श्रमिकों की मांगों को खरोला ने दिया समर्थन

कांगेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तहसील परिसर के समीप में अखिल भारतीय सर्वजन श्रमिक कल्याण समिति द्वारा विगत 4 दिन से चल रहे 10 सूत्रीय मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन को समर्थन दिया और उपजिलाधिकारी महोदय को 10 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन प्रेषित किया।
इस अवसर पर खरोला ने कहा सरकार की उदासीनता व क्षेत्रीय विधायक की निष्क्रियता के चलते ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के श्रमिक आंदोलन पर बाध्य हो गए हैं। खरोला ने कहा कि देश में मजदूर विरोधी नीतियां सरकार बना रही है। नए-नए कानून बना दिए जाते हैं, जिनका फायदा कंपनी प्रबंधन उठा रही हैं। श्रमिक संगठन सुधारीकरण के नाम पर बनाए गए कानूनों का विरोध करती रही है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
खरोला ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र के श्रमिकों की पिछले 3 वर्षों से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार के द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाओं से वंचित हैं जिस कारण श्रमिकों को अत्यधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय जो तमाम सुविधाएं सरकार द्वारा चिन्हित श्रमिकों को दी जा रही थी। वह सभी सुविधाएं आज सिर्फ कागजों में ही दिखाई दे रही है। कहीं पर भी श्रमिकों को वह सुविधाएं नहीं मिल पा रही है जिनके वे हकदार हैं।
खरोला ने कहा कि पिछले 3 वर्षों से श्रमिक के लिए साइकिल, बच्चों की शादी के लिए आर्थिक मदद, टूल किट, मृतक आश्रितों को आर्थिक मदद आदि तमाम सुविधाएं ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंदर बंद पड़ी हुई है इसी लिए श्रमिक मजदूर आंदोलन को बाध्य हो गए हैं।
खरोला ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने आज तक श्रमिक संगठनों से श्रम कानूनों में किए जाने वाले संशोधनों के बारे में बातचीत तक भी नहीं की है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो श्रमिक संगठन के साथ कांग्रेस को बड़ा आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
इस दौरान प्रेम नाथ राव, फूलमती देवी, गुड्डन देवी, आशा भंडारी, हरेंद्र प्रसाद, मिंटू, पदम, अशोक, मिंटू आदि लोग उपस्थित रहे।

जयेन्द्र रमोला ने सरकार पर बेरोजगारों को ठगने के आरोप लगाये

कैम्पा व नमामी गंगे के तहत वन विभाग में रखे गये वन सुरक्षा श्रमिक अपनी नौकरी को ठेकेदारी में समाहित किये जाने व मासिक आय में कमी किये जाने की समस्याओं को लेकर एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला से मिले।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि वन सुरक्षा श्रमिकों द्वारा पता चला कि वन श्रमिक जो कि कैम्पा व नमामी गंगे योजना के अन्तर्गत वन विभाग में कार्य कर रहे हैं उनके हितों पर वन विभाग द्वारा कुठाराघात किया जा रहा है। जहां सरकार रोज़गार देने की बात करती हैं, वहीं सरकार वर्षों से कार्यरत वन श्रमिकों को ठेकेदार के हवाले कर व उनकी मासिक आय में कटौती कर उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं जो कि न्यायोचित नहीं है। कहीं ना कहीं वन विभाग द्वारा वन सुरक्षा श्रमिकों का उत्पीडन कर उनको नौकरी से हटाने की संभावना है। विभाग में राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित के अन्तर्गत दैनिक वेतन श्रमिक व न्यायालयों के आदेशों के आच्छादित श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। पारिश्रमिक के अन्तर्गत विभिन्न आउटसोर्स संस्थाओं जैसे उपनल, ग्लोबल, उज्जवल आदि के माध्यम से रखे गए आउसोर्स श्रमिकों की पारिश्रमिकी का भुगतान किया जाता है। वन सुरक्षा श्रमिक की पहले न्यूनतम आय 8200 प्रति माह हुआ करती थी जिसमे 4 दिन का अवकास हुआ करता था। लेकिन भाजपा सरकार द्वारा जो वन विभाग की बागडोर निजी कंपनी को सौप दिए जाने से बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बदलाव की वजह से इन कर्मियों की मासिक आय 8000 से भी और कम हो गयी है। सभी प्रभावित वन विभाग के सुरक्षा श्रमिक बहुत मुश्किल से कार्य करते है, अपनी जान को जोखिम में डालकर जैसे ज़हरीले सांपो को पकड़ना, बाघ, हाथी एवं अन्य जंगली जानवरों को खदेड़ना का कार्य करते हैं, उन वन विभाग के कर्मचारियों के साथ पूर्ण रूप से अन्याय किया जा रहा है।
रमोला ने कहा कि हम इस दुर्व्यवहार का विरोध करते है और कांग्रेस पार्टी इससे प्रभावित कर्मियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले में अपने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलकर इस समस्या को प्रदेश स्तर पर उठायेंगे और वन सुरक्षा श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।
मौक़े पर भगवती प्रसाद चमोली, रवि थापा, हरकेश सिंह, देवेंद्र, करन, संतराम, सुरेंद्र, लवीश, हरिराम, भोपाल, रमेश, उत्तम सिंह, बलवीर, तारा चंद, धर्म सिंह, प्रेम, पिंकी, खेमचंद, रोहित, पंकज, प्रमोद, सुनील, प्रीति नेगी व अवशेष नेगी मौजूद थे।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रानीपोखरी में ‘उत्तरा’ स्टेट एम्पोरियम एवं ग्रामीण हाट बाजार के पुनरोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। जिसमें 161.47 लाख की लागत से उत्तरा स्टेट इम्पोरियम निर्माण, 138 लाख की लागत से ग्रामीण हाट बाजार का पुनरुद्धार कार्य का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत समूहों को अनुदान राशि के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘उत्तरा’ स्टेट एम्पोरियम के निर्माण से लोगों को अपने स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार मिल गया है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इससे जहां लोगों की अजीविका में वृद्धि होगी, वहीं उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दिया जा रहा है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पुरूषों के साथ महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त होना जरूरी है। कोरोना काल में हमारी बहनों को कार्य करने में अनेक बाधाएं आई। उनकी समस्याओं को कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों एवं संगठनों को 119 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि ग्रामसभा डांडी में झीलवाला नहर को भूमिगत एवं सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। घमण्डपुर-जीवनवाला के मध्य पुल का निर्माण किया जायेगा। सौड़ा सिरोली में आन्तरिक सड़कों का निर्माण किया जायेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थानो का उच्चीकरण किया जायेगा। ग्राम पंचायत कुडियाल में प्रकाश पंत मार्ग से थानों भोगपुर तक 2 किमी मार्ग का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रान्तर्गत धमेन्द्र रावत के पोल्ट्री फार्म में आग लगने से हुई क्षति का आकलन कर उपजिलाधिकारी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों एवं संगठनों से जुड़ी माताओं एवं बहनों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के प्रयास किये जा रहे हैं। कोरोना काल में हर क्षेत्र में लोगों को राहत देने के प्रयास किये गये हैं।

विशेषज्ञों ने पांच तकनीकी सत्र के माध्यम से किसानों को दी जानकारी

उत्तराखंड के पहले तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय मसाला एवं सब्जी महोत्सव में दूसरे दिन पांच तकनीकी सत्र संपन्न हुए। जिसमें देशी-विदेशी वक्ताओं व विभिन्न शोध संस्थाओं, विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने प्रतिभाग कर मसाला एवं सब्जी की विभिन्न प्रजातियों के उत्पादन, प्रसंस्करण व पैकेजिंग में नवीनतम तकनीकी के सम्बन्ध में अपने अनुभवों को साझा किया।
दूसरे दिन का प्रथम सत्र आलोक गुप्ता अध्यक्ष, सुरभि फाउन्डेशन नई दिल्ली एवं रिर्पाेटियर डॉ. सुरेश राम उपनिदेशक श्री हेमवती नन्दन सहायक विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें निदेशक आईसीएआर-एनआरसीएसएस अजमेर डॉ एसएन सक्सैना, निदेशक आईसीएआर-सीआईपीएचटी लुधियाना डॉ नचिकेत आदि ने मूल्यवर्धन तकनीक, बाजार व्यवस्था पर जानकारी दी। द्वितीय सत्र उत्तराखंड उद्यान विभाग के निदेशक डॉ एचएस बवेजा की अध्यक्षता में हुआ। इसमें न्यूयार्क से आई सलाहकार अदिति चौहान, सचिन अवस्थाी आदि ने भाग की खेती और उसके औषधीय उपयोगों के बारे में जानकारी दी। तृतीय सत्र में विदेशी वक्ताओं(रूस, आस्ट्रिया, अमेरिका, सिंगापुर आदि) ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। इसमें उन्होंने मसालों और सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा की। चतुर्थ सत्र में वक्ताओं ने विभिन्न प्रकार के प्रयोगों के माध्यम से डिजिटल उपयोगिता के बारे में बताया। अंतिम सत्र पर्यावरण विज्ञान की प्रोफेसर डॉ परमिन्द्र कौर की अध्यक्षता में हुआ। इसमें वक्ताओं, संबंधित विभागीय अधिकारियों और कृषकों ने कृषि विषय पर सामूहिक रूप विचार-विमर्श किया गया। किसानों को सब्जी एवं मसालों के उत्पादन में आ रही कठिनाईयों का समाधान करते हुए सत्र का समापन किया गया। मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, ऋषिकेश मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती, क्रेजी फेडरेशन अध्यक्ष मनीष डिमरी, सभासद मनोज बिष्ट, सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार उत्तराखंड उद्यान विभाग के समस्त अधिकारी, प्रगतिशील कास्तकार, उद्यमी उपस्थित रहे।

पालिका ने लगाई खाद की स्टॉल
अंतराष्ट्रीय मसाला एवं सब्जी महोत्सव में नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की ओर से जैविक खाद के पैकेटों की स्टॉल लगाई गई है। अधिशासी अधिकारी बीपी भट्ट ने बताया कि इस खाद को घरों से निकलने वाले जैविक कूड़ें फलों, सब्जियों आदि से तैयार किया गया है। उन्होंने बताया इस खाद को घरों में खेतों, गमले आदि में आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। उचित मूल्य पर यह पालिका के काउंटर से प्राप्त की जा सकती है।

सीएस ने रोजगार संबंधी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री इम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी इन योजनाओं के लिए विशेष अभियान चलाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इन महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने बैंकों को भी निर्देश दिए कि निर्धारित टारगेट को पूर्ण करने के लिए 15 दिसंबर तक आवेदन को स्वीकृत करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों को छोटी-छोटी त्रुटियां दूर करके स्वीकृत किया जा सकता है, ऐसे आवेदनों में विशेष फोकस किया जाए, ताकि रिजेक्शन कम से कम हो।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि एप्लीकेशन की स्क्रूटिनी के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार करें ताकि क्वालिटी एप्लीकेशन बैंकों तक जाएंगी, इससे भी आवेदनों का रिजेक्शन कम से कम होगा। उन्होंने उद्योग मित्र बैठकों को लगातार आयोजित किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि मैदानी क्षेत्रों में प्रत्येक माह एवं पर्वतीय जनपदों ने प्रत्येक 2 माह में उद्योग मित्र बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या के लिए टाइम बाउंड सॉल्यूशन किए जाने की आवश्यकता है, तभी किसी योजना का अधिक से अधिक लाभ अर्जित किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को उद्योगों को स्थापित करने हेतु लैंड बैंक बनाए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि हमें सॉल्यूशन फाइंडर की भूमिका निभानी है, तभी किसी समस्या का हल निकाला जा सकेगा।
मुख्य सचिव ने बैंकों से भी कहा कि जिन योजनाओं के लिए बैंक लोन चुकाने का समय 15 साल निर्धारित किया गया है, बहुत से बैंक उन योजनाओं के लिए 5 से 7 साल के लिए ही ऋण दे रहे हैं। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा के लिए ही ऋण दिया जाए, तभी आवेदक योजनाओं का लाभ लेने को प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी को कम करना है। हमारा टारगेट अधिक से अधिक बेरोजगारों को इन योजनाओं का लाभ दिलाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों सहित बैंकों के सम्बन्धित उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

सीएस ने उद्योगों के अनुकूल महौल बनाने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस एस संधु ने सचिवालय में उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि उद्योग विभाग का उद्देश्य उद्योगों को राज्य में आने के लिए प्रोत्साहित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए उद्योग विभाग को उद्योगों के लिए हैंड होल्डिंग करने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योग राज्य में आएं इसके लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करते हुए हर संभव सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज को उत्तराखंड की पॉलिसीज में शामिल किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को उन्नति पोर्टल के माध्यम से नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को भी उन्नति पोर्टल के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। ऑनलाइन रिव्यू से कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी। राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये औद्योगिक घरानों एवं समूहों से लगातार संपर्क किया जाए। इसके लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट लगाए जाएं।
मुख्य सचिव ने राज्य में हॉर्टी टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फिल्म शूटिंग, फूड प्रोसेसिंग आदि क्षेत्र भी प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन पर विशेष फोकस किया जाए।
बैठक के दौरान महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा द्वारा बताया गया कि उद्योग विभाग का मुख्य कार्य इन्वेस्टमेंट को प्रोमोट करना एवं एंटरप्रिन्योर शिप को प्रोत्साहित करते हुए रोजगार उत्पन्न करना है। इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन के अंतर्गत 12 सेक्टर में फोकस किया जा रहा है। इसमें फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स, वेलनेस एंड आयुष, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, हार्टिकल्चर एंड फ्लोरीकल्चर, ऑटोमोबाइल्स, हर्बल एंड एरोमेटिक, रिन्यूएबल एनर्जी, फिल्म शूटिंग, नेचुरल फाइबर्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और बायो टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
बताया गया कि आईपीए रेटिंग में उत्तराखण्ड 8 आईपीए पिलर्स में से 7 में टॉप परफॉर्मर रहा है और एक में एस्पायरिंग लीडर रहा है। इस अवसर पर सचिव अमित नेगी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रतियोगी परीक्षा में सफल हुई छात्राओं को बधाई देने पहुंचे विस अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश के इंदिरा नगर में स्थित रवि थपलियाल के निवास पर पहुंचकर गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय में सहायक लेखाकार के पद पर चयनित होने पर कुमारी ज्योति शर्मा और कुमारी प्रीति पाल को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष ने कहा है कि किसी भी छात्र-छात्राओं छात्रा के लिए गोविंद बल्लभ पंत कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सेवारत होना खुशी की बात है। उन्होंने दोनों ही छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा है कि ऋषिकेश शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है और इसी का परिणाम है कि अधिकांश छात्र छात्राएं अच्छे-अच्छे सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में नौकरी पा रहे हैं।
विस अध्यक्ष अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि इन दोनों ही छात्राओं को पढ़ाने वाले रवि थपलियाल का विशेष योगदान रहा। उन्होंने रवि थपलियाल सहित दोनों ही छात्रों के परिजनों एवं क्षेत्रवासियों को को इस खुशी के लिए शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर रवि थपलियाल,सुमित्रा थपलियाल, राकेश पारछा, सरोजिनी राजपूत, प्रीति रतूड़ी, दीपक शर्मा, गौरव शर्मा, माया शर्मा आदि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

बाजार में मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाने का प्रयास हो-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. सन्धु ने शुक्रवार को सचिवालय में उद्यान विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान के क्षेत्र में प्रदेश में बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी उत्पादों का उत्पादन के साथ ही मार्केट बढ़ाए जाने पर फोकस किया जाए। साथ ही ऐसे उत्पादों पर भी फोकस किया जाए जिनकी मार्केट पहले से ही अच्छी है परन्तु उत्पादन कम है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एन्टरप्रिन्योर को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें सम्मानित किया जा सकता है, ताकि अन्य लोग प्रोत्साहित होकर इस क्षेत्र में रूचि दिखाएं। साथ ही उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा कर सहयोग दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में माल्टा का बहुत अधिक उत्पादन होता है, जो अधिक उत्पादन के कारण अंत में फेंकना पड़ता है। उन्होंने माल्टा की खेती को भी बढ़ावा दिए जाने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर पीपीपी मोड में संचालन किए जाने के भी निर्देश दिए। इससे स्थानीय लोगों के उत्पाद बर्बाद नहीं होंगे और इससे उनकी कमाई भी बढ़ेगी।
मुख्य सचिव ने किसानों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत वित्तीय, तकनीकी और कारोबारी सहायता उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएमएफएमई योजना के अन्तर्गत एक जनपद एक उत्पाद योजना की साप्ताहिक समीक्षा कर बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही ऐसे उत्पादों को जो जिनमें अच्छी सम्भावनाएं हैं, परन्तु ओडीओपी में किसी कारणवश कवर नहीं हो पा रही हैं, इसके लिए राज्य स्तरीय योजना तैयार की जाए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में वॉलनट (अखरोट) की खेती में सुधार लाने के लिए उसकी वैरायटी में सुधार लाने की बात कही। कहा कि प्रदेश में बेस्ट वैरायटी उत्पादित की जाए ताकि अखरोट प्रदेश के अखरोट की डिमांड बढ़े। इसके साथ ही मधुग्राम योजना और कीवी की खेती को पूरे प्रदेश में बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

30 राज्यो के 500 से अधिक हस्त शिल्पकार और हुनरमंद पहुंचे देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को रेसकोर्स देहरादून में हुनर हाट मेले का उद्घाटन किया। हुनर हाट मेले में 30 से अधिक राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों से 500 से अधिक हस्त शिल्पकारों एवं हुनरमंदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के साथ विश्वकर्मा वाटिका एवं विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। 75वें आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हुनर हाट मेले का आयोजन देहरादून में करवाने पर केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड में विभिन्न राज्यों से आये हुनरमंदों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हुनर हाट मेले का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। इससे जहां बाजारों को उत्पाद मिलेगा वहीं उत्पादों को बाजार मिलेगा। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रही हैं। प्रदेश में वन डिस्ट्रिक टू प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के जनजातीय क्षेत्रों में अनेक हुनरमंद लोग हैं। उन्होंने केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से अनुरोध किया कि इन हुनरमंद लोगों के लिए अपने उत्पादों के लिए बाजार मिल सके इसके लिए केन्द्र से कोई योजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में पर्यटन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है।
केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देशभर में हुनर हाट मेलों का आयोजन किया जा रहा है। 30वां हुनर हाट मेले का आयोजन देहरादून में किया जा रहा है। यह मेला 10 दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हुनर हाट के माध्यम से अभी तक लगभग 06 लाख शिल्पकारों एवं कारीगरों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के हस्तशिल्प कलाओं को देख सकते हैं। विभिन्न राज्यों के पकवानों के स्टॉल लगाये गये हैं। हुनरमंद लोगों द्वारा वेस्ट को बेस्ट में बदलकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस तरह के मेलों के आयोजन से हस्तशिल्प एवं हस्तकला को प्रोत्साहन मिलेगा और हुनरमंदों को एक-दूसरे से अनुभवों को साझा करने का मौका भी मिलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वोकल फॉर लोकल की दिशा में यह अच्छा प्रयास किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रत्येक विभागों द्वारा योजनाएं चलाकर लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक हरबंस कपूर, शक्ति लाल शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महामंत्री संगठन अजय कुमार, भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट, बलजीत सोनी, केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों की सचिव रेणुका देवी मौजूद थे।

टिहरी के अदरक को पहचान दिलाने के लिए अंतराष्ट्रीय अदरक महोत्सव का आयोजन

टिहरी जनपद के अदरक को विश्वभर में पहचान मिलेगी। इसके लिए मुनिकीरेती क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय अदरक महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बुधवार को पोखरी, चाका में आयोजित सम्मान समारोह के संबोधन के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बात कही।
पोखरी, चाका में भाजपा मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने नरेंद्रनगर मंडी अध्यक्ष पद पर वीर सिंह रावत को मनोनीत किए जाने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का आभार जताया। सभी ने कैबिनेट मंत्री और मंडी अध्यक्ष का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिले यही सरकार का उद्देश्य है। बताया कि नरेंद्रनगर की मंडी प्रदेश की बेहतरीन मंडियों में शुमार है, इसमें पर्वतीय क्षेत्र का किसान सुनियोजित प्लान के तहत अपने उत्पादों को मंडी में बेच सकेगा। साथ ही मंडी में अत्याधुनिक सुविधाएं होने के कारण ऑफसीजन में भी उचित मूल्य पर उत्पाद बिक सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा हेतु उत्तरकाशी जनपद में 13 करोड़ की लागत से जल्द मंडी खुलेगी। इसके साथ ही आराकोट में 23 करोड़ की लागत से कोल्ड स्टोरेज भी खोला जाएगा। बताया कि इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों के बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
मौके पर ब्लाक प्रमुख राजेन्द्र भंडारी, मीना खाती, मंडल अध्यक्ष अरविंद उनियाल, क्रेजी फेडरेशन अध्यक्ष मनीष डिमरी, जिला अध्यक्ष रेखा राणा, रोशनी राणा, गजेंद्र खाती आदि उपस्थित थे।