मुख्य सचिव ने प्रदेश में बनाई जा रही पार्किंग्स की प्रगति जानीं

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में बनायी जा रही विभिन्न प्रकार की पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पार्किंग निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के कारण और लगातार पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय पर्यटक स्थ्लों में पार्किंग की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों में आवश्यकता के अनुरूप छोटी-छोटी एवं ज्यादा संख्या में पार्किंग्स बनायी जानी चाहिए। कहा कि प्रदेश के हित में सबसे किफायती पार्किंग रोडसाईड पार्किंग हैं, जिन्हें रोड से 100-200 मीटर नई सड़क काटकर या सड़क को थोड़ा अधिक चौड़ा करके तैयार किया जा सकता है। यदि इसके लिए जगह उपलब्ध न हो तो अन्य प्रकार की पार्किंग्स पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पार्किंग निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा पाक्षिक रूप से किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग्स बनाते समय सुरक्षा के प्रबन्धों में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों के एंट्री एवं एग्जिट पॉईंट पर डिजाईन में किसी प्रकार की खामियां न हों, जिससे पार्किंग शुरू होने के बाद वह स्थान जाम के लिए नया बोटलनेक न बने। मुख्य सचिव ने टनल पार्किंग की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल पार्किंग पर्वतीय नगरों की जाम की समस्या से निजात दिला सकती है। उन्होंने कैम्पटी में बनायी जा रही प्रदेश की पहली टनल पार्किंग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में तेजी लाने के लिए इसे स्टेट बजट से फंडिंग की जाएगी। उन्होंने टनल पार्किंग में सुरक्षा, पैदल चलने वालों की सुविधा और डिजाईन पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी सफलता के बाद प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में इस प्रकार की पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कैटेगरी ‘ए‘ एवं ‘बी‘ में कुल 169 पार्किंग्स चिन्हित की गई है, जिसमें से 113 की डीपीआर शासन को प्राप्त हो गयी हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कड़ी मशक्त के बाद दमकल कर्मियों ने बुझाई आग, दो बसें जलकर हुई राख

संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में एक निजी बस में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग की लपटें उठते ही कंपाउंड में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें उठने से बगल में खड़ी दूसरी निजी बस भी चपेट में आ गई। अग्निशमन कर्मचारियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक दो बसें जलकर राख हो गई। जबकि पास खड़ी तीसरी बस को आग लगने से बचा लिया गया।
सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में रिपेयरिंग के दौरान एक बस ने आग पकड़ ली। मरम्मत में जुटे कर्मचारी आग लगते ही भाग खड़े हुए। तेजी से फैलती आग में बस धूं-धूं कर जली, तो उसकी लपटें बगल में खड़ी बस तक पहुंच गई, जिससे वह बस भी जलकर खाक हो गई। बसों में आग लगने से कैंपस में अफरा-तफरी फैल गई। आसपास खड़े लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। अग्निशमन कर्मचारियों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि पार्किंग में आग सिर्फ तीन बसों तक ही सीमित रही, जबकि बगल में ही दर्जनों की संख्या में और भी बसें खड़ी थी। हादसे में किसी के हताहत होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। अग्निशमन अधिकारी बीरबल सिंह ने बताया कि यह हादसा प्रथम दृष्टया बस में रिपेयरिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से हुआ। बताया कि बस मालिक हनीफ ने करीब पांच लाख रुपये का नुकसान होना बताया है। फिलहाल विभागीय टीम आग लगने से सही कारणों की जांच में जुटी है।

सराहनीयः रात्रि चौपाल के जरिए लोगों की सीएम ने जानी समस्या


दो दिवसीय उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी मुख्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के उपरांत रात्रि विश्राम हेतु ग्राम नेताला में भागीरथी नदी किनारे स्थित होमस्टे पहुंचे। इस अवसर पर भारी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री श्री धामी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम वासियों का हाल-चाल जाना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राम नेताला वासियों के साथ रात्रि चौपाल लगाकर जन समस्याएं सुनी, साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोगों के बीच में बैठकर प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को सुना एवं समस्या के निदान हेतु अधिकारियों के निर्देश भी दिये।

केन्द और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बहुद्देशीय शिविर लगाने के निर्देश

आमजन को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले इसके लिए सभी जनपदों में नियमित बहुद्देशीय शिविर लगायें जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिकांश जन समस्याओं का निस्तारण मौके पर ही हो। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए टोल फ्री नम्बर 1064 का बोर्ड सभी कार्यालयों में लगे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। भ्रष्टाचार से संबंधित विजिलेंस को जितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन पर की गई कार्यवाही की विजिलेंस से नियमित रिपोर्ट ली जाए। मुख्यमंत्री ने सभी एस.एस.पी को निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर विवेचना से संबंधित जो मामले एक साल से अधिक समय से लम्बित हैं, अभियान चलाकर तीन माह के अन्दर उनको निस्तारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि विवेचना संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की पहली समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों एवं एस.एस.पी को दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में निर्देश दिये कि ग्राम सभाओं की चौपालों में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा माह में कितनी बार भ्रमण किया जा रहा है। इसका भी कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग पूरा अपडेट रखे। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिलाधिकारी नियमित ग्रामसभा चौपालों में जाएं और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को भी भेंजे। ग्राम भ्रमणों की मासिक रिपोर्ट, बीडीसी एवं तहसील दिवस की मासिक रिपोर्ट एवं उनमें प्राप्त शिकायतें और उनके निस्तारण के लिए की गई कार्यवाही की नियमित रिपोर्ट कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग को भेजें। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिये कि जन समस्याओं के निस्तारण के लिए जन प्रतिनिधियों एवं आम जन के फोन रिसीव न करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश अधिकारी फोन रिसीव न कर पा रहे हैं, तो बाद में अवश्य कॉल बैक करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल एवं कुमांऊ कमिश्नर अपने मण्डलों में जन समस्याओं के त्वरित निदान एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा करें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि बरसात का समय शुरू होने वाला है। सभी जिलाधिकारी जिन क्षेत्रों में जल भराव होता है, मलवा आने की संभावनाएं होती हैं, इनके समाधान के लिए अभी से पूरी कार्ययोजना बना लें। वर्षाकाल के दृष्टिगत सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखें। जिला अधिकारी जनपदों में प्रतिमाह आय-व्ययक की भी समीक्षा बैठक करें। मुख्यमंत्री घोषणाओं पर जनपदों में प्रगति की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट भेजी जाए। जनपदों में जिन दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं, उनमें तेजी लाई जाए। तात्कालिक रूप वाले कार्यों को समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। सड़कों की स्थित हर जगह सही हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जनपदों में जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, यदि उनमें किसी स्तर पर विलंब हो रहा है, तो जिलाधिकारी इसकी सूचना शीघ्र शासन को दें। सभी जनपदों में जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए अभी से पूरी तैयारियां की जाएं।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग दीपक कुमार गैरोला, वर्चुअल माध्यम से कमिश्नर कुमांऊ दीपक रावत, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने एसबीआई का आपदा राहत कोष में सहयोग करने पर जताया आभार

जोशीमठ में भू-धंसाव वाले क्षेत्र से विस्थापित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा गुरूवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा राहत कोष में 2 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मण्डल के मुख्य महाप्रबंधक कल्पेश कृ. अवासिया ने भेंट कर 2 करोड़ रूपये का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों की सहायता के लिए इस सहयोग राशि के लिए भारतीय स्टेट बैंक का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चिन्हित चार वाइब्रेंट विलेज माणा, नीति, मलारी एवं गूंजी में अवस्थापना विकास से संबंधित अनेक कार्य किये जाने हैं, इसके लिए भी उन्होंने एस.बी.आई से सहयोग की अपेक्षा की।
भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मण्डल के मुख्य महाप्रबंधक कल्पेश कृ. अवासिया ने कहा कि एस.बी.आई सामाजिक जिम्मेदारियों के अन्तर्गत समाज में जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए समय-समय पर समाज के विभिन्न स्तरों पर आर्थिक सहयोग प्रदान करता रहता है। भविष्य में भी राज्य की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में योगदान देता रहेगा।
इस अवसर पर एस.बी.आई के उत्तराखण्ड अंचल के उप महाप्रबंधक राजकुमार सिंह एवं अमरेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

जिन्हे जनता ने हराया, उन्हें हार नही पच रही-भाजपा

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने अमित ग्राम गुमानीवाला में विभिन्न सड़क निर्माण के लिए 15 लाख रूपये विधायक निधि से देने की घोषणा की। इस दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला।
पार्षद वीरेंद्र रमोला के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित लोग तुच्छ राजनीति के जरिए ऋषिकेश में जहर घोलने का काम कर रहे है, उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी करने वालों का साथ कांग्रेस देकर क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य करती है। उन्होंने कहा कि साढ़े 16 वर्षों में उनकी ओर से भी हर वर्ग, हर समाज का सम्मान किया गया और उनकी मूलभूत समस्याओं का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति जो विधानसभा चुनाव में 20 हजार मतों के अंतर से पराजित होता है, उनके द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्यों से खिन्न होकर तथा उनकी बढ़ती लोकप्रियता से भयभीत होकर हल्की राजनीति से जनता को भ्रमित कर रहा है।
पार्षद वीरेंद्र रमोला ने कहा कि विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल को जनता से बड़े अंतर से जिताया है, यहां तक कि पिछले लोकसभा चुनावों में भी सर्वाधिक मत इसी विधानसभा से मिले थे। यही नहीं, निकाय चुनावों में भी रिकॉर्ड जीत दर्ज की। पार्षद ने कहा कि प्रदेश में 46 जगहों पर कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों ने अपनी हार स्वीकार की है, जबकि ऋषिकेश विधानसभा में कांग्रेस का हारा व्यक्ति अपनी पराजय को स्वीकार नहीं कर पा रहा है और प्रतिदिन षड्यंत्र के तहत सोशल मीडिया का दुरूपयोग कर मंत्री की लोकप्रिय छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है।
समाजसेवी मानवेंद्र कंडारी ने कहा कि प्रदेश में जी-20 के विदेशी सरजमीं के मेहमान पहुंचे हैं, ऐसे में बाहरी लोगों के साथ एकत्र होकर कुटरचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को शर्म आनी है, जहां प्रदेश का नाम विदेशों में भी हो रहा है, वहीं, प्रदेश की छवि को धूमिल करने का काम कांग्रेस कर रही है। उन्होंने कहा कि विधायक डा. अग्रवाल की लोकप्रियता कांग्रेस के हारे प्रत्याशी को रास नहीं आ रही है। ऐसे में वह समाज में जहर घोलने का काम कर रहा है।
रंजीत थापा ने कहा कि कांग्रेस के कुछ तथाकथित लोग ऐसे लोगों के साथ दे रही है, जो स्वयं को समाजसेवी होने का दावा करते है, जबकि वास्तविकता यह है कि ऐसे लोग सोशल मीडिया का दुरप्रयोग करने में अव्वल हैं, साथ ही आरटीआई का गलत इस्तेमाल करते है। उन्होंने कहा कि बिना मुद्दों को तूल देकर कांग्रेस तुच्छ राजनीति कर रही है, इसके चलते रसातल की ओर अग्रसर हो रही है।
इस दौरान भारी संख्या में पर्वतीय मूल के लोगों ने मंत्री डा. अग्रवाल के समर्थन में नारे लगाए और समाज में नकारात्मकता फैला रहे तथाकथित लोगों के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए बहिष्कार करने का संकल्प लिया।
इस मौके पर प्रेम सिंह रावत, केपी डंगवाल, पूर्णानंद जोशी, धनीराम गौड़, राजेंद्र प्रसाद भट्ट, भुवन चंद फुलारा, विरेंद्र बिष्ट, राजू गुनसोला, मोहन प्रसाद गौड़, महिला मोर्चा अध्यक्ष निर्मला उनियाल, रूपा रमोला, अन्नू भट्ट, गुंजन, सुमन पैंयूली, सत्यपाल राणा आदि उपस्थित रहे।

ट्रेफिक डायवर्ट होने से व्यापार हो रहा चौपट, शीघ्र बदला जाएः ललित मोहन मिश्र

ऋषिकेश की ट्रेफिक को डायवर्ट करने से व्यापारियों को व्यापार में नुकसान हो रहा है, अब आलम यह है कि डायवर्ट रूट को ऋषिकेश में लाने की मांग उठने लगी है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने प्रशासन की ट्रेफिक व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत बदलने की मांग की है।

ललित मोहन मिश्र ने कहा कि प्रशासन द्वारा नेपाली फार्म तिराहे से ट्रेफिक को छिद्दरवाला की तरफ मोड़ना गलत निर्णय है। उन्होंने कहा कि इससे ऋषिकेश का व्यापार चौपट हो रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटक, तीर्थयात्रियों के ऋषिकेश न आने से व्यापारियों के समक्ष आर्थिक समस्या पैदा हो रही है।
ललित मोहन मिश्र ने इस सीजन में सड़क निर्माण पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि प्रशासन स्वय ऐसे कार्य करता है जिससे जाम लगे और अपनी विफलता को छुपाने के लिये व्यापारियों के पेट पर लात मारता है।

उन्होंने कहा कि श्यामपुर तिराहे पर ऋषिकेश का साइन बोर्ड बाईपास की तरफ लगा है प्रशासन खुद टूरिस्ट को भ्रमित कर रहा है। उन्होंने समस्या को शीघ्र ठीक न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

पैच रिपोर्टिंग एप का मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘‘पैच रिपोर्टिंग एप’’ का शुभारम्भ किया। यह मोबाइल एप लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए बनाया गया है। इसके माध्यम से अब कोई भी व्यक्ति अपने आसपास सड़कों पर पाए जाने वाले गड्ढों की फोटो खींचकर पूरी जानकारी के साथ अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायतकर्ता को ऐप के माध्यम से दर्ज शिकायत पर हुई कार्रवाई के विषय में भी चित्र सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस एप के माध्यम से प्रदेश की सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि एप के माध्यम से शिकायतकर्ता द्वारा सड़क पर गड्ढ़े से संबंधित जो शिकायत की जायेगी, उसका समाधान एक सप्ताह के अन्दर ठीक कराया जाए, इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाय। उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से सड़कों को पूर्णतया गड्ढा मुक्त बनाने में काफी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य की सड़कों को पूर्णतया गड्ढ़ा मुक्त बनाने के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सख्त निर्देश दिये गये थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए पैच रिपोर्टिंग एप विकसित किया गया है।

प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में सहयोग करने वाला यह मोबाइल एप लोक निर्माण विभाग द्वारा सुगम सुरक्षित यात्रा हेतु सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाए जाने और आमजन से परस्पर संवाद बनाये रखने के लिए विकसित किया गया है। इस एप के द्वारा गड्ढे वाले स्थान की लोकेशन की सूचना अक्षांश, देशांतर द्वारा स्वतः ही प्रदर्शित होगी। एप से प्राप्त सूचना के आधार पर लोक निर्माण विभाग त्वरित कार्रवाई कर कार्य का विवरण चित्र सहित संबंधित शिकायतकर्ता एवं उच्च अधिकारी को प्राप्त होगा। यह एप जनसामान्य द्वारा लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड के अधीन सड़कों पर स्थित पैच/ गड्डों के बारे में जानकारी प्रदान करने और विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण किए जाने हेतु विकसित किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेमचन्द अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

अब सीएम हेल्पलाइन 1905 पर 24 घंटे रहेगी शिकायत दर्ज करने की सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 के नये प्रारूप का शुभारंभ किया। सीएम हैल्प लाईन 1905 के नये वर्जन में 1905 डायल करने के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल एप एवं ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग फीचर की सुविधा भी दी गई है। अब 24 घंटे सीएम हेल्पलाइन 1905 पर मदद लिये जाने के साथ शिकायत भी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाइन 1905 की विभागों द्वारा माह में दो बार समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री प्रत्येक माह के अन्तिम सप्ताह में इसकी स्वयं समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि जन समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण के लिए बनाये गये इस हेल्पलाईन का लाभ आमजन को मिले। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस हमारा उत्तरदायित्व है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि का जो सरकार का उद्देश्य है, उसमें सीएम हेल्पलाइन 1905 महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए जन समस्याओं का जिस स्तर पर समाधान होना है, उस स्तर पर ही समाधान हो जाए। तहसील स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान हो सकता है, वे अनावश्यक जिलाधिकारी तक न आये और जिन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर वो शासन स्तर तक न आये। जिस स्तर पर समस्याओं का समाधान होना है, यदि नहीं हो रहा है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 को और सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं तहसील दिवसों का नियमित आयोजन किया जाय। जनपद स्तर पर भी जिलाधिकारी प्रतिमाह जनसुनवाई करें। उन्होंने ने निर्देश दिये कि प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार को तहसील जन समर्पण दिवस का आयोजन किया जाए एवं चौथे मंगलवार को जनपद में जिलाधिकारी जन समर्पण दिवस लगाकर जन समस्याओं का समाधान करें। सभी जन समस्याओं एवं जन शिकायतों को ऑनलाईन रजिस्टर किया जाए। जिन लोगों की समस्याओं का समाधान तहसील एवं जनपद स्तर पर नहीं हो पायेगा, उन समस्याओं को ही मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित किया जायेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, विनोद रतूड़ी, निदेशक आईडीटीए नितिका खण्डेलवाल एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे, सभी जिलाधिकारी वर्चुवल माध्यम से बैठक से जुड़े थे।

कैंपा के तहत शोध कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड कैंपा के अन्तर्गत शोध कार्यों पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा प्रदेश से सम्बन्धित विषयों और मुद्दों पर शोध किए जाने की आवश्यकता है जिससे प्रदेश और प्रदेशवासियों को लाभ मिल सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए वनाग्नि एक बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि को किस प्रकार से काबू किया जा सकता है, इस पर शोध किया जाए। इसी प्रकार फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए शोध किए जा सकते हैं। जंगली सूअर, हाथी और बंदरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए किस प्रकार से बायो फेंसिंग कारगर साबित हो सकती है, इन विषयों पर शोध हमारी उच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बायो फेंसिंग सेल गठित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी को इसका दायित्व दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कार्यक्रम संचालन की वार्षिक योजना (एपीओ) को दिसंबर माह तक केंद्र सरकार को भिजवा दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए। समस्त कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कर लिया जाए।
बैठक के दौरान बताया गया कि कार्यक्रम संचालन की वार्षिक योजना (एपीओ) के लिए 411.88 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। बैठक में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति द्वारा संस्तुति प्रदान की गयी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पीसीसीएफ (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।