राज्य में काउंसलिंग से होंगे शिक्षकों के तबादले, विभागीय मंत्री धन सिंह ने दी मंजूरी

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के तबादले काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किये जायेंगे। इस संबंध में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय प्रस्ताव को स्वीकृत प्रदान कर दी है। तबादलों में काउंसलिंग प्रक्रिया की मंजूरी मिलते ही विभाग शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण की तैयारी में जुट गया है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के स्थानांतरण काउंसलिंग के माध्यम से किये जायेंगे। इस संबंध में विभागीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जिसका शासनादेश जारी होते ही शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुये तबादला कार्यक्रम के अनुसार आगामी 10 जुलाई से पहले काउंसलिंग प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा।

विभागीय मंत्री ने बताया कि लम्बे समय से शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से वार्षिक स्थानांतरण की मांग रही है, जिसे राज्य सरकार द्वारा पूरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सुगम क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्र तथा दुर्गम से सुगम क्षेत्र में अनिवार्य स्थानांतरण की सीमा में आने वाले शिक्षकों को आवेदन पत्र में दिये गये विकल्पों में पद रिक्त न होने की दशा में विकल्प से इतर विद्यालयों में स्थानांतरण कर दिया जाता था, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिलती थी। डा. रावत ने कहा कि अब काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ शिक्षकों के स्थानांतरण किये जायेंगे, साथ ही इस व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षकों को इच्छित विद्यालय भी आवंटित हो सकेंगे। जिससे अध्यापक पूर्ण मनोयोग से अध्यापन कार्य कर सकेंगे। जिसके फलस्वरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में व्यापक सुधार आयेगा जिसका लाभ प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।

तबादलों में काउंसलिंग की मंजूरी मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर तैयारी शुरु कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर बिष्ट ने बताया कि काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शीघ्र ही शिक्षकों की काउंसलिंग के लिये तिथि घोषित की जायेगी। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश रहेगी कि आगामी 10 जुलाई से पहले शिक्षकों के तबादले कर दिये जाय।

शिक्षा विभाग में शीघ्र मिलेंगे 955 कार्मिकः धन सिंह

समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी-सीआरपी के रिक्त 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उक्त पदों की पात्रता रखने वाले अभ्यर्थी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर 29 जून से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिये दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत चयन प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेश के सभी सीआरपी-बीआरपी केन्द्रों पर चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती आउटसोर्स के माध्यम से कर दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ ही आउटसोर्स एजेंसी को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सूबे में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार लाने के दृष्टिगत समग्र शिक्षा के अंतर्गत लम्बे समय रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। जिस हेतु पात्र अभ्यर्थी सेवायोजन विभाग के अंतर्गत रोजगार प्रयाग पोर्टल पर शनिवार 01रू00 बजे के उपरांत ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे। अभ्यर्थी आवेदन संबंधित समस्त जानकारियां एवं सहायता के लिये संबंधित पोर्टल के दूरभाष संख्या 0135-2653665 तथा आउटसोर्स एजेंसी के दूरभाष नम्बर 0135-4145780 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में वही अभ्यर्थी अवेदन कर पायेंगे जो राज्य के किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होंगे। इसके अलावा 10 प्रतिशत पद सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये आरक्षित किये गये हैं।

विभागीय मंत्री ने बताया कि ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति (बीआरपी) हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणति एवं सामाजिक विज्ञान के कुल 255 पदों हेतु न्यूनतम अर्हता स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंकों के साथ उपाधि ग्रहण की हो। इसके अलावा संकुल संदर्भ व्यक्ति (सीआरपी) के लिये 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि होनी जरूरी है। इसके अतिरिक्त बीआरीपी व सीआरपी पदों के लिये बीएड की उपाधि के साथ-साथ सीटीईटी अथवा यूटीईटी प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही कम्प्यूटर में कार्य करने की दक्षता भी जरूरी है। जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये बीएड अथवा एलटी अर्हता होनी अनिवार्य है। बीआरपी-सीआरपी पदों के लिये आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष व अधिकतम 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तय की गई है, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पास चिकित्सा प्रमाण पत्रा होना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री घोषणा के तहत सीएम धामी ने दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा स्थित शहीद स्थल पर शैड के निर्माण हेतु 66 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकासखण्डवार हाईस्कूल एवं इंटर मीडिएट के टॉपर 5-5 छात्र-छात्राओं को भारत दर्शन-शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। पहले यह संख्या विकासखण्डवार 2-2 छात्र-छात्राओं की थी।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के घटक बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजनान्तर्गत शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, हुकम सिंह बोरा बालिका छात्रावास, अल्मोड़ा एवं औ. प्रशिक्षण संस्थान पाईन्स नैनीताल में छात्रावासों के निर्माण हेतु राज्यांश के रूप में 7 करोड़ 64 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने रीठा साहिब, चम्पावत में कार पार्किंग निर्माण हेतु प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूतपूर्व सैनिकों आश्रितों को शैक्षिक सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य के भूतपूर्व सैनिकों आश्रितों को इंजीनियरिंग, मेडिकल व पी.एच.डी. की शिक्षा ग्रहण करने हेतु शैक्षणिक सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के तहत 91 विद्यार्थियों को 11 लाख 6 हजार की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए स्वीकृत छात्रवृत्ति के तहत इंजीनियरिंग के 83 छात्रों को 9,96,000, मेडिकल के 6 छात्रों को 90,000, पी.एच.डी. के 2 छात्रों को 20,000 की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के रीठा साहिब में कार पार्किंग निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 89 लाख की धनराशि की भी स्वीकृत प्रदान की है।

सीएम के हाथों होगा एससीईआरटी के नव निर्मित भवन का लोकार्पण

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न संवर्गों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। समग्र शिक्षा के अंतर्गत आउटसोर्स के माध्यम से बीआरपी-सीआरपी, रिसोर्स पर्सन, लेखाकार कम सपोर्टिंग स्टॉफ सहित चतुर्थ श्रेणी के कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। इसके अलावा कलस्टर स्कूलों के निर्माण कार्य समय पर पूरा करने को भी अधिकारियों को कहा गया है। मुख्यमंत्री के हाथों एससीईआरटी के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण तथा ‘हमारी विरासत’ पुस्तक का विमोचन शीघ्र किया जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।
शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा के तहत विभिन्न संवर्गों के रिक्त पदों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये। डा. रावत ने कहा कि विभाग में लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों को शीघ्र भरा जाय ताकि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी-सीआरपी के 955 पद, रिसोर्स पर्सन आईईडी के 161 तथा लेखाकार कम सपोर्टिंग स्टॉफ के 326 पदों के लिये विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, शीघ्र ही इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां दी जायेगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिये अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत प्रथम चरण में बेसिक शिक्षकों के 2917 पदों पर जनपदवार विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत सहायक अध्यापक एलटी के 1544 पदों का अधियाचन उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भेजा जा चुका है, इन पदों के सापेक्ष शीघ्र ही आयोग से चयनित शिक्षकों की सूची उपलब्ध हो जायेगी, जबकि प्रवक्ता के 613 पदों का अधियाचन भी राज्य लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है। डा. रावत ने कहा कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के लगभग 2500 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा। डा. रावत ने कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री के हाथों एससीईआरटी के नव निर्मित भवन का लोकार्पण तथा नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत एससीईआरटी द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत’ पुस्तक का विमोचन किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में डॉ. रावत ने विद्या समीक्षा केन्द्र के कामकाज की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को विद्यालयों, छात्रों एवं शिक्षकों से संबंधित सभी आंकडों को रियल टाइम आधार पर संकलित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केन्द्र के संचालन से शिक्षकों की सारी परेशानियों को दूर किया जा रहा है ताकि शिक्षक अपना पूरा फोकस शैक्षणिक गतिविधियों पर कर सकें। बैठक में विभागीय मंत्री डा. रावत ने कलस्टर विद्यालयों के निर्माण संबंधी प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कलस्टर विद्यालयों के निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरू, एम.एम. सेमवाल, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा आर.के. उनियाल, निदेशक माध्यमिक एम.एस. बिष्ट, अपर परियोजना निदेशक डा. मुकुल सती, स्टॉफ ऑफिसर शिक्षा बी.पी. मंदोली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पढ़ाई के साथ कमाई भी करेंगे छात्र-छात्राएंः डा. धन सिंह

उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब पढाई के साथ-साथ कमाई भी करेंगे। इसके लिये सरकार ने श्सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्नश् योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शीघ्र ही इस योजना को लागू किया जायेगा। योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर पर चयनित मेधावी छात्र-छात्राओं को अधिकतम छह हजार मासिक पारिश्रमिक दिया जायेगा। अकादमिक रूप से उत्कृष्ट छात्रों को उनके शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान वित्तीय सहायता मिलने से छात्रों का पढ़ाई के प्रति जहां रूझान बढ़ेगा, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नामांकन में भी इजाफा होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के पक्षधर है ताकि प्रदेश के युवाओं को शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उपार्जन के अवसर उपलब्ध कराये जा सके। डॉ रावत ने बताया कि सरकार की इसी मंशा के तहत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न’ योजना लागू की जायेगी, जिसकी मंजूरी सरकार ने दे दी है और शीघ्र ही शासन स्तर से इसका शासनादेश जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सीखो और कमाओ आधारित इस महत्वपूर्ण योजना के तहत प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर के पात्र छात्र-छात्राओं को संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य सौंपे जायेंगे। जिसमें प्रमुख रूप से पुस्तकालय संचालन सहायता कार्य, प्रयोगशालाओं में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रायोगिक सत्रों के लिये प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्य तथा कार्यालयी प्रशासनिक कार्य आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना हेतु अभ्यर्थियों का चयन उनके समग्र शैक्षणिक स्कोर के आधार किया जायेगा। योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को सौ रूपये प्रतिघंटे के हिसाब से अधिकतम छह हजार रूपये प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं पर इसके प्रभाव का समय-समय पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा। मूल्यांकन के दौरान नामंकित छात्रों व नियोजित करने वाले होस्ट दोनों से फीडबैक लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एक निरंतर अंतराल में सीएम लीप योजना की समीक्षा भी की जायेगी ताकि इस नीति की प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और उद्देश्यों को सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में छात्र-छात्राओं को इसका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।

योजना के लिये पात्रता
सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न योजना के लिये स्नातक द्वितीय वर्ष (तृतीय/चतुर्थ सेमेस्टर) से लेकर स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं तथा शोधार्थी पात्र होंगे। योजना के लिये छात्र-छात्राओं का चयन उनके समग्र शैक्षिणिक स्कोर के आधार पर किया जायेगा। इसके लिये इच्छुक छात्रों को संबंधित संस्थान में पूर्णकालिक नियमित संस्थागत छात्र होना अनिवार्य होगा। योजना के तहत स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में प्राप्त अंक, स्नातकोत्तर प्रथम व द्वितीय वर्ष में प्राप्त अंक, यूसेट में प्राप्त अंक तथा नेट में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जायेगी। तदोपरांत उच्च प्राथमिकता पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके लिये इच्छुक छात्र-छात्राओं को संबंधित संस्थान में आवेदन करना होगा। उक्त संस्थान द्वारा सीएम लीप योजना के अंतर्गत नामांकन/आवेदन समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किये जायेंगे। जिसकी सूचना संस्थान को अपनी वेबसाइट पर प्रसारित करनी होगी और छात्र समूहों में भी इसका प्रचार-प्रसार करना अनिवार्य होगा।

योजना के तहत इन क्षेत्रों में मिलेगा काम’
पढ़ाई के साथ कमाई योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत अर्ह छात्र-छात्राएं शैक्षणिक विभाग, अनुसंधान केन्द्र, स्कूल, पुस्तकालय, विभाग और प्रशासनिक कार्यालय में काम कर सकेंगे। जिसमें पुस्तकालय संचालन के तहत पुस्तक व्यवस्था, प्रदर्शन और संचालन शामिल है। अनुसंधान केन्द्र में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्यों किये जायेंगे। जबकि विभाग व प्रशासनिक कार्यालय में विशेष रूप से छात्र वर्ग से संबंधित कार्य, डाटा प्रबंधन, फाइलिंग, ड्राफ्टिंग इत्यादि कार्य शामिल है।

छात्रों को पढाई के साथ मिलेगा पारिश्रमिक
सीएम लीफ योजना के तहत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को रू0 100 प्रतिघंटे की दर से अधिकतम रूपये 6000प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। जिसका भुगतान इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सेवा (ईसीएस) के माध्यम से करते हुये अर्जित धनराशि सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा की जायेगी।

एलटी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर विभागीय मंत्री ने दिए एसओपी जारी करने के निर्देश

राज्य सरकार ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत एलटी संवर्ग के शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी कर दी है। सरकार ने एलटी शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन कर मंडल परिवर्तन को लेकर विभाग को शीघ्र एसओपी जारी करने के निर्देश दिये हैं। जिसके क्रम में अब एलटी शिक्षकों के तबादले एक मंडल से दूसरे मंडल में हो सकेंगे। एलटी शिक्षक को सम्पूर्ण सेवाकाल में मात्र एक बार संवर्ग परिवर्तन का मौका मिलेगा। इसके लिये उन्हें अपने मूल संवर्ग में कम से कम पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण करनी आवश्यक होगी तभी वह अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिये पात्र होंगे।

उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के एलटी संवर्ग शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पर विचार करते हुये राज्य कैबिनेट ने हाल ही में उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) (संशोधन) सेवा नियमावली-2024 में संशोधन कर अंतरमंडलीय स्थानांतरण को मंजूरी प्रदान की। सरकार ने इस संशोधन के जरिये एलटी संवर्ग के शिक्षकों को सम्पूर्ण सेवा काल में एक बार मंडल परिवर्तन करने का मौका दिया है ताकि शिक्षक इच्छित मंडल में अपनी शेष सेवा पूरी कर सके। डा. रावत ने बताया कि एलटी शिक्षकों के संवर्ग परिवर्तन हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के संबंध में शीघ्र ही शासन स्तर से एसओपी जारी की जायेगी। जिसके उपरांत विभागीय स्तर पर अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जायेगी, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नये प्राविधानों के तहत ऐसे सहायक अध्यापको को मंडल परिवर्तन का मौका मिलेगा जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्षों की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को मंडल परिवर्तन का लाभ सम्पूर्ण सेवा में मात्र एक बार ही अनुमन्य होगा। एक मंडल से दूसरे मंडल में स्थानांतरित शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नवीन संवर्ग में कनिष्ठतम हो जायेंगे।

विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि मंडल परिवर्तन करते समय सामान्य शाखा में कार्यरत शिक्षकों का स्थानांतरण सामान्य शाखा जबकि महिला शाखा में कार्यरत शिक्षिकाओं का स्थानांतरण महिला शाखा में ही किया जायेगा। दोनों मंडलों में जिस मंडल में विषयवार वास्तविक रिक्तियों की संख्या कम होगी उस विषय में उतनी सीमा तक ही समान श्रेणी के विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इच्छुक शिक्षक सम्बंधित मंडल स्तर पर ही आवेदन किये जायेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षणोपरान्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा शिक्षकों को मंडल आवंटित किये जायेंगे। जिस हेतु शासन स्तर पर गठित समिति से अनुमोदन लेना आवश्यक है।

डा. रावत ने बताया कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण में पारदर्शिता को लेकर शासन स्तर पर अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। जिसमें अपर सचिव कार्मिक, संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा, उप सचिव व अनु सचिव माध्यमिक शिक्षा बतौर सदस्य शामिल किये गये हैं। डा. रावत ने उम्मीद जताई कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण से शिक्षकों की समस्या दूर हो जायेगी और वह शिक्षण कार्यों में जुटकर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाने में पूर्ण सहयोग करेंगे।

बेसिक शिक्षकों की भर्ती को मंत्री धन सिंह ने दिए निर्देश, जनपदवार शीघ्र जारी करें विज्ञप्ति

प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत सहायक अध्यापक (बेसिक) के लगभग 3600 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जनपदवार विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दे दिये गये हैं। बेसिक शिक्षकों की नई भर्ती में ऐसे डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों को आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है जिन्होंने पूर्व में जारी विज्ञप्ति के लिये आवेदन किया किया था। ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती के लिये अर्ह माना जायेगा और उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्राथमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिये सरकार ने प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में सभी संसाधान मुहैया कराने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में लागू आदर्श आचार संहिता के बीच निर्वाचन आयोग से बेसिक शिक्षकों के लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी जिस पर आयोग ने अपनी स्वीकृत प्रदान कर दी है। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के लगभग 3600 पद रिक्त पड़े हैं, जिन पर जनपदवार शीघ्र भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदो ंके सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके। डा. रावत ने बताया कि राज्य में बेसिक शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली-2024 में निर्धारित प्राविधानों के अनुरूप की जायेगी। नये प्राविधानों के तहत डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थी ही बेसिक शिक्षक पद के लिये अर्ह होंगे।

पुराने अभ्यर्थियों को मिलेगी पुनः आवेदन करने में छूट रू डा. रावत
प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2020 एवं 2021 में सहायक अध्यापक प्राथमिक के अवशेष रह गये रिक्त पदों को नई भर्ती में शामिल किया गया है। ऐसे में जिन डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने पूर्व की इन विज्ञप्तियों के लिये आवेदन किया था लेकिन उन्हें नियुक्ति प्रदान नहीं की गई। ऐसे अभ्यर्थियों को नई विज्ञप्ति में पुनः आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

स्नातक पाठ्यक्रमों के लिये 31 मई तक होंगे ऑॅनलाइन पंजीकरणः धन सिंह

उत्तराखंड के समस्त शासकीय, अशासकीय, निजी महाविद्यालयों एवं राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से आयोजित की जा रही है। नव प्रवेशित छात्र-छात्राएं आगामी 31 मई तक स्नातक कक्षाओं के लिये ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। इसके उपरांत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 01 जून से 20 जून तक प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जायेंगी। जिसमें मेरिट, काउंसलिंग, प्रवेश शुल्क का भुगतान इत्यादि कार्य संपन्न किए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को प्रवेश पाने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिये सभी शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर स्थापित किये गये हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के दृष्टिगत विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, दून विश्वविद्यालय देहरादून, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोडा एवं श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी से संबद्ध समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालय व विश्वविद्यालय परिसरों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया भारत सरकार द्वारा तैयार समर्थ पोर्टल के माध्यम से आयोजित की जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिये स्नातक कक्षाओं में प्रवेश हेतु छात्र-छात्राएं आगामी 31 मई 2024 तक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के उपंरात 01 जून से 20 जून 2024 तक विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जायेंगी, जबकि 13 जुलाई से शैक्षिक सत्र विधिवत शुरू किया जायेगा। डा. रावत ने बताया कि नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को प्रवेश को लेकर किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिये विभागीय उच्चाधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं साथ ही उन्हें सभी शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट फैसलिटी सेंटर स्थापित करने व समर्थ पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय विश्वविद्यालयों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से “एक प्रदेश, एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम, व एक दीक्षांत“ के तहत समर्थ गवर्नेंस पोर्टल लागू किया गया है। जिसके विगत वर्ष सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद प्रदेश के सभी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना है लिहाजा विभागीय अधिकारियों को स्नातक कक्षाओं में प्रवेश से कोई भी युवा वंचित न रह पाये यह सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभागीय मंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली ने समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं निदेशक उच्च शिक्षा को पत्र जारी कर समर्थ पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने पोर्टल का लिंक व क्यूआर कोड को विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने, उच्च शिक्षण संस्थानों के निकटस्थ इंटरमीडिएट विद्यालयों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, पूर्व छात्र समूहों, व्यापार मण्डल आदि के माध्यम से भी समर्थ पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। स्नातक स्तरीय कक्षाओं में प्रवेश हेतु नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिये सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के परिसरों में स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर अनिवार्य रूप से स्थापित करने को कहा है ताकि छात्र-छात्राओं को पंजीकरण एवं एडमिशन को लेकर कोई दिक्कत न हो।

जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिये चयनित युवाओं ने सीएम से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिए चयनित युवाओं ने भेंट की। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, सहसपुर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 23 युवाओं को जापान में नौकरी के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 02 युवाओं ने जापान में कार्य करना आरंभ कर दिया है। 17 युवाओं की जापान में कार्य करने के लिए की जा रही प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, शीघ्र वे भी जापान जाकर अपनी सेवायें देंगे। ये युवा योग, नर्सिंग और जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और होम हेल्थ एड जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित हैं। इन सभी को जापानी भाषा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामना देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सेवायोजन एवं कौशल विकास विजय यादव, अपर सचिव सी. रविशंकर, उपनिदेशक सेवायोजन चन्द्रकान्ता, प्रभारी अधिकारी विदेश रोजगार प्रकोष्ठ प्रवीण गोस्वामी, निखिल जैन एवं अजय खंडूड़ी उपस्थित थे।