आईएमए में राष्ट्रपति ने ली पासिंग आउट परेड की सलामी

भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ ही आज भारतीय थल सेना को 319 युवा जांबाजों की टोली मिल गई। इसके साथ ही मित्र देशों के 68 कैडेट भी पास आउट हुए।पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 387 जेंटलमैन कैटेड बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन गए हैं।
68 युवा सैन्य अधिकारी आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, मालद्वीव, म्यांमार, तंजानिया व तुर्किमेनिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बने हैं। इसके बाद देहरादून स्थित प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 63 हजार 668 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है। इनमें मित्र देशों को मिले 2624 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, सीडीएस रावत को किया याद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की समीक्षा की और पास आउट हो रहे जेंटलमैन कैडेटों से सलामी ली। उनके साथ में कमांडेंड लेफ्टिनेंट जनरल हरिंद्र सिंह और स्वॉर्ड ऑफ ऑनर विजेता आनमोल गुरुंग भी मौजूद रहे। इसके बाद भावी सैन्य अफसरों की भव्य मार्चपास्ट हुई। समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैडेट्स को अवॉर्ड से सम्मानित किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए कहा कि जनरल रावत में असाधारण नेतृत्व क्षमता थी। उनकी मृत्यु ने एक शून्यता पैदा की है जिसे भरा नहीं जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम ऐसे वक्त पर यहां एकत्र हुए हैं जब पूरा देश जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन से सदमे में है। कहा कि उत्तराखंड उनका घर था और उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था। असाधारण कौशल के लिए उन्हें आईएमए में स्वोर्ड ऑफ आनर से भी सम्मानित किया गया था।
खुद सीडीएस जनरल रावत ने भी अकादमी का गौरव बढ़ाया है। उनसे पहले फील्ड मार्शल केएम करियप्पा, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और कई अन्य असाधारण योद्धाओं एवं रणनीतिकारों ने यहां से एक युवा कैडेट के तौर पर अपने सैन्य कैरियर की शुरुआत की थी। इनमें कुछ ने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया तो किसी ने अपने रणकौशल व नेतृत्व क्षमता से देश का मान बढ़ाया। उन्होंने भरोसा जताया कि वीरता और ज्ञान को समाहित कर जेंटलमैन कैडेट अकादमी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आईएमए में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने पर कैडेटों को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सैनिक के रूप में उनकी सेवा और समर्पण शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत की ताकत में इजाफा करेगा। कहा कि हमें इस अवसर पर अकादमी से पासआउट कई शानदार अधिकारियों में से एक जनरल बिपिन रावत द्वारा प्राप्त प्रतिष्ठा को याद करना चाहिए। जो अपनी कड़ी मेहनत से भविष्य की पीढ़ी के लिए सैन्य आचरण के रोल मॉडल के रूप में उभरे। 
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा राष्ट्र ध्वज तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराएगा, क्योंकि आईएमए से पास आउट हो रहे बहादुर कैडेट इसके सम्मान की रक्षा करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा समय में देश क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए कैडेटों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आधुनिक दौर के खतरों से निपटने के लिए केवल शारीरिक व मानसिक मजबूती ही काफी नहीं है। उन्हें एक रणनीतिक मानसिकता के साथ ही अनुकूल स्वभाव भी विकसित करना होगा। सैन्य कौशल में सुधार के लिए जरूरी मानसिक लचीलापन भी हासिल करना होगा। राष्ट्रपति ने सेना में शामिल हो रहे युवा अफसरों को अप्रत्याशित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। परेड में दस मित्र देशों के कैडेटों को देख उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि हम अपने देशों के बीच विशेष बंधन को संजोते हैं, और यह भारत के लिए बहुत गर्व की बात है कि मित्र देशों के कैडेट पासआउट हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विदेशी कैडेट आईएमए में अपने प्रशिक्षण के दौरान अपने सहयोगियों और प्रशिक्षकों के साथ बनी मित्रता के अनूठे बंधन को बनाए रखेंगे।
कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस बार भी परेड के दौरान हर स्तर पर बेहद सतर्कता बरती जा रही है। आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर परेड सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई। इस दौरान कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरिन्द्र सिंह और डिप्टी कमांडेंड आलोक जोशी ने परेड की सलामी ली। इससे बाद जनरल कमांडिंग ऑफिसर ले.जनरल राज शुक्ला ने परेड की सलामी ली। राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी परेड में पंहुचे। पीओपी को सादगी से आयोजित किया जा रहा है। परेड के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर मार्चपास्ट, अवार्ड ड्रिस्ट्रीब्यूशन, पीपिंग व ओथ सेरेमनी की रस्म तो निभाई गई, लेकिन जश्न नहीं मनाया गया।

उत्तराखंड से देश को मिले 43 अफसर
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पास आउट होने वाले जेंटलमैन कैडेटों में 43 उत्तराखंड के हैं। यह शनिवार को पासआउट हुए 319 भारतीय कैडेटों की संख्या का 14 फीसदी है। इस बार भी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कैडेटों की संख्या सबसे अधिक 45 हैं।

राज्यवार कैडेटों की संख्या
उत्तर प्रदेश से 45, उत्तराखंड से 43, हरियाणा से 34, बिहार से 26, राजस्थान से 23, पंजाब से 22, मध्य प्रदेश से 20, महाराष्ट्र से 20, हिमाचल प्रदेश से 13, जम्मू कश्मीर से 11, दिल्ली से 11, तमिलनाडु से 7, कर्नाटक से 6, केरल से 5, आंध्र प्रदेश से 5,  चंडीगढ़ से 5, झारखंड से 4, पश्चिम बंगाल से 3, तेलंगाना से 3, मणिपुर से 2, गुजरात से 2, गोवा से 2, उड़ीसा से 2, असम से 2, मिजोरम से 2, छत्तीसगढ़ से 2, मिजोरम से 2

इन्हें मिला अवॉर्ड
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर-एसीए अनमोल गुरुंग
ऑर्डर ऑफ मेरिट में स्वर्ण पदक- एसीए अनमोल गुरुंग 
रजत पदक – बीओ तुषार सपरा 
कांस्य पदक – बीसीए आयुष रंजन
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर – केरेन कॉय
श्रेष्ठ विदेशी कैडेट – बीओ सांगे फेनडेन दोरजी (भूटान)
रजत पदक (टीजीसी)जूनियर अंडर आफिसर कुणाल चौबीसा

सरकार ने दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि 5 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में दुग्ध विकास विभाग के अंतर्गत संचालित दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया एवं योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को डी.बी.टी के माध्यम से दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मैदानी क्षेत्रों के दुग्ध समितियों के सचिव हेतु 50 पैसा प्रति लीटर दूध में प्रोत्साहन राशि एवं पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध समितियों के सचिवों हेतु 1 रुपये प्रति लीटर दूध में प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की। दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि को 4 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर किए जाने की घोषणा के साथ ही हल्द्वानी में दुग्ध विकास विभाग के निदेशालय हेतु जल्द से जल्द धनराशि जारी करने की घोषणा की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पाद काश्तकारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा आज इस दूध मूल्य प्रोत्साहन योजना से करीब 53,000 लोगों को सीधे-सीधे लाभ होगा। उन्होंने कहा यह राशि डी बी टी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगी, उन्होंने कहा इस तरह की योजना आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र सबका साथ सबका विकास एवं सबके विश्वास के साथ हमारी सरकार लगातार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में हम सभी की सामूहिक भूमिका है। उन्होंने कहा 25 वर्ष में दुग्ध बागवानी एवं पशुपालन जैसे हर क्षेत्र में हमारा राज्य नंबर वन बने इसके लिए हमारी सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के विकास यात्रा हम सभी की सामूहिक यात्रा है। उन्होंने कहा दूध उत्पादों से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है उन्होंने कहा आने वाले समय में सरकार दूध विकास विभाग के साथ समन्वय कर इससे जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देगी जिससे आगे दूध उत्पादन बढ़ाए जाने पर सरलता मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हम सभी आपसी तालमेल एवं सहयोग से उत्तराखंड में श्वेत क्रांति लाएंगे। उन्होंने कहा दुग्ध उत्पाद क्षेत्र में हमारा प्रदेश आत्मनिर्भर, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम बने इसके लिए विभाग लगातार नई योजना धरातल में उतारने का काम कर रहा है। विभिन्न जिलों से आए दुग्ध विकास समिति के अध्यक्षों का धन्यवाद करते हुए उन्हें और लगन और धरातल में उतर कर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

आंगनवाड़ी कर्मियों को फिर दिया सीएम ने तोहफा, अब 2 लाख का बीमा भी होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्म इंटर कॉलेज रेस कोर्स में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान आंगनवाड़ी संगठन द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मानदेय वृद्धि करने पर आभार व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की, कि सभी आंगनवाड़ी कर्मियों को 2 लाख का वार्षिक दुर्घटना बीमा पॉलिसी उपलब्ध करवाई जायेगी। आंगनवाड़ी कर्मियों का मासिक मानदेय डिजिटल तरीक़े से सीधे उनके खाते मे दिया जायेगा। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के 25 प्रतिशत पद आंगनवाड़ी सहायिकाओं, जिन्होंने 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण की हो और आवश्यक शैक्षिक योग्यता पूरी करती हो, के द्वारा भरे जायेंगे। प्रदेश में जिन लोगों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू नहीं होता है, उन्हें दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक प्रत्येक माह कुल 20 किलोग्राम खाद्यान्न/प्रति कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन के लिए जो एक रुपये का भुगतान करना पड़ता था वो अब निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में मातृशक्ति की बड़ी भूमिका है, महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन में मातृशक्ति की अहम भूमिका निभाई। सरकार जनता की साझीदार के रूप में कार्य कर रही है। बीते पाँच महीनों में सरकार ने 500 से ज़्यादा निर्णय लिए और उन पर शासनादेश जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि 2025 तक राज्य हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने। खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में नई खेल नीति बनाई गई है। हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर का मानदेय बढ़ाकर उनके ऋण को चुकाने का प्रयास किया है। विपरीत परिस्थितियों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां किस प्रकार कार्य करते हैं, यह सब बखूबी जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दोनों बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा भी आंगनबाड़ी केंद्र में ही हुई है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मेहनत से भलीभांति अवगत हैं। राज्य के विकास के लिए नारी का सशक्त होना जरूरी है। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के बाद सरकार के पास आय के संसाधनों में भी कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने मानदेय बढ़ाने में कंजूसी नहीं की। सरकार ने आजीविका से जुड़ी प्रदेश की महिलाओं को मजबूत करने के लिए 119 करोड़ रूपये का कोविड राहत पैकेज जारी किया। इसके अलावा सरकार ने आशा, उपनल समेत तमाम विभागों में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का अहम योगदान होता है। हर क्षेत्र में आंगनवाड़ी बहनों द्वारा सहयोग दिया जाता है। आंगनवाड़ी बहनों के हित में राज्य सरकार द्वारा हर संभव कार्य किये जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीते पांच वर्षों में आंगनवाड़ी केंद्रों को ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण की धुरी मानते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस सिलिंडर, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता किट, प्री स्कूल किट, मेडिसिन किट तथा किचन गार्डन आदि अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। ग्राम स्तर पर आंगनवाड़ी कार्मिकों की सशक्त एवं सक्रिय उपस्थिति का परिणाम है कि आंगनवाड़ी के केंद्रों के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 9 लाख लाभार्थियों को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, महेंद्र भट्ट, भरत चौधरी, सचिव महिला एवं बाल विकास एच.सी.सेमवाल, मंच संचालिका डॉ. कंचन नेगी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही।

संकल्प लेकर युवा आगे बढ़े तो सफलता मिलती ही है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा में आयोजित युवा करियर एवं जागरूकता संवाद की एक दिवसीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा आज जो भी जानकारियां युवाओं को मिली हांगी, यह उनके जीवन मे बहुत उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश युवा प्रदेश है, सपनों और उर्जा से भरा है, इसको आगे बढाने का काम युवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा की जीवन में सबको अपना एक लक्ष्य जरूर बनाना चाहिए। उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प होना जरूरी है। जिस भी क्षेत्र को चुनें उसमें पूरी तन्मयता के साथ जुटना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय का सदुपयोग बहुत जरूरी है। समय लौटकर नहीं आता इसलिए जो काम मिला है, उसे पूरे मनोयोग के साथ पूर्ण करें। उन्होंने कहा जिंदगी का जो भी लक्ष्य है, उस पर संकल्प लेकर पूरे मनोयोग से कार्य करें सफलता निश्चित मिलेगी। संकल्प में विकल्प नही आने देना है। मन में हमेशा उत्साह होना चाहिए, उत्साह से उर्जा का संचार होता है, अनन्त शक्ति और उर्जा जो चाहे वो करा सकती है। उन्होंने कहा हमारे करियर का रास्ता हमें माता-पिता दिखा तो सकते हैं, लेकिन उसमें चलना हमें ही पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रदेश में रिक्त सरकारी पदों पर तेजी से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। रोजगार के लिए बेरोजगारों को भटकना न पड़े इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है तथा प्रदेश में जगह-जगह रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने नौकरियों हेतु आवेदन फीस को निःशुल्क कर दिया है। रोजगार के साथ ही स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया।
इस अवसर पर विधायक डा प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव अरोरा, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र, निदेशक कौशल विकास विनोद गिरी गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

उद्यमियों की समस्याओं का किया जा रहा त्वरित समाधान-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में रॉकेट इण्डिया प्रा.लि. की नवीनतम विस्तार परियोजना का शुभांरभ किया। उन्होने कहा कि कम्पनी के विस्तार से कम्पनी के साथ ही राज्य की आर्थिकी को भी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि राज्य में उद्योग-धन्धे अच्छे चलें, इसके लिए जिलों के अधिकारियों एवं सचिव उद्योग के साथ ही मुख्य सचिव को विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है, जो भी परेशानियां हैं, उनका समाधान किया जायेगा। यदि उद्योग-धन्धे अच्छे चलेंगे तो निश्चित रूप से उद्योगों को तो फायदा होगा ही साथ में राज्य को भी फायदा होगा, राज्य को राजस्व मिलेगा, लोगो को रोजगार मिलेगा और व्यापार भी बढेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से आने वाले समय में कम्पनी से व्यापारियों, कार्मिकों सभी को लाभ होगा। मक्का का 1200 टन क्षमता वाली ईकाई होने के कारण इससे अब आने वाले समय में किसान भाईयों को भी लाभ मिलेगा। कम्पनी को उत्पादों को बनाने के लिए आसानी से मक्का मिलेगी तथा किसानों को उनकी मक्का के लिए बाजार ढूंढने की आवश्यकता नहीं होगी, इससे किसान तथा कम्पनी दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों में सामान्य जरूरत की चीजों को स्थानीय स्तर से पूरा किया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना हेतु पर्याप्त मात्रा में भूमि उपलब्ध है। राज्य में उद्योगो के संरक्षण, संवर्धन तथा विकास हेतु प्राथमिकता से कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार उद्यमियों के साथ है। प्रदेश पिछले चार सालों में 16000 छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हुए हैं, जिसमें 6 हजार करोड़ से भी अधिक का निवेश हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंगल विण्डो सिस्टम पर काम किया जा रहा है। किसी को भी परेशान न होना पड़े, सभी निवेशक उत्तराखण्ड में आये, निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाऐं मुहैया करायी जायेंगी। उद्योगों की लम्बे समय से लम्बित विवादों को सुलझाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है तथा वन टाइम सेटलमेंट के आधार पर विवादों का निस्तारण किया जायेगा।
इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सचिव उद्योग अमित नेगी, मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र, राकेट इंडिया प्रा.लि. के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला

ई-टेंडर के विरोध में ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एकजुट हुए ठेकेदारों ने त्रिवेणीघाट पर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ई-टेंडर लागू कर छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार बना दिया है।
सोमवार को ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश के अध्यक्ष संजय पोखरियाल के नेतृत्व में तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र के ठेकेदार लोनिवि तिराहा पर एकत्रित हुए। यहां से ई-टेंडर के विरोध में नारेबाजी करते हुए त्रिवेणीघाट परिसर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे। यहां उग्र प्रदर्शन करते हुए कार्यालय से कर्मियों को बाहर किया और एसडीओ के कक्ष में ताला जड़ दिया। कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छोटे ठेकेदारों का आर्थिक उत्पीड़न कर रही है। ई-टेंडर के लागू होने से छोटे ठेकेदार बेरोजगार हो गए हैं। बताया कि ई-टेंडर में 2 करोड़ से नीचे का काम नहीं है, ऐसे में डी श्रेणी के ठेकेदारों को विभागों में काम नहीं मिल रहा, इससे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कोरोना संकट में डी श्रेणी के ठेकेदार पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अब इस ई-टेंडर ने सब कुछ चौपट कर दिया है। एक स्वर में कहा कि ई-टेंडर प्रक्रिया को जल्द वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान राज्यपाल को ज्ञापन भी प्रेषित किया। धरना प्रदर्शन में महासंघ सचिव भगवती सेमवाल, घृपाल सिंह बगियाल, महेश चौहान, नरेश बिष्ट, रमेश रांगड़, हर्षपति सेमवाल, कमलेश डंगवाल, विक्की पंवार, प्रताप सिंह पोखरियाल, खुशीराम रतूड़ी, सुखदेव शर्मा, बालेश्वर, देव सिंह दुमोगा, सर्वेश रावत आदि मौजूद रहे।

गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोमवार को सितारगंज में लम्बे समय से बन्द पड़ी किसान सहकारी चीनी मिल्स लि के पेराई सत्र का विधिवत पटला पूजन व कनवेयर में गन्ना डालकर शुभारम्भ किया गया। साथ ही सरकडा के गन्ना किसान प्रकट सिंह व तरसेम सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होने गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 345 रू प्रति कुन्तल किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज सितारगंज के लिए ऐतिहासिक दिन है। सितारगंज किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र के शुभारम्भ से विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। भविष्य में इस चीनी मिल से बिजली व एथेनॉल का उत्पादन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार हमेशा किसानों को आधुनिक व सम्पन्न बनाये जाने हेतु कार्यरत है। हम हमेशा किसानो के साथ थे और भविष्य में भी किसानो के साथ खडे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड की विशेष चिंता रहती है, जल्द ही उत्तराखण्ड में दूसरा एम्स खुलने जा रहा है ताकि लोगो एम्स की तरह सारी चिकित्सा सुविधाएं मिल सके। उन्होने कहा केन्द्र सरकार के सहयोग से किच्छा से खटीमा रेल लाईन व टनकपुर से बागेश्वर रेल लाईन की मंजूरी मिल गई है साथ ही जमरानी बांध परियोजना भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होने बताया कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पहाडी और मैदानी किसानों के लिए अलग-अलग कृषि योजनाएं बनाई जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ग, हर क्षेत्र के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जायेगा इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। अभी तक 400 से अधिक फैसले लिए है, जिनका शासनादेश भी जारी हो चुका है। उन्होने बताया आशा, आंगनबाडी, उपनल, राज्य आंदोलनकारी, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, भोजन माताओं, पी.आर.डी. जवानों आदि की मांगो पर विचार कर इनका मानदेय बढाया गया। उन्होने कहा जिनकी मांगे छूट गई है, उनको भी शीघ्र पूरा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के अन्तर्गत ऐसे खिलाडी जिसमे योग्यता और क्षमता है, उनका सारा खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होने बताया महामारी में जो बच्चे अनाथ हो चुक है उन्हे वात्सल्य योजना के अन्तर्गत 3000 रू प्रतिमाह की राशि दी जा रही है तथा शिक्षा का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। नवजात बच्चों की माताओं को जरूरी सामान की महालक्ष्मी किट दी जा रही है। रोजगार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है तथा रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है ताकि बेरोजगारों को रोजगार के लिए भटकना न पडे। नई खनन नीति बनाने के लिए पब्लिक डोमेंन के माध्यम से लोगो के सुझाव मांगे गए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बंगाली समुदाय के नमो शुद्र के कारपस फंड तथा संत केसर सिंह छात्रवृति के कारपस फंड को 2 करोड से बढाकर 4 करोड किये जाने की भी घोषणा की।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने बताया कि लम्बे समय से बन्द पड़ी इस चीनी मिल को चलाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया था वो संकल्प आज पूरा हुआ। उन्होने कहा हमारी सरकार किसानों के साथ है। उन्होने बताया इस चीनी मिल के खुलने से सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के गन्ना किसानों को फायदा होगा। उन्होने बताया प्रदेश सरकार ने गन्ना का भुगतान समय से किया है और आगे भी समय से किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 317 प्रति कुण्टल था तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 327 प्रति कुण्टल था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार अब सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 345 प्रति कुण्टल तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 355 प्रति कुण्टल हो गया है, जो उत्तर प्रदेश की तुलना में 5/- रू० प्रति कुण्टल अधिक है। गत वर्षाे में क्रय केंद्रों से गन्ना खरीद पर 11 रुपये प्रति कुंटल का गन्ना भाड़ा किसानों को चुकाना पड़ता था जो आज की घोषणा के 9.50 रुपये मात्र प्रति कुंटल देना होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद करते हुए क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा ने किसानों को बधाई दी। उन्होने कहा सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के लिए आज बहुत शुभ दिन है। उन्होने कहा इस चीनी मिल को भविष्य में और आधुनिक बनाये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र के किसानो की भावनाओं का ख्याल रखा। उन्होने कहा जो भी कार्य सम्भव है वे कार्य किये जा रहे है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह, जीएम चीनी मिल आरके सेठ, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि उपथित रहे।

कल सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे छोटे ठेकेदार

श्री सत्यनारायण मंदिर परिसर में स्थानीय ठेकेदारों ने बैठक की। बैठक में ई टेंडरिंग को लेकर विरोध जताया गया। साथ ही संजय पोखरियाल को ठेकेदारी यूनियन का कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। बताया गया कि अन्य पदाधिकारियों का चयन अध्यक्ष द्वारा किया जाएगा।
रविवार को हुई बैठक में ई टेंडरिंग का विरोध किया गया। नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष संजय पोखरियाल ने कहा कि संगठन छोटे ठेकेदारों के हितों की रक्षा करेगा। वहीं, सोमवार को ऋषिकेश में सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने गौहारीमाफी में तटबंधों के निर्माण का कार्य स्थानीय ठेकेदारों को देने की मांग की है। मौके पर हर्ष पति सेमवाल, प्रताप पोखरियाल, भगवती प्रसाद सेमवाल, हुकुम चंद रमोला, चंदन सिंह, गोविंद सजवाण, कैलाशमनी रतूड़ी, पदम सिंह बगियाल, विजयपाल राणा आदि उपस्थित रहे।

सीएम आवास में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट ’बोधिसत्व’ का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट बोधिसत्व में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन, पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन मंच पर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के विजन पर किया जा रहा उत्तराखण्ड का विकासः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को विजन दिया है। इस विजन को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

विकास और प्रकृति में संतुलन आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक संपदा है। इस प्राकृतिक संपदा के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिमालय को बचाने एवं प्रकृति के साथ संतुलन के लिए सभी को आगे आना होगा। प्राकृतिक संपदाओं एवं अन्य स्रोतों से राज्य की आय बढ़ाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

केन्द्र सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य होने के नाते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। किसी भी चुनौती से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार का राज्य को हर संभव सहयोग मिलता रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा सबकी सामूहिक यात्रा है। राज्य के विकास के लिए जो भी जन सुझाव प्राप्त होंगे उन सुझावों पर पूरा विचार किया जायेगा। प्रदेश के समग्र विकास के लिए अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा हाई वैल्यू एग्रीकल्चर और प्राकृतिक खेती पर फोकस हो
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी युवा राज्य है। उत्तराखण्ड के पास अनेक प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उत्तराखण्ड के बहुमुखी विकास के लिए नये सिरे सोचना होगा। सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को शिक्षा का हब बनाना होगा। माध्यमिक शिक्षा का हब तो उत्तराखण्ड है, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और प्रयास करने होंगे। उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रयासों की जरूरत है। हाई वैल्यू एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रयास करने होंगे। एरोमैटिक एवं मेडिसनल प्लांट, फ्लोरीकल्चर, हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में विशेष प्रयास होने चाहिए। उत्तराखण्ड में महिलाएं लगनशील हैं। महिलाओं को अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाय। उत्तराखण्ड को स्वयं प्राकृतिक खेती की ओर जुटना चाहिए। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिये कि उत्तराखण्ड में जितने भी साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन हैं, वे मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करें। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले दस सालों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन से चार गुना बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राज्य के विकास के लिए नया ब्लू प्रिंट बनाकर दिया जायेगा।

साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरीः डॉ के विजनराघवन
केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास हिमालय के रूप में बड़ी संपदा है। हिमालय देश एवं दुनिया को प्रभावित करता है। हिमालय को सस्टनेबल तरीके से प्रोटक्ट करना एवं इसके लिए डैवलपमेंट के कार्य करना एक बड़ा कार्य है। इसमें अनेक सांइंटिफिक इंस्टीट्यूट काफी कार्य कर चुके हैं। इसके लिए साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरी है।

हिमालय के प्रति सबकी जिम्मेदारीः डॉ अनिल जोशी
पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि बोधिसत्व के माध्यम से राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। हिमालयी राज्यों को आपस में लगातार चिंतन एवं मंथन करने की जरूरत है। हिमालय सबका है, इसके प्रति सबकी भागीदारी होनी चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए अपनी कमजोरी एवं ताकत का नये सिरे से विश्लेषण करना जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि भौगोलिक विषमताओं के बावजूद भी इन्फ्रास्ट्रक्चर में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में कई क्षेत्रों में मजबूतियां भी हैं, तो कुछ क्षेत्रों में चुनौती भी हैं। हिमालय, गंगा, जलवायु एवं शांतप्रिय समाज यहां की मजबूती हैं। रोजगार, कनेक्टिविटी, पलायन को रोकना, आपदा एवं बोर्डर ऐरिया से संबंधित मामले राज्य के समक्ष चुनौतियां भी हैं। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन चुनौतियों को कम करने के लिए राज्य में प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से संवाद कर सुझाव लिये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, नीति आयोग से डॉ. नीलम पटेल, सचिव नियोजन बीवीआरसी पुरूषोत्तम, मुख्यमंत्री के चीफ कॉर्डिनेटर दुर्गेश पंत, शासन से प्रमुख सचिव, सचिव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थानों के निदेशक एवं गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने दिया टास्क, 15 दिसम्बर तक स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य पूरा करें

जिलाधिकारी प्रत्येक सप्ताह विभिन्न योजनाओं के तहत दिये जाने वाले लोन की समीक्षा करें।
केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
लोन के लिए अनावश्यक आपत्ति लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला स्तरीय अधिकारियों एवं बैंकर्स द्वारा कैंप लगाकर जन समस्याओं का समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति बैठक ली
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिवालय में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन देने का लक्ष्य रखा गया है, उस लक्ष्य को 15 दिसम्बर 2021 तक पूर्ण किया जाय। संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स आपसी समन्वय स्थापित कर हर हाल में लक्ष्य पूर्ण करें। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन दिये जा रहे हैं, उनकी प्रत्येक सप्ताह प्रगति समीक्षा की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की विभिन्न माध्यमों से लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन दिये जा रहे हैं, उनकी आम जन को जानकारी हो। इसके लिए जिलाधिकारियों एवं बैंक के अधिकारियों द्वारा अभियान चलाया जाय। एक ही जगह पर लोगों की लोन की समस्या का समाधान हो, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी कैंपों के माध्यम से जन समस्याओं का समाधान करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 15 दिसम्बर 2021 तक निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने के साथ ही जिन योजनाओं में अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, लक्ष्य से अधिक लोन स्वीकृत करने के लिए प्रयास किये जाए। अनावश्यक आपत्तियां लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाय। बैंकों द्वारा आवेदन प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर लोन की सम्पूर्ण कार्यवाही की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ लोगों को समय पर मिले। अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बढ़ाये गये लक्ष्य को भी समय पर पूर्ण कर लें। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोन स्वीकृति की स्थिति पर निगरानी के लिए जिलाधिकारी निरन्तर बैंकर्स के साथ समन्वय स्थापित करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम स्टे, स्पेशल कम्पोनेंट प्लान, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, एन.यू.एल.एम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्रोग्राम, स्टैण्ड अप इण्डिया, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, एस. ए. मुरूगेशन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित थे।