हरिद्वार ग्रामीण में विकास कार्यों के लिए धामी ने दी कई सौगातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा रूपराज पैलेस, शाहपुर शीतलाखेड़ा, हरिद्वार में महिला स्वयं सहायता समूहों की एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगायी गयी विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की, कि लालढांग क्षेत्र में झूला पुल का निर्माण किया जायेगा। बहादरपुर जट में एक डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। लालढांग के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा तथा जनपद हरिद्वार में प्रदेश स्तरीय किसान भवन का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये बहुत सारे उत्पाद बाजारों में बिक नहीं पाये, हमारी सरकार स्वयं सहायता समूह, जो स्वरोजगार योजनाओं को चला रही हैं, उनकी सहायता के लिये आगे आई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को दिये जाने वाले ऋण पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु कुल 1451 स्वयं सहायता समूहों को रू0 111.2749 लाख बटन डिजिटल माध्यम जारी किये।
कार्यक्रम में कोरोना महामारी से प्रभावित शंकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा कुल 14 सीएलएफ को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र तथा स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले बैंकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कोरोना महामारी में अपने रोजगार से प्रभावित कुल 3128 स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती दिये जाने के उद्देश्य से पूर्व घोषित 06 माह तक प्रतिमाह रूपये 2000/ की किस्त के हिसाब से 3 माह हेतु रूपये 6000/ की धनराशि के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उज्जवला योजना लेकर आये, जिसके तहत महिलाओं को गैस का चूल्हा दिया गया। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान शुरू किया, जिससे बालक-बालिकाओं में असमानता दूर हुई है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक साढ़े तीन लाख लोग इस योजना के तहत लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में अब कई गम्भीर बीमारियों का इलाज भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर को नल से जल योजना के तहत वर्ष 2023 तक हर घर को स्वच्छ जल मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत केवल एक रुपये में कनेक्शन दिया जाएगा। जबकि शहरी क्षेत्रों में 100 रू. में कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जितनी घोषणाएं करेंगे, उनको पूरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के तीन मंत्र है, सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारण। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक कार्यालय दिवस में प्रातः 10 से 12 बजे तक उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा तथा उत्तराखण्ड की हर व्यवस्था विश्व स्तरीय होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनको सादर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को हर क्षेत्र में कैसे मजबूत किया जाए, कैसे उनके बनाये उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए, इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। इस अवसर पर विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में विधायक खानपुर कुंवर प्रणय सिंह चौम्पियन, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक-झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. जयपाल सिंह चौहान, चेयरमेन नगर पालिका लक्सर अम्बरीष गर्ग जिला महामंत्री विकास तिवारी, अपर सचिव/आयुक्त ग्रामीण विभाग आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत सहित पदाधिकारीगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सरकार का प्रयास अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित महिला आई.टी.आई. परिसर में मेगा स्वरोजगार शिविर का शुभारम्भ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरित भी किये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वरोजगार शिविर के माध्यम से अनेक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए उद्योग पॉलिसी का सरलीकरण किया जा रहा है। जन समस्याओं का समाधान जल्द हो इसके लिए कार्यों के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए स्वरोजगार एक अच्छा माध्यम है। स्वरोजगार के माध्यम से एक व्यक्ति अपने साथ कई लोगों को रोजगार से जोड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में स्वरोजगार के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्वरोजगार योजनाओं से संबंधित सभी विभागों एवं बैंकर्स को स्टॉल लगाने के निर्देश दिये गये हैं। लोगों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो, इसके प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान त्वरित हो इसके लिए अधिकारियों प्रत्येक कार्यदिवस में 2 घण्टे जन सुनवाई कर उनका समाधान करने के निर्देश दिये गये हैं।
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक 113 करोड़ रूपये के ऋण स्वीकृत किये जा चुके हैं। 10 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून नितिका खण्डेलवाल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

स्वयं सहायता समूह का गठन कर पहाड़ी भुली नाम रखा

ऋषिकेश श्यामपुर की न्याय पंचायत ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ में डोईवाला ब्लॉक के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के समूहों का गठन किया गया।
ग्राम सभा खदरी के प्रगतिपुरम के राणा कांपलेक्स में एक सामूहिक बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता डोईवाला ब्लॉक की सीनियर सीआरपी आशा नेगी कविता देवी, दिव्यनती थपलियाल (एरिया कोऑर्डिनेटर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बीना चौहान (क्षेत्र पंचायत सदस्य) के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनोद चौहान के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सीनियर सीआरपी आशा नेगी के द्वारा स्वयं सहायता समूहों के विभिन्न कार्यों के बारे में संक्षिप्त में बताया गया। उसके तत्पश्चात स्वयं सहायता समूह का गठन संयुक्त रूप व सबकी सहमति से किया गया। गठन का नाम ’पहाड़ी भुली’ रखा गया। ग्राम संगठन में कुल 9 स्वयं सहायता समूह बनाए गए।
उसके बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओ के द्वारा चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की गई और पद चुने गए, जिसमें अध्यक्ष पद ईशा कलूड़ा चौहान, उपाध्यक्ष मनजीत पटवाल, सचिव अभिलाषा ज़ख्मोला, कोषाध्यक्ष संगीता देवी उपसचिव सावित्री देवी, पुस्तक संचालक पुष्पा देवी को चुना गया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि आप लोग अपने पद पर खड़े जरूर उतरेंगे और संगठन के लिए बेहतर कार्य करेंगे।
ग्राम संगठन की अध्यक्ष ईशा कलूड़ा चौहान ने कहा जिस विश्वास के साथ हमें पदाधिकारीयों के द्वारा चयनित किया गया, हम क्षेत्र की महिलाओं को आजीविका मिशन के तहत जोड़ने का प्रयास करेंगे है रोजगार का साधन उपलब्ध कराने का प्रयास भी करेंगे।
बैठक में उपस्थित क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान, वार्ड मेंबर लक्ष्मण राणा राजेंद्र चौहान, विनोद चौहान, समाजसेवी नवीन नेगी, अनिल रावत, अनूप रावत, आशा नेगी (सीनियर सीआरपी) कविता देवी, दिव्यनती थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

राज्य के 7 सात उत्पादों को भौगोलिक संकेतांक का प्रमाण पत्र

उत्तराखण्ड सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में बौद्विक सम्पदा भारत के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य के उत्पादों के भौगोलिक संकेतांक (ज्योग्राफिकल इण्डिकेशन) का वितरण समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें कृषि मंत्री सुबोध उनियाल एवं उद्योग मंत्री गणेश जोशी द्वारा राज्य के सात उत्पादों (कुमांऊ च्यूरा ऑयल, मुनस्यारी राजमा, उत्तराखण्ड का भोटिया दन, उत्तराखण्ड ऐंपण, उत्तराखण्ड रिंगाल क्राफ्ट, उत्तराखण्ड ताम्र उत्पाद एवं उत्तराखण्ड थुलमा) को भौगोलिक संकेतांक (ज्योग्राफिक इन्डिकेशन) प्रमाण पत्र वितरित किये गए।
कार्यक्रम के अवसर पर प्रधानमंत्री के सलाहकार भास्कर खुल्बे एवं सचिव डीपीआईआईटी भारत सरकार अनुराग जैन द्वारा वीडियो कार्न्फ्रेन्स के माध्यम से प्रतिभाग किया गया।
इस दौरान कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य के लिए बहुत बड़े गौरव का विषय है कि यहां के मौलिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलती जा रही है। कहा कि वोकल फॉर लोकल और स्थानीय प्रोडक्ट के प्रचार-प्रसार में जीआई टैग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्थानीय प्रोडक्ट को देश के साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में पहचान दिलाने मे जीआई टैग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में और भी अनेक ऐसे परम्परागत कृषि उत्पाद है जो अपने भौगोलिक क्षेत्र विशेष के आधार पर लगातार वैश्विक पहचान बनाते जा रहे है। उत्तराखण्ड में कुल 6.48 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि हैं जिसमें 3.50 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल पर परम्परागत कृषि उत्पादों का उत्पादन हो रहा है। अभी तक तेजपत्ता प्रदेश का पहला जीआई टैग प्राप्त करने वाला उत्पाद था। उन्होंने कहा कि उपरोक्त के अतिरिक्त उत्तराखण्ड सरकार के निर्देशन पर उत्तराखण्ड लाल चावल, बेरीनाग चाय, उत्तराखण्ड गहत, उत्तराखण्ड मण्डुआ, उत्तराखण्ड झंगोरा, उत्तराखण्ड बुरांस सरबत, उत्तराखण्ड काला भट्ट, उत्तराखण्ड चौलाई/रामदाना, अल्मोड़ा लाखोरी मिर्च, उत्तराखण्ड पहाड़ी तोर दाल, उत्तराखण्ड माल्टा फ्रूट जैसे 11 कृषि उत्पादों का जीआई टैग लिये जाने का कार्य भी फाईल कर दिया गया है।
इस दौरान उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जिन उत्पादों को भौगोलिक संकेतांक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए है, अब उन उत्पादों की मार्केट में ब्राडिंग बढ़ने से अधिक डिमांड बढ़ेगी तथा उनको अच्छा मूल्य प्राप्त होगा। जिससे इन उत्पादों से जुड़े हुए उत्पादक सीधे-सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार के निर्देशन पर अन्य उत्पादों का जीआई टैग किये जाने का भी कार्य जारी है।
इस कार्यक्रम के अवसर पर तकनीकी कार्यशाला का भी आयोजन किया गया जिसमें पदमश्री डॉ रजनीकांत एवं उप रजिस्ट्रार, जीआई सचिन शर्मा द्वारा भौगोलिक संकेतांक से सम्बन्धित जानकारी प्रदान की गई।
इस दौरान कार्यक्रम में संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी भारत सरकार श्रुति सिंह, व संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी भारत सरकार राजेन्द्र रतनू, सचिव कृषि एवं उद्यान मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव राधिका झा, महानिदेशक/आयुक्त उद्योग रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, निदेशक कृषि गौरीशंकर सहित उद्योग एवं कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी तथा प्रदेश से आए हुए जैविक किसान/काश्तकार सभागार में उपस्थित थे तथा अन्य लोग विभिन्न जनपदों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

36100 परिवहन व्यवसायों को 6 माह तक रुपए दो हजार प्रतिमाह आर्थिक सहायता-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में कोविड-19 से प्रभावित परिवहन व्यवसायियों (चालक/परिचालक/क्लीनर) को सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता योजना का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न बस, टैक्सी यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस योजना के तहत प्रदेश भर के 103235 चालक/परिचालक/क्लीनर को 2000 रुपए प्रतिमाह की दर से 6 माह तक प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि कोविड से प्रभावित हर वर्ग, हर व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण सरकार को राजस्व प्राप्तियां भी सीमित हुई हैं लेकिन सरकार साझेदार के रूप में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरेंडर पॉलिसी और हिल इंडोसमेंट नियमावली पर भी विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा के अंतर्गत की संख्या बढ़ाने का भी प्रयास करेगी। सरकार की तरफ से चारधाम में सभी व्यवस्था की जा रही है, कोविड प्रोटकॉल का भी पूरा पालन चारधाम यात्रा में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल में ही एवियशन फ्यूल टैक्स में 18 प्रतिशत की कटौती करते हुए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय के बाद भले ही हमारे राज्य को टैक्स का कुछ नुकसान उठाना पड़े लेकिन प्रदेश के लिए यह फायदेमंद होगा। एवियशन कंपनीज रिफ्यूलिंग और नाइट स्टे हेतु अधिक से अधिक प्रदेश का रुख़ करेंगी। एविएशन कंपनियों के मूवमेंट से इसका सीधा फायदा स्थानीय व्यवसायियों को टैक्सी संचालकों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा युवा प्रदेश है, सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास की नीति के साथ हम प्रदेश को विकास की राह पर मार्ग पर आगे ले जा रहे हैं। उत्तराखण्ड हिन्दुस्तान का सबसे बेहतर राज्य बने हम सबके सहयोग से इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। हमारा एजेंडा सिर्फ विकास का है।
कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने परिवहन व्यवसायियों को दिए जा रहे इस आर्थिक पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। परिवहन मंत्री आर्य ने कहा कि प्रदेश में कोविड काल के बाद आर्थिक गतिविधियों पर काफी प्रभाव पड़ा है, सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद परिवहन क्षेत्र के व्यवसायियों के हित में यह निर्णय लिया।
सचिव परिवहन डॉ. रंजीत सिन्हा ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत पहले चरण में 36100 परिवहन व्यवसायों को डीबीटी के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा आगामी 6 माह तक रुपए दो हजार प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिसमें 34635 चालक, 930 परिचालक और 535 क्लीनर शामिल हैं। सचिव परिवहन ने बताया कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु परिवहन विभाग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य के समस्त सार्वजनिक वाहनों के चालकों, परिचालकों एवं क्लीनर्स को उक्त पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन हेतु आमंत्रित किया गया था। पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का विभागीय स्तर पर सत्यापन करते हुए पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है।
परिवहन आयुक्त दीपेन्द्र चौधरी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के तमाम अधिकारियों समेत विभिन्न परिवहन यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

अगर आप ने रजिस्ट्रेशन कराया है तो समय से पहले भी कर सकेंगे दर्शन

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए पंजीकृत यात्री अब यात्रा के लिए तय किए गए दिन से पूर्व भी दर्शन कर सकेंगे। एक दिन में तय संख्या से कम यात्रियों के चारधाम पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट ने बदरीनाथ में 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 तीर्थयात्रियों को दर्शन की इजाजत दी है। लेकिन देवस्थानम बोर्ड से ई-पास लेने वाले सभी यात्री दर्शन को नहीं पहुंच रहे हैं।
इसलिए अब सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। सचिव धर्मस्व एवं तीर्थाटन हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि किसी धाम में एक दिन के लिए तय सीमा में श्रद्धालु नहीं पहुंचते तो ऐसे तीर्थ यात्रियों को दर्शन का मौका दिया जाएगा जिन्होंने आगे के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि एक दिन में धाम में दर्शन करने वालों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संदर्भ में गढ़वाल आयुक्त व सीईओ देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के डीएम और एसपी को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

यहां पंजीकरण जरूरी है
चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ई पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

कोरोना काल में औद्यानिकी के विकास से जुड़े कार्मिकों को भी प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रेंजर ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय अन्तराष्ट्रीय एप्पल महोत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने तथा राज्य के सेब को पहचान दिलाने के लिये एप्पल मिशन को दी जाने वाली धनराशि दुगनी किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में औद्यानिकी एवं बागवानी के विकास से जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के साथ ही उद्यान एवं बागवानी के विकास हेतु अनुकूल नीति बनायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नये उद्यानों की स्थापना तथा उनके बेहतर प्रबन्धन पर ध्यान देने पर बल देते हुए कृषि वैज्ञानिकों से राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल कृषि एवं बागवानी के विकास हेतु शोध एवं अनुसंधान पर ध्यान देने की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब पौष्टिकता से युक्त फल है। हमारा सेब उत्पादन वैसे आगे बढ़े तथा देश व दुनिया में इसकी पहचान बने इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से हमारे सेब उत्पादकों तथा बागवानी से जुड़े किसानों को नये अवसर प्रदान करने तथा प्रधानमंत्री के किसानों एवं बागवानों को खुशहाल बनाने के संकल्प को भी पूरा करने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा भी राज्य में कृषि एवं बागवानी के विकास में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई तकनीकि के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल से अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर उसके निर्यातक बनें। इस दिशा में समेकित प्रयासों की भी उन्होंने जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों, नौजवानों, समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है, इसके लिये जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सरलीकरण के साथ समाधान एवं निस्तारण तथा संतुष्टि के भाव के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर आयोजित प्रदर्शनी एवं स्टालों का भी अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों से भी जानकारी प्राप्त की।
कृषि एवं उद्यान में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह आयोजन राज्य के सेब उत्पादन एवं बागवानी के विकास मे मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल के साथ हमारे सेब की पहचान बने इसके लिये क्वालिटी एवं पैकिंग पर ध्यान दिया गया है। आधुनिक तकनीकि एवं उपकरणों के साथ कृषि वैज्ञानिकों को भी इससे जोड़ा गया है ताकि बेहतर अनुसंधान के बल पर हमारे उत्पादों की पहचान बन सके।
निदेशक उद्यान डॉ. एच.एस. बवेजा ने बताया कि प्रदेश को उद्यान प्रदेश बनाने की कार्य योजना तैयार की गयी है। इसके लिये 1690 करोड़ रूपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हमारे किसान आधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल कर बागवानी के विकास में सहयोगी बनें इसके प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक महेश नेगी, पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा आदि उपस्थित थे।

पर्वतीय क्षेत्रों में लघु उद्योगों को दिया जा रहा बढ़ावा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वर्चुअल माध्यम से सीआईआई के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर राज्य में रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें औद्योगिक संगठनों से सहयोग की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। सीमांत क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक नई कार्य संस्कृति लाने के प्रयास किये गये हैं। कार्यों के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ रही है। सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। औद्योगिक विकास के लिए उत्तराखण्ड में अनुकूल माहौल है। उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास के लिए अनेक क्षेत्रों में अच्छा कार्य हो सकता है। भारत सरकार के सहयोग से सिडकुल हरिद्वार में 300 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। उत्तराखण्ड आने वाले औद्योगिक संस्थानों को राज्य में हर संभव सुविधा दिये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अपने सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। इन्वेस्टर समिट के बाद उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास में तेजी आई है। उत्तराखण्ड में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से सीआईआई के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बेरोजगारों को पीएम स्ट्रीट वेंडर्स और दीनदयाल अन्त्योदय योजना की जानकारी दी

पीएम स्ट्रीट वेंडर्स और दीनदयाल अन्त्योदय योजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला सभागार में बैंक कर्मियों व स्थानीय लोगों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें अधिशासी अधिकारी बीपी भट्ट ने क्षेत्र के बेराजगारों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
सिटी मिशन मैनेजर टिहरी अरविन्द जोशी ने बैठक में बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना के अंतर्गत दुकानदारों या बड़े व्यापारियों को दो लाख रूपए का व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के लिए 10 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। बताया कि पीएम स्ट्रीट वेंडिंग योजना के अंतर्गत छोटे व्यापारियों जैसे रेहड़ी, फड़ और ठेली विक्रेताओं आदि को रोजगार करने हेतु ऋण उपलब्ध करवाने की सुविधा उपलब्ध है। इसमें रोजगार शुरू करने के लिए बैंक के माध्यम से 10 हजार रूपए का ऋण दिया जा रहा है। बताया कि इन ऋणों पर ब्याज में सात प्रतिशत की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।
बैठक में कर निरीक्षक अनुराधा गोयल, पीएनबी से प्रशांत सेमवाल, मनोज राणा, एसबीआई से रचित रस्तोगी, यूबीआई मुनिकीरेती से महेश पंत, आईओबी मुनिकीरेती से अजिताभ, डीसीबी तपोवन से विनोद सिंह, आरपी मैठाणी, बीओआई से अमित ध्यानी, सभासद सुभाष चौहान, अजय रमोला, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार आदि उपस्थित थे।

सरकार अपनी अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के योगदान को सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सुभाष रोड स्थित होटल पेसिफिक में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर वाणिज्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया एवं स्टॉलों का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, ऐसे समय में वाणिज्य सप्ताह का आयोजन किया जाना सराहनीय है। वाणिज्य उत्सव का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना एवं विशेष रूप से भारत से निर्यात को बढ़ावा देना है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों व ट्रांसपोर्ट की अनेक बाधाओं के बावजूद उत्तराखंड राज्य साल दर साल निर्यात के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी एक्सपोर्ट प्रीपेयर्डनेस इंडेक्स में उत्तराखंड राज्य को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में ही उत्तराखंड ने निर्यात के मामले में करीब दोगुना से अधिक की बढ़त हासिल की है। वर्ष 2017-18 में उत्तराखंड से 10,836 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, वहीं 2020-21 में यह बढ़कर 15,914 करोड़ रुपये पहुंच गया है। राज्य में आटोमोबाइल व फार्मा इकाइयां सबसे बड़े निर्यातक क्षेत्र के रूप में उभरे हैं। इसके अलावा उत्तराखंड से पुष्प उत्पादन, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद, सगंध-औषधीय पौधे, जैव प्रौद्योगिकी, हस्तशिल्प की वस्तुओं का निर्यात विदेशों में होता है। राज्य में निर्यात क्षमता और राज्य से निर्यात योग्य उत्पादों एवं सेवाओं को बढ़ावा देने और प्रदर्शित करने के लिए भारत को एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति के रूप में प्रतिस्थापित करने के लिए वाणिज्य उत्सव का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड उत्तर भारत में अपनी प्रगतिशील नीतिगत ढांचे, गुणवत्तापूर्ण जनशक्ति की उपलब्धता तथा अच्छी कानून व्यवस्था के कारण एक पसंदीदा निवेश गन्तव्य बन गया है। मैनुफैक्चरिंग सेक्टर का राज्य के जीएसडीपी में 36 प्रतिशत से अधिक का योगदान है। सरकार अपनी अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के योगदान को सुधारने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है और पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया गया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग डीपीआईआईटी द्वारा आयोजित बिजनेस रिफॉर्म एक्शन पॉइंट रैंकिंग में उत्तराखंड शीर्ष राज्यों में से एक है। राज्य की निवेश संवर्धन एजेंसी को इन्वेस्ट इंडिया द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता घोषित किया गया है। हरिद्वार में इनलैंड कनटेनर डिपो (आईसीडी) की स्थापना के लिए प्रयास किये जा रहे है। राज्य ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख क्षेत्रों कृषि, स्वास्थ्य और आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल एवं एलाइड, पर्यटन और आतिथ्य, हथकरघा और हस्तशिल्प, शैक्षिक सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी पहचान की है। हमारा लक्ष्य 30,000 करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुओं के निर्यात के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट हेतु विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे युवाओं को एक नया मंच और साथ ही उद्योगों को ऊर्जावान युवा मिल सके। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर भारत बनने की राह पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मजबूत इच्छाशक्ति से काम कर रही है। देवभूमि उत्तराखंड का संदेश पूरे विश्व में जाता है। राज्य में और अधिक उद्योग स्थापित हों इसके लिये हमारे उद्यमी ही हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मंत्र को लेकर काम कर रही है। हम उद्योगों से जुड़े लोगों की समस्याओं का सरलीकरण कर समाधान करेंगे और साथ ही उनकी समस्याओं का निस्तारण भी होगा। उत्तराखंड में जितने भी उद्योग स्थापित हुए है, उनकी समस्याओं को दूर कर उन्हें विकास और ग्रोथ के हर अवसर दिए जाएँगे। साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार हर संभव मदद करने को तैयार है।
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज उत्तराखंड दुनिया के तमाम उद्योगपतियों के लिए एक इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। हमारी सरकार का देश के तमाम उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत छोटे उद्योगों को लगाए जाने का कार्य राज्य में तेजी से हुआ है साथ ही उद्योगों से संबंधित आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर सचिव उद्योग राधिका झा, वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार के उप सचिव आनन्द भाष्कर, डीजी एसईपीसी डॉ. अभय सिन्हा, निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, एक्सपोर्ट कमिश्नर रोहित मीणा एवं उद्योग संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।