शासनादेश जारी होने से अब मिल सकेगा 50 हजार तक का ऋण

उत्तराखंड में छोटे व्यवसायियों एवं उद्यमियों को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो योजना का संशोधित शासनादेश जारी कर दिया है।
पूर्व के शासनादेश को संशोधन करते हुए योजना के अंतर्गत ऋण देने की सीमा को 50 हज़ार रुपए तक बढ़ा दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस योजना को संशोधित करने के पीछे का मकसद प्रदेश में छोटे उद्यमी एवं व्यापारियों को आत्मनिर्भर और उन्हें मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में ऋण सीमा बढ़ाने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सभी फल रेड़ी, सब्ज़ी, चाय ठेली, दर्जी, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, मोबाइल रिचार्ज, पेपर बैग निर्माण, छोटी बेकरी शॉप, लॉन्ड्री जैसे व्यवसाय से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे।
सचिव उद्योग अमित नेगी ने उक्त योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान हेतु प्रदेश में 5 श्रेणियाँ क्रमशः ए, बी, बी$, सी और डी निर्धारित की गई हैं।
श्रेणी ए में पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में सामान्य अभ्यर्थियों को (परियोजना की लागत पर) 35 प्रतिशत अधिकतम 17500 रुपए एवं अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/भूतपूर्व सैनिक/महिला/दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 40 प्रतिशत अधिकतम 20 हज़ार रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
इसी प्रकार श्रेणी बी और बी $ में अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के मात्र पर्वतीय बहुल विकासखण्ड (श्रेणी बी $ में वर्गीकृत क्षेत्रों को छोड़कर), नैनीताल और देहरादून जिले के मात्र पर्वतीय बहुल विकासखण्ड (बी $ और सी श्रेणी में वर्गीकृत क्षेत्रों को छोड़कर), पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा विकासखण्ड के कोटद्वार सिगड्डी और इनसे जुड़े हुए मैदानी क्षेत्र तथा टिहरी गढ़वाल के फकोट विकासखण्ड के ढालवाला, मुनीकी रेती, तपोवन तथा उससे जुड़े हुए मैदानी क्षेत्र, नैनीताल के कोटाबाग विकासखण्ड का सम्पूर्ण क्षेत्र और देहरादून के कालसी विकासखण्ड के मैदानी क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु (परियोजना लागत पर) 30 प्रतिशत और अधिकतम 15000 रुपए एवं अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/भूतपूर्व सैनिक/महिला/दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 35 प्रतिशत अधिकतम 17500 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
इसी प्रकार श्रेणी सी और डी हेतु देहरादून जिले के विकासखंड रायपुर, सहसपुर, विकासनगर व डोईवाला विकासखण्ड के समुद्रतल से 650 मी. से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र, नैनीताल जिले के रामनगर और हल्द्वानी विकासखण्ड में आने वाले क्षेत्र, हरिद्वार और उधमसिंहनगर का सम्पूर्ण क्षेत्र तथा देहरादून व नैनीताल जिले के अवशेष समस्त मैदानी क्षेत्र (श्रेणी-बी, बी $ और श्रेणी सी सम्मिलित क्षेत्र को छोड़कर) सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु (परियोजना लागत पर) 25 प्रतिशत और अधिकतम 12500 रुपए एवं अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/भूतपूर्व सैनिक/महिला/दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 30 प्रतिशत अधिकतम 15000 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा दे रही सरकार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के कलाकारों के दल ने भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखंड में लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक परम्परा को आगे बढ़ाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी क्षेत्र की पहचान में वहां की लोक संस्कृति, बोली एवं लोक परम्परा का अहम योगदान होता है। जन चेतना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता में हमारे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कलाकारों के दल में कमल भंडारी, जितेंद्र पंवार, पदम गुसाईं, रवि गुसाईं एवं अन्य कलाकार मौजूद थे।

एक जनपद दो उत्पाद योजना का शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड में “एक जनपद दो उत्पाद” (वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट्स) योजना संबंधी शासनादेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की विशेष प्राथमिकता के आधार पर राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत बाजार में मांग के अनुरूप कौशल विकास, डिजाइन विकास, रॉ मैटेरियल के ज़रिए नई तकनीक के आधार पर प्रत्येक जिले में दो उत्पादों का विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस योजना पर लागू करने के पीछे उद्देश्य उत्तराखण्ड के सभी 13 जिलों में वहां के स्थानीय उत्पादों को पहचान के अनुरूप परंपरागत तथा शिल्प उद्योग का विकास करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रॉडक्ट्स” से स्थानीय काश्तकारों एवं शिल्पकारों को जहां एक ओर स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे वहीं दूसरी ओर हर जिले में स्थानीय उत्पाद की विश्वस्तरीय पहचान बन सकेगी।
सचिव अमित नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि अल्मोड़ा में ट्वीड एवं बाल मिठाई, बागेश्वर में ताम्र शिल्प उत्पाद एवं मंडवा बिस्किट, चंपावत में लौह शिल्प उत्पाद एवं हाथ से बने उत्पाद, चमोली में हथकरघा-हस्तशिल्प उत्पाद तथा एरोमेटिक हर्बल प्रोडक्ट को एमएसएमई विभाग द्वारा एक जिला दो उत्पाद के तहत चिन्हित किया गया है। सचिव ने बताया कि देहरादून में बेकरी उत्पाद एवं मशरूम उत्पादन, हरिद्वार में जगरी एवं शहद उत्पाद, नैनीताल में ऐपण कला एवं कैंडल क्राफ्ट, पिथौरागढ़ में ऊन के उत्पाद एवं मुनस्यारी राजमा को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया है। इसी प्रकार पौड़ी जिले में हर्बल उत्पाद एवं लकड़ी के फर्नीचर संबंधित उत्पाद, रुद्रप्रयाग में मंदिर कलाकृति हस्तशिल्प एवं प्रसाद सम्बंधी उत्पादों, टिहरी जिले में नेचुरल फाइबर प्रोडक्ट्स एवं टिहरी नथ, ऊधम सिंह नगर में मेंथा आयल एवं मूँज ग्रास प्रोडक्ट, उत्तरकाशी में ऊन हस्तशिल्प एवं एप्पल बेस्ड प्रोडक्ट को इस योजना के तहत चयनित किया गया है।

केन्द्रीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मुनिकीरेती पालिका ने शिविर का आयोजन किया

नगर पालिका मुनिकीरेती-ढ़ालवाला में आज श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सौजन्य से शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नगर पालिका क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण किया गया गया। इसमें 180 श्रम कार्ड बनाए गए।
शिविर का शुभारंभ अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने किया। उन्होंने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के राष्ट्रीय डेटाबेस के पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण हेतु शिविर लगाया गया है। भविष्य में भी इस प्रकार के कैंप का आयोजन कर क्षेत्र के निवासियों को लाभ पहुंचाया जाएगा। इस दौरान शिविर में 180 श्रम कार्ड बनाए गए।
सहायक श्रम आयुक्त केके गुप्ता ने कहा कि इस श्रम कार्ड से आपदा की स्थिति में सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खातों में स्थानान्तरित होगी। असंगठित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन, श्रमिकों को उनके कौशल विकसित करने और रोजगार के अवसर खोजने में मदद मिलेगी। एक पंजीकरण के बाद समय-समय पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी एवं पीएमएसबीवाई के तहत दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलेगा। मौके पर दीपक कुमार, सत्येंद्र, मनोज आदि उपस्थित रहे।

पीएम स्वनिधि के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए 17 करोड़ रूपये स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत पंजीकृत सभी लाभार्थियों को रू. 2000 प्रतिमाह की दर से 5 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने हेतु प्रथम किस्त के रूप में 17 करोड़ रूपये की स्वीकृति का शासनादेश जारी कर दिया गया है।

स्थानीय ट्रक ऑपरेटर्स को काम देने सहित अन्य मांग पर मोर्चा खोला

गढ़वाल ट्रक ऑनर्स सहित नगर और गढ़वाल मंडल के विभन्न जिलो के ट्रक ऑपरेटर्स ने रेलवे विकास निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रक ऑपरेटरों ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत रेलवे प्रोजेक्ट की सामग्री ढुलान में ओवरलोडिंग का आरोप लगाया है। उन्होंने ओवर लोडिंग न करने व स्थानीय ट्रकों से कार्य करवाने की मांग की है।
गुरुवार को बड़ी संख्या में ट्रक ऑपरेटर हरिद्वार बाईपास मार्ग पर रेलवे विकास निगम के कार्यालय के सामने एकत्रित हुए। ट्रक ऑपरेटरों ने आरवीएनएल पर मालवाहक वाहनों की परमिट शर्तों का उल्लंघन कर ओवरलोडिंग कराए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और यही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
गढ़वाल ट्रक ऑनर्स अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले ओवरलोड वाहनों को कंपनियों द्वारा रिसीव किया जा रहा है। रेलवे विकास निगम में जितनी भी कार्यरत कंपनियां हैं, सारी कंपनियां बाहरी वाहनों को हायर कर रही हैं। इससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का एवं स्थानीय वाहन मालिकों का पूर्णतया कार्य खत्म हो चुका है। जबकि इस प्रोजेक्ट में क्षेत्र के लोगों की जमीन, घर और जंगल बर्बाद हुए हैं और इसका लाभ बाहर के ट्रांसपोर्टर एवं वाहन स्वामी ले रहे हैं। ट्रक ऑनर्स अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा ने बताया कि जब तक ओवर लोडिंग पर रोक नहीं लगेगी, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। बताया कि धरने को हिल ट्रक ट्रांसपोर्ट महासंघ, गढ़वाल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन, ऋषिकेश ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन, चमोली यूनियन, सीमांत सहकारी संघ, पंच केदार यूनियन, पंचेश्वर यूनियन, भिलंगना यूनियन, जय काशी विश्वनाथ यूनियन, देवभूमि देहरादून, गढ़वाल ट्रक टिप्पर ऑनर्स, बिल्डिंग मटेरियल ट्रेडर्स आदि ने समर्थन दिया है।

छिद्दरवाला में पेट्रोल पंप खुलने से राहत मिलीं

हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर छिद्दरवाला में खुले अमरावती फिलिंग स्टेशन का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल एवं कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने संयुक्तरुप से किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छिद्दरवाला क्षेत्र में पेट्रोल पंप खुलने से लोगों को राहत मिल सकेगी। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि छिद्दरवाला में पेट्रोल पंप खुलने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही हरिद्वार देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजरने वाले लोगों को सहूलियत भी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अभूतपूर्व प्रयासों से उत्तराखंड में सड़कों का जाल बिछाया गया है। उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
पेट्रोल पंप के उद्घाटन से पूर्व उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में आने पर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इस अवसर पर पेट्रोल पंप की स्वामी एवं कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री लक्ष्मी राणा, पूर्व दर्जा धारी सुरेंद्र मोघा, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, मेयर अनीता मंमगाई, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, हितेश शर्मा, राकेश अग्रवाल, विशाल कक्कड़, इंद्र कुमार गोदवानी, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, ग्राम प्रधान शोबन कैंतुरा, पूर्व सदस्य जिला पंचायत विमला नैथानी, डॉ डीके श्रीवास्तव, रमन रांगड, प्रशांत चमोली, नितिन सक्सेना, प्रिंस रावत, समा पंवार, बलविंदर सिंह, ग्राम प्रधान भगवान सिंह महर, प्रधान रोहित नौटियाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

स्वयं सहायता समूह को रोजगार की जानकारी दी

लक्कड़ घाट की महिलाओं के मध्य सेतु फाउंडेशन द्वारा स्वयं सहायता समूह को रोजगार से जोड़ने हेतु एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं को अनेक तरीके के रोजगार खोलने की जानकारी दी गई। फाउंडेशन ने बताया कि संस्था द्वारा अब तक कई समूह गठित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर धनवर्षा स्वयं सहायता समूह लक्कड़घाट की अध्यक्ष सरिता पाल ने बताया कि समूह द्वारा अब तक नियमित मासिक किस्त जमा की का रही है, अब समूह से जुड़ी महिलाएं रोजगार भी करना चाहती है। जिस पर सेतु फाउंडेशन के अध्यक्ष श्याम प्रकाश रतूड़ी ने महिलाओं को कई तरह के रोजगार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह के सभी सदस्य इस विषय पर सामूहिक चर्चा करके एक दूसरी बैठक रखेंगे जिससे सबकी सहमति से रोजगार का चयन किया जा सके। बैठक में संस्था सचिव सरिता भट्ट, स्वयं सहायता समूह से संगीता, रूपाली, रेनू सहित 24 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

संजय झील से पर्यटन की अपार संभावनाएं, युवाओं को मिलेगा रोजगार-अग्रवाल

हरिद्वार मार्ग पर काले की ढाल के समीप प्रस्तावित संजय झील के सौंदर्यीकरण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
शनिवार को बैराज स्थित विधानसभा अध्यक्ष के कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में अग्रवाल ने अधिकारियों से संजय झील के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण के संबंध में बनाई गई कार्ययोजना के संबंध में प्रगति आख्या ली।इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त करते हुए कहा कि संजय झील के सौंदर्यीकरण के संबंध में पहले भी अधिकारियों को इस पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि उनके द्वारा संजय झील का निरीक्षण किया गया है साथ ही कई कार्य मौके पर प्रारंभ कर दिए गए हैं। उन्होंने अवगत किया कि संजय झील में प्रारंभिक कार्यों हेतु राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो गई है जिससे झील के आसपास उगी खरपतवार को साफ किया जा चुका है ट्रेल का निर्माण कार्य, प्रवेश गेट का निर्माण, फेंसिंग कार्य प्रारंभ कराए जा रहे हैं।वर्तमान समय में संजय झील में वर्ड वाचिंग के कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जा चुके हैं।
इस अवसर पर डीएफओ राजीव धीमान ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य हेतु तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए विस्तृत प्राकल्लन/आगणन तथा कार्ययोजना तैयार करने हेतु विशेषज्ञों की सेवाएं ली जानी प्रस्तावित है जिस पर 10 लाख रुपए की धनराशि का व्यय भी प्रस्तावित है। डीएफओ ने बताया कि 5 लाख रुपये की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो चुकी है इस धनराशि से संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही गतिमान है शीघ्र ही डीपीआर तैयार कर इसका प्रस्तुतिकरण किया जाना है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संजय झील प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है व शहर के बीच में इस प्रकार के स्थान को विकसित करने से तीर्थाटन एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटक भी इस स्थान का लुफ्त उठा सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र ही संजय झील के सौंदर्यकरण का कार्य प्रारंभ किया जाए जिससे लंबित इस योजना का लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। अग्रवाल ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे इन सभी संपर्क मार्गों का पक्का निर्माण करना अति आवश्यक है, क्योंकि संपर्क मार्ग पक्के ना होने के कारण स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में वन विभाग के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी, राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक डीके सिंह, डीएफओ राजीव धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ई-रिक्शाओं संचालकों पर परमिट के आधार पर संचालन नही करने का आरोप

विक्रम युनियन कार्यालय ऋषिकेश में समस्त विक्रम, टैक्सी, थ्रीविलर की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिसमें नगर में संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं से लग रहे जाम से निजात दिलाने के लिए देहरादून की तरह ऋषिकेश में भी संचालित करने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता विक्रम टैम्पो महासंघ उत्तराखंड के अध्यक्ष मंहत विनय सारस्वत ने की।
बैठक में तय किया गया कि 21 अक्टूबर को नेपाली फार्म, छिदरवाला, डोईवाला, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, लक्ष्मण झूला क्षेत्र से सम्बंधित विक्रम एवं आटो वाहन अपने वाहनों का चक्का जाम कर ऋषिकेश आरटीओ कार्यालय पर प्रर्दशन कर ज्ञापन सौंपेंगे।
बैठक मे सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान मे ई रिक्शाओ को परमिट फ्री करने के कारण क्षैत्र मे इनकी संख्या अनियंत्रित हो गयी है, जिसके चलते हुए नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति बनी हुयी है। विनय सारस्वत ने कहा कि ई रिक्शा के पंजीकरण पर रोक लगाने के साथ ही पूर्व मे इनके परमिटो पर दिये गये ग्रामीण क्षैत्रो मे ई-रिक्शाओ का संचालन देहरादून की भांति किये जाने की मांग की जायेगी।
बैठक मे विजयपाल सिंह रावत अध्यक्ष टैक्सी युनियन, त्रिलोक भंण्डारी अध्यक्ष लक्ष्मण झूला युनियन, सुनील शर्मा अध्यक्ष मुनिकिरेती, वीरेंद्र सिंह सजवाण उपाध्यक्ष, हरिमोहन कोषाध्यक्ष, पंकज वर्मा महासचिव, जगवाणी पूर्व अध्यक्ष रामझूला, राजेन्द्र लाम्बा अध्यक्ष थ्रीविलर ऋषिकेश, प्रवीण नौटियाल, बचन गुप्ता आदि मौजूद रहे।