मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को जानकर तेजी से समाधान करने को डीएम को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधमसिंह नगर स्थित लोहियाहेड कैम्प कार्यालय में क्षेत्र की जनता से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवम संतुष्टि के आधार पर हल करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारियों को नियमित रूप से जन समस्याओं को सुनने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। जिलाधिकारियों को जनपदों में जनता दरबार, तहसील दिवस एवं बीडीसी की नियमित बैठकें करने के भी निर्देश दिये गये हैं। जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण हमारा उद्देश्य है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अशोक कुमार जोशी, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी सहित स्थानीय लोग उपस्थित थे।

शीत लहर के प्रकोप से बचाव हेतु जारी की गई 1.35 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले मंगलवार को देर सायं देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण के साथ आईएसबीटी के समीप स्थित मलिन बस्ती में रह रहे लोगो का हालचाल जाना तथा वहां की व्यवस्थाओं को परखा तथा लोगों को कंबल आदि वितरित किये। मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी की व्यवस्थाओं का भी़ जायजा लिया तथा वहां भी बेसहारा लोगों को कंबल वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को प्रदेश में बेसहारा एवं बेघर लोगों को सर्दी से बचाव की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। मुख्यमंत्री ने तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर यह व्यवस्था बनाये जाने को भी कहा था। इसके लिए उपजिलाधिकारियों को जिम्मेदारी दिये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को दिये। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस कार्य को मानवता की सेवा के भाव से सुनिश्चित किये जाने को कहा। उन्होंने जन सेवा के इस कार्य में आम जन का भी सहयोग लेने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये थे कि सर्दी के मौसम में विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के साथ बेसहारा लोगो को आवश्यकतानुसार गर्म कंबल व कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थिति में और सुधार किये जाने के साथ ही शहर में जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को 1.35 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। डॉ. सिन्हा द्वारा इस सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश में जिलाधिकारियों से अपेक्षा की है कि राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निःशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने हेतु इस धनराशि का उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निशुल्क कम्बल वितरण, रेनबसेरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने हेतु रू. 15.00 लाख की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुरोध किया गया था।
इसी क्रम में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निःशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में राज्य आपदा मोचन निधि मद के रिस्पॉन्स और रिलीफ मद से रू. 01 करोड़ 35 लाख की धनराशि सभी जिलाधिकारियों को स्वीकृत की गई है। जिसमें जनपद पौड़ी को 15 लाख तथा अन्य जनपदों को 10-10 लाख की धनराशि शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान निराश्रित एवं असहाय/गृहविहीन व्यक्तियों को ठण्ड के प्रकोप से बचाने हेतु निःशुल्क वितरण सार्वजनिक स्थानों जैसे-धर्मशाला, रैनबसेरा, मुसाफिर खाना, पड़ाव, सराय, चौराहा, रेल एवं बस स्टेशनों आदि पर अलाव जलाने की व्यवस्था के सम्बन्ध में भारत सरकार, गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के पूर्व में निर्गत दिशा निर्देशों का भी अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।

आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए 1658.17 करोड़ की योजना मंजूर

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति ने आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए ₹1658.17 करोड़ की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री का आभार प्रकट किया है।
योजना के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन विंडो से ₹1079.96 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार राहत के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से ₹126.41 करोड़ और राज्य के बजट से ₹451.80 करोड़ देगी। इसमें पुनर्वास के लिए ₹91.82 करोड़ भूमि अधिग्रहण की लागत शामिल है।

कुछ ही समय में मिल सकती है सफलता, मजदूरों की आज होगी दिवाली

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम सुरंग के भीतर पहुंच गई है। थोड़ी ही देर में खुशखबरी मिल सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भी जल्द टनल पर पहुंचने की सूचना है।
वहीं, कल रात ऑगर ड्रिलिंग मशीन के आगे सरिया बाधा बन गई थी। कुछ देर बाद काम शुरू हुआ, लेकिन फिर पत्थर बीच में आ गया। दसवां और अंतिम पाइप डालने का काम जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक दो से चार घंटे में ड्रिलिंग पूरी हो सकती है। अब तक 54 मीटर ड्रिलिंग हो चुकी है। 5 से 6 मीटर ड्रिलिंग ही बाकी है।
कुछ ही देर में चिनूक हेलिकॉप्टर भी चिन्यालीसौड हवाई अड्डे पर लैंड करेगा। मजदूरों को एयरलिफ्ट करने की जरूरत पड़ने पर चिनूक हेलिकॉप्ट मदद के लिए तैयार रहेगा।
पहले सुरंग में 900 मिमी पाइप को ऑगर मशीन के माध्यम से भेजा था, जो 22 मीटर जाने के बाद अटक गया था। इस पाइप में 800 मिमी का पाइप भेजने का फार्मूला काम आ गया। एक तो 22 मीटर तक 800 मिमी पाइप पर मलबे का दबाव नहीं था। दूसरे मलबे के 25 से 45 मीटर हिस्से में जहां दबाव था, उसे बुधवार शाम को पार कर लिया गया।
ऑगर मशीन के आगे कुछ सरिया आ जाने से काम रुका जिन्हें कटर से काटकर मशीन फिर आगे बढ़ गई। रेस्क्यू बचाव अभियान से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, रात ऑगर मशीन के सामने जो सरियों की बाधा आई थी उसे एनडीआरएफ की टीम की मदद से गुरुवार सुबह करीब 3 बजे हटा दिया गया था। जल्द मजदूरों के बाहर आने की संभावना है।
पीएमओ के पूर्व सलाहकार भाष्कर खुल्बे ने बताया कि जल्द अच्छी खबर मिलेगी। दोपहर तीन बजे मलबा आने से कुछ देर अभियान बाधित जरूर हुआ लेकिन कुछ देर बात फिर शुरू हो गया। जो रात तक जारी रहा। वहीं, रात करीब दस बजे ड्रिल मशीन के सामने सरिया आने से काम फिर रुक गया था, जो सरिया काटने के बाद फिर शुरू हो गया था। विशेषज्ञों का कहना था कि पाइप को आरपार करने के बाद उसमें ऑगर मशीन की ड्रिल बर्मा हटाने में करीब तीन घंटे का समय लगता है।

सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी

सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि ऑगर मशीन से ड्रिलिंग शुरू करते हुए कुल 45 मीटर तक ड्रिलिंग पूरी कर ली गई थी। 45 मीटर से आगे की ड्रिलिंग के बाद धातु के टुकड़े (सरिया) के मशीन में फसने से ड्रिलिंग में बाधा सामने आ खड़ी हुई थी। देर रात श्रमिक प्रदीप यादव एवं बलविंदर द्वारा पाइप के मुहाने पर फंसे धातु के टुकड़ों को पाइप के अंदर रेंगकर काट दिया गया है।
सचिव, उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि आगे का कार्य भी पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है। पुनः ऑगर मशीन से स्थापित कर ड्रिलिंग शुरु करते हुए 1.8 मीटर अतिरिक्त ड्रिलिंग की गई है। आगे की ड्रिलिंग हेतु विशेष सावधानियां बरती जा रही है। उन्होंने कहा पूरी सावधानी बरतते हुए तेजी से ड्रिलिंग करना हमारी प्राथमिकता है।
इस दौरान एम.डी (एनएचआईडीसीएल) महमूद अहमद, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी मौजूद रहे।

सभी एजेंसी से फीडबैक लेकर राहत कार्य को और तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने गुरुवार को सिलक्यारा, उत्तरकाशी में टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लेने के उपरांत राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक ली।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी एजेंसी आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटे रहें। हम सब का यह प्रयास हो की फंसे श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। फंसे श्रमिकों को निकालने हेतु हर संभव प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टनल में फंसे श्रमिकों का विशेष ध्यान रखे जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा अंदर श्रमिकों की मांग अनुसार हर संभव सामग्री उपलब्ध कराई जाए। हर दिन डॉक्टरों से उनकी बात करवाई जाए। साथ ही श्रमिकों एवं उनके परिजनों के बीच निरंतर संवाद कायम करवाया जाए।
इस दौरान बैठक में प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार एवं उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन, एमडी एनएचआईडीसीएल महमूद अहमद, कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आई.जी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल, विधायक संजय डोभाल, विधायक सुरेश चौहान, सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तरकाशी, सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के मद्देनजर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम

सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के मद्देनजर मातली में अस्थाई रूप से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बनाया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शासकीय कार्य भी प्रभावित न हों और इस ऑपेरशन की बेहतर तरह से मॉनिटरिंग के मद्देनजर यह अस्थाई कैम्प कार्यालय स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार शाम से उत्तरकाशी में हैं। आज सुबह मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा पहुँचकर टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और यहां मौजूद विशेषज्ञों के साथ भी उन्होंने मंत्रणा की।
इसी क्रम में अब अहम निर्णय लेते हुए फिलहाल जब तक रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है तब तक के लिए मातली में जहां मुख्यमंत्री ठहरे हुए हैं वहीं पर अस्थाई रूप से सीएम कैंप कार्यालय भी बना दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग का लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने गुरुवार को सिलक्यारा, उत्तरकाशी पहुंचकर सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग के मंदिर पर शीश नवाते हुए आशीर्वाद लिया एवं सभी श्रमिकों के जल्द रेस्क्यू होने की कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ प्रो अर्नाेल्ड डिक्स से सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान के तकनीकी पक्ष के बारे में भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल में स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप के माध्यम से अंदर फंसे श्रमिकों से बात की। उन्होंने श्रमिकों का हाल चाल जानते हुए उनका हौसला आफजाई की। श्रमिकों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी निरंतर स्थिति पर नजर बनाएं हुए हैं और नियमित रूप से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं। पूरा देश आपके साथ खड़ा है। राज्य सरकार भी हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है। सभी श्रमिक भाई हौसला बनाए रखें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों से भी बात कर उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा आप सभी की मेहनत से रेस्क्यू कार्य सफलता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा टनल में फंसी बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने में श्रमिकों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ड्रिलिंग के दौरान पाइप के मुहाने पर फंसे धातु के टुकड़ों को पाइप के अंदर रेंगकर काटने के अत्यंत दुष्कर कार्य को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले श्रमिक प्रदीप यादव एवं बलविंदर की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने टनल में फंसे श्रमिकों को भेजे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। मुख्यमंत्री ने कहा श्रमिकों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहे। हम सभी की प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने राहत बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस जवानों स्वास्थ्य कर्मियों एवं इंजीनियरो से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
इस दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन, एमडी एनएचआईडीसीएल महमूद अहमद, कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सुबह पौने चार बजे प्रशासन की टीम ने जगाया तो मन मे उठे कई सवाल

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के परिजनों ने जैसे ही कैमरे में अपनों को देखा तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने कहा कि जिनके इंतजार में वह कई दिनों से सुरंग के बाहर टकटकी लगाए बैठे थे, आज कैमरे के सामने उनसे बात करके बड़ा मन को बड़ा सुकून मिला है। इस दौरान परिजन ने खुलकर बचाव कार्य के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया और कहा कि अब जल्द परिजनों को बाहर भी सुरक्षित निकाला जाए।
सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव कार्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पल-पल अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी सुबह और शाम को अफसरों के साथ बैठक कर बचाव कार्य पर नज़र रखे हुए हैं। इसके लिए उत्तरकाशी जिला प्रशासन के साथ अलग अलग अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो दिन से बचाव कार्य के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ नोडल अफसर बनाये गए सचिव डॉ नीरज खैरवाल, डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रुहेला के साथ हर घण्टे सुरंग बचाव कार्य की समीक्षा कर आगे बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि सोमवार को 6 इंच का पाइप श्रमिकों के लिए दूसरी लाइफलाइन के रूप में स्थापित किया जा सका। इससे रात को ही श्रमिकों को डॉक्टरों के मुताबिक पौष्टिक भोजन सुरंग में भेजा गया। इसके बाद अफसरों ने रातभर बचाव कार्य के दूसरे विकल्पों पर काम जारी रखा। नतीजन अल सुबह पौने चार बजे सुरंग में आधुनिक एंडोस्कोपी पलेक्सी कैमरा भेजा गया। सुरंग में कैमरा पहुंचते ही अधिकारियों ने श्रमिकों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। खुद सचिव नीरज खैरवाल और डीएम अभिषेक रुहेला ने मजदूरों से बात कर बाहर चल रहे बचाव कार्य की जानकारी दी। अफसरों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उनको सुरक्षित निकालने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इस दौरान अधिकारियों ने सिलक्यारा के पास होटलों में सोए परिजनों को बुलाया और सुरंग में फंसे श्रमिकों से कैमरे के सामने वॉकी टॉक से बात कराई। सुरंग में अपनों को सकुशल देखते हुए परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गई। परिजनों ने मौके पर ही सरकार का आभार जताया और कहा कि आज उनको काफी सुकून मिला है। कहा कि सरकार जिस तेजी से रेस्क्यू कार्य करा रही है, उससे सुरंग में फंसे सभी लोग सुरक्षित बाहर आ जाएंगे।

’सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। रात को 6 इंच का पाइप डालने के बाद श्रमिकों के लिए नई लाइफलाइन बन गई है। इस पाइप से सुबह एंडोस्कोपी पलेक्सी कैमरा भेजकर सुरंग में श्रमिकों का हाल जाना गया और उन्हें बाहर चल रहे बचाव कार्य की जानकारी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी आज फिर बचाव कार्य की अपडेट जानकारी ली है। सुरंग में सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। जल्द श्रमिकों को बचाव टीम सुरक्षित बाहर निकाल लेंगी।’
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

दसवें दिन श्रमिकों की पहली तस्वीर आई सामने

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने को दिन-रात चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव और राहत टीमों को आज मंगलवार सुबह बड़ी सफलता मिली है। इंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरे की मदद से आज दसवें दिन श्रमिकों की पहली तस्वीर सामने आई है। सभी श्रमिक सकुशल हैं।
रेस्क्यू टीम ने सोमवार देर शाम सुरंग में आर-पार हुए छह इंच व्यास के पाइप के जरिए इंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा सुरंग में डाला था। यह कैमरा सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचा है। कैमरे में अंदर का पूरा परिदृश्य कैद हुआ है। सबसे अच्छी और राहत की खबर यह है कि सभी 41 श्रमिक भाई सकुशल हैं। रेस्क्यू टीम ने श्रमिकों से बात कराने की भी कोशिश की। रेस्क्यू को कमान करने वाले अधिकारियों ने सभी श्रमिकों की एक-एक कर गिनती कराने के लिए भी श्रमिकों तक संदेश भेजा लेकिन वॉकी टॉकी की कनेक्टिविटी इसमें बार बार बाधा बन रही थी।
वीडियो फुटेज साफ नहीं आने पर रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे श्रमिकों से लाउडस्पीकर सन्देश के जरिए कैमरे की स्क्रीन साफ करने को कहा। श्रमिकों ने तुरंत स्क्रीन साफ की तो पूरा परिदृश्य साफ दिखाई दिया। रेस्क्यू अधिकारी सामने चहलकदमी कर रहे श्रमिकों के नाम भी पूछ रहे थे। उसी दौरान तब फोरमैन गब्बर सिंह, हेड ऑपरेटर सुशील एकदम सामने थे।
वहीं, सोमवार को टनल के भीतर छह इंच का दूसरा लाइफलाइन पाइप मजदूरों तक पहुंचा दिया गया था। इस पाइप की मदद से देर शाम मजदूरों के लिए खिचड़ी भेजी गई है।