86 का स्थान आता है। पर सरकार और मंत्री बेरोजगारी के लिए केवल कोरोना का कारण बताते रहे हैं। हालांकि कोरोना से पहले भी रोजगार की तलाश में पलायन सतत चलता रहा। इस कारण उत्तराखंड के सैकड़ों गांव वीरान हो चुके हैं।
हर बार किए जाते हैं वादेरू केंद्र और राज्य के हर चुनाव में मतदाताओं से रोजगार बढ़ाने के वादे किए जाते हैं। लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद यह वादे कोरी घोषणाएं साबित होती हैं। इस बार भी बड़े-बड़े राजनीतिक दल और प्रत्याशी युवाओं को लुभाने के लिए नई-नई योजनाएं लाने का वादा कर रहे हैं। कोई नई नौकरियां लाने की बात कह रहा है तो कोई स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का वादा कर रहा है। देखना है कि चुनाव संपन्न होने के बाद युवाओं से किए जा रहे वायदों पर कितना काम होता है।
प्रदेश में 25 से 45 साल के लोगों में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक है। इसमें युवा पुरुष व महिलाएं दोनों ही शामिल हैं। जबकि यही वर्ग प्रदेश का सबसे बड़ा मतदाता भी है। साफ है सरकार और राजनीतिक दलों का फोकस मुख्य समस्या पर नहीं है। प्रदेश में महिलाओं की बेरोजगारी दर 7.6 फीसदी है। कुमाऊं विवि में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. डीएस बिष्ट के अनुसार युवाओं को योग्यता अनुसार काम न मिले तो उसका सीधा असर समाज पर पड़ता है। रोजगार के नए मौके तलाशने के लिए सरकार को ज्यादा ठोस कदम उठाने होंगे।

वर्चुअल रैलियों में तेजी लाने के लिए भाजपा ने बनाई ये रणनीति

कोरोना संक्रमण ने लोगों की जीवनशैली से लेकर सियासत तक गहरा असर छोड़ा है। अब इसका असर विधानसभा चुनावों पर भी दिख रहा है। इसकी काट निकालने के लिए राजनीतिक दलों ने डिजिटल माध्यम को हथियार बनाया है। कांग्रेस फिलहाज भाजपा से डिजिटिल माध्यम में आगे नजर आ रही है। वहीं अब भाजपा ने निर्णय लिया है कि उत्तराखंड की हर विधानसभा क्षेत्र में एक आईटी एक्सपर्ट को नियुक्त करेगी। भाजपा का यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा 15 जनवरी तक रोड शो और रैलियों के आयोजन पर रोक लगाने के बाद आया है।

मोबाइल फोन पर भेजा जाएगा एक लिंक
उत्तराखंड भाजपा के महासचिव कुलदीप कुमार ने बताया कि पार्टी बूथ और राज्य स्तर पर सभी महत्वपूर्ण बैठकें करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी ने पूरी योजना बना ली है। हम एक साथ एक हजार लोगों को वन-वे एड्रेस दे सकते हैं। इंटरैक्टिव वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर कम से कम 500 लोगों से जुड़ सकते हैं। बैठकों और कार्यक्रमों को मूर्त रूप देने के लिए देहरादून में एक स्टूडियो खोला जाएगा। जोकि एक-दो दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। स्टूडियो में दो लोगों के बैठने का मंच होगा। निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों को उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा जाएगा। इसके जरिए लोग जुड़ सकते हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा ने राजधानी देहरादून में एक वॉर रूम आईटी सेल बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। जिससे पार्टी एक बार में 15 वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर सकती है। इसके जरिए पार्टी एक दिन में 10 से अधिक विधानसभा सीटों को कवर करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भाजपा नेताओं की रैली देहरादून कार्यालय से दिल्ली कार्यालय से जोड़कर संपन्न कराई जा सकेगी। जिसके बाद पार्टी के नेता विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों को संबोधित कर सकेंगे। 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान होगा। 14 फरवरी जबकि मतगणना 10 मार्च को होनी है।