रोजगार मेले में मुख्यमंत्री ने 42 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत एवं संसदीय कार्य, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने संयुक्त रूप से वृहद कौशल एवं सेवायोजन रोजगार मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 42 युवाओं एवं युवतियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये।
कौशल रोजगार मेले मे जनपदों से आये युवाओं एवं युवतियों को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी युवा ऊर्जावान हैं। युवा जिन क्षेत्रों में जायें वहां आपका नेतृत्व हो यही हमारी कामना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश के जनपदों में रोजगार मेले का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन मेलों से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे है। रोजगार मेले के लिए प्रदेश के बेरोजगार युवा घर बैठे पंजीकरण करा सकते है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार को बढाना है। उन्होंने कहा प्रदेश मे 3700 होम स्टे पंजीकृत हैं जिसके अन्तर्गत 8000 युवा एवं युवतियों को स्वरोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश मे लम्बे समय से पुलिस विभाग की भर्तियां नहीं निकली थी, सरकार ने 1764 पुलिस की भर्तियां निकाल दी हैं इसके साथ ही सभी विभागों की भर्तियां प्रारम्भ हो चुकी है। उन्होने कहा जिन विभागों में पद रिक्त है जल्दी से जल्दी भरने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए वीर चन्द्र गढ़वाली योजना में धनराशि को 25 लाख तक बढ़ाने का प्रावधान किया है साथ ही होमस्टे में और सब्सिडी बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए एक वर्ष की आयु सीमा बढ़ा दी है तथा प्रदेश में परीक्षा के फार्म के आवेदन शुल्क भरने के लिए आवेदक को कोई शुल्क नहीं देना होगा इसके साथ ही आईएएस, पीसीएस, एमबीबीएस, लोक सेवा आयोग की तैयारियों हेतु जो बच्चे प्री-क्वालीफाई कर देते है उन्हें आगे की तैयारियों हेतु 50 हजार रूपये सरकार द्वारा दिये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा वोकल फॉर लोकल के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। सरकार इसके लिए क्षेत्रीय उत्पादों को बाजार तक लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के द्वारा इसको बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा इसके लिए सरकार कृत संकल्प है।
एचएन इन्टर कॉलेज मे वृहद कौशल एवं सेवायोजन मेले में प्रदेश की 35 कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। रोजगार मेले में विभिन्न जनपदों से आये 1150 युवा एवं युवतियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इस अवसर पर तीन कम्पनियों द्वारा 162 युवाओं का वर्चुअल ऑनलाइन इंटरव्यू कर 7 लोगों की नियुक्ति दी गई।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होटल क्रिस्टल परिसर में बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित करते हुये कार्यक्रम का शुभारम्भ कर प्रान्तीय उद्योग व्यापार मण्डल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। व्यापार मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की जो भी मांग है सरकार उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक वर्ग के हित के लिए कार्य कर रही है। व्यापार प्रदेश के विकास के लिए अहम है। इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष योगेश शर्मा, उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, महामंत्री मनोज,गीता काण्डपाल संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा द्वारा किया गया।
रोजगार मेले में महापौर डॉ जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, जिलाध्यक्ष भाजपा, प्रदीप बिष्ट, ब्लाक प्रमुख रूपा देवी, प्रकाश हर्बाेला, शंकर कोरंगा के अलावा आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आन्नद भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल,एसएसपी पंकज भटट,निदेशक सेवायोजन प्रशिक्षण विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त निदेशक जेएम नेगी, उपनिदेशक चन्द्रकान्ता, स्मिता अग्रवाल, सहायक निदेशक वाई एस रावत, ममता चौहान, जिला सेवायोजन अधिकारी राजेश दुर्गापाल के साथ ही जनपदों से आये हजारों की संख्या में युवा एवं युवती रोजगार मेले में उपस्थित रहे।

सुरई ईकोटूरिज्म जोन में जंगल सफारी और ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल का सीएम करेंगे लोकार्पण

वर्ष 2021 के जाते-जाते प्रदेश की धामी सरकार खटीमा विधानसभा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात देने जा रही है। 29 दिसम्बर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा में ’सुरई ईकोटूरिज्म जोन’ और ’ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल’ का लोकार्पण करेंगे। ’सुरई ईकोटूरिज्म जोन’ प्रदेश का पहला ऐसा ईकोटूरिज्म जोन होगा जहां पर्यटक जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। अब तक हमारे प्रदेश में सिर्फ नेशनल पार्क और बायोस्फीयर रिजर्व (संरक्षित क्षेत्र) में ही जंगल सफारी का चलन रहा है। इसके अलावा ’ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल’ देश का पहला क्रोकोडाइल ट्रेल है जहां पर्यटक बेहद नजदीक जाकर मगरमच्छ की खतरनाक प्रजाति ’मार्श’ का सुरक्षित दीदार कर सकेंगे। यह दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पूर्व में घोषित ’सीएम यंग ईकोप्रिन्योर स्कीम’ से जुड़ी हुई हैं जिसके तहत उत्तराखण्ड के स्थानीय लोगों की आर्थिकी को वनों और वन्य जीवों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इस स्कीम के अंतर्गत 1 लाख युवाओं को ईकोप्रिन्योर बनाने का लक्ष्य है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि चारों ओर वन क्षेत्र से घिरे खटीमा के लोगों को पर्यावरण संरक्षण के साथ कैसे स्वरोजगार से जोड़ा जाए इसके लिए एक अभिनव योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। अब तक पर्यटन के लिहाज से पिछड़े रहे खटीमा व आसपास के क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र में ऊंचा स्थान दिलाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि जैव विविधता और वन्य जीवों की मौजूदगी वाले ’तराई पूर्वी वन प्रभाग’ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर उसके सुराई वन क्षेत्र को इको टूरिज्म जोन के रूप में तब्दील किया जाए ताकि यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य का उपयोग स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मुहैया करवाने में किया जा सके। इसी सिलसिले में पूर्व में उन्होंने ’तराई पूर्वी वन प्रभाग’ के सुरई व आसपास के वन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणा (संख्या-359/2021) की थी। उसके बाद से ही वन महकमा उनकी इस घोषणा को साकार करने में जुटा हुआ है। योजना को चार भागों में बांटकर धरातल पर उतारा जा रहा है। इनमें सुरई ईकोटूरिज्म जोन, ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल, खटीमा सिटी फॉरेस्ट और चुका प्रवासी पक्षी केन्द्र की स्थापना शामिल है। उन्होंने बताया कि सुरई ईकोटूरिज्म जोन और ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल योजना का निर्माण और विकास कार्य पूरा हो चुका है। जबकि खटीमा सिटी फॉरेस्ट और चुका प्रवासी पक्षी केन्द्र के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री आगामी 29 दिसम्बर को सुरई ईकोटूरिज्म जोन में जंगल सफारी का शुभारम्भ और ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल का लोकार्पण करने जा रहे हैं।

सुरई ईकोटूरिज्म जोन-
मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि सुरई वनों की समृद्ध जैव विविधता को देखते हुए इसे क्षेत्र को सुरई इको टूरिज्म जोन (सुरई पारिस्थितिकी पर्यटन क्षेत्र) का स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके दो लाभ होंगे पहला यह कि जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए जैव विविधता के धनी इसे क्षेत्र को संरक्षित किया जाएगा और दूसरा, इसके वन मार्गों को जंगल सफारी के लिए विकसित किए जाने से यहां रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। वन महकमे ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर रात-दिन काम करते हुए सुरई वन क्षेत्र के वन मार्गों को जैव विविधता ट्रेल के रूप में विकसित कर दिया गया है। यह क्षेत्र 180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। जिसके सीमा में पूर्व दिशा में शारदा सागर डैम, पश्चिम में खटीमा नगर, उत्तर में मेलाघाट रोड तथा दक्षिण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र सटा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत इस वन क्षेत्र में साल के वृक्षों, चारागाह और पानी की प्रचुर मात्रा में है। इन तमाम वजहों से यहां बाघों की आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा स्तनधारी जानवरों की लगभग 125, पक्षियों की 150 से अधिक और सरीसृपों को तकरीबन 20 प्रजातियां भी इस वन क्षेत्र में पाई जाती हैं। यहां के वन मार्गों को विकसित कर लगभग 40 किलोमीटर का ट्रेल जंगल सफारी के लिए तैयार कर लिया गया है, जिसमें जिप्सी में बैठकर पर्यटक दुर्लभ वन्य जीवों (रॉयल बंगाल टाइगर, भालू, चीतल, सांभर, काकड़, पैंगोलिन, कोरल सांप, पांडा आदि) का दीदार करने के साथ ही सुरम्य जंगलों, घास के मैदानों, प्राचीन शारदा नहर और सुन्दर तालाबों का लुत्फ उठा सकेंगे।

ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल-
सुरई ईकोटूरिज्म जोन की पश्चिमी सीमा पर ककरा नाला स्थित है। यह नाला क्रोकोडाइल (मार्श मगरमच्छ) का प्राकृतिक वास स्थल है। मीठे पानी के स्रोतों में पाई जाने वाली मगरमच्छ की यह प्रजाति भूटान और म्यांमार जैसे तमाम देशों में विलुप्त हो चुकी है। अंडा देने वाली यह प्रजाति बेहद खतरनाक मानी जाती है। मौजूदा समय में इस नाले में 100 से अधिक मार्श मगरमच्छ हैं। पर्यटक इन मगरमच्छों को आसानी से दीदार कर सकें इसके लिए 4 किलोमीटर लम्बे नाले को चौनलिंग फेंसिंग करके ’ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल’ के रूप में विकसित किया गया है। यह राज्य का पहला क्रोकोडाइल ट्रेल है। ट्रेल में तीन व्यू प्वाइंट और कई वॉच टॉवर बनाए गए हैं ताकि मगरमच्छों का सुरक्षित तरीके से नजदीक से दीदार हो सके।

वन और वन्य जीव बनेंगे आर्थिकी का जरिया-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हमारे प्रदेश में वन बहुतायत में पाए जाते हैं। प्रदेश का 71 प्रतिशत (37999.53 वर्ग किलोमीटर) भूभाग वन क्षेत्र है। इसमें से 24418.67 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र वन विभाग के अन्तर्गत है। वन कानून की जटिलताओं के कारण वनों के आसपास रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमें उनकी खेती भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इस कठिनाई को समझते हुए हमने निर्णय लिया है कि वन और वन्य जीवों को आर्थिकी से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। इसी सोच के साथ हमने बीते 1 अक्टूबर 2021 को ’सीएम यंग ईकोप्रिन्योर योजना’ देहरादून में लॉच की थी। इस योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। शुरुआत के तौर पर खटीमा में ’सुरई ईकोटूरिज्म जोन’ विकसित कर उसमें जंगल सफारी प्रारम्भ की जा रही है। ग्राम समितियों के जरिए इस योजना का संचालन किया जाएगा। जंगल सफारी शुरू होने से जिप्सी मालिक, चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए वन विभाग ने 30 जिप्सी संचालकों के साथ करार किया है। गाइड की भूमिका का सही निर्वहन करने के लिए कई युवकों को वन विभाग इसका प्रशिक्षण दे चुका है। ’सुरई इकोटूरिज्म जोन’ में पर्यटकों की आमद से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पूरे प्रदेश में इस योजना को विस्तार दिया जाएगा ताकि वनों, वन क्षेत्रों और वन्य जीवों को हम अपनी कमजोरी नहीं ताकत बना सकें। उन्होंने कहा कि सीएम यंगईकोप्रिन्योर स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज़्म, वन्यजीव टूरिज़्म आधारित कौशल को उद्यम में परिवर्तित किया जाएगा।

प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना के लिये 25 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को लाडपुर, रिंग रोड़ में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय पौष्टिक आहार महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने किसानों के व्यापक हित तथा पारम्परिक कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश में एक जनपद एक उत्पाद के तहत प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना के लिये 25 प्रतिशत सब्सिडी दिये जाने की घोषणा की। सब्सिडी की अधिकतम धनराशि 7 लाख रूपये होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पारम्परिक उत्पाद पौष्टिता से भरपूर है। किसानों की खुशहाली तथा उनकी आर्थिकी की मजबूती के लिये राज्य सरकार गंभीरता से प्रयासरत है। किसान एवं खेती की दशा को सुधार करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान विज्ञान एवं अनुसंधान का लाभ किसानों तक पहुंचाना भी हमारा लक्ष्य है। आधुनिक तकनीकि के बल पर खेती एवं कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने में बड़ी मदद मिलेगी। कृषि उत्पादों को मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें पहचान दिलाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली तथा राज्य के पारम्परिक उत्पादों को बढ़ावा देने में केन्द्र सरकार द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय को दुगुना करने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की है, इससे किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहा है। राज्य सरकार की जरूरतों को केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता प्रदान कर उन्हें पूरा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में किये गये सकारात्मक प्रयासों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को पुरस्कृत भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के मूल में पर्यटन, ऊर्जा के साथ ही कृषि की अवधारणा भी शामिल रही है। हम इन क्षेत्रों में गंभीरता से प्रयासरत रहते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास के प्रति भी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। मडुआ, झंगोरा, गहत कोणी, बारा अनाज आदि हमारे पर्वतीय क्षेत्रों की पहचान रही है। हमारे ग्रामीण परिवेश से इन आहारों की औषधीय गुणवत्ता एवं पौष्टिकता की स्वीकार्यता सर्वविदित हैं। उन्होंने कहा अन्तर्राष्ट्रीय पौष्टिक आहार महोत्सव जैसे आयोजन देश व दुनिया में इनकी पहचान बनाने में मददगार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए टूरिज्म, आयुष, वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा और सर्विस सेक्टर पर फोकस किया गया है। ग्रामोदय से राज्य उदय के मंत्र पर कार्य करते हुए हमारे द्वारा सभी न्याय पंचायतों में क्लस्टर बेस अप्रोच पर ग्रोथ सेंटर डेवलप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितना भी समय राज्य के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें मिला है, उसका पल पल राज्य के विकास के लिए समर्पित किया है। हमारा संकल्प है कि जब राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होंगे तब हम उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बना देंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विजय गड़धारी की पुस्तक ‘‘उत्तराखण्ड की खाद्य प्रजातियां’’ तथा कृषि विभाग के लोगो का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री राज्य के पारम्परिक आहार के विविध व्यजंन बनाने वाले शेफ देवेन्द्र जोशी को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय को दुगनी करने की दिशा में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में अनेक योजनाओं पर कार्य कर रही है जिसमें केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। किसानों को खेती के लिये अनेक सहूलियत दी जा रही है। उनके उत्पादों को बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था की जा रही है। किसानों के उत्पादों के विपणन के लिये मण्डी परिषद् में रिवालिंग फण्ड की व्यवस्था दी गई हैं सहकारिता के माध्यम में भी उनके उत्पादों को क्रय की व्यवस्था की गई हैं। उत्पादों के विपणन के लिये 1380 आउटलेट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया।
विधायक उमेश शर्मा ‘ काऊ’ द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर औद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ ही कृषि विभाग के उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान एवं कास्तकार उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने निभाया बेरोजगारों से किया वादा, पुलिस भर्ती के आदेश जारी

धामी सरकार ने बेरोजगार युवाओं को पुलिस विभाग में भर्ती के दरवाजे खोल दिए हैं। शासन ने सिपाहियों के 1521 और दरोगाओं के 197 पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी है। इस सम्बंध में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अतिशीघ्र उत्तराखंड पुलिस भर्ती विज्ञप्ति जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
बीते 4 जुलाई को मुख्यमंत्री का पदभार संभालते ही पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। सरकारी नौकरी के साथ स्वरोजगार मुहैया करवाकर ही पहाड़ी क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोका जा सकता है। उन्होंने तुरंत विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े लगभग 24000 पदों पर नियुक्ति शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अधिकांश विभागों ने अपने यहां रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पुलिस विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती के आदेश जारी किए गए हैं। सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखण्ड पुलिस के 1521 आरक्षी पदों और 197 उपनिरीक्षक पदों पर भर्ती का निर्णय शासन ने लिया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को इन पदों की भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जारी करने और परीक्षा कार्यक्रम जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। बताते चलें कि हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’देवभूमि बेरोजगार मंच’ के तहत रोजगार के लिए प्रदर्शन कर रहे युवाओं को आश्वासन दिया था कि अति शीघ्र पुलिस विभाग में भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बीते 17 दिसंबर को बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया था। इस दौरान अधिकारियों के जरिए हुए वार्ता में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो दिन के भीतर पुलिस भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, जो आज पूरा हो चुका है।

सीएम के निर्देश पर अब जिला स्तर से ही मिलेगी 50 करोड़ तक के उद्योग प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिये वर्तमान में लागू व्यवस्था में प्राधिकृत समितियों की अधिकारिता के संबंध में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिडकी सुगमता एवं अनुज्ञापन नियमावली में संशोधन करते हुए अब प्लांट एवं मशीनरी मद में रू0 10.00 करोड़ के स्थान पर रू0 50.00 करोड तक के प्रस्ताव जनपद स्तरीय प्राधिकृत समिति एवं रू0 10.00 करोड़ से अधिक के स्थान पर रू0 50.00 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव पर राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति को विचार कर अनुज्ञा/अनुमोदन प्रदान करने के लिये अधिकृत किये जाने की व्यवस्था की गई है। इस सम्बन्ध में सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम अमित नेगी द्वारा शासनादेश भी निर्गत कर दिया गया है। इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

धामी सरकार की इन योजनओं से मिल रहा स्वरोजगार और आर्थिक मदद भी

उत्तराखंड में होम स्टे के तहत प्रदेश में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना, ट्रैकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना चलाई जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होमस्टे का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को 15 लाख रुपये तक पूंजी सहायता और डेढ़ लाख रुपये तक ब्याज सहायता दी गई है। पांच वर्षों के लिए राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था भी सरकार ने की है। सीएम धामी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3700 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं, जिन्हें 14 करोड़ 53 लाख रुपये पूंजी सहायता वितरित की जा चुकी है। होम स्टे से प्रदेश में आठ हजार से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
सरकार, होम स्टे संचालकों को गांवों में पर्यटन के बुनियादी ढ़ाचे के विकास, निजी वेबसाईट पर होम स्टे विज्ञापित करने, सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार, निशुल्क प्रशिक्षण, ट्रैवल मार्ट में निशुल्क भागीदारी और गुणवत्ता निर्धारण से ग्रेडिंग की सुविधाएं भी दे रही है। सीएम धामी ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने व पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही ट्रैकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना के लिए भी अक्तूबर तक 120 लाभार्थियों को तीन करोड़ 20 लाख का अनुदान दिया जा चुका है।
आपको बता दें कि हाल ही में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए सुशासन सम्मेलन (मुख्यमंत्री परिषद) में उत्तराखंड की होम स्टे योजना छा गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार के लिए इस योजना का प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रभावी प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि किस तरह प्रदेश में स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के मकसद से होम स्टे पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

आईएमए में राष्ट्रपति ने ली पासिंग आउट परेड की सलामी

भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ ही आज भारतीय थल सेना को 319 युवा जांबाजों की टोली मिल गई। इसके साथ ही मित्र देशों के 68 कैडेट भी पास आउट हुए।पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 387 जेंटलमैन कैटेड बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन गए हैं।
68 युवा सैन्य अधिकारी आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, मालद्वीव, म्यांमार, तंजानिया व तुर्किमेनिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बने हैं। इसके बाद देहरादून स्थित प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 63 हजार 668 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है। इनमें मित्र देशों को मिले 2624 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, सीडीएस रावत को किया याद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की समीक्षा की और पास आउट हो रहे जेंटलमैन कैडेटों से सलामी ली। उनके साथ में कमांडेंड लेफ्टिनेंट जनरल हरिंद्र सिंह और स्वॉर्ड ऑफ ऑनर विजेता आनमोल गुरुंग भी मौजूद रहे। इसके बाद भावी सैन्य अफसरों की भव्य मार्चपास्ट हुई। समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैडेट्स को अवॉर्ड से सम्मानित किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए कहा कि जनरल रावत में असाधारण नेतृत्व क्षमता थी। उनकी मृत्यु ने एक शून्यता पैदा की है जिसे भरा नहीं जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम ऐसे वक्त पर यहां एकत्र हुए हैं जब पूरा देश जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन से सदमे में है। कहा कि उत्तराखंड उनका घर था और उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था। असाधारण कौशल के लिए उन्हें आईएमए में स्वोर्ड ऑफ आनर से भी सम्मानित किया गया था।
खुद सीडीएस जनरल रावत ने भी अकादमी का गौरव बढ़ाया है। उनसे पहले फील्ड मार्शल केएम करियप्पा, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और कई अन्य असाधारण योद्धाओं एवं रणनीतिकारों ने यहां से एक युवा कैडेट के तौर पर अपने सैन्य कैरियर की शुरुआत की थी। इनमें कुछ ने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया तो किसी ने अपने रणकौशल व नेतृत्व क्षमता से देश का मान बढ़ाया। उन्होंने भरोसा जताया कि वीरता और ज्ञान को समाहित कर जेंटलमैन कैडेट अकादमी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आईएमए में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने पर कैडेटों को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सैनिक के रूप में उनकी सेवा और समर्पण शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत की ताकत में इजाफा करेगा। कहा कि हमें इस अवसर पर अकादमी से पासआउट कई शानदार अधिकारियों में से एक जनरल बिपिन रावत द्वारा प्राप्त प्रतिष्ठा को याद करना चाहिए। जो अपनी कड़ी मेहनत से भविष्य की पीढ़ी के लिए सैन्य आचरण के रोल मॉडल के रूप में उभरे। 
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा राष्ट्र ध्वज तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराएगा, क्योंकि आईएमए से पास आउट हो रहे बहादुर कैडेट इसके सम्मान की रक्षा करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा समय में देश क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए कैडेटों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आधुनिक दौर के खतरों से निपटने के लिए केवल शारीरिक व मानसिक मजबूती ही काफी नहीं है। उन्हें एक रणनीतिक मानसिकता के साथ ही अनुकूल स्वभाव भी विकसित करना होगा। सैन्य कौशल में सुधार के लिए जरूरी मानसिक लचीलापन भी हासिल करना होगा। राष्ट्रपति ने सेना में शामिल हो रहे युवा अफसरों को अप्रत्याशित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। परेड में दस मित्र देशों के कैडेटों को देख उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि हम अपने देशों के बीच विशेष बंधन को संजोते हैं, और यह भारत के लिए बहुत गर्व की बात है कि मित्र देशों के कैडेट पासआउट हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विदेशी कैडेट आईएमए में अपने प्रशिक्षण के दौरान अपने सहयोगियों और प्रशिक्षकों के साथ बनी मित्रता के अनूठे बंधन को बनाए रखेंगे।
कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस बार भी परेड के दौरान हर स्तर पर बेहद सतर्कता बरती जा रही है। आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर परेड सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई। इस दौरान कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरिन्द्र सिंह और डिप्टी कमांडेंड आलोक जोशी ने परेड की सलामी ली। इससे बाद जनरल कमांडिंग ऑफिसर ले.जनरल राज शुक्ला ने परेड की सलामी ली। राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी परेड में पंहुचे। पीओपी को सादगी से आयोजित किया जा रहा है। परेड के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर मार्चपास्ट, अवार्ड ड्रिस्ट्रीब्यूशन, पीपिंग व ओथ सेरेमनी की रस्म तो निभाई गई, लेकिन जश्न नहीं मनाया गया।

उत्तराखंड से देश को मिले 43 अफसर
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पास आउट होने वाले जेंटलमैन कैडेटों में 43 उत्तराखंड के हैं। यह शनिवार को पासआउट हुए 319 भारतीय कैडेटों की संख्या का 14 फीसदी है। इस बार भी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कैडेटों की संख्या सबसे अधिक 45 हैं।

राज्यवार कैडेटों की संख्या
उत्तर प्रदेश से 45, उत्तराखंड से 43, हरियाणा से 34, बिहार से 26, राजस्थान से 23, पंजाब से 22, मध्य प्रदेश से 20, महाराष्ट्र से 20, हिमाचल प्रदेश से 13, जम्मू कश्मीर से 11, दिल्ली से 11, तमिलनाडु से 7, कर्नाटक से 6, केरल से 5, आंध्र प्रदेश से 5,  चंडीगढ़ से 5, झारखंड से 4, पश्चिम बंगाल से 3, तेलंगाना से 3, मणिपुर से 2, गुजरात से 2, गोवा से 2, उड़ीसा से 2, असम से 2, मिजोरम से 2, छत्तीसगढ़ से 2, मिजोरम से 2

इन्हें मिला अवॉर्ड
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर-एसीए अनमोल गुरुंग
ऑर्डर ऑफ मेरिट में स्वर्ण पदक- एसीए अनमोल गुरुंग 
रजत पदक – बीओ तुषार सपरा 
कांस्य पदक – बीसीए आयुष रंजन
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर – केरेन कॉय
श्रेष्ठ विदेशी कैडेट – बीओ सांगे फेनडेन दोरजी (भूटान)
रजत पदक (टीजीसी)जूनियर अंडर आफिसर कुणाल चौबीसा

सरकार ने दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि 5 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में दुग्ध विकास विभाग के अंतर्गत संचालित दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया एवं योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को डी.बी.टी के माध्यम से दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मैदानी क्षेत्रों के दुग्ध समितियों के सचिव हेतु 50 पैसा प्रति लीटर दूध में प्रोत्साहन राशि एवं पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध समितियों के सचिवों हेतु 1 रुपये प्रति लीटर दूध में प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की। दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि को 4 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर किए जाने की घोषणा के साथ ही हल्द्वानी में दुग्ध विकास विभाग के निदेशालय हेतु जल्द से जल्द धनराशि जारी करने की घोषणा की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पाद काश्तकारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा आज इस दूध मूल्य प्रोत्साहन योजना से करीब 53,000 लोगों को सीधे-सीधे लाभ होगा। उन्होंने कहा यह राशि डी बी टी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगी, उन्होंने कहा इस तरह की योजना आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र सबका साथ सबका विकास एवं सबके विश्वास के साथ हमारी सरकार लगातार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में हम सभी की सामूहिक भूमिका है। उन्होंने कहा 25 वर्ष में दुग्ध बागवानी एवं पशुपालन जैसे हर क्षेत्र में हमारा राज्य नंबर वन बने इसके लिए हमारी सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के विकास यात्रा हम सभी की सामूहिक यात्रा है। उन्होंने कहा दूध उत्पादों से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है उन्होंने कहा आने वाले समय में सरकार दूध विकास विभाग के साथ समन्वय कर इससे जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देगी जिससे आगे दूध उत्पादन बढ़ाए जाने पर सरलता मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हम सभी आपसी तालमेल एवं सहयोग से उत्तराखंड में श्वेत क्रांति लाएंगे। उन्होंने कहा दुग्ध उत्पाद क्षेत्र में हमारा प्रदेश आत्मनिर्भर, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम बने इसके लिए विभाग लगातार नई योजना धरातल में उतारने का काम कर रहा है। विभिन्न जिलों से आए दुग्ध विकास समिति के अध्यक्षों का धन्यवाद करते हुए उन्हें और लगन और धरातल में उतर कर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

आंगनवाड़ी कर्मियों को फिर दिया सीएम ने तोहफा, अब 2 लाख का बीमा भी होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्म इंटर कॉलेज रेस कोर्स में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान आंगनवाड़ी संगठन द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मानदेय वृद्धि करने पर आभार व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की, कि सभी आंगनवाड़ी कर्मियों को 2 लाख का वार्षिक दुर्घटना बीमा पॉलिसी उपलब्ध करवाई जायेगी। आंगनवाड़ी कर्मियों का मासिक मानदेय डिजिटल तरीक़े से सीधे उनके खाते मे दिया जायेगा। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के 25 प्रतिशत पद आंगनवाड़ी सहायिकाओं, जिन्होंने 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण की हो और आवश्यक शैक्षिक योग्यता पूरी करती हो, के द्वारा भरे जायेंगे। प्रदेश में जिन लोगों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू नहीं होता है, उन्हें दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक प्रत्येक माह कुल 20 किलोग्राम खाद्यान्न/प्रति कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन के लिए जो एक रुपये का भुगतान करना पड़ता था वो अब निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में मातृशक्ति की बड़ी भूमिका है, महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन में मातृशक्ति की अहम भूमिका निभाई। सरकार जनता की साझीदार के रूप में कार्य कर रही है। बीते पाँच महीनों में सरकार ने 500 से ज़्यादा निर्णय लिए और उन पर शासनादेश जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि 2025 तक राज्य हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने। खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में नई खेल नीति बनाई गई है। हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर का मानदेय बढ़ाकर उनके ऋण को चुकाने का प्रयास किया है। विपरीत परिस्थितियों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां किस प्रकार कार्य करते हैं, यह सब बखूबी जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दोनों बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा भी आंगनबाड़ी केंद्र में ही हुई है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मेहनत से भलीभांति अवगत हैं। राज्य के विकास के लिए नारी का सशक्त होना जरूरी है। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के बाद सरकार के पास आय के संसाधनों में भी कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने मानदेय बढ़ाने में कंजूसी नहीं की। सरकार ने आजीविका से जुड़ी प्रदेश की महिलाओं को मजबूत करने के लिए 119 करोड़ रूपये का कोविड राहत पैकेज जारी किया। इसके अलावा सरकार ने आशा, उपनल समेत तमाम विभागों में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का अहम योगदान होता है। हर क्षेत्र में आंगनवाड़ी बहनों द्वारा सहयोग दिया जाता है। आंगनवाड़ी बहनों के हित में राज्य सरकार द्वारा हर संभव कार्य किये जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीते पांच वर्षों में आंगनवाड़ी केंद्रों को ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण की धुरी मानते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस सिलिंडर, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता किट, प्री स्कूल किट, मेडिसिन किट तथा किचन गार्डन आदि अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। ग्राम स्तर पर आंगनवाड़ी कार्मिकों की सशक्त एवं सक्रिय उपस्थिति का परिणाम है कि आंगनवाड़ी के केंद्रों के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 9 लाख लाभार्थियों को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, महेंद्र भट्ट, भरत चौधरी, सचिव महिला एवं बाल विकास एच.सी.सेमवाल, मंच संचालिका डॉ. कंचन नेगी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही।

संकल्प लेकर युवा आगे बढ़े तो सफलता मिलती ही है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा में आयोजित युवा करियर एवं जागरूकता संवाद की एक दिवसीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा आज जो भी जानकारियां युवाओं को मिली हांगी, यह उनके जीवन मे बहुत उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश युवा प्रदेश है, सपनों और उर्जा से भरा है, इसको आगे बढाने का काम युवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा की जीवन में सबको अपना एक लक्ष्य जरूर बनाना चाहिए। उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प होना जरूरी है। जिस भी क्षेत्र को चुनें उसमें पूरी तन्मयता के साथ जुटना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय का सदुपयोग बहुत जरूरी है। समय लौटकर नहीं आता इसलिए जो काम मिला है, उसे पूरे मनोयोग के साथ पूर्ण करें। उन्होंने कहा जिंदगी का जो भी लक्ष्य है, उस पर संकल्प लेकर पूरे मनोयोग से कार्य करें सफलता निश्चित मिलेगी। संकल्प में विकल्प नही आने देना है। मन में हमेशा उत्साह होना चाहिए, उत्साह से उर्जा का संचार होता है, अनन्त शक्ति और उर्जा जो चाहे वो करा सकती है। उन्होंने कहा हमारे करियर का रास्ता हमें माता-पिता दिखा तो सकते हैं, लेकिन उसमें चलना हमें ही पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रदेश में रिक्त सरकारी पदों पर तेजी से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। रोजगार के लिए बेरोजगारों को भटकना न पड़े इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है तथा प्रदेश में जगह-जगह रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने नौकरियों हेतु आवेदन फीस को निःशुल्क कर दिया है। रोजगार के साथ ही स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया।
इस अवसर पर विधायक डा प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव अरोरा, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र, निदेशक कौशल विकास विनोद गिरी गोस्वामी आदि मौजूद रहे।